गरियाबंद: जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद द्वारा केंद्र सरकार पर संविधान के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए जिले में “संविधान बचाओ रैली” का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली क्रमशः तीन विधानसभा क्षेत्रों – राजिम, बिंद्रानवागढ़ और मैनपुर में आयोजित की जाएगी।
रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर सीएम हाउस में संगोष्ठी
रायपुर। पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की, जबकि मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रानी अहिल्याबाई: सुशासन और धर्मनिष्ठा की प्रतीक
मुख्यमंत्री साय ने रानी अहिल्याबाई को "भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक" बताया। उन्होंने कहा कि उनका शासनकाल राष्ट्र निर्माण, न्याय और प्रजा कल्याण का स्वर्ण युग था। रानी ने काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों के पुनर्निर्माण जैसे ऐतिहासिक फैसले लेकर आस्था और राष्ट्र पुनर्निर्माण को एकजुट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इंदौर की रानी होकर भी उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उनकी शासन शैली आज के 'गुड गवर्नेंस' की प्रेरणा है।”
राजमहल नहीं, न्यायप्रिय झोपड़ी की रानी : प्रहलाद सिंह पटेल
मुख्य वक्ता प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अहिल्याबाई के जीवन के व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने पति की मृत्यु के बाद राजमहल छोड़ झोपड़ी में जीवन बिताया, और राजकोष का कभी व्यक्तिगत उपयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा, "वे इतनी न्यायप्रिय थीं कि अपने पुत्र को भी मृत्युदंड देने में पीछे नहीं हटीं। विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति देना उनके समय से कहीं आगे की सोच को दर्शाता है।"
लोकमाता अहिल्याबाई के विचार आज भी प्रासंगिक
विधायक किरण देव और पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने रानी के कार्यों को भारतीय इतिहास की अमिट छाप बताया और कहा कि उनकी जीवनशैली और प्रशासनिक सोच आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री को भेंट किया गया रानी अहिल्याबाई का तैलचित्र
कार्यक्रम के अंत में धनकर समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। संगोष्ठी में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर और कई आयोगों व निगमों के पदाधिकारी तथा युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित यह संगोष्ठी न केवल इतिहास को स्मरण करने का अवसर बनी, बल्कि आज की पीढ़ी को न्याय, सेवा और सुशासन की दिशा में प्रेरित करने वाला मंच भी साबित हुई।
रायपुर : जहां एक ओर रायपुर पुलिस और यातायात विभाग मिलकर सड़क सुरक्षा और जागरूकता के लिए अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रायपुर नगर निगम खुद ही इन नियमों की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है।
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें नगर निगम की कचरा गाड़ी में कर्मचारी जान जोखिम में डालकर एक जगह से दूसरी जगह जाते दिखाई दे रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के कर्मचारियों को कचरा गाड़ी में बैठाकर ढोया जा रहा है, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता देने जैसा है।
नगर निगम की यह लापरवाही उस वक्त और भी चिंताजनक हो जाती है जब हाल ही में खरोरा में एक मालगाड़ी से हुई दुर्घटना की ताजा यादें अभी लोगों के मन से गई नहीं हैं। बावजूद इसके, निगम प्रशासन अपने ही कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम नजर आ रहा है।
सवाल उठता है कि जब खुद प्रशासन ही ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेगा, तो आम जनता को कैसे किया जाएगा जागरूक? क्या जागरूकता अभियान महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं?
अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कदम उठाता है, या फिर ऐसी घटनाएं किसी और हादसे का इंतजार कर रही हैं।
जांजगीर चांम्पा: शादी समारोह में शामिल होने गए एक परिवार को शादी में शामिल होना इतना महंगा पड़ गया कि चोरों ने उनके घर में दिनदहाड़े चोरी के घटना को अंजाम दे डाला, आपको बता दे कि यह पूरा मामला अकलतरा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम साजापाली का है, जहां गांव के ही रवि शंकर रत्नाकर अपने परिवार सहित बलौदा क्षेत्र के ग्राम हरदीविशाल शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे,
रवि शंकर रत्नाकर ने बताया कि आज सुबह लगभग 11 बजे पड़ोसियों ने उन्हें सूचना दिए कि आपके घर का ताला टूटा हुआ है ,आप के घर में आप लोग है कि नहीं ? जिसके बाद आनन फानन में रवि शंकर अपने परिवार सहित साजापाली पहुंचे, और देखे कि सच में घर का ताला टूटा हुआ है,और घर का सारा सामान बिखरा हुआ है,
और जिस औजार से ताला और आलमारी तोड़ा गया वह औजार भी घर में छोड़ चोर वहां से भाग खड़ा हुए,जिसकी सूचना सरपंच को दिया गया ,जिसके बाद सरपंच गजालाल रत्नाकर ने तत्काल अकलतरा थाना को चोरी की सूचना दिए ,सरपंच गजालाल रत्नाकर ने बताया कि थाने में पदस्थ एस आई खांडेकर ने उन्हें कहा कि आप थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराइए उसके बाद हम घटना स्थल पहुंच पाएंगे ,
वही जब मीडिया की टीम घटना स्थल पहुंचकर थाना प्रभारी को इसकी सूचना दिए तो उनके द्वारा तत्काल इस खबर को संज्ञान में लिया गया और टिम को गांव में भेजा गया,वही अब देखना होगा कि आखिर दिनदहाड़े खुलेआम चोरी करने वाले चोरों पर कब तक कार्यवाही हो पाएगा और कब तक लगातार घटने वाले चोरी पर अंकुश लग पाएगा
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अवसर पर आज रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की और अपने संबोधन में कहा कि – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के हर गरीब के पास मकान होना चाहिए। आवास प्लस प्लस में सब बचे हुए पात्र लोगों को भी जोड़ा जाएगा।
70 लाख से ज्यादा माता-बहनों के खातों में महतारी वंदन का पैसा दिया जा रहा है। जिनका नाम नहीं जुड़ा, उनके लिए भी जल्द ही योजना में नाम जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। समाधान तिहार में आज ये मेरा 29 वा ज़िला है। मात्र 5 ज़िला बचा है, मैं हर जिले में जा रहा हूँ, अपने मंत्रीगणों के साथ।
गांववालो से मिलकर बात होती है, सभी खुश हैं। लोग बताते हैं कि योजनाओ से मिले आर्थिक सम्बल से सबको लाभ हो रहा है। इस तिहार का आयोजन ही फीडबैक लेने के लिए है, 29 जिलों में हर रोज कही बैठक, कही चौपाल, जनता संतुष्ट है। डेढ़ साल के काम मे सब योजना जनता तक पहुँच रही, सब खुश हैं, शिविर के माध्यम से सबकी समस्या का निदान हो रहा।
आज यहां अन्नप्रासन कराया गया और गोदभराई भी की गई। 110 आवास में आज गृह प्रवेश कराया गया , 213 शौचालय की स्वीकृति हुई है। यह फायदा क्षेत्र के लोगों को हुआ है।
विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत हो रही है। इसमें केंद्र सरकार के वैज्ञानिक भी आएंगे और राज्य के वैज्ञानिकों के साथ दल बनाकर कार्य करेंगे, 13 लाख किसानों से आने वाले दिनों में सम्पर्क कर हम राज्य में कृषि विकास हेतु कार्य करेंगे।’प्रयोग शाला से खेत तक’ विचार से प्रेरित यह अभियान हमारे किसान भाइयों को मजबूत बनाएगा।
आरंग विकासखंड के ग्राम भैंसा में समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं
1. 55 लाख रूपए की लागत से ग्राम भैंसा में उच्चस्तरीय पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार
2. 42 लाख रूपए की लागत से ग्राम अमोदी में पाइपलाइन विस्तार
3. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए 75 लाख रूपए।
4. भैंसा में हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75.23 लाख रूपए।
5. भैंसा हाईस्कूल भवन के अहाता निर्माण 18 लाख रूपए
6. हाईस्कूल के शेड निर्माण के लिए 20 लाख रूपए।
7. पुलिस चौकी खोलने की घोषणा।
8. हायर-सेकेंड्री स्कूल भवन, भंडारपूरी के लिए स्वीकृत 75 लाख को बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख रूपए की स्वीकृति।
9. नवीन प्राथमिक शाला भैंसा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 24 लाख रूपए की घोषणा।
बिलासपुर। एनएसएस कैंप में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने के मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। इस मामले में संलिप्त 7 प्रोफेसरों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए लगाई गई दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है.
मुख्य न्यायाधीश राकेश सिन्हा के डिवीजन बेंच ने प्रोफेसरों द्वारा खुद के खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है. छात्रों की शिकायत पर यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के खिलाफ कोटा थाने में बीएनएस की धारा 190,196(1)(बी),197(1)(बी),197(1)(सी),299,302 व अन्य के तहत मामला दर्ज है.
बता दें कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एन एस एस इकाई ने शिवतराई गांव में बीते 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक केम्प लगाया था. शिविर के दौरान ईद के दिन समन्वयक दिलीप झा, मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ नीरज कुमारी ने हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया था.
