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डॉ. वर्णिका शर्मा ने ग्रहण किया छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार

डॉ. वर्णिका शर्मा ने ग्रहण किया छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी डॉ. वर्णिका शर्मा ने आज राजधानी रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, संासद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, धरमलाल कौशिक भी उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. वर्णिका शर्मा को आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि डॉ. शर्मा के नेतृत्व में आयोग बाल संरक्षण की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करेगा। उन्होंने बच्चों विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों के लिए काफी काम किया है। उनके अनुभवों का लाभ आयोग को मिलेगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि डॉ. वर्णिका शर्मा के अनुभव और नेतृत्व में आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, कल्याण और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण में आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और नई अध्यक्ष के नेतृत्व में यह और अधिक प्रभावी होगी।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोग, बच्चों से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों पर संवेदनशीलता से त्वरित कार्यवाही करेगा और समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर देगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का अधिनियम क्रमांक 04) के तहत 16 जून 2010 को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्थापना की गई थी। आयोग का उद्देश्य राज्य में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उल्लंघन की रोकथाम और संबंधित मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग के प्रमुख कार्यों में बच्चों से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों का निरीक्षण, संकटग्रस्त और वंचित बच्चों की सुरक्षा, बालगृहों एवं संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण, शिक्षा और प्रशिक्षण में बाल अधिकारों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही, आयोग को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) के तहत आयोग, बच्चों की देखरेख और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी भी करता है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : प्रेम में बने शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं….HC ने दिए आरोपी को रिहा करने के आदेश..

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : प्रेम में बने शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं….HC ने दिए आरोपी को रिहा करने के आदेश..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप केस में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि किसी युवक और युवती के बीच प्रेम प्रसंग हो और आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बने हों, तो उसे दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने इस आधार पर एक युवक की सजा को रद्द करते हुए उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं।

क्या था मामला?

एक युवक को नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी और वह पिछले छह वर्षों से जेल में बंद था। युवक ने इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसके साथ ही पीड़िता ने भी कोर्ट में बयान दिया कि वह आरोपी से प्रेम करती थी और दोनों के बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे।

पीड़िता के बयान और अभियोजन की कमजोरी को देखते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने विशेष न्यायाधीश, रायपुर द्वारा 27 सितंबर 2019 को दिए गए फैसले को रद्द कर दिया। निचली अदालत ने आरोपी तरुण सेन को आईपीसी की धारा 376(2)(एन) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10-10 साल की सजा सुनाई थी।

युवक पर आरोप था कि वह 8 जुलाई 2018 को एक लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया और कई दिनों तक उसके साथ रहा। लड़की के पिता ने 12 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 18 जुलाई को लड़की को दुर्ग से बरामद किया गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी युवक को लगभग छह साल बाद जेल से रिहाई मिल गई है।

बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिए जनकल्याणकारी योजनाओं के तेज़ी से क्रियान्वयन के निर्देश

बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिए जनकल्याणकारी योजनाओं के तेज़ी से क्रियान्वयन के निर्देश

 

 
नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही कार्य: मुख्यमंत्री श्री साय
 
अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित - मुख्यमंत्री
 
रायपुर 16 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष 'प्रेरणा' में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं।
 
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।
 
बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है।
 
इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो। 
 
बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति  के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। 
 
बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे, और सभी निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिए जाएँ। आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति पंचायतों के माध्यम से एकसाथ करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।
 
बैठक में जानकारी दी गई कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में बस्तर संभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 95.89 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है। कांकेर जिले में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, वहीं बस्तर और कोंडागांव में यह आँकड़ा 99 प्रतिशत के पार पहुँच गया है। शेष जिलों में दिसंबर 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 91.55 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में गति लाने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 82.88 प्रतिशत किसानों को लाभ मिल रहा है। जनधन खातों में 90.79 प्रतिशत पात्र हितग्राही पंजीकृत हैं। राजस्व संबंधी प्रकरणों जैसे नामांतरण, सीमांकन, त्रुटि सुधार के मामलों में त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
 
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्थानीय युवाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं को शतप्रतिशत प्लेसमेंट दिलाने और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
 
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पीसीसीएफ श्री श्रीनिवास राव,  बस्तर संभाग के आयुक्त, आईजी पुलिस, सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आ
यात्रियों को बड़ा झटका, इंडियन रेलवे ने इस रूट की करीब 34 से ज्यादा ट्रेनें की कैंसिल, देखें पूरी लिस्ट….

यात्रियों को बड़ा झटका, इंडियन रेलवे ने इस रूट की करीब 34 से ज्यादा ट्रेनें की कैंसिल, देखें पूरी लिस्ट….

 रायपुर। इंडियन रेलवे ने अप्रैल के महीने में छत्तीसगढ़ के इस रूट से गुजरने वाली 34 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-झारसुगुड़ा में चौथी लाइन जोड़ने के काम के चलते छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें कैंसिल कर दी गईं हैं।

