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अस्पताल में 'Love you Zindagi' गाने पर झूमने वाली कोरोना पीड़ित लड़की से रूठी जिंदगी, छोड़ गई इस दुनिया को

अस्पताल में 'Love you Zindagi' गाने पर झूमने वाली कोरोना पीड़ित लड़की से रूठी जिंदगी, छोड़ गई इस दुनिया को

नई दिल्ली, अस्पताल में 'Love you Zindagi' गाने पर झूमने वाली कोरोना पीड़ित लड़की से जिंदगी रूठी गई. वह इस दुनिया को छोड़ कर हम सबके बीच से चली गई. कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया में लव यू जिंदगी गीत पर झूमती इस लड़की का वीडियो वायरल हुआ था. लड़की कोरोना संक्रमित थी. इस लड़की का वीडियो ट्वटिर पर डॉ. मोनिका लांगेह ने शेयर किया था. डॉक्टर के मुताबिक वीडियो में दिख रही इस लड़की को अस्पताल में आईसीयू बेड नहीं मिल पाया था, इसलिए वो कोविड एमरजेंसी वार्ड में एडमिट थी.


डॉक्टर ने बताया था कि कोरोना पीड़ित इस लड़की को एनआईवी (Non Invasive Ventilation) पर रखा गया था. लड़की की जिंदगी बचाने के लिए रेमडेसिविर और प्लाज्मा थेरेपी भी दी जा रही थी.


'उम्मीद मत खोना'


डॉ मोनिका लांगेह ने ट्वीटर पर वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा था, ''यह लड़की मात्र 30 साल की है. कोरोना संक्रमित इस लड़की को आईसीयू बेड नहीं मिल सका है. हालत को संभालने के लिए इस लड़की को कोविड इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है. वह पिछले दस दिनों से यहां भर्ती है. सीखः जिंदगी में हालात कैसे भी उम्मीद मत खोना.''


जब वीडियो वायरल हुआ था तब डॉक्टरों ने बताया था कि लड़की की हालत सुधर रही है और उसे डिस्चार्ज करने पर भी विचार किया जा रहा है. लेकिन, अचानक फिर से लड़की की तबीयत फिर से बिगड़ी और इस बार डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए और वह हमेशा के लिए दुनिया को छोड़कर हमलोग से दूर, बहूत दूर चली गई.

 

पहली ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह की बैठक वर्चुअल रूप में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हुई, जानिए क्या रहे प्रमुख मुद्दे

पहली ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह की बैठक वर्चुअल रूप में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हुई, जानिए क्या रहे प्रमुख मुद्दे

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्रा ने पहली ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक 11-12 मई, 2021 को वर्चुअल रूप में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हुई। भारत ने इसी साल ब्रिक्स का अध्यक्ष पद संभाला है। चर्चा में ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को प्रोत्साहन देने, श्रम बाजारों को आकार देने, श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी और श्रम बाजार मेंघंटे या पार्ट-टाइम के हिसाब से काम करने वालों (गिग) तथा किसी संगठन से जुड़कर काम करने वालों (प्लेटफॉर्म) केरोजगार के मुद्देशामिल थे। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) तथा अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एजेंसी (आईएसएसए) के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी और एजेंडा पर सुझाव दिये। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विशेष सचिव श्रीमती अनुराधा प्रसाद, संयुक्त सचिव श्री आरके गुप्ता, संयुक्त सचिव एवं श्रमिक कल्याण महानिदेशक श्री अजय तिवारी, संयुक्त सचिव सुश्री कल्पना राजसिंहोट और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निदेशक श्री रूपेश कुमार ठाकुर शामिल थे। सामाजिक सुरक्षा समझौते पर सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि आपस में संवाद और चर्चा की जायेगी और समझौतों पर हस्ताक्षर करने की दिशा में कदम बढ़ायेंगे। आईएसएसए और आईएलओ ने अपनी तरफ से इन समझौतों को अमली जामा पहनाने के लिये हर तरह का तकनीकी सहयोग देने की रजामंदी व्यक्त की। सदस्य देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आगे चलकर इस विषय पर एक बहुस्तरीय प्रणाली बनाई जाये। सामाजिक सुरक्षा समझौते से अंतर्राष्ट्रीय मजदूरों को बाहरी देशों में मिलने वाले लाभ को अपने देश में स्थानांतरित करने में सुविधा होगी। इस तरह उनकी मेहनत की कमाई में कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा, मजदूरों को अपने वतन और काम करने वाले देश, दोनों जगह टैक्स आदि देने से छूट मिल जायेगी। श्रम बाजार को आकार देने के हवाले से सदस्य देशों ने रोजगार और कोविड-19 महामारी के दौरान जोखिम के मद्देनजर विभिन्न उपायों पर गौर किया। श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी के हवाले से सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता जाहिर की कि महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जाये और उन्हें सम्मान के साथ काम करने की सुविधा मिले। इसके साथ अनौपचारिक क्षेत्र की महिला मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा कवच भी दिया जाये। महिलाओं की भागीदारी पर कोविड-19 के प्रभाव पर भी चर्चा की गई।

