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बड़ी खबर:  भिलाई सुपेला के नूर मस्जिद में मिले, दिल्ली की जमात में शामिल होकर आए 8 लोग, स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर किया गया विरोध

बड़ी खबर: भिलाई सुपेला के नूर मस्जिद में मिले, दिल्ली की जमात में शामिल होकर आए 8 लोग, स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर किया गया विरोध

रायपुर/भिलाई। इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां दिल्ली के निजामुद्दीन में हुई तब्लीगी जमात का कनेक्शन तमिलनाडु और केरल के बाद अब छत्तीसगढ़ पहुंच गया है। भिलाई के सुपेला स्थित नूर मस्जिद से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को ऐसे 8 लोग मिले हैं जो जमात में शामिल होने के बाद 7 मार्च को भिलाई आए थे। इसके बाद से ही मस्जिद में छिपे हुए थे। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो यहां जमकर विरोध किया गया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और सभी को क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया है।


जानिए पूरी खबर-
आपको बता दे की पुलिस को सोमवार देर रात सूचना मिली कि कुछ लाेग विदेश से आकर सुपेला की नूर मस्जिद में छिपे हैं। इस पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उनसे पूछताछ की गई ताे पता चला कि चार महिलाओं सहित ऐसे 8 लोग हैं, जो पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के हैं। यह सभी लोग 7 मार्च को आए थे। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें ले जाने लगी तो स्थानीय लाेगों ने हंगामा कर दिया। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सबको शांत किया बाहर से आए 8 लोगों को क्वारैंटाइन सेंटर भेजा।

बोलते रहे झूठ पर झूठ-
सुपेला स्थित नूर मस्जिद से मिले निजामुद्दीन में जमात में शामिल होकर लौटे पश्चिम बंगाल के लोग। पश्चिम बंगाल के शेख मेहर, शेख अताउद्दीन, मीर समजद अली, इस्माइल शेख, अनसुरा बीबी, आसमा बीबी, अंजू बीबी और खुदने बीबी को क्वारैंटाइन सेंटर में भेजा गया है। पूछताछ में भी यह लोग झूठ बोलते रहे। पहले बताया कि 3-4 फरवरी को निजामुद्दीन में हुई जमात में शामिल हुए थे। बाद में कहा कि 12 फरवरी को उसमें गए थे। वहीं इन लोगों ने यह भी कहा कि हमने खुद को कहा सेल्फ क्वारैंटाइन किया था। फिलहाल, पुलिस ने पांच सदरों को नोटिस जारी किया है।
 
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कोरोना से मौतें हुई तो इसके जिम्मेदार होंगे नक्सली- डॉ अभिषेक पल्लव

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कोरोना से मौतें हुई तो इसके जिम्मेदार होंगे नक्सली- डॉ अभिषेक पल्लव

दंतेवाड़ा। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा कि भारत के माओवादियों के संबंध चीन और नेपाल से हैं। बस्तर के माओवादी लीडर अंडर ग्राउंड होकर नेपाल आना-जाना करते है। जिससे नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस महामारी से यदि मौतें हुई तो इसके जिम्मेदार नक्सली होंगे। नक्सल संगठन इस देश में एक एसी प्रतिबंधित संस्था है, जिसका मानवता से कोई संबध दूर-दूर तक नही है। लेकिन मानवाधिकार आयोग की आड़ लेकर पुलिस और सुरक्षा बलों पर आरोप लगाने में पिछे नही रहती है।   

दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा कि यदि एक भी नक्सली में कोरोना वायरस के लक्षण पॉजिटिव पाए जाते हैं तो इसका असर भोले-भाले आदिवासियों पर पड़ सकता है, जो बहुत ही चिंता का विषय है। इसे देखते हुए कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए उनके हित के बारे में सोचना चाहिये। नक्सलियों द्वारा एनआरसी के विरोध में एक अप्रैल को दंडकारण्य बंद का ऐलान करने को लेकर एसपी पल्लव ने कहा कि देश जहां इतनी बड़ी त्रासदी से जूझ रहा है, जिसके चलते पूरे देश लॉकडाउन के साथ धारा 144 धारा लगी हुई है, बावजूद इसके ग्रामीणों की सुरक्षा के बारे में न सोचते हुए देश मे बंद के बाबजूद इस बन्द का ऐलान किया जा रहा है, यह नक्सलियों के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। नक्सली सिर्फ  ग्रामीणों में मौत के आतंक का भय फैलाकर गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 
राजधानी के कालीबाड़ी अस्पताल में कोरोना एलर्ट, जाने पूरी खबर

राजधानी के कालीबाड़ी अस्पताल में कोरोना एलर्ट, जाने पूरी खबर

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के लिए एक ओर लॉकडाउन किया गया है, वहीं अस्पतालों में भी आवश्यक सेवाएं लेने वाले मरीजों को सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी के कालीबाड़ी अस्पताल में भी सुरक्षात्मक उपायों के तहत सावधानियां बरती जा रही हैंढ्ढ बिना हाथ साबुन से साफ किए मरीजों को अंदर ओपीडी में भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। 

अति आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं को ही चालू रखा गया है लेकिन सामान्य सेवाओं को लॉकडाउन तक बंद रखा गया है। कोविड-19 वायरस संक्रमित व्यक्ति से एक स्वस्थ्य व्यक्ति में फ़ैल सकती है इसलिए आवश्यक सावधानियां और हाथ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोरोनावायरस के संक्रमण काल के ऐसे समय में जरूरी सावधानियां बरतते हुए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को गेट पर ही रोककर उन्हें साबुन से हाथ की सफाई कराई जा रही है। बिना हाथ साफ किए उन्हें अस्पताल में प्रवेश नहीं कराया जा रहा । हाथ धोने के बाद मरीजों और उनके परिजनों को मास्क लगाने या रूमाल, कपड़े से अपना मुंह ढंक कर ही अस्पताल में प्रवेश दिया जा रहा है। 

ऐसे कर रहे प्रेरित-  
- नियमित रूप से साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोते रहने।
- आंख, मुंह या नाक पर हाथ लगाने से बचने।
-  लोगों से निश्चित दूरी बनाकर रखने।
- खांसने या छींकने से पहले मुंह पर हाथ, टिश्यू या रुमाल रखने।
- प्रसव के लिए आने वाली महिला और उनके संबंधियों को हाथ साफ रखने की सीख। 
- लेबर रूम में कोविड़-19 के लिए प्राप्त गाइडलाइन का पूर्णत: पालन करने। 
- स्तनपान के लिए माता को प्रोत्साहित कर मास्क लगाने की सलाह।
- वायरस सर्विलेंस (वायरस से प्रभावितों वाले स्थानों) वाले क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का विशेष ध्यान देना। उनमें कोरोना के लक्षण देखे जा रहे और यदि कोई संदेहास्पद लगता है तो उसे कोविड़-19 की जांच की सलाह देना। 

