नईदिल्ली। देश कोरोना संक्रमण के साथ ऑक्सीजन की किल्लत से भी जूझ रहा है। प्रदेशों में ऑक्सीजन की समस्या को दूर करने केंद्र सरकार यथासंभव प्रयास कर रही है। इस कड़ी में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों को ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
ज्ञातव्य है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते लोगों की जान आफत में है। इसी कमी को दूर करने इन राज्यों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की गई है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने रविवार को बताया कि हम ऑक्सीजन एक्सप्रेस की आवश्यकता को लेकर दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की राज्य सरकारों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित राज्यों में 10 ऑक्सीजन टैंकर पहुंच चुके हैं, जबकि नौ अभी रास्ते में हैं।
दिल्ली के बारे में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि हमारी चर्चा चल रही है। हम जिंदल के रायगढ़ प्लांट से चार टैंकर रवाना करने ही वाले हैं। वहां टैंकर लोड हो रहे हैं। रेलवे वहां वैगन भेज चुका है और वो तैयार हैं। जैसे ही टैंकर भर दिए जाएंगे वैगन रवाना हो जाएगी।
एक ऑक्सीजन विशेष ट्रेन में चार टैंकर
शर्मा ने बताया कि एक ऑक्सीजन विशेष ट्रेन में चार टैंकर होते हैं। इनमें प्रत्येक टैंकर में 70 टन तरल गैस होती है। ये आज जिंदल स्टील के रायगढ़ प्लांट से आज रात दिल्ली कैंट के लिए रवाना होंगे।
भोपाल | मंत्रालय संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि पांच दिन में मंत्रालय के तीन कर्मचारियों को कोरोना मौत हो चुकी है। 20 अप्रैल को एकाउंट शाखा के दफ्तरी प्रदीप बाथम, 22 अप्रैल को लोक प्रबंधन विभाग में सहायक अनुभाग अधिकारी शीला पंजवानी और आज 24 अप्रैल को उद्योग विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी शेरू खान की कोरोना से मौत हो गई है। दूसरी लहर में 60 संक्रमित - मंत्रालय में पदस्थ करीब 147 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 60 दूसरी लहर फरवरी 2021 में अब तक इसकी चपेट में आ चुके हैं। इसमें प्रमुख सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी दीप्ति गौड़ मुखर्जी सहित अन्य अफसर भी शामिल हैं। सरकार ने मंत्रालय में उपस्थिति दस प्रतिशत कर दी है लेकिन मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा है कि मंत्रालय को 15 दिन के लिए बंद करना चाहिए।
भिंड | कोरोना कर्फ्यू में तय गाइडलाइन पर अमल करते हुए उसे यादगार बना सकते हैं। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने आगामी दिनों में होने वाली शादियों में दूल्हा-दुल्हन से अपील करते हुए कहा है कि अगर वे शादी में केवल दस लोगों को ही बुलाएंगे तो उन्हें एसपी आवास में डिनर दिया जाएगा। वहीं लहार एसडीएम आरएस प्रजापति भी नवदंपति को सम्मानित करेंगे। दरअसल, कोरोना संक्रमण को रोकने जिला प्रशासन के अधिकारी शादी समारोह में वर पक्ष से पांच और वधु पक्ष से पांच यानी दस लोगों के साथ वैवाहिक संस्कार पूरे करने की अपील कर रहे हैं। मनोज कुमार सिंह ने बताया कि डिनर के लिए नवदंपति का बकायदा निमंत्रण पत्र भी भेजा जाएगा। वर-वधु को आवास पर बुलाने के लिए सरकारी वाहन भी भेजा जाएगा। पायलट वाहन वर-वधु के वाहन को फॉलो करेगा। डिनर के बाद इसी सम्मान से उन्हें घर भी छोड़ा जाएगा। लहार एसडीएम आरए प्रजापति ने बताया कि लहार अनुविभागीय क्षेत्र में पांच-पांच सदस्य वर और वधु पक्ष के साथ शादी समारोह आयोजित होने की अपील की गई है। इसे मानने पर वे ऐसे वर-वधु को आशीर्वाद देने पहुंचेगे।
मुरैना | कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से सरकारी अस्पतालों का भी दम फूल गया है। ऐसे में मुरैना के निजी अस्पताल संचालकों ने बड़ी पहल की है। 15 निजी अस्पतालों के संचालकों ने अपने-अपने यहां से पलंग व अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर एक संयुक्त अस्पताल तैयार कर लिया है। यहां कोरोना मरीज को डॉक्टरों की देखरेख, पलंग, दवाओं से लेकर ऑक्सीजन तक नि:शुल्क मिलेगी। सफाई कर्मचारी, वार्ड ब्वॉय व देखरेख के लिए लगाए गए कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए एक हजार रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा।