रायपुर। कोयला लेवी घोटाले में फंसे छत्तीसगढ़ के निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और पूर्व सीएमओ सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने तीनों को सख्त शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी है।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने यह निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि इन आरोपियों के गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए उन्हें फिलहाल छत्तीसगढ़ में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि अंतरिम जमानत के दौरान आरोपी राज्य से बाहर ही रहेंगे और न्यायालय द्वारा निर्धारित अन्य सभी शर्तों का पालन करना होगा।
हालांकि ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज कई मामलों में इन आरोपियों को जेल में ही रहना होगा जब तक कि संबंधित मामलों में भी उन्हें कानूनी राहत नहीं मिल जाती। यह अंतरिम जमानत केवल कोयला लेवी घोटाले तक ही सीमित है।
बालोद। ग्राम पंचायत पड़की भाट के सरपंच की घटिया करतूत सामने आयी है। यहां एक महिला को आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी दिलाने के नाम पर पहले तो उससे आपत्तिजनक बाते की। महिला ने जब सरपंच की इन बातों को विरोध किया तो वह महिला के घर पहुंचकर कलेक्टर और महिला बाल विकास अधिकारी के नाम पर 15 हजार रूपये की मांग करने लगा। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये पूरा मामला बालोद के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां के ग्राम पंचायत पड़की भाट में लुपेंद्र भोला सरपंच है। गांव में रहने वाली बेवा महिला ने बताया कि घर में वह अपने बच्चों और सास के साथ रहती है। परिवार में कोई कमाने वाला नही है, इसलिए उसने आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन किया था। पीड़िता का आरोप है कि गांव के सरपंच ने उसकी नौकरी लगाने को लेकर काॅल किया था। सरपंच लुपेंद्र भोला ने 14 मई की शाम मोबाइल पर काॅल कर उसकी नौकरी लगा देने की बात कहने लगा। उसने कहा कि…..मैने तुम्हारी नौकरी लगा दिया है, तुम्हारा जीवन बना दिया है। इसके लिए मुझे पैसे नहीं चाहिए।
महिला दूसरी तरफ से कुछ कह पाती इतने में सरपंच ने कहा कि…..मुझे तुम क्या दे सकती हो ये बताओ। मुझे पैसे नहीं कुछ और चाहिए। तुम समझदार हो समझ सकती हो। गांव के सरपंच के इन गंदी बातों को सुनने के बाद महिला भड़क गयी और उसने सरपंच को जमकर खरी खोटी सुना दी। इसके बाद सरपंच महिला के घर पहुंचकर नौकरी लगाने के नाम पर 15 हजार रुपए की मांग करने लगा। महिला ने आरोप लगाया कि सरपंच कलेक्टर और महिला बाल विकास अधिकारी को पैसे देने की बात कहकर उस पर पैसों के लिए दबाव बनाने लगा। इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने कोतवाली थाने पहुंचकर सरपंच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है। जिस पर पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी सरपंच के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश शासन के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने विजयवर्गीय का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक शॉल और नंदी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज भी उपस्थित थे।
यह मुलाकात दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 28 मई को दंतेवाड़ा की ओर से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने तेज बारिश के साथ अंधड़ चलने की संभावना जताई है।
निम्न दबाव क्षेत्र का असर, बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 29 और 30 मई को राज्य के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इसके बाद बारिश में थोड़ी कमी आने की संभावना है।
तापमान में बढ़ोतरी की संभावना
राज्य में अगले 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। वहीं, आगामी 24 घंटों में रायपुर शहर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रह सकता है।
मौसमीय गतिविधियों की स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मानसून 28 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ते हुए डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है।
पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक द्रोणिका रेखा समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई तक फैली हुई है, जबकि पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
पेण्ड्रा रहा सबसे गर्म और सबसे ठंडा भी
पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बस्तर संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा, जबकि अन्य संभागों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.3°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8°C दोनों पेण्ड्रा रोड में दर्ज किए गए।
पांच दिन की बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक राज्य में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। नागरिकों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
