रायपुर, खाद्य विभाग ने साफ़ किया है कि APL राशनकार्ड बंद नहीं होंगे। बता दें कि सरकार ने नवंबर 2019 से एपीएल राशन कार्ड को चावल बांटने की योजना शुरू की थी। तब से कार्डधारियों को लगातार इसका लाभ मिल रहा था। वहीं कोरोना वायरस के कारण आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए अब यह योजना बंद करने की बात सामने आ रही थी। वहीं आज खाद्य विभाग ने कहा कि पूर्व की तरह चावल मिलना जारी रहेगा साथ ही अब सामान्य परिवारों के 9.19 लाख राशनकार्डधारियों को चावल के साथ नमक भी दिया जाएगा.
रायपुर | देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कामकाज के आंकलन को लेकर किए गए एक सर्वे में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे नंबर पर हैं, पहले नंबर पर ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक हैं।


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के बीरगांव स्थित शीतला तालाब में एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना के साथ ही पुलिस मौके पर पहुंची है और आसपास के लोगो से पूछताछ कर रही हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह शिशु किसी प्रेमी-युगल की अनचाही संतान होगी, जिसे लोक-लाज के भय से और मारे जाने की दृष्टि से तालाब में फेंक दिया गया होगा।

रायपुर | कोरोना वायरस की महामारी के दौरान छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को नोटिस जारी करते हुए 8 जून को यहां पेश होने के लिए कहा है।

रायपुर | रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एवं निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त बैंकों द्वारा अपने खातेदारों के लिए होम लोन योजना के तहत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर लोन स्वीकृत करने की योजनानुसार आबंटन की प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है। अपने खातेदारों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर बैंक सर्वोत्तम योजना का लाभ देना चाहता है किंतु कभी कभी खातेदारों द्वारा भी फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन उठाने के मामले प्रकाश में आते हैं। राजेंद्र नगर थाने से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी राजकुमार प्रसाद पिता गोपाल प्रसाद एवं शरदचंद पिता अनिरूद्ध निवासी शिवानंद नगर खमतराई रायपुर द्वारा सिंडीकेट बैंक के मैनेजर किरण कुमार आयु 50 वर्ष पिता मनसुख सिंह के समक्ष गृह निर्माण के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर 20 लाख रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी की। बैंक प्रबंधन द्वारा दस्तावेजों की जांच के उपरांत उक्त फर्जीवाड़ा उजागर होने पर आरोपियों के खिलाफ विधिवत शिकायत प्रस्तुत करने पर राजेंद्र नगर थाने ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
रायपुर | राजधानी रायपुर में आज अचानक मौसम का मिजाज बदला। आसमान में छाए बादल इतने घने हुए कि सुबह 11 बजे ही अंधेरा छा गया। इसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई जो रूक-रूककर जारी रही।
कांकेर | जिले के सिकसोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सूरेवाही में मंगलवार की रात तेंदूपत्ता के अस्थाई गोदाम में रखे गये तेंदूपत्ता को नक्सलियों ने आग लगा दिया जिससे 1222 मानक बोरे तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया है।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोरोना संक्रमण से आज तीसरी मौत हुई है | जानकारी के अनुसार जिस महिला की मौत हुई है वह भिलाई के चरौदा की निवासी थी | 58 वर्षीय महिला का AIIMS रायपुर में इलाज चल रहा था | मृतिका 3 दिन से चरौदा स्थित रेलवे अस्पताल में गठियावात का इलाज करवा रही थी, कल दोपहर 12 बजे तबियत बिगड़ने पर उसे रायपुर एम्स में लाया गया था | महिला की मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है |
