रायपुर। कहते है ना प्यार में लोग कुछ भी कर सकते है। ऐसे ही मामला राजधानी रायपुर से आया है। जहां पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में एक ढोलक वादक के साथ उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने बुलेट वाहन जब्त किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी प्रोफेशनल चोर नहीं है, लेकिन अपनी प्रेमिका को इम्प्रेस करने के लिए महंगी बाइक चोरी करने का खुलासा हुआ है। बाइक चोरी की इस वारदात के खुलासे से पुलिस भी हैरान हो गई है।
दरअसल पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के कौशल्या विहार इलाके की है, जहां सेक्टर 4 में बाइक चोरी की वारदात हुई थी। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दो ऋषि शुक्ला और रोहितेश चन्द्राकर को हिरासत में लिया। दोनों युवकों से पूछताछ की गई तो युवकों ने बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। आरोपी ऋषि शुक्ला ढोलक वादक बताया जा रहा है। वहीं रोहितेश चन्द्राकर मार्बल लाइन में काम करने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची है। पूछताछ में आरोपियों ने पहली मर्तबा चोरी करने की बात कबूल किया है। साथ ही खुलासा हुआ कि महंगी बाइक बुलेट को अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए चोरी की गई है। एसीपी नवनीत पाटिल ने कहा दोनों आरोपियो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले जांच में जुटी हुई है।
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट से 3 मई, रविवार एक ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। एलायंस एयर द्वारा इस दिन शाम के वक्त बिलासपुर से दिल्ली के लिए सीधी शाम की विमान सेवा शुरू की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी.
बिलासपुर से दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। नई सेवा के तहत विमान शाम 6:20 बजे बिलासपुर पहुंचेगा और 6:45 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। यह उड़ान रात 9:25 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
प्रारंभिक चरण में यह सेवा प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी, जिसे यात्रियों की मांग के अनुसार भविष्य में सप्ताह में दो दिन तक बढ़ाने की योजना है। इस नई सुविधा से अब यात्री दिनभर के अपने कार्यों को निपटाने के बाद शाम को सीधे देश की राजधानी के लिए यात्रा कर सकेंगे।
खासतौर पर व्यावसायिक, शासकीय और निजी कार्यों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा बेहद सुविधाजनक साबित होगी। इसके साथ ही, शाम के समय उड़ान संचालन से एक महत्वपूर्ण तकनीकी लाभ भी मिलेगा। दोपहर के उच्च तापमान के कारण विमानों पर लगने वाली ‘लोड पेनल्टी’ की समस्या अब नहीं रहेगी, जिससे विमान अपनी पूर्ण क्षमता के साथ उड़ान भर सकेंगे। इससे अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
नई हवाई सेवा न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने में सहायक होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
रायपुर। महिला-बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से आजादी के बाद पहली बार सूरजपुर जिले के वनांचल क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल साकार हुई है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और आश्रित टोलों के विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।
दर्जनों गांवों में पहुंचेगी बिजली, बदलेगा जीवन स्तर
मंत्री राजवाड़े की पहल पर कोल्हुआ: पुराना स्कूलपारा, खासपारा, जमतीपारा और बोकराटोला-2 के विद्युतीकरण को मंजूरी दी गई।
महुली: हरिजनपारा, खासपारा-1 व 2, पांडोपारा, पोखरापारा, स्कूलपारा, पहेतापारा और पहाड़पारा में बिजली विस्तार का कार्य होगा।
करोटी: खासपारा, इमलीडीह, पोड़ीडोल, पोरतेपारा, परसापारा और गुलरडांडपारा जैसे क्षेत्रों में रोशनी पहुँचेगी।
चोंगा: मधवानीपारा, आमपारा, खासपारा और श्यामपारा के निवासियों को बिजली की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही कछवारी (पांडोपारा, स्कूलपारा), खैरा (रेडियापारा-1 व 2), नवडीहा (मेन रोड) और कछिया (नवडीहा चौक) में भी विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार नियमित विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे व्यापक स्तर पर ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है।
वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की यह लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए लगातार विभागीय स्तर पर समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से 28 से अधिक विद्युतीकरण को मंजूरी मिली।इस पहल से न केवल घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और स्थानीय रोजगार एवं छोटे व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी।
मंत्री राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच रही है।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। तमोरा बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में 94 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, जबकि 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 40 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।
