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ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, जानें कब-कब रहेंगी छुट्टियां…

ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, जानें कब-कब रहेंगी छुट्टियां…

 रायगढ़। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। पहले स्थानीय अवकाश 16 जुलाई गुरुवार को रथ यात्रा के दिन रहेगा। दूसरा स्थानीय अवकाश 19 अक्टूबर सोमवार महानवमी के दिन रहेगा। तीसरा स्थानीय अवकाश 9 नवंबर सोमवार दीपावली के दूसरे दिन को रहेगा। उक्त अवकाश कोषालय, उपकोषालय और बैंकों के लिए लागू नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ के इस गांव में शराब पीने और गाली-गलौज करने पर लगेगा 5100 रुपए जुर्माना, बताने वाले को दिए जाएंगे 2100 रुपए, ग्रामीणों ने इस वजह से लिया फैसला

छत्तीसगढ़ के इस गांव में शराब पीने और गाली-गलौज करने पर लगेगा 5100 रुपए जुर्माना, बताने वाले को दिए जाएंगे 2100 रुपए, ग्रामीणों ने इस वजह से लिया फैसला

 दुर्ग। करीब 2600 की आबादी वाले ग्राम लोहरसी के बीचों-बीच खुले मैदान में हर शाम शराबियों की महफिल सजती थी। देर रात तक चलने वाली गाली-गलौज और विवाद के कारण महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया था, वहीं बच्चे भी घर से बाहर जाने में डरते थे।

लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम सरपंच की पहल पर ग्रामसभा ने एकजुट होकर सख्त और ऐतिहासिक निर्णय लिए, जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गए हैं। संपूर्ण बस्ती पारा क्षेत्र में शराब सेवन और गाली-गलौज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

ग्रामसभा के निर्णय के अनुसार शराब सेवन या गाली-गलौज करते पाए जाने पर 5100 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि बस्ती फंड में जमा होगी। वहीं शराब पीने की सूचना देने वाले को प्रोत्साहन स्वरूप 2100 रुपए बस्ती फंड से दिए जाएंगे। जुर्माने की राशि नकद वसूली जाएगी और इसका उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जाएगा।

60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव का नहीं बना था राशन कार्ड…मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश

60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव का नहीं बना था राशन कार्ड…मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश

 रायपुर 08 जनवरी 2025/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल श्री राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।

मुख्यमंत्री को श्री राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल श्री राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

 रायपुर, 08 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।

.. इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।

समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।

यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला को तुरंत मंजूर हुए 5 लाख रुपए

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला को तुरंत मंजूर हुए 5 लाख रुपए

 मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना से सहायता राशि की तत्काल मिली स्वीकृति

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी बसंती साव को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि की तत्काल स्वीकृत मिली।

बसंती साव ने बताया कि उनका दोनों पैर लकवाग्रस्त है, उनका इलाज रायपुर स्थित एम्स, मेकाहारा सहित एक निजी अस्पताल में कराया जा चुका है। इलाज लगातार जारी है। इस वजह से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगे इलाज के लिए लगभग 6 लाख 40 हजार रुपए का खर्च अनुमानित है। आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवार से होने के कारण उनके लिए इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं। उनके पति प्रेमकुमार साव ने बताया कि मुख्यमंत्री जनदर्शन में अपनी पीड़ा रखने के बाद उन्हें तुरंत मदद मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए आर्थिक सहायता की त्वरित स्वीकृति पर आभार जताया।

मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन के दौरान बसंती साव के आवेदन को गंभीरता से देखा और उनकी स्थिति को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए, ताकि बिना किसी देरी के सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायता राशि की तत्काल स्वीकृति दी गई। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री की पहल पर उन्हें 25 हजार रुपए और 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

 
मुख्यमंत्री जनदर्शन में दिव्यांगजनों को मिली राहत, सीएम साय ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र

मुख्यमंत्री जनदर्शन में दिव्यांगजनों को मिली राहत, सीएम साय ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र

