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अश्लील सीडी कांड में बढ़ी भूपेश बघेल की मुश्किलें,सेशन कोर्ट ने पलटा CBI अदालत का फैसला, फिर चलेगा केस

अश्लील सीडी कांड में बढ़ी भूपेश बघेल की मुश्किलें,सेशन कोर्ट ने पलटा CBI अदालत का फैसला, फिर चलेगा केस

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल लाने वाले बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में एक नया कानूनी मोड़ आया है. रायपुर सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है, जिसने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी राहत दी थी. पिछले साल एक स्पेशल CBI कोर्ट ने सबूतों की कमी या तकनीकी आधार पर भूपेश बघेल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिस फैसले को अब सेशन कोर्ट ने पलट दिया है. कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी रिव्यू पिटीशन को स्वीकार कर लिया है, जिसका मतलब है कि अब भूपेश बघेल के खिलाफ फिर से मुकदमा चलेगा.

हालांकि, इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में एक रिव्यू पिटीशन दायर की गई थी. सेशन कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन मंजूर कर ली और सीबीआई कोर्ट के आदेश को पलट दिया. इतना ही नहीं रायपुर सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को रेगुलर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की सुनवाई फिर से होगी.

2025 में आरोपों से किया गया था मुक्त
बता दें कि सीबीआई की लोअर कोर्ट ने मार्च 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था. स्पेशल CBI कोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए थे, यह कहते हुए कि ट्रायल आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है. CBI ने इस आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी. इससे पहले, सुनवाई के दौरान जबलपुर हाई कोर्ट के सीनियर वकील मनीष दत्त ने दलील रखी थी. उन्होंने दलील दी थी कि भूपेश बघेल को एक साज़िश में झूठा फंसाया गया है. उन्होंने न तो कोई CD बनाई और न ही बांटी, और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया.

कांड में कौन-कौन शामिल

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा, आरोपियों में बिजनेसमैन कैलाश मुरारका, पूर्व सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पंड्या शामिल हैं. इस मामले में एक और आरोपी रिंकू खनूजा ने मामला सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी.

अब जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ का सेक्स सीडी कांड एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ माना जाता है. जब 27 अक्टूबर 2017 की सुबह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को एक सीडी दी थी. आरोप था कि सीडी में बहुत आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो थे, जिससे यह पूरा मामला सामने आया. इस वीडियो को लेकर मंत्री राजेश मूणत पर गंभीर आरोप लगे थे. भूपेश बघेल ने दावा किया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मंत्री राजेश मूणत ही हैं. सीडी जारी होने से राज्य की राजनीति में भारी हंगामा मच गया, और यह मामला लंबे समय तक विवाद और जांच का विषय बना रहा.

26 जनवरी को खुली रहेगी नंदनवन व जंगल सफारी

26 जनवरी को खुली रहेगी नंदनवन व जंगल सफारी

रायपुर। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस इस वर्ष सोमवार, 26 जनवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानीवासियों और पर्यटकों के लिए वन विभाग ने एक सुखद निर्णय लिया है। राजधानी रायपुर के समीप स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नंदनवन जंगल सफारी सोमवार होने के बावजूद आम जनता के लिए खुली रहेगी।
आमतौर पर नंदनवन जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बंद रहती है, लेकिन गणतंत्र दिवस पर लोगों की छुट्टी और पारिवारिक भ्रमण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने इस व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया है। विभाग को उम्मीद है कि इस विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में लोग जंगल सफारी पहुंचकर प्रकृति और वन्य जीवों के बीच अपना दिन बिताएंगे।

नंदनवन जंगल सफारी के रेंजर विजय पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि गणतंत्र दिवस के कारण सोमवार, 26 जनवरी को सफारी खुली रखी जाएगी। इसके बदले में 27 जनवरी, मंगलवार को नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के लिए बंद रहेगी। वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे इस तिथि परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और गणतंत्र दिवस के अवसर पर जंगल सफारी का आनंद लें।

महादेव घाट रोड व्यापारी कल्याण संघ ने पुरानी बस्ती थाना प्रभारी से मिलकर समस्याओं से कराया अवगत

महादेव घाट रोड व्यापारी कल्याण संघ ने पुरानी बस्ती थाना प्रभारी से मिलकर समस्याओं से कराया अवगत

 रायपुर। महादेव घाट रोड व्यापारी कल्याण संघ का प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष विमल बाफना के नेतृत्व में पुरानी बस्ती थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह से मिलकर लाखे नगर ढाल के व्यापारियों को होने वाली परेशानी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान संघ के द्वारा थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 
व्यापारियों ने बताया कि बढ़ते अपराध के चलते व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, ठेले - खोमचे वालों की आड में सामाजिक तत्वों का जमावड़ा यहां हमेशा लगे रहता है जिस पर कड़ी कार्यवाही करने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही पेट्रोलिंग गश्त लगातार बढ़ाने की मांग की गई। थाना प्रभारी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया और कहा कि किसी भी समस्या के लिए व्यापारीगण कभी भी थाने में आकर उनसे मिल सकते हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष विमल बाफना, विनोद जोशी, राजकुमार अग्रवाल, प्रशांत भागवत, वैभव सालुंके, विनोद जैन, ऋषभ जैन, अतीक खान, विजय कलंत्री उपस्थित थे।

