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BIG BREAKING : चुनाव आयोग पहुंचा TMC प्रतिनिधिमंडल, नंदीग्राम में दोबारा मतगणना की मांग

BIG BREAKING : चुनाव आयोग पहुंचा TMC प्रतिनिधिमंडल, नंदीग्राम में दोबारा मतगणना की मांग

टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा है. टीएमसी का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात कर रहा है. नंदीग्राम में दोबारा मतगणना को लेकर मुलाकात की गई है.
रिकाउंटिंग पर रिटर्निंग ऑफिसर आखिरी फैसला लेंगे
नंदीग्राम सीट पर चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि रिकाउंटिंग पर रिटर्निंग ऑफिसर आखिरी फैसला लेंगे. चुनाव अधिकारी का कहना है कि वोटों की गिनती दोबारा हो सकती है.
 

ममता बनर्जी ने कहा- अगर पूरे देश को नहीं मिली मुफ्त वैक्सीन तो करूंगी आंदोलन

ममता बनर्जी ने कहा- अगर पूरे देश को नहीं मिली मुफ्त वैक्सीन तो करूंगी आंदोलन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की शानदार प्रदर्शन के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब जनता को संबोधित करने के लिए सामने आईं तो उन्होंने कहा कि वह डबल सेंचुरी की उम्मीद कर रही थीं. 221 सीटों को जीतने की उम्मीद कर रही थीं. उन्होंने कहा कि यह जीत बंगाल के लोगों की जीत है. ममता ने कहा कि हम जश्न नहीं करेंगे, छोटा सा समारोह कर कोविड की लड़ाई में जुट जाएंगे.


बंगाल की जनता को मिलेगी मुफ्त वैक्सीन

बंगाल सीएम ने चुनाव आयोग पर सहयोग ना करने का ओराप भी लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने खराब व्यवहार किया. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ममता ने यह वादा किया कि पूरे राज्य के लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह ये मांग करती हैं कि देश के 140 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाए.


देश के लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं तो होगा आंदोलन

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर देश के लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं मिली तो वह गांधी प्रतिमा के बाहर फिर से प्रदर्शन करेंगी. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में जो यह सफलता मिली है इसके लिए उन्होंने टीएमसी परिवार की तरफ से धन्यवाद किया. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि कोविडकाल से निकलने के बाद सफलता का जुलूस करेंगी. उन्होंने कहा कि हमारा शपथग्रहण समारोह छोटा सा समारोह होगा, जिसमें कोविड के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखा जाएगा.


इससे पहले रुझानों में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत के संकेत के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी समर्थकों से कहा कि यह बंगाल की जीत है, बंगाल के लोगों की जीत है. इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना है. 

प्रधानमंत्री ने नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने के काम की प्रगति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने के काम की प्रगति की समीक्षा की

कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने ऑक्सीजन उत्पादन के लिए मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन संयंत्रों में बदलने की व्यवहार्यता का पता लगाया है। ऐसे विभिन्न संभावित उद्योगों की पहचान की गई है जिनमें मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित किया जा सकता है।

मौजूदा प्रेशर स्विंग एड्सॉर्प्शन (पीएसए) नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। नाइट्रोजन संयंत्रों में कार्बन मॉलिक्यूलर सीव (सीएमएस) का उपयोग किया जाता है जबकि ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए ज़ियोलाइट मॉलीक्युलर सीव (ज़ेडएमएस) की आवश्यकता होती है। इसलिए, सीएमएस को ज़ेडएमएस के साथ बदलकर और कुछ अन्य परिवर्तनों जैसे ऑक्सीजन एनालाइज़र, कंट्रोल पैनल प्रणाली, प्रवाह वाल्व आदि के साथ मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों में ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए परिवर्तित किया जा सकता है।

उद्योगों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब तक 14 उद्योगों की पहचान की गई है, जहां नाइट्रोजन संयंत्रों के रूपांतरण का काम प्रगति पर है। इसके अलावा, उद्योग संघों की मदद से 37 नाइट्रोजन संयंत्रों की इस कार्य के लिए पहचान की गई है।

ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए संशोधित नाइट्रोजन संयंत्र को या तो पास के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है, और अगर इस संयंत्र को स्थानांतरित करना संभव नहीं है, तो इसका उपयोग ऑक्सीजन के ऑन-साइट उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जिसे विशेष पोत / सिलेंडर से अस्पताल में पहुंचाया जा सकता है।

बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 

आखिर किस बात पर  ट्विटर में भिड़े पूर्व और वर्तमान केन्द्रीय मंत्री, पढ़े पूरी खबर

