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आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

 00 सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। 

एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


उप मुख्यमंत्री  साव ने इस अवसर पर खिलाडिय़ों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाडिय़ों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुश्री अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति  वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

 न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

 रायपुर। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।

जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।

बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।

जमीन विवाद में बड़ी मां की हत्या, पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा

जमीन विवाद में बड़ी मां की हत्या, पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा

 रायगढ़।  जिले के थाना छाल क्षेत्र के ग्राम बेहरामार में जमीन विवाद से उपजे एक जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने महज चंद घंटों में खुलासा कर दिया। वृद्ध महिला केवला बाई राठिया की चचेरे भाई आशन राठिया ने हाथ-मुक्कों व लात-घूसों से हत्या कर शव को मोटरसाइकिल पर लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया था

22 अप्रैल को बेहरामार निवासी लोकनाथ राठिया ने थाना छाल में अपनी मां केवला बाई के 4-5 दिनों से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने चचेरे भाई आशन पर जमीन बंटवारे व बिक्री को लेकर अनहोनी की आशंका जताई। उधर, बेहरामार-जामपाली पगडंडी मार्ग के जंगल में दुर्गंध की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। झाड़ियों के बीच गड्ढे से सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जो केवला बाई का ही था। जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल को महुआ बीनने के दौरान आरोपी आशन ने जमीन बेचने के विवाद पर मृतिका पर हमला बोला।

क्रूरता से पिटाई करने से उसकी मौत हो गई। शव छिपाने के लिए आरोपी ने अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर जंगल फेंक दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में वैज्ञानिक विवेचना व सघन पूछताछ हुई। संदेही आशन टूट गया और अपराध कबूल लिया। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व ऋण पुस्तिका बरामद की गई। 36 वर्षीय आशन राठिया पिता भक्तुराम राठिया निवासी बेहरामार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जमीन विवाद या पारिवारिक रंजिश का हिंसा से हल नहीं। जघन्य अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

CG – शिक्षक की मौत : बाइक को तेज रफ़्तार ट्रक ने मारी टक्कर, शिक्षक की मौके पर मौत, ड्यूटी जाते समय हुए हादसे के शिकार……

CG – शिक्षक की मौत : बाइक को तेज रफ़्तार ट्रक ने मारी टक्कर, शिक्षक की मौके पर मौत, ड्यूटी जाते समय हुए हादसे के शिकार……

 मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी इलाके से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। जहां एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही ने एक शिक्षक की जान ले ली। झाफल के पास हुए इस भीषण सड़क हादसे में शिक्षक अजीत डाहिरे की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, तिलकपुर निवासी शिक्षक अजीत डाहिरे अपनी बाइक से अपने पैतृक गांव बैगाकापा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान झाफल स्थित महाराणा प्रताप स्कूल के पास विपरीत दिशा से आ रहे सीमेंट से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक ट्रक के नीचे पूरी तरह दब गई और अजीत डाहिरे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची लोरमी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG – आंगनबाड़ियों के समय में हुआ बदलाव, इस वजह से लिया गया फैसला, जानिए अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित…..

CG – आंगनबाड़ियों के समय में हुआ बदलाव, इस वजह से लिया गया फैसला, जानिए अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित…..

 रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।a

Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई पुलिसकर्मियों को किया इधर से उधर, देखिए पूरी लिस्ट…..

Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई पुलिसकर्मियों को किया इधर से उधर, देखिए पूरी लिस्ट…..

 रायपुर। प्रशासनिक कसावट के लिहाज से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने थोक में सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों का थोक में तबादला किया गया है। आदेश से 4 सहायक उप निरीक्षक, 13 प्रधान आरक्षक और 52 आरक्षक प्रभावित हुए हैं।

देखिए पूरी लिस्ट….