बिलासपुर, सद्भावना सर्व वैश्य समाज छत्तीसगढ़ के संस्थापक संयोजक राजीव अग्रवाल द्वारा श्री भूपेश बघेल जी मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को पत्र लिखकर राज्य में स्कूल खोलने के निर्णय पूर्व बच्चो के पालकों से भी सुझाव लेने की मांग की है।
श्री राजीव अग्रवाल ने सद्भावना सर्व वैश्य समाज की तरफ से सुझाव देते हुए लिखा है कि छतीसगढ़ प्रदेश में नौ निहालो की प्राथमिक स्कूल शिक्षा आरम्भ करने के पूर्व इसे अत्यन्त ही संवेदनशील विषय मानकर सत्र आरम्भ के समयावधि की घोषणा पूर्व राज्य शासन के सार्वजनिक हेल्प लाइन नंबर एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से तथा ग्राम पंचायतों में पालकों की बैठक अथवा लिखित सुझाव मंगाकर विस्तृत वैज्ञानिक एवम् चिकित्सा के दृष्टकोण के आधार पर निर्णय लिए जाने की मांग करती है।
सद्भावना सर्व वैश्य समाज द्वारा कुछ सुझावों एवम् बिंदुओं को भी आपके निर्णय पूर्व विचार हेतु भेजा गया है। जिसमे कहा गया है कि
1 . करोना आपदा विश्वव्यापी है विभिन्न देश एवम् राज्यो के दावे, प्रयास व कड़ाई के बाद भी वर्तमान समय जनजीवन के प्रतिकूल है।
2 देश के अंदर विभिन्न राज्यों में आरक्षण के मुद्दे पर योग्यताओं को लेकर लचीलापन अपनाए रखने की व्यवस्था है। क्या इसी दृष्टिकोण को व्यापक मानकर कुछ अरसे के लिए शिक्षा प्राप्त करने की वार्षिक योजना को आधी घोषित कर पूर्णांक दिया जाना उचित नहीं रहेगा। शाला में आधी उपस्थिति को इसी सन्दर्भ में पूर्ण मान लिया जाए।
2 मासूम बच्चो को कोरोना के विकराल होती परिस्थितियों मे सरकार इन बच्चों की जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी होने के व्यवस्थाओं से संतुष्ट है।
3 क्या स्कूल प्रबन्धन इन बच्चों को मास्क (वह भी ठीक से) पहनाकर रखेगा?? साबुन सैनिटाइजर का उपयोग बार बार करवाऐगा?? कोरोना के केसेस बढ़ने पर स्कूल बंद तो नहीं होगे।
4 वर्तमान समय में विभिन्न गाइड लाइन बनाकर जनजीवन सामान्य करने का प्रयास से क्या शासन प्रशासन संतुष्ट है। सब इस समय कोरोना इन्फेक्शन के पीक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तब नौनिहालों को कोरोना से रोके रहने घर में रहने की सलाह अधिक बुद्धिमानी नहीं होगी।
5 बच्चे यदि 4-6 महीने बाद स्कूल जायेंगे तो उनके बौद्घिक स्तर पर एवम् स्कूल प्रबन्धन को आर्थिक स्तर पर पड़ने वाले असर का कोई और रास्ता निकालना उचित नहीं रहेगा।
6 क्या स्कूली व्यवस्था इतना संतोषप्रद है कि वायरस स्कूली बच्चों में एक से दूसरे में ,फिर बच्चा के घर के दूसरे बच्चों, माता पिता, फिर बुजुर्गों में इन्फेक्शन फैलने की संभावनाओं से ज्यादा प्रभावी है।
7 जुलाई का महीना बरसात के मौसम का प्रारंभ है, बारिश और उमस के कारण वायरस और बैक्टीरिया बड़ी तेजी से फैलते हैं, कोरोना का ये वायरस का इस सीजन में फैलाव नहीं होने का कोई तैयारी संतोषप्रद है।
8 हर माता पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन पहले वे सुरक्षित रहे। कोरोना लहर के सामने
क्या ऑटो, टेंपो पर बच्चों में फिजिकल डिस्टेंसिंग रह पायेगी?
क्या स्कूल बस कोरोना संक्रमण से अछूती रह सकती है?
क्या स्कूल के टीचर, आया बाई, चपरासी, बस ड्राइवर, कंडक्टर, गार्ड सभी कोरोना टेस्ट में नेगेटिव साबित होने के बाद ही बच्चों के सामने लाए जायेंगे?