आखिर किस बात पर ट्विटर में भिड़े पूर्व और वर्तमान केन्द्रीय मंत्री, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली।  विदेश मंत्री एस जयशंकर और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे जयराम रमेश के बीच ट्विटर पर बहस छिड़ गई। दिल्ली स्थिति फिलीपींस के दूतावास में यूथ कांग्रेस के सदस्यों की ओर से ऑक्सीजन सिलिंडर पहुँचाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे जयराम रमेश आपस में ट्विटर पर भिड़ गए। जयराम रमेश ने शनिवार को एक ट्वीट कर विदेश मंत्री एस जयशंकर पर निशाना साधा था।
जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा था- `मैं यूथ कांग्रेस को धन्यवाद देता हूँ लेकिन एक भारतीय नागरिक होने के नाते ये देखकर हैरान हूँ कि विपक्षी दल का यूथ विंग विदेशी दूतावास में भी मुश्किल घड़ी में पहुँच रहा है। क्या विदेश मंत्रालय सोया हुआ है?`` अपने इस ट्वीट के साथ जयराम रमेश ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी टैग किया था। इतना ही नहीं जयराम रमेश ने इस ट्वीट के साथ यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास का एक वीडियो रीट्वीट किया था। श्रीनिवास ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था- `यूथ कांग्रेस के सदस्य नई दिल्ली स्थित फिलीपींस के दूतावास में।`
इसके जवाब में रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जयराम रमेश के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा- विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस दूतावास से संपर्क कर पता लगाया था। वहां बेवजह आपूर्ति की गई है क्योंकि वहां कोरोना का कोई भी मामला नहीं है। आपको पता है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए ये सब कौन कर रहा है। इस तरह से ऑक्सीजन का सिलिंडर बांटना ग़लत है जबकि ज़रूरतमंद लोग परेशान हैं।
 

कोरोना काल में शादी के चलते दूल्हा-दुल्हन ने डंडे से निभाई वरमाला पहनाने की रस्म, जाने कहाँ की है यह खबर

कोरोना काल में शादी के चलते दूल्हा-दुल्हन ने डंडे से निभाई वरमाला पहनाने की रस्म, जाने कहाँ की है यह खबर

बिहार | बिहार के बेगूसराय में कोरोना महामारी के बीच हुई एक शादी चर्चा का विषय बनी हुई. दरअसल इस शादी में दूल्हा दुल्हन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डंडे के सहारे से एक दूसरे को जयमाला की रस्म अदायगी की. हर तरफ इस शादी की चर्चा हो रही है.
कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का गाइडलाइन जारी है. ऐसे में इस तरह से शादी कर लोगों को जागरूक भी किया गया है. दूल्हे ने बताया कि यह शादी उनके लिए यादगार रहेगी खासकर डंडे की मदद से जयमाला करना उन्हें हमेशा याद रहेगा.


इस शादी में परिजनों के अनुसार 50 से कम लोग ही मौजूद थे और पूरे नियम के साथ सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए इस शादी समारोह को संपन्न कराया गया. दूल्हा और दुल्हन ने एक दूसरे के बीच इतनी सोशल डिस्टेंसिंग बनाई कि एक दूसरे को वरमाला भी डंडे के सहारे पहनाई है. शादी में शामिल हुए लोग दूल्हा-दुल्हन की प्रशंसा कर रहे हैं.
यह अनोखी शादी तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र के तेघरा बाजार की है. दरअसल गिरधारीलाल सुल्तानिया के पुत्र कृतेश कुमार की शादी बेगूसराय के ज्योति कुमारी के साथ 30 अप्रैल की रात सम्पन्न होनी थी. डंडे के सहारे जयमाला की रस्म अदायगी के बाद यह शादी चर्चा का विषय बन गई है.


कोरोना काल में शादी का ट्रेंड बदल गया हैं, लोगों को कई पाबंदियों के बीच अपनी खुशियां मनानी पड़ रही है. इस मौके पर मेहमानों का फूलों के बजाए मास्क और सैनिटाइजर से स्वागत किया जाने लगा है. इसके अलावा शादी के अनोखे तरीके भी अपनाए जा रहे हैं. कई लोग वीडियो कॉल के जरिए शादी समारोह में शामिल हो रहे हैं.

