रायपुर – राजधानी रायपुर में एक बार फिर चलती कार में आग लगने की घटना सामने आई है। आमानाका ओवरब्रिज पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई,जब एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। मिली जानकारी के मुताबिक, कार चलाते समय चालक को अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलता रहा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
रायपुर । ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों की एंट्री पर समयबद्ध प्रतिबंध लागू कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक रिंग रोड-01 और रिंग रोड-02 से शहर में आने वाले 18 प्रमुख मार्गों पर सुबह 5:00 बजे से रात 12:00 बजे तक इन वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था आदेश जारी होने की तारीख से अगले एक महीने तक प्रभावी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि यह कदम शहर में बढ़ते जाम और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके। रोजाना भारी वाहनों के कारण शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग जाता था, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती थी।
प्रतिबंध जिन प्रमुख जगहों पर लागू रहेगा, उनमें तेलीबांधा चौक, केनाल रोड, महावीर नगर, राजेंद्र नगर, पचपेड़ीनाका, संतोषीनगर, भाठागांव, कुशालपुर, रायपुरा, डीडी नगर, अरिहंत नगर, टाटीबंध, हीरापुर टर्निंग, गोगांव तिराहा, गोंदवारा तिराहा, भनपुरी क्षेत्र, विधानसभा रोड और एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड-01 जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
प्रशासन ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पहले से बेहतर होगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने व्यापार प्रकोष्ठ के संभाग प्रभारी और सहप्रभारियों की घोषणा कर दी है, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी साफ नजर आ रही है। यह नियुक्तियां प्रदेश नेतृत्व की सहमति से की गई हैं और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी का उद्देश्य व्यापार वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाना है। नई जिम्मेदारियों के साथ पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को विस्तार देने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और आने वाले समय में व्यापार प्रकोष्ठ की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन आज काफी अहम रहने वाला है, जहां सदन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ओपी चौधरी, राजेश अग्रवाल और रामविचार नेताम विधायकों के सवालों का जवाब देंगे, वहीं वित्तमंत्री ओपी चौधरी विभिन्न दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।
आज की कार्यवाही में कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए गए हैं, जिनमें जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा। इसके अलावा विधायक पुन्नूलाल मोहले प्रतिवेदन पेश करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक भी प्रस्तुत करेंगे, जबकि वित्तमंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे।
वहीं विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला दो अशासकीय संकल्प भी सदन में रखेंगे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिलेगी और सदन का माहौल गरम रह सकता है।
जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ ब्लॉक के ग्राम बार से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां नहर में नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
मामला पामगढ़ ब्लॉक के ग्राम बार का है, जहां नहर में पानी के साथ बहते हुए एक नवजात का शव देखा गया। स्थानीय लोगों की नजर पड़ते ही मौके पर भीड़ जुट गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच कर रही है। फिलहाल शिशु की पहचान नहीं हो पाई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन का जीवन समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा।
उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, विधायक गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
रायपुर। प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से जारी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुरुवार को साय सरकार ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 पेश कर दिया। संभावना है कि बजट सत्र के अंतिम दिन इसे सदन द्वारा पारित भी कर दिया जाएगा।
विधेयक वर्तमान में लागू छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 1968 का स्थान लेगा। पुराने कानून में धर्मांतरण के बाद केवल जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देने का प्रावधान था, और जबरन धर्मांतरण को संज्ञेय अपराध माना गया था। समय और तकनीकी बदलाव के साथ वर्तमान परिदृश्य में 1968 का कानून पर्याप्त नहीं रहा, इसलिए नए विधेयक के माध्यम से व्यापक प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
विधेयक में कुल छह अध्याय और 31 बिंदु हैं, जो वैध और अवैध धर्मांतरण को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं। इसके मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
अवैध धर्मांतरण पर सजा: 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना।
संवेदनशील समूह (नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग): 10 से 20 साल की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना।
सामूहिक धर्मांतरण: 10 साल से आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपये जुर्माना।
अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होंगे, सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी।
विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि झूठ, बल, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, दबाव, मिथ्या जानकारी या डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण अवैध होगा। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम प्राधिकारी को पहले सूचना देनी होगी, जिसे सार्वजनिक रूप से 30 दिनों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा ताकि आपत्ति दर्ज की जा सके।
इसके अलावा, विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की स्थिति में, समारोह आयोजित करने वाले पादरी, फादर, मौलवी या अन्य धार्मिक अधिकारी विवाह की तारीख से आठ दिन पहले सक्षम प्राधिकारी के सामने घोषणा पत्र प्रस्तुत करेंगे। प्राधिकारी तय करेगा कि विवाह कहीं धर्मांतरण के उद्देश्य से तो नहीं किया जा रहा है।
विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। साथ ही, पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।
सक्ती। जिले से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक दिव्यांग शिक्षक की टांगी मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। फिर उसके शव को आग लगा दिया गया। घटना के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। मृतक शिक्षक का नाम देवानंद भारद्वाज था और पिहरीद में पदस्थ थे।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला जैजैपुर थाना क्षेत्र का है। जर्वे गांव में शिक्षक की हत्या की गई। बताया जा रहा है कि दिव्यांग शिक्षक देवानंद भारद्वाज अपनी ट्राइसाइकिल से घूमने के लिए निकले थे। इसी बीच घात लगाए आरोपी ने टंगिया से वार कर शिक्षक की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके लाश को उसके घर के पीछे ले जाकर जला दिया था। ह्त्या की वारदात से पूरे गाओं में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से की।
घटना की सूचना मिलते ही जैजैपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद से पूरे गांव में सनसनी फैली हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
जमीन विवाद में हत्या
सक्ती पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक शिक्षक का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि जमीन विवाद के चलते ही दिव्यांग शिक्षक की हत्या कर दी गई।
फिलहाल, पुलिस को जिस व्यक्ति पर संदेह है, वो व्यक्ति फरार है। पुलिस संदेही को पकड़ने के लिए गांव में घेराबंदी कर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है।
सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यत: रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं।
वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा।
इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
आयुष्मान की प्रोत्साहन राशि में गड़बड़ी की गूंज सदन में, विपक्ष ने लगाया 60 लाख की अनियमितता का आरोप
रायपुर। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के कुंवर सिंह निषाद ने बालोद जिले के अर्जुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में अनियमितता का मामला उठाया। उन्होंने इसमें लगभग 60 लाख रुपए वहां पदस्थ डॉक्टर द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटरों की मदद से फर्जी तरीके से अपने खाते में डलवाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि दोषी डॉक्टर पर क्या कार्रवाई की है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसमें किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता से इंकार करते हुए कहा कि डॉक्टर के खाते में कोई राशि जमा नहीं हुई है ऐसे में कार्रवाई की कोई जरूरत ही नहीं है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी डॉ. रवि मित्तल को केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव (Deputy Secretary) नियुक्त किया गया है।
बता दें कि डॉ. रवि मित्तल की छवि एक बेहद सुलझे हुए और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारी की रही है। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई की है। डॉक्टरी छोड़कर उन्होंने देश सेवा के लिए सिविल सेवा का रास्ता चुना।
वे जशपुर कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। डॉ मित्तल ने महासमुंद, रायगढ़ व रायपुर में जिला पंचायत सीईओ के रूप में कार्य किया है । वे 2018 में बगीचा एसडीएम भी रह चुके हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था जल्द ही एक बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। पारंपरिक राशन दुकानों के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर ‘ग्रेन एटीएम’ शुरू करने की तैयारी में है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत राजधानी रायपुर के शास्त्री मार्केट क्षेत्र में प्रदेश का पहला ग्रेन एटीएम लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।
खाद्य विभाग इस नई पहल के जरिए राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ग्रेन एटीएम मशीन के माध्यम से लाभार्थी सीधे मशीन से निर्धारित मात्रा में अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इससे पारंपरिक उचित मूल्य दुकानों पर निर्भरता कम होगी।
इस प्रणाली में हितग्राही को राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद मशीन से तय मात्रा में चावल या गेहूं बाहर निकल आएगा। अधिकारियों के मुताबिक इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और तौल में गड़बड़ी या हेराफेरी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे प्रदेश में विस्तार
सूत्रों के अनुसार, रायपुर में सफल क्रियान्वयन के बाद इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में इस तरह की मशीन आधारित व्यवस्था को लागू करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर हायर ज्यूडिशियल सर्विस से जुड़े न्यायिक अफसरों का तबादला सूची जारी किया है।
देखें जारी ट्रांसफर ऑर्डर में ज्यूडिशियल अफसरों के नाम….







बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन अंतर्गत गोंदिया रेलवे स्टेशन पर रेल सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से आगामी 5 से 24 अप्रैल तक 20 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इस अवधि के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर नए बैलेस्टिक ट्रैक के निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे भविष्य में न केवल ट्रेनों की गति बढ़ेगी बल्कि रेल संचालन भी अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
हालांकि, इस निर्माण कार्य के चलते रेल यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि रेलवे ने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस जैसी करीब 10 प्रमुख ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त, कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से भी संचालित किया जाएगा, जिसमें बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 4 से 25 अप्रैल तक केवल दुर्ग तक ही चलेगी और यहीं से वापस लौटेगी, यानी गोंदिया और दुर्ग के बीच इसका परिचालन बंद रहेगा। प्रभावित होने वाली मुख्य ट्रेनों में शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस (4-24 अप्रैल), एलटीटी-शालीमार (6-26 अप्रैल), कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (5-25 अप्रैल) और अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (7-27 अप्रैल) शामिल हैं, जबकि गोंडवाना और विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी चयनित तिथियों पर बाधित रहेंगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले 139 हेल्पलाइन नंबर या ‘नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम’ (NTES) के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति की जांच अवश्य कर लें, ताकि स्टेशन पहुंचने पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
रायपुर: खरसिया विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनबरसा के आश्रित ग्राम आड़ाझर में जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। इस बदलाव की एक सशक्त मिसाल हैं राधिका साहू, जिनके घर नल कनेक्शन मिलने से उनकी दिनचर्या पूरी तरह आसान हो गई है।
पहले राधिका साहू को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता था। दिन में तीन से चार बार भारी बर्तनों में पानी भरकर लाना उनके लिए बेहद कठिन काम था। गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता था। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन दिए गए। राधिका साहू के घर में भी नल से पानी की सुविधा मिलने लगी।
अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। वे अब अपने घर के काम अधिक व्यवस्थित तरीके से कर पा रही हैं और बच्चों की पढ़ाई व देखभाल पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। राधिका साहू बताती हैं कि अब पानी की चिंता खत्म हो गई है और जीवन पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हो गया है। यह योजना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है।
रायपुर: पीएम योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।

ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।
रायपुर: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम खड़गवां की निवासी लीलावती आज आत्मनिर्भरता और संघर्ष से सफलता की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली लीलावती ने अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर खुद को एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया है।
संघर्षों से भरा था प्रारंभिक जीवन
लीलावती का शुरुआती जीवन आर्थिक चुनौतियों से भरा रहा। उनके पति गजराज सिंह नेटी पेंटिंग का कार्य करते थे, जिनकी मासिक आय 30 से 40 हजार रुपए के बीच थी। सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन होता था, जिससे उन्हें कई बार आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता था। लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी लीलावती ने हार नहीं मानी।
बिहान योजना बनी बदलाव का आधार
लीलावती के जीवन में सकारात्मक मोड़ तब आया, जब गांव में सीआरपी दीदी के माध्यम से स्व-सहायता समूह का गठन हुआ। उनके मार्गदर्शन में लीलावती ‘गुलाबी स्व सहायता समूह’ से जुड़ीं, जो कल्पना महिला संकुल संगठन बरदर के अंतर्गत कार्यरत है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से 40 हजार रुपए की पहली आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिसने उनके लिए आत्मनिर्भरता की राह खोल दी।
बकरी पालन से शुरू हुआ सफर
प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए लीलावती ने चार बकरियों से अपने व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया और बाद में अतिरिक्त सहायता मिलने पर बकरियों की संख्या बढ़ाकर आठ कर ली। इस छोटे से प्रयास ने उन्हें नियमित आय का स्रोत प्रदान किया और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी।

मिक्सचर मशीन से बढ़ी आमदनी
अपने उद्यम को और सशक्त बनाने के लिए लीलावती ने बैंक लिंकेज के माध्यम से मिक्सचर मशीन भी खरीदी। इस पहल से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और आज वे प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख से 1.8 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। अब उनका परिवार आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो चुका है और वे आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर रही हैं।
मेहनत, मार्गदर्शन और समूह की ताकत