9 एक एक कक्षा में जहां 40-50-60 बच्चे होते हैं वहां क्या 1-1 मीटर की दूरी बनाए रखी जाएगी?
क्या बच्चे इस दूरी का 8-9 घंटे पालन कर पाऐंगे??
प्रार्थना स्थल पर तथा छुट्टी के समय जब बच्चे आपस में टकराते हुए निकलते हैं तब क्या यह दूरी बनाए रखी जा सकेगी?
लगातार मास्क पहनने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी (17%तक) देखी गई है, बच्चों को ऑक्सीजन की ज़रूरत हमसे ज़्यादा होती है, क्या बच्चे 8-9 घंटे मास्क लगा कर रह पाऐंगे??
10 समय समय पर मास्क कैसे उतारना, पुन: कैसे पहनना, पानी पीने व टिफिन खाते समय मास्क कैसे हटाना, उसके बाद हाथ सैनिटाइजर से या सोप से कितनी देर तक कैसे धोना (रगड़ना) यह सब की तैयारी संतोषप्रद है?
11 क्या पहले से काम के बोझ में दबा शिक्षक/शिक्षिका या स्कूल प्रबंधन अतिरिक्त पैसे के बगैर कोई नया कोरोना सुपरवाइजर नियुक्त करेगा?
12 क्या बच्चों में कोरोना मॉरटालिटि कम होना आपके हिसाब से काफी है?
13 क्या बच्चे के इन्फेक्शन होने की अवस्था में स्कूल या शासन कोई जिम्मेदारी लेगा ?
14 इलाज के लाखों रूपए में कितना हिस्सा स्कूल या शासन वहन करेगा ?
कल को जब केसेस बढ़ेंगे, जो लगातार बढ़ रहें हैं, तब आपके गली मुहल्ले में होने वाली मौत आपको बच्चों समेत सेल्फ क्वाराईन्टिन को विवश कर देगी तब बच्चे की पढ़ाई का साल और स्कूल में पटाई जा चुकी फीस का क्या होगा।
आदरणीय संवेदनशील मुद्दों पर आपके सभी निर्णय अन्य राज्यो के लिए भी अनुकरणीय होते है।आशा है प्राथमिक व पूर्व माध्मिक स्तर की सभी निजी एवम् शासकीय शालाओं में आपका निर्णय समस्त पालक एवं अन्य राज्यो को भी प्रेरित करेगा।
रायपुर | मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डी.एम.एफ. मद से जिलों में मोहल्ला एवं हाट बाजार क्लीनिक, शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल, सिंचाई रकबा बढ़ाने, मुख्य मंत्री वार्ड कार्यालय सुपोषण और छात्रावासों के जरूरी कार्यो जैसे जनोन्मुखी कार्यो को प्राथमिकता से कराया जाए। मुख्य सचिवों ने जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार के जिलों में जाकर जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत कार्यो की निगरानी करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, मौजूद थे।
डी.एम.एफ. की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला खनिज न्यास के प्रावधानों के अनुसार प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र एवं प्रभावित व्यक्तियों के चिन्हांकन पर की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक स्वीकृत कार्यो की जिलेवार समीक्षा की गई। खनन से प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में ग्राम सभा के सदस्यों की नियुक्ति, जिलों में पांच वर्षीय विजन प्लान और वार्षिक कार्ययोजना पर अब तक की गई कार्यवाही के संबंध मेें जानकारी दी गई। बैठक में डी.एम.एफ. से संपादित किए गए कार्यो के सोशल आडिट करने, विभागों के प्रस्तावों पर कार्यवाही तथा न्यास मद से स्वीकृत कार्यो में प्रशासकीय विभागों के नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में नवगठित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के प्रावधानों के अनुसार न्यास के गठन, डी.एम.एफ. मद संरचना प्रभावित क्षेत्र घोषित करने और डी.एम.एफ. निधि के अंशदान निर्धारण के कार्यो पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बैठक में डी.एम.एफ. पोर्टल की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि डी.एम.एफ. से सबसे पहले शासन के उच्च प्राथमिकता के कार्य पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वृद्धि और निःशक्त कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजना और सत्त जीविकोपार्जन के कार्यो को 60 प्रतिशत और अन्य प्राथमिकता के कामों में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास, सार्वजनिक परिवहन, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कार्य स्वीकृत किए जाएं।