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को घोषित किया फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को घोषित किया फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स

भुवनेश्वर। कोरोना काल में फ्रंटलाइन वारियर्स के रूप में डॉक्टर्स, चिकित्सा कर्मी, पुलिस कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे है। इनके अलावा एक और वर्ग है जो इस आपदा काल में निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह वर्ग है पत्रकारों का, जिनका काम खबरों को आम जनता तक पहुंचना। इनके कार्य को देखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के कामकाजी पत्रकारों को फ्रंटलाइन कोविड वारियर्स घोषित किया है।
इस आशय के एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा है कि काम करने वाले पत्रकार राज्य को सहज समाचार फ़ीड प्रदान करके एक महान सेवा कर रहे हैं। लोगों को इस महामारी के समय कोविड से संबंधित मुद्दों पर जागरूक करते हैं और वे हमारे कोविड के खिलाफ युद्ध के लिए एक महान समर्थन हैं। इस फैसले से राज्य के 6944 कामकाजी पत्रकारों को फायदा होगा। यहाँ यह उल्लेख किया जा सकता है कि राज्य के 6944 कार्यशील पत्रकारों को गोपबंधु संभादिका स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया गया है। उन्हें 2-2 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है। इसके अलावा, कोरोना संक्रमण से मरने वाले पत्रकारों के परिजनों को 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाती है।
 

बंगाल में नहीं दिखा भाजपा का जादू, जानें- किन 5 वजहों से पिछड़ गई

बंगाल में नहीं दिखा भाजपा का जादू, जानें- किन 5 वजहों से पिछड़ गई

पश्चिम बंगाल के चुनाव में टीएमसी हैट्रिक लगाती दिख रही है। ममता बनर्जी की पार्टी अब तक 192 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर है, जबकि 'अबकी बार, 200 पार' का नारा देने वाली बीजेपी 100 के अंदर ही सिमटती दिख रही है। खबर लिखे जाने तक बीजेपी रुझानों में 96 सीटों पर ही आगे चल रही है। नंदीग्राम सीट पर भले ही शुभेंदु अधिकारी टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी से आगे चल रहे हैं, लेकिन बाबुल सुप्रियो, स्वप्न दासगुप्ता और लॉकेट चटर्जी जैसे बीजेपी के कई दिग्गज पिछड़ते नजर आ रहे हैं। 5 दौर की गिनती के बाद लॉकेट चटर्जी 5,844 वोटों से पीछे चल रही हैं।
इन दिग्गज चेहरों के साथ ही पार्टी के पिछड़ने को लेकर बीजेपी खेमे में निश्चित तौर पर निराशा होगी। भले ही 2016 के मुकाबले बीजेपी ने 30 गुना बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन सरकार बनाने की उम्मीद पालने वाली पार्टी के लिए यह संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। आइए जानते हैं, बीजेपी के उम्मीदों के मुताबिक पिछड़ने की क्या रही हैं 5 बड़ी वजहें...
मजबूत स्थानीय नेता की कमी
बीजेपी ने भले ही बंगाल में पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों की बड़ी फौज को चुनावी समर में उतारा था, लेकिन नतीजों में इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य में कोई मजबूत चेहरा न होने के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। दरअसल जनता के दिमाग में यह बात थी कि पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल के सीएम नहीं बनने वाले। पार्टी की ओर से सूबे में सीएम के लिए किसी चेहरे का भी ऐलान नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि ममता के मुकाबले एक मजबूत चेहरे का अभाव बीजेपी को खला है।
लेफ्ट के सफाये से टीएमसी को मिली बढ़त
बीजेपी ने भले ही मुकाबले को पूरी तरह से द्विपक्षीय ही बना दिया, लेकिन यही समीकरण उसके लिए भारी पड़ा है। दरअसल लेफ्ट और कांग्रेस के सफाये से साफ है कि बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुआ वोट टीएमसी को ही गया है। खासतौर पर मुस्लिम समुदाय की ओर से एकजुट होकर टीएमसी को वोट गया है। यही समीकरण बीजेपी पर भारी पड़ता दिख रहा है। इसके उदाहरण के तौर पर हम देख सकते हैं कि कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले मालदा में तृणमूल कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया है।
कोरोना की दूसरी लहर का बीजेपी पर ज्यादा कहर
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर के कहर के चलते चुनाव प्रचार प्रभावित होने का नुकसान बीजेपी को हुआ है। हालांकि ये प्रेसिडेंसी वाले इलाके थे, जहां आखिरी के तीन राउंड्स में चुनाव था। इन इलाकों में ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता रहा है। प्रेसिडेंसी में हावड़ा, हुगली, नार्थ और साउथ परगना और कोलकाता जैसे इलाके आते हैं। इनमें और मालदा रीजन में टीएमसी ने बढ़त कायम कर सफलता हासिल की है।
एकजुट रहा टीएमसी का वोटर, लेफ्ट में बीजेपी की सेंध
अब तक मिले रुझानों से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी ने लेफ्ट-कांग्रेस के वोटों में बड़ी सेंध लगाकर सफलता हासिल की है। 2019 के आम चुनाव में 18 लोकसभा सीटें जीतने वाली बीजेपी ने अपनी उसी सफलता को दोहराया है, लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने से चूक गई है। इससे साफ है कि उसने लेफ्ट और कांग्रेस के वोटों में तो सेंध लगाई है, लेकिन टीएमसी का वोटर उससे जुड़ा रहा है। यही नहीं बीजेपी विरोधी वोट भी उसे एकमुश्त मिला है।
ध्रुवीकरण के मुद्दों का नहीं दिखा असर
बंगाल में 'जय श्री राम' के नारे को चुनावी मुद्दा बनाकर उतरी बीजेपी को ध्रुवीकरण की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा है। बंगाल में बीजेपी के 100 सीटों से कम पर रहने से साफ है कि उसे लेफ्ट और कांग्रेस के बिखरे जनाधार से मदद मिली है, लेकिन ध्रुवीकरण नहीं हो सका है। इसके चलते टीएमसी अपनी स्थिति को बरकरार रखने में कामयाब रही है।

