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बलरामपुर रामानुजगंज जिले में एक देवर ने अपनी भाभी को कुल्हाड़ी से सिर पर मारा

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में एक देवर ने अपनी भाभी को कुल्हाड़ी से सिर पर मारा

 बलरामपुर-  रामानुजगंज जिले में एक देवर ने अपनी भाभी को कुल्हाड़ी से सिर पर मार। कालिकापुर गांव की रहने वाली सुरजी देवी के पति की मौत 2 साल पहले हो गई थी। देवर उसे अपनी पत्नी बनाकर रखना चाहता था, ऐसा नहीं होने उसने हमला कर दिया। मामला रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र का है। घर में संतान प्राप्ति को लेकर पूजा रखी गई थी। पूजा-पाठ के दौरान हुए इस विवाद में महिला के सिर पर चोट आई है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल देवर ने पूजा पाठ कराने को लेकर भी आपत्ति जताई थी।

अपनी पत्नी बनाकर रखना चाहता था

घटना 6 अक्टूबर की है। पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पति ओम प्रकाश सिंह का दो साल पहले निधन हो गया था। उनके पांच बच्चे हैं। उनके बेटे की शादी के बाद कोई संतान न होने के कारण घर में पूजा-पाठ चल रहा था।

इसी दौरान पीड़िता का देवर मनीष भुइयां (40 साल) वहां पहुंचा और पूजा-पाठ कराने को लेकर आपत्ति जताई। उसने पीड़िता के बेटे को गाली-गलौज कर मारपीट करना शुरू कर दिया।

जब सुरजी देवी बीच-बचाव करने गईं, तो मनीष ने उन्हें अपनी पत्नी बनाकर रखने की बात कहते हुए कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़िता के माथे पर चोट आई है। जब सुरजी देवी बीच-बचाव करने गईं, तो मनीष ने उन्हें अपनी पत्नी बनाकर रखने की बात कहते हुए कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़िता के माथे पर चोट आई है।

सुरजी देवी की शिकायत पर रामचंद्रपुर थाने में अपराध क्रमांक 35/25 के तहत धारा 296, 115, 351(3), 118(1), BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीष भुइयां को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है नाबालिग से मारपीट, जातिगत गाली-गलौज: दो गिरफ्तार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से जातिगत गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम रेवतीपुर भीतरी निवासी आशीष सिंह ने रामचंद्रपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर 2025 को वह अपने दोस्त गौतम के साथ ग्राम दोलगी जा रहे थे। रास्ते में वाहन को साइड लेकर आगे निकलने पर कुछ लोग नाराज हो गए।प्रार्थी के मुताबिक, इसी बात पर ग्राम रेवतीपुर निवासी अली मोहम्मद (40 वर्ष) और इनताज अली (35 वर्ष) ने उन्हें जातिगत गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामचंद्रपुर थाने में अपराध क्रमांक 34/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द)(ध) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों अली मोहम्मद और इनताज अली की पहचान कर 6 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

 
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की खाड़गवां पुलिस ने अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की खाड़गवां पुलिस ने अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी

 मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले की खाड़गवां पुलिस ने अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने 25 पेटी शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध शराब की खेप लाई जा रही है। थाना प्रभारी विजय सिंह ने एक टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए रास्ते पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया।

जब वाहन आया, तो पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। इस दौरान एक आरोपी चलती गाड़ी से कूदकर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से सुमित पनिका उर्फ दीपक (25), निवासी राजनगर वार्ड नंबर 15, और आनंद पुरी उर्फ वैभव (19), निवासी केल्हारी को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह अवैध शराब मध्य प्रदेश के डोला से लाई जा रही थी। पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी को भी जब्त कर लिया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र मिश्रा, आरक्षक रमेश पांडे, दिनेश साहू, मोहम्मद आजाद, गणेश और निर्भय नारायण का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया

 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मुताबिक सीनियर डॉक्टर ने कहा कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं लग रही है, मैं चेकअप कर देता हूं। फिर जबरदस्ती शरीर को छूने लगा।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आयुष विंग विभाग में पदस्थ सीनियर आयुर्वेदिक डॉक्टर एके मिश्रा पर छेड़छाड़ का आरोप है। शिकायतकर्ता ट्रेनी डॉक्टर पिछले 3 माह से इसी विभाग में ट्रेनिंग ले रही है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।घटना 2 दिन पहले शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। ट्रेनी डॉक्टर किसी काम से डॉक्टर एके मिश्रा के स्टाफ रूम में गई थी। उस समय डॉक्टर एके मिश्रा और ट्रेनी डॉक्टर के अलावा एक अन्य स्टाफ भी मौजूद था।