 रायपुर, 08 जनवरी 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा।

इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। श्री दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए।

जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी सागर नायक एवं उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।

श्रवण यंत्र मिलने पर उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।

 
रायपुर में 18 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, घर में फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप

रायपुर में 18 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, घर में फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अमलीडीह इलाके से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मारुति रेसिडेंसी में रहने वाली 18 साल की युवती ने बुधवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हडकंप मच गया है। मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अमीना पटेल ने दोपहर के समय अपने कमरे में आत्मघाती कदम उठाते हुए फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले पुलिस उसकी मां को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इसी बात से युवती मानसिक दबाव में आ गई और उसने यह कदम उठा लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और दबाव के कारण यह दुखद घटना हुई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमीना के पिता महेंद्र पटेल के खिलाफ वर्ष 2022 में मंदिर हसौद थाने में नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। कोर्ट से उनके खिलाफ कई बार वारंट जारी हुए, लेकिन वे लगातार फरार चल रहे थे। इसी सिलसिले में पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए उनकी पत्नी खिली पटेल को महिला थाने ले गई थी।

मां के पुलिस के साथ जाने के बाद अमीना घर पर अकेली रह गई। कुछ ही देर बाद पड़ोसियों ने घर के भीतर से संदिग्ध स्थिति देखी, दरवाजा तोड़ा और युवती को फंदे से उतारा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अमीना अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच किए जाने की बात कही है।

CG : मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर की पिता की हत्या, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG : मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर की पिता की हत्या, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 कांकेर - कांकेर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नरहरपुर थाने के मर्रामपानी में घर वालों ने मिलकर नशेड़ी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान 35 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है, जो शराब पीकर अपने परिवार से मारपीट करता था।

परिजनों ने बताया कि, मृतक शराब के नशे में परिवार वालों से मारपीट करता था, जिससे परेशान होकर उसकी मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर उसकी हत्या करने का साजिश रची और जब घटना के दिन भी मृतक ने शराब पीकर परिवार के सदस्यों से मारपीट की, तब परिजनों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों ने मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया है, जिसमें उसकी मां, पत्नी और बच्चों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 
AICC ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

AICC ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

 रायपुर।  AICC ने चार राज्यों असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। जिसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम विधानसभा चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है।

वहीं प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को केरल विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई। तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को पर्यवेक्षक नियुक्त।पश्चिम बंगाल के लिए सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी जिम्मेदारी संभालेंगे। ये नियुक्तियां मार्च-अप्रैल 2026 के संभावित चुनावों की तैयारी के लिए हैं।

Bhupesh Baghel:बता दें कि, इन पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों में संगठनात्मक समन्वय, चुनावी रणनीति की निगरानी, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और स्थानीय नेतृत्व के साथ तालमेल सुनिश्चित करना होगा।

जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी ! मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मचा हड़कंप

जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी ! मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मचा हड़कंप

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस कोर्ट को तुरंत खाली कराया और बम निरोधक दस्ता मौके पर जांच के लिए पहुंचा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव जिला न्यायालय में सुरक्षा अलर्ट है। वकील और आम नागरिकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। किसी अप्रिय घटना की आशंका के बाद न्यायालय परिसर की सघन जांच जारी है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

बता दें कि, वेबसाइट पर धमकी भरा मेल भेजा गया। जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और बम निरोधी दस्ता मौके पर पहुंचा। वहीं घटना की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में पुलिस सघन सर्चिंग कर रही है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की

 00 रायपुर की आईपीएचएल देश की पहली एनक्यूएएस प्रमाणित प्रयोगशाला बनी - छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया राष्ट्रीय मानक