CG – मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट: इन जिलों में गरज-चमक, बिजली और बारिश की चेतावनी

CG – मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट: इन जिलों में गरज-चमक, बिजली और बारिश की चेतावनी

 रायपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र रायपुर ने आज दोपहर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए पीला अलर्ट (Yellow Alert ) जारी किया है। अगले तीन घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के निम्नलिखित जिलों के कुछ हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ हल्की गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की प्रबल संभावना है:

बीजापुर
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा
बस्तर
नारायणपुर
कोंडागांव
उत्तर बस्तर कांकेर

राज्य में तापमान की स्थिति

जहाँ एक ओर दक्षिण छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश की स्थिति है, वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। छत्तीसगढ़ के मध्य भाग के अलग-अलग इलाकों में 24 से 27 अप्रैल तक लू (Heatwave) चलने की संभावना है। अगले 24-72 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षा दिशानिर्देश

IMD ने जनता को निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है:

सावधानी से वाहन चलाएं: यदि आप सड़क पर हैं, तो वाहन धीरे चलाएं और सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें।
सुरक्षित शरण लें: पेड़ों के नीचे शरण न लें। जलाशयों, तालाबों और झीलों से दूर रहें।
वस्तुओं को सुरक्षित करें: तेज़ हवा के कारण उड़ने या गिरने वाली बाहरी वस्तुओं को सुरक्षित बांध दें या अंदर रखें।
अपडेट रहें: मौसम की ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों से जुड़े रहें और मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें।

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

 बिलासपुर। जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने यात्रियों को राहत देने के लिए सराहनीय पहल की है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर अत्याधुनिक मिस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की गई है। इस सिस्टम के जरिए प्लेटफॉर्म पर बारीक और ठंडी पानी की फुहारें छोड़ी जा रही हैं, जिससे आसपास का वातावरण ठंडा और सुहावना बन रहा है। इस नई व्यवस्था से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। खासकर दोपहर के समय, जब तापमान अपने चरम पर होता है, यह मिस्टिंग सिस्टम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। रेलवे की इस पहल को यात्रियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

कांग्रेस नेता के घर घुसे अज्ञात लोगों की फायरिंग से बड़े बेटे की मौत,छोटा घायल

कांग्रेस नेता के घर घुसे अज्ञात लोगों की फायरिंग से बड़े बेटे की मौत,छोटा घायल

तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया 

संभवत: बदमाश लूट की नीयत से घुसे थे,पुलिस ने की तगड़ी घेरेबंदी

जांजगीर-चांपा--जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने एक घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश लूट की नीयत से घर में दाखिल हुए थे।यह घटना सीमेंट-रेत व्यवसायी एवं ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर की है। देर रात बदमाश घर में घुसे और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाते हुएअचानक गोलीबारी शुरू कर दी। हमले के दौरान बड़े बेटे आयुष कश्यप को दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटे बेटे आशुतोष कश्यप को भी गोली लगी, जो उसके दाहिने हाथ में लगी है। घटना के दौरान आरोपियों ने घर के अन्य सदस्यों को उनके कमरों में बाहर से बंद कर दिया, ताकि कोई मदद के लिए बाहर न निकल सके। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे पूरेइलाके में दहशत फैल गई।घायल आशुतोष को तत्काल बिर्रा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है ।  घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


 

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन

 रायपुर। बीजापुर जिले में प्रधान अध्यापक की आत्महत्या से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बीजापुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अधूरे निर्माण कार्य के भुगतान के दबाव जैसी खबरें तथ्यहीन एवं भ्रामक हैं। जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा बीजापुर द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग निष्पक्ष रूप से पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पालनार अंतर्गत प्राथमिक शाला मझारपारा में पदस्थ प्रधान पाठक श्री राजू पुजारी का 22 अप्रैल 2026 को निधन हो गया, जो एक अत्यंत दुखद घटना है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पास से कुछ पत्र बरामद किए गए हैं, जिनके आधार पर जांच की कार्यवाही जारी है।
समग्र शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया गया था, जिसमें प्रधान अध्यापक पदेन अध्यक्ष होते हैं। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के अनुरूप प्रथम किस्त का भुगतान नियमानुसार किया गया तथा कार्य पूर्ण होने के पश्चात माप पुस्तिका, पूर्णता प्रमाण पत्र, हस्तांतरण प्रमाण पत्र एवं फोटोग्राफ्स प्राप्त होने पर प्रगति के आधार पर रनिंग बिलों के माध्यम से राशि जारी की गई।
विभाग के अनुसार, प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष दोनों का निर्माण फरवरी 2026 में पूर्ण हो चुका था तथा शेष 60 प्रतिशत राशि राज्य स्तर से प्राप्त होना लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का दबाव या अनियमितता नहीं पाई गई है।
जिला मिशन समन्वयक ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने अपील की है कि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचारों का प्रकाशन किया जाए।
विभाग ने पुनः स्पष्ट किया है कि इस दुखद घटना के सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और शिक्षा विभाग द्वारा हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