गिग और प्लेटफार्म कामगरों और श्रम बाजार में उनकी भूमिका के मुद्दे पर सदस्य देशों ने गौर किया कि डिजिटल लेबर प्लेटफार्म किस तरह आगे बढ़ रहा है और उसने दुनिया में श्रम प्रक्रिया को पूरी तरह बदल डाला है। इन कामगारों के सामने आने वाली चुनौतियों और विभिन्न उपायों पर भी सदस्य देशों ने चर्चा की, जिसमें सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को विस्तार देने का मुद्दा भी शामिल था।

चर्चा अत्यंत खुले और अनौपचारिक माहौल में हुई। सदस्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने न सिर्फ अपने द्वारा उठाये गये कदमों और उत्कृष्ट व्यवहारों को साझा किया, बल्कि अपनी चिंताओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री इस  तारीख को पीएम-किसान योजना की आठवीं किश्त जारी करेंगे

प्रधानमंत्री इस तारीख को पीएम-किसान योजना की आठवीं किश्त जारी करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 14 मई को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत वित्तीय लाभ की आठवीं किश्त जारी करेंगे। इससे 9.5 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 19,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि हस्तांतरित करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री इस दौरान किसान लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

पीएम-किसान योजना के बारे में जानकारी

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र लाभार्थी किसान परिवारों को 6,000 रुपए प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो चार-चार महीने की अवधि में 2,000 रुपए की तीन समान किश्तों में दिया जाता है। पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डाले जाते हैं। इस योजना के तहत अब तक किसान परिवारों को 1.15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की सम्मान राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 

लॉक डाउन: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 25 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन

लॉक डाउन: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 25 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन

पटना, बिहार में कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए नीतीश कुमार सरकार ने 15 मई तक लॉकडाउन किया हुआ है। अब इसे 25 मई तक बढ़ा दिया गया है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि राज्य में 25 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है।

नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, 'आज सहयोगी मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों के साथ बिहार में लागू लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की गई। लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। अतः बिहार में अगले 10 दिनों अर्थात 16 से 25 मई, 2021 तक लॉकडाउन को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है।'

 

इन राज्यों में आज तेज आंधी के साथ बारिश के आसार

इन राज्यों में आज तेज आंधी के साथ बारिश के आसार

नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से भारी बारिश जारी है। कई जगहों पर बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरने की खबर है। अगले दो से तीन दिन और आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज यानी 13 मई को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत दिल्ली, एनसीआर में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। देश की राजधानी में बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिलेगी। गुरुवार को सुबह से ही मौसम सुहाना बना हुआ है। लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और आसपास के हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्व-पश्चिम चक्रवाती तूफान से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के निचले इलाकों में भी पानी गिरने का अनुमान है।

अरब सागर में चक्रवाती तूफान की संभावना
वहीं अरब सागर में उठने वाली हवाओं से अगले दो तीन दिन उत्तर-पश्चिम भारत में तेज आंधी-तूफान के साथ बौछारें भी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो अरब सागर में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है, चक्रवाती तूफान बनने से उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तूफान और बारिश से तबाही मच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि अरब सागर में उठने वाले चक्रवाती तूफान एक साथ कई समस्याओं को खड़ा कर सकता है। हालांकि उन्होंने इसकी आशंका कम जताई है।

उत्तर पश्चिम भारत में दो दिन से बारिश जारी
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ दो दिनों से बारिश हो रही है। हिमालयी क्षेत्र में आने वाले बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बारिश जारी है।वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से फसलों को नुकसान हुआ है। लगातार दो दिन से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है।
 

Cyclone: कोरोना महामारी के बीच गुजरात में 'तौकाते' की आहट, मचाएगा भारी तबाही!

Cyclone: कोरोना महामारी के बीच गुजरात में 'तौकाते' की आहट, मचाएगा भारी तबाही!

अहमदाबाद, भारत में कोरोना महामारी के बीच गुजरात पर चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. पूर्व-मध्य अरब सागर में आने वाले दिनों में एक चक्रवाती तूफान के आने की संभावना है. संभावना है कि यह चक्रवाती तूफान 17 और 18 मई को गुजरात में तबाही मचा सकता है. हालांकि, इस चक्रवात के पाकिस्तान में करांची के तट से टकराने की संभावना है लेकिन गुजरात के समुद्री किनारे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.