देखें कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट

16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक रायगढ़ से चलने वाली 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू कैंसिल.
16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक बिलासपुर से चलने वाली 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू कैंसिल.
16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू कैंसिल.
16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू कैंसिल.
16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक टाटानगर से चलने वाली 18109 टाटानगर-नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से चलने वाली 18110 सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-टाटानगर एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल और 23 अप्रैल को संतरागाछी से चलने वाली 20828 संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस कैंसिल.
17 अप्रैल और 24 अप्रैल को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-संतरागाछी एक्सप्रेस कैंसिल.
8 अप्रैल, 22 अप्रैल और 25 अप्रैल को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस कैंसिल.
19 अप्रैल और 22 अप्रैल को सिकंदराबाद से चलने वाली 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस कैंसिल.
19 अप्रैल को संतरागाछी से चलने वाली 20822 संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस कैंसिल.
21 अप्रैल को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस कैंसिल.
17 अप्रैल और 21 अप्रैल को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल, 19 अप्रैल और 23 अप्रैल को कुर्ला से चलने वाली 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस कैंसिल.
18 अप्रैल को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस कैंसिल.
20 अप्रैल को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस कैंसिल.
18 अप्रैल को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस कैंसिल.
120 अप्रैल को मुंबई से चलने वाली 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल और 17 अप्रैल को एलटीटी से चलने वाली 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस कैंसिल.
17 अप्रैल को हावड़ा से चलने वाली 22894 हावड़ा-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस कैंसिल.
18 अप्रैल और 19 अप्रैल को शालीमार से चलने वाली 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस कैंसिल.
19 अप्रैल को साईनगर शिरडी से चलने वाली 22893 साईनगर शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस कैंसिल.
18 अप्रैल और 19 अप्रैल को हटिया से चलने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस कैंसिल.
20 अप्रैल और 21 अप्रैल को एलटीटी से चलने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस कैंसिल.
24 अप्रैल को पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस कैंसिल.
24 अप्रैल को हावड़ा से चलने वाली 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिन्द एक्सप्रेस कैंसिल.
24 अप्रैल को मुंबई से चलने वाली 12859 मुंबई-हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस कैंसिल.
24 अप्रैल को हावड़ा से चलने वाली 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस कैंसिल.
17 अप्रैल और 19 अप्रैल को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस कैंसिल.
14 अप्रैल, 19 अप्रैल और 21 अप्रैल को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस कैंसिल.
17 अप्रैल को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस कैंसिल.
18 अप्रैल और 19 अप्रैल को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस कैंसिल.
14 अप्रैल, 15 अप्रैल, 18 अप्रैल, 19 अप्रैल, 21 अप्रैल और 22 अप्रैल को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस कैंसिल.
16 अप्रैल, 17 अप्रैल, 20 अप्रैल, 21 अप्रैल, 23 अप्रैल और 24 अप्रैल को शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार- एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस कैंसिल.

डिप्टी सीएम अरूण साव ने जारी किया बयान, बर्खास्त शिक्षकों के समायोजन को लेकर कही ये बड़ी बात….

डिप्टी सीएम अरूण साव ने जारी किया बयान, बर्खास्त शिक्षकों के समायोजन को लेकर कही ये बड़ी बात….

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार बर्खास्त बीएड शिक्षकों को समायोजित करने को तैयार हो गयी है। चीफ सेकरेट्री की अध्यक्षता वाली कमेटी में इसे लेकर प्रस्ताव भी आया था। जिस पर कमेटी के अधिकांश मेंबर संतुष्ट थे।

सरकार द्वारा बर्खास्त किए गए B.Ed शिक्षकों को दोबारा बहाल करने या उनके लिए वैकल्पिक समाधान की दिशा में पहल की जा रही है। इस पूरे मामले में राज्य के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अरुण साव ने भी बयान दिया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर एक समिति का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। अरुण साव ने स्पष्ट किया कि “जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त होगी, राज्य सरकार उस पर आवश्यक कार्रवाई करेगी।”

वहीं दूसरी ओर, लंबे समय से लंबित सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। सरकार इस दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि बर्खास्त B.Ed शिक्षकों के अनुभव और योग्यताओं को देखते हुए सरकार उन्हें इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने पर विचार कर सकती है।

B.Ed प्रशिक्षित शिक्षक वर्षों से बहाली की मांग कर रहे थे। शिक्षकों ने कई बार प्रदर्शन भी किया, ज्ञापन सौंपे और सरकार से रोजगार की गुहार लगाई। अब जब सरकार की ओर से इस दिशा में गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं, तो शिक्षकों में एक नई उम्मीद जगी है।

CG – श्मशान में तंत्र-मंत्र कर रहे थे 4 पुरुष और 8 महिलाएं, तभी पहुंच गई पुलिस, फिर जो हुआ…..

CG – श्मशान में तंत्र-मंत्र कर रहे थे 4 पुरुष और 8 महिलाएं, तभी पहुंच गई पुलिस, फिर जो हुआ…..

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के निरतू गांव में तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों के संदेह में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, देर रात गांव के श्मशान घाट में जुटे इन लोगों में 4 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि कुछ लोग रात के समय श्मशान घाट में टोना-टोटका जैसी गतिविधियां कर रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले आई। फिलहाल पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे रात में श्मशान घाट में क्यों एकत्रित हुए थे।

 
 

इस घटना के बाद गांव में डर और अंधविश्वास को लेकर चर्चा का माहौल बन गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई अपराध सामने आता है, तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

दिल दहला देने वाला घटना : कार में आग लगने से जिंदा जला ड्राइवर, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस…!!

दिल दहला देने वाला घटना : कार में आग लगने से जिंदा जला ड्राइवर, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस…!!

 कोरबा। जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के बाद कार में आग लगने से गाड़ी जलकर खाक हो गई। वाहन चालक भी कार में जिंदा जल गया और उसकी मौत हो गई। यह घटना आधी रात को पसान थाना क्षेत्र के पेंड्रा कटघोरा मुख्य मार्ग पर स्थित कारीमाठी के पास घटी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है।

पसान थाना प्रभारी एसके विश्कर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हादसे में कार पूरी तरह से जल गई है। नंबर प्लेट भी दिखाई नहीं दे रहा है। कार चालक भी जलकर खाक हो गया है, मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस युवक की शिनाख्ती में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की जा रही है।

BIG NEWS : सौरभ इंटरप्राइजेज में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

BIG NEWS : सौरभ इंटरप्राइजेज में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

 भाटापारा - ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम रोहरा में स्थित सौरभ इंटरप्राइजेज में देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकान के ऊपर से 11 केवी की विद्युत लाइन और सामने से घरेलू लाइन गुजर रही थी। मौसम में अचानक बदलाव और तेज हवा-तूफान के कारण दोनों तारों के आपस में टकरा जाने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी।

तेजी से फैली आग, सब कुछ जलकर हुआ राख

दुकान में प्लास्टिक के सामान के साथ-साथ कूलर, टीवी, फ्रिज, आलमारी जैसे इलेक्ट्रॉनिक और फर्नीचर उत्पाद बड़ी मात्रा में रखे हुए थे। आग इतनी तेजी से फैली कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही सारा सामान जलकर राख हो गया।

आग की चपेट में पास की दो अन्य दुकानें भी आ गई हैं, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया है।