 

गैस रिसाव के कारण आग लगने से पांच लोग झुलसे

गैस रिसाव के कारण आग लगने से पांच लोग झुलसे

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक घर में द्रवित पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण आग लग जाने से एक परिवार के चार सदस्य और एक मेकैनिक झुलस गए।
ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि यह आग यहां बदलापुर की एक इमारत की सातवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे लगी।
उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने देखा कि एलपीजी सिलेंडर की पाइप के ऊपरी हिस्से से गैस रिसाव हो रहा है, जिसके बाद उन्होंने इसे ठीक करने के लिए एक मेकैनिक को बुलाया।
अधिकारी ने बताया कि जब मेकैनिक इसे ठीक कर रहा था, तभी गैस रिसाव के कारण आग लग गई और विस्फोट हो गया। दमकल कर्मी घटनास्थल पहुंचे और उन्होंने एक घंटे में आग को काबू कर लिया। उन्होंने कहा, ``दंपत्ति, उनके दो बच्चे और मेकैनिक झुलस गए हैं। उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 

लंदन जाकर सीरम सीईओ का बड़ा आरोप, भारत में शक्तिशाली लोग कर रहे परेशान, नहीं जाना चाहता वापस, जाने क्या है वजह

लंदन जाकर सीरम सीईओ का बड़ा आरोप, भारत में शक्तिशाली लोग कर रहे परेशान, नहीं जाना चाहता वापस, जाने क्या है वजह

कोरोना वायरस के रोजाना रिकॉर्ड मामले सामने आने के बीच देश में वैक्सीनेशन अभियान का तीसरा फेज शनिवार से शुरू हो गया। देश में लगातार वैक्सीन की मांग बढ़ती जा रही है। इस बीच, कोविशील्ड वैक्सीन का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के प्रमुख अदार पूनावाला ने वैक्सीन की डिमांड के लिए बढ़ते दबाव को लेकर बातचीत की है। ब्रिटेन में पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया है कि वैक्सीन को लेकर भारत के कई शक्तिशाली लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। पूनावाला को हाल ही में केंद्र सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा भी मुहैया करवाई है।

'आक्रामक रूप से कॉल कर मांग रहे वैक्सीन'
सिक्योरिटी मिलने के बाद पहली बार इस बारे में बात करते हुए अदार पूनावाला ने 'द टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि भारत के पावरफुल लोग आक्रामक रूप से कॉल करके कोविशील्ड वैक्सीन की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि कोविशील्ड पहली वैक्सीन है, जिसे डीसीजीआई ने कोरोना के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी। कोविशील्ड का उत्पादन दुनिया की वैक्सीन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है।

बेटी और पत्नी के साथ यूके गए पूनावाला
एसआईआई के प्रमुख ने बताया कि इसी दबाव की वजह से वह अपनी बेटी और पत्नी के साथ लंदन आ गए हैं। 40 वर्षीय पूनावाला ने कहा, ''मैं यह अतिरिक्त समय तक इसलिए रुका हूं, क्योंकि मैं उस स्थिति में फिर से जाना नहीं चाहता। सबकुछ मेरे कंधे पर आ गया है, लेकिन मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता। मैं ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहता, जहां आप अपना काम कर रहे हों, और आप एक्स, वाई या जेड की मांगों की सप्लाई को पूरा नहीं कर सकें। यह भी नहीं पता हो कि वे आपके साथ क्या करने जा रहे हैं।''