तबीयत पूछने के बहाने ट्रेनी डॉक्टर से छेड़छाड़

पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर मिश्रा ने ट्रेनी डॉक्टर को अपने पास बुलाया और कहा, तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं लग रही है, मैं चेकअप कर देता हूं। जब ट्रेनी डॉक्टर ने मना किया और कहा कि वह ठीक है, तो सीनियर डॉक्टर ने जबरदस्ती जांच करने की कोशिश की और छेड़छाड़ की।

कमरे से भागी ट्रेनी डॉक्टर

किसी तरह ट्रेनी डॉक्टर कमरे से बाहर आई और तुरंत इस घटना की शिकायत मेडिकल कॉलेज के डीन से की। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दी। परिजन अगली सुबह कोरबा पहुंचे और सिविल लाइन थाने में शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।

दोनों पक्षों का बयान लेंगे- डीन

ASP नीतीश ठाकुर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन केके सहारे ने कहा कि ट्रेनी डॉक्टर ने डॉक्टर एके मिश्रा के खिलाफ शिकायत की है। इसकी जांच आंतरिक निवारण समिति करेगी। दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बस्तर राइजिंग अभियान 8 अक्टूबर से होगा प्रारंभ

बस्तर राइजिंग अभियान 8 अक्टूबर से होगा प्रारंभ

 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से “बस्तर राइजिंग” नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित किया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य बस्तर की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशील क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। अभियान के दौरान विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे।

“बस्तर राइजिंग” का कारवां केशकाल, नारायणपुर, कोण्डागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर का भ्रमण करेगा। इस दौरान बस्तर की कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा से जुड़ी संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। अभियान का समापन रायपुर में “हार्मोनी फेस्ट 2025” के रूप में होगा, जिसमें बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएंगी। यह आयोजन “दिल मेला - दिल में ला” थीम पर आधारित होगा।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन तक बारिश का सिलसिला रहेगा जारी, मौसम विभाग ने जताई संभावना

Weather Update : छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन तक बारिश का सिलसिला रहेगा जारी, मौसम विभाग ने जताई संभावना

 रायपुर. विदाई से पहले छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधि जारी है. ऐसे में लोगों को बारिश का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी में भी आज फिर बादल बरस सकते हैं. मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद 9 अक्टूबर को फिर से मिजाज बदलेगा.

 यहां हुई बारिश

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई स्थानों और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई. नारायणपुर और फरसगांव में 6 सेमी बारिश हुई. साथ ही हरदीबाजार में 5 सेमी, मूंगेली, धनोरा, मना-रायपुर और देवभोग में 4 सेमी पानी गिरा. वहीं रायपुर शहर, अमलीपदर, नगरी और राजिम में 3 सेमी तक वर्षा हुई. वहीं दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

बारिश कराने वाली गतिविधि

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा 20°N/69°E से होते हुए झांसी और शाहजहांपुर तक पहुंच चुकी है. वहीं पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है.

CG Weather Update : रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम

रायपुर में आसमान सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और बादल गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है. मंगलवार को तापमान 24 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

मानसून विदाई को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

 छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई फिलहाल संभावित नहीं है. अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. बारिश को लेकर मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी कांचीभोटला ने जानकारी दी कि अगले 4 से 5 दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई संभावित है. लेकिन बस्तर संभाग में 7 दिनों तक लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं मध्य छत्तीसगढ़ में भी बारिश की स्थिति में 4,5 दिनों के बाद कमी आने की आशंका है लेकिन मानसून की विदाई को लेकर मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी कांचीभोटला ने कहा कि मानसून की विदाई फिलहाल संभावित नहीं है, बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

CG ब्रेकिंग : NSUI छात्र नेता समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, इस बड़े कांड को दिया अंजाम, जाने क्या है पूरा मामला…..