दमकल टीम और पुलिस बल मौके पर तैनात

बलौदाबाजार जिले की फायर ब्रिगेड टीम के साथ-साथ आसपास के सीमेंट संयंत्रों की दमकल गाड़ियाँ भी आग बुझाने के प्रयासों में जुटी हुई हैं। भाटापारा ग्रामीण थाना प्रभारी समेत पुलिस स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहकर हालात को नियंत्रित करने में लगे हैं।

कारणों की जांच जारी

हालांकि आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को ही आगजनी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन नुकसान का आंकलन कर रहा है।

फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस हादसे ने दुकानदारों और आसपास के व्यवसायियों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

रेलवे स्टेशन पर एलईडी डिस्प्ले बंद, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी

रेलवे स्टेशन पर एलईडी डिस्प्ले बंद, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी

  रायपुर। राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर लगे एलईडी डिस्प्ले बोर्ड बंद हैं, जिससे ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी यात्रियों को समय पर नहीं मिल पा रही है।

इस कारण यात्रियों को यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि कौन सी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आ रही है। स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आए यात्रियों को अपनी गाड़ियों की जानकारी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और भारी सामान के साथ सफर कर रहे यात्रियों को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन पर नए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। ठेका एजेंसी द्वारा विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर कुल 98 नई एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। इनका कनेक्शन पूरा होने के बाद यात्रियों को फिर से पूरी जानकारी मिल सकेगी।

हालांकि रेलवे की ओर से समय-समय पर माइक और अन्य माध्यमों से घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं साबित हो रही है।

बता दें कि रायपुर रेलवे स्टेशन, मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्टेशन है, जहां प्रतिदिन करीब 120 यात्री ट्रेनें आती-जाती हैं और लगभग 70 हजार यात्री रोजाना यहां से सफर करते हैं।

स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2 और 3 पर लगे डिस्प्ले बोर्ड बंद होने के कारण अंतिम समय में स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को ट्रेन की स्थिति जानने के लिए मुख्य डिस्प्ले की ओर दौड़ लगानी पड़ती है, जो अक्सर भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होता है।

यात्रियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नई डिस्प्ले व्यवस्था को क्रियान्वित कर उनकी परेशानी दूर की जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।

 छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम, महिलाओं को मिलेगा 25 हजार, महतारी वंदन योजना की तरह एक और योजना शुरू

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम, महिलाओं को मिलेगा 25 हजार, महतारी वंदन योजना की तरह एक और योजना शुरू

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए ‘महतारी शक्ति ऋण योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹25,000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

यह नई योजना पहले से संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ से जुड़ी हुई है, जिसके तहत विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की सहायता राशि दी जा रही है। अब सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है।

योजना की शुरुआत

इस योजना का औपचारिक शुभारंभ राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया। शुभारंभ समारोह में राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन विनोद अरोरा भी मौजूद थे। यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है, जिनका खाता राज्य ग्रामीण बैंक में है और जो महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं।

ऋण लेने की प्रक्रिया आसान

सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत महिलाओं को ऋण प्राप्त करने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। पात्र महिलाओं को बिना किसी खास औपचारिकता के ₹25,000 तक का ऋण आसानी से मिल सकेगा।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, “यह योजना माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास है। इससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और अपने परिवार को बेहतर भविष्य दे सकेंगी।”

महिलाओं के लिए रोजगार का अवसर

‘महतारी शक्ति ऋण योजना’ से महिलाएं किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, पशुपालन जैसे छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनेंगी।

राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन विनोद अरोरा ने बताया कि बैंक इस योजना की निगरानी करेगा और ऋण वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।

बीजेपी का चुनावी वादा

गौरतलब है कि ‘महतारी वंदन योजना’ भाजपा का चुनावी वादा था, जिसे सरकार बनने के बाद लागू किया गया। सरकार का दावा है कि इस योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। अब ‘महतारी शक्ति ऋण योजना’ के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह खोलने वाली साबित हो सकती है। यह योजना न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।

यह योजना महिलाओं के जीवन में नई रोशनी और संभावनाओं के द्वार खोलने जा रही है — एक ऐसा प्रयास जो उन्हें वास्तविक सशक्तिकरण की ओर अग्रसर करेगा।

रायपुर की तरह इन शहरों में भी खुलेंगे नालंदा परिसर, वित्त विभाग ने दी अनुमति

रायपुर की तरह इन शहरों में भी खुलेंगे नालंदा परिसर, वित्त विभाग ने दी अनुमति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी सौगात दी है। राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर और तक्षशिला अध्ययन केंद्र की तर्ज पर अब प्रदेश के हर जिले में अत्याधुनिक ‘नालंदा परिसर’ खोलने की तैयारी तेज कर दी गई है।वित्त विभाग से मिली अनुमति के बाद, राज्य के 12 शहरों में इन आधुनिक लाइब्रेरी सेंटरों के निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है। रायगढ़ में इसका निर्माण कार्य सबसे तेजी से चल रहा है, और संभावना है कि जुलाई 2025 तक इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा।

हर जिले में बनेगा ज्ञान का केंद्र

राज्य शासन की योजना है कि हर जिले में नालंदा परिसर खोले जाएं, ताकि युवा प्रतियोगी परीक्षाओं, शैक्षणिक परीक्षाओं और अन्य अध्ययन की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और संसाधन पा सकें। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कुल 32 स्थानों पर नालंदा परिसर खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिनमें से 12 को वित्त विभाग की अनुमति मिल चुकी है। शेष 17 प्रस्तावों के लिए वित्त विभाग में फाइल भेजी गई है, और अनुमति मिलते ही उनके लिए भी टेंडर जारी किए जाएंगे।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी लाइब्रेरी

रायपुर के नालंदा परिसर और तक्षशिला की तरह ही, इन लाइब्रेरी में भी वातानुकूलित कक्ष, ऑनलाइन स्टडी सुविधा, वाई-फाई, और रेफरेंस बुक्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यहां पढ़ने वाले छात्रों को एक शांत, सुरक्षित और प्रेरणादायक माहौल मिलेगा।

इन लाइब्रेरी में प्रवेश के लिए मासिक शुल्क ₹500 निर्धारित किया गया है। साथ ही, कॉशन मनी के रूप में ₹2000 जमा कराना होगा, जिसे बाद में वापस किया जाएगा।

किन-किन शहरों में खुलेंगे नालंदा परिसर?

