रायपुर :- राजधानी रायपुर के श्री दूधाधारी मठ तथा पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतू साव मठ में बसंत उत्सव का पर्व धूमधाम के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भगवान की विशेष पूजा अर्चना की गई,पुष्प वर्षा कर भगवान को गुलाल अर्पित किया गया। आरती संपन्न होने के पश्चात भगवान का स्तुति गान के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि - *माघ शुक्ल पक्ष पंचमी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है इस दिन माता सरस्वती की आराधना की जाती है, विद्यार्थियों को विद्या प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। भगवान की विशेष पूजा अर्चना कर पीला वस्त्र पहनाये जाते हैं। बसंत पंचमी से लेकर रंग पंचमी तक एक माह तक बसंत उत्सव का पर्व श्री दूधाधारी मठ तथा इनसे संबंधित सभी संस्थानों में मनाने की परंपरा है* जैतू साव मठ ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने कहा कि - *बसंत पंचमी का त्यौहार सनातन धर्म को मानने वाले सभी लोग श्रद्धा भक्ति पूर्वक मानते हैं। इससे मानव जीवन में सुख शांति एवं खुशहाली आती है।* इस विशेष अवसर पर नागा जी महाराज, दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, राम अवतार दास जी, राम मनोहर दास जी, राम शिरोमणि दास जी, पुजारी दीपक पाठक, सुमित तिवारी, कैलाश तिवारी, डॉक्टर राजेश तिवारी,राम प्रिय दास, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित मठ के सभी विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय कार्यों, संचालित परियोजनाओं तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है, इन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। खेती के बढ़ते रकबे और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई को प्रभावी ढंग से संचालित होते देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए जा रहे हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों से अवगत हो सकें।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना है, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च और मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।
इसी प्रकार अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा।
बैठक में अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर :- गांधी चौक स्थित महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी में आज राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का समापन हुआ जिसमें विजेता पुरुष वर्ग से रायपुर सेक्टर के उपविजेता दुर्ग सेक्टर के एवं महिला वर्ग से विजेता रायपुर सेक्टर व उपविजेता दुर्ग सेक्टर से रही ज्ञात हो कि इस दो दिवसीय राज्य स्तर प्रतियोगिता में संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 11 सेक्टर से 132 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतियोगिता में हिस्सा लिए कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि श्री अजय तिवारी , अध्यक्ष शासी निकाय एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ देवाशीष मुखर्जी प्राचार्य महंत लक्ष्मी नारायण दास ने किया साथ ही विशेष रूप से सेवा निवृत श्री पी के हरि सर, रामानंद यदु व विभिन्न महाविद्यालय के कीड़ा अधिकारी मौजूद रहे इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि यह जीत आपके लिए जीवन में एक नया उमंग भरेगा साथ ही हरने वाले खिलाड़ी एक नई सबक के साथ अपने जीवन में उन्नति के नए नियोजन करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि सातवीं शताब्दी से भारत देश ने ही संपूर्ण विश्व को शतरंज का खेल प्रदान किया यह भारत देश से प्रारंभ होकर अरब देश होकर यूरोप से शतरंज के रूप में प्रसिद्ध हुई निर्णायकगण में मुख्य रूप से रोहित यादव ने अपनी भूमिका निभाई कार्यक्रम का संचालन मनोज प्रधान सर ने की एवं कार्यक्रम में विशेष रूप से प्यारेलाल साहू, डॉ रिंकू तिवारी, तुलाराम एवं अन्य कीड़ा अधिकारी उपस्थित हुए
रायपुर: दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलौदाबाजार में गुरुवार को 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिविर का उद्घाटन किया।
इस राज्य स्तरीय शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए छात्र-छात्राएं सहभागिता कर रहे हैं, जहां वे विविध प्रतियोगिताओं, गतिविधियों और प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक दायित्व का अनुभव प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्र निर्माता और सच्चा नागरिक बनाने की सशक्त कड़ी है। एनएसएस न केवल शिक्षा के साथ दायित्वबोध और कर्तव्यबोध विकसित करता है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा भी देता है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं केवल हार-जीत तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि बेहतर व्यक्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने के गुण भी सिखाती हैं।मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि वे स्वयं इस महाविद्यालय के विद्यार्थी रह चुके हैं और आज अतिथि के रूप में यहां आना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महाविद्यालय के लिए नए भवन निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि एनएसएस छात्रों में देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और अनुशासन की भावना विकसित करता है। इस शिविर के माध्यम से विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे से सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शिविर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े, श्री प्रमोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के एंथम सॉन्ग का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा ने मुख्यमंत्री को रायपुर साहित्य उत्सव के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के तहत रायपुर जिले में बड़े स्तर पर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगा। लिस्ट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक के नाम शामिल है।
