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धरसींवा के सरोना में 100 बिस्तर वाले नवीन अस्पताल का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार

धरसींवा के सरोना में 100 बिस्तर वाले नवीन अस्पताल का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार

 00 प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल आज विकासखंड धरसींवा अंतर्गत सरोना, रायपुर में 100 बिस्तर वाले नवीन अस्पताल भवन के निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अस्पताल के स्थापित होने से क्षेत्र के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल के निर्माण से आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उन्हें दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में लगातार नए स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से मिल सकें। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नए अस्पतालों के निर्माण एवं सुविधाओं के विस्तार से आमजन को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा।

प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर महापौर मीनल चौबे, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वालों पर की जाए कड़ी कार्यवाही- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वालों पर की जाए कड़ी कार्यवाही- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 ०-केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए सीवरेज सफाई का कार्य 

०-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित 

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।  मुख्यमंत्री साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्रीसाय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीडि़त वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।  इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की। बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया। बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक  पुन्नूलाल मोहले,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिवबसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है, हालांकि अभी भी अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया जा रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले चार दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पहले अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी, इसके बाद फिर 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना है। यानी फिलहाल मौसम स्थिर नहीं रहने वाला है।

मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि 18 और 19 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज मौसम गतिविधियों की आशंका जताई है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि मध्य और ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। यही सिस्टम प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ा रहा है, जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थितियां बन रही हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने बीजापुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुंगेली और नारायणपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.4°C दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16.5°C रायपुर के माना एयरपोर्ट में दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 37°C और न्यूनतम 19°C रहने का अनुमान है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और शाम के समय बारिश या गरज-चमक की संभावना है।

CG – प्रेम विवाह का खौफनाक अंजाम : पत्नी ने मायके से रिश्तेदारों को बुलाकर पति को उतारा मौत के घाट, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

CG – प्रेम विवाह का खौफनाक अंजाम : पत्नी ने मायके से रिश्तेदारों को बुलाकर पति को उतारा मौत के घाट, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

 जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत देखने को मिला है। जहां पत्नी ने मायके वालों को बुलाकर पति की पिटाई कर दी। घटना में घायल पति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक और आरोपी महिला का छह माह पहले ही प्रेम विवाह हुआ था। पुलिस ने हत्या के आरोप में आरोपी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

जानिए पूरी घटना

दरअसल, प्रार्थिया पार्वती बाई 55 वर्ष, निवासी ग्राम प्रेमनगर केराडीह थाना नारायणपुर ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके तीन बेटे है। सभी की शादी हो चुकी है। उसका सबसे छोटा बेटा मृतक सुनील राम ने 6 माह पूर्व थाना कांसाबेल के ग्राम ढेंगुर जोर की रहने वाली मीरा बाई 22 वर्ष से प्रेम विवाह किया था।

प्रार्थिया भी अपने छोटे बेटे के साथ ही रहती थी। इसी दौरान 1 मार्च दिन रविवार को उसका बेटा मृतक सुनील राम घर में आया और बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी व पत्नी के रिश्तेदारों के द्वारा मारपीट की और पत्नी अपने रिश्तेदारों के साथ वापस चली गई है।

घटना के दो दिन बाद सुनील कुमार ने दम तोड़ दिया गया। रिपोर्ट पर थाना नारायणपुर में अपराध दर्ज कर शव का डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टर के शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शरीर में आई चोट की बजह से होने की पुष्टि हुई। धारा 103(1),190 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया संदिग्ध आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पांच आरोपी गिरफ्तार

मीरा बाई उम्र 20 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छ ग।

मुनिया बाई उम्र 38 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छ ग।

मीना बाई उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम सराई टोली, थाना बगीचा जिला जशपुर छ ग।

पुष्पा बाई उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम टांगर बहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छ ग।

शंकर राम उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम टांगर बहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छ ग। को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के द्वारा आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। मृतक की पत्नी मीरा बाई के द्वारा ही अपने बहनों व जीजा को घर बुलाया गया था। इस दौरान उनका मृतक सुनील राम से वाद विवाद होने पर उनके द्वारा मिलकर, सुनील राम से मारपीट की गई थी। आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 195 करोड़ जारी

नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 195 करोड़ जारी

 00 पेयजल, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण को मिलेगी रफ्तार
रायपुर।
 केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 194 करोड़ 93 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से राज्य के 139 नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
15वें वित्त आयोग के तहत 116 करोड़ 96 लाख रुपए टाइड ग्रांट के रूप में प्राप्त हुए हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार होगा। भारत सरकार द्वारा 77 करोड़ 97 लाख रुपए का अनटाइड ग्रांट भी जारी किया गया है। यह राशि शहरों में सड़क, नाली और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि जारी करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शहरों के विकास और जन सुविधाएं विकसित करने के लिए समन्वित रूप से पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा रही है। इससे शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने के कार्यों को तेजी मिल रही है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्राप्त राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

1 अप्रैल से सभी बिजली दफ्तर में लागू होगा ई-ऑफिस सिस्टम

1 अप्रैल से सभी बिजली दफ्तर में लागू होगा ई-ऑफिस सिस्टम

 00 राजधानी स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संचालित है ई-ऑफिस
रायपुर ।
 छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के राजधानी स्थित डंगनिया मुख्यालय में ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी बिजली दफ्तर में 1 अप्रैल से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी के सभी कक्षा से सभी मैदानी अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ फाइलों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के लिए ई-ऑफिस का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से किया जा चुका है। अब इसे प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री एएम परियल ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अब पेपरलेस काम की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण तथा संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप से किया जाएगा। इससे कार्यों में गति आएगी और कागज के उपयोग में कमी होगी।
इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) ने आज से ऑनलाइन ट्रेनिंग आरंभ कर दी है। छह पालियों में इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ऊर्जा नेट पर ई-ऑफिस के लिए स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करें। इस पहल से संसाधनों और समय की बचत होगी तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर तीखी झड़प,विपक्ष ने किया बहिगर्मन

अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर तीखी झड़प,विपक्ष ने किया बहिगर्मन

 रायपुर। अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और कम वेतन पर कांग्रेस के विधायकों ने विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव को घेरा। इस पर यादव के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने यह मामला उठाया। अपने तारांकित प्रश्न में मंडावी ने अतिथि शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि 20 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता है। वह भी उनकी उपस्थिति (अटेंडेंस) पर। मंडावी ने पूछा कि अलग अलग जिलों में एक समान या अलग अलग? यादव ने बताया कि सभी जिलों में समान वेतन दिया जाता है। मंडावी ने पूछा कि 2024 से अब तक कितने अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई ? श्री यादव ने कहा कि नई भर्ती नहीं की गई है पुराने शिक्षकों से अध्यापन कराया जा रहा। और 2022 में इनका वेतन बढ़ाया गया है। चूंकि हम रेगूलर शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं इसलिए अतिथि शिक्षक भर्ती नहीं किया है। मंडावी ने कहा कि इनका नियमितीकरण कब तक करेंगे। नियमितीकरण तो मोदी की गारंटी का चुनावी वायदा भी सरकार ने किया है। मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं कर रहे। कांग्रेस के ही उमेश पटेल ने कहा कि इन शिक्षकों को उनकी दैनिक उपस्थिति पर वेतन दिया जाता है यानी ये डेलीवेजेस हैं और मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा किया है। नहीं कर रहे हैं मतलब गारंटी पूरी नहीं कर रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी की सभी गारंटी पूरी हो रही हैं। आने वाले समय में भी होगी ? उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा,मंत्री का जवाब न आने पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत की घोषणा पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

नियद नेल्लानार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने किया भाजपा प्रवेश

नियद नेल्लानार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने किया भाजपा प्रवेश

 00 मुख्यमंत्री साय ने कहा नियद नेल्लानार योजना आप सबको समर्पित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के गरियामय उपस्थिति में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ विधायक विक्रम उसेंडी के नेतृत्व में कांकेर जिले के सुदूर गांव आलपरस, गुंदूर के ग्रामीणों ने भाजपा प्रवेश कर विकसित गांव-विकसित प्रदेश के संकल्प को और मजबूत करने का प्रण लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से ग्रामीणों ने चर्चा करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना हम सबके जीवन को बदलने वाला एक महत्वकांक्षी अभियान है। जिससे प्रभावित होकर हम सबने भाजपा प्रवेश का संकल्प लिया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आप सबके लिए हम जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन लगातार कर रहे हैं। यही कारण है कि जनता के बीच सरकार के प्रति विश्वास और बढ़ रहा है। आप सबका भाजपा परिवार में स्वागत है।