गुजरात में इस तरह के चक्रवाती तूफान की आहट के बाद राज्य के मुख्मयंत्री विजय रूपाणी ने एक बैठक की और तटीय जिलों के अधिकारियों को चौकस रहने एवं जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों का अनुमान है कि पूर्व-मध्य अरब सागर में चक्रवात उत्पन्न होने से सौराष्ट्र और दक्षिणी क्षेत्र समेत गुजरात के तटीय भागों में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

चक्रवात का नाम रखा गया है 'तौकाते'
हालांकि इस बात की तत्काल कोई चेतावनी नहीं है कि चक्रवात, यदि उत्पन्न होता है, तो गुजरात पर असर डालेगा. गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा संभावित चक्रवात, जिसका नाम तौकटे चक्रवात रखा गया है, के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकरियों को जरूरी निर्देश दिये हैं.' उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि यदि चक्रवात उत्पन्न होता है तो वह गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र को प्रभावित करेगा, ऐसे में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है.

14 मई को बन सकता है निम्न दवाब का क्षेत्र
उन्होंने कहा, राज्य के राजस्व विभाग ने भी सभी संबंधित जिलाधिकारियों को कोविड-19 नियमों के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने तटीय जिलों के अधिकारियों को मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मद्देनजर चौकस रहने को कहा है. मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि 14 मई की सुबह को दक्षिण-पूर्व अरब सागर में निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है और उसके दक्षिण पूर्व अरब सागर में उत्तरी -उत्तरी पश्चिमी दिशा में एवं लक्षद्वीप की ओर बढ़ने की संभावना है . उसके अनुसार 16 मई को पूर्व-मध्य अरब सागर में चक्रवात आ सकता है.
 

अब इस जगह में दिखी भयावह तस्वीरें, दाह संस्कार की जगह गंगा किनारे रेती में ही दफना दिये गए शव

अब इस जगह में दिखी भयावह तस्वीरें, दाह संस्कार की जगह गंगा किनारे रेती में ही दफना दिये गए शव

कोरोना काल कैसे कैसे नजारें दिखाएगा। नदियों में शवों को बहाने की घटना सामने आने के बाद उन्नाव से भी भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। यहां गंगा नदी के किनारे ही लोगों ने शवों को रेत में दफना दिया। शुक्लागंज हाजीपुर के रौतापुर गंगा घाट पर रेती में कब्रगाह देख हर कोई चौंक गया है। कहा जा रहा है कि श्मशान घाट पर लकड़ियां कम पड़ने और महंगी मिलने के कारण लोगों ने हिंदू रीति-रिवाजों को छोड़कर शवों को दफनाना शुरू कर दिया है। रौतापुर घाट पर पिछले बीस दिनों से यही देखने को मिल रहा है। दूरदराज से आने वाले लोग शवों को दफन कर रहे हैं। बुधवार को ही यहां आए 16 शवों में 13 को रेती में दबा दिया गया।
कोरोना महामारी के अलावा भी कई बीमारियों से मौतें हो रही हैं और प्रशासन आंकड़ों की बाजीगरी में व्यस्त है। गंगा के तमाम घाट, जहां लोग महीनों में जाते थे, वहां अब अंतिम संस्कार की लाइन लग रही है। बुधवार को समाचार टीम को ग्रामीणों से पता चला कि हाजीपुर चौकी क्षेत्र के रौतापुर घाट पर चार सौ से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इनमें ज्यादातर दफनाए गए हैं। रोज एक दर्जन से अधिक अंतिम संस्कार हो रहे है। जिसकी गिनती बीस दिन पहले महज 2 से 3 थी। रौतापुर घाट पर पिपरी, लंगड़ापुरवा, मिर्जापुर, भटपुरवा, राजेपुर, कनिकामऊ समेत दो दर्जन गांवों के लोग यहां अंतिम संस्कार करने आते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि घाट पर लकड़ियां न होने से वहां की स्थिति अति भयावह है। जो इंतजाम कर लेता है वह तो चिता सजाता है वर्ना ज्यादातर शवों को रेती में दफना दे रहे हैं। हालत यह है कि घाट पर अब शवों को दफनाने की जगह तक नहीं बची है। इससे अंतिम संस्कार करने आने वालों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। न लकड़ी है और न जगह। बुधवार को घाट पर करीब 16 शव पहुंचे। घाट से दो सौ से तीन सौ मीटर दूरी पर छह फीट से अधिक गड्ढा खोदकर दफनाया गया। लोगों का कहना है कि बाढ़ के दिनों में यही शव बहकर गांव के आसपास पहुंचेंगे, जिससे बीमारियां फैलेगी। गंगा का जल प्रदूषित होगा। एसीएम सदर सत्यप्रिय का कहना है कि गंगा किनारे अंतिम संस्कार का चलन है, यदि सैकड़ों की संख्या में शव दफनाए गए हैं तो इसकी जांच कराएंगे। पूरी रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
बुधवार को दोपहर तक पहुंचे सोलह शव
ग्रामीण क्षेत्र के लोग हाजीपुर चैकी क्षेत्र के रौतापुर घाट पर अंतिम संस्कार कराने पहुंचते हैं। जहां बुधवार को सोलह शव दोपहर तक आये। जिसमें 13 शवों को ग्रामीणों ने घाट के पास खाली पड़ी रेत में दफना दिया। घाट पर जगह न मिलने पर तीन शवों को करीब 200 से 300 मीटर की दूरी पर एक नये स्थान पर दफनाया गया।
मजबूरन छोड़ रहे हिंदू रीति रिवाज
घाट पर अंतिम संस्कार कराने पहुंचे लोगों से जब समाचार टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में काम धंधा चौपट है। क्रियाकर्म कराने के लिए कम से कम 8 से 10 हजार का खर्च आता है। जो इस समय उनके लिए बहुत बड़ी रकम है। इसलिए हिन्दू परम्परा को ताक पर रखकर वे लोग शव को मिट्टी में ही दफनाने को मजबूर हैं।

