रायपुर। मख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू सहित पत्रकार सौरभ सिंह परिहार शामिल थेप्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा
रायपुर 26 फरवरी 2026// मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।
रायपुर 26 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, समाज सुधारक, ओजस्वी लेखक-कवि और प्रखर इतिहासकार भी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई वैचारिक ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सावरकर जी का त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। कालापानी की अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण अडिग रहा। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, आत्मबल और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
कांकेर। बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे उन्मूलन अभियान और पुलिस की ‘पुनर्वास नीति’ को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। कांकेर जिले में बीते 48 घंटों के भीतर तीसरे बड़े नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है। ताजा मामले में, 8 लाख रुपये की इनामी महिला DVCM (डिवीजनल कमेटी मेंबर) मासे बारासा ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया है।
AK-47 के साथ पहुंची पुलिस दफ्तर
आत्मसमर्पण की खास बात यह रही कि महिला नक्सली मासे बारासा अपने साथ एक AK-47 रायफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस लेकर पुलिस के पास पहुंची।
2003 से संगठन में थी सक्रिय
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मासे बारासा पिछले 22 सालों से (वर्ष 2003 से) माओवादी विचारधारा से जुड़ी हुई थी। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के कारण उसे डिवीजनल कमेटी मेंबर जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रही है।
दो दिनों में तीन बड़े सरेंडर
कांकेर में पिछले दो दिनों के भीतर यह तीसरा बड़ा आत्मसमर्पण है। इससे पहले भी दो सक्रिय नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कांकेर जेल में आदिवासी नेता की मौत का मामला गूंजा। विपक्ष इसे साजिश बताते हुए इसकी जांच सदन की कमेटी से कराने की मांग की। इसके लिए गृहमंत्री तैयार नहीं हुए जिससे असंतुष्ट होकर सभी कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।
बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के भूपेश बघेल ने साल भर में प्रदेश के जेलों में बंदियों की मौतों की जानकारी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से कांकेर जेल में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर और कवर्धा जेल में बंद पंकज साहू की मौत पर सवालों की झड़ी लगा दी। जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने साल भर में जेलों में 66 बंदियों की मौत की जानकारी देते हुए जीवन ठाकुर के मौत की मजिस्ट्रियल जांच की जानकारी सदन को दी। इस अविश्वास जताते हुए भूपेश बघेल ने इसकी जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग की जिसके लिए विभागीय मंत्री तैयार नहीं हुए। इससे नाराज़ होकर विपक्ष के सभी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे परंतु इसका गृहमंत्री पर कोई असर नही हुआ। अंततः पूरे विपक्ष ने वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार सुबह एक बार फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई। थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रावती नदी के किनारे हुए इस संघर्ष में जवानों ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। आज सुबह जैसे ही टीम अभियान क्षेत्र में पहुँची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां से दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए। इसके अलावा घटनास्थल से नक्सलियों के आधुनिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें 01 SLR राइफल, 01 इंसास (INSAS) राइफल, 12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य माओवादी दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबल क्षेत्र में मुस्तैद हैं और आसपास के जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घटना की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही साझा की जाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक गलियारे में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) गणेश शंकर मिश्रा को राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
जारी आदेश क्रमांक एफ 1-2/2004/23 के तहत, गणेश शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी नियुक्ति की सेवा शर्तें और अन्य भत्ते पृथक से जारी किए जाएंगे। बता दें कि गणेश शंकर मिश्रा का लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जारी किया आदेश, विभिन्न वनमंडलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं
रायपुर। रायपुर से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक कसावट के तहत वन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश 21 नवंबर 2025 के विभागीय संदर्भ के आधार पर जारी किया गया है। जारी सूची के अनुसार विभिन्न वनमंडलों, अनुसंधान एवं विस्तार इकाइयों तथा परिक्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई पदस्थापना दी गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक कार्यों में गति और प्रभावशीलता लाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। आदेश जारी होते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रति में तबादला सूची का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
देखें आदेश की कॉपी

