खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से इस वक्त की बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गंडई थाना क्षेत्र के ग्राम रोड अतरिया में आज तड़के एक शिक्षक दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी गई है।मिली जानकारी के अनुसार, भदेरा मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षक बाबूलाल सोरी और उनकी पत्नी सुनीति सोरी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपी की पहचान भगवती गोंड के रूप में हुई है, जो आदतन अपराधी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसी पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।आरोपी की पहचान भगवती गोंड के रूप में हुई है, जो आदतन अपराधी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसी पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दियआरोपी की पहचान भगवती गोंड के रूप में हुई है, जो आदतन अपराधी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसी पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
राजनादगांव। जिले में शुक्रवार सुबह ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सराफा कारोबारी के ठिकानों पर छापा पड़ा है। चार गाड़ी में अधिकारियों की टीम पहुंची है।जानकारी के मुताबिक, ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम ने आज सुबह शहर के जसराज शांतिलाल बैद फर्म के मोहनी ज्वेलर्स में छापेमारी की है। व्यापारी के नंदई चौक स्थित घर और गुड़ाखू लाईन स्थित दुकान में अधिकारियों की टीम पहुंची है। दस्तावेज की जांच की जा रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है, बैठक में कई बड़े फैसले लेने की उम्मीद है। त्योहारी सीजन में प्रदेश की जनता को कई बड़े तोहफे दिए जा सकते है।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक श्री दीपेश साहू ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब,श्री प्रहलाद रजक, विधायक श्री ईश्वर साहू और श्रीमती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल, श्री लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
गरियाबंद। जिले के पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने आदेश जारी कर जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस कैंपों में पदस्थ 43 अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला किया है। जारी आदेश के मुताबिक, यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
तबादले की सूची में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को शामिल किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक है, ताकि पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।तबादले थानों के कामकाज में गतिशीलता और बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।

रायपुर: अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विकास विभाग के माननीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर द्वारा विभाग अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं एवं बजट प्रावधान की जानकारी दी गई। साथ ही इससे संबंधित आयोग, बोर्ड एवं अधीनस्थ संस्थाओं की भी जानकारी दी गई।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय सुविधा प्रदान करने हेतु 8 प्री. मैट्रिक एवं 47 पोस्ट मैट्रिक इस प्रकार कुल 55 अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है जिसमें कुल स्वीकृत सीट 3550 है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग प्री. मेट्रिक छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को मैस संचालन हेतु प्रतिमाह शिष्यवृति राशि रुपए 1500 एवं छात्र भोजन सहाय योजना अंतर्गत प्रतिमाह राशि रू 1200 प्रति विद्यार्थी राशि का ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय मृख्यमंत्री जी श्री विष्णुदेव साय के कर कमलों से 10 जून 2025 को 85 करोड़ की राशि एवं 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को राशि रू 6.2 करोड़ राशि का आनॅलाइन अंतरण किया गया है।
मंत्री श्री जायसवाल द्वारा समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु छात्रवृत्ति की आय सीमा 1.00 लाख रू है। इसके कारण एक बहुत बड़ा वर्ग योजना के लाभ से वंचित हो जाता है अतः इसे बढ़ाकर 2.50 लाख रू वार्षिक किए जाने हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस हेतु लगभग 200 करोड़ का बजट प्रावधान है।
मंत्री ने कहा कि इसे बढ़ाए जाने हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। जनसंख्या के हिसाब से सरकारी योजनाओं का इस वर्ग को मिले इस तरफ विशेष रूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा की प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु स्कॉलरशिप व्यवस्था किस प्रकार बेहतर की जा सकती है, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में कैसे बेहतर बढ़ावा किया जा सकता है। इस ओर विशेष रूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