00 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ को दी बधाई: मुख्यमंत्री साय ने आभार व्यक्त किया
00 राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प दोहराया
रायपुर।
 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (आईपीएचएल) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (एनक्यूएएस) का प्रमाणन प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में श्री नड्डा ने उल्लेख किया कि रायपुर आईपीएचएल देश में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय एवं क्वालिटी-अश्योर्ड डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत किया है और सेवा-प्रदाय के नए मानक स्थापित किए हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने आगे कहा कि आईपीएचएल की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (पीएम-अभिमन्यु) का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य गुणवत्ता-सुनिश्चित, अस्पताल-विशिष्ट एवं रोग-विशिष्ट प्रयोगशाला निदान उपलब्ध कराना है। रायपुर आईपीएचएल को प्रदान किया गया यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला ने अपने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधो संरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त किया है।

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया कि वह रायपुर मॉडल को श्रेष्ठ अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रौद्योगिकी-सक्षम और मानक-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को भी दर्शाती है। यह प्रमाणन संस्थागत परिपक्वता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता आश्वासन की सुदृढ़ होती संस्कृति का परिचायक है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर आईपीएचएल को प्राप्त एनक्यूएएस प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना के क्षेत्र में सतत एवं परिणाममूलक सुधार किए गए हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के अन्य जिलों में भी आईपीएचएल को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने पुन: आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान सुदृढ़ करेगा।

धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर

धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर

 00 प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

रायपुर। धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।
लघुवनोपज आधारित उद्योग से मिली आर्थिक मजबूती
प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
महिला स्वसहायता समूह को मिला स्थायी रोजगार
उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।

आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन और मूल्य संवर्धन क्षमता
योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।
सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट
ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

चार राज्यों तक विस्तारित कारोबार, सालाना 4 लाख की आय
चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।
वन संरक्षण, आजीविका और जागरूकता का समन्वय
इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार
श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम

 रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह योजना आम नागरिकों को बिजली बिल से राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर ने अपने निवास ग्राम पार्रीकला में 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर पैनल की स्थापना के बाद उन्हें योजना का प्रत्यक्ष और दीर्घकालीन लाभ मिल रहा है।

हितग्राहियों को डबल सब्सिडी, बिजली पूरी तरह इको-फ्रेंडली
श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत उन्हें 3 किलोवॉट के सोलर पर केंद्र शासन से 78 हजार रुपये तथा राज्य शासन से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी शीघ्र ही सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे सोलर पैनल स्थापना की लागत में उल्लेखनीय कमी आई। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगाए जाने से उनके निवास का बिजली बिल शून्य हो गया है, जिससे घरेलू खर्च में बड़ी राहत मिली है। सौर ऊर्जा से प्राप्त बिजली पूरी तरह इको-फ्रेंडली है और भविष्य के लिए सुरक्षित व टिकाऊ विकल्प है।

प्राकृतिक ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को भी प्रोत्साहन
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि प्राकृतिक ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिल रहा है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया तथा जिले के नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ लेकर सौर ऊर्जा अपनाएं और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देगी समाधान योजना, बिल बकाया होने पर नहीं मिलता है नया बिजली कनेक्शन

निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देगी समाधान योजना, बिल बकाया होने पर नहीं मिलता है नया बिजली कनेक्शन