वन विभाग के मुताबिक, कक्ष क्रमांक 95 और 96 में अतिक्रमण कर हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही थी और जमीन को खेती योग्य बनाया जा रहा था। मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि कुल 116.596 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा किया गया था। शिकायतों के बाद वन विभाग ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाया। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण तोड़े गए और करीब 54 अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रिस्दा में मंगलवार दोपहर एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई। पत्नी के चरित्र पर संदेह करने वाले पति ने कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी खुद थाने पहुंच गया और पुलिस को पूरी वारदात की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम रिस्दा बस्तीपारा निवासी 65 वर्षीय जीवन नोरगे ने दोपहर करीब 2 बजे अपनी पत्नी सरस्वती नोरगे पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सरस्वती की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे के भीतर महिला का शव मुंह के बल पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे घाव के निशान थे और आसपास खून बिखरा हुआ था। घटनास्थल से टूटी चूड़ियां और खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद की गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपी जीवन नोरगे के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
रायपुर: जीवन में हर व्यक्ति के मन में एक सपना होता है कि उनका खुद का एक आशियाना हो, जिसमें वह चैन की नींद ले सके। प्रधानमंत्री आवास योजना से आमलोगों के पक्के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे उन्हें उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम लालाकापा के निवासी प्रभा के पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। उन्हें सुरक्षित और मजबूत पक्का मकान मिला है। प्रभा ने बताया कि उनके पास पहले खुद का पक्का घर नहीं था। वह एक जर्जर कच्ची झोपड़ी में रहते थे, जहां बारिश में पानी टपकता और सर्दियों में ठंड से बचना मुश्किल हो जाता था।
गांव में जब गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, तब प्रभा ने भी उम्मीद के साथ आवेदन किया। उनकी वास्तविक स्थिति को देखते हुए उनका चयन हो गया। कुछ समय बाद शासन की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 01 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। इस सहायता से प्रभा का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ और उन्हें एक सुरक्षित, मजबूत पक्का घर मिल गया। अब उनके पास ऐसा आशियाना है, जहां वे अपने परिवार के साथ सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी रहे हैं। नया घर मिलने के बाद प्रभा का आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ है। उन्होंने इस योजना के संचालन के लिए शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
रायपुर - छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (MBSI26) का आयोजन 26 अप्रैल 2026, रविवार को किया जाएगा।
परीक्षा रायपुर जिले के 104 परीक्षा केंद्रों में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। इसमें कुल 34,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रातः 9:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।
व्यापमं द्वारा अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें तथा परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पूर्व केंद्र पर उपस्थित हों। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पुलिस द्वारा फ्रिस्किंग की जाएगी।
परीक्षा के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर आना अनिवार्य है। काले, गहरे नीले, हरे रंग के कपड़े तथा जूते, मोजे, स्कार्फ, बेल्ट आदि पहनना प्रतिबंधित रहेगा। केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति होगी। कान के आभूषण भी वर्जित हैं।
परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, घड़ी, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन के साथ ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी।a
रायपुर।शहर में सुगम यातायात, लोक सुरक्षा एवं आवागमन को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत रिंग रोड-01 एवं रिंग रोड-02 की सीमा से शहर की ओर आने वाले 19 प्रवेश मार्गों से शहर के भीतर मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
यह प्रतिबंध प्रातः 05ः00 बजे से रात्रि 12ः00 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह प्रतिबंध 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ जो 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा।
प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में तेलीबांधा थाना के सामने चौक, कैनाल रोड प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, महावीर नगर चौक रिंग रोड 01, राजेंद्र नगर चौक रिंग रोड 01, पचपेड़ी नाका चौक रिंग रोड 01, संतोषीनगर चौक रिंग रोड 01, भाठागांव चौक रिंग रोड 01, कुशालपुर चौक रिंग रोड 01, रायपुरा चौक रिंग रोड 01, कचना रेलवे क्रॉसिंग, डीडी नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, टाटीबंध चौक, हीरापुर टर्निंग रिंग रोड, गोगांव तिराहा रिंग रोड नं. 02, गोंदवारा तिराहा रिंग रोड नं. 02, पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी, विधानसभा रोड स्थित व्हीआईपी तिराहा एवं एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड मार्ग शामिल हैं।a
रायपुर। राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए साढ़े पांच लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की आकस्मिक अवकाश (CL) और अर्जित अवकाश (EL) पर तीन महीने की रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव अंशिका पांडे द्वारा जारी इस आदेश में साफ किया गया है कि बिना अनुमति छुट्टी लेने पर इसे सर्विस ब्रेक माना जाएगा।
जानिए क्यों लिया गया ये फैसला?