- पेरीनेटल ट्रांसमिशन (प्रसव कालीन संक्रमण) ना हो इसके लिए दिए गए दिशानिर्देशों का विशेष ध्यान देना।

- अगर मां कोविड-19 संक्रमित है तो बच्चे से स्वत: अलग रखे जाने के लिए प्रेरित करने। 
- यदि मां के कोविड-19 संक्रमित का है तो उससे बच्चे को विशेष सावधानी बरतने के लिए प्रोत्साहित करना आदि।

सामान्य टीकाकरण भी टालें- सिविल सर्जन डॉ. रवि तिवारी के अनुसार कालीबाड़ी अस्पताल में विशेष सावधानी के तहत ओपीडी के मुख्य द्वार के पास एक वॉश बेसीन लगाकर यहां पहुंचने वाले लोगों को पहले हाथ धुलाकर ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। सामान्य इमरजेंसी सेवा के तहत ओपीडी लगाई जा रही है। पहुंचने वाले मरीजों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग कायम करते हुए चौकोर खंड बनाकर उन्हें प्रवेश और स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा नियमित टीकाकरण के लिए पहुंचने वाले जच्चा-बच्चा को संक्रमण काल के ठीक होने पर उक्त टीके लगाए जाने यानि लॉकडाउन के दौरान नियमित टीकाकरण को टालने का अपील की जा रही है।

अत्यंत आवश्यक हो तभी आएं अस्पताल- लोगों से यह अपील की गई है कि यदि बहुत आवश्यक हो तभी इस दौरान अस्पताल पहुंचे। साथ ही मरीज के साथ एक या दो लोगों को ही अस्पताल आने की अनुमति दी जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिला के साथ भी सिर्फ दो लोगों को ही आने की अनुमति दी जा रही है। ताकि अस्पताल में अतिरिक्त भीड़ ना इक_ी हो और सोशल डिस्टेंसिंग नियम कायम रहे। 
12 वर्षीय बच्ची की अस्पताल में अचानक हुई मौत, गले में दर्द और सांस लेने में हो रही थी परेशानी

12 वर्षीय बच्ची की अस्पताल में अचानक हुई मौत, गले में दर्द और सांस लेने में हो रही थी परेशानी

दंतेवाड़ा। जिले के गीदम नगर में 12 वर्षीय बच्ची की गले में दर्द और सांस लेने में हो रही तकलीफ के चलते सुबह ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां बच्ची की आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले बच्ची को कोई परेशानी नहीं थी। मौत की असल वजह सामने नहीं आई है, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। बच्ची की मौत गले में दर्द और सांस लेने की तकलीफ से होने पर कोरोना के लक्षण के संदेह से हड़कंप मच गया है। 

गीदम नगर के वार्ड क्रमाक 02 निवासी मृतक बच्ची के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक परिजनों ने बताया कि उसे किसी प्रकार का बुखार या सर्दी नहीं था। बीती रात बच्ची आरसी आत्राम (12 वर्ष) सबके साथ खाना खाकर सो गई। सुबह करीब 03 बजे उसने अपनी माँ को बताया कि उसके गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही है, परिवार वाले कुछ समझ पाते तब तक बच्ची को सांस लेने में बहुत ही ज्यादा परेशानी होने लगी। बच्ची की बिगड़ती हालात को देखते हुए परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची के शव को पोस्ट मॉर्डम के लिए रखा गया है। 

  लॉक डाउन के दौरान बिना अनुमति राजधानी रायपुर में चिकन बेचने वाला गिरफ्तार, लोगो ने लूट ली सारी मुर्गी

लॉक डाउन के दौरान बिना अनुमति राजधानी रायपुर में चिकन बेचने वाला गिरफ्तार, लोगो ने लूट ली सारी मुर्गी

रायपुर। लॉक डाउन के दौरान गांधी मैदान कालीबाड़ी से वाहन क्रमांक सीजी 08 एएम 0334 का वाहन चालक द्वारा धारा 144 का उल्लंघन कर खुलेआम मूर्गा वाहन खड़ी कर भीड़ लगाकर उल्लंघन किया गया। उक्त मामले में कोतवाली थाने ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला कायम किया है। 

आपको बता दे की फिर अचानक से लोगो की भीड़ फ्री की मुर्गी लेने के लिए उमड़ पड़ी| बच्चो के साथ महिलाएं भी मुर्गियों को झोले में भर कर लेजाते नजर आये|  
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने लिखा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को पत्र, जाने क्या कुछ है खास

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने लिखा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को पत्र, जाने क्या कुछ है खास

 रायपुर। खबर मिल रही है की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के संबंध में एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों के छात्रों के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने को कहा है। 


जानिए क्या है पत्र में- 
उन्होंने पत्र में लिखा है कि इस समय देश एवं प्रदेश नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के कारण उत्पन्न महामारी एवं विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। सम्पूर्ण प्रदेश को लॉकडाउन किया जा चुका है। नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के विस्तार को रोके जाने हेतु यही एकमात्र साधन है इसके लिए राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर मिल कर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

सोशल डिस्टेसिंग एकमात्र प्रभावी उपाय-
बता दे की राज्यपाल ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग को एकमात्र प्रभावी उपाय बताया है और कहा है कि हाथों को नियमित रूप से धोना एवं सेनेटाईज किये जाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा है,-मैं चाहूंगी कि सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्रों को, कुलपति होने के नाते विश्वविद्यालय से संबंद्ध सभी छात्र-छात्राओं सहित सभी प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को कोरोना वायरस कोविड-19 के रोकथाम के लिए मैसेज, ई-मेल, आदि के माध्यम से भेज कर अपील करें और इस लॉकडाउन की स्थिति में शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों एवं गाईडलाईन के पालन हेतु जागरूक करें।

-राज्यपाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय द्वारा यह भी प्रयास किया जाए कि न केवल छात्र-छात्राओं को स्वयं इसका पालन करना है अपितु छात्र-छात्राओं के माध्यम से दूसरों को भी नियमों का पालन कराने के लिए प्रेरित किया जाए। इस कार्य में आधुनिक संचार सुविधाओं जैसे व्हाट्सएप्प, एस.एम.एस, ईमेल आदि के माध्यम से जनजागृति के लिए प्रयास किया जाए।