कांग्रेस ने जारी की 6 राज्यों के पर्यवेक्षकों की सूची, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कांग्रेस ने जारी की 6 राज्यों के पर्यवेक्षकों की सूची, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी

 रायपुर। कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत AICC ने 6 राज्यों के पर्यवेक्षकों की सूची जारी कर दी है। जिसमें  छत्तीसगढ़ के पूर्व PCC अध्यक्ष मोहन मरकाम का भी नाम शामिल है। पूर्व मंत्री मोहन मरकाम को केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के AICC ऑब्जर्वर के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं।

 माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने डीसीसी अध्यक्षों के चयन के लिए निम्नलिखित राज्यों में संगठन सृजन अभियान के हिस्से के रूप में एआईसीसी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रत्येक पर्यवेक्षक को पीसीसी पर्यवेक्षकों के साथ एक जिले में प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

1. बिहार

2. उत्तर प्रदेश

3. गॉन

4. नागालैंड

5. मणिपुर

6. मेघालय

 

 
 
 
 

 

CG : भिलाई स्पंज आयरन प्लांट में हादसा, कर्मचारी की दर्दनाक की मौत

CG : भिलाई स्पंज आयरन प्लांट में हादसा, कर्मचारी की दर्दनाक की मौत

 भिलाई।  औद्योगिक क्षेत्र भिलाई के स्पंज आयरन प्लांट सिसकॉल में एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें एक कर्मचारी की मेटल लिफ्टिंग के दौरान मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान लेखराम कौशल के रूप में हुई, जो प्लांट में फ़ीटर के पद पर कार्यरत थे।

जानकारी के अनुसार, कंपनी में फर्स्ट शिफ्ट में काम करने आया गणेश नगर, वार्ड- 5, जामुल निवासी लेखराम कौशल (34 वर्षीय) सुबद 6:30 के आस-पास हादसे का शिकार हुआ। बताया जा रहा है कि क्रेन से लोहे का सामान हटाते वक्त लेखराम अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया, जिसके बाद भारी जॉब गिरने से उसके सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने प्लांट प्रबंधन से उचित मुआवजे, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था और परिवार के एक सदस्य के लिए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की। प्लांट प्रबंधन ने परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने और अन्य मांगों को नियमानुसार पूरा करने का आश्वासन दिया है।

हालांकि, कर्मचारियों ने बताया कि प्लांट में कर्मचारियों की कमी के कारण वर्कलोड बढ़ा हुआ है, जिससे ऐसे हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है

प्लांट प्रबंधन और अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और हादसे की जांच भी की जा रही है।

 
जन जागरूकता से आएगी सड़क दुर्घटनाओं में कमी- मुख्यमंत्री साय

जन जागरूकता से आएगी सड़क दुर्घटनाओं में कमी- मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर चलाई स्कूटी

 

00 मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 मार्ग में 12 नवीन बसों का शुभारंभ और रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का हुआ भूमिपूजन

 
 
 

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है। मुख्यमंत्री साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया। 

 
 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है। ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में हुए शामिल


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं। ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगें। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है। ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी। हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट पहनना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अत: हमें दुपहिया वाहनों में अनिवार्यत: हेलमेट पहनना चाहिए और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अवश्य लगाना चाहिए। वाहन चालक हमेशा ध्यान रखें कि वे वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात ना करें और ट्रैफिक सिग्नल ना तोड़े। 
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने। सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है। हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचेगी।

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में हुए शामिल


कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की। 
इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी और श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को मिलेगी पहचान, सीएम साय और सांसद अग्रवाल ने 150 करोड़ से बनने वाले चित्रोत्पला फिल्म सिटी का किया भूमि पूजन

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को मिलेगी पहचान, सीएम साय और सांसद अग्रवाल ने 150 करोड़ से बनने वाले चित्रोत्पला फिल्म सिटी का किया भूमि पूजन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।

गदर फिल्म के निर्माता अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।

फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।

फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 25 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि पर्यटन न केवल देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन के माध्यम से लोगों को स्थानीय संस्कृति, भौगोलिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक एवं अद्भुत स्थलों से परिचित होने का अवसर मिलता है। साथ ही यह क्षेत्र हजारों परिवारों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साय ने कहा कि राष्ट्रीय पर्यटन दिवस का उद्देश्य पर्यटन उद्योग के महत्व को रेखांकित करना और इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है, ताकि पर्यटन के माध्यम से देश और प्रदेश को सतत आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। भारत अपनी विविधताओं, परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। देश के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान और गौरवशाली पृष्ठभूमि है, जिसे पर्यटन के माध्यम से देश-विदेश तक पहुँचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।