इस कठोर कदम के पीछे मुख्य कारण राज्य में जारी जनगणना कार्य और मुख्यमंत्री का राज्यव्यापी लोक सुराज अभियान में तेजी लाना है। सरकार का मानना है कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता आवश्यक है।
यह आदेश राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, निगमों, मंडलों और अन्य संस्थाओं पर लागू होगा। हालांकि, आकस्मिक परिस्थितियों जैसे बीमारी या परिवार में किसी की मृत्यु होने पर विशेष अनुमति से छुट्टी दी जा सकती है।
देहरादून। बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार खत्म हो गया है। शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जिसके बाद भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर को दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसकी सुंदरता देखते ही बन रही है।
अब बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, लेकिन यात्रा से पहले कुछ जरूरी नियम जानना बेहद आवश्यक है। प्रशासन के अनुसार केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, इसलिए मंदिर में प्रवेश से पहले फोन क्लॉक रूम में जमा करना होगा।
यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और बिना रजिस्ट्रेशन किसी यात्री को अनुमति नहीं मिलेगी। हर यात्री और वाहन को आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in या Tourist Care Uttarakhand ऐप के जरिए पंजीकरण कराना होगा। व्हाट्सऐप नंबर +91 8394833833 पर “Yatra” लिखकर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
इसके अलावा केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल चेकअप भी जरूरी है, खासकर 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अस्थमा, डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य बताई गई है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से नियमों का पालन कर सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की अपील की है।
रायपुर: राज्य शासन द्वारा दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन अंतर्गत किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु 30.68 करोड़ (तीस करोड़ अड़सठ लाख रूपये) की द्वितीय एवं अंतिम पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रखते हुए कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
यदि भू-अर्जन की आवश्यकता होती है, तो इसे स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाएगा, अन्यथा निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय न हो तथा कार्य निष्पादन में मितव्ययिता बरती जाए।
निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। कार्य को अनुबंधानुसार समय-सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य होगा तथा अनावश्यक समय-वृद्धि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रायपुर: “सुशासन तिहार-2026“ अंतर्गत विकासखण्डों में निर्धारित ग्राम पंचायत में शिविर स्थल पर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 के दौरान “जन समस्या निवारण शिविर“ का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी एवं शासकीय योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जाएगी। हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे एवं आवेदन (मांग/शिकायत) भी आमंत्रित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जारी आदेशानुसार सुशासन तिहार-2026 अंतर्गत “जन समस्या निवारण शिविर“ आयोजित किए जाने हेतु स्थान, तिथि एवं दिन का निर्धारण किया गया है एवं दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिविर के सफल आयोजन हेतु प्रभारी अधिकारी एवं सहायक नियुक्त किया गया है।
जिसमें 01 मई 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत कल्स्टर/शिविर स्थल बरकेला (सखौली आम का बगीचा) में 25 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी प्रकार 02 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल डकई (पंचायत भवन के पास) 19 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर होंगे, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 02 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल चिरंगा (उ.स्वा.के. बगीचा के पास) 14 ग्राम पंचायतों में शिविर होगें।
शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। 06 मई 2026 को विकासखण्ड उदयपुर अंतर्गत शिविर स्थल लक्ष्मणगढ़ (हाई स्कूल परिसर के पास) 23 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगें। 08 मई 2026 को विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल कमलेश्वरपुर (प्री मै.बा.छा. केम्प नं. 02) में 17 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे।
09 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल घोघरा (मा.शा. परिसर) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार बतौली एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। 09 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल झेराडीह (प्रा.शा.व पंचायत भवन परिसर) में 20 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 13 मई 2026 को विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल पोड़ी (हाई स्कूल मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे।
15 मई 2026 को विकास खण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल मूरता (पंचायत भवन के पास) 16 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एंव सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे। 16 मई 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत शिविर स्थल बड़ादमाली (पंचायत भवन के पास) 21 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल महारानीपुर (मा.शा. प्रांगण) में 16 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे। 20 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल बिल्हमा (बाजार शेड के पास) 19 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 22 मई 2026 को विकासखण्ड उदयुपर अंतर्गत शिविर स्थल मुड़गांव (मा.शा. के पास)में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा। शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगे।