नालंदा परिसर रायपुर में पहले से ही कार्यरत है, लेकिन अब इसे रायपुर में दो और स्थानों पर भी खोला जाएगा। इसके अलावा, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, कुनकुरी, बिलासपुर, मुंगेली, सक्ती, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, महासमुंद सहित कई अन्य शहरों में भी नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल

छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है। यह न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें समान अवसर भी उपलब्ध कराएगा, जिससे वे राज्य और देश में सफलता के नए आयाम छू सकें।

राज्य सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ के शिक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी, और प्रदेश की युवा पीढ़ी को एक सशक्त और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अग्रसर किया जा सकेगा।

BREAKING : जवानों को मिली बड़ी सफलता.. मुठभेड़ में दो खूंखार नक्सली ढेर, AK-47 समेत अन्य हथियार बरामद

BREAKING : जवानों को मिली बड़ी सफलता.. मुठभेड़ में दो खूंखार नक्सली ढेर, AK-47 समेत अन्य हथियार बरामद

  कोंडागांव। जिले के मरकाम पाल इलाके में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। देर रात हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों के पास से AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद की गई है।

कोंडागांव के पुलिस अधीक्षक अक्षय कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा से सटे किलम-बरगुम मरकाम पाल क्षेत्र के जंगलों में की गई। 15 अप्रैल को माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर कोंडागांव DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान शाम को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई।

-अब तक की जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान पूर्वी बस्तर के खूंखार माओवादी कमांडर DVCM हलदर कश्यप और ACM रामे शोरी उर्फ रामू के रूप में हुई है। दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था – हलदर कश्यप पर 8 लाख और रामे शोरी पर 5 लाख रुपये।

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिन्हें कोंडागांव जिला मुख्यालय लाया गया है। फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि अन्य नक्सलियों की तलाश की जा सके और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके।यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ: मुख्यमंत्री बोले, पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी

मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ: मुख्यमंत्री बोले, पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इस दौरान उन्होंने घाटपदमपुर के कई हितग्राहियों के घर पहुंचकर स्वयं सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।

इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम घाटपदमपुर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी और नवनिर्मित घरों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किया पात्र परिवारों का सर्वे

मुख्यमंत्री श्री साय जब हितग्राही श्रीमती शिलोमणि कश्यप एवं श्रीमती करुणा कश्यप के घर पहुंचे तब परिवारजनों ने उनका परंपरागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं पति हरिसिंह, बेटा अभिनव जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है, बेटी अनुप्रिया (8वीं कक्षा) और छोटा बेटा अभिषेक जो तीसरी कक्षा में है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव की एक अन्य हितग्राही श्रीमती लूदरी कश्यप के घर का भी सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वयं ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान लूदरी कश्यप ने भावुक होकर कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना देखा था, आज वह साकार होता दिख रहा है। यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। लूदरी कश्यप ने यह भी साझा किया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर में सांप का डर और घर की मरम्मत पर होने वाले खर्च से वे परेशान रहती थीं। उन्होंने कहा कि अब इस योजना से उन्हें इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

श्रीमती लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके साथ पति श्री मनबोध कश्यप, बहू श्रीमती करुणा कश्यप, पुत्र श्री ईश्वर कश्यप और पोता रहते हैं। लूदरी कश्यप ने कहा कि उनका पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर है और सीमित आय के चलते पक्के मकान का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उनका एक सुरक्षित और स्थायी पक्का मकान का सपना जल्द ही पूरा होगा। ग्राम पंचायत घाटपदमपुर की कुल जनसंख्या 2,078 है, जिसमें वर्तमान में 583 परिवार निवासरत हैं। इस पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर 11 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई थी, जिनके मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

महतारी वंदन योजना बनी सहारा

मुख्यमंत्री श्री साय को ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पा रहे हैं।

हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।

इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

3 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में कांग्रेस ने 7 सदस्यीय जांच समिति का किया गठन

3 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में कांग्रेस ने 7 सदस्यीय जांच समिति का किया गठन

 रायपुर। राजधानी रायपुर में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने पूरे शहर को दहला दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। पूर्व राज्यसभा सांसद छाया वर्मा को इस जांच समिति का संयोजक बनाया गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश में जांच समिति को निर्देशित किया गया है कि वह अविलंब प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिजन, पुलिस प्रशासन सहित स्थानीय नगरवासियों से मुलाकात करें। घटनास्थल की वस्तुस्थिति की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पार्टी को सौंपे।

जांच समिति में शामिल सदस्य :

 
बस्तर दशहरा को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान : सीएम साय ने अभी से तैयारी करने के दिए निर्देश

बस्तर दशहरा को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान : सीएम साय ने अभी से तैयारी करने के दिए निर्देश

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सीएम ने 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। उनका कहना था कि इस प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सव को वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए और आने वाले दशहरे की तैयारी इस दृष्टिकोण से की जाए।

मुख्यमंत्री ने आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने की बात कही ताकि पर्यटकों को एक बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। साथ ही गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से होमस्टे के प्रचार-प्रसार के लिए नए कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटक होमस्टे में रुचि रखते हैं और यह आदिवासी समाज के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के सदस्यों को पर्यटन से होने वाले लाभों पर भी चर्चा की और कहा कि यह क्षेत्र विकास के नए अवसरों से लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर का पर्यटन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक जीवंतता का खजाना है, जो इसे पर्यटन के लिए एक अनोखा और विशिष्ट क्षेत्र बनाता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर संभाग में पर्यटन के विकास और वृहद रोडमैप बनाने के लिए गहन मंथन के दौरान यह बात कही।

जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पर्यटन विभाग के सचिव अलबनगन पी., पर्यटन विभाग के एमडी विवेक आचार्य, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा। इसकी अभी से तैयारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे बस्तर की पहचान बनेगी। सितम्बर से मार्च का मौसम बेहतर होता है।इसे पर्यटन के लिए विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि अब पर्यटन क्षेत्र में ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र और समुदाय की भागीदारी बढ़ाए। गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। होम स्टे को प्रचार प्रसार हो।इसका लाभ उठाएं स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलता है। सभी के बेहतर सुझाव से पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर को आगे बढ़ाएंगे।