लीलावती की सफलता के पीछे उनकी नियमित समूह बैठकों में भागीदारी, वीओ स्तर पर सक्रियता और बिहान कार्यालय से प्राप्त निरंतर मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, सहयोग और प्रेरणा मिले, तो वे न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं। लीलावती की यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त तस्वीर है, जो यह संदेश देती है कि हौसले और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
रायपुर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों के समुचित उपचार एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजकिशोर नगर में पोषण किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर 12 टीबी मरीजों को एसईसीएल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोटीन युक्त पोषण किट प्रदान किए गए।

सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल ने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी में दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक होता है। पोषण किट मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है और मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना भी मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने में इस प्रकार की पहल अहम भूमिका निभा रही है। एसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत किया गया यह सहयोग मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मरीजों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और संस्थाओं के सहयोग से ही टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक व्यक्ति की घर के पूजा रूम में लाश मिली। बताया जा रहा है कि मृतक ने तंत्र-मंत्र के फेर में खुद का गला काटकर अपनी जान दे दी। घटना से पहले मृतक ने एक चाकू खरीदकर लाया था। फिलहाल घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की जा रही है।
जानिए पूरा मामला
घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा का है। चंदन नट 45 वर्षीय अपने परिवार के साथ ग्राम जोंधरा में रहता था। चंदन भीख मांग कर खुद का और अपने परिवार को पालन-पोषण करता था। बताया जा रहा हैं कि चंदन घर लौटा था। घर आने के बाद उसने अपने बड़े भाई के साथ कुछ समय बिताया और फिर पूजा करने के लिए पूजा कक्ष में चला गया था।
शाम 7 बजे पूजा कक्ष से चंदन की जमकर चीखने की आवाज आई। चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो चंदन के गले पर जख्म का निशान था और पास ही एक चाकू पड़ा था। परिजनों ने तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया, जहां पर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और घटना की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मौत से पहले चंदन ने एक चाकू बाजार से खरीदा था। पूजा-पाठ में चंदन को ज्यादा विश्वास था। आशंका जताई जा रही है कि तंत्र-मंत्र के फेर में फंसकर चंदन ने खुद के गले पर वार कर आत्महत्या कर ली।
फिलहाल मामले को लेकर बिलासपुर पुलिस जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की टीम परिजनों से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
गरियाबंद। पुलिस अधीक्षक कार्यालय गरियाबंद द्वारा प्रशासनिक आधार पर तबादला आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत जिले में पदस्थ कई प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई पदस्थापना दी गई है।
देखें लिस्ट…

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने आत्मसमaर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा।
इस अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।
रायपुर: मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल दो दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल अपने प्रवास के यहां कई धार्मिक, सामाजिक और शिष्टाचार भेंट कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
आज शाम रायपुर पहुंचने के बाद उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात वे क्वींस क्लब में विंध्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए शुरू हुई हवाई सेवा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों और रेल सेवाओं का बेहतर होना जरूरी है। इससे पहले रीवा से दिल्ली और इंदौर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रीवा से दुर्ग तक ट्रेन सेवा जल्द शुरू करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में विंध्याचल कल्याण सर्व समाज द्वारा शुक्ल का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। विधायक किरण सिंहदेव ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू होना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आवागमन आसान हो गया है।
ज्ञात हो कि उपमुख्यमंत्री शुक्ल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को वे सुबह 11.15 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके निवास (स्पीकर हाउस) में सौजन्य भेंट करेंगे। इसके पहले वे नालंदा परिसर का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 12.05 बजे पहुंना गेस्ट हाउस में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों से मुलाकात कर क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, रीवा के पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी, समाज के संरक्षक शंकर सिंह गहरवार, अध्यक्ष कल्याण प्रसाद पांडेय, डॉ. व्यास मुनि द्विवेदी, मधुकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


















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