नियद नेल्लानार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने किया भाजपा प्रवेश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि भाजपा की वैचारिक शक्ति का नतीजा है कि हम विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लगातार पूर्ण करने में लगे हैं और आप सबके साथ होने से इस संकल्प को जल्द ही पूर्ण करेंगे। आप सब बस्तर के अंतिम छोर के गांव से है अब आप सब भाजपा के अंत्योदय के विचारधारा वालों कार्यकर्ता हो चुके हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक विक्रम उसेंडी ने सभी का आभार व्यक्त किया व भाजपा प्रवेश करने वाले सभी सम्मानित जनों को बधाई देते हुए कहा कि हम और मजबूत होंगे अभी से मिशन 2028 के लिए एकजुटता के साथ जुटेंगे। इस मौके पर गांव के प्रमुख पुजारी सहित सरपंच, उप सरपंच सहित आमजनों ने बड़ी संख्या में भाजपा प्रवेश किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, भाजपा नेता सुनील जैन, रामलाल आचला, जयलाल उसेंडी, रजनाथ पोटाई (सरपंच), लच्छू गावड़े, जागेश्वर पुजारी सहित ग्रामीण मौजूद थे।

नियद नेल्लानार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने किया भाजपा प्रवेश

मुख्यमंत्री साय ने किया समस्याओं का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष आए ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी जिस पर मुख्यमंत्री साय ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उनके तत्काल समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान आए ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी अबूझमाड़ की सीमावर्ती गांव के निवासी है और अबूझमाड़ में एजुकेशन सिटी के प्रांरभ होने से हम सबको लाभ होगा और हमारे आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी उज्ज्वल होगा। इसके लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।

नियद नेल्लानार से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने किया भाजपा प्रवेश

दर्दनाक हादसा…बाइक सवार पर पलटा कोयले से लदा ट्रका, मौके पर ही तीन लोगों की मौत

दर्दनाक हादसा…बाइक सवार पर पलटा कोयले से लदा ट्रका, मौके पर ही तीन लोगों की मौत

 कोरबा।  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक कोयले से लदे ट्रक और बाइक के बीच भीषण टक्कर हो गई। जिससे की इस हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद तीनों के शव सड़क में क्षत-विक्षत हालत में बिखर गए। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया।

जानकारी के अनुसार, कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में कोयले से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और मोड़ के पास पहुंचते ही बाइक सवारों पर पलट गया। जिसके नीचे दबने से तीन लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। घटनास्थल पर लगी लोगों की भीड़ लग गई। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की।

बताया गया कि, सभी मृतक ग्राम पोटा पानी के निवासी थे जो की दीपका काम पर जाने के लिए निकले थे। घटना के बाद सड़क पर घंटों तक लंबा जाम लग गया। जिसके बाद पुलिस ने यातायात संभालते हुए ट्रैफिक व्यवस्था संभाली। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।

नालंदा लाइब्रेरी पहुंचे एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, देखते ही कर दी रीवा में नालंदा की तर्ज पर लाइब्रेरी खोलने की घोषणा

नालंदा लाइब्रेरी पहुंचे एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, देखते ही कर दी रीवा में नालंदा की तर्ज पर लाइब्रेरी खोलने की घोषणा

रायपुर।  मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राजधानी स्थित नालंदा परिसर लाइब्रेरी का अवलोकन किया और सराहना की। उन्होंने इस मॉडल से प्रभावित होकर मध्यप्रदेश के रीवा में भी इसी तर्ज पर लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लाइब्रेरी के फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर और टैरेस का अवलोकन करते हुए पुस्तक वितरण प्रणाली और अध्ययन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कम शुल्क में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि नालंदा परिसर लाइब्रेरी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं युवाओं को सही दिशा प्रदान करती हैं और उनकी ऊर्जा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने कहा कि नालंदा लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में युवा अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं। ऐसे युवा देश और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नालंदा परिसर लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जहां 24×7 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी का निर्माण डीएमएफ फंड एवं अन्य सहयोग से किया गया है तथा वर्तमान में इसका संचालन शुल्क और दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य में राजधानी सहित कुल 42 ऐसी लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी के संचालन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत सभी लाइब्रेरियों को एकीकृत किया गया है, जिससे संचालन में सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी से हर वर्ष यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो रहा है। साथ ही लाइब्रेरी में बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों से 200 रुपये प्रति माह तथा सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों से 500 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाता है।