साथ अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार आदि राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग हेतु संचालित योजनाओं का भी तुलनात्मक अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिरमिरी एवं कवर्धा जिले में नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय खेले जाने हेतु प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों हेतु 50 सीटर प्री. मैट्रिक छात्रावास प्रारंभ किए जाने हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सभी छात्रावास आश्रमों में स्वच्छ शौचालय, सुंदर गार्डनिंग, बेहतर रंग-रोगन एवं छात्रावास में बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पिछड़ा वर्ग से संबंधित संग्राहलय बनाये जाने की बात कही। साथ ही विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित नवीन निर्माण कार्यों को ध्यान में रखते हुए सभी संभागों में एसडीओ एवं उप अभियंता के नवीन पद एवं मुख्यालय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पद सृजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में आयुक्त आदिम जाति विकास श्री सारांश मित्तल, संयुक्त सचिव श्रीमती लवीना पाण्डेय, अपर संचालक श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री आर.एस. भोई, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर: समाज की उन्नति और प्रगति के लिए शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है। हमारी सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर और इंजीनियर बनते देखना ही हमारी मंशा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज कोरबा जिले के कटघोरा में आयोजित सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक सम्मेलन एवं वीर शहीद सीताराम कंवर की पुण्यतिथि समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर शहीद सीताराम कंवर समाज का गौरव हैं। इस अवसर पर उन्होंने रामपुर चौक में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद सीताराम कंवर की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का तीर-धनुष भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में घोषणा की कि सातगढ़ कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण के लिए ₹1 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी तथा इस भवन में बाउंड्रीवाल का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने रामपुर चौक में शहीद सीताराम कंवर की नई प्रतिमा स्थापना के लिए ₹10 लाख, कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा स्थापना एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए ₹25 लाख, तथा कटघोरा में हाईटेक बस स्टैंड के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कसनिया मोड़ में भगवान सहस्त्रबाहु चौक नामकरण, मूर्ति स्थापना, कल्चुरी स्वागत द्वार सह उद्यान निर्माण हेतु भूमिपूजन और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज के सम्मेलन में उपस्थित लोगों से समाज के विकास और उत्थान के लिए अपने बच्चों को शिक्षित करने, युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान स्थापित किए गए हैं — मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईआईटी, विश्वविद्यालय और लॉ कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव के लिए शुभकामनाएं भी दीं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता से की गई गारंटियों को पूरा करने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता उनके खातों में जमा की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत राज्य से प्रत्येक माह हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा सरकारी खर्च पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के मात्र 20 माह के भीतर ही 10 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों और 700 से अधिक सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को रोजगारमुखी बनाकर युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले जा रहे हैं।
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रेमचंद पटेल और श्री तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कंवर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री छत्रपाल सिंह कंवर, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और कंवर समाज के सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर: “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है।
नारायणपुर। नक्सल मुक्त जिला नारायणपुर के उद्देश्य से नक्सल विरोधी अभियान अपने चरम पर है। इसी तारतम्य में आज दिनांक 09.10.2025 को थाना धनोरा क्षेत्रांतर्गत डी-माइनिंग/सर्चिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान आईईडी होने की आशंका पर बीडीएस टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्च किया गया, जिसमें ग्राम इकनार के जंगल पहाड़ी से 01 नग कुकर कमांड आईईडी (05 किग्रा) बरामद हुए।
तत्पश्चात बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से आईईडी नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की सक्रियता की पुष्टि करती है, जो सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों को हानि पहुँचाने की मंशा से विस्फोटक लगाते हैं। पुलिस बल एवं सुरक्षा एजेंसियाँ निरंतर सघन सर्चिंग एवं डी-माइनिंग ऑपरेशन चलाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे 53 पर जामपाली के पास मवेशी को बचाने के प्रयास में स्विफ्ट डिजायर कार पलट गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में सवार सभी लोग एक ही परिवार के लोग बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक JH 10 CJ 1511) चंद्रपुर से धनबाद (झारखंड) जा रही थी। इसी दौरान नेशनल हाईवे 53 पर जामपाली के पास अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से ड्राइवर ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में शमा खान (32 वर्ष), जरीन खान (9 वर्ष) और आतीश खान (19 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अफरोज खान और सिबू खान गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए आए और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया। मृतक और घायल सभी झारखंड के धनबाद निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से चंद्रपुर आए थे और मंगलवार को वापस लौट रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पिथौरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के साथ जांच में जुट गई।
रायपुर। राज्य सरकार ने सचिवालय सेवा के अधिकारियों का प्रमोशन किया है।
देखिये किन अधिकारियों को मिला प्रमोशन….