'सभी को लगता है कि उन्हें वैक्सीन मिलनी चाहिए'
उन्होंने कहा, "उम्मीद और आक्रामकता का स्तर वास्तव में अभूतपूर्व है। यह भारी है। सभी को लगता है कि उन्हें टीका मिलना चाहिए। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि किसी और को उनसे पहले क्यों मिलना चाहिए।'' पूनावाला ने इंटरव्यू में संकेत दिया कि उनका लंदन का कदम भारत के बाहर के देशों में वैक्सीन निर्माण का विस्तार करने की व्यावसायिक योजनाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें ब्रिटेन उनकी पसंद हो सकता है। जब भारत के बाहर टीके निर्माण को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''अगले कुछ दिनों में बड़ा ऐलान होने जा रहा है।'' अखबार के अनुसार, इस साल जनवरी में ऑक्सफोर्ड / एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को मंजूरी दी गई थी, तब तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने 80 करोड़ अमरीकी डॉलर की लागत से अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.5 से 2.5 बिलियन खुराक तक बढ़ा दी थी और पांच करोड़ खुराक का प्रोडक्शन भी कर लिया था।

कोविशील्ड पर ज्यादा मुनाफा कमाने के आरोप पर क्या बोले अदार?
कंपनी ने वैक्सीन ब्रिटेन सहित 68 देशों को निर्यात करना शुरू कर दिया था। हालांकि, इसी दौरान भारत में कोरोना से स्थिति खराब होने लगी। पूनावाला ने 'टाइम्स' इंटरव्यू में कहा, ''हम वास्तव में सभी मदद करने के लिए हांफ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि भगवान भी पूर्वानुमान लगा सकते थे कि ऐसा होने वाला था।'' वहीं, ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कोविशील्ड की कीमत को बढ़ाए जाने के आरोप को नकारते हुए पूनावाला ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस वैक्सीन को ग्रह पर सबसे सस्ती वैक्सीन बताया। उन्होंने कहा, ''हमने मुनाफाखोरी करने के बजाय जो भी बेहतर हो सकता था, वह किया है। मैं इतिहास के लिए प्रतीक्षा करूंगा।'' 

कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्मावकाश अब इस तारीख से

कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्मावकाश अब इस तारीख से

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली समेत देशभर में कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में भी 10 मई से ही ग्रीष्मावकाश लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 14 मई से ग्रीष्म कालीन छुट्टियां लगने वाली थीं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कोरोना मामलों की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए शीर्ष कोर्ट की गर्मी की छुट्यिों में यह बदलाव किया।  

30 उद्योगों की, की गई पहचान मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है, पढ़े पूरी खबर

30 उद्योगों की, की गई पहचान मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है, पढ़े पूरी खबर

कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए और देश में चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), जिसके पास औद्योगिक इकाइयों का व्यापक डेटाबेस है, से अतिरिक्त नाइट्रोजन संयंत्र वाले उद्योगों की पहचान करने और मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों को ऑक्सीजन का उत्पादन करने के उद्देश्य से रूपांतरित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए कहा था। सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी) की मदद से ऐसे संभावित उद्योगों की पहचान की है, जिसके मौजूदा नाइट्रोजन उत्पादन संयंत्रों को ऑक्सीजन के उत्पादन में लगाया जा सकता है। इन संभावित औद्योगिक इकाइयों और विशेषज्ञों के साथ इस बारे में परामर्श किया गया है।

लगभग 30 उद्योगों की पहचान की गई हैऔर मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए नाइट्रोजन संयंत्रों को संशोधित करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इनमें से कुछ संयंत्रों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए निकट के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा सकता है और कुछ अन्य संयंत्र, जिन्हें स्थानांतरित करना संभव नहीं है, अपने स्थान पर ही ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकेंगे।

मैसर्स यूपीएल लिमिटेड ने जियोलाइट आण्विक छलनी का उपयोग करके प्रतिघंटा 50 एनएम3 की क्षमता वाले एक नाइट्रोजन संयंत्र को ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए संशोधित किया और इसे एल. जी. रोटरी अस्पताल, वापी (गुजरात) में स्थापित किया। यह संयंत्र प्रतिदिन 0.5 टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है और दिनांक 27.04.2021 से चालू है। यूपीएल लिमिटेड तीन और संयंत्रों को भी रूपांतरितकरने की प्रक्रिया में है। ऑक्सीजन संयंत्र के रूप में रूपांतरित हो जाने के बादइनसंयंत्रों को सूरत और अंकलेश्वर के अस्पतालों में लगाया जाएगा।

मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्रों में, कार्बन आण्विक छलनी (सीएमएस) की जगह जियोलाइट आण्विक छलनी (जेडएमएस) का उपयोग कर और ऑक्सीजन एनालाइजर की स्थापना, कंट्रोल पैनल सिस्टम में परिवर्तन, फ्लो वाल्व आदिजैसेकुछ अन्य बदलाव करचिकित्सीय उपयोग के लिए ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। जेडएमएस की उपलब्धता के साथ, इस तरह के संशोधित संयंत्र को 4-5 दिनों में स्थापित किया जा सकता है, जबकि नए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना में कम से कम 3-4 सप्ताह लग सकते हैं।