इसी प्रकार विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल पुहपुटरा (उ.मा. वि. मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होंगे, शिविर प्रभारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। 23 मई 2026 को विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल उडुमकेला (गोठान के पास) 11 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे। 29 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल बिरिमकेला (मा.शा. परिसर) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार बतौली एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। विकासखण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल बनेया (हाई स्कूल ग्राउण्ड) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे। वहीं 30 मई 2026 को विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल बेलदगी (देव सरना मैदान) में 20 ग्राम पंचायतो हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। इसी प्रकार 03 जून 2026 को विकासखण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल शिवनाथपुर (हाई स्कूल के पास) में 12 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे।
05 जून 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गतशिविर स्थल हर्राटिकरा (सांडबार वन देवी मंदिर के सामने) 27 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी दिन विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल लटोरी (हाई स्कूल मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। 06 जून 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत शिविर स्थल खलिबा (उ.मा.वि. परिसर) में 28 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर होंगे, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी दिन विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल रीरी (ग्राम शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद लुण्ड्रा होंगे। इसी प्रकार 10 जून 2026 को विकासखण्ड उदयपुर अंतर्गत शिविर स्थल ललाती (सेजेस विद्यालय परिसर) में 22 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगे।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर अंतर्गत आश्रित ग्राम बेदरे में देखने को मिला है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब विकास और विश्वास की नई रोशनी फैल रही है। मुड़िया जनजाति के निवासी बोगाम भीमा पिता हिड़मा को शासन द्वारा वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है, जो उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की नई शुरुआत बन गया है।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बोगाम भीमा को 1.315 हेक्टेयर वनभूमि का वनाधिकार पट्टा मिला है। वर्षों से जिस जमीन पर वे खेती कर रहे थे, आज वह जमीन कानूनी रूप से उनकी हो गई है। अब वे निश्चिंत होकर धान की खेती कर रहे हैं और अपने परिवार का जीवन बेहतर ढंग से चला पा रहे हैं। यह पट्टा उनके लिए केवल जमीन नहीं, बल्कि उनके अधिकार और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है।
खुशियों की यह कहानी यहीं नहीं रुकी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनकी पत्नी को पक्का मकान भी स्वीकृत हुआ है। कभी कच्ची मिट्टी के घर में बरसात और गर्मी झेलने वाला यह परिवार अब सुरक्षित और सम्मानजनक छत के नीचे जीवन जी रहा है। वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है, जिससे उनके घर में खुशहाली और भरोसे का माहौल बना है।
इसके साथ ही शासन की महतारी वंदन योजना के तहत परिवार को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि मिल रही है, जो उनकी दैनिक जरूरतों में बड़ा सहारा बन रही है। गांव में बिजली कनेक्शन पहुंचने से जीवन में नई सुविधा और बच्चों की पढ़ाई को नई गति मिली है। उनका बेटा आज शासकीय आश्रम छात्रावास में कक्षा 7वीं में पढ़ाई कर रहा है, जहां रहने-खाने से लेकर शिक्षा और छात्रवृत्ति तक की व्यवस्था शासन द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर वास्तविक बदलाव ला रही हैं। वनाधिकार पट्टा, पक्का मकान, आर्थिक सहायता, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाएं बोगाम भीमा के परिवार के लिए एक नए जीवन की नींव बन गई हैं। हितग्राही बोगाम भीमा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की मदद से उनके परिवार को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई उम्मीद मिली है।
00 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ली समय सीमा की बैठक
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किये जाएंगे। सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारी इस संबंध में सारी तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी कर लें।