रायपुर: होली के पहले निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए मानवीय सरोकार के साथ पहल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपए का आबंटन आज जारी किया गया है। इसमें वेतन भुगतान के लिए कुल 51 करोड़ 71 लाख 21 हजार रुपये आबंटित किए गए हैं। इसके साथ ही सभी नगरीय निकायों को प्रतिमाह नियमित रूप से दी जा रही चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत कुल 11 करोड़ 14 लाख 38 हजार 492 रुपये का भी आबंटन किया गया है।
फरवरी-2026 की स्थिति में नगरीय निकायों में वेतन के लिए लंबित राशि के आधार पर नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति मद से आबंटन किया गया है, ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन बनाए रखा जा सके और लंबित देयकों एवं वेतन का निराकरण हो सके।
11 नगर निगमों को वेतन के लिए 25.05 करोड़
प्रदेश के 11 नगर निगमों को कुल 25 करोड़ 5 लाख 34 हजार रुपये की राशि वेतन एवं चुंगी क्षतिपूर्ति मद में प्रदान की गई है। नगर पालिक निगम भिलाई को 4 करोड़, बिलासपुर को 5 करोड़, दुर्ग को 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार, राजनांदगाँव को 3 करोड़, जगदलपुर को 1 करोड़ 50 लाख, अंबिकापुर को 3 करोड़, चिरमिरी को 2 करोड़, रिसाली को 2 करोड़, बीरगांव को 54 लाख 55 हजार, धमतरी को 1 करोड़ 7 लाख एवं भिलाई-चरोदा को 1 करोड़ 27 लाख 87 हजार रुपये जारी किए गए हैं। नगर निगमों में यह राशि मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों एवं संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई हेतु उपयोग की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7 करोड़ 51 लाख 55 हज़ार 420 रुपये भी आबंटित किए गए हैं।
वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़
नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि तथा 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है।
ज्ञातव्य हो कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जलप्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है।
विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है।
“चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।’’ – श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए हैं और इसमें लिप्त कई लोग आज जेल के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां स्कूलों को जला दिया गया था और हथियारों की फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, वहीं आज बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। स्कूल संचालित हो रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और लोगों का समुचित इलाज हो रहा है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से बड़ा राज्य होने के बावजूद पूर्व में अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बस्तर पंडुम में इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं।
नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इसकी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को रामलला के दर्शन कराने के लिए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसका 42 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री दर्शन योजना से भी 5 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और अंतर की राशि होली से पहले किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षेत्र में जहां पूर्व सरकार ने 5700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने 10700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और इसे सुव्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा। नया रायपुर में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का उद्घाटन भी किया गया है। शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे सेक्टर में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं। ‘जी राम जी योजना’ को मनरेगा से बेहतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 100 के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। सरकार की मंशा हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली बिल की दिशा में जाने की है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के 8 नगर निगमों में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के माध्यम से गेल और बीपीसीएल द्वारा बायोसीएनजी संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने सुशासन एवं अभिसरण के रूप में एक नया विभाग ही बना दिया। इसका काम प्रचलित तरीकों से इतर नई सोच के साथ आगे बढ़ना है जिसमें तकनीक का समावेश हो, गवर्नेंस की सर्वाेत्तम पद्धतियां जिसमें शामिल हो। हमने ई-आफिस प्रणाली लागू की है, फाइलें अब कंप्यूटर के जरिए बढ़ती हैं, तय समय सीमा में अधिकारियों को अपने अभिमत लिखने होते हैं और आगे फारवर्ड करना होता है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है अपितु समय भी बच रहा है। इस प्रणाली को हम राज्य स्तर से जिला स्तर की ओर भी ले जा रहे हैं। हम डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागों में लागू कर रहे हैं, ताकि काम त्वरित गति से हों और लोगों को भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रधानमंत्री जी की सार्थक पहल है। हमने छत्तीसगढ़ में अब तक 27 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रौशन कर दिया है। केंद्र से उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ तो मिलता ही है, हम राज्य में भी उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ दे रहे हैं। मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें और अगले 25 सालों तक मुफ्त बिजली का लाभ लें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। वंदेभारत एक्सप्रेस की सुविधा नागपुर और विशाखापट्नम के लिए आरंभ की