इस अवसर पर हरिभूमि एवं INH न्यूज़ के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, निगम आयुक्त विश्वदीप, एडीएम उमाशंकर बंदे, जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

CG : रामकृष्ण केयर अस्पताल में बड़ा हादसा, तीन लोगों की हुई मौत, जानें पूरा मामला

CG : रामकृष्ण केयर अस्पताल में बड़ा हादसा, तीन लोगों की हुई मौत, जानें पूरा मामला

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार की देर रात दर्दनाक हादसा देखने को मिला। यहां के सिवरेज टैंक में सफाई करने उतरे तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रोते-बिलखते रहे परिजन
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। हंगामा करते हुए परिजन अस्पताल के अंदर घुस गए। इस दौरान परिजन रोते-बिलखते रहे। बताया जाता है कि हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीन स्वीपर टैंक के अंदर उतरे थे। इस दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस होने की वजह से एक-एक कर तीनों स्वीपर की हालत बिगड़ने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही मजदूरों को सिवरेज टैंक में सफाई करने के लिए उतारा गया। अस्पताल प्रबंधन ने खर्चा बचाने के लिए नियमों की घोर अनदेखी की। ट्रेंड मजदूरों की बजाय अनट्रेंड मजदूरों को सफाई करने के लिए उतारा गया। ऐसे में साफ जाहिर है कि यदि नियमों का पालन किया गया होता, तो इतना बड़ा हादसा होने से टाला जा सकता था। 

इनकी हुई मौत 

  • गोविंद सेंद्रे
  • अनमोल मचकन 
  • प्रशांत कुमार, तीनों सिमरन सिटी निवासी
  • परिजनों का आरोप
    अस्पताल प्रबंधन पर मामले को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक किसी भी व्यक्ति ने बात नहीं की है। मामले में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। घटना की जांच कराई जानी चाहिये।

    50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में उतरे थे स्वीपर
    बताया जाता है कि 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में तीन मजूदरों को उतारा गया था। सुरक्षा के नाम पर उन्हें केवल मास्क ही दिया गया था। सिमरन सिटी निवासी सफाईकर्मी गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार जब टैंक के अंदर उतरे, तो उस दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस होने से उनका दम घुटने लगा और मौके पर उनकी मौत हो गई।
मध्यप्रदेश के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने सीएम साय से की सौजन्य मुलाकात, रीवा-रायपुर हवाई सेवा शुरू होने पर जताई खुशी

मध्यप्रदेश के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने सीएम साय से की सौजन्य मुलाकात, रीवा-रायपुर हवाई सेवा शुरू होने पर जताई खुशी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने बताया कि, अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

 उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

डोंगरगढ़. 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर मां बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार नवरात्रि में जहां एक ओर हजारों ज्योति कलशों से बम्लेश्वरी धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित होगा. नवरात्रि के नौ दिनों तक डोंगरगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ता है और लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

आस्था और परंपराओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास (Navratri 2026)

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है. मंदिर को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें एक कथा विक्रमादित्य से भी जुड़ी मानी जाती है, हालांकि ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा बनवाया गया था. आज़ादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज तक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है. इस बार नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष पहल की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी डोंगरगढ़ में दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है, जो मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी नजर आएगा. हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, मजबूत व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की आस्था इस नवरात्रि को विशेष बना रही हैं. डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम के रूप में सामने आने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव देने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

 

CG Assembly : बजट सत्र का 13वां दिन आज, सदन में गूंजेंगे जंबूरी अनियमितता और स्कूल युक्तियुक्तकरण के मुद्दे

CG Assembly : बजट सत्र का 13वां दिन आज, सदन में गूंजेंगे जंबूरी अनियमितता और स्कूल युक्तियुक्तकरण के मुद्दे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 13वां दिन है। सदन में आज जंबूरी अनियमितता और शालाओं के युक्तियुक्तकरण का मुद्दा उठेगा। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिल सकती है।

आज के सत्र में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित मंत्री लखन लाल देवांगन और अरुण साव सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। वहीं ध्यानाकर्षण में वन मंडल भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई और हैवी माइल्स गाड़ियों के संचालन का मामला उठेगा। इस मुद्दे को बीजेपी विधायक विक्रम उसेंडी सदन में उठाएंगे।