कलेक्टर ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर दीनदयाल सभागृह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रमुख प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम हेतु समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट वेव चलने की संभावना है, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों का इंतजाम बनाए रखें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर एवं एडीएम उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर :- मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं को पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। शासन की अधिक से अधिक सेवाओं को लोक सेवा गांरटी सेवा के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की करीब 750 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के तहत अधिसूचित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 21 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देशभर के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं विभागों को पुरस्कृत किया जाता है। पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने सिविल सर्विस दिवस के मौके पर प्रशासन की विविध क्षेत्रों में कार्य करने एवं महत्वता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए। सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने मुख्यमंत्री हेल्प लाईन के बारे में लोगों द्वारा विविध माध्यम से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए शिकायत दर्ज कराने एवं निराकरण के प्रबंधन एवं सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने ई-डिस्टिक प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सभी संभागायुक्त एवं जिलों के कलेक्टर शामिल हुये।
रायपुर :- आज का बचपन एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बच्चों में तेजी से बढ़ता मोटापा अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का स्पष्ट संकेत बन चुका है। घंटों मोबाइल और टीवी स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय, खेल के मैदानों से बढ़ती दूरी और जंक फूड की सहज उपलब्धता इन तीनों ने मिलकर बच्चों की स्वाभाविक सक्रियता को सीमित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड विकार जैसी बीमारियाँ कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। साथ ही, आत्मविश्वास में कमी, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ भी तेजी से उभर रही हैं।
छत्तीसगढ़ में बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। पोषण, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता से जुड़े अभियानों को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे हर परिवार तक सही जानकारी और सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण को केंद्र में रखते हुए अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बच्चों का समग्र विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि परिवार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही संभव है। स्थानीय खाद्य परंपराओं को पुनर्जीवित करना, माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करना और बच्चों के लिए संतुलित आहार सुनिश्चित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पारंपरिक आहार: समाधान की मजबूत नींव
राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 इस बात को पुनः रेखांकित करता है कि स्वस्थ जीवन का रास्ता हमारी अपनी रसोई से होकर गुजरता है। रागी, बाजरा, ज्वार, कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स पोषण का समृद्ध स्रोत हैं। ये न केवल बच्चों के वजन को संतुलित रखने में सहायक हैं, बल्कि पाचन को बेहतर बनाते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। रागी की इडली, बाजरे का उपमा और कोदो की खिचड़ी जैसे व्यंजन स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलित संगम प्रस्तुत करते हैं।
पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी
बच्चों का स्वास्थ्य केवल भोजन तक सीमित नहीं है। यह एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें परिवार, विद्यालय और समाज सभी की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। जब माता-पिता बच्चों की थाली में विविधता और संतुलन सुनिश्चित करते हैं, शिक्षक पढ़ाई के साथ खेल को भी समान महत्व देते हैं और समाज बच्चों को उनके वजन से नहीं बल्कि उनकी ऊर्जा और जिज्ञासा से आंकता है तभी स्वस्थ और आत्मविश्वासी पीढ़ी का निर्माण संभव होता है।
पहले 1,000 दिन: भविष्य की नींव
वैज्ञानिक दृष्टि से गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही वह अवधि है, जब बच्चे के मस्तिष्क का सबसे तेज विकास होता है। जन्म के समय जहाँ मस्तिष्क का विकास लगभग 30 प्रतिशत होता है, वहीं पाँच वर्ष की आयु तक यह 90 प्रतिशत तक पहुँच जाता है। इस दौरान माँ का पोषण, परिवार का स्नेह और सकारात्मक वातावरण बच्चे के मानसिक और भावनात्मक विकास की मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं।
“7 स्टार भोजन थाली”: संतुलित पोषण का सरल मॉडल
“7 स्टार भोजन थाली” एक ऐसी अवधारणा है, जो संतुलित और विविध आहार के महत्व को रेखांकित करती है। इसमें विभिन्न पोषक तत्वों अतिरिक्त कैलोरी प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, तरल पदार्थ और विटामिन की पर्याप्त मात्रा का समावेश कर माँ और बच्चे दोनों के लिए आवश्यक पोषण सुनिश्चित किया जाता है। यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है। कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याएँ न केवल माँ को प्रभावित करती हैं, बल्कि बच्चे के जन्म के समय वजन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मस्तिष्क विकास पर भी गहरा असर डालती हैं।
आदतों में बदलाव से बनेगा बेहतर कल
पोषण पखवाड़ा हमें यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य कोई सीमित समय का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर विकसित होने वाली संस्कृति है। यह संस्कृति हर घर की रसोई, हर स्कूल के टिफिन और हर मोहल्ले के खेल मैदान में विकसित होती है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी प्राथमिकताओं को बदलें मोबाइल से मैदान की ओर, जंक फूड से पारंपरिक आहार की ओर और लापरवाही से जागरूकता की ओर। क्योंकि स्वस्थ बचपन ही सशक्त छत्तीसगढ़ और समृद्ध भारत की सबसे मजबूत नींव है।