 source: Hindustan News

BIG BREAKING : राज्य में 15 दिन लॉक डाउन बढाने का प्रस्ताव, सीएम लगाएंगे मुहर!

BIG BREAKING : राज्य में 15 दिन लॉक डाउन बढाने का प्रस्ताव, सीएम लगाएंगे मुहर!

मुंबई, कोरोना का भयावह कहर झेल रहे महाराष्ट्र में एक बार फिर लॉकडाउन की मियाद बढ़ाया जाना लगभग तय है. इसे इस बार 31 मई तक बढ़ाया जाएगा . इसके साथ ही राज्य में पहले की तरह जरूरी सेवाओं के लिए दी गई छूट जारी रहेगी. लॉकडाउन को लेकर हुई एक अहम बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे 31 मई तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा
आज हुई कैबिनेट बैठक के बाद राज्य से स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि बैठक में स्वास्थ्य विभाग और मंत्रालयों ने और 15 दिन के लिए लॉकडाउन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. इस बारे मे अंतिम फैसला सीएम उद्धव ठाकरे लेंगे.


मौजूदा लॉकडाउन की मियाद 15 मई को खत्म हो रही है. इससे पहले मंगलवार को ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने संकेत दिया था कि इस लॉकडाउन को और आगे बढ़ाया जा सकता है. राज्य में कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए उद्धव सरकार ने सबसे पहले 22 अप्रैल से 1 मई तक लॉकडाउन जैसे बेहद कड़े प्रतिबंध लगाए थे. इसके बाद इन प्रतिबंधों को और कड़ा करते हुए इसे 15 मई तक बढ़ा दिया गया.
राज्य में इस लॉकडाउन का असर भी दिख रहा है. पिछले कुछ दिनों ने राज्य में कोरोना के मामले में लगातार कमी देखी जा रही है. आज भी इस महामारी की वजह से महाराष्ट्र में 793 लोगों की मौत हुई है.

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत 12 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को लिखा संयुक्त पत्र, पढ़े पूरी खबर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत 12 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को लिखा संयुक्त पत्र, पढ़े पूरी खबर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत 12 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखते हुए उनके नि:शुल्क व्यापक कोविड रोधी टीकाकरण करने और सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की. इसके साथ ही, उनसे वैक्सीन संकट खत्म करने की दिशा में कदम उठाने को कहा. बुधवार को विपक्षी दलों की तरफ से लिखे गए पत्र में यह कहा गया कि सभी उपलब्ध स्त्रोतों (वैश्विक और घरेलू) से वैक्सीन की खरीद करें. इसके साथ ही, घरेलू वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य लाइसेंस की व्यवस्था को खत्म करें.

वैक्सीन के लिए हो 35 हजार करोड़ का इस्तेमाल

विपक्षी दलों की तरफ से लिखे गए इस पत्र में प्रधानमंत्री मोदी से यह कहा गया- "बजट में आवंटित 35,000 करोड़ का इस्तेमाल वैक्सीन के लिए केन्द्र सरकार करे. देशभर में तुरंत एक नि:शुल्क, सार्वभौमिक सामूहिक वैक्सीनेशन अभियान भी केन्द्र सरकार की तरफ से शुरू किया जाए. इसके साथ ही, ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन, ऑक्सीजन और मेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए प्राइवेट ट्रस्ट फंड की बेनामी संपत्तियों और पीएम केयर्स फंड के पैसे जारी किए जाएं."


सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रोके सरकार

विपक्षी दलों ने पत्र में आगे लिखा है कि सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्य को रोका जाए. इसकी जगह पर उन आवंटित पैसों को ऑक्सीजन और वैक्सीन की खरीद के लिए खर्च किया जाए. पत्र में विपक्षी दलों ने कहा- लाखों ‘अन्नदाताओं’ को महामारी की चपेट में आने से बचाने के लिए नए कृषि कानूनों को निरस्त कीजिए. सभी बेरोजगार लोगों को 6 हजार रुपये प्रति महीने दीजिए, जरूरतमंदों को नि:शुल्क अनाज उपलब्ध कराएं.


विपक्षी दलों के जिन नेताओं ने पीएम मोदी को पत्र लिखा उनमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, एचडी देवगौड़ा, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, जेएमएम चीफ हेमंत सोरेन, फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, डी. राजा और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी शामिल हैं.

 

लगातार दूसरे दिन दैनिक नए मामलों की तुलना में नई रिकवरी जानिए कैसी रही, पढ़े खबर विस्तार से

लगातार दूसरे दिन दैनिक नए मामलों की तुलना में नई रिकवरी जानिए कैसी रही, पढ़े खबर विस्तार से

 भारत के कुल सक्रिय मामले गिरकर आज 37,04,99 तक आ गए हैं। यह अब देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 15.87 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में 11,122 मामलों की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है। यह सक्रिय मामलों में लगातार दूसरे दिन की गिरावट है। भारत के कुल सक्रिय मामलों के 82.51 प्रतिशत में 13 राज्यों की भागीदारी है। भारत की कुल रिकवरी आज 1,93,82,642हो चुकी है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 83.04 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में 3,55,338 रिकवरी दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन दैनिक नए मामलों की तुलना में नई रिकवरी की संख्या अधिक रही।नई रिकवरी के 71.58 प्रतिशत में दस राज्यों की भागीदारी है। भारत सरकार ‘समग्र सरकार’दृष्टिकोण के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित गति से वैश्विक सहायता की डिलीवरी कर रही है जिससे कि कोविड प्रबंधन में उनके प्रयासों में तेजी लाई जा सके। भारत को वैश्विक सहायता के रूप में अभी तक प्राप्त 9,200ॅक्सीजन कंसंट्रेटर्स, 5,243क्सीजन सिलेंडर, 19क्सीजन जेनेरेशन प्लांट, 5,913 वेंटिलेटर/बीआई पीएपी तथा 3.44 लाख रेमडेसिविर शीशियां राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वितरित/भेजे जा चुके हैं जिससे कि कोविड से निपटने में उनके प्रयासों को सुदृढ़ बनाया जा सके तथा उनकी सहायता की जा सके। केंद्रीय सरकार त्वरित सीमाशुल्क मंजूरियों और हवाई मार्ग तथा सड़क के उपयोग द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वैश्विक सहायता की युक्तिसंगत और शीघ्र डिलीवरी सुनिश्वित कर रही है। दूसरी तरफ, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कवरेज के तीसरे-चरण के और विस्तार के साथ देश में लगाये गए कोविड-19 टीकों की कुल संख्या आज 17.52 करोड़ से अधिक हो गई है। आज सुबह 7बजे की अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार,25,47,534 सत्रों के जरिये कुल मिला कर 17,52,35,991टीके लगाये जा चुके हैं। इनमें 95,82,449 एचसीडब्ल्यू शामिल हैं जिन्होंने पहली खुराक ली है जबकि 65,39,376 एचसीडब्ल्यू ने दूसरी खुराक प्राप्त की है,1,41,49,634 एफएल्डब्ल्यू (पहली खुराक)79,52,537 एफएल्डब्ल्यू (दूसरी खुराक)18-45 आयु समूह के 30,44,463 लाभार्थियों ने पहली खुराकऔर 45 से 60 वर्ष की आयु के बीच के 5,58,83,416 लाभार्थियों ने पहली खुराक तथा 78,36,168 लाभार्थियों ने दूसरी खुराक प्राप्त की है। 60 वर्ष से अधिक आयु के 5,39,59,772 लाभार्थियों ने पहली खुराक तथा 1,62,88,176 लाभार्थियों ने दूसरी खुराक प्राप्त की है।


जानिए प्रधानमंत्री ने किनके प्रति अपनी कृतज्ञता जताई, पढ़े पूरी खबर

जानिए प्रधानमंत्री ने किनके प्रति अपनी कृतज्ञता जताई, पढ़े पूरी खबर

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सिंग स्टाफ के प्रति कृतज्ञता जताई है प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस कड़ी मेहनत करने वाले नर्सिंग स्टाफ के प्रति कृतज्ञता जताने का दिन है जो कोविड-19 से लड़ने में अग्रिम पंक्ति में हैं। कर्त्‍तव्य के प्रति उनकी भावना, करुणा और एक स्वस्थ भारत की दिशा मे उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय है। 