रायपुर-अभनपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये पूरा मामला अभनपुर थाना क्षेत्र का है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, आरोपी ने नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया फिर उसके साथ दरिंदगी की है। फ़िलहाल पुलिस ने आरोपी प्रेम निषाद के विरुद्ध अपहरण और दुष्कर्म की धारा के साथ पास्को एक्ट की धारा के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जगदलपुर। माओवादी संगठन अब दोराहे पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। एक ओर संगठन के शीर्ष नेता हिंसा की राह छोड़कर सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन के रास्ते पर चलने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर तेलंगाना कमेटी अब भी पुराने रुख पर अड़ी हुई है। पिछले एक महीने में माओवादियों की ओर से लगातार आठ प्रेस नोट जारी किए गए हैं, जिनमें केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय उर्फ पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू ने साफ शब्दों में कहा है कि वे अब जनता से संवाद के जरिए आंदोलन आगे बढ़ाना चाहते हैं।
इन प्रेस नोट्स को उत्तर बस्तर, गढ़चिरोली और माड़ डिवीजन कमेटियों का समर्थन भी मिल चुका है, जो बस्तर की माओवादी रणनीति में बड़े परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, तेलंगाना स्टेट कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए एक अलग बयान जारी किया है। इससे यह स्पष्ट है कि माओवादी संगठन के भीतर मतभेद और विचार विभाजन की स्थिति बनी हुई है।
आईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आना चाहता है, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उसका स्वागत किया जाएगा।
रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को संसद की एक महत्वपूर्ण समिति Estimates Committee का सदस्य नियुक्त किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस समिति के गठन की घोषणा की है, जिसमें अग्रवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
प्राक्कलन समिति संसद की सबसे प्रभावशाली समितियों में से एक है। इसका गठन लोकसभा द्वारा किया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के व्यय, बजट उपयोग और कार्यप्रणाली की जांच करना होता है। समिति प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करती है।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यह मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से ‘विकसित भारत’ की दिशा में अग्रसर है। मैं इस समिति के माध्यम से शासन की नीतियों और व्यय के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सार्थक योगदान देने का प्रयास करूंगा।
भुवनेश्वर. ओडिशा गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा (OPS) के 19 अधिकारियों का तबादला कर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. जारी आदेश के अनुसार, कई जिलों और विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है.
इस सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं. सबसे अहम बदलाव बरहामपुर जिले में हुआ है, जहां आलोक कुमार जेना को नए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) के रूप में नियुक्त किया गया है. अब तक यह पद सीमा स्वाइन के पास था, जिन्हें अब तालचेर स्थित IGP कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है.