अवैध गुटखा फैक्टरी में पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में गुटखा और जर्दा जब्त

अवैध गुटखा फैक्टरी में पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में गुटखा और जर्दा जब्त

 दुर्ग।  जिले में अवैध गुटखा कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नंदिनी थाना क्षेत्र में संचालित एक फैक्ट्री पर छापा मारते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में जर्दा युक्त गुटखा और सुगंधित जर्दा जब्त किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में “मुसाफिर” ब्रांड का गुटखा और “M4” ब्रांड का जर्दा पैक किया जा रहा था। मौके पर काम कर रहे 13 मजदूर भी मिले हैं, जो मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। दुर्ग पुलिस ने फूड एंड सेफ्टी विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में पैकिंग मैटेरियल, तैयार माल और मशीनरी जब्त की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री अप्रैल की शुरुआत से संचालित हो रही थी। फिलहाल मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।

 
 

 

CG Board Exam Result : 10वीं-12वीं के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, इस तारीख को जारी हो सकता है परिणाम….

CG Board Exam Result : 10वीं-12वीं के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, इस तारीख को जारी हो सकता है परिणाम….

 रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के लाखों विद्यार्थियों को अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन काउंटिंग, मिलान और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अभी जारी है। परिणाम 30 अप्रैल 2026 को जारी किया जा सकता है।

10वीं-12वीं परीक्षा का पूरा शेड्यूल

कक्षा 12वीं – परीक्षा 20 फरवरी 2026 से शुरू हुई और 18 मार्च 2026 को समाप्त हुई।
कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) – परीक्षा 21 फरवरी 2026 से शुरू हुई और 13 मार्च 2026 के आसपास पूरी हुई।

इस बार हिंदी विषय के पेपर लीक होने के कारण कक्षा 10वीं की हिंदी परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को दोबारा आयोजित की गई थी, जिससे रिजल्ट की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई।

पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या

हाईस्कूल कक्षा 10वीं में 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
हायर सेकेंडरी कक्षा 12वीं में 2,45,785 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
कुल मिलाकर लगभग 5.66 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं इस बार बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले जलभराव रोकने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था के दिए निर्देश

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले जलभराव रोकने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था के दिए निर्देश

 रायपुर/ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले नगरीय निकायों में नाले व नालियों की सफाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से परिपत्र जारी कर सभी निकायों को जलभराव रोकने, बाढ़ की स्थिति में आपदा प्रबंधन तथा बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत 20-21 अप्रैल को नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा के दौरान आगामी 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए थे। बैठक में उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।

नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि वर्षा ऋतु में बारिश के पानी के निकासी के लिए निर्मित नालियों की समय पूर्व समुचित सफाई न होने तथा पानी निकासी के रास्तों के अवरोधों को दूर नहीं करने के कारण आकस्मिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए वर्षा ऋतु के पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेवें।