BIG BREAKING : इस केमिकल फैक्टरी में लगी भीषण आग, मौके पर दमकल की 10 गाड़ियां

BIG BREAKING : इस केमिकल फैक्टरी में लगी भीषण आग, मौके पर दमकल की 10 गाड़ियां

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बुलंदशहर रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में एक केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने एक अन्य फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि आग से केमिकल के ड्रम फट रहे हैं। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया में बुलंदशहर रोड स्थित F-23 मिथाइल पिगमेंट फैक्टरी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग फैलती गई और पास की एक फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया।
केमिकल रिसाव के कारण फैक्टरी के बाहर खड़ी कार भी आग की चपेट में आने से जल गई है। धुआं दूर तक फैला है। सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची।
एनडीआरएफ की टीम को भी आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कविनगर भी मौके पर पहुंच गए हैं। आग लगने की वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
 

BIG BREAKING : अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लगी आग, आईसीयू से सुरक्षित निकाले गए 70 मरीज

BIG BREAKING : अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लगी आग, आईसीयू से सुरक्षित निकाले गए 70 मरीज

अहमादाबाद। गुजरात के भावनगर स्थित एक निजी अस्पताल में आग लग गई है। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल मच गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आग लगी है। उसी मंजिल पर आईसीयू वॉर्ड भी थे, हादसे के दौरान आईसीयू में 70 मरीज भर्ती थे। हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, इसमें कई मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहीं आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग नियंत्रित करने में जुटी है। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूचना मिली की जनरेशन अस्पताल में भीषण आग लग गई। आनन फानन में दमकल की गाड़ियों के साथ यहां पर पहुंचे और आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। आग के बाद अस्पताल के बाहर काले धुएं निकलने लगे।
 

सेक्स रैकेट : लॉकडाउन के बीच शहर के इस क्षेत्र में 20 साल से चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, संचालिका सहित 3 युवतियां गिरफ्तार

सेक्स रैकेट : लॉकडाउन के बीच शहर के इस क्षेत्र में 20 साल से चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, संचालिका सहित 3 युवतियां गिरफ्तार

भिंड | लॉक डाउन के बीच मध्य प्रदेश के भिंड जिले से सेक्स रैकेट का एक नया मामला सामने आया है | खबर मिली है कि भिण्ड पुलिस  ने कर्फ्यू के दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के विनोद नगर में बीस वर्षों से चल रहे एक सैक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सैक्स कारोबार चला रही संचालिका सहित तीन युवतियों को गिरफ्तार कर प्रकरण पंजीबद्ध किया है। यह सफलता पुलिस को तब मिली जब एक आरक्षक , ग्राहक  बनकर विनोद नगर में चल रहे इस मकान में पहुंचा और 6 हजार रुपये में युवती का सौदा किया और आधी रकम एडवांस देकर ग्राहकी पक्की भी कर ली।


जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह को किसी ने सूचना दी के विनोद नगर में एक महिला के घर पर काफी दिनों से संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही है। इस पर से पुलिस अधीक्षक सिंह ने डीएसपी पूनम थापा को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी। डीएसपी थापा ने एक आरक्षक को ग्राहक बनाकर विनोद नगर भेजा और सौदा तय करवाया। इसके बाद आरक्षक के इशारे पर छापामार कार्रवाई कर इस सेक्स रैकेट की संचालिका और तीन युवतियों को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस सभी को पकड़ कर थाने लाई और विभिन्न धाराओं में इन सभी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

बता दें कि शहर के कई होटलों और रिहायशी इलाकों में इस तरह के अन्य कारोबार चलने की भी सूचनाएं सामने आ रही है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही इस तरह के अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी एसपी श्री सिंह ने डीएसपी पूनम थापा और उनकी टीम को अच्छी कार्रवाई करने के लिए शाबाशी भी दी है।
बड़ी खबर: ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 11 कोरोना संक्रमित मरीजों की दर्दनाक मौत, मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश

बड़ी खबर: ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 11 कोरोना संक्रमित मरीजों की दर्दनाक मौत, मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश

तिरुपति, यहां सरकारी रुइया अस्पताल में सोमवार देर रात आईसीयू के अंदर ऑक्सीजन की आपूर्ति में समस्या के कारण कम से कम 11 कोविड-19 रोगियों की मौत हो गई. चित्तूर के जिलाधिकारी एम हरि नारायणन ने यह जानकारी दी.
सिलेंडर रिफिल करने में लगा वक्त
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर को फिर से लोड करने में पांच मिनट लगे जिससे आक्सीजन आपूर्ति कम होने से मरीजों की मौत हो गई. हरि नारायणन ने कहा, "ऑक्सीजन की आपूर्ति पांच मिनट के भीतर बहाल हो गई और सब कुछ अब सामान्य हो गया है. इसकी वजह से हम अधिक मरीजों की मौत को रोक सके." लगभग 30 डॉक्टरों को मरीजों की देखरेख करने के लिए तुरंत आईसीयू में भेजा गया.
मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है. मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने जिला कलेक्टर से बात की और निर्देश दिया कि घटना की विस्तृत जांच की जाए. जगन ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो.