-राज्यपाल ने कहा है कि नोबेल कोरोना वाइरस कोविड-19 से बचाव एवं इसके विस्तार को रोकने के लिए हम सभी को मिलकर यथासंभव प्रयास किया जाना होगा तभी इस महामारी से बचने में सफलता प्राप्त हो सकती है। उन्होंने आशा जताई है कि विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं के माध्यम से आमजनों में जागरूकता लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
 
मछली पकडऩे गए दो युवकों की गाज गिरने से मौत, दूसरे दिन मिली परिजनों को खबर

मछली पकडऩे गए दो युवकों की गाज गिरने से मौत, दूसरे दिन मिली परिजनों को खबर

कांकेर। जिले के कोरर थाना अन्तर्गत ग्राम पंचायत तेलावट में गाज गिरने से मछली पकडऩे गये दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी जानकारी परिजनों को दूसरे दिन मिली। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी केन्द्र में हमाली व चौकीदारी का काम करने वाले ग्राम तेलावट के युवक रोहीदास खरे पिता जैतराम खरे उम्र 35 वर्ष व सीताराम भोयना पिता बिरझू राम भोयना उम्र 23 वर्ष ये दोनों 29 मार्च की शाम को बिना बताये गांव के ही तालाब में मछली पकडऩे गये थे। वहीं गरज चमक के साथ हुई बारिश में फंस गए इसी दौरान गाज गिरने से दोनों युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रात्रि में जब दोनों युवक नहीं पहुंचे तब खोजबीन की गई लेकिन उस दिन कुछ पता नहीं चला पाया। सोमवार की दोपहर को ग्रामीणों ने परिवार के सदस्य को इन दोनों युवकों के शव तालाब की मेड़ मिलने की सूचना दिया, जिसके बाद इसकी सूचना ग्राम के सरपंच व कोटवार के माध्यम से कोरर थाने मे दी गई।  कोरर थाने से स्टाफ मौके पर पहुंच कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए धनेली कन्हार लाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।
 कटघोरा के सिद्धिविनायक  ट्रेडिंग कम्पनी में छापा, ट्रेडिंग कम्पनी हुई सील

कटघोरा के सिद्धिविनायक ट्रेडिंग कम्पनी में छापा, ट्रेडिंग कम्पनी हुई सील

कोरबा। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिये लागू लॉकडाउन के दौरान आवष्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्धारित मात्रा में आम लोगों तक सुनिश्चित करने शासन-प्रशासन गम्भीर है। राशन, दवाईयों, सब्जियों आदि अति आवष्यक चीजों की कालाबाजारी और अवैध भण्डारण को रोकने के लिये लगातार कार्यवाही की जा रही है। सोमवार को कटघोरा के नवागांव स्थित सिद्धिविनायक ट्रेडिंग कम्पनी में तहसीलदार रोहित सिंह ने अपनी टीम के साथ छापामार कार्यवाही की। इस दौरान उन्होंने कम्पनी में अवैध रूप से भण्डारित 125 क्विंटल शक्कर और 25 क्विंटल गुड़ पकड़ा। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान अति आवश्यक वस्तुओं का इतनी अधिक मात्रा में अवैध भण्डारण कर कालाबाजारी करने तथा उॅंचे दामों पर बेंचकर मुनाफाखोरी की सम्भावना पर कम्पनी संचालक के विरूद्ध कटघोरा थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही तहसीलदार ने ट्रेडिंग कम्पनी को सील कर दिया है। संचालक हिमांशु अग्रवाल के पास इतनी अधिक मात्रा में भण्डारित शक्कर और गुड़ के कोई वैध दस्तावेज, बिल, रसीद आदि नहीं पाये गये हैं। इस कार्यवाही के दौरान कटघोरा नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी  जे.बी. सिंह सहित खाद्य अधिकारी, मण्डी प्रभारी एवं स्थानीय पटवारी भी मौजूद रहे।
होम क्वारेंटाईन किए गए लोगों पर रखें विशेष निगरानी: डीजीपी

होम क्वारेंटाईन किए गए लोगों पर रखें विशेष निगरानी: डीजीपी

रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज सभी आईजी और जिलों के एसपी में साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि होम क्वारेंटाईन किए गए लोगों पर विशेष निगरानी रखें, साथ ही ऐसे लोगों से फोन पर चर्चा कर स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहें। फिक्स पिकेट और पेट्रोलिंग पर लगे कर्मचारियों के बारे में पता करते रहें जिससे वे अनुकूल माहौल में ड्यूटी कर सकें। अवस्थी ने पुलिस अधीक्षकों को कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा विदेश यात्रा से लौटे लोगों की सूची बनाना, कोरोना प्रभावित देशों से वापस लौटे यात्रियों पर विशेष निगाह रखने, बीट सिस्टम से प्रतिदिन चेकिंग के निर्देश दिए गए, साथ ही पुलिस अधीक्षकों को आवश्यकतानुसार वन, आबकारी, परिवहन के वर्दीधारी बल का उपयोग करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एडीजी हिमांशु गुप्ता, आईजी रायपुर रेंज डॉ आनंद छावड़ा, डीआईजी ओपी पाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना की रोकथाम के लिए दिए 2.20 करोड़, जाने पूरी खबर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना की रोकथाम के लिए दिए 2.20 करोड़, जाने पूरी खबर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं राहत के लिए अपने सहायता कोष से राज्य के 11 जिलों को 2 करोड़ 20 लाख की राशि प्रदान की है। कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, बलरामपुर, मुंगेली, कोरिया एवं कबीरधाम जिले को मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रदत्त 20-20 लाख रूपए की राशि से कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम के लिए आवश्यक संसाधन, सामग्री एवं राहत की व्यवस्था की जाएगी। 
दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग को हैवान ने बनाया अपने हवस का शिकार, आरोपी मौके से फरार

दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग को हैवान ने बनाया अपने हवस का शिकार, आरोपी मौके से फरार

जांजगीर। जांजगीर के अकलतरा थाना के अकलतरी गांव से एक दिल-दहला देने वाली घटना सामने आ रही है जहां एक हैवान ने दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग को अपने हवस का शिकार बना लिया|

जानिए पूरी खबर-
आपको बता दे की दुष्कर्म जैसे अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी नाबालिग है, जानकारी के मुताबिक आरोपी नाबालिग की उम्र तकरीबन 15 वर्ष है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बता दे की नाबालिग से  दुष्कर्म जैसे घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस जुट चुकी है|
 