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जांजगीर-चांपा। जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी श्याम सुपर मार्केट की दुकान का शटर तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। गश्त पर निकली पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और पांचों को मौके से दबोच लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान एनएसयूआई छात्र नेता जितेंद्र दिनकर, मनीष कुमार बनवा, चैतन्य दिनकर उर्फ चमन, हितेश दिनकर और तरुण सूर्यवंशी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो सब्बल, एक चाकू, मोबाइल फोन, नकाब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखकर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जब टीम मौके पर पहुंची तो सभी आरोपी दुकान के शटर को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए पांचों को बिना किसी मुठभेड़ के पकड़ लिया।

जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 907/25 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(ए), 310(4), 3(5), 312, 296, 351 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला कायम किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने चोरी और डकैती की योजना बनाना स्वीकार किया है। सभी आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा, 32 पदों पर हुई नियुक्तियां

भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा, 32 पदों पर हुई नियुक्तियां

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा ने जिला कार्यकारिणी के लिए नई नियुक्तियां की है। भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने सूची जारी कर कुल 32 पदों पर सदस्यों की नियुत्कि की हैं। जारी लिस्ट में उपाध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री, सह कार्यालय मंत्री, मन की बात सह प्रमुख, सह प्रमुख, प्रवक्ता, मिडिया प्रभारी, सह मीडिया प्रभारी, सह सोशल मीडिया प्रभारी, आई. टी. सेल. प्रभारी, सह आई. टी. सेल. प्रभारी शामिल गई। ललित जैसिंघ वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष बने है, वहीं राजकुमार राठी सह मीडिया प्रभारी बनाएं गए है।

देखें पूरी लिस्ट

 
नक्सलियों के मनसूबे पर फिरा पानी, सुरक्षा बलों ने 5 किलो प्रेशर IED बम किया बरामद

नक्सलियों के मनसूबे पर फिरा पानी, सुरक्षा बलों ने 5 किलो प्रेशर IED बम किया बरामद

दंतेवाड़ा।  दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों द्वारा लगाए गए 5 किलो के प्रेशर IED कुकर बम को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। यह बम मालेवाही थाना अंतर्गत सातधार-मालेवाही मार्ग पर सड़क के किनारे जमीन में दबाकर रखा गया था।

सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन, मालेवाही थाना और बारसूर पुलिस की संयुक्त टीम ने सतर्कता से सर्च ऑपरेशन चलाकर बम को सुरक्षित निकाला और उसे मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया। सुरक्षाबलों की तत्परता से एक संभावित बड़ी जनहानि टल गई।

 इस सफल कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है और नक्सलियों की मंशा नाकाम हुई है। यह कार्रवाई पिछले महीनों में लगातार खुफिया जानकारी और ऑपरेशन्स का नतीजा थी। बीते माह भी इसी इलाके में सर्चिंग के दौरान IED विस्फोट में CRPF के दो जवान घायल हुए थे।

कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: प्रमोशन से पहले होगी इन सब चीजों की पड़ताल

कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: प्रमोशन से पहले होगी इन सब चीजों की पड़ताल

 बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सशर्त पदोन्नति दी जा सकती है। मसलन गंभीर वित्तीय आपत्तियों से संबंधित लंबित जांच।के दौरान सशर्त पदोन्नति राज्य के हितों की रक्षा के लिए वैध है।

याचिकाकर्ता अनिल सिन्हा विधि एवं विधायी कार्य विभाग में अवर सचिव के पद पर कार्यरत है। वह अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी OBC से आते हैं। उप-सचिव के पद पर पदोन्नति के मामले में वर्ष 2012 में विभागीय पदोन्नति समिति DPC द्वारा विचार किया गया। DPC ने पांच वर्ष की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट ACR का मूल्यांकन किया।

याचिका के अनुसार वर्ष 2007-2012 के लिए उनकी ACR ग्रेडिंग ‘बहुत अच्छी’ है, सिवाय इसके 2011 की ACR समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि ग्रेडिंग शेड्यूल के अनुसार, उसे 13 अंक दिए जाने चाहिए थे, लेकिन DPC ने उसे केवल 11 अंक दिए और उसे पदोन्नति के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया। याचिकाकर्ता ने कहा उसने DPC के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर समीक्षा की मांग की थी। जिस पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने याचिका दायर की।

मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर

याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर निर्णय लेने का निर्देश राज्य शासन को दिया। कोर्ट के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा DPC बुलाई गई। समिति ने वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का पुनर्मूल्यांकन करने के बाद याचिकाकर्ता को 13 अंक दिए। समिति ने उप सचिव के पद पर पदोन्नति की सिफारिश की। समिति की सिफारिश के आधार पर विधि विधायी मंत्री ने 12 मई.2021 को मंजूरी दी। पदोन्नति आदेश जारी करने की मंजूरी 13 मई2021 को दी गई।

