रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस ने शून्यकाल में इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव लाया, लेकिन आसंदी द्वारा प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने पर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।
शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘जी राम जी’ योजना की तुलना पहले की मनरेगा व्यवस्था से करते हुए कहा कि पुरानी व्यवस्था ज्यादा बेहतर थी। उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं है और न ही यह कांग्रेस का मंच है, बल्कि यह जनता का मंच है। उन्होंने कहा कि सदन का समय कीमती है और विपक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर रणनीति बनाकर आया है।
इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने नारेबाजी करते हुए सदन में जमकर हंगामा किया, जिससे माहौल गरमा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसंदी ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि यह सिर्फ नीति का नहीं, बल्कि नियत का भी सवाल है और यह सीधे तौर पर गरीबों से जुड़ा मामला है, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस विधायक कवासी लखमा समेत अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए चर्चा की मांग दोहराई।
हालांकि आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिससे नाराज विपक्षी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच सोमवार रात मौसम ने अचानक करवट बदली। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। इस दौरान कई इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को भीषण उमस से राहत मिली है।
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार देर रात हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। रायपुर के बाहरी इलाकों में ओले गिरने से मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया है।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। सोमवार को राजनांदगांव 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने आज के लिए भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है। रायपुर समेत कुछ जिलों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
रायपुर का हाल
राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से भारी मात्रा में नगदी रकम बरामद की है। कोमाखान पुलिस ने टेमरी नाका में चेकिंग के दौरान ओडिशा से रायपुर की ओर जा रही एक होंडा कार से 75 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। नगदी के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने कार, मोबाइल और नगदी सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र अंतर्गत टेमरी नाका में पुलिस द्वारा नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान खरियार रोड ओडिशा की ओर से आ रही सफेद रंग की होंडा कार क्रमांक ओडी 05 पीबी 2122 को रोककर जांच की गई। कार में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम महाप्रज्ञ जैन और राजेंद्र महानंद निवासी जिला बलांगीर ओडिशा बताया।
तलाशी के दौरान कार की बीच वाली सीट में रखे नीले रंग के बैग से 500-500 रुपये के नोटों के 150 बंडल मिले, जिनकी कुल राशि 75 लाख रुपये निकली। पूछताछ में महाप्रज्ञ जैन ने बताया कि यह रकम सोना-चांदी के व्यापार के लिए कांटाबांजी से रायपुर ले जाई जा रही थी।
हालांकि नगदी के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने दंड प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करते हुए 75 लाख रुपये नगद, एक होंडा कार और एक मोबाइल फोन सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 12वां दिन चल रहा है। आज प्रश्नकाल में सीएम विष्णु देव साय, मंत्री टंक राम वर्मा और केदार कश्यप जवाब देंगे। वहीं वित्तमंत्री ओपी चौधरी पत्रों को पटल पर रखेंगे। विधायक कुंवर सिंह निषाद, ललित चंद्राकर ध्यानाकर्षण लगाएंगे।
विधायक विक्रम मंडावी, लता उसेंडी, उद्देश्वरी पैकरा याचिकाओं की प्रस्तुति देंगे। डिप्टी सीएम विजय शर्मा धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक और मंत्री टंक राम वर्मा, ओपी चौधरी शासकीय विधि विषयक कार्य प्रस्तुत करेंगे।
वहीं सीएम साय के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। वित्तमंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक का पुनःस्थापन करेंगे।
पेंड्रा। मार्च महीने की शुरूआत होते ही तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। जिसे देखते हुए स्कूलों के संचालन का समय बदल दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि, आज यानी 16 मार्च से सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होंगे।
बता दें कि, ये आदेश प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की कक्षाओं के लिए है। इसमें शासकीय और अशासकीय दोनों तरह के स्कूल शामिल हैं। इस संबंध में आदेश सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को भेज दिया गया है।