 00 बिल जमा करवाने पर मिलेगा 10 से 15 प्रतिशत की प्रोत्साहन राशि

रायपुर। विभिन्न कारणों से निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने नई समाधान योजना लागू की है, जिसमें उनके लंबे समय से लंबित देयकों का भुगतान कराने की सुविधा दी जाएगी। इस कार्य में अधिकृत मीटर रीडर उपभोक्ताओं की सहायता करेंगे। इस योजना का लाभ लेकर निष्क्रिय उपभोक्ता भी अपनी प्रापर्टी में नया मीटर लगवा सकेंगे।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में ऐसे पौने तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिनके बिल लंबे समय से बकाया हैं। बिल बकाया होने के कारण उनके घरों व प्रापर्टी से बिजली मीटर निकाल कर वापस ले लिये गए हैं, उन्हें नया कनेक्शन नहीं दिया जाता है। दरअसल डीआरए (ड्यूज रिकवरी एक्ट) के तहत बिल बकाया होने पर उपभोक्ता को नोटिस दिया जाता है, फिर कनेक्शन काट दिया जाता है। उसके बाद भी बिल जमा नहीं करने पर उनके घर का मीटर निकाल लिया जाता है। प्रदेश में दो लाख 76 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं, जो निष्क्रिय की श्रेणी में हैं। उनसे पॉवर कंपनी के 175 करोड़ रूपए लेने हैं। कई ऐसे प्रकरण हैं, जिसमें उपभोक्ता का निधन हो गया है या फिर प्रापर्टी बिक गई है। उन्हें नया बिजली कनेक्शन तब तक नहीं दिया जाता, जब तक उस भूमिस्वामी पर कोई बिजली बिल बकाया न हो। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए समाधान योजना लागू की गई है, जिसमें प्रदेशभर में नवीन मीटर रीडर योजना के तहत कार्य कर रहे स्वतंत्र मीटर वाचक बकाया राशि जमा करवाने में सहयोग करेंगे। इसके एवज में पॉवर कंपनी निष्क्रिय उपभोक्ताओं से प्राप्त बकाया राशि का 10 से 15 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन स्वरूप देगी।

वितरण केंद्र निष्क्रिय बकायादारों की प्रमाणिक सूची मीटर रीडिरों को उपलब्ध कराएंगे। अपने नियमित मीटर रीडिंग का कार्य पूरा करने के बाद 15 तारीख से उन्हें बकाया राशि जमा कराने की प्रक्रिया के लिए निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क करना होगा। यदि उन्हें बिलों में त्रुटि की शिकायत रहेगी तो दस्तावेजी प्रमाण के साथ संबंधित कार्यालय में उसे सुधार कराने में सहयोग प्रदान करेंगे। उपभोक्ताओं को मांग-पत्र, नोटिस, पुनरीक्षित देयक प्रदान कर जब राशि प्राप्त हो जाएगी, उसमें से निश्चित प्रतिशत में प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। संबंधित कार्यपालन अभियंता (संचारण-संधारण-शहर) व्दारा हर महीने मीटर रीडरों व्दारा जमा कराए गए बिलों की सिस्टम जनरेटेड रिपोर्ट उपलब्ध कराएँगे, जिसके आधार पर मीटर रीडर को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

प्रोत्साहन राशि देयक संबंधित कार्यपालन अभियंता द्वारा प्रदत्त सूची में दर्ज यथा क्रमांक,पेज नंबर को सत्यापित किया जाएगा साथ ही राशि जमा पर सीआरए नंबर व तिथि भी अंकित करेंगे ।इसमें अधिकृत मीटर रीडर को विभाग व्दारा जारी परिचय पत्र रखना अनिवार्य होगा।

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

 विशेष लेख - धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक व प्रदीप कंवर ,सहायक संचालक

रायपुर। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की नींव सशक्त मानसिकता पर आधारित होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास व्यक्ति को सफलता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। सूरजपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की है। ये महिलाएं न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि जिले की महिलाओं एवं बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है
पोषण आहार (रेडी-टू-ईट या क्रञ्जश्व) निर्माण संयंत्र सरकार द्वारा संचालित ऐसी इकाइयाँ हैं, जो आंगनवाडिय़ों और अन्य योजनाओं के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए पौष्टिक, पहले से तैयार भोजन बनाती हैं, जिसे महिला स्व-सहायता समूहों (स्॥त्रह्य) द्वारा चलाया जाता है, जिससे पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है, जिसमें गेहूं, दालें, और दूध जैसे घटक शामिल होते हैं, जो प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। 
स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्काल उपभोग हेतु तैयार पोषण आहार (रेडी टू ईट) निर्माण संयंत्र का शुभारंभ किया गया है। इन संयंत्रों में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण किया जा रहा है, जो विटामिन ए, विटामिन डी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पाइरीडॉक्सिन, फोलिक अम्ल, कोबालामिन, लोह तत्व (आयरन), कैल्शियम एवं जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर है।