ऑन-साइट संयंत्रों में उत्पादित ऑक्सीजन को अस्पतालों में परिवहन के लिए उच्च दाब वाले कंप्रेसर का उपयोग करके संपीड़ित करना और सिलेंडर / विशेष पात्रों में भरना होता है। इन उद्योगों को जल्द से जल्द अपना काम पूरा करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। 

सांसद आजम खान सहित जेल के 13 कैदी मिले कोरोना संक्रमित

सांसद आजम खान सहित जेल के 13 कैदी मिले कोरोना संक्रमित

सीतापुर । जिला कारागार में निरुद्ध समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खान समेत 13 बंदी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। सीतापुर जिला कारागार के जेलर आरएस यादव ने शनिवार को बताया कि रैपिड एंटीजन परीक्षण और आरटीपीसीआर दोनों जांच में सांसद खान समेत 13 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
उन्होंने बताया कि बुखार और खांसी की शिकायत पर उनसभी परीक्षण किया गया, पहले रैपिड एंटीजन और फ‍िर आरटीपीसीआर के लिए नमूने भेजे गये, जिनकी शुक्रवार को पॉजिटिव रिपोर्ट आई हैं। यादव के अनुसार आजम खान का उपचार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत चल रहा है और उन्हें पृथक-वास में रखा गया है।
 

BIG BREAKING : प्रदेश में 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित, सख्ती के साथ दुकानों के खुलने का समय हुआ तय

BIG BREAKING : प्रदेश में 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित, सख्ती के साथ दुकानों के खुलने का समय हुआ तय

जयपुर | राजस्थान में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने 3 मई से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित किया है | राज्य सरकार ने इन विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सख्त कदम उठाते हुए ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ की गाइडलाइन जारी की है | 

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नई गाइडलाइन के अनुसार, 3 मई सोमवार प्रातः 5 बजे से 17 मई सोमवार प्रातः 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ रहेगा | इस दौरान सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रहेंगे | शुक्रवार 7 मई दोपहर 12 बजे से सोमवार 10 मई प्रातः 5 बजे तक एवं शुक्रवार 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई प्रातः 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू रहेगा |

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सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन प्रातः 5 बजे तक सम्पूर्ण प्रदेश में ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा | कर्फ्यू के दौरान अनुमत श्रेणी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के घूमता हुआ पाया गया, तो उसे संस्थागत क्वारेंटीन कर दिया जाएगा | जब तक कि उसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती है |

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7 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति

सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित थोक एवं खुदरा दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक ही खुल सकेंगी किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें/परिसर सोमवार एवं गुरुवार को प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुलने की अनुमति होगी | ऑप्टिकल संबंधी दुकानें मंगलवार एवं शुक्रवार को प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी |

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मंडियां, फल एवं सब्जियां तथा फूल-मालाओं की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी. ठेलेे, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जियों एवं फलों का विक्रय प्रतिदिन प्रातः 6 से शाम 5 बजे तक की सीमा में अनुमत होगा | डेयरी एवं दूध की दुकानों को प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 एवं शाम 5 से शाम 7 बजे तक खोलने की अनुमति होगी |

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एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा

राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी | साथ ही, फार्मास्यूटिकल, दवाएं एवं चिकित्सा उपकरणों से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति होगी | प्रोसेस्ड फूड, मिठाई, बेकरी एवं रेस्टोरेंट इत्यादि दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी | होम डिलीवरी की सुविधा रात्रि 8 बजे तक ही मिलेगी | विवाह समारोह में अब 50 की जगह 31 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे |

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विवाह समारोह केवल एक ही कार्यक्रम के रूप में अधिकतम 3 घंटे तक आयोजित किया जा सकेगा | विवाह समारोह के संबंध में दिनांक, आयोजन की समयावधि एवं स्थान की पूर्व सूचना उपखण्ड मजिस्ट्रेट को देनी होगी | ईमेल से देने के साथ ही शामिल होने वाले मेहमानों एवं अतिथियों की सूची भी अनिवार्य रूप से देनी होगी | इस सूची के अतिरिक्त कोई भी अतिथि कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेगा | बिना पूर्व सूचना के विवाह समारोह आयोजित करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर 5 हजार रुपए तथा 31 से अधिक व्यक्ति होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा |

लापरवाही : कोरोना संकट के बीच वैक्सीन से भरा मिला लावारिस ट्रक, मध्य प्रदेश में 7 घंटे सड़क किनारे खड़ा रहा

लापरवाही : कोरोना संकट के बीच वैक्सीन से भरा मिला लावारिस ट्रक, मध्य प्रदेश में 7 घंटे सड़क किनारे खड़ा रहा

भोपाल: देश में एक तरफ वैक्सीन की कमी है वहीं मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में कोरोना वैक्सीन से भरा ट्रक लावारिस हालत में मिला है. बताया जा रहा है कि इस ट्रक में दो लाख 40 हजार वैक्सीन मिली हैं. सात घंटे तक ये ट्रक चालू हालात में बिना ड्राइवर के सड़क किनारे खड़ा रहा. ये वैक्सीन से भरा ट्रक हैदराबाद से हरियाणा के करनाल जा रहा था.