रायपुर रेल मंडल ने बनाया आइसोलेशन-क्वारेंटाइन वार्ड, पढ़े पूरी खबर

रायपुर रेल मंडल ने बनाया आइसोलेशन-क्वारेंटाइन वार्ड, पढ़े पूरी खबर

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में रेलवे चिकित्सालय विभाग द्वारा कोरोना वायरस, कोविड-19 को लेकर सतर्कता एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है । रायपुर रेल मंडल के चिकित्सालय में आने वाले मरीजों के इलाज को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है । एक आइसोलेटेड फीवर क्लीनिक बनाया गया है। जिसमें बुखार से सम्बंधित व्यक्तियों की अलग जांच की जाती है, इनका ब्लड टेस्ट किया जाता है और आपात स्थिति एवं परिवार की विदेश की हिस्ट्री होने पर एम्स रेफ र किया जा रहा है।

रायपुर रेल मंडल ने अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों फ ील्ड स्टाफ सभी को कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं एवं उनका पालन हो रहा है लॉक डाउन की स्थिति में केवल अति आवश्यक कार्य जैसे मालगाड़ी परिचालन, कंट्रोल रूम सिगनलिंग, रेलवे ट्रैक एवं मालगाड़ी मेंटेनेंस से संबंधित कार्यों को ही कराया जा रहा है इसमें लगे स्टाफ को सैनिटाइज एवं मास्क उपलब्ध कराए हैं। 

कॉलोनियों में प्रतिदिन आवश्यकतानुसार कीटनाशक छिड़काव किए जा रहे हैं रेलवे चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड एवं 24 घंटे आपातकालीन कक्ष बनाया गया है। रेलवे चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ को  वेंटिलेटर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई है रायपुर रेल मंडल में लगभग 200 क्वारेंटाइन बेड बनाये जा रहे है । 23  क्वारेंटाइन बेड रेलवे सुरक्षा बल बैरैक में एवं 30 बेड इंजीनियरिंग कॉलोनी खारून में 25 बेड बीएमबाय भिलाई में, एवं दुर्ग, दल्लीराजहरा में भी क्वारेंटाइन बेड बनाने की तैयारी है, सभी कार्यों को सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए किया जा रहा है।

लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में मालगाड़ी परिचालन सुचारू रहे के लिए अति आवश्यक है संबंधित कर्मचारी रेल कर्मचारी उनके परिजन स्वस्थ रहें उनके स्वास्थ्य को लेकर रेल प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारी की है रेलवे मंडल चिकित्सालय के मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर कॉलोनियों में स्वच्छता को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग को रखते हुए कार्यों को अंजाम दे रहे हैं जिसमें नियमित रूप से कि जाने वाली सफाई, कार्यालयों, रेलवे कॉलोनियों, कंट्रोल रूम रनिंग रूम में ब्लीचिंग पाउडर, सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है।
होम आईसोलेशन में रखे एक युवक मामला नहीं थे कोरोना के लक्षण, पत्नी की मृत्यु के बाद से रहता था विचलित

होम आईसोलेशन में रखे एक युवक मामला नहीं थे कोरोना के लक्षण, पत्नी की मृत्यु के बाद से रहता था विचलित

धमतरी जिले के वनांचल सिहावा क्षेत्र के ग्राम टांगापानी के 35 वर्षीय गनपत मरकाम ने आज सुबह बजरंग तालाब के किनारे पेड़ पर गमछा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पिता सगराम मरकाम ने थाने में जाकर इसकी सूचना दी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक तमिलनाडु में बोरगाड़ी में काम पर गया हुआ था और हाल ही में 20 मार्च को वापस लौटा। चूंकि दूसरे राज्य से लौटा था इसलिए उसे स्वास्थ्य विभाग के अमले ने 22 मार्च को स्वास्थ्य जांच कर घर में रहने की सलाह दी थी। उसका नियमित जांच सुबह 8 बजे के आस पास 29 मार्च तक किया गया और उसे सर्दी, खांसी, बुखार के कोई लक्षण नहीं थे। पिता ने बताया कि मृतक की पत्नी का एक वर्ष पहले देहांत हो चुका है और उनका पुत्र साथ नहीं रहता। मृतक के भाई संपत ने बताया कि 30 मार्च की सुबह 7 बजे वह बजरंग तालाब के पास पेड़ पर गमछा से फांसी बनाकर आत्महत्या कर लिया। पंचनामा में ग्रामीणों ने बताया है कि पत्नी की मृत्यु के बाद से वह काफी गुमसुम रहता था और शराब का सेवन भी करता था। 20 मार्च से शराबबंदी के बाद से और अधिक विचलित रहने लगा था। उसका घर पर किसी से लड़ाई झगड़ा नहीं हुआ था, वह गुमसुम ही रहता था। 

फिर बदला मौसम का मिजाज: भारी बारिश के साथ बढ़ा कोरोना वायरस का खतरा, आगामी 24 घंटो में हो सकता है ये

फिर बदला मौसम का मिजाज: भारी बारिश के साथ बढ़ा कोरोना वायरस का खतरा, आगामी 24 घंटो में हो सकता है ये

 रायपुर| मौसम में आय दिन हो रहे परिवर्तन से लोगो को कई मुश्किलों का सामना करना पढ़ रहा है इसके साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है ऐसे में स्वास्थ विभाग पहले से ज्यादा अलर्ट हो गए है।


जानिए पूरी खबर-
बता दे कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की ओर से आ रही ठंडी हवाओं के चलते हवा में नमी प्रतिशत तेजी से बढ़ा है। यही वजह है कि बेमौसम बारिश हो रहे हैं। रविवार को दिनभर सुबह आसमान में तेज धूप खिली रही, शाम 4:00 बजे मौसम ने अचानक अंगड़ाई लिया और काली घटाएं छा गई। देर शाम 7:30 बजे मेरे चमक के साथ करीब 10 मिनट तक बारिश हुई ऐसे थोड़ी देर के लिए लोगों को गर्मी और उमस जरूर राहत मिली, लेकिन रात होने ही उमस बढ़ गई। दिन का अधिकतम तापमान जहां 32 डिग्री सेंटीग्रेड रहा वही रात का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया है। इस तरह दिन और रात के तापमान में 8 डिग्री सेंटीग्रेड का अंतर आया है। मौसम विज्ञानिक की माने तो एक ट्रफ रेखा केरल के मध्य महाराष्ट्र होते हुए छत्तीसगढ़ तक बनी हुई है। जिसके चलते मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है बताया गया है कि अगले 24 घंटे में प्रदेश के विभिन्न जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। उधर बेमौसम बारिश होने से मौसम काफी सर्द-गर्म हो गया है। ऐसे में वायरल फियर का संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है असली एहियात बरतने को कहा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने  किया अलर्ट-
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में यदि नमी बनी रही तो कोरोना का संक्रमण पर अंकुश लगा पाना मुश्किल होगा। ऐसे में यह मौसम लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि कोरोना वायरस नमी वाले स्थानों में काफी देर तक रह सकता है। ऐसे में बारिश होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को और ज्यादा अलर्ट रहने के लिए कहा है।
 
