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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वीसी में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव….

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वीसी में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की समीक्षा के साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी दी गई।

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी मौजूद थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी भी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के साथ उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।

बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा हर घर तक नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल जल कनेक्शनों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधानों पर भी इस दौरान चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की केंद्रीय कैबिनेट से अनुमोदन एवं उसकी शर्तों के बारे में सभी राज्यों को अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में जल जीवन मिशन की समयावधि को दिसम्बर-2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध किया। भारत सरकार द्वारा एकल ग्राम योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है। साव ने इसमें आंशिक संशोधन करते हुए मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। भारत सरकार द्वारा सुझाए गये बिन्दुओं को समाहित कर संशोधित ओएंडएम नीति (O&M Policy) लागू करनी होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत राशि जारी की जाएगी। साथ ही मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री सुजलम भारत मोबाइल एप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट किया जाना होगा तथा योजनाओं का फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन भी किए जाने की अनिवार्यता होगी। इन प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा मिशन के तहत योजनावार राशि जारी की जाएगी।





 

CG – पिता बना हैवान : कलयुगी पिता ने की बेटे की हत्या, फिर झूठी रची मौत की कहानी, ऐसे हुआ खुलासा…!!

CG – पिता बना हैवान : कलयुगी पिता ने की बेटे की हत्या, फिर झूठी रची मौत की कहानी, ऐसे हुआ खुलासा…!!

 जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पिता ने 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने घरवालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में डूबकर उसकी मौत हो गई, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यह पूरा मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र की है।

जानिए पूरा मामला

पामगढ़ थाना क्षेत्र के भिलौनी गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने ही 5 साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। फिर घर वालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में गिरकर उसकी मौत हो गई, लेकिन बच्चे की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, मृत बच्चे की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि शुक्रवार रात को उसका पति 5 साल के बच्चे के साथ ससुराल जाने के लिए निकला था, लेकिन बच्चे की लाश को लेकर वापस लौटा। इस दौरान उसने कहा कि उसका बच्चा साइकिल के साथ नहर में गिर गया और उसकी डूबकर मौत हो गई, लेकिन उल्टा महिला ने अपने ही पति पर गंभीर आरोप लगा दिए।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसी ने ही बच्चे की हत्या की है क्योंकि वह अक्सर शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करता था और बच्चे को खत्म कर देने की धमकी देता था। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो इस पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री साय

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री साय

 राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्रीगजेंद्र यादव, सांसद  संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर  मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।


 

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

 जशपुर।  जिले के पुलिस कप्तान और डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह की अनुशंसा पर पुलिस महकमें में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश में जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश में प्रभावित सभी अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापना स्थल में आमद देते हुए कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।


 

छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, सीएम साय ने किया सम्मान, भेंट की टाटा सिएरा कार

छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, सीएम साय ने किया सम्मान, भेंट की टाटा सिएरा कार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।

 आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।

इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।

CG : मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन आवासीय परिसर, 12 एकड़ जमीन आवंटित

CG : मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन आवासीय परिसर, 12 एकड़ जमीन आवंटित

रायपुर/मैनपाट: छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट (सरगुजा) को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) को 4.80 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि आवंटित की गई है। इस जमीन पर अटल विहार योजना के तहत एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक परिसर का निर्माण किया जाएगा।

केरल मॉडल पर आधारित होगा वेलनेस सेंटर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि यह परियोजना प्राकृतिक परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इसमें पर्यटकों के लिए सुरक्षित और किफायती ठहराव के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • आयुष और पंचकर्म: केरल की तर्ज पर वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा और हर्बल स्पा।
  • आधुनिक सुविधाएं: 24×7 क्लब हाउस, जिम, स्विमिंग पूल, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन।
  • इको-फ्रेंडली स्टे: पर्यटकों के लिए खास तौर पर ट्री हाउस और कॉटेज का निर्माण।
  • स्थानीय स्वाद: मिलेट्स कैफे के जरिए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा।
  • सांस्कृतिक क्षेत्र: स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव कराने के लिए विशेष जोन।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास अनिवार्य है। यह पहल न केवल पर्यटन को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