धमतरी। पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। दो साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ आरक्षकों का थोक में तबादला किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 192 आरक्षकों का स्थानांतरण विभिन्न थाना-चौकियों और इकाइयों में किया गया है। इस पहल को पुलिस विभाग में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रायगढ़। जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क पर गिरी एक टोपी उठाने की कोशिश एक व्यक्ति की जान पर भारी पड़ गई। यह हादसा तराईमाल से रायगढ़ लौटते समय ग्राम लाखा के पास हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सकराली निवासी केशर चंद मैत्री पिछले कुछ समय से तराईमाल में रहकर चंद्रहासिनी स्टील गेरवनी में काम कर रहे थे
कैसे हुआ हादसा
रविवार सुबह वे अपनी पत्नी धनबाई मैत्री और बेटी समीक्षा मैत्री के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए रायगढ़ जा रहे थे। सफर सामान्य चल रहा था, लेकिन रास्ते में अचानक एक छोटी सी घटना ने बड़ा हादसा बना दिया। ग्राम लाखा के पास चलते वक्त उनकी बेटी के सिर पर पहनी टोपी तेज हवा के कारण उड़कर सड़क पर गिर गई। बेटी की टोपी उठाने के लिए केशर चंद ने अपनी पत्नी को बाइक से उतारा और खुद बाइक घुमाकर वापस टोपी लेने पहुंचे।
लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह फैसला उनकी जिंदगी का आखिरी फैसला साबित होगा। जैसे ही केशर चंद सड़क पर गिरी टोपी उठाने के लिए झुके, तभी घरघोड़ा की ओर से आ रही तेज रफ्तार पल्सर बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए जुट गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल केशर चंद और उनकी बेटी को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए केशर चंद को बेहतर इलाज के लिए मेट्रो अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में उनकी बेटी समीक्षा भी घायल हुई है, जिसका इलाज जारी है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि शहर के नकटीखार बायपास मार्ग के पास तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी सवार दंपति को चपेट में लेकर जोरदार टक्कर मार दीह। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक बालको नगर निवासी बहरुराम रात्रे अपनी पत्नी के साथ ग्राम गोढ़ी में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। स्कूटी में सवार होकर दंपति घर से रवाना हुए थे, इसी दौरान कचांदी नाला के पास तेज रफ्तार से आ रहे अज्ञात भारी वाहन ने उनकी दुपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बहरुराम रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने 108 संजीवनी एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को मदद पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही गंभीर रूप से घायल महिला ने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे दंतेवाड़ा जिले के लिए 22 अप्रैल का दिन खास होने जा रहा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर 22 अप्रैल को परिवार के साथ दंतेवाड़ा आ रहे हैं। गीदम ऑडिटोरियम में वे शिक्षकों और बच्चों से मिलेंगे। पनेड़ा ग्राउंड में वे बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे। साथ ही इंद्रावती नदी के तट पर बसे छिंदनार गांव भी जाएंगे।
जहां भी वे अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा न सिर्फ बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगा, बल्कि जिले में खेल संस्कृति को नई दिशा देने वाला साबित होगा। मास्टर-ब्लास्टर सचिन के दंतेवाड़ा दौरे को लेकर सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जहां वे बच्चों और शिक्षकों से सीधा संवाद करेंगे। खेल प्रतिभाओं का अवलोकन करेंगे और उन्हें मार्गदर्शन देंगे। इस दौरान छात्र-छात्राएं खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल का प्रदर्शन भी करेंगे।
पनेड़ा में वे निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन करेंगे और क्रिकेट भी खेलेंगे। जावंगा ऑडिटोरियम में वे शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे।
इस दौरे की खास बात यह है कि सचिन तेंदुलकर सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के साथ मैदान में उतरकर क्रिकेट खेलेंगे। परिवार की मौजूदगी इस दौरे को और खास बनाएगी, जिससे बच्चों को एक अलग तरह का जुड़ाव और प्रेरणा मिलेगी।
सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। जिले में 15 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। 25 स्कूलों, आश्रमों और पोटाकेबिन में खेल गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं।
सीमित जगह में मल्टी-यूज ग्राउंड विकसित किए गए हैं, जहां क्रिकेट के साथ अन्य खेल भी खेले जा सकते हैं। गीदम ब्लॉक के छिंदनार, कासोली, गुमड़ा, कारली, बांगापाल समेत कई स्कूलों में मैदान तैयार हो चुके हैं। जबकि दंतेवाड़ा ब्लॉक के चितालूर, मेंडोली, गोडरे, भांसी सहित अन्य स्थानों पर भी काम जारी है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जनता के लिए जरूरी खबर है. जहां जल्द ही छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन नंबर जारी होगा. जो 24 घंटे चालू रहेगा. इसमें राज्य का कोई भी व्यक्ति कॉल कर आपनी समस्या बताकर शिकायत कर सकता है. वहीं तय समय में अफसरों को शिकायत का निराकरण करना होगा. इसे लेकेर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी है.
छत्तीसगढ़ में जारी होगा CM हेल्पलाइन नंबर – विष्णु देव साय
आज जशपुर के लिए रवाना होने के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से बात की. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्प लाइन नंबर शुरू होगा. 24 घंटे लोग अपनी शिकायत दर्ज करा पाएंगें. सभी समस्याओं के समाधान का समय निर्धारित होगा. अगर समय पर समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी.