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पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर की तलाश में जुटी है, जो वैक्सीन से भरे ट्रक को इंजन ऑन करके इस तरह सड़क किनारे छोड़कर चला गया. हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने नरसिंहपुर से इस ट्रक को रवाना कर दिया है. अलग पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो वैक्सीन गलत हाथों में जा सकती थी और फिर कालाबाजारी होती.

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पुलिस ने बताया, 'हमने मौके पर पहुंचकर वहां देखा कि ट्रक में कोई ड्राइवर या कंडक्टर नहीं था. दस्तावेजों से जानकारी मिली कि ट्रक में कोरोना वायरस की वैक्सीन है. ट्रांसपोर्टर ने बोला कि ड्राइवर से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि दूसरा ड्राइवर भेज रहे हैं, तबतक आप ट्रक की सुरक्षा प्रदान करें.' 

समाजवादी पार्टी के ये सांसद हुए कोरोना संक्रमित, फ़िलहाल सीतापुर जेल में हैं बंद

समाजवादी पार्टी के ये सांसद हुए कोरोना संक्रमित, फ़िलहाल सीतापुर जेल में हैं बंद

सीतापुर (यूपी)। जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खान समेत 13 बंदी कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। जेलर आरएस यादव ने शनिवार को बताया कि रैपिड एंटीजन परीक्षण और आरटीपीसीआर दोनों जांच में सांसद खान समेत 13 बंदी संक्रमित पाए गए।


न्होंने बताया कि बुखार और खांसी की शिकायत पर इन बंदियों की जांच की गई। पहले रैपिड एंटीजन और फिर आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना भेजा गया जिसकी शुक्रवार को रिपोर्ट आई। यादव ने कहा कि आजम खान का उपचार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत चल रहा है और उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है। उनकी हालत स्थिर है और वे चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अन्यइ बंदी भी क्वारंटाइन में उपचाराधीन हैं। जमीन हथियाने और अन्य आपराधिक मामलों में आजम खान अपने बेटे के साथ फरवरी 2020 से सीतापुर जिला कारागार में बंद हैं।
 

इस मशहूर पद्मभूषण सितार वादक का कोरोना संक्रमण से निधन

इस मशहूर पद्मभूषण सितार वादक का कोरोना संक्रमण से निधन

नई दिल्ली। मशहूर सितार वादक पंडित देवव्रत चौधरी उर्फ देबू चौधरी का कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने के बाद शनिवार सुबह निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।
पंडित देबू चौधरी के काफी करीबी रहे संगीतकार जफर मिर्जा नियाजी ने बताया कि उन्होंने शनिवार तड़के इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। देबू चौधरी दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती थे। वहीं हालत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया।


जानकारी के मुताबिक देबू चौधरी को इसी हफ्ते की शुरूआत में कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। इलाज के लिए वह गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती थे और इलाज के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता चला गया। शुक्रवार की सुबह उनकी हालात काफी खराब हो गई तो उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया। शनिवार तड़के उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सेनिया घराने के अगुआ कलाकारों में रहे पंडित देवव्रत चौधरी ने अपने जीवन के छह दशक सितार साधना को समर्पित कर दिए। युवावस्था में ही सितार को अपना लेने वाले देबू चौधरी ने दुनिया भर का दौरा किया और लोगों को अपने सितार की सुर लहरियों से मोहित किया।
देबू चौधरी को देश विदेश में तमाम सम्मान मिले हैं। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता देबू चौधरी को भारत सरकार ने पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कारों से भी सम्मानित किया। शिक्षाविद और लेखक के तौर पर उन्होंने संगीत पर काफी किया है।
 

भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी, नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल

भारत से आने वाले यात्रियों पर अब इस देश ने लगाई पाबंदी, नियमों का उल्लंघन किया तो जाएंगे जेल

सिडनी/नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी जारी है। इसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जाएगा। साथ ही, जुर्माना भी लगाया जाएगा। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार कोरोना मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय पर्यटक और भारत में रह रहे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जो यहां लौटना चाहते हैं, उनके ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह शुक्रवार को लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों का ही हिस्सा है। बता दें कि आस्ट्रेलियाई सरकार ने शुक्रवार को भारत से आने जाने वाली सभी उड़ानों को भी 15 मई, 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया की वजह से लगाए गए इस ताजा प्रतिबंध के बाद कई नागरिक और बड़े क्रिकेट खिलाड़ी भारत में फंस गए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने बताया कि नए प्रतिबंध तीन मई से प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों को पांच साल की जेल और भारी जुर्माना भरा होगा।