वहीं, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

वर्तमान में मैनपाट में गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। हाउसिंग बोर्ड के इस प्रोजेक्ट से पर्यटकों का ठहराव समय (Stay time) बढ़ेगा, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार यह योजना मैनपाट को देश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी।

सीएम विष्णु देव साय आज करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, घुमंतू और निराश्रित गौवंश को मिलेगा संरक्षण

सीएम विष्णु देव साय आज करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, घुमंतू और निराश्रित गौवंश को मिलेगा संरक्षण

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर से “गौधाम योजना” का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत प्रदेश में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा। राज्य सरकार ने घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। योजना के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में 1460 गौधाम स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि, प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़कों पर घूमने वाले और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। यह योजना प्रदेश में गौसंरक्षण और पशु प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

बता दें कि, इस योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

 

आम आदमी को लगा महंगाई का एक और झटका, इंडिगो ने टिकट के दाम में की बढ़ोतरी, इतना बढ़ाया किराया

आम आदमी को लगा महंगाई का एक और झटका, इंडिगो ने टिकट के दाम में की बढ़ोतरी, इतना बढ़ाया किराया

रायपुर। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब पूरे देश में दिखने लगा है। एक तरफ जहां पेट्रोल डीजल और LPG गैस सिलेंडर को लेकर किल्लत चल रही है। तो वहीं अब दूसरी ओर देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने अपने फ्लाइट टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण किराए में यह बढ़ोतरी की जा रही है।  एयरलाइन के अनुसार, यात्रियों से फ्यूल चार्ज के रूप में 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। IndiGo ने बताया कि, फ्लाइट टिकट की नई कीमतें 14 मार्च 2026 से लागू हो जाएंगी। यह नया शुल्क रात 12 बजकर 1 मिनट से प्रभावी होगा और सभी नई बुकिंग पर लागू रहेगा।

कंपनी ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के दाम में 85 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है।कंपनी का कहना है कि बढ़ती एविएशन फ्यूल लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे एयरलाइन संचालन की लागत को संतुलित किया जा सके।

 इंडिगो ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ATF की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसकी पुष्टि IATA के जेट फ्यूल मॉनिटर से भी हुई है। एयरलाइन के अनुसार ATF उसके संचालन की सबसे बड़ी लागत है और अचानक बढ़ी कीमतों का असर पूरे नेटवर्क पर पड़ रहा है।

प्रदेश में तीन दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

प्रदेश में तीन दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

रायपुर। तीज त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और एक के बाद कई तरह के धार्मिक पर्व आने वाले हैं। जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है। वहीं19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होने जा रही है। ऐसे में आगामी धार्मिक पर्वों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने मांस-मटन की दुकानों को तीन दिन बंद रखने का आदेश जारी किया है।

निगम प्रशासन के अनुसार, निगम क्षेत्र में 20, 27 और 31 मार्च 2026 को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बताया गया है कि 20 मार्च को चैट्रीचंड, 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को महावीर जयंत के अवसर पर यह आदेश लागू रहेगा। इन दिनों पशु वध गृह सहित निगम क्षेत्र की सभी मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम ने संबंधित व्यापारियों से आदेश का पालन करने की अपील की है।

बता दें कि, नवरात्र के समय बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं, इसलिए शहर में मांस बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई जाती है। ऐसे में कहा गया कि, अगर नियमो का उल्लंघन होता है तो दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जएगी।

कृषि विश्वविद्यालय के तीन मेधावी छात्रों को बैंक ऑफ बड़ौदा अचीवर्स अवॉर्ड -2026 से सम्मानित….

कृषि विश्वविद्यालय के तीन मेधावी छात्रों को बैंक ऑफ बड़ौदा अचीवर्स अवॉर्ड -2026 से सम्मानित….

 रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के तीन मेधावी छात्रों को 12 मार्च 2026 को कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित एक समारोह में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने-अपने शैक्षणिक वर्षों में कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, साजा (बेमेतरा) की प्रथम वर्ष की छात्रा दिलेश्वरी साहू, शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के द्वितीय वर्ष के छात्र देविदत्त जेना तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर की तृतीय वर्ष की छात्रा अनुष्का चौरसिया शामिल थीं। कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थि को 31,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल छात्रों को और अधिक परिश्रम करने तथा समाज और कृषि क्षेत्र मंि सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. डेव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा से आग्रह किया कि वह प्रतिवर्ष अचीवर्स अवॉर्ड का आयोजन करता रहे, जिससे छात्रों को उच्च शैक्षणिक उपलब्धियों की ओर प्रेरणा मिलती रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक  प्रदीप यादव ने कहा कि बैंक किसानों और छात्रों के कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज तथा कृषि समुदाय के उत्थान के लिए करें। उन्होंने समाज के कल्याण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में कृषि स्नातकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कृषि स्नातकों के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएँ हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बैंक आने वाले वर्षों में भी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगा।

समारोह के अंत में बैंक ऑफ बड़ौदा और विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा कृषि क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता के तकनीकी अधिकारी डॉ. रामा मोहन सावू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

 

छत्तीसगढ़ शिक्षा बजट 2026-27: 22 हजार 466 करोड़ से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

छत्तीसगढ़ शिक्षा बजट 2026-27: 22 हजार 466 करोड़ से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया है।

मंत्री  यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से राज्य के हर बच्चे को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार की पीएम  योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और विद्यार्थियों की प्रगति का आंकलन होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करेगी। इन विद्यालयों के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे सुदूर वनांचल के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

यादव ने बताया कि सरकार ने स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत 500 प्राथमिक स्कूल, 100 पूर्व माध्यमिक स्कूल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे तथा पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके। उन्हांेने कहा कि शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में विभाग का एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, शिक्षा आयोग, पाठ्य पुस्तक निगम और माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षकों की भर्ती अक्टूबर और नवंबर 2026 में परीक्षा आयोजित कर की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन का लाभ मिलेगा। स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल सके।

यादव ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 1 लाख 80 हजार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों की डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी के जरिए दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। इसके अलावा पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। प्रतिदिन छह विषयों का प्रसारण किया जाता है, जिसे दिनभर में चार बार दोहराया जाता है। भविष्य में दो-तरफा संवाद के लिए मोबाइल एप विकसित करने की भी योजना है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से प्रोजेक्टर और इंटरनेट की सहायता से विद्यार्थियों को वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योग शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों को सभी स्कूलों में शुरू करने की योजना है। साथ ही प्रतिदिन अंतिम कालखंड में खेलकूद को अनिवार्य किया जाएगा और विद्यार्थियों को सेना में अग्निवीर बनने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों के लिए 800 करोड़ रुपये, आरटीई के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजना के लिए 236 करोड़ 50 लाख रुपये, निःशुल्क गणवेश वितरण योजना के लिए 55 करोड़ रुपये, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना के लिए 66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष शरद गांगल, उपाध्यक्ष  वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।


 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।

उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।

योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा।

गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा।

गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


 

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

 रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई
परियोजना भी शुरू की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी।

इस अवसर पर विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्षनवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव,  छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी  अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


 

CG – विधायक का स्वैग : बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात पहुंचे विधायक, बारात में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

CG – विधायक का स्वैग : बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात पहुंचे विधायक, बारात में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

 राजिम। छत्तीसगढ़ की माटी की महक और ग्रामीण संस्कृति का एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ग्राम रावंड़ निवासी अपने साढ़ू भाई हृदय राम साहू के बेटे डोमन साहू के बारात आधुनिक सुख-सुविधाओं और तामझाम को त्यागकर पारंपरिक बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात में शामिल होने पहुंचे।

ग्राम रावंड़ से परसदा जोशी तक बैलगाड़ी की इस यात्रा ने बारातियों का उत्साह बढ़ाया और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का संदेश भी दिया। विधायक साहू अपने परिजन डोमन साहू के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ग्राम रावंड़ पहुंचे थे। यहाँ से बारात प्रस्थान के समय उन्होंने पुरानी परंपरा का सम्मान करते हुए बैलगाड़ी की सवारी चुनी। पूरे रास्ते छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीतों और बाजों के बीच विधायक का यह सादगी भरा अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।

विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आज इस बैलगाड़ी की यात्रा ने मुझे अपनी जड़ों और पूर्वजों की याद दिला दी है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी सादगी, हमारी संस्कृति और हमारी परंपराओं में है। आज के आधुनिक दौर में हम अपनी मूल पहचान को भूलते जा रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जब तक हम अपनी माटी से जुड़े रहेंगे तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित है।

यह बारात हमारी सांस्कृतिक विरासत का संगम था। मैं दूल्हे राजा डोमन और पूरे परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। इस यात्रा के माध्यम से मैं युवा पीढ़ी को यह संदेश देना चाहता हूँ कि अपनी संस्कृति पर गर्व करें, क्योंकि यही हमारी असली पूंजी है।

 

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है।  साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त  सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष  शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


 

CG – ज्वेलरी शॉप में फिल्मी स्टाइल में चोरी, लाखों के जेवर पहनकर फरार हुई शातिर महिला, जांच में जुटी पुलिस…

CG – ज्वेलरी शॉप में फिल्मी स्टाइल में चोरी, लाखों के जेवर पहनकर फरार हुई शातिर महिला, जांच में जुटी पुलिस…

रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में सराफा कारोबारी से ठगी का शिकार बनाया गया है। यहाँ एक महिला ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान पहुंची और करीब 5 लाख रुपये के जेवर पहनकर ट्रायल के बहाने चंपत हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित ‘मां दुर्गा ज्वेलर्स’ की है। जहां कमलेश्वरी साहू नाम की महिला अपने साथी मेषराम साहू के साथ दुकान पहुंची। उन्होंने दुकानदार पंकज सोनी से सोने का ‘रानी हार’ दिखाने को कहा। दुकान संचालक दुर्गा सोनी ने पास की दूसरी दुकान से रानी हार मंगवाकर उन्हें दिखाया।

महिला ने बड़ी चालाकी से खरीदारी का नाटक किया और पसंद आने के नाम पर कई जेवर पहन लिए। महिला ने ₹3.45 लाख का रानी हार, ₹1.08 लाख के चांद बाली, ₹19,500 का सोने की अंगूठी और ₹20,500 का चांदी की पायल व बिछिया पहन कर फरार हो गई है।

जेवर पहनने के बाद महिला ने दुकानदार को झांसा दिया कि उसकी सहेली बैंक से पैसे लेकर आ रही है और वह भी खरीदारी करेगी। वह फोन पर बात करते हुए दुकान के बाहर निकली और देखते ही देखते गायब हो गई।

महिला के जाते ही उसका साथी मेषराम साहू भी चुपके से खिसकने की कोशिश करने लगा, जिसे कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में उसने महिला का नाम और पता उगला। टिकरापारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और कमलेश्वरी साहू व मेषराम साहू को गिरफ्तार कर लिया है।

 

CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

बिलासपुर। न्यायधानी के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी में बिहार के गया निवासी 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार के 5 मार्च 2026 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों का आरोप है कि रोहित के गायब होने की सूचना प्रबंधन ने 6 मार्च की रात करीब 10:30 बजे दी, जबकि घटना उससे पहले ही घटित हो चुकी थी। पीड़ित परिवार के अनुसार, रोहित का अपने सहपाठी पंकज के साथ 5,000 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे प्रशासन ने अनदेखा किया।

परिजनों ने विश्वविद्यालय पर सीसीटीवी फुटेज न दिखाने, उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है; साथ ही छात्र के मोबाइल से उसकी माँ को भेजे गए संदिग्ध संदेशों ने किसी अनहोनी की आशंका को और गहरा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण में प्रबंधन की कथित लापरवाही और सुरक्षा खामियों को देखते हुए पीड़ित पिता अमरेंद्र कुमार ने बिलासपुर एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि छात्र के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच, सहपाठी पंकज से कड़ी पूछताछ और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच करते हुए जल्द से जल्द रोहित की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