विभाग ने इसके लिए शहरों के मुख्य मार्गों के साथ-साथ गलियों व चौराहों की अच्छी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नाले व नालियों की पूर्ण एवं नियमित रूप से अंतिम छोर तक गहराई से साफ-सफाई कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नदी या अन्य जलस्रोत किसी भी प्रकार से प्रदूषित न हों। पानी के बहाव में निरंतरता के लिए निर्माणाधीन नाले व नालियों में पानी बहाव के रास्ते में से निर्माण सामग्रियों को हटाने तथा नाले-नालियों में निर्मित कच्चे एवं पक्के अतिक्रमित अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आवश्यक अमले, टूल, मशीन आदि के साथ नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा है। विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों के 24 घंटे कार्यरत रहना सुनिश्चित करने के साथ ही इसके दूरभाष नम्बर आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। निचली बस्तियों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों व प्रभावितों का चिन्हांकन कर प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थलों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। अन्य क्षेत्रों में भी बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के प्रभाव के समाप्त होने पर संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इन स्थितियों में संबंधित विभागों को तत्परता से इसकी सूचना देने को कहा गया है। विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले पेड़ों में लगे सभी साइन-बोर्डों, विज्ञापनों, किसी भी प्रकार के अन्य बोर्ड या साइनेज, बिजली वायर, हाईटेंशन लाइन या अन्य सामग्रियों को हटाने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं।

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण

 रायपुर- छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवक को नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई आंख की निचली पलक का सफल ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत मिली है।

दिसंबर 2025 की दुर्घटना के बाद बढ़ी थी परेशानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 को एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचा।

विशेषज्ञों ने किया सर्जरी का निर्णय

नेत्र विशेषज्ञों द्वारा गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को पुनः सामान्य करने के लिए उन्नत स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।

जटिल सर्जरी के बाद तेजी से सुधार

सर्जरी अत्यंत जटिल थी, क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट का प्रत्यारोपण कर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। पलक भी पूरी तरह से बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।

इन विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस सफल सर्जरी में डॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी एवं डॉ. अनिकेत सहित नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर तथा नेत्र, सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मरीज व परिजनों ने जताया आभार

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। मरीज की पलक सामान्य स्थिति में लौट आई है और आंख की कार्यक्षमता भी बहाल हो गई है। चेहरे की विकृति समाप्त होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “सिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल से जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन हमारी टीम की समन्वित कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को दर्शाता है। सिम्स में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार यहीं मिल रहा है।”

सरकारी संस्थान में विश्वस्तरीय उपचार का उदाहरण

इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के बल पर जटिल से जटिल बीमारियों का विश्वस्तरीय उपचार संभव है।

शिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े….

शिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े….

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि शिक्षकों का समर्पण ही एक सशक्त शिक्षा व्यवस्था की नींव है और उनके प्रयासों से ही समाज एवं राष्ट्र का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है, जिसे मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।मंत्री राजवाड़े जिला स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं, जिसे राज्यभर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे नवाचार, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करें, ताकि बच्चे न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनें, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और जीवन कौशल से भी परिपूर्ण हों। मंत्री ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने भी शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को समग्र शिक्षा देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

समारोह के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि नवाचार, सतत मूल्यांकन एवं विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और गौरव का भाव देखने को मिला। इस प्रकार के आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।समारोह में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल : आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ….

महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल : आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। सूरजपुर जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम दर्रीपारा में बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 90 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट का शुभारंभ किया गया।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

इस अवसर पर लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य मौजूद रहीं।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और बच्चों एवं माताओं को सुपोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी।

ग्राम दर्रीपारा में स्थापित इस अत्याधुनिक यूनिट के माध्यम से परियोजना रामानुजनगर के 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यूनिट में लगभग 30 मीट्रिक टन पोषण आहार का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध हो सकेगा।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

यह पहल न केवल कुपोषण की चुनौती से निपटने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ अब उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने  कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम सशक्त महिला की अवधारणा को साकार करने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से पोषण आहार की गुणवत्ता, ताजगी एवं आपूर्ति व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
यह यूनिट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्थानीय उद्यमिता के त्रिवेणी संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।  प्रशासन द्वारा इस प्रकार के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके।

महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से महिलाएं न केवल घरेलू जरूरतों की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी रख रही हैं।

मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर निवासी मनीषा बंजारा महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रूपए सहायता राशि से परिवार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपनी बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का अवसर मिला है। इससे परिवार के आर्थिक बोझ में कमी आई है और बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी हुई है।

मनीषा बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि का वे सुनियोजित उपयोग कर रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे नियमित रूप से बचत कर रही हैं। मनीषा के अनुसार, महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक संबल प्रदान किया है, जिससे वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….

बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….

 रायपुर: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम चाऊरडोंगरी, जो कभी दुर्गम पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझता था, अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित पक्की सड़क ने इस गांव के लोगों के जीवन में नई उम्मीद और सुविधाओं एक नया मार्ग तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है। करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क को पहाड़ों की कटिंग कर बनाया गया है, जिससे यह क्षेत्र अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ गया है। पहले इस पहाड़ी गांव तक पहुंचना बेहद कठिन था, विशेषकर बारिश के मौसम में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते थे। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल था। अब सड़क निर्माण के बाद गांव तक आवागमन सुगम हो गया है और वाहन सीधे पहुंचने लगे हैं।

 बारहमासी सड़क से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी

ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, जिससे आवश्यक सामग्री लाने में काफी परेशानी होती थी। अब सड़क बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हुई है और समय पर उपचार संभव हो पाया है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पहले उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, लेकिन अब शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से तेजी से बदलाव आया है। पक्की सड़क बनने से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंच रहा है।

कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। चाऊरडोंगरी गांव अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क से यहां के लोगों का जीवन आसान हुआ है और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है।

बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा

बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा

 10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, दुर्गम अंचलों तक पहुंचीं टीमें; हजारों मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

दुर्गम वनांचलों तक पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया

मोबाइल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए अब कठिन क्षेत्रों में भी मिल रही नियमित चिकित्सा सेवाएं

रायपुर, 23 अप्रैल 2026/ बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।

अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।

जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।

इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।

राज्यपाल के निर्देश पर धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर

राज्यपाल के निर्देश पर धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविर

 रायपुर, 23 अप्रैल 2026- राज्यपाल रमेन डेका ने बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनेशपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। शिविर समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से आयोजित कर जरूरतमंद दिव्यांगजनों का उपचार कर आवश्यक उपकरण प्रदान करें।

राज्यपाल ने कहा है कि दोनों विभाग आपसी समन्वय से ग्राम धनेशपुर में विशेष शिविर आयोजित करें, जहां दिव्यांग बच्चों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परीक्षण तथा उनकी स्थिति का आंकलन किया जाए। साथ ही दिव्यांगता के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत सर्वे एवं चिकित्सकीय अध्ययन भी कराया जाए।

निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंचकर घर-घर सर्वे करेगी तथा पात्र बच्चों और नागरिकों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं दिव्यांग कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करेगी। शिविर के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को सहायक उपकरणों का वितरण भी किया जाएगा, ताकि उन्हें दैनिक जीवन, शिक्षा और आवागमन में सुविधा मिल सके।

राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा बच्चों के बेहतर उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

राज्यपाल रमेन डेका ने ली रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक

राज्यपाल रमेन डेका ने ली रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक

 अधिकारी जनता के बीच जाएं और करें संवाद - राज्यपाल श्री रमेन डेका

ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए डबरी का निर्माण किया जाए

नशे पर सख्ती से रोक लगाए एवं भारी वाहनों के आवागमन पर करे नियंत्रण

रायपुर, 23 अप्रैल 2026- राज्यपाल  रमेन डेका ने रायपुर जिले की विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी जनता बीच जाएं और उनसे मिलें। उनके तथा हितग्राहियों से मुलाकात करें एवं उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर योजनाओं का फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने का सबसे बेहतर तरीका लोगों से लगातार संवाद है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना की सराहना की।

डेका ने जिले के विभिन्न विकासखण्डों में हो रहे डबरी निर्माण की भी सराहना करते हुए कहा कि हमें बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, इससे रायपुर के जलस्तर में सुधार आएगा और भविष्य में होने वाले संभावित पेयजल की समस्या का सामना करने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है, जो पानी की खपत बढ़ाती है, इसलिए बड़े किसानों को अन्य फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएगा। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उसी आधार पर बेहतर योजना और रणनीति बनाई जा सके।