बताया गया कि, यह आदेश जिले के सभी शासकीय स्कूलों के साथ-साथ अशासकीय स्कूलों पर भी लागू रहेगा। हालांकि बोर्ड परीक्षाएं और मूल्यांकन कार्य इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता, संसदीय परंपराओं और संस्थागत मर्यादा के प्रति गहरी आस्था का सशक्त उदाहरण बताया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल एक संसदीय प्रक्रिया का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा सर्वोपरि है। सदन में जिस स्पष्टता, गंभीरता और विवेक के साथ माननीय सदस्यों ने अपना मत व्यक्त किया, उससे यह पुनः स्थापित हुआ है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति देश की लोकतांत्रिक चेतना अत्यंत परिपक्व है।
उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के उपरांत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सदन को जिस संतुलित, विचारपूर्ण और गरिमामय ढंग से संबोधित किया गया, वह अत्यंत प्रेरक है। अध्यक्ष पद की निष्पक्षता, संसदीय नियमों की सर्वोच्चता और संसद की गौरवशाली परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक ढांचे में ही नहीं, बल्कि हमारी दीर्घ बौद्धिक और नैतिक परंपरा में भी निहित हैं, जहाँ शासन और सार्वजनिक जीवन को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने की कल्पना की गई है।
उन्होंने भारतीय संसदीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में विट्ठलभाई पटेल ने अपने आचरण से यह स्थापित किया था कि अध्यक्ष का पद केवल कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सदन की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और गरिमा का प्रतीक होता है। उन्होंने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर नियमों और परंपराओं की रक्षा का जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसने भारतीय संसदीय जीवन में अध्यक्ष पद की निष्पक्षता की स्थायी परंपरा स्थापित की।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संविधान सभा की बहसों में भी लोकतंत्र के इन आदर्शों को अत्यंत गंभीरता और दूरदृष्टि के साथ अभिव्यक्त किया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान कितना भी उत्कृष्ट क्यों न हो, यदि उसे संचालित करने वाले लोग उसके प्रति निष्ठावान नहीं होंगे, तो वह सफल नहीं हो सकेगा। यही दृष्टि आज भी हमारे संसदीय आचरण के लिए मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में भी अनेक अवसर ऐसे आए हैं, जब लोकतांत्रिक परिपक्वता का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। प्रथम लोकसभा के गठन के समय श्री जी.वी. मावलंकर ने अध्यक्ष पद की गरिमा पर बल देते हुए कहा था कि अध्यक्ष का आसन किसी दल या व्यक्ति का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि पूरे सदन की सामूहिक चेतना और विश्वास का प्रतीक होता है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह असहमति को स्थान देता है, विविध विचारों का सम्मान करता है और संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग खोजता है। संसद इसी लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जहाँ व्यक्त प्रत्येक विचार देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श और संस्थागत गरिमा के उन आदर्शों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिन पर भारतीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा आधारित है।
डॉ. रमन सिंह ने ओम बिरला को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लोकसभा संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती रहेगी।
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर–विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
ED ने यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया था। विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में हरमीत सिंह खनुजा और अन्य के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

खैरागढ़ :- खैरागढ़ जिले के छूईखदान क्षेत्र में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब उदयपुर स्थित राजपरिवार के पैलेस में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान ने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. साथी जवानों ने उसे खून से लथपथ हालत में पाया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृत जवान की पहचान कृपाचंद सोनवानी (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन में पदस्थ था और मूल रूप से भिलाई का निवासी था. घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच की बताई जा रही है. इस घटना की पुष्टि पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव सोमावार ने की है.