रायपुर। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने धमतरी के 7 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें युवा मोर्चा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य निखिल साहू, नगरी मंडल के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष साहिलेन्द्र धेनुसेवक, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष सुनील निर्मलकर शामिल है। इनके अलावा भोला शर्मा, गज्जू शर्मा, संत कोठरी और रवेंद्र सिंह को भी निष्काषित किया गया है।
गौरतलब है कि, धमतरी में पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ और आगजनी का मामला प्रकाश में आया था। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष के टिकट को लेकर पार्टी नेताओं के बीच जमकर विवाद हुआ था। पार्टी से निष्कासित किए नेताओं की इस विवाद में प्रमुख भूमिका रही है। इसी मामले को लेकर यह कार्रवाई की गई है।

रायपुर। कंपनी का टेंडर समाप्त होने के बाद से स्वास्थ्य मितानों की नौकरी खतरे में है। यही नहीं तीन महीने से तनख्वाह भी नहीं मिली है। स्थिति से परेशान सैकड़ों स्वास्थ्य मितान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात करने उनके बंगले पहुंचे। स्टेट नोडल एजेंसी में कलेक्टर दर पर समायोजन करने की उनकी मांग पर मंत्री ने अनुभव को ध्यान में रखते हुए नौकरी पर रखने का भरोसा दिलाया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास ज्ञापन सौंपने पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सहायता योजना ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले हम लगभग 750 स्वास्थ्य मितान को राज्य सरकार ने एक झटके में बेरोजगार कर दिया है। हम स्वास्थ्य मितान के थर्ड पार्टी FHPL कंपनी का टेडर 30 अप्रैल को समाप्त कर दिया गया, और उसे बिना किसी विस्तार या विकल्प के रद्द कर दिया गया है।
बता दें कि स्वास्थ्य मितान को पहले कियोस्क ऑपरेटर के रूप में जाना जाता था। राज्य के सभी 33 जिलों में पिछले 10 से 12 वर्षों लगातार सेवाए दे रहे थे. ये कर्मचारी थर्ड पार्टी कंपनियों के माध्यम से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे आयुष्मान कार्ड, व्यय वंदना कार्ड, आभा कार्ड, एवं साथ-साथ मरीजों के उपचार में क्लेम प्रोसेसिंग, वेरिफिकेशन ऑडिट व अपलोडिंग के अलावा ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के मरीजों को विभिन्न शिविरों के माध्यम से लाभ दिलाने जैसे अहम दायित्व निभा रहे थे।
स्वास्थ्य मितानों से मुलाकात के बाद स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि आयुष्मान योजना के कर्मचारी हैं, इनको यह काफी लंबे समय से काम का अनुभव है। उनकी समयावधि पूर्ण हो चुकी है। विभाग में इसका ऑडिट करेंगे. स्वास्थ्य विभाग में उनकी समायोजित करने की मांग का नियमानुसार परीक्षण कराएंगे। इनको काम का लंबा अनुभव है, जिसे ध्यान में रखते हुए निश्चित रूप से हम इनको रखेंगे। यदि विभागीय करना होगा, तो उसमें भी उनके अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब से मैं स्वास्थ्य मंत्री बना हूं, हर बार तीन-चार महीने की सैलरी नहीं मिलने की शिकायत रहती ही है। हम बराबर पेमेंट कर रहे हैं. एजेंसी के माध्यम से इन लोग को पेमेंट मिलेगा। आने वाले समय में या तो कोई अन्य पार्टी ऑडिट के लिए ठेका लेगी, उसके माध्यम से करेंगे। और अगर हम ठेका नहीं देंगे तो निश्चित रूप से भारत सरकार के मैनेजर की गाइडलाइन में जो है या जो कलेक्टर दर है, उसके आधार पर इनको काम दिया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीजी रेरा) ने पंजीकृत प्रोजेक्ट्स की पंजीयन अवधि के विस्तार को लेकर एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। रेरा ने कहा है कि पंजीयन अवधि में किया गया कोई भी विस्तार केवल निर्माण या विकास कार्यों को पूरा करने के उद्देश्य से होता है, न कि खरीदारों को फ्लैट या मकान सौंपने की वैधानिक समयसीमा को बढ़ाने के लिए।
रेरा के अनुसार, यदि किसी कारणवश प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होता, तो अथॉरिटी आवश्यकतानुसार पंजीयन अवधि बढ़ा सकती है। लेकिन यह विस्तार डेवलपर और खरीदार के बीच हुए एग्रीमेंट फॉर सेल में तय पजेशन की तारीख को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करता।
रेरा ने स्पष्ट किया कि एग्रीमेंट फॉर सेल में जो पजेशन की तिथि दर्ज होती है, वही कानूनी रूप से मान्य होती है। यदि डेवेलपर इस तय समयसीमा के बाद खरीदार को पजेशन देता है, तो उसे हर महीने की देरी के लिए निर्धारित दर पर मुआवज़ा देना होगा।
इस स्पष्टीकरण से यह साफ हो गया है कि पंजीयन अवधि का विस्तार किसी भी स्थिति में डेवेलपर को खरीदारों को मकान सौंपने में देरी करने का कानूनी अधिकार नहीं देता।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता से लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे शिक्षा विभाग की वह समीक्षा रिपोर्ट है, जिसमें राज्यभर के सरकारी स्कूलों में संसाधनों के असमान वितरण की गंभीर स्थिति सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 211 शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी छात्र दर्ज नहीं है, फिर भी वहां नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। इससे न केवल शैक्षणिक संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि आवश्यकता वाले विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उदाहरण के लिए, सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की प्राथमिक शाला साजाभवना में कोई छात्र नहीं है, जबकि एक सहायक शिक्षक वहां कार्यरत हैं। इसी तरह हर्राटिकरा स्कूल में भी छात्र संख्या शून्य है, लेकिन वहां एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक पदस्थ हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यालयों की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है, और अब वहां से शिक्षकों को तत्काल उन स्कूलों में नियोजित किया जाएगा जहां उनकी आवश्यकता है।