सशर्त जारी हुआ पदोन्नति आदेश

राज्य शासन ने सशर्त पदोन्नति आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि वर्तमान पदोन्नति पिछली पदोन्नति के संबंध में आपत्ति पर अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। यदि आपत्ति का निर्णय उसके विरुद्ध होता है तो यह पदोन्नति स्वतः ही रद्द हो जाएगी।

वार्षिक वेतन वृद्धि देने का निर्णय महालेखाकार कार्यालय द्वारा उसे किए गए कथित 10, लाख 84 हजार 868 रुपये के अधिक भुगतान के मुद्दे पर निर्णय लेने के बाद ही लिया जाएगा।

इसलिये हाई कोर्ट में दायर की याचिका

याचिकाकर्ता ने इनगंभीर वित्तीय आपत्तियों से संबंधित लंबित जांच।के दौरान सशर्त पदोन्नति राज्य के हितों की रक्षा के लिए वैध है। शर्तों को विलोपित करने के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसे राज्य ने अस्वीकार कर दिया। राज्य सरकार के इसी फैसले को चुनोती देते हुए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी। सिंगल बेंच के फैसले को चुनोती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की। याचिका के अनुसार सशर्त पदोन्नति आआदेश में शर्तों को लागू करना राज्य सरकार का मनमाना निर्णय है।

समीक्षा DPC ने उचित मूल्यांकन के बाद बिना शर्त पदोन्नति की सिफारिश की है। इस सिफारिश को विधि विधायी मंत्री ने विधिवत अनुमोदित किया है। याचिकाकर्ता के अनुसार विभाग को DPC के विचार-विमर्श के समय लंबित कार्यवाही और महालेखाकार कार्यालय द्वारा उठाई गई आपत्तियों की जानकारी थी। इसके बाद भी DPC ने पदोन्नति की अनुशंसा की है। लिहाजा बाद में शर्तें जोड़ना अनुचित व अव्यवहारिक है।

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने कहा, समीक्षा DPC की बैठक के दौरान, महालेखाकार कार्यालय द्वारा आपत्तियां उठाई गईं। आपत्तियां यह थीं कि याचिकाकर्ता को गलत तरीके से अवर सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया और 10,84,868 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया। वित्तीय अनियमितताओं सहित गंभीर आरोपों के मद्देनजर, अधिकारियों ने पदोन्नति आदेश में शर्तें जोड़ने का निर्णय लिया।

डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में ये कहा

अदालत ने पाया कि महालेखाकार कार्यालय द्वारा गंभीर वित्तीय आपत्तियां उठाई गईं। ये आपत्तियां याचिकाकर्ता की पूर्व में गलत पदोन्नति और 10,84,868 रुपये के लंबित वसूली आदेश से संबंधित थीं। डिवीजन बेंच ने कहा, शुरुआत में आपत्तियों को जिला नियोजन समिति या विभाग के समक्ष नहीं लाया गया। डिवीजन बेंच ने यह माना, जब समिति को इस तथ्य की जानकारी हुई कि महालेखाकार द्वारा गंभीर आपत्तियां उठाई गईं तो राज्य के हितों की रक्षा और भविष्य में किसी भी प्रकार की जटिलता से बचने के लिए शर्तें विधिसम्मत रूप से जोड़ी गईं।

याचिकाकर्ता के दावों को कोर्ट ने किया खारिज

अदालत ने यह भी माना कि इस तर्क में कोई दम नहीं है कि सचिव विधि विधायी विभाग के पास शर्तें जोड़ने का अधिकार नहीं था। यह भी कहा गया कि आरोपों की गंभीरता और प्रशासनिक औचित्य के हित में सर्वोच्च स्तर पर यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा, सिंगल जज का निर्णय अदालत ने बरकरार रखा और कहा कि अपीलकर्ता, पदोन्नति आदेश को स्वीकार कर चुका है और लाभ प्राप्त करने के बाद उसकी शर्तों को चुनौती नहीं दे सकता। इस टिप्पणी के साथ डिवीजन बेंच ने याचिका खारिज कर दी है

नीला कवासी ने बंदूक छोड़ अपनाया शांति और विकास का रास्ता : नीला कवासी को मिला पक्का मकान…

नीला कवासी ने बंदूक छोड़ अपनाया शांति और विकास का रास्ता : नीला कवासी को मिला पक्का मकान…