विशेष लेख : सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न
जिले प्रशासन द्वारा जिले में कुल 07 पोषण आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए है। यहां वर्तमान में भैयाथान, प्रतापपुर एवं सूरजपुर विकासखंड में तीन संयंत्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न हैं। निर्मित पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में अप्रत्यक्ष किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बात है कि पोषण आहार के निर्माण के साथ-साथ उसके वितरण की भी जिम्मेदारी भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है।
भैयाथान विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह
सूरजपुर विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह तथा प्रतापपुर विकासखंड में 13 स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से वितरण कार्य में अपनी भूमिका निभा रही है। इन समूहों के माध्यम से कुल 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार वितरण कार्य में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इस योजना से महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मानसिक रूप से सशक्त ये महिलाएं अब घरेलू कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल न केवल निश्चित रूप से जिले में पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

3 किलो वाट के सोलर रूफटॉप संयंत्र में बैटरी की जरूरत नहीं , अन्य रखरखाव भी आसान

3 किलो वाट के सोलर रूफटॉप संयंत्र में बैटरी की जरूरत नहीं , अन्य रखरखाव भी आसान

 00 हजारों लोग उठा रहे हैं शून्य बिजली बिल का लाभ 

रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों के रख-रखाव में खर्च को लेकर कुछ भ्रांतियां सामने आई हैं, जबकि वस्तुस्थिति में ऐसी कोई समस्या नहीं है। 3 किलोवॉट तक तो बैटरी की जरूरत ही नहीं है। वेंडर्स द्वारा 3 किलोवॉट से अधिक क्षमता के उपभोक्ताओं को 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक लंबी वारंटी बैटरी के लिए दी जा रही है। वेंडर्स को 5 वर्ष तक वार्षिक रख-रखाव अनुबंध के तहत सेवा देनी होगी। सोलर पैनल की सफाई के लिए कोई विशेष तकनीकी आवश्यक नहीं है। धूल जमने पर इसे सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र को लेकर एक भ्रामक प्रचार प्रकाश में आया है कि इसमें जितनी राशि का बिजली बिल माफ होता है उससे अधिक खर्च इसके रख-रखाव में हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूर्णत: गलत है। वास्तव में 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों से 300 यूनिट नि:शुल्क बिजली प्राप्त होने की बात ही सही है। हजारों उपभोक्ता इस योजना के माध्यम से अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान किए जाने एवं 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर बैंक ऋण दिए जाने से रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट लगाने का काम काफी किफायती हो गया है। जहां तक बैटरी की खराबी और उसके रख-रखाव का विषय है तो वास्तविकता यह है कि 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों के लिए ऑन-ग्रिड प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें बैटरी की आवश्यकता ही नहीं होती। अत: बैटरी बदलने या बैटरी संबंधी रख-रखाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।

यदि कोई उपभोक्ता 'हाइब्रिडÓ सिस्टम का चयन करता है, तो वर्तमान में उपलब्ध आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियों की तकनीक अत्यंत उन्नत है। इन बैटरियों का चार्जिंग-डिस्चार्जिंग चक्र लगभग 6,000 तक है, जो कि अत्यंत विश्वसनीय है। इसके साथ ही कंपनियां बैटरी पर 5 से 10 वर्ष तक की लंबी वारंटी प्रदान कर रही हैं। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेंडर-संस्थापनकर्ता को 5 वर्ष का वार्षिक रख-रखाव अनुबंध प्रदान करना अनिवार्य है। अत: 5 वर्षों तक उपभोक्ता पर रख-रखाव का कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आता है। कुछ लोगों द्वारा वर्ष 2019 के एक उदाहरण को उल्लेखित किया जाता है, जबकि पीएम सूर्यघर योजना 13 फरवरी 2024 को नवीनतम और कड़े तकनीकी मानकों के साथ शुरू की गई है। पुराने और अप्रचलित उदाहरणों के आधार पर वर्तमान योजना की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाना अनुचित एवं भ्रामक है। धूल के कारण उत्पादन में कमी एक आना और सामान्य सफाई से इसका उपचार एक बहुत सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें सामान्य पानी से सफाई कर ठीक किया जा सकता है। इसे एक बड़ी तकनीकी विफलता या भारी खर्च के रूप में प्रस्तुत करना अतिश्योक्तिपूर्ण है।