इसके अलावा तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं को लेकर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा। सदन में विधायक रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, मोतीलाल साहू और इंद्रशाह मांडवी अपनी-अपनी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही सत्र के दौरान चार संशोधन विधेयकों को भी पारित किया जाएगा।

 

BREAKING : छत्तीसगढ़ भाजपा ने की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा, CM साय समेत 84 नेताओं के नाम शामिल, 25 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी नियुक्ति

BREAKING : छत्तीसगढ़ भाजपा ने की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा, CM साय समेत 84 नेताओं के नाम शामिल, 25 विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी नियुक्ति

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ ईकाई ने अपने प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रियों के साथ-साथ प्रदेश कार्यसमिति में 84 लोगों को जगह दी गई है। वहीं 25 विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा 69 स्थाई आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, अवकाश पर भी मिलेगी सुविधा

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, अवकाश पर भी मिलेगी सुविधा

रायपुर- राज्य के आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यों का सुचारू एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी पंजीयन कार्यालय चयनित अवकाश दिवसों में भी संचालित किए जाएंगे।

जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च तथा 31 मार्च 2026 को भी सामान्य कार्यदिवसों की तरह खुले रहेंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन सहित अन्य सभी संबंधित सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।

शासन के इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपने लंबित पंजीयन कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनज़र इन दिनों में पंजीयन कार्यों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथियों में अपने पंजीयन संबंधी कार्यों का निष्पादन कराएं, जिससे अनावश्यक भीड़ और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

 

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम….

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम….

 रायपुर: नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 एवं 14 मार्च 2026 को आयोजित ‘आदि पर्व 2026’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से शामिल हुई प्रतिभागी वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में मंच पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास

कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भाग लेकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया, जो नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आदि पर्व 2026 का आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। इस मंच के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय के विभागों के लिए 10 हजार 617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मुख्यमंत्री साय के विभागों के लिए 10 हजार 617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