 रायपुर: कभी जंगलों में बंदूक थामे रहने वाली जैमेर निवासी श्रीमती नीला कवासी आज विकास और शांति की मिसाल बन चुकी हैं। गरीबी और मजबूरी ने उन्हें नक्सल रास्ते पर धकेल दिया था, लेकिन दिल के किसी कोने में वह हमेशा एक शांतिपूर्ण जीवन का सपना देखती थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में नक्सलियों को नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया, तब नीला ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने आत्मसमर्पण कर न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ा बल्कि अपने परिवार के लिए नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।

आत्मसमर्पण के बाद शासन-प्रशासन ने नीला को विभिन्न पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्हें एक पक्का घर और शौचालय की सुविधा मिली। यह घर उनके लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि जीवन के संघर्ष पर विजय का प्रतीक बन गया। तकनीकी व रोजगार सहायक ने घर निर्माण की निगरानी और बैंकिंग प्रक्रियाओं में उनका पूरा सहयोग किया। आज नीला अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन जी रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।भावुक नीला कहती हैं कि पहले हमारे कच्चे घर में बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार तो सोने की जगह नहीं बचती थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत हमें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। मैं अपने परिवार के साथ चौन की नींद सो पाती हूँ।

लोग उन्हें मिसाल के रूप में देखते हैं कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। नीला कवासी प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री जी का तहे दिल से अभारी हूँ। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने हमारे जीवन में उजाला भर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मुझे नया जीवन मिला है, यह उपकार मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी। जिला प्रशासन नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत ऐसे सभी व्यक्तियों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा है। सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जा रहा है।

Breaking : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति

Breaking : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति के लिए पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार सरगुजा संभाग में संयुक्त संचालक कृषि यशवंत केराम को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पाटन दुर्ग का कुलसचिव बनाया गया है।

कपिल देव दीपक होंगे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव 

 
छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण, सीएम साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति

छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण, सीएम साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति

 नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

 

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री साय ने की सौजन्य भेंट

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री साय ने की सौजन्य भेंट

 नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

 
BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित, सभी जिलों को निर्देश जारी

BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित, सभी जिलों को निर्देश जारी

 रायपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।

निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज

भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

 
 
शराब घोटाला मामला : पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की 13 दिन की EOW रिमांड खत्म, कोर्ट में किया गया पेश

शराब घोटाला मामला : पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की 13 दिन की EOW रिमांड खत्म, कोर्ट में किया गया पेश

 रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल को आज एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. साथ ही कस्टम मिलिंग घोटाला मामले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी पेश किया गया. बता दें कि ईओडब्ल्यू ने चैतन्य बघेल को 13 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की है.

ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।

चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले

ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। इस पैसे का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।

पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे

ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पहुंची CBI की टीम, महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त

हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पहुंची CBI की टीम, महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज CBI की टीम ने समाज कल्याण विभाग के माना स्थित दफ्तर पहुंची। इस दौरान टीम ने विभाग के उप संचालक से मुलाकात की और घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई। यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान (SRC) से जुड़े करीब 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश के बाद की गई। यह NGO आईएएस अधिकारियों द्वारा बनाया गया था।

बता दें कि 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच (जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल) ने इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए कहा था कि यह मामला स्थानीय एजेंसियों या पुलिस जांच के लायक नहीं है। कोर्ट ने इसे संगठित और सुनियोजित अपराध मानते हुए सीबीआई को 15 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

इन अधिकारियों पर लगे आरोप

इस घोटाले में 6 IAS अधिकारियों विवेक ढांड (पूर्व मुख्य सचिव), आलोक शुक्ला, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती के अलावा कई राज्य सेवा अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं। इनके नाम में सतीश पांडेय, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा शामिल हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला

यह घोटाला एक जनहित याचिका (PIL) 2017 के माध्यम से सामने आया, जिसे रायपुर के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने दायर किया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान नाम की संस्था केवल कागजों में ही मौजूद थी और इसके माध्यम से 2004 से 2018 तक राज्य को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

याचिका में यह भी बताया गया कि खुद याचिकाकर्ता को एक शासकीय अस्पताल में कर्मचारी बताया गया, लेकिन आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने पर पता चला कि रायपुर स्थित यह कथित अस्पताल एक एनजीओ द्वारा संचालित किया जा रहा था।