छत्तीसगढ़ बजट में युवाओं को बड़ा तोहफा, ₹10 लाख का लोन और हाईटेक शिक्षा से मिलेगी नई उड़ान

छत्तीसगढ़ बजट में युवाओं को बड़ा तोहफा, ₹10 लाख का लोन और हाईटेक शिक्षा से मिलेगी नई उड़ान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बार के बजट में युवाओं के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। सरकार द्वारा लाई गई नई योजनाओं को लेकर युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इसी को लेकर हॉर्नबिल टीवी की टीम ने बिलासपुर के युवाओं से बातचीत कर उनकी राय जानी।

बिलासपुर के युवाओं का कहना है कि इस बार का बजट युवाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। युवाओं ने बताया कि सरकार द्वारा बिलासपुर में नालंदा परिसर बनाने की घोषणा की गई है, जिससे छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा। इसके साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन देने की योजना भी चला रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर युवा भी अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे और आत्मनिर्भर बन पाएंगे।

वहीं कुछ युवाओं ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण यानी टूरिज्म के लिए भी योजना लाई गई है। इससे छात्र अलग-अलग जगहों पर जाकर नई चीजें सीखेंगे और उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।

युवाओं का कहना है कि सरकार द्वारा स्कूलों और कॉलेजों को भी लगातार हाईटेक किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। कुल मिलाकर युवाओं का मानना है कि यह बजट उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

CG Assembly : छत्तीसगढ़ में बनेंगे 25 नए सरकारी कॉलेज भवन, उच्च शिक्षा के लिए 1306 करोड़ का बजट पास

CG Assembly : छत्तीसगढ़ में बनेंगे 25 नए सरकारी कॉलेज भवन, उच्च शिक्षा के लिए 1306 करोड़ का बजट पास

रायपुर, 13 मार्च 2026 :  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गई। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह बजट प्रावधान प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मंत्री ने बताया कि वंचित क्षेत्रों के लिए वित्तीय संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए 230.36 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 249.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए 103.10 करोड़ रुपये के प्रावधान को बढ़ाकर 120.23 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को विकास का प्रमुख स्तंभ बनाया है। वर्ष 2024-25 में राज्य में महाविद्यालयों की संख्या 335 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 343 हो गई है। इसी वर्ष 8 नए स्नातक महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें संगीत, विधि और शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल हैं।

नए विषय और महाविद्यालय स्थापना

दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के खड़गवा में बी.एड. (आईटीईपी) तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरगुजा विश्वविद्यालय में नए विषय शुरू करने तथा रामचंद्रपुर और घरघोड़ा महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन के लिए 1.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

25 नए महाविद्यालय भवन बनेंगे

मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण हेतु 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

ऑडिटोरियम, छात्रावास और बाउंड्रीवाल निर्माण

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोहका-नेवरा-तिल्दा में ऑडिटोरियम निर्माण, भानुप्रतापपुर में छात्रावास निर्माण और धमतरी महाविद्यालय के छात्रावास में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

36 महाविद्यालय बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र

मंत्री ने कहा कि राज्य के चयनित महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 36 शासकीय महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में 25 महाविद्यालयों को और वर्ष 2026-27 में 5 महाविद्यालयों के लिए प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

NAAC मूल्यांकन पर जोर

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब तक 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 राज्य विश्वविद्यालयों का NAAC द्वारा सफलतापूर्वक मूल्यांकन कराया जा चुका है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन

मंत्री वर्मा ने बताया कि राज्य में 335 शासकीय, 321 अशासकीय महाविद्यालयों, 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके तहत बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट प्रणाली और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जनरिक इलेक्टिव व एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स विकसित किए गए हैं।

PM-USHA योजना के तहत सुदृढ़ीकरण

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसके अलावा बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU (Multidisciplinary Education and Research Universities) योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

लैंगिक समावेशन और समानता पहल (Gender Inclusion and Equity Initiative) के तहत राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार और कबीरधाम जिलों को महिला शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रति जिला 10 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास के साथ राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके।

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नई शिक्षा नीति पर घिरी सरकार, मंत्री ने माना– अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई नीति