परिचर्चा में पर्यटन स्थलों के जुड़ाव, ब्रांडिंग और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर सकते हैं, बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इको-पर्यटन, जनजातीय पर्यटन और दंतेश्वरी मंदिर जैसे आध्यात्मिक स्थलों के समन्वय के साथ बस्तर एक अनोखा और गहन यात्रा अनुभव प्रदान करता है। ब्रांडिंग और प्रचार के तहत ट्रैवल ट्रेड फेयर (TTF) के माध्यम से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जाएगी। पर्यटन सूचना केंद्र (TIC) पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, जगदलपुर, अरकू सिटी और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकारी मिल सके।

आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों के यात्रा और पर्यटन ऑपरेटरों तथा होटल व्यवसायियों के साथ साझेदारी को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। साथ ही जगदलपुर के दलपत सागर में वार्षिक नाव दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यटन विशेषज्ञों और प्रमोटरों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि दृश्यता और जुड़ाव को बढ़ाया जा सके। विश्वभर के टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के बीच क्षेत्र की पर्यटन समृद्धि के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे प्रदर्शित करने के लिए परिचयात्मक (FAM) यात्राएँ और रोड शो आयोजित किए जाएंगे। ये यात्राएँ टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायियों को क्षेत्र का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करेंगी, जबकि स्थानीय टूर ऑपरेटरों को भी वैश्विक रोड शो में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा देना है।

कुटुमसर गुफाएं और चित्रकोट जलप्रपात जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए केशलूर के आगे की सड़कों के सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है। बस्तर को हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और अरकू जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं के सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की आपूर्ति जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चित्रकोट में पैराग्लाइडिंग, रैपेलिंग और ज़िपलाइनिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा ताकि रोमांच प्रेमियों को आकर्षित किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि टैक्सी ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे ताकि उनकी कौशल और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी में सुधार हो सके। साथ ही, पर्यटन गाइडों के लिए अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि बहुभाषी पर्यटन गाइड विकसित किए जा सकें। पर्यटक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में शामिल किया जा सके। पर्यटन सूचना केंद्रों के कर्मचारियों के सॉफ्ट स्किल्स में सुधार के लिए विभाग द्वारा एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को ग्राहक सेवा, संवाद कौशल और समस्या समाधान क्षमताओं में दक्ष बनाना ह, ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें। पर्यटकों के लिए जनजातीय संस्कृति और सतत जीवनशैली का अनुभव बढ़ाने हेतु विभाग होमस्टे नीति 2025 के अंतर्गत होमस्टे की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देगा।

नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, जो शीघ्र प्रकाशित की जाएगी, के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य राज्य को वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य का गढ़ के रूप में स्थापित करना है। हमारा मिशन राज्य की असाधारण इको-एथनिक पेशकशों को प्रदर्शित करना है, जिससे आगंतुकों और हमारी भूमि के जीवंत जीवन के बीच संबंध स्थापित हो सके। हम एक ऐसे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो न केवल सभी के लिए सुलभ हो बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हमारे कीमती पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक हो।

पर्यटन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभाग मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाएगा। पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने विभाग टैक्सी दरों को नियमित करेगा और एक समान दरें निर्धारित की जाएंगी। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि सभी टैक्सी सेवाएँ पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण के आधार पर संचालित हों।

भविष्य की योजना के तहत कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, स्थानीय प्रवास पथों और दैनिक एवं मौसमी गतिविधि पैटर्न का सटीक आकलन करने के लिए पहाड़ी मैना पक्षी की सैटेलाइट टेलीमेट्री टैगिंग की जाएगी। पर्यटकों और स्थानीय समुदायों के लिए बफर जोन और आसपास के गांवों में मानसून पैकेज टूर विकसित किए जाएंगे। मांझीपाल, नागलसर, नेतानार, तीरथगढ़, कामानार में नए आदिवासी होमस्टे परियोजनाओं का क्रियान्वयन चक्रीय निधि से प्रस्तावित है। निजी टूर संगठनों, होटल व्यवसायियों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग कर कम प्रभाव वाले सतत पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

पर्यटकों को आकर्षित करने और स्थानीय लोगों के लिए अधिक रोजगार सृजन के लिए तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण के लिए चक्रीय निधि से लगभग 6 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। ग्राम पेदावाड़ में होमस्टे सह परंपरागत हीलिंग सेंटर के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य योजना मद में लगभग 40 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।

छग प्रदेश टेनिस संघ की नई कार्यकारिणी की घोषणा, सर्वसम्मति से डॉ. हिमांशु द्विवेदी चुने गए अध्यक्ष

छग प्रदेश टेनिस संघ की नई कार्यकारिणी की घोषणा, सर्वसम्मति से डॉ. हिमांशु द्विवेदी चुने गए अध्यक्ष

 रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश टेनिस संघ की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है. आम सभा ने संघ के अध्यक्ष का चुन लिया है. छ्ग प्रदेश टेनिस संघ के अध्यक्ष पद पर डॉ. हिमांशु द्विवेदी का निर्वाचन निर्विरोध हुआ. साथ ही गुरुचरण सिंह होरा सर्वसम्मति से महासचिव चुने गए.

राजधानी रायपुर में आज छत्तीसगढ़ प्रदेश टेनिस संघ की वार्षिक आम सभा की बैठक हुई. इस बैठक में अगले 4 वर्ष के लिए छ्ग प्रदेश संघ की कार्यकारिणी का चुनाव भी किया गया. इस चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए ऑल इंडिया टेनिस संघ की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में अनिल धुपर पहुंचे. वहींं चुनाव अधिकारी के रूप में डॉ. अतुल शुक्ला, छ्ग ओलम्पिक संघ के पर्यवेक्षक के रूप में विजय अग्रवाल और खेल युवा कल्याण विभाग छ्ग शासन की ओर से प्रवेश जोशी पर्यवेक्षक के रूप उपस्थित रहें.