 

गंगा में बहती मिलीं करीब 40 लाशें, कोरोना से मौत की आशंका से सहमे लोग?

गंगा में बहती मिलीं करीब 40 लाशें, कोरोना से मौत की आशंका से सहमे लोग?

यूपी के हमीरपुर-कानपुर बाद अब बिहार-यूपी सीमा पर गाजीपुर से बक्सर तक गंगा नदी में दर्जनों लाशें दिखाई देने से हड़कंप मचा है। कोरोना से मौत के बाद इन्हें गंगा में बहाने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। यूपी सीमा पर स्थित होने से अधिकारी उधर से ही लाशों के बहकर आने की बात कह रहे हैं।
यूपी के गाजीपुर के बारा गांव से लेकर बक्सर जिले के चौसा श्मशान घाट तक सोमवार को गंगा व कर्मनाशा नदी में करीब 35-40 लाशें बहती देखी गईं। वहीं, गाजीपुर जिले में भी करीब पांच-छह लाशों को गंगा के किनारे देखा गया। हालांकि, ग्रामीण इससे भी अधिक लाशें होने की बात कह रहे हैं।
उनका कहना है कि संक्रमितों के मर जाने के बाद बहुत लोग गंगा व कर्मनाशा नदियों में जलप्रवाह कर चले जा रहे हैं, जो लाशें बाद में किनारे पर लग जा रही हैं। वहीं, डीएम अमन समीर ने इस मामले के उजागर होने के बाद शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि यूपी की ओर से लाशें बहकर सीमा में आ गई हैं।
बताया गया है कि चौसा श्मशान घाट के पास स्थानीय लोगों ने सुबह में अधिक संख्या में लाशों को तैरते हुए देखा। कुछ लाशें सड़ी-गली अवस्था में भी थीं। इससे दुर्गंध आ रही थीं। श्मशान घाट के आसपास के लोगों को रहना मुश्किल हो गया था। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। डीएम ने लाशों के बारे में पता लगाने के लिए सदर एसडीओ केके उपाध्याय को भेजा।
सदर एसडीओ ने वहां जाकर गाजीपुर के सेवराईं के एसडीओ के साथ मिलकर घाट का निरीक्षण किया। घाट पर करीब 30 से 35 लाशों को देखा गया। इसके बाद डीएम ने बताया कि गाजीपुर की ओर से लाशें तैरते हुए इधर घाट पर किनारे लग गई हैं। स्थानीय किसी की लाश होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं, सेवराई एसडीएम रमेश मौर्या का कहना है कि गाजीपुर की सीमा में गंगा के किनारे कोई शव नहीं मिला है। गंगा के किनारे के गांवों में एक-दो शव होने की सूचना मिली थी। इसका पता लगाया जा रहा है। 

बारात जाने को थी तैयार, घुड़चढ़ी से पहले ब्लेड लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई प्रेमिका और फिर...

बारात जाने को थी तैयार, घुड़चढ़ी से पहले ब्लेड लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई प्रेमिका और फिर...

घुड़चढ़ी से पहले दूल्हे के घर पहुंची उसकी प्रेमिका ने हाईवोल्टेज ड्रामा किया। बारात जाने की तैयारी में जुटे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ जमा हो गई। प्रेमिका ने ब्लेड से हाथ की नस काटने की धमकी दी। लोगों ने किसी तरह उसे शांत कर कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद दूल्हा बारात लेकर जा सका। दोपहर तक प्रेमिका को कमरे में ही बंद रखा गया। घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है।

शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक के पड़ोस में ही किराये पर रहने वाली युवती से प्रेम संबंध हो गए थे। बताया जाता है कि युवती अपनी मां के साथ वहां किराए पर रहती है। इस बीच युवक की हसनपुर में शादी तय हो गई। युवती ने इसका विरोध किया तो युवक ने उसे समझा-बुझाकर किसी तरह शांत करा दिया। युवक सोमवार को दूल्हा बनकर बारात लेकर हसनपुर जा रहा था। इससे पहले कि उसके घर पर घुड़चढ़ी का कार्यक्रम शुरू होता तभी युवती हाथ में ब्लेड लेकर वहां धमक पड़ी।