दरअसल, पूर्व विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद से राजपरिवार में चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते प्रशासन ने उदयपुर पैलेस और खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को सील कर रखा है. दोनों परिसरों की सुरक्षा के लिए सीएएफ के जवानों की तैनाती की गई है और अलग-अलग शिफ्ट में उनकी ड्यूटी लगाई जाती है. बताया जा रहा है कि सोमवार को भी सामान्य दिनों की तरह कृपाचंद सोनवानी अपनी ड्यूटी पर मौजूद था. साथियों के मुताबिक वह कुछ समय से तनाव में दिखाई दे रहा था, लेकिन इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया. इसी बीच शाम के वक्त अचानक गोली चलने की तेज आवाज से पैलेस परिसर में हड़कंप मच गया. साथी जवान जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि कृपाचंद सोनवानी जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ है. उसने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद पर फायर कर लिया था. आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
छुट्टी से लौटने के अगले ही दिन उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के अनुसार कृपाचंद सोनवानी रविवार को ही छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि घरेलू या निजी कारणों के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया. हालांकि मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट या अन्य ठोस सुराग बरामद नहीं हुआ है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है. मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में डीआईजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर गृह मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आपको बता दें कि अभी संतोष सिंह छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के पद पर पदस्थ हैं। उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को मंजूरी देते हुए गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि उन्हें जल्द से जल्द नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रिलीव किया जाए।
गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश
गृह मंत्रालय मंत्रालय की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आईपीएस संतोष सिंह को तत्काल प्रभाव से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी ग्रहण करने के लिए रिलीव किया जाए। सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अर्धसैनिक बल है।
नशे के खिलाफ ‘निजात अभियान’ से मिली पहचान
आईपीएस संतोष सिंह अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण अभियानों के लिए जाने जाते हैं। विशेष रूप से अवैध नशे के खिलाफ चलाए गए उनके ‘निजात अभियान’ ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हासिल की थी। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था।इस अभियान के प्रभाव और सफलता को देखते हुए संतोष सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया गया था। उन्हें आईएससीपी अवार्ड से नवाजा गया था, जो अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को दिया जाता है।
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गैस की किल्लत को लेकर प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। एक दो दिन में गैस की आपर्ति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई वास्तविक कमी नहीं है। इस संबंध में फैल रही बातें केवल पूरी तरह से अफवाह हैं।
उन्होंने बताया कि दो जहाज ईरान से इंडिया के लिए रवाना हो चुके हैं और संभावना है कि वे एक-दो दिनों में पहुंच जाएंगे। इसके बाद आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार किसी भी स्थिति में लोगों को परेशान नहीं होने देगी। यदि कहीं थोड़ी बहुत कमी दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कर लिया जायेगा।
किल्लत की परेशानी को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम साय ने कहा कि विपक्ष के कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से जनता में और ज्यादा अफवाहें फैल रही हैं। वास्तविकता ये है कि राज्य में गैस की कोई किल्लत नहीं है।
छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ खाद्य विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। राज्य में 700 से ज्यादा सिलेंडरों को जब्त किया गया है। कई गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। इस वजह से आम जनता को परेशानी हो रही है। गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं, तो सर्वर डाउन होने के कारण लोगों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।
यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बाप-बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। दोनों की लाश शनिवार सुबह किराए के महान में मिली। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरु कर दी है। आर्थिक तंगी और बिमारी से परेशान होकर आत्महत्या की आशंका जताई गई है। यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
कोतवाली थाना क्षेत्र भोईपारा में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बाप और बेटे की लाश किराए के मकान में मिली। पास में ही जहर की शीशी भी पड़ी मिली। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने आर्थिक तंगी और बिमारी से परेशान होकर आत्महत्या की है। फिलहाल पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।
क्यों उठाया आत्मघाती कदम ?
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान अरूण टंडिया (70) और पंकज टंडिया के रूप में हुई है। 6 महीने पहले अरूण की पत्नी की मौत हो गई थी, जिसके बाद से दोनों भोईपारा में किराए के मकान में अकेला रहते थे। वहीं पंकज भी मानसिक रूप से कमजोर था और अरूण भी ज्यादा उम्र के कारण घर पर ही रहते थे। ऐसे में वे दोनों आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा ?