छ्ग प्रदेश टेनिस संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी 

अध्यक्ष: डॉ. हिमांशु द्विवेदी

महासचिव: गुरुचरण सिंह होरा

वरिष्ठ उपाध्यक्ष: अवतार सिंह जुनेजा

उपाध्यक्ष:

सुशील बालानी

रूपेंद्र सिंह चौहान

जी एस बांबरा

राजेश पाटिल

नरेश गुप्ता

कोषाध्यक्ष: एस बत्रा

सह सचिव:

सुनील सुराना

तरणजीत सिंह होरा

आनंद ठाकुर

कार्यकारिणी सदस्य:

डॉ. अजय पाठक

प्रदीप माथानी

प्रकाश कलश

रणधीर सिंह विरदी

चरणजीत सिंह ओबेरॉय

नेल्सन जतिन कुमार

जसप्रीत खनुजा

हेनरी सेंटियागो

मुकेश पिल्लै

गुरमीत सिंह भाटिया

ईडी के खिलाफ आज देशभर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी कांग्रेसी नेशनल हेराल्ड की संपत्ति सीज करने का करेंगे विरोध

ईडी के खिलाफ आज देशभर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी कांग्रेसी नेशनल हेराल्ड की संपत्ति सीज करने का करेंगे विरोध

 रायपुर. नेशनल हेराल्ड की संपत्ति सीज करने के मामले में कांग्रेस आज देशभर में ईडी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. छत्तीसगढ़ में भी रायपुर सहित हर जिले और तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसकी जानकारी सभी जिला और शहर अध्यक्षों को भेज दी है. रायपुर में दोपहर 12 बजे ईडी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू होगा, जिसमें पीसीसी चीफ सहित कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.

बता दें कि कांग्रेस के नेशनल हेराल्ड अखबार और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ED ने पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के नाम शामिल हैं. मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी.

कोर्ट ने ED से मामले की केस डायरी भी मांगी है. 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल और उनकी सहयोगी कंपनियों से जुड़े लोगों के खिलाफ इस मामले की शिकायत की थी. 12 अप्रैल 2025 को जांच के दौरान कुर्क संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई. ED ने दिल्ली, लखनऊ और मुंबई में 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया था. इससे पहले मंगलवार को ही सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ऑफिस पहुंचे, जहां उनसे गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड घोटाले में पूछताछ हुई.

जानिए क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था. आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन बनाया और उसके जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (AJL) का अवैध अधिग्रहण कर लिया. स्वामी का आरोप था कि ऐसा दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था.

सुब्रमण्यम स्वामी ने 2000 करोड़ रुपए की कंपनी को केवल 50 लाख रुपए में खरीदे जाने को लेकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी. जून 2014 ने कोर्ट ने सोनिया, राहुल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया. अगस्त 2014 में ED ने इस मामले में एक्शन लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. दिसंबर 2015 में दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने सोनिया, राहुल समेत सभी आरोपियों को जमानत दे दी.

कांग्रेस की न्याय यात्रा स्थगित, 21 को रायपुर में होगी बड़ी सभा, सीएम हाउस का करेंगे घेराव

कांग्रेस की न्याय यात्रा स्थगित, 21 को रायपुर में होगी बड़ी सभा, सीएम हाउस का करेंगे घेराव

 रायपुर. प्रदेश में बदहाल कानून-व्यवस्था एवं महिलाओं व अबोध बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचार/ रेप की संवेदनशील आपराधिक घटनाओं के विरोध में कांग्रेस न्याय यात्रा निकालने वाली थी, जिसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई. प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने बताया, 18 से 20 अप्रैल तक निकलने वाली न्याय यात्रा को स्थगित की गई है. वहीं 21 अप्रैल का कार्यक्रम यथावत रहेगा. 21 अप्रैल को कांग्रेस बड़ी सभा के बाद सीएम हाउस का घेराव करेगी.

यात्रा का ये था पूरा रूट

  • 18 अप्रैल: दुर्ग से नेहरू नगर भिलाई होते हुए खुर्सीपार तक (13.4 KM)
  • 19 अप्रैल: खुर्सीपार से चरोदा, कुम्हारी तक (13.7 KM)
  • 20 अप्रैल: कुम्हारी से टाटीबंध, आजाद चौक रायपुर (11.2 KM)
  • 21 अप्रैल: आजाद चौक से राजीव चौक तक मार्च और फिर सीएम हाउस का घेराव 
CG : इन लोगों का नहीं बनता आयुष्‍मान कार्ड, इस लिस्‍ट में कहीं आपका नाम तो नहीं शामिल

CG : इन लोगों का नहीं बनता आयुष्‍मान कार्ड, इस लिस्‍ट में कहीं आपका नाम तो नहीं शामिल

 आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है जिसे 23 सितम्बर, २०१८ को पूरे भारत में लागू किया गया था। २०१८ के बजट सत्र में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस योजना की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बीपीएल धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जायेगा।

१० करोड़ बीपीएल धारक परिवार (लगभग ५० करोड़ लोग) इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठा सकेगें। इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है।

इसका उद्देश्य व्यक्तियों और उनके परिवारों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा प्रदान करना है ताकि लोग बिना किसी परेशानी के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकें। आप स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। कार्ड में आपका पूरा मेडिकल इतिहास और स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी होता है, जिसे बीमा कंपनियां और अस्पताल एक स्थान पर पहुच सकते हैं।

इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन झारखंड के राँची जिले से आरम्भ किया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, जो 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों (लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों) को कवर करेगी। वह हर परिवार के लिये, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये के मूल्य के लिए माध्यमिक और तृतीयक स्थर पर अस्पताल में देखभाल के लिये कवरेज प्रदान करती है।

  • योजना के लाभ पूरे देश में कहीं भी लागू करे जा सकते हैं, और इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थी को देश भर के किसी भी सार्वजनिक या निजी अस्पताल से कैशलेस (बिना पैसे दिये) लाभ लेने की अनुमति होगी।
  • एस.ई.सी.सी डेटाबेस में दिए गए मानदंड के आधार पर तय होगा की किसे इस योजना का लाभ उठाने का हक है। यह लगभग 10.74 करोड़ गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों और विस्तृत शहरी कर्मचारियों के परिवारों को लक्षित करेगा।