 00 हमारी सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी: साय
00 सरकार ने दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाएं की स्वीकृत: 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का किया गया सृजन
00 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास का पहुंच रहा है उजाला: नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांव शतप्रतिशत विद्युतीकृत
00 आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा अब सीधे जनकल्याण में हो रहा खर्च
00 सुव्यवस्थित खनन के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता
00 मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक कार्य संस्कृति में दिखाई दे रहा स्पष्ट बदलाव
रायपुर।
 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10 हजार 617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रूपए की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित की गई। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 612 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए, सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित अन्य व्यय 30 करोड़ 92 लाख रूपए, जल संसाधन विभाग के लिए 3 हजार 105 करोड़ 11 लाख 80 हजार रूपए, खनिज साधन विभाग से संबंधित व्यय 1145 करोड़ 89 लाख 99 हजार रूपए, विमानन विभाग से संबंधित व्यय 314 करोड़ 99 लाख 90 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग 416 करोड़ 99 लाख 99 हजार रूपए, सुशासन एवं अभिसरण विभाग से संबंधित व्यय 77 करोड़ रूपए, जनसम्पर्क विभाग से संबंधित व्यय 469 करोड़ 99 लाख रूपए, ऊर्जा विभाग से संबंधित व्यय 4236 करोड़ 01 लाख 61 हजार रूपए, जिला परियोजनाओं से संबंधित व्यय 208 करोड़ 50 लाख रूपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी है और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को साकार करने में बजट प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले दो बजटों की थीम ‘ज्ञान’ और ‘गति’ थी, जबकि इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और डिजिटल गवर्नेंस की नीति अपनाकर व्यवस्थागत लिकेज समाप्त किए हैं, जिसके कारण आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा अब सीधे जनकल्याण में खर्च हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में आबकारी विभाग का राजस्व 5 हजार 110 करोड़ रुपए था, जो वर्तमान सरकार में बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है। यह अंतर फर्जीवाड़े पर रोक लगने के कारण आया है।
मुख्यमंत्री  साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध चल रहे अभियान को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने माओवादी आतंकवाद के अंत का लक्ष्य तय कर उसी दिशा में प्रभावी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास जताया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उत्सव का क्षण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन, जवानों की वीरता और प्रदेशवासियों के विश्वास से राज्य माओवादी हिंसा के अंधकार से बाहर निकल रहा है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को मजबूत कर शांति, पुनर्निर्माण और समग्र विकास के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में खनिज राजस्व की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 12 हजार 305 करोड़ रुपए रहा वहीं वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ रुपए हो गया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 11 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक 17 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग किसानों, माताओं-बहनों और आम नागरिकों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ को पुनः पारदर्शी बनाते हुए दो वर्षों में 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई और 19 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए। डीएमएफ कार्यों का सोशल ऑडिट भी कराया जा रहा है तथा शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया गया है। खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को भी गति दी गई है और अब तक 62 ब्लॉकों की सफल नीलामी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ, क्रिटिकल और स्ट्रैटजिक खनिजों के अन्वेषण के लिए प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से एमओयू किए गए हैं, जिससे क्लीन एनर्जी और नए निवेश के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुव्यवस्थित खनन के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राज्य के कुल वन क्षेत्र के मात्र 0.96 प्रतिशत क्षेत्र में खनिज रियायतें स्वीकृत हैं और केवल 0.24 प्रतिशत वन क्षेत्र में ही खनन कार्य की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों के एवज में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।
भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि खनिज विभाग में पारदर्शिता के लिए ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’ पोर्टल तथा डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है। आम जनता को रियायती दरों पर रेत उपलब्ध कराने और माफिया पर अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम 2025 लागू किए गए हैं तथा रेत की ई-नीलामी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रदेश एक प्रमुख ऊर्जा प्रदाता के रूप में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पावर प्लांट्स की कुल विद्युत क्षमता 30 हजार मेगावाट है, जिसमें ताप विद्युत संयंत्रों की क्षमता 24 हजार मेगावाट है। राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता और प्लांट लोड फैक्टर देश के अग्रणी राज्यों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एनर्जी समिट के माध्यम से लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 32 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए विभिन्न संस्थाओं से एमओयू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों का काम प्रगति पर है तथा 8300 मेगावाट क्षमता की पम्प स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाओं के लिए 6 स्थलों का चिन्हांकन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर बिजली की सतत आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने हेतु 354 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत पर राहत देने के लिए 800 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े राज्य अनुदान के लिए 400 करोड़ रुपए और डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना के तहत 8 लाख 83 हजार कृषि पंप उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने के लिए 5 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अनुदान के कारण सोलर प्लांट्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और उपभोक्ता अब केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास का उजाला पहुंच रहा है और नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांवों को शतप्रतिशत विद्युतीकृत किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं और 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं को अटल सिंचाई योजना के माध्यम से फिर से शुरू किया गया है। 115 परियोजनाओं के पूर्ण होने से 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। इस बार बजट में 4 हजार 400 करोड़ रुपए से अधिक राशि नई सिंचाई योजनाओं और उनके अनुरक्षण के लिए रखी गई है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में शामिल योजनाओं से 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने मटनार और देऊरगांव में बैराज तथा 68 किलोमीटर नहर निर्माण का प्रावधान बताया, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। उन्होंने कहा कि ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के मंत्र के अनुरूप दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली को अपनाया जा रहा है और जल सूचना विज्ञान केंद्र स्थापित कर जल प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक कार्य संस्कृति में बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और स्पैरो जैसी व्यवस्थाओं ने शासन को अधिक जवाबदेह, त्वरित और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने बताया कि 50 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में और 65 हजार से अधिक कर्मचारी ई-एचआरएमएस प्रणाली में ऑनबोर्ड हो चुके हैं। आई-गॉट कर्मयोगी के माध्यम से 6 लाख कर्मचारियों के प्रशिक्षण की कार्ययोजना पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी के जरिए प्रशासनिक तंत्र को ट्रांसफॉर्म किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुशासन की दिशा में राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल से योजनाओं की सटीक निगरानी करने, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने तथा नई पीढ़ी के उत्कृष्ट लोकप्रशासक तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप जैसी पहलें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए 22 करोड़ रुपए, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के लिए 5 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए 8 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युग आईटी और एआई का है और छत्तीसगढ़ इस डिजिटल क्रांति में अग्रणी बने, इसके लिए 417 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है, जिसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में एआई डेटा लैब्स और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे युवा पीढ़ी को नई तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा और शासकीय सेवाएं भी अधिक सरल और प्रभावी होंगी। डिजिटल कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि दो वर्षों में 936 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए हैं और 751 टावर ऑन एयर हो चुके हैं। भारत नेट परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए 3900 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए 36 आईएनसी-सीजी इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की उड़ान को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार विमानन अधोसंरचना का विस्तार कर रही है। बिलासपुर एयरपोर्ट के 3सी-आईएफआर अपग्रेडेशन से अब वहां नाइट लैंडिंग और चौबीस घंटे विमान सेवाओं का संचालन संभव होगा। इंटरनेशनल कार्गाे टर्मिनल के लिए एमओयू किया गया है, जिससे कारोबारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से हवाई सेवाओं का विस्तार होगा, जिसके लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायगढ़ और कोरबा की हवाई पट्टियों के उन्नयन पर भी सरकार का विशेष फोकस है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ सांस्कृतिक प्रगति की भी पक्षधर है। पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट के माध्यम से उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में अध्ययन भ्रमण का अवसर दिया गया, जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों और महिला पत्रकारों को भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन राज्य की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देता है और इस बार भी इसके लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे प्रदेश के बाहर अपनी पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़िया लोगों के अनुभवों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश : मुख्यमंत्री ने विस परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश : मुख्यमंत्री ने विस परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री साय