गई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के निर्माण से प्रदेश के विकास को तीव्र गति मिलेगी। आज के समय सड़कें जितनी जरूरी हैं उतनी ही जरूरी संचार कनेक्टिविटी भी है, हमारी सरकार ने 500 नये मोबाइल टावर स्वीकृत किये हैं जिससे कनेक्टिविटी की स्थिति और बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता की वृद्धि के लिए हम प्रदेश में 5 नये मेडिकल कालेज आरंभ कर रहे हैं। इसमें मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिला में भूमिपूजन हो चुका है और कुनकुरी में भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अटल जी की संकल्पना एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के रूप में देश में हेल्थ केयर का सबसे बड़ा प्लान दिया। इस योजना के माध्यम से 4 हजार 551 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाये। इसकी शुरूआत भी छत्तीसगढ़ से हुई। हमने युक्तियुक्तकरण के रूप में किया। पिछली सरकार के समय दूरस्थ ग्रामीण स्कूल तो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हो गये थे। जिन स्कूलों में शिक्षक थे भी तो वहां भी सामान्यतः प्रति सौ छात्र केवल एक शिक्षक थे। अधिकांश शिक्षक शहरी स्कूलों में आ गये थे, कुछ शहरी स्कूलों में यह अनुपात दस छात्र के पीछे एक शिक्षक का भी था। हमने इस समस्या का निराकरण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से निकाला। अब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत के युवा दुनिया भर में कमाल कर रहे हैं। पिछले साल मैं जापान की राजधानी टोक्यो में बस्तर के एक युवा अविनाश तिवारी से मिला। अविनाश वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्य कर करता है। उगते सूरज के देश में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा का उजाला देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमारी युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासनिक प्रणाली बेहतर तरीके से चले और इसमें युवा ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो, इसलिए हम 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर पर पहुंचाना है।
रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।

साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।
बिलासपुर। न्यायधानी में स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, ई-मेल में आई इस धमकी से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और साइबर टीम मौके पर पहुंची।पुलिस कप्तान की मौजूदगी में कोर्ट भवन, पार्किंग, प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, फिर भी एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रवेश पर सघन जांच की जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल के माध्यम से ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में इस तरह की धमकियों के मामले बढ़े हैं।
रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। वार्ड क्रमांक 08 निवासी अभिषेक विश्वकर्मा (20 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है।
नारियल छीलने वाले चाकू से रेता गला?
परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कल रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अभिषेक ने नारियल छीलने वाले बड़े धारदार चाकू से अपने गले को खुद ही रेत लिया। हालांकि, घटनास्थल का नजारा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। कमरे का पूरा फर्श खून से लथपथ मिला है, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है।
मोबाइल और हथियार जब्त
पुलिस को घटनास्थल से वह धारदार हथियार बरामद हो गया है जिससे गला रेता गया था। साथ ही मृतक का मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड्स और चैट्स इस गुत्थी को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं कि आखिर अभिषेक ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया या इसके पीछे कोई और वजह है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धरमजयगढ़ SDOP सिद्धांत तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है। जांच को पुख्ता करने के लिए रायगढ़ से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स (FSL) की विशेष टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल पर मौजूद फिंगरप्रिंट्स और खून के छीटों की जांच कर रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी
मौसम विभाग के मुताबिक आगामी तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में अगले सात दिनों तक खास परिवर्तन नहीं होगा।
पिछले 24 घंटों का हाल
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ओरछा और बड़े बचेली में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
लो प्रेशर एरिया से बदला मौसम
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह समुद्र और ऊपरी हवा में सक्रिय सिस्टम हैं। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो समुद्र के ऊपर हवा के दबाव में कमी के कारण विकसित होता है। इसके साथ लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।
हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इसके प्रभाव से नमी वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं।
इसके अलावा मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ सक्रिय है। गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर तटीय ओडिशा के पास भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ के ऊपर नमी और अस्थिरता बढ़ रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।
48 घंटे तक सक्रिय रहेगा सिस्टम
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, जहां से लगभग 6 किलोमीटर ऊंचाई तक बादल बनने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। यह सिस्टम पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है। अगले 48 घंटों तक इसके सक्रिय रहने की संभावना है।