जांच में सामने आए घोटाले के तरीके

  • स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) के बैंक खाते से Bank of India और SBI मोतीबाग शाखा – के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर करोड़ों रुपये निकाले गए।
  • अस्पताल के लिए खरीदी गई मेडिकल मशीनरी और रखरखाव में करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
  • तात्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने शपथ-पत्र में 150-200 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा किया।
 NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की उपस्थिति में गृह मंत्री निवास का घेराव करेगी NSUI

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की उपस्थिति में गृह मंत्री निवास का घेराव करेगी NSUI

रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध, फैलती नशाखोरी और छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में मंगलवार, 7 अक्टूबर को NSUI द्वारा गृह मंत्री निवास घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी आज रायपुर पहुँच रहे हैं।

NSUI की ओर से बताया गया कि घेराव से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक और ‘वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान’ भी आयोजित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, छात्रों पर हो रहे अत्याचार और नशाखोरी के बढ़ते खतरे के विरोध में युवाओं की एक सशक्त आवाज़ बनेगा।

मुख्य मुद्दे
1. छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR का विरोध
2. बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण की माँग
3. नशाखोरी और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग

कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता कांग्रेस भवन, गांधी मैदान (जिला मुख्यालय) से रैली निकालकर OCM चौक होते हुए गृह मंत्री निवास तक मार्च करेंगे। घेराव शाम 4 बजे से शुरू होगा।

महावीर गुर्जर ने कहा – “सरकार मूकदर्शक बनी हुई है”
प्रदेश प्रभारी महावीर गुर्जर ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध और नशाखोरी चरम पर है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बाहर नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन चुप है। NSUI छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरेगी। गृह मंत्री निवास घेराव इस असंवेदनशील तंत्र को चेतावनी देने का काम करेगा।

नीरज पांडे बोले – “छात्र नेताओं को आवाज़ उठाने की सज़ा दी जा रही है”

NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि प्रदेश में छात्र नेताओं को अपनी बात रखने के लिए झूठे मुकदमों में फँसाया जा रहा है। यह लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। NSUI ऐसे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। युवाओं की ताक़त से हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेंगे,” उन्होंने कहा।

NSUI ने दावा किया है कि प्रदेश के सभी जिलों से सैकड़ों कार्यकर्ता रायपुर पहुँचेंगे और सरकार को युवाओं की आवाज़ सुनने के लिए मजबूर करेंगे। संगठन ने कहा कि यदि माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
 
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाएगा जनजाति गौरव दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी होंगी शामिल

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाएगा जनजाति गौरव दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी होंगी शामिल

 रायपुर।  प्रदेश में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा, जो भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित किया जाता है। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए लड़ने वाले महानायकों को याद करने का अवसर भी है। यह कार्यक्रम 14 नवंबर से 15 नवंबर तक राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदायों के हितों का संरक्षण करना, आदिवासी गौरव को याद करना और उनके कल्याण को बढ़ावा देना है। यह दिवस आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और उनके संघर्षों को याद करने का अवसर भी है।

दिल्ली रवाना हुआ सीएम साय, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, छत्तीसगढ़ आने का देंगे निमंत्रण

दिल्ली रवाना हुआ सीएम साय, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, छत्तीसगढ़ आने का देंगे निमंत्रण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दिल्ली दौरे पर रवाना हो गए। दिल्ली प्रवास के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही कई मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

बता दें कि, दिल्ली दौरे के दौरान सीएम साय महामहिम राष्ट्रपति को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण देंगे। इस साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सरगुजा जिले के अंबिकापुर में तीन दिनों तक चलेगा।

जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

 सुकमा।  कभी नक्सल प्रभाव के कारण वीरान पड़ा जगरगुंडा अब फिर से जीवन और उल्लास से भर उठा है। डेढ़ दशक पहले यहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था वहीं अब जगरगुंडा में बदलाव की बयार दिखने लगी है। जहां गोली बारूद की भयानक आवाज से लोग दहशत में आ जाते थे अब नवरात्रि में रास-गरबा की गूंज सुनाई दे रही है।2006 के बाद सलवा जुडूम अभियान के चलते यहां का सामाजिक जीवन लगभग ठहर सा गया था। न तो सड़कें थीं, न बिजली, न स्वास्थ्य सेवाएँ। चारों ओर सुरक्षा घेरे और कंटीले तारों से घिरा यह इलाका एक समय “प्रवेश वर्जित क्षेत्र” माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शासन-प्रशासन की निरंतर कोशिशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जगरगुंडा में फिर से रौनक लौट आई है। सड़के, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ अब इस क्षेत्र को तीन जिलों से जोड़ रही हैं।