यह परिवार एस.ई.सी.सी डेटाबेस, जिसमें गांवों और शहरों दोनों के ङेटा शामिल हैं, के मुताबिक तय होंगे।

  • यह लगभग सभी माध्यमिक और कई तृतीयक अस्पतालों को कवर करता है (एक नकारात्मक सूची को छोड़कर)

२) कल्याण केंद्र

स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में प्रदान की जाने वाली सेवाओं की सूची में शामिल हैं

  • गर्भावस्था देखभाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं
  • नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
  • बाल स्वास्थ्य
  • जीर्ण संक्रामक रोग
  • गैर संक्रामक रोग
  • मानसिक बीमारी का प्रबंधन
  • दांतों की देखभाल
  • बुजुर्ग के लिए आपातकालीन चिकित्सा
  • भोजन और आवास की सुविधा
  • किसे आयुष्मान कार्ड का फायदा नहीं मिलेगा?
  • देश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्‍ध कराने के लिए आयुष्‍मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana)  2018 में शुरू की गई थी. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के नाम से भी जाना जाता है. यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है. आयुष्‍मान योजना में शामिल व्‍यक्तियों को आयुष्‍मान कार्ड मिलता है. इसकी सहायता से 500000 रुपये तक का मुफ्त इलाज कराया जा सकता है. सितंबर 2024 में आयुष्‍मान योजना में एक महत्‍वपूर्ण बदलाव हुआ और सरकार ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक,चाहें उनकी आय कितनी भी हो, को इस योजना में शामिल करने का फैसला किया. इन नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड दिया जाता है.आयुष्मान कार्ड की शुरुआत खास तौर गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज देने के लिए हुई है. आयुष्‍मान  कार्ड का फायदा वो लोग नहीं उठा सकते, जो संगठित क्षेत्र में काम करते हैं, इनकम टैक्स भरते हैं, ईएसआईसी (ESIS) का लाभ लेते हैं या जिनकी सैलरी से पीएफ कटता है. मुख्‍यत: सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (एसईसीसी-2011) में लाभार्थी के रूप में पहचाने गए परिवार आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र हैं.
  • ग्रामीण क्षेत्र में कच्‍चे मकान में रहने वाला परिवार, ऐसा परिवार जिसमें 16-59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क पुरुष न हो, SC/ST परिवार और भूमिहीन मजदूर आयुष्‍मान योजना का लाभ ले सकता है. शहरी क्षेत्र में रहने वाले रैगपिकर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, स्ट्रीट वेंडर जैसे व्यवसायों से जुड़े परिवार भी इस योजना के लिए पात्र हैं.
  • ऐसे चेक करें पात्रता
    अगर आप भी आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmjay.gov.in/ पर जाना होगा. फिर आपको यहां पर ‘Am I Eligible’ वाले विकल्प पर क्लिक करना है. इसके बाद यहां पूछी गई कुछ जानकारियां निर्धारित स्‍थान पर भरी होगी. ऐसा करने के बाद साइट आपको बता देगी कि आप आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पात्र हैं या नहीं हैं.
BREAKING : साय कैबिनेट की बड़ी बैठक 17 अप्रैल को, लिए जा सकते है कई अहम फैसले

BREAKING : साय कैबिनेट की बड़ी बैठक 17 अप्रैल को, लिए जा सकते है कई अहम फैसले

 रायपुर : विष्णुदेव साय कैबिनेट की अहम बैठक गुरुवार को होगी। 17 अप्रैल को साय कैबिनेट की ये बैठक मंत्रालय में होगी। दोपहर 12.30 बजे से बैठक शुरू होगी। नये वित्तीय वर्ष की ये पहली बैठक है। माना जा रहा है इस बैठक में कुछ अहम फैसले हो सकते हैं।

Suspended : पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन के बीच भारी चूक! पेशी से भागे दो आरोपी, दो आरक्षक निलंबित

Suspended : पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन के बीच भारी चूक! पेशी से भागे दो आरोपी, दो आरक्षक निलंबित

 जशपुर : एक तरफ जिले के तेजतर्रार एसएसपी शशि मोहन सिंह की टीम अपने एक्शन मोड में लगातार अपराधियों को सलाखों के पीछे डालकर जनता में पुलिसिंग का भरोसा जगा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिस की “ढीली पकड़” और “खुली अभिरक्षा” ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। जी हां, थाना दुलदुला के दो कुख्यात आरोपी पेशी के बाद पुलिस को धक्का मारकर भाग खड़े हुए और पुलिसकर्मी बस उनकी पीठ देख पाए। मामला बिल्कुल किसी बॉलीवुड फिल्म जैसा है, फर्क बस इतना कि ये रियल लाइफ है और थोड़ी शर्मिंदगी के साथ।

भागे हुए आरोपी के नाम है नेलशन खाखा, उम्र 25 , और डिक्शन खाखा, उम्र 30 दोनों बम्हनी भेड़ीटोली, थाना दुलदुला के रहने वाले हैं और उन पर गंभीर धारा IPC की धारा 363, 366(क), 376(2)(n), 376DA व पोक्सो एक्ट की धाराएं 4, 5, 6 में मामला दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को जिला जेल जशपुर से कुनकुरी न्यायालय लाया गया था। सभी बंदियों की पेशी कराई जा चुकी थी और जब फिंगरप्रिंटिंग हो गई, तब शाम करीब पौने 6 बजे उन्हें बंदीगृह वापस ले जाया जा रहा था। तभी अचानक दोनों बंदियों ने पुलिस को धक्का दिया और मौके का फायदा उठाकर नौ दो ग्यारह हो गए। पुलिस दौड़ी, लेकिन बंदी दौड़ते हुए निकल लिए।

शाम का अंधेरा, पुलिस की सुस्ती और बंदियों की चुस्ती,ये कॉम्बिनेशन पुलिस के लिए भारी पड़ गया। अब पुलिस अधिकारी माथा पीट रहे हैं और तलाशी अभियान जोरों पर है। वहीं, जनता के बीच सवाल गूंज रहा है”जब ऐसे आरोपी भाग सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा?”