वित्तीय समावेशन पर आधारित दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड आज होगा प्रसारित

वित्तीय समावेशन पर आधारित दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड आज होगा प्रसारित

 रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड 8 जनवरी 2026 को प्रसारित किया जाएगा। यह एपिसोड वित्तीय समावेशन की थीम पर आधारित होगा, जिसमें स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रेरक कहानियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


इस विशेष एपिसोड में दुर्ग, बालोद एवं गरियाबंद जिलों की दीदियाँ अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगी। वे बताएंगी कि बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ाव, नियमित बचत, ऋण, बीमा तथा डिजिटल लेन-देन जैसी वित्तीय सेवाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया जाएगा कि ग्रामीण महिलाएँ किस तरह राज्य की अर्थव्यवस्था में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। अपने संदेश में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, वित्तीय अनुशासन अपनाने और आजीविका के नए अवसर सृजित करने हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


दीदी के गोठ का यह छठवां एपिसोड 8 जनवरी 2026 को हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में आकाशवाणी के राज्य के समस्त केंद्रों से दोपहर 2 बजे से प्रसारित किया जाएगा। वहीं बस्तरिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र जगदलपुर तथा सरगुजिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र अंबिकापुर से दोपहर 2:30 बजे से इसका प्रसारण किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उपयोगी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित भी करेगा।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण को लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ली समीक्षा बैठक

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण को लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ली समीक्षा बैठक

 रायपुर। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित तीसरे बजट की तैयारियों के तहत मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण संबंधी एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने की।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत पंचायत संचालनालय, ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा इकाइयों द्वारा प्रस्तुत बजट मांग प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा करते हुए उनकी उपयोगिता और प्राथमिकताओं की गहन समीक्षा की गई।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बजट प्रावधान व्यवहारिक एवं प्रभावी होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, आवास निर्माण, स्वच्छता अभियानों तथा आजीविका से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएँ।

उन्होंने वीबी जी राम जी अधिनियम के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रस्ताव निर्माण एवं क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने हेतु अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने नवीन योजना प्रारम्भ कर आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं लखपति दीदियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि विभागीय बजट केवल व्यय तक सीमित न होकर ठोस परिणाम देने वाला होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित समाधान, क्षमता संवर्धन और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को अधिक सक्षम एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक योजना के साथ स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित उपलब्धियाँ और लागत एवं लाभ का आकलन अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट गांवों में आत्मनिर्भरता, बुनियादी सुविधाओं की मजबूती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया, संचालक श्री तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जशपुर जिले की जीवन रेखा, वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिली आपातकालीन सेवा

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जशपुर जिले की जीवन रेखा, वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिली आपातकालीन सेवा

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं। 

जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 के प्रबंधक दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।

बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर-मुख्यमंत्री साय

बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर-मुख्यमंत्री साय

 0-बस्तर में अब डर नहीं, बल्कि भरोसे की आवाज़ गूंज रही है -मुख्यमंत्री 

0-सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए किया आत्मसमर्पण

 रायपुर--बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ?64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। पूना मार्गेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे। लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन में पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम-मुख्यमंत्री साय

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम-मुख्यमंत्री साय

0-जनसहभागिता से निर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक - मुख्यमंत्री

  0-श्रीरामजानकी मंदिर के शिखर पर लहराई धर्मध्वजा, मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की समृद्धि की कामना की  

रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। उन्होंने आश्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद पूरे देश में जो आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित हुआ है, उसी की अखंड धारा का विस्तार आज सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की पवित्र भूमि है। हमें धर्म को केवल आस्था के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया। दंडकारण्य के रूप में विख्यात अबूझमाड़ का विशाल जंगल कभी नक्सल समस्या से प्रभावित क्षेत्र था, जो आज तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत भी अब तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है तथा रतनपुर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजिम कल्प-कुंभ का आयोजन भी इस बार भव्य स्वरूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामजानकी मंदिर का भव्य स्वरूप जनसहभागिता का अनुपम उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर बीते 10 वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में बिना सीमेंट और छड़ के उपयोग के निर्मित इस मंदिर की आयु लगभग एक हजार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने धर्मध्वजा रोहण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरागत ध्वजारोहण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रतीक है।  केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हम सभी के लिए सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा की स्थापना देखना अलौकिक अनुभव है। कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के महामंडलेश्वर महंत संत गोवर्धन शरण व्यास ने स्वागत उद्बोधन में सिरकट्टी आश्रम की स्थापना और महत्व पर जानकारी दी।  इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री रोहित साहू, दीपेश साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, अनेक जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 0-साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल — मुख्यमंत्री साय

 0-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिल  

 रायपुर-राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।  उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है। इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय समापन

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय समापन

 रायपुर :- शिक्षा प्रचारक समिति, रायपुर द्वारा संचालित श्री वामनराव लाखे उच्च माध्यमिक शाला एवं एस.पी. इंग्लिश मीडियम स्कूल, हीरापुर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह 2026 का दिनांक 07 जनवरी 2026 को विद्यालय प्रांगण में गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती मीनल चौबे जी, महापौर, नगर निगम रायपुर (छ.ग.) रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन एवं निरंतर परिश्रम का महत्व बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय डॉ. वर्णिका शर्मा जी, अध्यक्ष, महिला बाल विकास आयोग द्वारा की गई। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु सांस्कृतिक गतिविधियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि माननीय श्री अजय तिवारी जी, अध्यक्ष, प्रबंध समिति रायपुर ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यालय परिवार को बधाई दी।

समारोह में स्वागतकर्ता के रूप में

श्री अनिल तिवारी, सचिव, प्रबंध समिति

श्री आर.के. गुप्ता, उपाध्यक्ष, प्रबंध समिति

की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मिडिल क्लास (कक्षा 6 से 8) के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। इसके पश्चात प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) के विद्यार्थियों ने पारंपरिक एवं समूह नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई।

इंग्लिश मीडियम कक्षा 6 की छात्राएँ — रिमझिम, आयुषी, चांदनी, भावना, मान्या एवं ज्योति की प्रस्तुति विशेष रूप से सराहनीय रही। वहीं उच्च कक्षाओं (कक्षा 9 से 12) के विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका एवं समूह गायन के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्राचार्यगण एवं शिक्षकों का विशेष योगदान रहा, जिनमें—

श्रीमती भारती यादव, प्राचार्य, श्री वामनराव लाखे उ.मा. शाला, गांधी चौक, रायपुर

श्रीमती मंजू साहू, प्राचार्य, श्री वामनराव लाखे उ.मा. शाला, हीरापुर, रायपुर

डॉ. देवाशीष मुखर्जी, प्राचार्य, महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय, गांधी चौक, रायपुर

श्रीमती आशा रानी बोस, प्राचार्य, एस.पी. इंग्लिश मीडियम स्कूल, हीरापुर, रायपुर

तथा श्री विष्णु महोबिया, व्यवस्थापक की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अंत में पुरस्कार वितरण एवं आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का अनुशासित एवं भव्य समापन हुआ। समस्त शाला परिवार द्वारा अतिथियों, अभिभावकों एवं आमंत्रित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
मजदूर मां की गोद सूनी: काम के दौरान मां के पास खेल रहे थे बच्चे, चने की बोरियों ने ली जान