देखे लिस्ट (Odisha Police Officers Transfer)

रायपुर। त्योहारों की शुरूआत हो चुकी है। वहीं कुछ दिनों बाद दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। त्योहारों को देखते हुए पटाखा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
जारी गाइडलाइन के अनुसार, पटाखा दुकानें एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना अनिवार्य है, जिसकी मारक क्षमता 6 फीट होनी चाहिए। इसके साथ ही कहा गया कि, जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं अधिनियम 2018 और छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दुकानों के सामने अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस का फोन नंबर लगाना होगा। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया तो होगी कार्रवाई दिवाली से पहले जिला प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं।
रायपुर – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बड़ा निर्देश दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसियों ईडी और ईओडब्ल्यू को साफ कहा है कि वे तीन महीने के अंदर अपनी जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच लंबे समय से लंबित है और जनता को सच्चाई जानने का हक है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को बिना देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी जांच पूरी करने को कहा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर सरकारी शराब दुकानों से जुड़े इस घोटाले में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री,पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे सहित अधिकारियों और व्यापारियों के नाम जांच के दायरे में हैं।
रायपुर। राजधानी में फर्जी रजिस्ट्री कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मृत महिला को जीवित दिखाकर उसके नाम पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। इस पूरे मामले में होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वहीं भाजपा तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी समेत सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
आरोप है कि, इन सभी ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई प्लॉटों पर कब्जा जमाने की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि, इन रजिस्ट्रियों को कोर्ट पहले ही शून्य घोषित कर चुका है। बावजूद इसके आरोपी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश में लगे रहे।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवांगन ने की थी, जिनकी शिकायत पर पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।
वहीं इन आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि, जांच के दौरान कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। रायपुर में फर्जीवाड़े का यह मामला शहर की संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर रहा है।
रायपुर। कोल लेवी घोटाले के पूरक चालान में ईओडब्ल्यू की जांच ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। जब्त दस्तावेजों में “भवन” नाम से दर्ज एंट्री से कांग्रेस भवन रायपुर में अवैध लेनदेन की पुष्टि हुई है। पेश किए गए पूरक चालान में आरोपी देवेंद्र डड़सेना को कांग्रेaस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक बताया गया है।
वहीं जांच में खुलासा हुआ कि देवेंद्र डड़सेना अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी नकदी का रियल रिसीवर और मीडिएटर था। वह इस अवैध धनराशि को स्वयं रिसीव कर रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर अन्य आरोपियों तक पहुंचाने का काम करता था। ईओडब्ल्यू ने देवेंद्र को पूरे घोटाले की एक अनिवार्य कड़ी माना है।
मामले में बताया गया कि, आरोपी नवनीत तिवारी के बारे में भी बड़ा खुलासा हुआ है। वह सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ के कोल व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करता था। इतना ही नहीं सूर्यकांत तिवारी की अवैध आय से खरीदी गई कई संपत्तियों का बेनामीदार भी नवनीत तिवारी ही है।
ईओडब्ल्यू द्वारा पेश किए गए 1500 पन्नों के दूसरे पूरक चालान में डिजिटल, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर इन सभी तथ्यों की पुष्टि की गई है। कोल स्कैम मामले में ईओडब्ल्यू की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे संभव हैं।
दुर्ग : दुर्ग के इंदिरा मार्केट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सुबह करीब 6 बजे एक व्यक्ति की खून से सनी लाश सड़क किनारे पड़ी मिली। स्थानीय लोगों ने जब शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्रारंभिक रूप से यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की पहचान राजीव नगर निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 38 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने संभावना जताई है कि नरेश ठाकुर की मौत किसी सड़क दुर्घटना में हुई होगी, हालांकि सिर पर गहरी चोटों और आसपास खून के निशानों के चलते हत्या की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस बीच पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि घटना के समय की कोई स्पष्ट जानकारी मिल सके। वहीं, स्थानीय लोगों से भी पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक आखिरी बार किसके साथ या कहां देखा गया था।
रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, टिकरापारा में एक नर्स की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया है। युवती की लाश खून से लथपथ घर के कमरे में मिली है। ये पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक, नर्स की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या की गई है। मृतका की पहचान प्रियंका दास (23) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस शव को पीएम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में एक बार फिर बंपर तबादले हुए हैं। बड़ी संखया में शिक्षकों, व्याख्याता, प्रधान पाठक के तबादले हुए हैं।