शुक्रवार को लोगों ने पंकज को टिफिन सेंटर से खाना लाते हुए देखा था। इसके बाद सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों ने जब शक के आधार पर दरवाजा खोलने की कोशिश की तो नहीं खुला, इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोला और बाप-बेटे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने आज 16 मार्च को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही गरज-चमक के साथ वज्रपात और बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की भी संभावना है।
राजनांदगांव में पारा 40 के पार
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई।
प्रदेश में आज के लिए पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। साथ ही कहीं-कहीं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम
रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
जशपुर जिले में अगले 3 घंटे के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने जशपुर जिले के लिए सुबह 07:19 बजे से 10:19 बजे तक येलो अलर्ट जारी किया है। जिले में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
रायपुर, 16 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में धान खरीदी और उसके उठाव में हो रही देरी का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। इस दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए किसानों को हो रही परेशानियों और धान के नुकसान का मामला उठाया।
प्रश्नकाल में विधायक रामकुमार यादव ने कृषि साख समितियों के प्रासंगिक व्यय की राशि पर रोक और धान उठाव में देरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि समय पर धान का उठाव नहीं होने के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खुले में पड़े धान को बारिश और अन्य कारणों से नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
रामकुमार यादव ने सक्ती जिले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य का धान चूहों द्वारा खराब कर दिया गया। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार खाद्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर रिसाइक्लिंग की आशंका के कारण धान के उठाव को अस्थायी रूप से रोका गया था। उन्होंने बताया कि सक्ती जिले में अब तक 47.41 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है, जबकि लगभग 3.61 लाख क्विंटल धान का उठाव अभी बाकी है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि शेष धान का उठाव मार्च माह से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
हालांकि, जब रामकुमार यादव ने दोबारा पूछा कि चूहों से खराब हुए धान के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या नहीं, तो मंत्री ने सीधे तौर पर कार्रवाई की घोषणा नहीं की और दोहराया कि सरकार धान उठाव की प्रक्रिया जल्द पूरी कराएगी।
मामले में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि क्या विभाग के पास धान की रिसाइक्लिंग की शिकायतें आई थीं और यह मामला किन-किन स्थानों पर सामने आया है। उन्होंने कहा कि 17 तारीख को धान खरीदी बंद करने की बात सामने आई थी, जबकि असली समस्या तो रिसाइक्लिंग के बाद पैदा होती है।
इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने स्पष्ट किया कि 17 तारीख को धान खरीदी बंद नहीं हुई थी, बल्कि धान के उठाव से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई थी।
बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि धान उठाव और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए ताकि किसानों को स्पष्ट स्थिति पता चल सके। इस पर विधानसभा की आसंदी ने भी सुझाव दिया कि समितियों में सूचना बोर्ड लगाकर यह बताया जाए कि किस कार्य के लिए कितनी राशि दी जा रही है।
खाद्य मंत्री ने इस सुझाव से सहमति जताते हुए कहा कि समितियों में बोर्ड लगाकर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसानों को पारदर्शी तरीके से पूरी जानकारी मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की क्षति न हो।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026” का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह प्रतियोगिता 25 मार्च से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। राज्य के तीन प्रमुख स्थानों रायपुर, बस्तर (जगदलपुर) और सरगुजा में इसके मुकाबले खेले जाएंगे।
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 2500 खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। आयोजन में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती जैसे कई प्रमुख खेल शामिल किए गए हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। यह आयोजन देश में पहली बार हो रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिलने की उम्मीद है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ सरकार ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
सरकार ने एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया है। इन विशेष इकाइयों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फैल रहे नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करना और नेटवर्क को तोड़ना होगा।
सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों पर कानून का शिकंजा कसा जाएगा। इसके साथ ही पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति भी तैयार की गई है।
प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्रवाई करेंगे, ताकि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पांच राज्यों के चुनाव को लेकर बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,कहा बीजेपी हर चुनाव के लिए हमेशा तैयार
रायपुर- देश के पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय जमता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हर सुख-दुख में देश की जनता के साथ खड़ी रहती है और जनता का विश्वास ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश के पांचों राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारी मजबूत है और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में जुटे हुए हैं।