रजत जयंती पर ऊर्जा संरक्षण को लेकर राज्यभर में होंगे विविध आयोजन

रजत जयंती पर ऊर्जा संरक्षण को लेकर राज्यभर में होंगे विविध आयोजन

 00 30 जनवरी से 6 फरवरी तक हर वितरण केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ व्दारा ऊर्जा संरक्षण एवं विद्युत सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यभर में विविध आयोजन होंगे। 30 जनवरी से 6 फरवरी तक राज्यभर के 660 विद्युत कार्यालयों में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रम होंगे। साथ ही हर क्षेत्रीय कार्यालय स्कूल-कालेजों में भी निबंध, चित्रकला, नारा लेखन, क्विज, नाटक जैसे आयोजन कराएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने इसमें आमजन की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने बताया कि प्रदेश के 8 क्षेत्रीय मुख्यालयों को इस आयोजन की जिम्मेदारी प्रदान की गई है, जिसमें वे अपने वृत्त एवं उपसंभागीय कार्यालयों तथा वितरण केंद्रों में विविध आयोजन करेंगे। इसमें विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी के साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। 612 स्थानों पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रचार रथ जाएगा। वहां उपभोक्ताओँ को इस योजना का लाभ लेने पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा 48 स्कूल कालेजों में निबंध, भाषण, चित्रकला, क्विज, नाट व नारा लेखन जैसे आयोजन होंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य रचनात्मक माध्यम से नागरिकों को ऊर्जा बचत, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग तथा विद्युत सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है।

प्रतिभागी अपनी चित्रकला में ऊर्जा संरक्षण (एनर्जी कंजर्वेशन), नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (रिन्यूएबल एनर्जी) अथवा विद्युत सुरक्षा (इलेक्ट्रिकल सेफ्टी) में से किसी एक विषय को चयनित कर अपनी रचना तैयार कर सकते हैं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा देशवासियों से अपील की गई है कि वे इस रचनात्मक पहल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर ऊर्जा संरक्षण और विद्युत सुरक्षा का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित करने में सहयोग करें।

ब्रेकिंग : फिर खून से सनी NH – 30, स्कॉर्पियो और बोलेरो में हुई जबरदस्त टक्कर, 2 की मौत,12 घायल…

ब्रेकिंग : फिर खून से सनी NH – 30, स्कॉर्पियो और बोलेरो में हुई जबरदस्त टक्कर, 2 की मौत,12 घायल…

 कांकेर। नेशनल हाइवे-30 पर स्कॉर्पियो और बोलेरो वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। यह हादसा कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार से आ रहे दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहनों में कई लोग सवार थे, जो टक्कर के बाद गाड़ियों में फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राहगीर घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल कांकेर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

कथा के दौरान छलका कथावाचक युवराज पांडे का दर्द, सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, कहा – गलती इतनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं……

कथा के दौरान छलका कथावाचक युवराज पांडे का दर्द, सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, कहा – गलती इतनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथावाचक युवराज पांडे ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गलती बस इतनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं। दरअसल कथावाचक युवराज पांडे का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़िया होने का दर्द बयां किया।

कथावाचक युवराज का ये वीडियो कथा के दौरान का है, जिसमें वो कहते नजर आ रहे हैं कि बड़े दुख की बात है… इतनी भीड़ है, इतनी पब्लिक है, लेकिन सुरक्षा करने के लिए दो पुलिसकर्मी भी नहीं खड़े हैं। ये दुर्भाग्य की बात है… इतनी भीड़ प्रशासन को नहीं दिख रही है। उन्होंने आगे कहा कि शुरू दिन कलश यात्रा के दौरान कई लोगों की माला चोरी हो गई, जिसके बाद कई भक्त कथा सुनने भी नहीं आए। इतनी भीड़, जनसैलाब के बाद भी एक सुरक्षाकर्मी नहीं है, बस गलती इ​तनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं और कोई गलती नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि ”सब कुछ राम भरोसे चल रहा है, बस भगवान रक्षा कर रहे हैं इसलिए चल रहा है। अगर कोई अप्रीय स्थिति बनती है तो भगवान जगन्नाथ जी संभालेंगे और छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा में हैं तो माता संभाल लेगी, यही भाव है। चारों ओर देख लीजिए कोई नहीं है। बस दो चार हमारे बाउंसर भाई हैं वो सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए हैं। ठीक है…राखे राम तो मारे कौन और मारे राम तो राखे कौन। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को लेकर आवेदन सभी जगह दिया गया है। सूचना सभी को दी गई है। उन्होंने प्रशासन से पूछा है कि कोई टारगेट है क्या कि महाराज को निपटाना है…भीड़ में फायदा उठाना है।