मजदूर मां की गोद सूनी: काम के दौरान मां के पास खेल रहे थे बच्चे, चने की बोरियों ने ली जान

 बलौदा-बाजार-भाटापारा। जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक वेयरहाउस में खेल रहे दो बच्चों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई, जिसके नीचे दबकर दोनों की मौत हो गई। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

यह घटना भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में हुई है। यहां के एक वेयरहाउस में जब दो बच्चे खेल रहे थे, तभी दोनों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई और दोनों बच्चे बोरियों के नीचे दब गए। जब तक लोगों ने बोरियों को हटाया, तब तक दोनों बच्चे बेहोश हो गए थे। इसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चों की पहचान प्रीतम और अखिलेश पटेल के रूप में की गई है, जो कि बिलासपुर जिले के बेलगहना गांव के रहने वाले थे। प्रीतम और अखिलेश की मां धौराभाटा गांव में स्थित बंशी गोपाल वेयरहाउस में काम करती है। मंगलवार शाम 4 बजे वे दोनों अपनी मां के साथ वेयरहाउस में आए थे। दोनों खेल रहे थे, तभी उन दोनों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों आ गए।

 
CG NEWS : 10 सहायक शिक्षकों काे DEO ने किया निलंबित..जानिये क्या है पूरा मामला..!!

CG NEWS : 10 सहायक शिक्षकों काे DEO ने किया निलंबित..जानिये क्या है पूरा मामला..!!

 सरगुजा। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के दौरान अतिशेष शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तबादला करते हुए पदस्थापना आदेश जारी किया गया था। जारी आदेश में संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग देने व अध्ययन अध्यापन कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया था। निर्देश के बाद भी तबादला वाले स्कूलों में ज्वाइनिंग ना देने वाले 10 सहायक शिक्षकों काे डीईओ डा दिनेश कुमार झा ने निलंबित कर दिया है।

डीईओ द्वारा जारी निलंबन आदेश में सहायक शिक्षकों द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन माना गया है। बता दें कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कुछ शिक्षकों ने संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन पेश किया था। अभ्यावेदन पर सुनवाई के बाद समिति ने अभ्यावेदन को खारिज कर दिया था। समिति के फैसले के बाद भी शिक्षकों ने संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं दी है। बता दें कि कुछ दिनों पहले जेडी ने ज्वाइनिंग नहीं देने वाले पांच शिक्षकों को निलंबित किया था।

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत किए गए तबादला आदेश को चुनौती देते हुए बड़ी संख्या में शिक्षकों ने बिलासपुर होई कोर्ट ने चुनौती देते हुए अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से याचिका दायर की थी। इनमें उत्तर छत्तीसगढ़ के शिक्षक भी थे। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने जिला व संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने और समिति को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद याचिकाकर्ता शिक्षकों ने समितियों के समक्ष अभ्यावेदन पेश किया था। कुछ शिक्षकों के अभ्यावेदन को स्वीकार करते हुए समिति ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया था। अधिकांश शिक्षकों के अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत किए गए तबादला आदेश को सही मानते हुए संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग का आदेश दिया था। समिति के आदेश के बाद भी शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी थी।

गीता चौधरी, प्राथमिक शाला रिखीमुंडा, अजय कुमार मिश्रा, प्राथमिक शाला बांधपारा, सीमा सोनी, प्राथमिक शाला चठीरमा,अल्पना गुप्ता, प्राथमिक शाला हर्राटिकरा, मधु गुप्ता, प्राथमिक शाला बिसुनपुर, भीष्म सिंह, प्राथमिक शाला मुड़ापारा।

अंजुला श्रीवास्तव, प्राथमिक शाला हर्राटिकरा, निर्मला तिर्की, प्राथमिक शाला दरिमा, बिंदु जायसवाल प्राथमिक शाला चिटकीपारा संकुल टपरकेला, गीता देवी, प्राथमिक शाला रजपुरीखुर्द।