विदेश से लौटने वालों में 52 प्रवासी भारतीय कवर्धा के, जाने पूरी खबर

विदेश से लौटने वालों में 52 प्रवासी भारतीय कवर्धा के, जाने पूरी खबर

रायपुर/कवर्धा। देश में इन दिनों कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। देश में इस समय 1173 कोरोना वायरस के मरीज पाजीटिव पाए गए हैं, वहीं अब तक मिली जानकारी के अनुसार 27 मरीजों की मौत हो चुकी है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के कबीरधाम (कवर्धा) जिले 54 प्रवासी भारतीय लंदन, दुबई और रूस से वापस लौटे हैं। वहीं 4400 लोग अन्य राज्यों से कबीरधाम जिले में पहुंच चुके हैं। प्रशासन द्वारा कबीरधाम पहुंचे सभी 54 एनआरआई के प्राथमिक उपचार के लिए परीक्षण आदि की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा कलेक्टर रायपुर की देख-रेख में की गई है। 
कोरोना वाइरस संक्रमण रोकने पॉवर कंपनी ने उठाये एहतियाती कदम, जाने क्या कुछ है खास

कोरोना वाइरस संक्रमण रोकने पॉवर कंपनी ने उठाये एहतियाती कदम, जाने क्या कुछ है खास

कोरबा। महामारी का रूप ले रहे कोरोना वाइरस के संक्रमण से बचने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य शासन के दिशानिर्देशानुसार पॉवर कम्पनीज में भी एहतियाति उपाय सर्वोच्च प्राथमिकता से उठाये गये हैं। जन-जन से जुड़ी बिजली की सतत् आपूर्ति की अनिवार्यता और उपभोक्ताओं की विद्युत विषयक समस्याओं के निदान हेतु मैदानी अमले को मुस्तैद किया गया है। विद्युत गड़बड़ी के निदान की शिकायत दर्ज कराने, विद्युत देयकों का भुगतान ऑन लाईन करने पर जोर दिया गया है। उपभोक्ता इस हेतु  मोर बिजली ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें। इस एप को कोई भी उपभोक्ता गूगल प्ले स्टोर में जाकर नि:षुल्क डाउनलोड कर सकता है जिसे सीएसपीडीसीएल मोर बिजली या मोर बिजली लिखकर सर्च करके इंस्टाल किया जा सकता है। उक्त जानकारी पावर कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क श्री विजय मिश्रा ने दी।

आगेश्री विजय मिश्रा ने बताया कि एक बार मोबाईल पर डाउनलोड करने के उपरांत इस एप के माध्यम से उपभोक्तागण घर बैठे बिजली संबंधी 12 विविध सुविधाओं का लाभ कभी भी किसी भी समय सहजता से ले सकते हैं। वर्तमान परिस्थिति में यह ऐप उपभोक्ताओं के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री विजय मिश्रा ने  बताया कि कोरोना वाइरस के फैलाव को रोकने के लिये पॉवर कंपनी द्वारा कैश कलेक्शन काउंटर और एटीपी से नकद भुगतान को भी 31 मार्च20 तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पॉवर कंपनी मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को हिदायत दी गई है कि आगामी आदेश तक आगन्तुकों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाये। कैश कलेक्शन सेंटर अथवा एटीपी के बंद रहने से विद्युत देयकों का भुगतान नियत तिथि तक नहीं कर पाने वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं को किसी प्रकार के सरचार्ज के बिना 15 अप्रेल20 तक विभिन्न माध्यमों से भुगतान करने की सुविधा दी गई है।

विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के निदान हेतु प्रदेश भर में स्थित पॉवर कंपनीज के सभी शिकायत केन्द्र चौबीस घण्टे चालू रहेंगे। इसी तरह पॉवर कंपनी के केन्द्रीकृत कॉल सेंटर के फोन नंबर 1912 पर कभी भी किसी भी समय उपभोक्ता हिन्दी, अंग्रेजी सहित छत्तीसगढ़ी में भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पॉवर कंपनी प्रबंधन की ओर से उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिये खेद व्यक्त करते हुये कोरोना वायरस की आपदा की घड़ी में विशेष सहयोग करने की अपील की गई है।
बालको के प्रभारी रेंजर को नोटिस जारी, जाने क्या है पूरा मामला

बालको के प्रभारी रेंजर को नोटिस जारी, जाने क्या है पूरा मामला

कोरबा। लॅाक डाउन में सरकारी वाहन से सपरिवार सतरेंगा जाना एक रेंजर को उस समय महंगा पड़ गया, जब ग्रामीणों ने उन्हें बेरियर में रोक दिया और अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इतना ही नहीं उनका एक वीडियो भी वायरल कर दिया। इस मामले में डीएफओ ने उन्हे शोकास नोटिस जारी किया है और जवाब देने को कहा है।

जानकारी के अनुसार बालको के प्रभारी रेंजर गत दिवस लॉक डाउन के दौरान अपने परिवार के साथ शासकीय वाहन पर सवार होकर सतरेंगा पहुंचे थे। जब ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी तो उन्हें बेरियर पर ही रोक लिया और पिकनिक स्पॉट में प्रवेश नहीं करने दिया। उल्टा ग्रामीणों ने उनका वीडियो वायरल कर दिया। वीडियो के सार्वजनिक होने पर डीएफओ गुरूनाथ एन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी रेंजर को शोकास नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डीएफओ के अनुसार नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए सीसीएफ कार्यालय बिलासपुर भेजा जाएगा। इस संबंध में बालको के प्रभारी रेंजर ने बताया कि सतरेंगा में वन विभाग की ओर से हाल ही में पेड़-पौधे लगाए गए हैं। कोरोना वायरस व लॉकडाउन के चलते लेबरों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसकी वजह से पेड़-पौधे सूख रहे थे। इसकी जानकारी डिप्टी रेंजर द्वारा दिए जाने पर वे अपने स्टाफ के साथ देखरेख के लिए सतरेंगा पिकनिक स्पॉट जा रहे थे। ग्रामीणों ने इसे परिवार समझकर विरोध किया और कार्य में बाधा डालने की कोशिश की।
 कोरोना कहर: श्री राजराजेश्वरी माँ अम्बिका विश्वनाथ मंदिर नवागांव मंदिरहसौद ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किए एक लाख रूपए