बता दें कि आचार्य रामानुज युवराज पांडे छत्तीसगढ़ के एक सुप्रसिद्ध युवा कथावाचक और जस गीत गायक हैं। वे विशेष रूप से अपनी छत्तीसगढ़ी शैली में कथा वाचन और ‘पचरा गीत’ (देवी भक्ति गीत) के लिए सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए हैं। वे 10-12 साल की उम्र से ही कथा सुना रहे। अभी रायपुर के खिलोरा, सेजबहार में उनकी शिव महापुराण कथा चल रही है।

ब्रेकिंग : 3 नोडल अधिकारीयों पर गिरी निलंबन की गाज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : 3 नोडल अधिकारीयों पर गिरी निलंबन की गाज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान उपार्जन केंद्र में लापरवाही बरतने वाले तीन नोडल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिले के अलग-अलग केंद्र में की गई है।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र पोखरा, विकासखंड फिंगेश्वर के निरीक्षण नोडल अधिकारी नियुक्त उज्जवल शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को कार्य में गंभीर लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार शर्मा को किसानों के आवेदनों के संदर्भ में धान का भौतिक सत्यापन करने तथा संबंधित फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने पोखरा समिति के 74 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर ही बिना किसी वास्तविक जांच के सत्यापन कर दिया और समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में शर्मा का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी, गरियाबंद जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र सांकरा, विकासखंड छुरा के निरीक्षण हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त रेखराम साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, साहू को किसानों के आवेदनों के परिप्रेक्ष्य में धान का भौतिक सत्यापन कर फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था।

जांच में पाया गया कि उन्होंने सांकरा समिति के 129 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक जांच किए सत्यापन कर दिया तथा समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत, फिंगेश्वर जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र सांकरा, विकासखंड छुरा के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त राजकुमार साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश के अनुसार, साहू को किसानों के आवेदनों के परिप्रेक्ष्य में धान का भौतिक सत्यापन कर फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने सांकरा समिति के 57 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक जांच किए सत्यापन कर दिया तथा समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत, छुरा जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों समेत किया आत्मसमर्पण, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता

47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों समेत किया आत्मसमर्पण, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता

धमतरी। जिले के लिए इन दिनों नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस से जुड़े कुल 09 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने धारित हथियारों के साथ धमतरी एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन एवं एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में संपन्न हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस दौरान इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, भरमार सहित 5 स्वचालित हथियार, मैगजीन, राउंड एवं अन्य सामग्री भी जमा कराई गई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बल एवं केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, पोस्टर-पाम्पलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के माध्यम से दिए गए संदेशों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।

जंगलों में अमानवीय जीवन, माओवादी विचारधारा की खोखलापन, लगातार बढ़ता दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया

एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जिले में सक्रिय शेष माओवादी कैडरों से भी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है। आने वाले समय में और भी बड़े आत्मसमर्पण की संभावना है।

रायपुर को शिक्षा की नई उड़ान, 21.07 करोड़ की लागत से 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस-2 का भूमिपूजन

रायपुर को शिक्षा की नई उड़ान, 21.07 करोड़ की लागत से 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस-2 का भूमिपूजन

 रायपुर। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली। एनआईटी, जीई रोड स्थित 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस–2 का 21 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से विधिवत भूमिपूजन एवं कार्यारंभ किया गया। यह परिसर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

 

भूमिपूजन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर जिला प्रभारी मंत्री एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व मंत्री  राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक  सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, महापौर मीनल चौबे, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थिति में श्रीफल फोडकर, कुदाल चलाकर शिलान्यास करते हुए भूमिपूजन एवं कार्यारंभ किया।

 

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नागरिकों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए भारत माता के वीर सपूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर फेस–2 में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को माता सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होगी और यह केंद्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का मजबूत आधार बनेगा।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासहीन नागरिकों को पक्के मकान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल तथा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नालंदा फेस 2 परिसर इस बात का शानदार उदाहरण है कि विष्णुदेव साय सरकार सदैव जनहित में कार्य करती है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि बसंत पंचमी जैसे शुभ दिन पर नालंदा परिसर फेस–2 का भूमिपूजन राजधानीवासियों के लिए ऐतिहासिक सौगात है। यह परियोजना युवाओं के भविष्य को संवारने के साथ रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नालंदा परिसर का विस्तार राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि शहर के हृदय स्थल में स्थित नालंदा परिसर फेस–2 से आसपास के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और यह युवाओं के शैक्षणिक एवं करियर विकास में सहायक सिद्ध होगा।

नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप ने कहा कि नालंदा परिसर फेस–2 में 90 सीटर व्याख्यान कक्ष, 24×7 को-वर्किंग स्पेस, 950+ दोपहिया एवं 75+ चारपहिया वाहनों की पार्किंग, 50+ सीटर कैफेटेरिया, जिम, स्पोर्ट्स ज़ोन, इंडोर गेम्स एवं बच्चों का खेल क्षेत्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर का निर्माण नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही नागरिकों को ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।