युवती ने हंगामा करते हुए हाथ की नस काटकर जान देने की धमकी देने लगी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। युवक की घुड़चढ़ी भी रुक गई। तभी कुछ लोगों ने युवती को समझाकर उसके हाथ से ब्लेड छीना और उसी के कमरे में बंद कर दिया। आनन-फानन में बारात हसनपुर के लिए रवाना की गई। दोपहर तक युवती कमरे में ही बंद रही। घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। प्रभारी निरीक्षक आरपी शर्मा ने ऐसी किसी घटना की जानकारी से इनकार किया। तहरीर मिलने पर जांच और कार्रवाई करने की बात कही। 

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज प्रधानमंत्री ओली विश्वासमत, पढ़े पूरी खबर

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज प्रधानमंत्री ओली विश्वासमत, पढ़े पूरी खबर

काठमांडू, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली संसद के निचले सदन में विश्वासमत हार गए हैं. ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी. निचले सदन में कुल 232 वोट डाले गए. 93 सांसदों ने ओली के पक्ष में मत किया. वहीं 124 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट किया. 15 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. प्रतिनिधि सभा के विशेष सत्र में आज ओली ने औपचारिक रूप से विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सभी सदस्यों से इसके पक्ष में मतदान करने की अपील की. बता दें कि पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली की सरकार अल्पमत में आ गई थी. इसके बाद उन्हें निचले सदन में बहुमत साबित करना था. बता दें कि नेपाल में राजनीति संकट पिछले साल 20 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की अनुशंसा पर संसद को भंग कर 30 अप्रैल और 10 मई को नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया. ओली ने यह अनुशंसा सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच की थी.

 

अच्छी खबर : ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने एक दिन में रिकॉर्ड इतने मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की

अच्छी खबर : ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने एक दिन में रिकॉर्ड इतने मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की

भारतीय रेलवे वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रहा है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 295 टैंकरों में 4700 मीट्रिक टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।

ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस द्वारा कल एक दिन में रिकॉर्ड 831 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन की ढुलाई की गई।

इस अभियान के अंतर्गत अब तक 75 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

भारतीय रेलवे, राज्यों की मांग पर यथासंभव मात्रा और कम से कम समय में तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है और इस पर लगातार काम कर रहा है।

अब तक महाराष्ट्र को 293 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 1334 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 306 मीट्रिक टन, हरियाणा को 598 मीट्रिक टन, तेलंगाना को 123 मीट्रिक टन, राजस्थान को 40 मीट्रिक टन और दिल्ली को 2011 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।

कर्नाटक के लिए पहली ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस अपने मार्ग पर है। झारखण्‍ड के टाटानगर से निकली यह ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की बंगलूरू में डिलीवरी करेगी।

रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। कुछ और ऑक्सीजन एक्सप्रेस देर रात अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकती हैं।

 

यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च का कोई प्रावधान नहीं किया है: वित्त मंत्रालय

यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च का कोई प्रावधान नहीं किया है: वित्त मंत्रालय

यह ‘द प्रिंट’ में आयी खबर“मोदी सरकार के टीकाकरण वित्त पोषण का सच: राज्यों का खर्च 35,000 करोड़ रुपए, केंद्र का शून्य’’ के संदर्भ में है।

यह कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। 'राज्यों को हस्तांतरण' शीर्षक के साथ अनुदान संख्या 40 के लिए मांग के तहत35,000 करोड़ रुपये कीराशि दिखायी गयी है। टीके वास्तव में इस खाते के माध्यम से केंद्र द्वारा हासिल किए और खरीदे जा रहे हैं। इस अनुदान की मांग के उपयोग के कई प्रशासनिक फायदे हैं। सबसे पहले, क्योंकि टीका पर खर्च स्वास्थ्य मंत्रालय की केंद्र द्वारा प्रायोजित सामान्य योजनाओं के बाहर होने वाला एक-व्यय है, अलग-अलग धन इन कोषों की आसान निगरानी और प्रबंधन सुनिश्चित करता है। साथ ही, इस अनुदान को अन्य मांगों पर लागू होने वाले तिमाही व्यय नियंत्रण प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है।

इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि टीकाकरण कार्यक्रम में कोई बाधा न आए। टीकाकरण के लिए ‘राज्यों को हस्तांतरण’ के तहत प्रदान की गई राशि वास्तव में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। राज्यों को अनुदान के रूप में टीके दिए जाते हैं और राज्यों द्वारा टीकों का वास्तविक प्रशासन किया जाता है। इसके अलावा, अनुदान के प्रकार और अन्य रूपों में अनुदान के बीच योजना की प्रकृति को बदलने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक लचीलापन है।

इसलिए, जैसा कि खबर में ही बताया गया है, टीकाकरण के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए "बजट वर्गीकरण वास्तव में कोई मायने नहीं रखता है।" ‘राज्यों को हस्तातंरण' शीर्षक वाली मांग के उपयोग का अर्थ यह नहीं है कि केंद्र द्वारा व्यय नहीं किया जा सकता है।