ट्रफ लाइन से फैल रही नमी
इस लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र तक फैली हुई है। जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी यह ट्रफ समुद्री नमी को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचा रही है।
ऊपरी वायुमंडल (5-6 किमी ऊंचाई) में भी एक ट्रफ सक्रिय है, जो बादलों को ऊंचाई तक फैलने में मदद कर रही है। नीचे से आ रही नमी और ऊपर की ठंडी हवाएं मिलकर वातावरण को अस्थिर बना रही हैं।
छत्तीसगढ़ पर सीमित असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के बेहद करीब नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना कम है। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने से आंशिक बादल छा सकते हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग में बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है।
दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है।
फरवरी में बदलता है मौसम का मिजाज
रायपुर सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में फरवरी के दौरान सामान्यत: आसमान साफ रहता है और हवाएं हल्की चलती हैं। हालांकि उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखा जाता है।
इस दौरान गरज-चमक, बारिश, आंधी या ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन सकती हैं। सर्दियों का असर कम होने के साथ न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगती है, हालांकि कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों की पहचान अवधेश गुरुवचन (28 वर्ष) एवं मोनू उर्फ अखिलेश गुरुवचन, दोनों निवासी रामानुजनगर तथा श्याम सिंह गोंड (45 वर्ष) निवासी ग्राम घाघरा के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों ग्राम घाघरा से एक ही मोटरसाइकिल पर किसी कार्य से निकले थे। काफी देर तक गंतव्य पर नहीं पहुंचने और मोबाइल संपर्क नहीं हो पाने पर परिजनों को चिंता हुई। खोजबीन के दौरान धनहर के पास तिलोखन जंगल क्षेत्र में सड़क किनारे तीनों के शव पड़े होने की सूचना मिली।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही केल्हारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी मनीष धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संभावित मार्गों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान गिग इकोनॉमी में काम कर रहे हजारों युवाओं की सुरक्षा, अधिकार और शोषण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से सवाल किया कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकइट और रैपिडो जैसी कंपनियों में कार्यरत गिग वर्कर्स को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में?
विधायक चंद्राकर ने कहा, “गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं। 10 मिनट की डिलीवरी जैसे दबाव में कई बार जान जा रही है। मानवाधिकार संगठन भी लगातार चिंता जता रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के मामले में भी सरकार ने यही जवाब दिया था कि कोई स्पष्ट कानून नहीं है, और आज गिग वर्कर्स के साथ भी वही स्थिति बनी हुई है।
चंद्राकर ने आगे कहा कि 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में कोई स्पष्ट नियम नहीं बने। उन्होंने बताया कि 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि कई अन्य राज्य अपने स्तर पर नियम बना चुके हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग कर गिग वर्कर्स के लिए अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में लिखित जवाब देते हुए स्पष्ट किया:
फिलहाल गिग वर्कर्स को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को शामिल किया गया है।
जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी।
राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी, लेकिन केंद्र द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू करने के बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
मंत्री ने दोहराया कि राज्य स्तर पर अलग नियम नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि केंद्र के अधिनियम के अधीन ही आगे बढ़ा जाएगा।
विधायक चंद्राकर ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि केंद्र के नियम आने में देरी हो रही है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे।
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां डीवीसीएम रैंक के माओवादी नेता मल्लेश ने कांकेर पुलिस और बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

मल्लेश AK-47 राइफल के साथ छोटेबेठिया थाना पहुंचा और विधिवत रूप से हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई।जानकारी के मुताबिक मल्लेश लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था और दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय था। आत्मसमर्पण के दौरान वह ग्रामीणों के साथ थाना पहुंचा, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर भी उसे समझाइश दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
कांकेर पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए कहा कि मल्लेश को शासन की नीति के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा।
गौरतलब है कि बीते कुछ समय से बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों के दबाव और विकास कार्यों के चलते कई नक्सली संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