नालंदा परिसर फेस–2 राजधानी रायपुर को शिक्षा का आधुनिक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है, जो आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के सपनों को साकार करेगा।

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पदभार, जानिए उनकी प्रमुख उपलब्धियां

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पदभार, जानिए उनकी प्रमुख उपलब्धियां

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हो गई है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर आईपीएस डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। ज्वाइनिंग के दौरान जीई रोड स्थित नए कमिश्नर कार्यालय में सभी एसीपी, डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

संजीव शुक्ला का परिचय

डॉ. संजीव शुक्ला का जन्म 8 जनवरी 1967 को हुआ। वे 2004 बैच के IPS अफसर हैं। 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) से चयनित होने के बाद उन्होंने राज्य पुलिस सेवा (SPS) में काम किया और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए।

अपने सेवाकाल में उन्होंने दुर्ग जिले में लगभग 7 साल तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पद संभाला। बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में भी जिम्मेदारी मिली। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक दो बार (2010 और 2022) मिल चुका है।

कमिश्नरेट में शामिल 21 थाना क्षेत्र

रायपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत कुल 21 शहरी थाना क्षेत्र शामिल हैं। प्रमुख थाने हैं:

  1. सिविल लाइन
  2. देवेंद्र नगर
  3. तेलीबांधा
  4. कोतवाली
  5. गंज
  6. मौदहा पारा
  7. गोल बाजार
  8. पुरानी बस्ती
  9. डी.डी. नगर
  10. आमा नाका
  11. आजाद चौक
  12. सरस्वती नगर
  13. कबीर नगर
  14. राजेंद्र नगर
  15. मुजगहन
  16. टिकरापारा
  17. उरला (नगर निगम क्षेत्र)
  18. खमतराई
  19. गुढ़ियारी
  20. पंडरी
  21.  खम्हारडीह

इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति

Breaking : छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति

रायपुर:  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आज आधिकारिक आदेश जारी किया है।

देखिए लिस्ट –

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, IPS अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर गृह विभाग का अहम आदेश जारी—देखिए पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, IPS अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर गृह विभाग का अहम आदेश जारी—देखिए पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत अलग-अलग बैच के कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है।

आदेश के अनुसार राज्य कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर पदोन्नति दी गई है, जिसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से 6 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्राप्त हुई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2008 के दो IPS अधिकारियों प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे को पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, साथ ही आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशांत कुमार अग्रवाल को भविष्य में मिड करियर प्रशिक्षण के फेज-IV में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा;

इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 2008 बैच की IPS अधिकारी नीथू कमल को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ही कार्यरत दावुलुरी श्रवण को भी समान तिथि से IG वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है।

इसी क्रम में आवंटन वर्ष 2012 के कुल आठ IPS अधिकारियों— विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू— को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिनके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 6 जनवरी और 9 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2013 के चार IPS अधिकारियों डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह को चयन श्रेणी में पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जितेंद्र शुक्ला (भापुसे–2013) को भी चयन श्रेणी में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। इस बड़े प्रशासनिक फैसले को छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 

 

 

 

 

दुर्ग पुलिस को मिला नया नेतृत्व: IGP शांडिल्य के साथ उम्मीदों की नई शुरुआत!

दुर्ग पुलिस को मिला नया नेतृत्व: IGP शांडिल्य के साथ उम्मीदों की नई शुरुआत!

 दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेंज पुलिस को नया नेतृत्व मिल गया है। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक शांडिल्य (भा.पु.से.) ने आज 23 जनवरी 2026 को विधिवत रूप से पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पदभार संभालने के बाद अभिषेक शांडिल्य ने दुर्ग रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों से औपचारिक परिचय प्राप्त किया और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा एवं आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और जवाबदेह पुलिसिंग उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

अपराध नियंत्रण और बेहतर समन्वय पर जोर

नवपदस्थ आईजी ने अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई, बेहतर इंटेलिजेंस नेटवर्क और पुलिस-जनसहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीमवर्क, आपसी समन्वय और कार्यकुशलता के साथ काम करते हुए जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

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वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणि शंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा सहित दुर्ग रेंज के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहे।

नई उम्मीदें, नई दिशा

अभिषेक शांडिल्य के नेतृत्व में दुर्ग रेंज में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से रेंज में पुलिसिंग और अधिक सशक्त होने की संभावना है।

वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारी इधर से उधर, देखें सूची

वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारी इधर से उधर, देखें सूची

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार हर विभाग में प्रशासनिक फेरबदल कर रही है। इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर विभाग ने विभागीय स्तर 21 कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी किया है। यह आदेश महानदी भवन से जारी किया गया है। यह आदेश अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक रहेगा।