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रायपुर। राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से आज जारी आदेश के तहत आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री जी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह अपने दायित्वों के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी को मीडिया से संबंधित विषयों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर परामर्श प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री साय से उनके नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास ने की मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में उनके नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री दास को नवीन नियुक्ति पर बधाई देते हुए उन्हें पदेन दायित्वों के कुशलतापूर्वक निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वे अपने दायित्वों के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी को मीडिया से संबंधित विषयों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर परामर्श प्रदान करेंगे।
कांकेर। जिले में नेशनल हाईवे-30 एक बार फिर खून से लाल हो गया। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम रतेसरा के पास ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से दौड़ रहे दो भारी ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रकों के परखच्चे उड़ गए और उनमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद का मंजर बेहद भयावह था। ट्रक बुरी तरह चकनाचूर हो चुके थे, शव वाहनों में फंसे हुए थे और हाईवे पर चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इस टक्कर के चलते नेशनल हाईवे-30 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
रायपुर। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। संजीव शुक्ला को रायपुर पुलिस आयुक्त बनाया गया है, वहीं रायपुर SSP लाल उम्मेद को जशपुर भेजा गया है, जारी आदेश के अनुसार कई जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए है।
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रायपुर । छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में चयनित उप निरीक्षकों (SI) की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार के ताजा आदेश ने चयनित अभ्यर्थियों को गहरा झटका दिया है। आबकारी विभाग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आबकारी उप निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
अपर आयुक्त आबकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी कारणों के चलते आबकारी SI के पदों पर की गई स्थापना फिलहाल रद्द की जाती है। इस फैसले के बाद चयनित उम्मीदवारों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि आबकारी उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में किया गया था। परीक्षा परिणाम और चयन सूची जारी होने के बाद उम्मीदवार नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब अचानक नियुक्ति आदेश निरस्त होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल विभाग की ओर से तकनीकी कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस निर्णय लेगी। मामले को लेकर अब युवाओं में आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में आबकारी उप निरीक्षक भर्ती को लेकर सरकार ने नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि चयन सूची बिना अनिवार्य अनुमोदन जारी हुई थी, जिस कारण यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नई सूची जारी करने का भरोसा दिलाया है।
मंत्री लखन लाल देवांगन का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी चयन सूची का अनुमोदन आबकारी मंत्री और विभागीय सचिव से होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही चयन सूची जारी कर दी गई थी इसलिए आदेश को रद्द करना पड़ा। मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि इस लापरवाही को लेकर आबकारी सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा कर एक से दो दिन के भीतर चयन सूची दोबारा जारी कर दी जाएगी।
बता दें कि पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पद कार्यालयीन आदेश द्वारा जारी नियुक्ति आदेश तकनीकी कारणों से निरस्त किया जाता है” गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में आबकारी उप निरीक्षक के पद पर 85 अभ्यर्थियों को नियुक्ति हेतु चयनित किया गया था। नए साल की शुरुआत में सभी चयनित अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों के परीक्षण, प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना था।
रायपुर। नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"
युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
रायपुर। राज्य सेवा परीक्षा-2024 के माध्यम से आबकारी उप निरीक्षक के 80 पदों पर जारी नियुक्ति आदेश को तकनीकी (टंकण) त्रुटि के कारण रद्द कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की चयन सूची के आधार पर 85 में से 80 पदों पर 21 जनवरी 2026 को नियुक्ति आदेश जारी हुआ था। लेकिन आदेश में गलती पाए जाने पर उसी दिन नया आदेश जारी कर पुराने आदेश को निरस्त कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्रुटि में सुधार कर जल्द ही पुनः नया नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए 5000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उक्त शिक्षक भर्ती व्यापमं के माध्यम से की जाए तथा इसके लिए फरवरी 2026 तक विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो सके।
बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी शासकीय सेवा में आने का मौका दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तेज़ी से उठाए जाएंगे।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के एंथम सॉन्ग का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा ने मुख्यमंत्री को रायपुर साहित्य उत्सव के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक रसूखदार परिवार ने बच्चे को निर्वस्त्र करके बेदम पिटाई कर दी। इतना ही नहीं आरोपियों ने बच्चे के पिता को भी खूब प्रताड़ित किया। घटना से क्षुब्ध पिता ने आत्महत्या कर ली।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डाॅ. वर्णिका शर्मा देर रात पीड़ित परिवार के गांव पहुंची और घटना की जानकारी लीं।
जानिए मामला
दरअसल, प्रदेश के महासमुंद जिले में पिछले दिनों एक मामले की सूचना बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा तक आई थी, जिसमें समाज के एक रसूखदार परिवार ने एक बच्चे को निर्वस्त्र कर पीटा था। बच्चे पर 600 रुपये की झूठी चोरी का भी आरोप लगाया गया था जो बाद में पूरी तरह झूठी निकली।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को घटना की सूचना मिलते ही देर रात गांव पहुँचकर पीड़ित के परिवार से मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी लीं। जाँच में पता चला कि बच्चे को रसूखदार परिवार द्वारा पीटने के बाद बच्चे के पिता को भी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था। इससे क्षुब्ध होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। डॉ. वर्णिका ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल डीजीपी पुलिस से समन्वय करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करवाया।