राज्य शासन का आदेश जारी, होटल-बार से लेकर क्लब तक कहीं भी नहीं मिलेगी शराब, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च 2026 को पूरे राज्य में ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी आदेश (File No. GENCOR-3405/1/2026-EXCISE) के अनुसार होली के दिन प्रदेशभर में शराब की बिक्री, परोसने और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जारी निर्देशों के मुताबिक प्रदेश में स्थित सभी देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब तथा संबंधित सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान 4 मार्च को बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार की मदिरा बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि गेस्ट हाउस, स्टार होटल, क्लब या अन्य किसी भी संस्था द्वारा संचालित बार में भी शराब परोसने पर पूर्ण रोक रहेगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि शुष्क दिवस के दौरान निजी भंडारण अथवा गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने और बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण, परिवहन और विक्रय को रोकने के लिए जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित स्थानों और वाहनों की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने यह फैसला होली (जिस दिन रंग खेला जाएगा) के अवसर पर कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार विशेष सचिव द्वारा जारी किया गया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर दो अहम नियुक्तियां की हैं। राज्य अंत्यावसाई सहकारी वित्त विकास निगम में उप महाप्रबंधक और मुख्यमंत्री के निज सचिव सौरभ श्रीवास्तव को अब मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद Saurabh Srivastava OSD की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, राप्रसे अधिकारी पुलक भट्टाचार्य को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए नगरीय प्रशासन संचालनालय में अपर संचालक नियुक्त किया गया है। इससे पहले 10 फरवरी को उन्हें अपर संचालक पद से मुक्त कर मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में उप सचिव और समन्वयक, आईगाट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में पदस्थ किया गया था।
सरकार के इस आदेश से प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया को गति मिली है। खासतौर पर Saurabh Srivastava OSD नियुक्ति को मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली से जोड़कर देखा जा रहा है।
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रायपुर, 25 फरवरी 2026 । स्थानीय महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों एवं युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिनांक 25 फरवरी 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे से महाविद्यालय परिसर में विशाल रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है । इस रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य शिक्षित युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों के साथ सीधे जोड़ते हुए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है । मेले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, मार्केटिंग, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, रिटेल एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय कंपनियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है ।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।
शासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट
प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट : मुख्यमंत्री साय
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।
नई दिशा • नई धार • नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए 5 मिशन मोड पहल
चिन्हांकित क्षेत्रों में केंद्रित और तेज कार्यान्वयन
अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक मिशन के लिए न्यूनतम 100-100 करोड़ प्रति वर्ष प्रावधान
1) मुख्यमंत्री AI मिशन
राज्य को उभरती प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाना
युवाओं का AI आधारित कौशल विकास
AI स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग में AI उपयोग
डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट समाधान
छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी अपनाने वाला नहीं, टेक्नोलॉजी लीड करने वाला राज्य बनेगा
2. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा खोज
आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी
महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना
हर गांव से खिलाड़ी — हर खिलाड़ी को अवसर
3. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
पर्यटन स्थलों और थीम आधारित सर्किट का विकास
मेले, उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा
होमस्टे और स्थानीय पर्यटन उद्यम
टूर गाइड स्किल डेवलपमेंट
स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार सृजन
पर्यटन से पहचान भी, रोजगार भी
4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
राज्य की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं का गैप एनालिसिस
प्राथमिकता आधारित रोडमैप
तेज और प्रभावी कार्यान्वयन
विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग
इन्फ्रास्ट्रक्चर ही आर्थिक विकास की रीढ़
5. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
स्टार्टअप मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना
तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहयोग
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा
NIPUN मिशन
(New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth)
उद्योग आधारित कौशल विकास
नई तकनीक आधारित रोजगार अवसर
भविष्य की इंडस्ट्री के लिए युवाओं को तैयार करना
युवा नौकरी ढूंढेंगे नहीं — नौकरी देंगे




