कोरोना कहर: श्री राजराजेश्वरी माँ अम्बिका विश्वनाथ मंदिर नवागांव मंदिरहसौद ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किए एक लाख रूपए

आरंग। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए राज्य शासन द्वारा चलाए रहे बचाव कार्य में सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ के प्राचीनतम और सिध्द श्री राजराजेश्वरी माँ अम्बिका विश्वनाथ मंदिर नवागांव मंदिरहसौद ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रूपए की राशि प्रदान किया है। मंदिर कमेटी की ओर से मंदिर प्रमुख बालमुकुंद अग्रवाल, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्राणाधार अग्रवाल और कोषाध्यक्ष रामलखन अग्रवाल ने आज कमिटी के सदस्यों के साथ आरंग में मुख्यमंत्री राहत कोष के नाम से एक लाख रुपये का चेक अनुविभागीय अधिकारी विनायक शर्मा को सौपा।
इस अवसर पर रामकुमार गुप्ता, दिनेश साहू पंकज अग्रवाल सुशील गोस्वामी वीरेंद्र वर्मा सहित कमेटी के सदस्य उपस्थित थे। ज्ञात हो कि इस प्राचीन मंदिर में बाबा विश्वनाथ की विशाल शिवलिंग स्थापित है साथ मे मां राजराजेश्वरी मां अम्बिका भी विराजमान हैं। भैरव बाबा की भव्य प्रतिमा के साथ साथ नृसिंगनाथ और दस महाविद्या के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त यहां आते है।
 
 निजी स्कूलों के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर, कलेक्टर ने जारी किया कुछ आदेश, जाने क्या कुछ है खास

निजी स्कूलों के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर, कलेक्टर ने जारी किया कुछ आदेश, जाने क्या कुछ है खास

रायपुर| कलेक्टर और शिक्षा विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है जिसमे निजी स्कूल प्रबंधन को अपने सभी कर्मचारियों को वेतन देने के अलावा किसी भी शिक्षक एवं कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं करने कहा गया है| आपको बता दे की कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित किया है| स्कूल संचालक के स्कूल संचालन के लिए ही खोले गए बैंक खातों में उपलब्ध राशि को अन्य खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर को रोकने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर से कार्रवाई करने कहा है|

आदेश का पालन नही करने पर स्कूल की मान्यता खत्म-
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल प्रबंधन के अलावा लीड बैंक मैनेजर को वाट्सएप के जरिए संदेश देने कहा गया है| इसके अलावा निजी स्कूल संचालकों को ताकिद किया गया है कि जो इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है|
 होम आईसोलेशन में रखे एक युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, बेंगलुरु से लौटा था युवक

होम आईसोलेशन में रखे एक युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, बेंगलुरु से लौटा था युवक

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र से एक खबर सामने आ रही है जहां होम आईसोलेशन में रखे एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है| पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने जाँच में जुट गई है| 

जानिए पूरी खबर-
खबर मिल रही है की सिहावा थानांतर्गत ग्राम टाँगापानी निवासी 35 वर्षीय गनपत मरकाम बोरवेल्स मशीन में काम कर रहा था इसी सिलसिले में वह कुछ दिनों से बेंगलुरु गया हुआ था काम खत्म होने पर वह 20 मार्च को ही बेंगलुरु से अपने गांव वापस लौटा था| अन्य राज्य से लौटने के कारण कोरोना की वजह से शासन के नियमानुसार उसे होम आइसोलेशन पर रखा गया था लेकिन होम आइसोलेशन में रखे होने के बावजूद वह घरवालों से यह कहकर बाहर घूमने-फिरने निकल जाता था कि उसे कुछ भी नहीं हुआ है इस तरह युवक का घर के बाहर गांव में आना जाना लगा रहता था| बता दे की इसी बीच गनपत की लाश आज सुबह गांव के तालाब के पास सीताफल पेड़ में फांसी पर लटकी मिली| इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है| सूचना मिलते ही सिहावा पुलिस मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव का पंचनामा करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए चीरघर पहुंचाया दिया गया है, फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन ओम आइसोलेशन में रखे युवक द्वारा इस तरह के आत्मघाती कदम उठाए जाने से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं| पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है|
लॉकडाउन में गुटका, जर्दा सामग्री होम डिलवरी करते राजधानी रायपुर से एक पकड़ाया

लॉकडाउन में गुटका, जर्दा सामग्री होम डिलवरी करते राजधानी रायपुर से एक पकड़ाया

रायपुर। भारत मे इन दिनों सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 21 दिनों का लाकडाउन की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान भी नशे की लत के शिकार लोग दुकानदारों के लिए कमाई का जरिया बन रहे हैं। प्रदेश में अनावश्यक वस्तुओं की बिक्री पूरी तरह बैन है ऐसे में गुटखा के लत से परेशान लोगों ने नया तरीका अपना लिया है| उन्होंने तस्करों से संपर्क किया और राशन व सब्जी के बहाने गुटखा का भी होम डिलेवरी करवाना शुरू कर दिया है| राजधानी रायपुर में सोमवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया है|

राजधानी रायपुर में लॉकडाउन के बीच उन लोगों की स्थिति बेहद खराब है, जो नशे के आदि हैं खास तौर पर वो लोग जो गुटखा खाते हैं| ऐसे में इन्हें बेचने वाले शातिर तरीके भी निकाल रहे हैं। सब्जियों या राशन का सामान जैसे झोले में जर्दा भरकर ले जाने की कोशिश लोग कर रहे हैं। रायपुर के जयस्तंभ चौक में एक व्यक्ति सेवाराम साहू पुलिस को इसी तरह चकमा देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने जब इस व्यक्ति का राशन बैग शक के आधार पर पूरा चेक किया तो उसमें जर्दा और तम्बाखू के बड़े पाउच निकले।
राज्य की विभिन्न जेलों से छोड़े गए 390 कैदी, जानिए पूरी खबर

राज्य की विभिन्न जेलों से छोड़े गए 390 कैदी, जानिए पूरी खबर

 रायपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के हेतु राज्य की विभिन्न जेलों से अब तक कुल 390 कैदियों को छोड़ा जा चुका है। जिनमें से 302 कैदियों को अंतरिम जमानत पर, 79 कैदियों को पैरोल पर और 9 कैदियों को सजा पूरी करने पर विभिन्न जेलों से छोड़ा गया है। 


उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु जेलों में कैदियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया था। जिससे जेलों में बंद कैदियों में कोरोना वायरस का खतरा कम किया जा सके। इसी क्रम में 29 मार्च तक इन कैदियों को कुछ शर्तों के अधीन अंतरिम जमानत और पैरोल पर छोड़ा गया है।
लॉक डाउन : आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम का भी लिया जायजा

लॉक डाउन : आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम का भी लिया जायजा

रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज लाकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न एवं सब्जियों की उचित मूल्य में उपलब्धता का जायजा लेने स्वयं राजधानी रायपुर की सड़कों पर निकले।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रावणभाटा स्थित अन्तर्राज्यीय बस स्टैंड के पास सब्जी विक्रेताओं एवं खरीददारों से बातचीत कर सब्जी के दाम एवं विक्रय की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री ने बूढा तालाब के पास इंडोर स्टेडियम में खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाए गए 24&7 कंट्रोल रूम का जायजा लिया।  इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मुश्किल होता है घरों में रहना लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगो से कहा कि अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, अन्यथा अपने घरों में रहे। राज्य सरकार आम जनता तथा जरूरतमंद लोगों को मदद और राहत पहुंचाने दिनरात जुटी हुई है।
 
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में, बेहतर प्रबंधन-प्रशासनिक कुशलता से जीता जाएगा जंग

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में, बेहतर प्रबंधन-प्रशासनिक कुशलता से जीता जाएगा जंग

रायपुर | छत्तीसगढ़ में कोरोना के खिलाफ चल रहे जंग को सफलता मिलती दिख रही है। राज्य शासन के बेहतर प्रबंधन  और प्रशासनिक कुशलता  के चलते कोरोना का संक्रमण काफी हद तक नियंत्रण में है।  