दूसरी ओर राज्य के अनेक दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षक संकट की स्थिति बनी हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर में विषयवार शिक्षक न होने के कारण वर्ष 2024-25 में कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम महज 40.68 प्रतिशत रहा, जो राज्य औसत से बहुत कम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जब कुंवारपुर प्रवास पर थे, तब ग्रामीणों ने उनके समक्ष शिक्षक नियुक्तियों की मांग पुरज़ोर ढंग से रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के लिए वर्षों से शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जहां शिक्षक अनुपयोगी रूप से पदस्थ हैं, वहां से उन्हें शीघ्रता से जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक वहीं तैनात हों जहां छात्र हैं – यही सुशासन की प्राथमिक शर्त है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम उस व्यवस्था की नींव रख रहे हैं, जहाँ शिक्षक और छात्र दोनों अपनी सही जगह पर हों। युक्तियुक्तकरण इस परिवर्तन की वह कुंजी है, जो वर्षों की उलझनों को सुलझाएगी और शिक्षा को नई ऊँचाई देगी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय समय की माँग है। यदि इसे निष्पक्षता और डेटा-आधारित पद्धति से लागू किया जाए, तो छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली देश में एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने तुरंत युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को सक्रिय किया है, जिसमें पारदर्शिता, मानवीय दृष्टिकोण और स्कूलों की जरूरत को प्राथमिक आधार बनाया गया है। इस कदम से एक ओर शिक्षकविहीन स्कूलों को शिक्षक मिल सकेंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना को रोका जा सकेगा। यह पुनर्संरचना शिक्षा प्रणाली को संतुलित, कुशल और परिणामोन्मुखी बनाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार का युक्तियुक्तकरण का निर्णय महज़ व्यवस्थागत सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा को सार्थक और समावेशी बनाने की ऐतिहासिक पहल है। यह उस सोच का प्रतिबिंब है जो कहती है – शिक्षा वहां शुरू होती है, जहां शिक्षक और छात्र दोनों उपस्थित हों – एक उत्तम उद्देश्य के साथ स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होते हुए, इस प्रेरणा के साथ कि हर पाठशाला देश की अगली पीढ़ी का निर्माण स्थल है।
बलौदाबाजार28 मई 2025। बेटा-बेटी में फर्क करने वाले समाज को एक गहरा संदेश देते हुए कसडोल विधानसभा की पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव शकुंतला साहू ने अपने जीवन के सबसे भावुक क्षण में एक नजीर पेश की है। बुधवार सुबह करंट लगने से आकस्मिक निधन होने के बाद शकुंतला साहू की मां लीला देवी साहू (65) की अंतिम यात्रा में बेटी ने वह भूमिका निभाई, जिसे परंपरागत रूप से बेटों से जोड़ा जाता है।
मां के निधन के बाद शकुंतला साहू ने न केवल अर्थी को कंधा दिया, बल्कि शमशान घाट में मुखाग्नि देकर बेटे का धर्म निभाया। उन्होंने इस कर्म के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि “बेटी भी बेटे से कम नहीं होती”।
हादसे का दर्दनाक विवरण:
घटना सुबह उस समय घटी जब लीला देवी अपने घर की बाड़ी में काम कर रही थीं। बाड़ी में लगे एक विद्युत उपकरण के खुले तारों की चपेट में आने से उन्हें करंट लग गया। वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। जब शकुंतला साहू वहां पहुंचीं, तो अपनी मां को अचेत अवस्था में देखकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। शोर सुनकर परिजन दौड़े और उन्हें तुरंत पलारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार में जुटे लोग
गृहग्राम रसौटा में लीला देवी साहू का अंतिम संस्कार विधि-विधान से किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी, सामाजिक प्रतिनिधि, कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बेटी शकुंतला साहू का यह कदम सभी को भावुक और प्रेरित कर गया।