SSP ने ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने पर 02 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

उक्त गंभीर लापरवाही बरतने पर आर.क्र. 721 दिलीप बैरागी एवं आर.क्र. 110 विपिन तिग्गा को एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा निलंबित*कर रक्षित केन्द्र जशपुर संबद्ध किया गया है, नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। निलंबित कर्मचारियों के विरूद्ध प्राथमिक जाॅंच हेतु एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा को सौंपा गया है।

परवरिश पर उठने लगे सवाल,राजधानी मे 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म,13 वर्षीय छात्र हिरासत मे..!

परवरिश पर उठने लगे सवाल,राजधानी मे 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म,13 वर्षीय छात्र हिरासत मे..!

  रायपुर :- आज उम्र कच्चे वारदात पक्के,जी हाँ राजधानी मे ज्यादातर बड़ी बड़ी वारदातो मे आरोपी नाबालिग पाया जा रहा है.. ये बेहद गंभीर विषय है. आखिर कम उम्र मे कुकृत्य से लेकर जघन्य वरदातो मे कैसे लिप्त होते जा रहे है… ये परवरिश पर बड़ा सवाल खड़े कर रहा है…

बता दे राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र की एक बस्ती में मजदूर परिवार की तीन वर्षीय बच्ची बलात्कार का शिकार हो गई। आरोपी पड़ोस का 13 वर्षीय नाबालिग निकला। आरोपी को 9वीं का छात्र बताया गया है। बस्ती वालों ने उसे पकड़कर ■ पुलिस के हवाले किया। घटना सोमवार दोपहर 12-1 बजे की है। माता-पिता के साथ सो रही बच्ची उठकर बाहर खेलने लगी। इसी दौरान पड़ोसी बच्चे ने घटना को

अंजाम दिया। माता-पिता ने बच्ची को रोते देखा और उसके कपड़े खराब दिखे तो पुलिस थाने में सूचना देकर उसे अस्पताल ले गए। पीड़ित बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। घटना का हल्ला मचने पर मोहल्ले में आक्रोश फैलं गया। लोगों ने नाबालिग को पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। काफी संख्या में लोग थाने भी पहुंचे। दोनों बच्चों के परिवार रोजी-मजदूरी से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई मे जुटी है…

Transfer : अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर व डिप्टी कलेक्टर का तबादला, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

Transfer : अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर व डिप्टी कलेक्टर का तबादला, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

 SAS Transfer : राज्य सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के भी कई अफसरों का तबादला किया है। छत्तीसगढ़ संवाद के जीएम विनायक शर्मा को मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर का अपर कलेक्टर बनाया गया है। वहीं ममता यादव को संयुक्त कलेक्टर जांजगीर से संयुक्त कलेक्टर बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गयी है।

माधुरी सोम को संयुक्त कलेक्टर कोरबा, स्निग्धा तिवारी को संयुक्त कलेक्टर जांजगीर, अशोक कुमार मार्बल को डिप्टी कलेक्टर सारंगढ़ बिलाईगढ़ और गीता रायस्त को उपायुक्त, संभागीय आयुक्त कार्यालय बस्तर बनाया गया है।

 मौसम अलर्ट : अगले तीन घंटों में इन जिलों में होगी बारिश, वज्रपात के साथ आंधी की भी चेतावनी

मौसम अलर्ट : अगले तीन घंटों में इन जिलों में होगी बारिश, वज्रपात के साथ आंधी की भी चेतावनी

 Chhattisgarh Weather Alert। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए तत्कालिक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले तीन घंटों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी कंचिभोटला ने जानकारी दी है कि राज्य के 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट और कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी की भी संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम में अचानक बदलाव की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन घंटे के भीतर राज्य के कबीरधाममनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरमुंगेली और रायपुर जिलों में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही सतही हवा चलने और कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी संभावना है।

यह तात्कालिक मौसम चेतावनी मौसम विभाग द्वारा रडार और उपग्रह से प्राप्त ताजातरीन आंकड़ों के आधार पर जारी की गई है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी कंचिभोटला के अनुसार, यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय प्रभावों के कारण हो रहा है।राजधानी रायपुर की बात करें तो आज का दिन आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

रायपुर का अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे गर्मी और उमस में इजाफा होगा।

गायत्री वाणी कंचिभोटला ने यह भी बताया कि आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई है और देर रात तक कुछ जिलों में फिर से मौसम बदल सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य के 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ संवेदनशील जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जल्द जारी किया जाएगा।

 येलो अलर्ट वाले संभावित जिले
रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कवर्धा और सरगुजा।

 मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बेवजह बाहर निकलने से बचें, विशेषकर दोपहर के समय। बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों पर न रहें और मौसम संबंधी जानकारी के लिए नियमित रूप से मौसम विभाग की सूचनाओं पर नजर रखें।

छत्तीसगढ़ में मौसम का यह बदलाव खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेमौसम बारिश से जहां कुछ फसलें प्रभावित हो सकती हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में यह राहतदायक भी साबित हो सकती है।

इस बीच, मौसम विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्रेकिंग : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले, अपर कलेक्टर,डिप्टी कलेक्टर सहित इन अफसरों के हुए ट्रांसफर, देखें आदेश…!!

ब्रेकिंग : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले, अपर कलेक्टर,डिप्टी कलेक्टर सहित इन अफसरों के हुए ट्रांसफर, देखें आदेश…!!

 रायपुर, 15 अप्रैल 2025/ सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 06 अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर राज्य शासन ने स्थानांतरित किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव के द्वारा जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार श्री विनायक शर्मा महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ संवाद को अपर कलेक्टर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुश्री ममता यादव को संयुक्त कलेक्टर, जांजगीर-चांपा से संयुक्त कलेक्टर, बिलासपुर, श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर को उपायुक्त संभागीय कार्यालय बस्तर से संयुक्त कलेक्टर कोरबा, सुश्री स्निग्धा तिवारी संयुक्त कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ से संयुक्त कलेक्टर जांजगीर-चांपा, श्री अशोक कुमार मार्बल डिप्टी कलेक्टर कांकेर को डिप्टी कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं सुश्री गीता रायस्त डिप्टी कलेक्टर कबीरधाम को उपायुक्त संभागीय कार्यालय बस्तर संभाग जगदलपुर में नवीन पदस्थापना की गई है।i