 
 
नवरात्र पर्व बना पुनर्जागरण का प्रतीक
इस वर्ष जगरगुंडा में डेढ़ दशक बाद नवरात्र का भव्य आयोजन किया गया। पूरे ग्राम ने मिलकर माता की प्रतिमा स्थापित की, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत की युवा सरपंच नित्या कोसमा ने पूरे आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति गीतों और सामाजिक मेलजोल का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद जगरगुंडा में ऐसा उल्लास देखा है मानो भय के अंधेरे को उजाले की रोशनी ने मिटा दिया हो।
 
पहली बार जगरगुंडा में रास-गरबा का आयोजन
इतिहास में पहली बार जगरगुंडा में रास गरबा का आयोजन किया गया यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम था बल्कि जगरगुंडा के सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। सरपंच नित्या कोसमा ने स्वयं महिलाओं और छात्राओं को गरबा का प्रशिक्षण दिया और देर रात तक चले इस आयोजन में सबको शामिल किया।
 
अब जगरगुंडा में डर नहीं, विकास की गूंज है
आज जगरगुंडा में नई सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी योजनाओं की पहुंच से विकास की नई सुबह हो चुकी है। अब यह क्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण संपर्क बिंदु बन रही है। स्कूलों में बच्चों की आवाज़ें गूंजती हैं, बिजली की रौशनी से घर जगमगाते हैं, और लोग फिर से तीज-त्योहार मनाने लगे हैं।
जगरगुंडा पंचायत की महिलाओं ने बताया कि पहले जहां शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में संगीत और ताल की गूंज सुनाई देती है। ग्रामीणों ने सरपंच नित्या कोसमा का आभार जताते हुए अगले वर्ष इसे और भी भव्य रूप में मनाने की बात कही।
Big Accident : कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कान्हा नेशनल पार्क गए थे घूमने

Big Accident : कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कान्हा नेशनल पार्क गए थे घूमने

 कवर्धा।  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रही ट्रक से बोलेरो टकरा गई। दुर्घटना में 5 लोहों की जान चली गई जबकि 1 अन्य लोग घायल है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना चिल्फी थाना क्षेत्र के अकलघरिया के पास की है।

ड्राइवर, 3 शिक्षिका समेत 5 की मौत 

जानकारी के अनुसार, बोलेरो सवार लोग कान्हा नेशनल पार्क घूमने गए थे। रविवार रात को उनकी बिलासपुर से ट्रेन थी। वे बोलेरो किराया करके बिलासपुर के लिए निकले थे।तभी करीब शाम पांच बजे  रॉन्ग साइड से आ रही ट्रक से बोलेरो टकरा गई। हादसे में 1 ड्राइवर 3 शिक्षिका और एक अन्य की मौत हो गई। जबकि 1 अन्य गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। फिर शवों को पीएम के लिए भेज दी है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

 
पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 5 थानों के TI समेत कई पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, आदेश जारी

पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 5 थानों के TI समेत कई पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, आदेश जारी

 दुर्ग - जिले में रविवार रात जिले के सीनियर एसपी ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 5 थानों के टीआई को बदल दिया है। वहीं दो पुलिस चौकी के प्रभारी भी बदले गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक कुल 11 पुलिस अधिकारियों और सहायक उपनिरीक्षकों (एसआई/एएसआई) का ट्रांसफर किया गया है। सभी ट्रांसफर हुए अधिकारियों को तत्काल नए आदेश के अनुसार ज्वाइिंग करने कहा गया है।

Breaking : देवरी पिकनिक स्पॉट पर 3 लोग डूबे, एक का शव बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

Breaking : देवरी पिकनिक स्पॉट पर 3 लोग डूबे, एक का शव बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

  जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में भारी बारिश के बीच एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। कल शाम से देवरी पिकनिक स्पॉट पर तीन लोगों के डूबने की सूचना के बाद मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एक का शव बरामद कर लिया गया है।

स्थानीय प्रशासन की निगरानी में अन्य दो लोगों की तलाश की जा रही है। मौके पर गोताखोरों की टीम लगातार प्रयास कर रही है, वहीं आसपास के स्थानीय मछुआरों और डोंगा चालकों की मदद भी ली जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 60 लाख मीट्रिक का लक्ष्य, प्रति क्विंटल 31 सौ का होगा भुगतान