थाना प्रभारी पर भी गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप
आयोग ने तत्कालीन पुलिस थाना प्रभारी पर भी गंभीर लापरवाही बरतने के कारण दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। एसपी महासमुंद ने इस प्रकरण में थानेदार को निंदा की शास्ति दी थी लेकिन इसे भी आयोग ने पर्याप्त नहीं माना है और पुलिस मुख्यालय ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई कर शास्ति बढ़ाने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
इस प्रकरण में शामिल तीन आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश कर दिया गया है। आयोग की अनुशंसा पर बीएनएस की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध दर्ज होकर प्रकरण न्यायाधीन है। आयोग ने इस बीच बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण दल को बच्चे की पूरी देखभाल और शिक्षा दीक्षा निरंतर रखने के साथ साथ पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलवाने के लिए भी निर्देशित किया है।
इसके साथ ही न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 को अभियोग पत्र में शामिल करने हेतु भी पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा आयोग ने बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत निषेधित श्रम कराये जाने की स्थिति में तत्संबंधित सुसंगत धाराएं भी अभियोग पत्र में शामिल करने हेतु निर्देशित किया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक युवती ने छालीवुड फिल्म निर्माता मोहित साहू पर गंभीर आरोप लगाए है। पीड़िता का आरोप है कि मोहित साहू ने उससे शादी की और फिर मुकर गया। साथ ही उसके साथ मारपीट भी की। पुलिस ने युवती की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है। वहीँ इस घटना में युवती घायल हो गई, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है।
वाद-विवाद के बाद घर में घुसकर की मारपीट
पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, छालीवुड फिल्मों के निर्माता मोहित साहू और युवती के बीच पहले वाद विवाद हुआ। इसके बाद मोहित साहू भाटागांव के सिल्वर वोल ब्लॉक 410 में स्थित युवती के घर में घुसा और उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में युवती घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए नीजि अस्पताल ले जाया गया।
पीड़ित युवती ने छालीवुड निर्माता मोहित साहू पर आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि वह पहले से शादी-शुदा होते हुए भी उसे उज्जैन ले गया और उसके साथ शादी की। शादी के बाद जब दोनों रायपुर लौटे, तो वो शादी से मुकर गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहित साहू उसे अपनी पत्नी की तरह अलग फ्लैट में रखा हुआ था। फिलहाल मामले की जांच पुरानी बस्ती पुलिस द्वारा की जा रही है।
घटना का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरे घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि इस मारपीट में युवती खून से लथपथ हालत में रोती बिलखती हुई नजर आ रही है। वहीं छालीवुड फिल्म निर्माता और अभिनेता मोहित साहू एक महिला गार्ड से पैर छुकर माफी मांगते हुए नजर आ रहे हैं।
रायपुर । नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीददार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।
इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीददार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।
राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीददारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा
बीजापुर। बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक में बहती इंद्रावती नदी के ग्राम उसपरी के पास फिर एक घटना घटित हुई। यहां इंद्रावती नदी में 5 लोगों से भरी नाव पलट गई। इस हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई है और पिता-पुत्र लापता है, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं एक महिला को बचा लिया गया है।
यह हादसा भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में हुआ है। बताया जा रहा है कि इंद्रावती नदी के किनारे बोड़गा गांव में रहने वाले 5 लोग भैरमगढ़ ब्लॉक के उसपरी बाजार आए थे। सामान लेकर जब वे सभी शाम 5 बजे लौट रहे थे, तभी नाव उसपरी झिल्ली घाट के पास इंद्रावती नदी में पलट गई। इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एक महिला को बचा लिया।
वहीं पति-पत्नी और दो बच्चे लापता हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उनकी तलाश शुरु की। 18 घंटे की खोजबीन के बाद रेस्क्यू टीम ने दुधमुंही बच्ची और मां के शव को खोज निकाला है। वहीं पिता और पुत्र लापता है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रेस्क्यू टीम दोनों की तलाश में जुटी हुई है।
इस घटना के मामले में तहसीलदार सूर्यकांत ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और नगर सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। शाम होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका। गुरुवार सुबह जब टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया, तो मां-बेटी की लाश टावेल से बंधी हुई मिली। पिता-पूत्र की तलाश जारी है और एक महिला को बचा लिया गया है।
रायपुर। बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर : नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मीडिया विशेषज्ञ आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सलाहकार नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार आर. कृष्णा दास मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे। उन्हें सलाहकार के रूप में प्रतिमाह 1 लाख 50 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। साथ ही अन्य सुविधाएं राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष होंगी।
देखें आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक आधार पर आदेश जारी किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अभिषेक अग्रवाल ( आर आर 2013 बैच) को अपर कलेक्टर, जिला-दुर्ग के पद से स्थानांतरित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत–कबीरधाम के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है।
देखें आदेश

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।ज़्यादा जानें
मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।ज़्यादा जानेंरायपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।















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