आदिवासी बहुल राज्य होने के बाद भी समय पूर्व प्रबंधन से छत्तीसगढ़ राज्य विकसित राज्यों के लिए एक उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। प्रदेश के शहरी सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में कोरोना के खिलाफ दिखाई दे रही जन जागरूकता काबिले तारीफ है। इस कामयाबी की वजह प्रदेश में लिए गए त्वरित निर्णय और प्रशासनिक दक्षता है। 
प्रदेश में समय रहते ही अपनी सीमाओं को सील करने सहित कई जरूरी फैसले लिए गए यही वजह है कि राज्य में कोरोना नियंत्रण की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। केंद्र से बेहतर समन्वय के साथ ही महामारी के नियंत्रण के लिए हर मोर्चे पर कुशलता से कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कोरोना के संक्रमण का  पहला पॉजिटिव मामला सामने आते ही राज्य में लॉक डाउन के निर्देश जारी कर दिए।
इसके साथ ही सोशल डिस्टेनसिंग के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। कोरोना के खिलाफ जंग में लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जनता से हाथ जोड़कर घर लौटने की अपील की। मुख्यमंत्री के बैनर पोस्टर जिसमें लिखा है 'घर लौटिए', सभी चौक चौराहों पर लगाये गए। मुख्यमंत्री की जनता से यह भावनात्मक अपील काफी कारगर साबित हुई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जन जागरूकता के लिए कई पहल किये गए हैं। छोटे छोटे स्लोगन्स के विडियो बनाये गए, जिन्हें वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से शेयर किया गया। ये विडियो स्थानीय बोलियों में बनाये गए ताकि आमलोग ज्यादा कनेक्ट हो सकें। जन जागरूकता के लिए किए गए उपायों का असर ये हुआ कि बस्तर तक के जनजाति स्थानीय स्तर पर संक्रमण से बचाव के उपाय ढूंढे। बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर जिलों के आदिवासियों ने कोरोना का संक्रमण रोकने पेड़ों के पत्तों के मास्क बना कर लगाए। वहीं, प्रदेश के कई गांवों के ग्रामीणों ने गांव के बाहर बैरियर लगाकर खुद को सीमित करने के साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश को वर्जित कर दिया।  शहर से लेकर गांव तक कुशल प्रबंधन से जन जागरूकता दिखाई दे रही है। शहर में होर्डिंग, पोस्टर, विडियो के जरिये वहीं गांवों में मुनादी तथा घर घर जाकर लोगों को कोरोना के लक्षण, बचाव की जानकारी दी जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों की अपील पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सोशल डिस्टेनसिंग को लेकर की जा रही पहल भी नजर आ रही है। राशन दुकानों के बाहर गोल घेरा बनाकर लोग सामग्री खरीद रहे हैं। वहीं सब्जी मंडियों में भी उचित दूरी का ध्यान रखा जा है। सब्जी और राशन की घर पहुंच सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किये हैं। इस नंबर के माध्यम से जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं। 
वहीं इस विपदा की घड़ी में मुख्यमंत्री, मंत्री से लेकर सभी अधिकारी कर्मचारी मुस्तैदी से अपने कत्र्तव्य के निर्वहन में जुटे हैं। दिन में दो बार कैबिनेट की बैठकों के साथ ही विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जानकारी जुटा कर स्थिति पर नियंत्रण रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिलों में हालात की समीक्षा कर रहे हैं। सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रदेश का जनसंपर्क विभाग सरकार के जारी हो रहे निर्देशों के साथ ही दी जारी सुविधाओं की जानकारी देने व इसके प्रचार प्रसार में दिन रात जुटा हुआ है। प्रदेश में प्रशासन की सजगता और सतर्कता से महामारी के खिलाफ जंग कारगर साबित होती दिख रही है। वर्तमान में राज्य में समुदाय स्तर पर कोरोना के संचरण का प्रमाण नहीं मिला है। वहीं राज्य में कोरोना संक्रमण की पहली मरीज के स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। इस महामारी के रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा यूनीसेफ की टीम भी आवश्यक सहयोग कर रही है। कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य सर्विलेंस इकाई की टीम कांटेक्ट ट्रेसिंग, सेम्पल टेस्टिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए लगाई गई है। प्रदेश में महामारी के नियंत्रण के लिए बेहतर रणनीति का असर शहर से लेकर ग्रामीणों अंचलों तक नजर आ रहा है।
हजारों परिवारों को भोजन : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ - साथ केंद्र से भी लगातार सम्पर्क बनाए हुए हे। सोशल मीडिया में झारखंड मुख्यमंत्री की अपील पर , उन्होंने तत्काल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में झारखंड के सेकड़ो मज़दूरों को ना केवल झारखंड पहुँचाया , उनके भोजन की समुचित व्यवस्था भी की । छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में कोई भूखा ना सोये इसके लिए लॉक डाउन के दौरान हजारों जरूरत मंद परिवारों तक नि:शुल्क खाद्यान्न सामग्री प्रदान की जा रही है। जिसमें चावल, दाल, तेल मसाला सहित अन्य सामग्री शामिल है। इसके अलावा प्रदेश के बाहर से आये सभी मजदूरों को रहने की व्यवस्था के साथ ही खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। अन्य राज्यों से पलायन कर रहे मजदूरों को दूसरे राज्यों से समन्वय कर उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों को पलायन कर रहे मजदूरों के स्वास्थ्य जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। 
बॉलीवुड ने भी की सराहना : राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री की फ़ोटो वाला एक बैनर लगा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सीएम  भूपेश बघेल की फोटो वाले बैनर पर कोरोना वायरस को लेकर जागरूक किया गया है। साथ ही उसपर लिखा है 'घर लौटिएÓ। सीएम के इस बैनर का कायल बॉलीवुड भी हो गया है। मशहूर फिल्ममेकर ने इस बैनर की फोटो के साथ एक ट्वीट कर सराहना की है।
(रायपुर) सीएम की पहल पर श्रमिकों को उपलब्ध कराई गई ६८ लाख की त्वरित सहायता राशि  
रायपुर, ३० मार्च (आरएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त और जरूरतमंद श्रमिकों की सहायता के लिए अनेक उपाए किए गए हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर २४ घंटे संचालित हेल्पलाईन नम्बर ०७७१-२४४३८०९ और ९१०९८-४९९९२ में प्राप्त ४१३ सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जरूरतमंद श्रमिकों को अब तक ६८ लाख रूपए की सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के श्रमिकों को उनके प्रबंधकों के माध्यम से उनके खातों में १५ लाख रूपए एडवांस वेतन भी दिलाया गया है। श्रम विभाग द्वारा २ हजार ९५७ जरूरतमंद श्रमिकों तक २१४ किलो चावल और १० किलो दाल भी पहुंचाया गया है। इस पहल से राज्य में स्थित विभिन्न कारखाना प्रबंधकों और ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों के लिए राशन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए करीब ५७ लाख रूपए की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। श्रम विभाग के हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर श्रमिकों की समस्याओं को पंजीबद्ध कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है। रायगढ़ में श्रमिकों को १५ दिन के वेतन के बराबर एडवांस में १४ लाख ३९ हजार ५५० रूपए और कोरबा जिले में श्रमिकों को ६० हजार रूपए एडवांस सेलरी नियोजक द्वारा दिलवाया गया है।  श्रम विभाग के निरीक्षण टीम द्वारा विभिन्न कारखानों का निरीक्षण कर श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखे जाने के लिए परामर्श एवं निर्देश दिए जा रहे हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कारखानों एवं निर्माणाधीन भवनों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति के संबंध में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में निरीक्षण के पश्चात श्रमिकों के भोजन आदि के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा रायपुर जिलें के रांवाभाठा, सिलतरा, उरला, बोरझरा, जरवाय स्थित कारखानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा कारखाना प्रबंधन को श्रमिकों के पर्याप्त राशान-पानी उपलब्ध कराने, मास्क का उपयोग करने लोगों के बीच पर्याप्त दूरी बनाये रखने तथा इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया। वहीं बलौदाबाजार जिले के रवान-हिरमी में कारखाना प्रबंधन को सभी ठेका एवं नियमित श्रमिकों को माह मार्च का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए, जहां कारखाना प्रबंधन द्वारा जल्द वेतन भुगतान करने का आश्वासन अधिकारियों को दिया गया। गरियाबंद जिले में लाईवलीवुड कॉलेज में कार्यरत श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर ही भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है। जिला धमतरी में कारखाना बंद है। महासमुन्द जिले के बेलसोंडा, बिरकोनी के कारखाना प्रबंधन को कारखाना परिसर के अंतर्गत निवासरत राज्य के बाहर के श्रमिकों के रहने एवं खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के चाम्पा, महुदा, अमझर सहित रायगढ़ जिले के कारखानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यरत समस्त श्रमिकों एवं कर्मचारियों को मास्क पहनने, सेनेटाईजर का उपयोग करने, साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही कारखाने के अंदर आने-जाने वाले निकटवर्ती गांवों में गरीब लोगों को खाने का पैकेट आदि वितरण की स्थिति का भी जायजा लिया। श्रमिकों के १५ दिन का वेतन पहले ही उनके खातों में जमा किया गया है। कारखाना के अंदर आने-जाने वाले श्रमिकों तथा कर्मचारियों का थर्मल मशीन द्वारा परीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। बस्तर (जगदलपुर) जिले के नगरनार में श्रमिकों के लिए पर्याप्त राशन आदि उपलब्ध कराने आदि निर्देशित किए गए हैं। दंतेवाड़ा जिले में कारखाना बंद है। इसी प्रकार अधिकारियों द्वारा सरगुजा जिले के तुर्रापानी, लखनपुर और चिकलीहीडीह तथा उदयपुर, दुर्ग जिले के रसमड़ा, जामुल, बेमेतरा जिले के कुसमी, करेली, पिरदा और कवर्धा जिले के पण्डरिया, कवर्धा के कारखानों का भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान श्रमिकों के लिए पेट्रोल एवं भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ मास्क और सेनेटाईजर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जारी नियमानुसार सामाजिक दूरी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।
 
राज्य के विभिन्न जिलों में विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने के खिलाफ 33 प्रकरण दर्ज, पढ़ें पूरी खबर

राज्य के विभिन्न जिलों में विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने के खिलाफ 33 प्रकरण दर्ज, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर | लॉक डाउन, क्वारनटाईन उल्लंघन व विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने पर पुलिस अब सख्त हो गया है। राज्य पुलिस ने सभी जिलों में इस तरह के मामलों की पड़ताल की तथा विभिन्न जिलों की पुलिस ने अपने-अपने यहां इस तरह के अपराध दर्ज कर  लिया है। 

सूत्रों ने बताया कि विदेश यात्रा की जानकारी छिपाने के मामले में जहां राजधानी रायपुर में 1, गरियाबंद में 2, धमतरी में 1, महासमुंद 1, बलौदाबाजार में 3, दुर्ग में 6, बेमेतरा में 1, बालोद में 1, बिलासपुर में 5, मुंगेली में 1, रायगढ़ में 1, जांजगीर-चाम्पा में 1, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 1, सरगुजा में 1, कोरिया में 1, सूरजपुर में 2, बस्तर में 1,  कोंडागांव में 2, बीजापुर में 1 अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।