डेका ने कहा कि हमें ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी डबरी बनानी चाहिए। इस कार्य में समुदाय की भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यों के लिए शामिल करें। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करें और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा दें। एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल एवं स्कूलों में वृक्षारोपण करें। सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जा सकता है, इससे प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विकास की निशानी अधिक से अधिक पेड़ लगाना और हरियाली है।

प्रोजेक्ट हर घर मुनगा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दें, नेचुरल फार्मिंग में वैल्यू एडिशन जरूरी है। हमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक्स को बढ़ावा देना चाहिए। आने वाला समय में इसकी अच्छी संभावना है। उन्होंने नर्सरी हाइड्रोपोनिक्स विकसित करने का सुझाव दिया। “ग्रीन पालना” परियोजना की चर्चा के दौरान राज्यपाल ने जानकारी ली कि नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की निगरानी कैसे होती है। वे जीवित हैं या नहीं। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। राज्यपाल ने योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आम जनता से कहा कि योग की कक्षाओं तक ही सीमित न रहें बल्कि योग सीखने के बाद नियमित रूप से घर में भी इसका अभ्यास करें।

यातायात व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में भारी वाहनों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। तीव्र गति से ड्राइविंग और हेलमेट के मामले में पहले जागरूकता बढ़ाने और फिर आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि सख्ती और जागरूकता के जरिए इसे रोकना जरूरी है। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव सुश्री निधि साहू, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

 आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह

रायपुर, 23 अप्रैल 2026 - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।

दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग

पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें।

आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा

जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा—

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत

बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज

एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत

दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता
साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास

आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई।

समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम

यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं

अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं

 रायपुर। बेटियों की मुस्कान में ही भविष्य की सबसे उजली तस्वीर बसती है-और इसी मुस्कान को सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल केवल एक शासकीय योजना नहीं, बल्कि हर उस माँ-बाप के विश्वास की रक्षा है, जो अपनी बेटी के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित कल का सपना देखते हैं।

भारत सरकार के नेतृत्व में चल रहे अभियान से जुड़ते हुए छत्तीसगढ़ अब उन सभी राज्यों के साथ कदम से कदम मिला रहा है, जिन्होंने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर को जड़ से समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओ में होने वाले कैंसरों में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के प्रारंभिक चरण में सामान्यतः कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता जिस कारण अक्सर यह गंभीर अवस्था में पहुँच जाता है। HPV टीकाकरण इस गंभीर कैंसर के खिलाफ एक सशक्त और भरोसेमंद सुरक्षा कवच के रूप में स्थापित हो चुकी है- वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, पूर्णतः सुरक्षित, अत्यंत प्रभावी है और इसकी सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव दर्ज नहीं हुआ है-जो इसकी विश्वसनीयता को और भी पुख्ता बनाता है। यह टीका केवल आज की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में कैंसर के खतरे को जड़ से कम करने की ठोस और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करता है।

निजी अस्पतालों में एचपीवी टीके की एक खुराक की कीमत लगभग ₹4,000 तक होती है, जो अनेक परिवारों के लिए वहन करना आसान नहीं है। ऐसे में आर्थिक बाधाएँ अक्सर बेटियों की इस जरूरी सुरक्षा में रुकावट बन जाती हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट और संवेदनशील रुख अपनाया है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि कोई भी बेटी केवल आर्थिक कारणों से इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे, और इसी उद्देश्य से पात्र किशोरियों को यह टीका पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यह टीकाकरण राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध है तथा शीघ्र ही यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी उपलब्ध होगा। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और यू विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर लाभार्थी तक इस सेवा की पारदर्शी और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करता है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यह केवल एक टीकाकरण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है-अपनी बेटियों को एक ऐसे खतरे से बचाने की, जिसे रोका जा सकता है।