कांकेर। सुशासन तिहार के तहत प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आकस्मिक निरीक्षण के अंतर्गत आज कांकेर विकासखण्ड के ग्राम मांदरी हेलीकॉप्टर से पहुंचे, जहां पर उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान उन्हांने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में फीडबैक लिया। साथ ही जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया के सरलीकरण के बारे में बताया। ग्राम मांदरी के जनचौपाल में मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनओं के तहत सामग्री, नवनिर्मित आवास की चाबी, सहायक उपकरण आदि वितरित किए।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के तहत आज यह 27वां जिले का दौरा है, जहां योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत से रू-ब-रू होने प्रदेश सरकार आपके गांव आई है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत चयनित क्लस्टर ग्राम पंचायतों में समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों पर निराकरण की कार्यवाही की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों से जानकारी ली। इस पर ग्राम मांदरी की इतवारी बाई ने बताया, महतारी वंदन के पैसे से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए खाता खुलवाया। अन्य घरेलू खर्चों के लिए भी महतारी वंदन योजना से मिली राशि का उपयोग वह करती हैं। एक अन्य हितग्राही महिला ने बताया कि महतारी वंदन योजना के चलते उनकी दैनिक जरूरतें पूरी हो जाती हैं और किसी से कुछ मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुख्यमंत्री साय ने फीड बैक लिया। उन्होंने बताया कि जिन पात्र ग्रामीणों के नाम शामिल नहीं है, ऐसे छूटे हुए नामों को आवास प्लस प्लस में जोड़ा जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि सबके पास खुद का पक्का आवास उपलब्ध हों।
अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत :
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ग्राम स्तर पर सेवाओं और सुविधाओं का विस्तार करते हुए ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र भी शुरू किए गए हैं। इसके तहत हर ब्लॉक के 10-10 पंचायतों में सेवा शुरू की गई है। ग्रामीणों को अब हर छोटे मोटे काम के लिए ब्लॉक मुख्यालय अथवा बैंक नहीं जाना पड़ेगा। इसी तरह जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया को प्रदेश सरकार द्वारा सुगम एवं सरलीकृत किया गया है, जिससे लोगों को भटकना न पड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पटवारी, सचिव, शिक्षक के बारे में पूछा, जिस पर ग्रामीणों ने कहा कि सभी नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। अपने उद्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांकेर जिले की सुक्सी (सूखी मछली) बहुत स्वादिष्ट होती है। यहां के विधायक नेताम समय-समय पर सुक्सी का स्वाद चखाते हैं।
ग्रामीणों को दी 3.90 करोड़ रूपए के कार्यों की सौगात :
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर कुल 03 करोड़ 90 लाख रूपए के चार कार्यों की सौगात दी। उन्होंने मांदरी के हाईस्कूल अहाता निर्माण हेतु 20 लाख की घोषणा की। इसके अलावा मांदरी आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभाट मुख्यमार्ग से 600 मीटर सीसी सड़क निर्माण हेतु 15 लाख की स्वीकृति तथा झूरानाला से खेतों में सिंचाई के लिए नहर सुधार कार्य हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री साय द्वारा किसानों को कृषि आदान सामग्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मनरेगा जॉब कार्ड तथा नवनिर्मित आवास की सांकेतिक चाबी, समाज कल्याण विभाग की ओर से सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अलावा जिला प्रशासन की विशेष पहल ‘मावा मोदोल’ की नवीन पुस्तक ‘नई दिशा’ का निःशुल्क वितरण उपस्थित विद्यार्थियों को किया।
इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉं. बसवराजू एस, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, डीआईजी कांकेर अमित तुकाराम कांबले, कांकेर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला सहित अन्य अधिकारीगण व काफी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।
रायपुर 28 मई 2025/ छत्तीसगढ़ में आगामी 01 से 07 जून 2025 तक ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव के दौरान प्रदेश के 81 लाख से अधिक राशनकार्डधारी परिवारों को जून, जुलाई एवं अगस्त—तीनों माह का चावल एकमुश्त वितरित किया जाएगा।
राज्य शासन ने इस उद्देश्य से प्रदेश की 13,928 उचित मूल्य दुकानों को चावल का आबंटन जारी कर दिया है। सभी दुकानों में चावल का भण्डारण कार्य तेजी से जारी है ताकि वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस पहल से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों तक समय पर खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
राज्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 1 जून से 7 जून तक चावल उत्सव के दौरान सभी उचित मूल्य दुकानों से चावल का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर दुकानों में वितरण संबंधित जानकारी का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है।
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि चावल वितरण की सूचना स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित की जाए, जिससे प्रत्येक लाभार्थी तक यह जानकारी सुगमता से पहुंचे और वितरण पारदर्शी रहे।
खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज 28 मई को ‘चावल उत्सव’ की तैयारी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, खाद्य अधिकारियों एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक उचित मूल्य दुकान में समय से पूर्व चावल का समुचित भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। चावल का वितरण दुकान स्तर की निगरानी समिति की उपस्थिति में हो, और प्रत्येक लाभार्थी को ई-पॉस मशीन द्वारा बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के पश्चात ही चावल प्राप्त हो। साथ ही लाभार्थियों को वितरित चावल की पावती रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।
खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी की सुविधा को सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा तकनीक का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
मानसून के दौरान प्रदेश की 249 ऐसे उचित मूल्य दुकानें, जो वर्षा ऋतु में पहुंचविहीन हो जाती हैं, उनके लिए भी विशेष तैयारी की गई है। जून माह में ही इन दुकानों में अग्रिम चावल भण्डारण की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षाकाल में भी राशन वितरण अविरत जारी रह सके।
बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल और खाद्य विभाग के संचालक श्री रमेश शर्मा उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त सभी जिलों के कलेक्टर, खाद्य नियंत्रक, जिला खाद्य अधिकारी तथा जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
कोरिया। कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने थोक में पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश जारी किए है। एक निरीक्षक,चार उप निरीक्षक,तीन एएसआई समेत 108 पुलिसकर्मियों को प्रशासनिक कसावट की दृष्टि से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। महिला आरक्षकों के बीच तबादला आदेश जारी किए गए हैं।
देखें आदेश…



कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। बालको थाना क्षेत्र स्थित दोन्द्ररो गांव में शादी नहीं कराने से नाराज बेटे ने अपने ही पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह मामला 16 जून 2024 को सामने आया था। अब न्यायालय ने इस जघन्य हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने आरोपी अशोक कुमार केवट (30 वर्ष) को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गौरतलब है कि घटना के दिन अशोक ने अपने पिता दिलहरण केवट (55 वर्ष) पर कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और आगे की कार्रवाई की गई थी।

जानकारी के अनुसार, अशोक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दोनों बड़े भाइयों की शादी हो चुकी थी और वे अपने-अपने परिवारों के साथ अलग रहते थे। अशोक अपने पिता दिलहरण के साथ ही रहता था। दिलहरण खेती-किसानी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। अशोक घर की साफ-सफाई से लेकर पिता के लिए खाना बनाने तक के सारे काम करता था।

आरोपी
बताया जा रहा है कि अशोक लंबे समय से अपनी शादी की बात को लेकर परेशान था। पिता से कई बार इस संबंध में कहने के बावजूद कोई पहल नहीं होने से वह गुस्से में था। इसी गुस्से में उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
कांकेर : सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में उतरा। उन्होंनें पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्यवाही हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी।

इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है।
जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत:-
ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर हितग्राही इतवारीन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है । उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 3.90 करोड़ की घोषणा:-
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मांदरी हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति,मांदरी आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ सलाम घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर हेतु 15 लाख की स्वीकृति ,झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक कांकेर श्री आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ बसव राजू एस., कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, डीआईजी अमित कामले, कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री इंद्र कल्याण एलेसेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही का विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की डेमो चाबी, ट्राई साइकिल आदि वितरित की ।
रायपुर। छत्तीसगढ़वासियों के लिए खुशखबरी है. पहली बार नौतपा में मानसून ने छत्तीसगढ़ में दस्तक दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, (Monsoon enters Chhattisgarh) मानसून बस्तर पहुंच चुका है. कुछ दिनों बाद पूरे राज्य में सक्रिय हो जाएगा. इस बार 10 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन 13 दिन पहले 28 मई को ही बस्तर पहुंच गया. बता दें कि 2024 में 8 जून को बस्तर में मानसून पहुंचा था.
मौसम विभाग ने आज एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. रायपुर में बादल छाए हुए हैं. गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. वहीं बारिश से प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.3°C पेण्ड्रा रोड और सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 °C पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया है.