अमेरिका ने भारत से आवाजाही रोकी
भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमेरिका ने 4 मई से भारत से आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अमेरिकी सरकार ने सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की सिफारिश पर ये फैसला लिया है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ने और कई तरह के वेरिएंट पाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है।

इन देशों ने लगाए प्रतिबंध
नीदरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड, कुवैत, ओमान, जर्मनी, हांगकांग, सिंगापुर और ईरान जैसे एक दर्जन देशों ने भारत से आने जाने वाली उड़ानों पर पहले से ही रोक लगा रखी है। इसके अलावा इस्राइल समेत कई देशों ने अपने यात्रियों के लिए भारत की यात्रा न करने करने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
 

बिहार के इस बाहुबली नेता का निधन, कोरोना से हारा जंग

बिहार के इस बाहुबली नेता का निधन, कोरोना से हारा जंग

पटना। राजद के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कोरोना संक्रमण के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया, लेकिन एक वक्त वो भी था जब शहाबुद्दीन इंसानों की जान को जान नहीं समझता था।


कहा जाता है कि शहाबुद्दीन की ओर तिरछी नजर करना भी मौत को बुलावा देना माना जाता था। उस वक्त बिहार में आरजेडी की सरकार थी और शहाबुद्दीन आरजेडी के बाहुबली नेता।
 

बड़ी खबर : शादी के दिन दुल्हन की डोली उठने की जगह उठी अर्थी, शादी घर में पसरा मातम

बड़ी खबर : शादी के दिन दुल्हन की डोली उठने की जगह उठी अर्थी, शादी घर में पसरा मातम

सतहरिया | जौनपुर में शुक्रवार को शादी के ही दिन दुल्हन की मौत से कोहराम मच गया। दुल्हन की ड्यूटी कुछ दिन पहले पंचायत चुनाव में लगी थी। ड्यूटी के दौरान ही संक्रमित होने से उसकी तबीयत खराब हो गई थी।
जिले के मुंगराबादशाहपुर नगर के मोहल्ला गुड़हाई निवासी संतोष मोदनवाल की बेटी ज्योति मोदनवाल की शादी 30 अप्रैल को निर्धारित थी। ज्योति प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका थी। उनकी तैनाती मेरठ जिले में हुई थी। वहां पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उनकी डयूटी लगायी गयी थी। ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हो गई।

डयूटी से लौटने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मेरठ में ही जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 28 अप्रैल को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार वालों को सूचना मिली तो कोहराम मच गया। शादी की तैयारी में लगे लोग मेरठ भागे। वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। संक्रमित होने के कारण उसकी लाश भी परिजनों को नहीं मिली।

ज्योति दो बहनों में बड़ी थी। उससे बड़ा एक बड़ा भाई है। ज्योति पर परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। ज्योति की शादी रीवां निवासी एक अध्यापक के साथ तय हुई थी। परिजनों को मलाल इस बात का है कि मौत के बाद भी उसका मुंह तक नहीं देख सके। ज्योति बेहद मेघावी छात्रा थी।

BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

BIG BREAKING : एक बार फिर भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से फिर दहला असम

नई दिल्ली, भूकंप के ताबड़तोड़ झटकों से शुक्रवार को भी असम दहल गया. शुक्रवार शाम को भूकंप का पहला झटका असम के सोनितपुर में शाम 4:49 बजे लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई. वहीं दूसरा झटका सोनितपुर में ही शाम 6:27 बजे लगा, जिसकी तीव्रता 3.2 मापी गई. पिछले दो दिनों में असम में भूकंप के कई झटके लग चुके हैं.


एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को सुबह 7:51 बजे तेजपुर में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप के बाद जिले और मध्य असम में ब्रह्मपुत्र के दोनों तरफ बसे आस-पास के इलाकों में कुल 8 झटके महसूस किए गए. इस कारण लोगों को रात भर जागकर गुजारनी पड़ी. भूकंप से राज्य में भारी नुकसान हुआ है.
एनसीएस के अनुसार, अन्य झटकों की तीव्रता 2.8, 2.6, 2.9, 2.3, 2.7, 2.7 और 2.8 थी जो राज्य में क्रमश: 9:38, 12:24, 1:10, 1:41, 1:52, 2:38 और सुबह 7:13 पर आए. भूकंप के बाद के इन झटकों के चलते किसी ढांचे को नुकसान होने या लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है.