रायपुर। कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल की पहल पर शनिवार रात भगवान परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर आराध्य देव की भव्य महाआरती की गई। इस मौके पर सुमधुर भजनों की प्रस्तुति भी दी गई। इसमें भगवान परशुराम जयंती पर अलग-अलग क्षेत्र में आयोजन करने वाली दस संस्थाओं के पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सत्यनारायण शर्मा ,पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडेय , पूर्व महापौर प्रमोद दुबे , कांग्रेस नेता पंकज शर्मा प्रमुख रूप से शामिल हुए।
इस आयोजन की श्रृंखला में भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों पर अतिथियों ने प्रकाश डालते हुए इसे भव्य स्वरूप देने के लिए चर्चा की गई। इनकी मौजूदगी में आराध्य देव के कृतित्व पर विद्वान वक्ताओं द्वारा चर्चा की गई। कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा एवं सचिव राजकुमार दीक्षित ने कहा कि अगले साल भगवान परशुराम जी की महाआरती और शोभायात्रा का आयोजन सभी ब्राह्मण समाज द्वारा संयुक्त रूप से किया निर्णय लिया गया । कार्यक्रम के संयोजक जयशंकर तिवारी एवं संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजेश मिश्रा और विकास तिवारी ने किया ।
संयुक्त रूप से मनाई जाएगी जयंती
इस आयोजन के बीच ब्राह्मण समाज ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया कि आगामी वर्ष में आराध्य देव की जयंती संयुक्त रूप से मनाई जाएगी। इसमें अलग-अलग ब्राह्मण समाज से जुड़े लोग और पदाधिकारी शामिल होंगे। इस तरह का निर्णय इसलिए लिया गया, ताकि भगवान की आस्था में किए जाने वाले आयोजनों को गरिमामय स्वरूप दिया जा सके। इस मुद्दे को सभी ने सहमति देते हुए 2027 में जयंती उत्सव को महोत्सव का रूप देने की सहमति बनी। वहीं आयोजन के बीच अतिथियों ने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने पर जोर दिया।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, सचिव राज कुमार दीक्षित, सहसचिव प्रमोद कुमार मिश्रा, सहसचिव अनुराग पाण्डेय, कार्यक्रम संयोजक जयशंकर तिवारी, संरक्षक व पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय, पूर्व सचिव राजेन्द्र शुक्ला, पूर्व सचिव राघवेंद्र मिश्रा, वरिष्ठ सदस्य गिरजा शंकर दीक्षित, राज कुमार अवस्थी, प्रकाश अवस्थी, अशोक दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, प्रभात कुमार मिश्रा, दीपक तिवारी, विजय शुक्ला, सौरभ शुक्ला, रितेश अवस्थी, श्रीमती सुनयना मिश्रा, गौरव शुक्ला, संजय अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश मिश्रा, विकास तिवारी, राघवेन्द्र पाठक, लखनलाल बाजपेयी, प्रभात पाण्डेय, अभिषेक मिश्रा, महिला मंडल से श्रीमती प्रीति मिश्रा, श्रीमती सुधा शुक्ला, श्रीमती राधा तिवारी, श्रीमती आभा बाजपेयी, श्रीमती निशा पाण्डेय, श्रीमती शीतल मिश्रा, श्रीमती निशा अवस्थी, श्रीमती स्मिता बाजपेयी ,श्रीमती ऋचा (कामायनी)पाठक ,श्रीमती दीप्ति मिश्रा, डॉ. मीनाक्षी बाजपेयी, अजय बाजपेयी, इन्द्र कुमार तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, शिवराम अवस्थी, राकेश कुमार तिवारी, शशिकांत मिश्रा, अमित बाजपेयी, प्रभात मिश्रा सहित ब्राह्मण समाज की महिलाएं व विप्र जन शामिल हुए।
रायपुर । स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां आरम्भ हो गई है। 55 दिनों के लम्बे अवकाश में बच्चे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में समय व्यतीत करते हैं। ज्यादा समय मोबाईल में रील्स देखने में व्यतीत करते हैं , छुट्टियों में बच्चे समय का सदुपयोग करें व विरासत के संस्कारों को सहेजें ताकि बच्चों में सहनशीलता , धैर्य , अनुशासन , संस्कार व करुणा जैसे गुणों का विकास हो सके।
स्कूलों से बच्चों को 55 दिनों के लिए होमवर्क दिया जाता हैं। होमवर्क में नवीनता लाने जैन संवेदना ट्रस्ट ने " सहेजें अपने विरासत के संस्कारों को " विषय पर स्कूली टीचर्स के लिए कार्यशाला का आयोजन किया है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि वर्तमान परिवेश में अनुभव किया जा रहा है कि बच्चों में सहनशीलता , धैर्य की कमी देखी गई है। बच्चे सत्य से दूर भाग रहे हैं , वे अपना अधिकतम समय टी वी , मोबाईल , कम्प्यूटर में व्यतीत कर रहे हैं । एकाकी जीवन के कारण डिप्रेशन की स्थिति निर्मित हो रही है । बच्चों को इन विपरीत परिस्थितियों से उभारने जैन संवेदना ट्रस्ट ने अनूठा प्रोजेक्ट तैयार किया है व स्कूलों के माध्यम से कार्यशाला आयोजित कर टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है।