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गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

 राष्ट्र निर्माण की बुनियाद में साहित्य की सदैव रही है निर्णायक भूमिका

 साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति हरिवंश

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ: देशभर के 120 साहित्यकार, 42 सत्रों में करेंगे विचार-विमर्श

रायपुर। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु श्री देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के करकमलों से छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, एक कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य के साहित्यकार, जे. नंदकुमार द्वारा लिखित पुस्तक नेशनल सेल्फहुड इन साइंस, प्रो. अंशु जोशी की पुस्तक लाल दीवारें, सफेद झूठ तथा राजीव रंजन प्रसाद की पुस्तक तेरा राज नहीं आएगा रे का विमोचन किया गया।

 गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

उप सभापति श्री हरिवंश ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की एक समृद्ध और प्राचीन परंपरा रही है तथा इस प्रदेश ने अपनी स्थानीय संस्कृति को सदैव मजबूती से संजोकर रखा है। रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में अत्यंत रचनात्मक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कबीर के काशी से गहरे संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा से भी उनका विशेष जुड़ाव रहा है। उप सभापति श्री हरिवंश ने कहा कि एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है, निराशा से उबारता है और जीवन जीने का साहस प्रदान करता है।
उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत आज स्टील, चावल उत्पादन और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश की आत्मनिर्भरता से दुनिया को नई दिशा मिली है और इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे साहित्य की सशक्त भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने देशभर से आए साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का एक महाकुंभ है, जिसमें प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए 120 से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन के दौरान कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर गहन विमर्श होगा। यह समय गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष का है, इसी भाव के अनुरूप इस उत्सव का आयोजन किया गया है।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन में विष और अमृत दोनों निकले, उसी प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे सेनानियों ने विष रूपी कष्ट स्वयं सहकर आने वाली पीढिय़ों को आज़ादी का अमृत प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानी लेखक, पत्रकार और वकील भी थे। माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा बिलासपुर जेल में रचित पुष्प की अभिलाषा जैसी रचनाओं ने देशवासियों को प्रेरित किया। माधवराव सप्रे की कहानी एक टोकरी भर मिट्टी को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों को सहेजना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। राजनांदगांव में त्रिवेणी संग्रहालय का निर्माण इसी भावना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के मंडपों को विनोद कुमार शुक्ल, श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव जैसे महान साहित्यकारों को समर्पित किया गया है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और साहित्य को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि कविता अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध करना सिखाती है और यही साहित्य की वास्तविक शक्ति है।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित काव्यपाठ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी कवि हृदय थे और उनकी कविताओं ने करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी। हार नहीं मानूंगा... जैसी पंक्तियाँ आज भी जनमानस को संबल देती हैं।
मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी काल के दौरान साहित्यकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि आज जब बड़ी संख्या में युवा साहित्यप्रेमी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं, तब यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में साहित्य का वातावरण उजला और सशक्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह तीन दिवसीय आयोजन एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे को भी नमन किया।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस उत्सव को साहित्य का महाकुंभ बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को अनेक महान पुरोधा दिए हैं। वहीं डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा कि अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संकल्प हमारे उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया तथा भारत को मानवीय संस्कृति की टकसाल कहा।
आयोजन के पश्चात अतिथियों एवं साहित्यकारों ने विभिन्न सत्रों में सहभागिता करते हुए समकालीन साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ साहित्यिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी

रायपुर। गणतंत्र दिवस से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी विशिष्ट और आकर्षक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत की झलक को प्रदर्शित किया गया है।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है, जिसमें राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय को प्रभावशाली एवं सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पर्यटन व संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

पर्यटन व संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 00 छत्तीसगढ़ सरकार की जनसेवा में नई पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार का नारा जनसेवा में समर्पित छत्तीसगढ़ सरकार, अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आपके द्वार अब साकार हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने निज निवास लखनपुर सरगुजा से पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 

इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाले भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट्स उन क्षेत्रों तक पहुंचेंगी जहां स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है। इनके माध्यम से समय पर जांच, निदान और उपचार सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल जाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इन यूनिट्स में विभिन्न सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, खांसी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, एनीमिया आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की जाएंगी। मंत्री महोदय ने कहा, यह योजना सरगुजा जिले के दूरस्थ गांवों के लिए वरदान साबित होगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। सरकार की यह पहल जन-कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक और मील का पत्थर है।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 

शुभारंभ समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट सरगुजा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में घूम-घूमकर सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सकेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव से राष्ट्रीय फलक पर उभरेगी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान : उपमुख्यमंत्री साव

रायपुर साहित्य उत्सव से राष्ट्रीय फलक पर उभरेगी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान : उपमुख्यमंत्री साव