फिंगेश्वर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध मंदिर घटारानी में देर रात यहां भीषण आग लग गई। इस आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।
लाखों का स्टॉक जलकर हुआ राख
प्राप्त जानकारी के अनुसा, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुँच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना तत्काल फिंगेश्वर थाना पुलिस को दे दी गई है। पूरी तरह से बर्बाद हो चुके दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों ने शासन और प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है।
कोरिया। जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है।
रायपुर। माँ बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ में आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विशेष रेल व्यवस्थाएं करने का फैसला किया है। यह मेला 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के अस्थायी ठहराव, कुछ ट्रेनों के मार्ग विस्तार और एक विशेष मेमू पैसेंजर ट्रेन चलाने की घोषणा की है। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक 68742/68741 गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन को अस्थायी रूप से रायपुर तक बढ़ाया जाएगा। वहीं 68729/68730 रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर का विस्तार गोंदिया तक किया जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 06886/06885 डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार नवरात्रि मेले के दौरान कुछ दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों का डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव भी दिया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी हो सके। इन व्यवस्थाओं से नवरात्रि के दौरान यात्रा करने वाले भक्तों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है।
मुख्यमंत्रीसाय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक,धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से आराम कर रही हैं। दुर्ग जिले के गनियारी गांव स्थित अपने पैतृक घर में रह रही 78 वर्षीय तीजन बाई फिलहाल बेडरेस्ट पर हैं। उनकी सेहत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार को डॉक्टरों की टीम उनके गांव पहुंची और नियमित स्वास्थ्य जांच की।
जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से थोड़ा कम है और भोजन कम लेने की वजह से शरीर में कमजोरी भी महसूस हो रही है। डॉक्टरों ने परिजनों को उनकी डाइट बढ़ाने और विशेष देखभाल करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति पहले की तुलना में बेहतर बताई जा रही है।
एहतियात के तौर पर चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर स्थित एम्स में मेडिसिन, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराने की सलाह दी है। साथ ही उनकी शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए फिजियोथेरेपी भी कराई गई। भिलाई-3 स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. शिखर अग्रवाल के अनुसार, तीजन बाई की हर दो महीने में एम्स में नियमित जांच होती है और पिछली बार उनका चेकअप 5 फरवरी को हुआ था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके अस्पताल में भर्ती होने और हालत गंभीर होने की खबरें अफवाह हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उनकी स्थिति स्थिर है। बताया गया कि वर्ष 2024 में उन्हें पैरालिसिस का अटैक आया था। वहीं नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने पर जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी की सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में शामिल हैं। अपनी सशक्त आवाज और विशिष्ट प्रस्तुति शैली से उन्होंने इस लोककला को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई है। कपालिक शैली की प्रमुख गायिका के रूप में वे अब तक करीब 17 देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।
रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज बीरगांव नगर निगम में 55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने बीरगांव में आयोजित कार्यक्रम में 21 करोड़ 40 लाख रुपए के नए कार्यों की घोषणा भी की। साव ने नागरिक सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने आज बीरगांव नगर निगम के व्हाट्स-एप चैटबॉट सेवा का शुभारंभ किया। इसमें नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे तथा आवश्यक सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश योजना के तहत चेक सौंपकर उन्हें नए घर की बधाई दी। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को भी चेक प्रदान किए।

कार्यक्रम में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान के लिए स्वच्छता दीदियों को सम्मानित भी किया गया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू और महापौर नंदलाल देवांगन भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीरगांव नगर निगम को आज 55 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात मिली है। जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और सरकार की प्रतिबद्धता से ही विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बंजारी मंदिर चौक से बस स्टैंड होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 7 करोड़ 40 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जल्दी ही यह कार्य शुरू होगा। साव ने उरकुरा में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 5 करोड़ रुपए, सड़क और नाली निर्माण के लिए 2-2 करोड़ रुपए तथा बीरगांव में अन्य विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।

साव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 2500 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन के साथ तेजी से विकास के कार्य हो रहे हैं। हमने ही बीरगांव को नगर निगम बनाया है और हम ही इसे संवारने का काम भी कर रहे है। बीरगांव नगर निगम के सभापति कृपा राम निषाद, नेता प्रतिपक्ष ओमप्रकाश साहू, योगेश साहू और भागीरथी साहू के साथ एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।





















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