प्सिद्ध शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने वर्धमान द स्कूल , सन्तोषीनगर में आयोजित कार्यशाला में टीचर्स को 6 बिंदुओं का मंत्र दिया । जिसके आधार पर बच्चों को 55 दिनों के वेकेशन में प्रेक्टिकल कर प्रोजेक्ट लिखकर तैयार करना है । सर्वप्रथम दादा - दादी , नाना - नानी अथवा ऐसे वरिष्ठ परिजनों के साथ समय व्यतीत करना उनके अनुभव व संस्कारों को समझना उसके अनुसार प्रोजेक्ट बनाना है , इस संबंध में टीचर्स को जानकारी दी गई । प्रत्येक बच्चे को अपने माता पिता , बड़े भाई बहन व परिजनों के साथ अपने धार्मिक स्थल जाना , वहाँ के आत्मिक अनुभव को साझा करना है । मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने कार्यशाला में आगे बताया कि बच्चों को मोहल्ले के वरिष्ठजनों से परिचय बढ़ाना है , उनके अनुभव व्यवहार से सीखना है और अपना प्रोजेक्ट तैयार करना है । चोपड़ा ने आगे कहा कि बच्चों को पर्यावरण से जुड़कर जीवन जीना सीखना है , और अपने अनुभवों को प्रोजेक्ट के माध्यम से साझा करना है । बच्चों को अपने व्यवहार में दया , करुणा के गुणों का विकास कैसे हो इस दिशा में दैनिक जीवन में आचरण करना है , प्राणिमात्र के प्रति छोटी छोटी सहयोग की भावना रखते हुए कार्य करना और उन्हें प्रोजेक्ट के माध्यम से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना है। अपने परिजनों के साथ प्रेमभाव बना रहे व बढ़े इस हेतु दिन में एक समय का भोजन सभी साथ बैठकर करें , व आपस में सार्थक चर्चा करते रहें । कार्यशाला के माध्यम से टीचर्स को उपरोक्त प्रोजेक्ट के विषय में मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने विस्तार से समझाया जिससे टीचर्स आगामी 55 दिनों के लिये बच्चों को होमवर्क में उपरोक्त विषयों का समावेश कर सके । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करना है । जीवन में संस्कारों के महत्व को समझना व समझाना जरूरी है । शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने कहा कि संस्कार विरासत में मिलते हैं , बाज़ार से खरीदे नही जा सकते । इसी मूल वाक्य को कार्यशाला प्रोजेक्ट में समाहित किया गया है । अनेक स्कूलों में कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को प्रोजेक्ट बनाने होमवर्क दिया जावेगा । छुट्टियों के पश्चात पहली से बारहवीं तक की कक्षाओं में प्रथम द्वितीय व तृतीय प्रोजेक्ट्स को पुरस्कृत किया जावेगा ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा इस वर्ष भी निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह समारोह का आयोजन भव्य रूप में किया जाएगा। यह आयोजन 3 मई 2026, रविवार को वीआईपी चौक स्थित श्री राम मंदिर के वाल्मीकि हॉल में होगा, जिसमें 51 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा।
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल और महामंत्री संजय अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले वर्ष की सफलता के बाद इस बार आयोजन को और बड़े स्तर पर किया जा रहा है। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के शामिल होने की सहमति भी मिल चुकी है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। इस अवसर पर सियाराम अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, राजेश अग्रवाल मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, संपत अग्रवाल विधायक, सत्यनारायण शर्मा पूर्व मंत्री, मोतीलाल साहू विधायक, जयदेव सिंघल महेंद्र सेक्सरिया , राजीव अग्रवाल सीएसआईडीसी के अध्यक्ष, बृजलाल गोयल सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहेंगे।
आयोजन को सामाजिक समरसता, सहयोग और सेवा भावना का प्रतीक बताया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराना है।
आयोजकों के अनुसार, सभी जोड़ों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही पात्र जोड़ों को शामिल किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को ही इसका लाभ मिल सके।
विवाह समारोह में हर नवविवाहित जोड़े को लगभग 50 हजार रुपए तक की गृहस्थी सामग्री भी दी जाएगी। इसमें अलमारी, सूटकेस, मिक्सर ग्राइंडर, पंखा, आयरन, कपड़े, घड़ी, जेवर और रोजमर्रा के उपयोग के बर्तन सहित अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक सदस्यों की टीम अलग-अलग समितियों में काम कर रही है। आयोजकों का कहना है कि यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है, बल्कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे संदेश को भी मजबूत करती है।
यह आयोजन हर साल समाज में सहयोग और एकजुटता की मिसाल पेश करता है, और इस बार भी इसे बड़े उत्साह और सहभागिता के साथ आयोजित करने की तैयारी है।