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नई शिक्षा नीति पर घिरी सरकार, मंत्री ने माना– अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई नीति

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में नई शिक्षा नीति का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या नीति के अनुसार सभी स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार 22 छात्रों पर एक शिक्षक की व्यवस्था का प्रावधान है, जबकि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के बाद औसतन 19 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। हालांकि मंत्री यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि यह व्यवस्था सभी स्कूलों में लागू है या नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में अभी नई शिक्षा नीति पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। इसके पीछे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी न होना और कुछ मामलों का कोर्ट में लंबित होना बताया गया।
विधायक राघवेंद्र सिंह ने स्कूलों के मर्ज होने और यू-डाइस कोड समाप्त होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने बताया कि विभाग ने अलग-अलग यू-डाइस कोड की जगह एक ही कोड रखने और बाकी को समाप्त करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि फिलहाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की व्यवस्था नहीं है। नई शिक्षा नीति के अनुसार 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और बालवाड़ी की व्यवस्था है। राज्य में 11 हजार बालवाड़ी स्वीकृत किए गए हैं।
चर्चा के दौरान शेषराज हरबंश ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिनमें जांजगीर जिले के कई स्कूल भी शामिल हैं। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूल बंद नहीं किए गए, बल्कि उन्हें मर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब 87 प्रतिशत स्कूल एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं और इसके लिए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यह भी कहा कि आज गांव-गांव में निजी स्कूल खुल रहे हैं और सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं है। इस पर मंत्री ने माना कि प्रदेश में 7 हजार से अधिक निजी स्कूल खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारणों की समीक्षा की जाएगी और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश की जाएगी, ताकि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे फिर से सरकारी स्कूलों की ओर लौट सकें।

गर्मी के चलते रेलवे का बड़ा फैसला, TTE अब स्लीवलेस कोट पहनकर करेंगे ड्यूटी….

गर्मी के चलते रेलवे का बड़ा फैसला, TTE अब स्लीवलेस कोट पहनकर करेंगे ड्यूटी….

रायपुर| गर्मी के मौसम में टिकट जांच ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को राहत देने के लिए रायपुर रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। अब मंडल में कार्यरत टिकट निरीक्षक (टीटीई) गर्मियों के दौरान पारंपरिक कोट की जगह स्लीवलेस कोट पहनकर ड्यूटी कर सकेंगे। टिकट चेकिंग स्टाफ की मांग पर रेलवे प्रशासन ने इसकी अनुमति दी है और गुरुवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ को प्लेटफॉर्म, ट्रेनों और कई बार खुले स्थानों पर लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में तेज धूप और उमस के कारण पारंपरिक कोट पहनकर काम करना कर्मचारियों के लिए काफी असहज हो जाता है। ऐसे में स्लीवलेस कोट की अनुमति मिलने से उन्हें राहत मिलेगी और वे अधिक सहजता से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पारंपरिक कोट गर्मी में भारी और असुविधाजनक महसूस होता है, जबकि स्लीवलेस कोट हल्का और आरामदायक होता है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक ड्यूटी करने में सुविधा मिलेगी। रायपुर रेल मंडल से प्रतिदिन 120 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट जांच की जिम्मेदारी करीब 240 टीटीई निभाते हैं। ये कर्मचारी ट्रेनों के भीतर, प्लेटफॉर्म पर और स्क्वॉड चेकिंग के दौरान लगातार यात्रियों के टिकट की जांच करते हैं।

गर्मी के मौसम में लगातार कोट पहनकर ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में स्लीवलेस कोट की अनुमति मिलने से कर्मचारियों को काम के दौरान काफी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्लीवलेस कोट पहनना अनिवार्य नहीं होगा। टीटीई अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार पारंपरिक कोट या स्लीवलेस कोट का चयन कर सकते हैं। रेलवे का कहना है कि कर्मचारियों को अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे यात्रियों को बेहतर और प्रभावी सेवाएं दे सकें।

स्लीवलेस कोट के फायदे

  • गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
  • हवा का बेहतर संचार होने से पसीना कम
  • हल्का होने से चलने-फिरने में आसानी
  • भारी कोट से होने वाली घुटन और असहजता कम
  • लंबे समय तक ड्यूटी करना होगा आसान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को दिए 15 करोड़ रुपये, जानिए किस योजना के लिए मिली मदद