 00 रजत जयंती वर्ष में साहित्य को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन है रायपुर साहित्य उत्सव : शशांक शर्मा

रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने देशभर से आए साहित्यकारों, विचारकों और साहित्य प्रेमियों का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक परंपरा का जीवंत उत्सव है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माता शबरी, माता कौशल्या और छत्तीसगढ़ महतारी की यह धरती भगवान श्रीराम का ननिहाल है। ऐसे पावन स्थल पर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव महान साहित्यकारों की उर्वर भूमि रही है और यह उत्सव उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनेगा।

उन्होंने आयोजन समिति और सभी सहयोगियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि रायपुर साहित्य उत्सव प्रदेश की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और आने वाली पीढिय़ों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के पीछे तीन माह का निरंतर परिश्रम और एक दूरदर्शी सांस्कृतिक कल्पना निहित है। उन्होंने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सभी अतिथियों, साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए मां शारदा का स्मरण किया। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री की कल्पना के अनुरूप इस साहित्य उत्सव को आकार दिया गया है, जिसका उद्देश्य पिछली पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के बीच साहित्य के माध्यम से एक सशक्त सेतु का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहे अन्य साहित्य महोत्सवों के बावजूद ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों की उपस्थिति इस आयोजन की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को दर्शाती है।

अमृतकाल का गणतंत्र भारत को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ रहा है : डॉ. कुमुद शर्मा

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति कुमुद शर्मा ने अमृतकाल में गणतंत्र विषय को संबोधित करते हुए कहा कि अमृतकाल का यह प्रारंभिक चरण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत का मौजूदा नेतृत्व देश की आज़ादी की शताब्दी को स्वर्णिम शताब्दी बनाने के लिए कृतसंकल्प है। डॉ. शर्मा ने कहा कि अमृतकाल के पंचप्राण हमें आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी चेतना, सांस्कृतिक दिशा और इतिहास बोध से जोड़ते हैं। हमारी कलाएं, साहित्य, लोक परंपराएं और प्रकृति से जुड़ी आस्थाएं ही भारत की आत्मा को परिभाषित करती हैं। उन्होंने साहित्यकार निर्मल वर्मा के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटी-सी घटनाएं भी राष्ट्रीय चेतना और दायित्व बोध का आधार बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य और भारतीय भाषाएं सदैव समरसता, एकात्मकता और मानवीय मूल्यों की संवाहक रही हैं। साहित्यकारों और रचनाकारों का दायित्व है कि वे लोक, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े इस सांस्कृतिक बोध को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं, ताकि अमृतकाल का गणतंत्र भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व कर सके।

पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को वितरित की साइकिल

पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को वितरित की साइकिल

 रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेंड्राकला में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की । मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण किया। यह साइकिल उनके लिए सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आगे बढऩे की प्रेरणा है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को साइकिल वितरित की

सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सभी बेटियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें। सरगुजा जिले के दूरस्थ इलाकों में रहने वाली कई छात्राएं पैदल लंबी दूरी तय करती थीं, लेकिन अब ये साइकिलें न केवल समय बचाएंगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएंगी। मंत्री श्री अग्रवाल ने समारोह में छात्राओं से कहा कि वे इस साइकिल को शिक्षा के साधन के रूप में उपयोग करें और अपने सपनों को साकार करें। उन्होंने ग्रामीण विकास और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से इसकी प्रासंगिकता जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कन्या शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को साइकिल वितरित की

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि इससे छात्राओं का स्कूल ड्रॉपआउट दर कम होगा और क्षेत्र में साक्षरता स्तर बढ़ेगा।

महिला पत्रकार अपने साहस से कर रहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत - मुख्यमंत्री साय

महिला पत्रकार अपने साहस से कर रहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री ने गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटे महिला पत्रकारों के दल से की मुलाकात