बैठक में सचिव खनिज विभाग और छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास के व्यवस्थापक श्री अन्बलगन पी. ने बताया कि अप्रैल 2020 तक राज्य में डी.एम. एफ. के अंतर्गत कुल 38 हजार 440 कार्यो के लिए 5 हजार 183 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 23 हजार 802 कार्य पूर्ण कर लिए गए है। शेष कार्य प्रगति पर है। बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, नगरीय विकास विभाग की सचिव सुश्री अलरमेल मंगई डी. सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, महिला बाल विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर | राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले विकासखंडों की नई सूची अधिसूचित की है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक प्रदेश के सभी विकासखंडों और शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या, इनके दोगुने होने की दर तथा प्रति एक लाख जनसंख्या पर सैंपल जांच की ताजा स्थिति के आधार पर उन्हें रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में पुनः वर्गीकृत किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 जून की स्थिति के आधार पर नया वर्गीकरण किया गया है। रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की सूची को हर सोमवार को अद्यतन किया जाता है। विभाग ने कलेक्टरों एवं जिला दंडाधिकारियों द्वारा घोषित कोविड-19 प्रभावित कंटेनमेंट जोन की सूची भी जारी की है। प्रदेश में 1 जून की स्थिति में कंटेनमेंट जोन घोषित क्षेत्रों की संख्या 130 है। कंटेनमेंट जोन घोषित क्षेत्र इस प्रकार हैं |
रायपुर | छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों को भी कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है। मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाना में पदस्थ दो कांस्टेबल भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सोमवार रात को इसकी पुष्टि होने के बाद दोनों को इलाज के लिए रायपुर एम्स ले जाया गया है, दोनों कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। एडिशनल एसपी सीडी तिर्की ने बताया मुताबिक इनके संपर्क में आए पुलिस कर्मचारियों और सामान्य लोगों की लिस्ट तैयार की जा रही है। थाने को सैनिटाइज किया जा रहा है, अब उनके भी सैंपल लेने और क्वारैंटाइन में रखने की प्रक्रिया की जा रही है। आईजी दिपांशू काबरा ने ट्वीटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि वो इन दोनों जवानों को सलाम करते हैं।
2 frontline #CoronaWarriors, a Constable from @Mungelisp & a Dentist from #CIMSBilaspur tested #COVID positive.
— Dipanshu Kabra (@ipskabra) June 2, 2020
They came in contact with infected persons while discharging duty.
They are under treatment.
I salute their spirit of #ServiceBeforeSelf.
May they get well soon.
रायपुर | महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने आज राजधानी स्थित निज निवास से बालोद जिले के 12 गांवों के लिए विकास परियोजना का डिजिटल शुभारंभ किया। परियोजना के तहत एचडीएफसी बैंक के वित्तीय सहयोग से वृत्ति संस्था द्वारा 12 गांवों में समग्र विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। परियोजना का मुख्य लक्ष्य चयनित गांवों में लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ वित्तीय और विभिन्न व्यवसायिक कंपनी से संबंध स्थापित कर किसानों को सहयोग देना है।
श्रीमती भेंड़िया ने किसान परिवारों के सहयोग हेतु आगे आने के लिए एचडीएफसी बैक को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास कार्यक्रम शुरू होने से किसान स्थानीय स्तर पर विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें उत्पादों के विक्रय के लिए बाजार की जानकारी और व्यवसायिक कंपनी से संपर्क स्थापित करने में सहयोग मिल सकेगा। ग्रामीण विकास के कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए श्रीमती भेंड़िया ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों को रोजगारमूलक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कहा जिससे ग्रामीण स्तर पर लोग आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर बालोद जिले की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा सहित एचडीएफसी और वृत्ति संस्था के प्रतिनिधि डिजिटल प्लेटफार्म पर उपस्थित थे।