बस्तर से लेकर देवभोग तक बारिश
पिछले 24 घंटे में सुहेला, बस्तर से लेकर देवभोग तक बारिश हुई है. सुहेला में 6, देवभोग, बकावंड, भैरमगढ़ व माकड़ी में 4-4 सेमी, बस्तर, धनोरा, जगदलपुर, नानगुर, भोपालपट्टनम में 3-3 सेमी पानी गिरा है. इसी तरह दरभा, रतनपुर, कुमरदा, नारायणपुर, भाटापारा में 2-2, तोकापाल, कोहकामेटा, भानुप्रतापुर, अमलीपदर, लवन, अर्जुंदा, प्रेमनगर, फरसगांव, तमनार में एक-एक सेमी बारिश हुई है.
रायपुर। कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश में फैली चिंता के बीच एक सुकून देने वाली खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ का पहला पॉजिटिव मरीज महज तीन दिन में ही पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, मरीज को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। फिलहाल प्रदेश में केवल तीन एक्टिव केस रह गए हैं, जिनमें से कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है।
इन एक्टिव मामलों में दो मरीज रायपुर और एक दुर्ग का है। सभी में सर्दी, खांसी और हल्के बुखार जैसे सामान्य लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में किसी की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संक्रमण स्थानीय स्तर पर ही फैला है।
जेएन-1 वैरिएंट की चर्चा, लेकिन प्रदेश में स्थिति स्पष्ट नहीं
कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन-1 की पुष्टि हुई है, जिसने वहां संक्रमण दर को तेज़ी से बढ़ाया है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां पाए जा रहे मामले किस वैरिएंट से संबंधित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तैयारी के दावे किए हैं।
सामान्य लक्षण, मरीज एहतियातन आइसोलेट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के अनुसार, रायपुर में पॉजिटिव पाए गए दोनों मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं थे। पहले मरीज को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी और वह निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था। इसके बाद अवंति विहार निवासी एक महिला भी संक्रमित पाई गई, लेकिन उसकी स्थिति भी सामान्य है। दोनों ही मरीजों को एहतियातन आइसोलेशन में रखा गया है।
बदलते मौसम का असर
डॉ. चौधरी का कहना है कि मौसम में आई नमी और ठंडक की वजह से सर्दी-खांसी जैसे लक्षणों के साथ कुछ कोरोना मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कोरबा। ट्रक से हुई आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, वहीं अन्य दो सवारों गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची कोरबी चौकी पुलिस जांच में जुटी है. अमरकंटक के रहने वाले तीनों युवक गिट्टी खदान में काम करते थे, जो कोरबी जाते जाते समय हादसे का शिकार हो गए.
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार में रायगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ से कक्षा 10 वीं और 12 वीं के मेरिट लिस्ट में स्थान बनाने वाले पांचों छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की इस सफलता पर बधाई देते हुए सभी को लैपटाप प्रदान किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी, उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने छात्रों से कहा कि आप सभी ने न सिर्फ अपने परिवार व स्कूल ही नहीं बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। इसी तरह मेहनत करते हुए आगे अपना सफल कैरियर बनाएं। आज यह लैपटाप आपको दिया जा रहा है यह आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करने व आपकी आगे की पढ़ाई आसान बनाने में सहायता करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिन छात्रों को लैपटाप वितरित किया। उनमेें कक्षा 10 वीं की छात्रा हेमलता पटेल, आयुषी कुमारी एवं रौनित चौहान तथा कक्षा 12 वीं की छात्रा कृतिका यादव एवं तरंग अग्रवाल शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने एनएमएमएस परीक्षा में राज्य स्तर की मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली जिले की होनहार बच्ची दिया पाण्डेय को टेब देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने सभी बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति सहित पाँच महिलाओं को पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने धर्मजयगढ़ विकासखंड के कीदा गांव की बिरहोर जनजाति की दिलमत बाई, गुरुवारी बाई और शानीरो बाई को उनके नए आवास की चाबियाँ प्रदान कीं।
सुशासन त्यौहार के अवसर पर रायगढ़ आए मुख्यमंत्री नें हितग्राहियो को आवास की चाबीयां सौपी |जिले के बनोरा गांव की गीतांजलि सिदार और कुकुर्दा गांव की गुलाबी यादव को भी आवास योजना का लाभ मिला है| मुख्यमंत्री से आवास की चाबी प्राप्त कर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय और सरकार के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण और जनहितैषी योजना है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवास मिले। इसके तहत अब तक कई जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को आवास प्लस 2 योजना के माध्यम से शामिल करने के लिए सर्वे भी जारी है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी, लोकसभा सांसद,राज्यसभा सांसद, महापौर,जिला पंचायत अध्यक्ष व सभापति उपस्थित रहे।





