देखिये पूरी लिस्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सरल बना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य अब ई-गवर्नेंस की दिशा में देश का मॉडल बन रहा है। अब नागरिक केवल सुगम मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कुछ क्लिक में अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी कर सकते हैं।
डिजिटल रजिस्ट्री की खास बातें:
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आधार और पैन कार्ड से स्वतः पहचान सत्यापन
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ऑनलाइन दस्तावेज़ अपलोड और शुल्क भुगतान
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My Deed मॉड्यूल से तुरंत डिजिटल डीड
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स्टांप वेंडर लोकेशन ऑनलाइन
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जियो रिफ्रेशिंग से विवाद रहित भूमि रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “नागरिकों को सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है। भूमि रजिस्ट्री का डिजिटलाइजेशन उसी दिशा में बड़ा कदम है।”a
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस की कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार से जोड़ना है।
आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा आप सभी प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का सफल आयोजन हुआ था, इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास किया जाएगा।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन से यह संदेश पूरे देश में गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। हमारे महान जनजातीय नायकों की बदौलत हमें यह समृद्ध विरासत प्राप्त हुई है, जिसे सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर समाज है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ठोस योजनाएं तैयार की जाएं जो जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को और ऊंचा उठाने में सहायक बनें।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में शामिल हुए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सभी पंजीकृत वैद्यों को प्रशिक्षण देकर उन्हें पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान करेगी, ताकि दस्तावेज़ों के अभाव में उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री का स्वागत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी-बूटी की माला पहनाकर किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औषधीय पौधों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी मांझी जी गंभीर बीमारी का उपचार अपने पारंपरिक ज्ञान से करते हैं। अमेरिका से भी लोग उनके पास उपचार के लिए आते हैं — यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वैद्य परंपरा हमारे देश की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा पद्धति है। भारत में लगभग 60 से 70 हजार वैद्य हैं, जिनमें से लगभग 1500 वैद्य छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मान्यता दी है। छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक हर्बल स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। अकेले छत्तीसगढ़ में ही डेढ़ हजार से अधिक औषधीय पौधे पाए जाते हैं। दुर्ग जिले के पाटन स्थित जामगांव में औषधीय पौधों से अर्क निकालने के लिए एक कारखाना स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में कार्यों को गति देने के लिए पृथक आयुष मंत्रालय का गठन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। राज्य सरकार क्लस्टर आधारित मॉडल विकसित कर रही है, ताकि स्थानीयता के आधार पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों का अधिकतम उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्थानीय वैद्यों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही औषधीय पौधों और वृक्षों के संरक्षण की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वैद्यों का समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी की तुलना रामायण काल के सुषेन वैद्य से करते हुए कहा कि जिस प्रकार सुषेन वैद्य ने लक्ष्मण जी का दुर्लभ उपचार किया था, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में श्री मांझी दुर्लभ से दुर्लभ रोगों का सफल उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत वैद्यों का योगदान न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अमूल्य है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने बताया कि इस सम्मेलन में 1300 से अधिक वैद्यों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने कहा कि बोर्ड “नवरत्न योजना” के तहत प्रदेशभर में हर्रा, बहेड़ा, आंवला, मुनगा जैसे नौ प्रकार के औषधीय गुणों वाले पौधे लगाने की पहल करेगा।
पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी ने एक वैद्य के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैद्यों के पास किसी भी रोग को जड़ से समाप्त करने की कला होती है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और औषधियों के संयोजन से वैद्य कई प्रकार के कैंसर का भी उपचार कर सकते हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने कहा कि राज्य के उन आंतरिक क्षेत्रों में, जहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं नहीं पहुंच पातीं, वहां परंपरागत वैद्य अपने पूर्वजों के ज्ञान के माध्यम से लोगों की सेवा करते हैं। इन वैद्यों को सशक्त बनाना और संरक्षण देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सम्मेलन में प्रदेशभर से आए वैद्यों ने अपने कर्तव्य के प्रति सत्यनिष्ठा और गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 25 वैद्यों को कच्ची औषधीय पिसाई मशीनें प्रदान की गईं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित डॉ. देवयानी शर्मा की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में दुर्ग वन वृत्त के परंपरागत वैद्यों द्वारा संरक्षित पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय पौधों का संकलन किया गया है।
सम्मेलन को छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के सीईओ श्री जे. ए. सी. एस. राव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रदीप कुमार पात्रा, प्रदेशभर से आए वैद्य गण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।





