00 पहली बार छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के दल ने किया अध्ययन भ्रमण, खुशियों भरी मुस्कान के साथ जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटे महिला पत्रकारों के दल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला पत्रकार अपने साहस से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत कर रही हैं। मैं उन सभी महिलाओं के साहस को नमन करता हूं जो पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में रह कर समाज में सकारात्मक योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री को महिला पत्रकारों के दल ने गुजराती अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर पहली बार छत्तीसगढ़ से महिला पत्रकारों के दल को अन्य राज्य के अध्ययन भ्रमण पर भेजने के लिए उनका आभार जताया। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि विगत वर्ष महिला दिवस पर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष महिला पत्रकारों को भी अध्ययन भ्रमण पर भेजे जाने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्हें बहुत खुशी है कि मुख्यमंत्री ने उन सभी की इस इच्छा को पूरा किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं से चर्चा के दौरान कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के दौरान आप सभी ने गुजरात विधानसभा, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, राजकोट, पोरबंदर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझा है। आने वाले समय में ये अनुभव आपकी कलम को और भी समृद्ध करेगा, जिसका लाभ पत्रकारिता जगत के साथ ही आपके पाठकों भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष है। इस वर्ष को हम महतारी गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महिला पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप संजोने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह ना सिर्फ आपके लिए इस भ्रमण को हमेशा के लिए यादगार बनाएगा बल्कि अन्य लोग भी आपकी किताब को पढ़कर गुजरात के बारे में अपनी जानकारी बढ़ा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात एक समृद्ध और मॉडल राज्य है। गुजरात की एक खासियत यह भी है कि वहां सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अमूल सहकारिता का एक जीवंत उदाहरण है, जिसमें मुख्यत: महिलाएं शामिल है। छत्तीसगढ़ में भी हम सहकारिता को बढ़ावा दे रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी देश के सहकारिता मंत्री भी हैं। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के लिए बहुत कार्य हो रहा है। सहकारिता इस बात का प्रतीक है कि मिलकर करने से बड़ा काम भी आसान होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हम सभी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर रहे हैं। मंत्रालय में अब ई-फाइल प्रणाली लागू है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों से अपनी गुजरात यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि गुजरात का सीएम डैशबोर्ड देश का सबसे एडवांस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम है जिसके माध्यम से एक जगह बैठकर ही पूरे प्रदेश पर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास की नींव रखी थी, हम गुजरात जैसी व्यवस्थाओं को यहां भी लागू कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री से महिला पत्रकारों ने गुजरात अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया। सुश्री निशा द्विवेदी ने कहा कि इस टूर के माध्यम से उन्हें गुजरात के समृद्ध इतिहास और संस्कृति से रुबरू होने का अवसर मिला। सुश्री दामिनी बंजारे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके 8 वर्षों के पत्रकारिता के करियर में पहली बार है जब महिलाओं का दल अध्ययन भ्रमण पर गया है। कोरिया की सुश्री नूरजहां ने बताया कि यह पहली बार है जब महिलाओं को इस रूप में प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी महिला पत्रकारों को ये मौका मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री को महासमुंद की पत्रकार सुश्री उत्तरा विदानी ने बताया कि गुजरात विधानसभा के भ्रमण में बहुत अच्छा लगा। वहां की खास बात यह देखने को मिली कि बच्चों सहित आमजन को विधानसभा की कार्यवाही को सुगमता से देखने का अवसर दिया जाता है। दुर्ग की पत्रकार सुश्री कोमल धनेसर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में 25 वर्षों में यह पहला अवसर है जब महिला पत्रकारों को ऐसा मौका मिला है। उन्होंने कहा कि जब हम भ्रमण पर निकले थे तो बहुत सारे अनजाने चेहरे थे और लौटे हैं तो नए दोस्त और नई बॉन्डिंग के साथ।
रायपुर की पत्रकार सुश्री नेहा श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को बताया कि हम सभी पत्रकार अलग- अलग संस्थानों में काम करते हैं। व्यस्तता की वजह से हमारी बात नहीं हो पाती। ये टूर रूटीन से अलग एक अनुभव रहा जिसमें नये दोस्त बने। सुश्री रचना नितेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि ये अनुभव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध करने वाला था। उन्होंने कहा कि एक खास बात ये रही कि हमारे दल में महिला पत्रकारों की 3 पीढिय़ां शामिल थीं। हमें बहुत कुछ सीखने को मिला।
बस्तर की पत्रकार सुश्री प्रियंका जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान बस्तर से है। टूर पर जाते समय नए माहौल की वजह से मन में कई आशंकाएं थीं। मगर बाद में यह अनुभव बहुत सुखद रहा। कोरबा की सुश्री राजश्री गुप्ते ने बताया कि 8 दिनों के इस टूर में ऐसा लगा कि हमने अपने बचपन को फिर से जी लिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय को महिला पत्रकारों ने बताया कि कई लोगों की यह पहली हवाई यात्रा भी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से पत्रकारों से कहा कि जो पहली बार हवाई यात्रा करते हैं उन्हें पार्टी देनी पड़ती है। मुख्यमंत्री की बात सुनकर पूरे सभागार में हंसी गूंज उठी।
महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय से एक रोचक वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात भ्रमण के दौरान उनका इंटरेक्शन कुछ फ्रेंच पर्यटकों से हुआ। यह जानने पर की महिला पत्रकार छत्तीसगढ़ से हैं, फ्रेंच पर्यटक ने कहा- ओह सीएम विष्णुदेव छत्तीसगढ़ ! ये सुनकर उन्हें बहुत गर्व हुआ कि छत्तीसगढ़ राज्य को विदेशी नागरिक भी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नाम से पहचान रहे हैं। महिला पत्रकारों ने जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का भी आभार जताया जिन्होंने आठ दिवसीय इस अध्ययन भ्रमण में उनका पूरा ख्याल रखा। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ रवि मित्तल, अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजीव तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारीगण और महिला पत्रकार उपस्थित थे।