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 60 लाख मीट्रिक का लक्ष्य, प्रति क्विंटल 31 सौ का होगा भुगतान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी। इस बार प्रदेश में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए पहले कैबिनेट की बैठक में धान उपार्जन नीति को मंजूरी मिलेगी। वहीं एग्रीस्टेक, एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों का पंजीयन भी शुरू हो गया है। पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी की जाएगी।

धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 31 सौ का भुगतान होगा। मामले में कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- हमारी सरकार ने जो वादा किया उसे पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नवंबर माह से धान खरीदी होगी। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करेंगे। प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। इसके बाद भी धान खरीदी की शुरुआत नवंबर से करेंगे।

कस्टम मिलिंग नीति तैयार
छत्तीसगढ़ सरकार की वर्ष 2025-26 के लिए नई धान उपार्जन नीति और कस्टम मिलिंग नीति बनकर तैयार है। बताया गया है कि नीति के प्रारूप को इसी महीने दीपावली के पहले होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह नीति लागू होगी। खास बात ये है कि इस बार धान उपार्जन करने वाली सोसाइटियों और मिलिंग करने वाले मिलरों को सरकार कुछ राहत दे सकती है।

किसानों को मिलेगा ऑनलाइन टोकन
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग नीति को राज्य सरकार की मंत्रिमंडलीय उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। समिति ने इसे अपने स्तर पर मंजूरी दे दी है, लेकिन दोनों नीतियों को लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ में खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी की शुरुआत 1 नवंबर से संभावित है। इस बार धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन टोकन मिलेगा। यही नहीं, किसानों में छोटे और सीमांत किसानों का धान भी पहले खरीदा जाएगा।

टोकन बांटने के लिए तुहर एप की व्यवस्था
राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को इस सीजन में धान बेचने के लिए टोकन हासिल करने के लिए लंबी-लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। इस बार किसानों को ऑनलाइन माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे। टोकन मिलने के बाद तय तारीख पर किसान आसानी से धान बेच पाएंगे। टोकन बांटने के लिए तुहर एप की व्यवस्था की गई है। यही नहीं, धान बेचने के लिए पहला अवसर छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। इन किसानों में वे आते हैं, जिनके पास 2 एकड़ से लेकर 10 एकड़ तक जमीन है।

मिलरों को राहत
राज्य में धान खरीदी शुरू होने के साथ ही कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस व्यवस्था में नियम ये है कि धान उठाने के लिए डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी होने के बाद 10 दिनों के अंदर निर्धारित मात्रा में धान का परिवहन करना होता है। यह नहीं करने पर 11 वे दिन से मिलर पर पेनाल्टी लगनी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार किसानों को डीओ कटने के बाद 15 दिन का समय धान परिवहन के लिए दिया जाएगा। इसके साथ ही मिलरों को मिलिंग के लिए 80 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

शून्य सूखत पर सोसाइटियों को बोनस
राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने वाली राज्य की 2 हजार 739 सोसाइटियों को सरकार बोनस देगी। यह राशि उन सोसाइटियों को मिलेगी जिनमें धान की सूखत शून्य प्रतिशत होगी। इस तरह की सोसाइटियों को पांच रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बताया गया है कि पूर्व के वर्षों में यह व्यवस्था थी, लेकिन पिछले साल किन्ही कारणों से सोसाइटियों को यह राशि नहीं दी जा सकी था। इस वजह से शून्य प्रतिशत सूखत वाली सोसाइटियों को लाभ से वंचित होना पड़ा था।

 
CG : HC के आदेशों की अनदेखी पर कलेक्टर की सख्ती, डीईओ समेत चार अधिकारियो को नोटिस

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 बिलासपुर।  जिले में एक शिक्षक के तबादले को लेकर हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर अब कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।मामला मस्तूरी ब्लॉक के चिल्हाटी प्राथमिक शाला के शिक्षक बलभद्र वर्मा से जुड़ा है। शिक्षक का तबादला चिल्हाटी से बिल्हा ब्लॉक में किया गया था। इस आदेश के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि शिक्षक अपने तबादले को लेकर सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें, और विभाग उस अभ्यावेदन का निराकरण जल्द से जल्द करे। लेकिन कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षक के अभ्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने से शिक्षक ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे, सहायक संचालक रघुवीर सिंह राठौर, सहायक ग्रेड-2 सुनील यादव और सहायक ग्रेड-3 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

24 घंटे में मांगा जवाब

कलेक्टर ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करना गंभीर लापरवाही है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। नोटिस में सभी अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी आदेशों और न्यायालय के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हो पाता।