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को दिए 15 करोड़ रुपये, जानिए किस योजना के लिए मिली मदद

रायपुर। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में आपदा प्रभावित राज्यों की मदद की जाती है। चालू वित्तीय वर्ष की संभवतः यह आखिरी बैठक थी, जिसमें प्रभावित राज्यों की मदद करने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी गई है।

इस उच्च स्तरीय समिति ने इस वर्ष आयी बाढ़, आकस्मिक बाढ़, बादल फटने से हुई घटनाओं, भूस्खलन, चक्रवात और तूफान से हुए नुकसान की समीक्षा की है। बैठक में उच्च स्तरीय समिति ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त मदद देने पर सहमति दी। यह राशि हर साल दी जाने वाली नियमित आवंटन के अतिरिक्त है।

बैठक में मंजूर 1,912.99 करोड़ रुपए में आंध्र प्रदेश को 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात को 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड को 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि भारत सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों को आवश्यक मदद करने की नीति बना रखी है। हर साल देशभर में आने वाली आपदाओं से हुए नुकसान की समीक्षा कर राज्यों को अतिरिक्त आवंटन दिया जाता है, जिससे प्रभावितों की मदद की जा सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को एसडीआरएफ के अंतर्गत 20,735.20 करोड़ रुपए और एनडीआरएफ के अंतर्गत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला: गुजारा भत्ता तय होने के बाद पति-पत्नी के तलाक को मिली मंजूरी

बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला: गुजारा भत्ता तय होने के बाद पति-पत्नी के तलाक को मिली मंजूरी

बिलासपुर। जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दी है। डिवीजन बेंच ने यह फैसला दंपती के बीच सुलह की संभावनाओं के खत्म होने और दो बेटियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुनाया है।

मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के तहत पति ने पत्नी को 51 लाख रुपए गुजारा भत्ता और अपनी दोनों बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 15-15 लाख रुपए की FD कराने पर सहमति जताई है।

महाराष्ट्र के राजोली निवासी व्यक्ति की शादी छत्तीसगढ़ निवासी महिला के 21 मई 2006 को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। विवाह के कुछ साल बाद दोनों के बीच वैचारिक मतभेद शुरू हो गए, जिसके कारण अक्टूबर 2018 से अलग रहने लगे थे।

अलग रहने के दौरान पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी थी। मामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने क्रूरता साबित नहीं होने का हवाला देते हुए 6 जुलाई 2024 को याचिका को खारिज कर दिया था।

फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने मामला सुलझाने के लिए पति पत्नी को मध्यस्थता भेजा। वहां दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई और आखिरकार 18 अगस्त 2025 को दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

समझौते के अनुसार पति, पत्नी को 51 लाख रुपए की राशि देने पर सहमत हुआ। अपनी दो बेटियों के नाम पर 15-15 लाख रुपए के दो एफडी करने पर सहमति बनी। पत्नी को अलग-अलग किस्तों में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए राशि सौंपी गई। 23 फरवरी 2026 तक बाकी 46 लाख रुपये का भुगतान भी पूरा कर दिया गया, जिसे पत्नी ने स्वीकार कर लिया है। मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के आधार पर हाई कोर्ट ने पति को तलाक की मंजूरी दे दी है।

CG Assembly : राजस्व मंत्री की चर्चा के दौरान सदन से गायब रहे विभागीय अधिकारी, विपक्ष का वॉकआउट

CG Assembly : राजस्व मंत्री की चर्चा के दौरान सदन से गायब रहे विभागीय अधिकारी, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के अनुदान मांगों की चर्चा में विभागीय अधिकारी सदन से गायब रहे। इसे लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई और चर्चा शुरू होने से पहले विभाग के बड़े अधिकारियों को सदन में बुलाने की मांग की परंतु सभापति धरम लाल कौशिक ने कार्यवाही जारी रखी। इससे नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट करते हुए अनुदान मांग की चर्चा में भाग नहीं लिया।