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी,  ललित मिश्रा,  विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में  डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है।

जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

ऐसे मिली उपलब्धि

प्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में  फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।

रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए  आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है।

इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा।

यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच के अनुरूप जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में जिला विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने लगा है। जिले के गांवों से लेकर शहरों तक सड़कों, पुलों और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे आवागमन सुविधाजनक और सुरक्षित बन रहा है।

इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 42 नई सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों का निर्माण 126 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान में सभी सड़कों की निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। स्वीकृत सड़कों में जशपुर विकासखंड में 5 सड़कें, मनोरा विकासखंड में 7 सड़कें, दुलदुला विकासखंड में 7 सड़कें, कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कें तथा फरसाबहार विकासखंड में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुँच रही है। लगातार सड़कों, पुलों और पुलियाओं को मिल रही स्वीकृति तथा उनके निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों का परिवहन आसान हो रहा है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद समय पर बाजार तक पहुँचाने में सुविधा मिल रही है। साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचना अधिक सरल हो रहा है।

बेहतर संपर्क मार्गों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक भी लोगों की पहुँच आसान हो रही है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने में मदद मिल रही है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को भी इन सड़कों से विशेष लाभ मिल रहा है। सड़कों के निर्माण से इन समुदायों का संपर्क विद्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं, मंडियों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से सुदृढ़ हो रहा है। इससे उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

जिले में सड़कों के व्यापक विस्तार से न केवल आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हुआ है, बल्कि इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

ब्रेकिंग : इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट….!!

ब्रेकिंग : इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट….!!

 गरियाबंद। जिले में राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिला कलेक्टर बीएस उइके ने आज पांच राजस्व अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

देखें आदेश

CG – कांग्रेस नेताओं का इस्तीफा : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस जिले के दो और मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

CG – कांग्रेस नेताओं का इस्तीफा : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस जिले के दो और मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

 बलरामपुर। जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद पार्टी में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां 11 पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर नाराजगी जताई थी, वहीं अब दो और मंडल अध्यक्षों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

कन्दरी मंडल अध्यक्ष लालसाय मिंज ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को भेजे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जिलाध्यक्ष ने अपनी कार्यकारिणी में उन लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जिन्होंने लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में पार्टी का विरोध करते हुए भाजपा का साथ दिया था।

इसी तरह इदरी कला मंडल की अध्यक्ष असमीता टोप्पो ने भी प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेजते हुए संगठन में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं और समान आरोप लगाए हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से साफ है कि जिला कांग्रेस में अंदरूनी कलह गहराती जा रही है।

CG – ट्रेन से कटकर आरक्षक की दर्दनाक मौत, SP दफ्तर में था तैनात, ऐसे हुआ हादसे का शिकार……

CG – ट्रेन से कटकर आरक्षक की दर्दनाक मौत, SP दफ्तर में था तैनात, ऐसे हुआ हादसे का शिकार……

 रायगढ़। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां जिले के पुलिस बल में पदस्थ एक आरक्षक की हादसे में मौत की होने से महकमें में हड़कंप मच गया है। मृत आरक्षक का नाम सुजीत मिंज बताया जा रहा है।

आरक्षक सुजीत रायगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ था। बताया जा रहा है कि, रेलवे पटरी पार करने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

फिलहाल सूचना पाकर मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। हादसा किन वजहों से हुआ इसकी जाँच की जा रही है।