संचालन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मुरैना नर्सिंग एसोसिएशन द्वारा किया जाएगा। जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड व आईसीयू फुल होने के बाद कलेक्टर बी. कार्तिकेयन व एसपी सुनील कुमार पांडेय ने निजी अस्पतालों के संचालकां के साथ बैठक कर यह सुझाव दिया था, जिस पर 15 ने सहमति दे दी थी। प्रशासन ने कहा था कि इलाज की इतनी राशि तय कर लें, जिससे कोरोना मरीज पर ज्यादा भार न पड़े। इस सुझाव पर अस्पताल संचालकों ने स्वेच्छा से तय किया कि अस्पताल को नि:शुल्क चलाएंगे। सभी अस्पतालों ने अपने यहां से पलंग व अन्य संसाधन मिल एरिया रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में भेजें, जहां 40 बिस्तर का अस्थायी कोरोना अस्पताल लगभग तैयार कर हो गया है। करीब 15 पलंगों को ऑक्सीजन सप्लाई से जोड़ा जा रहा है। बाकी के पलंग सामान्य लक्षण वाले मरीजों के लिए रहेंगे।
अस्पताल रविवार से शुरू कर दिया जाएगा। मरीज को ऑक्सीजन, निजी डॉक्टरों के परामर्श की फीस या पलंग चार्ज कुछ भी नहीं देना होगा। उधर 50 लाख रुपये की लागत से अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में एक हिस्से में ऑक्सीजन प्लांट लगभग तैयार हो चुका है। इसमें बन रही ऑक्सीजन की टेस्टिंग चल रही है। इसके बाद रविवार से इसके शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इस ऑक्सीजन प्लांट में एक मिनट में 600 लीटर ऑक्सीजन बनेगी, जो ऑक्सीजन सपोर्ट में रह रहे 65 से 70 मरीजों के लिए पर्याप्त होगी। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट में 120 पलंग हैं, यानी लगभग आधे पलंगों पर इस प्लांट से भरपूर ऑक्सीजन मिलेगी। इसके बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई से पलंग बढ़ाकर 200 करने की योजना पर काम होगा।
नई दिल्ली, कोरोना महामारी की दूसरी लहर में वायरस के नए स्वरूप काफी तेज हो चुके हैं। अलग-अलग राज्यों से डबल और ट्रिपल म्यूटेशन की खबरें आ रही हैं लेकिन वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को गलत बताते हुए कहा है कि समय के साथ-साथ वायरस में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अगर वायरस के इन आनुवांशिक परिवर्तन को समझना है तो उसके लिए म्यूटेशन इत्यादि के बारे में जानना चाहिए। डबल या ट्रिपल म्यूटेशन के नाम से लोगों में काफी पैनिक भी है।
हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार नए स्पाइक म्यूटेशन पहले की तुलना में काफी शक्तिशाली हैं। इनके तेजी से फैलने के साक्ष्य अधिक नहीं है लेकिन लोगों की इम्यूनिटी को तोड़ने में जरूर इनकी भूमिका रहती है। फेफड़ों पर तेजी से हावी होना, मरीज में उच्च संक्रमण की स्थिति बताना और तीन से चार दिन में ही सांस लेने में दिक्कतें पैदा करना इनके लक्षण हैं।
हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के दिव्य तेज सोवपति ने बताया कि जीनोम सीक्वेसिंग के जरिये उनके पास हर दिन जानकारी अपडेट हो रही है। अभी दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में नए स्पाइक म्यूटेशन देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं पर किए अध्ययन में पता चला है कि कोवाक्सिन और कोविशील्ड वैक्सीन नए वेरिएंट्स पर असरदार हैं।
पिछले साल ही मिल था बी.1.618
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में बी.1.618 की पुष्टि पिछले साल अक्तूबर में हुई थी लेकिन मार्च में यहां से आए सभी सैंपल में यह मिला है। इससे अधिक चिंता की बात यह है कि इस नए वेरिएंट में डीईएल145-146 और ई484के दोनों म्यूटेशन एकसाथ देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों ही म्यूटेशन की पहचान इम्युनिटी को कमजोर करने में हुई है।
एक ही स्ट्रेन में 15 से ज्यादा स्पाइक म्यूटेशन
ई484के म्यूटेशन इससे पहले बी1.351नामक स्ट्रेन में भी मिल चुका है। इनके अलावा यह बी1.617 में भी मिला था लेकिन इसे डबल या ट्रिपल नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बी1.617 नामक यह स्ट्रेन कुछ समय पहले सामने आया था जिसमें अब तक 15 से भी ज्यादा म्यूटेशन हम देख चुके हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ में इसे सबसे पहले तलाशा गया था उस दौरान इसका नाम डबल म्यूटेशन इसलिए रखा गया क्योंकि इसमें एल452आर और ई484क्यू स्पाइक म्यूटेशन मिले थे। लेकिन कुछ ही दिन बाद बी1.617 से एल452आर गायब हो गया और अब ई484क्यू स्पाइक म्यूटेशन ही मिल रहा है। इसलिए अब इसे डबल म्यूटेशन का नाम नहीं दिया जा सकता है।
ट्रिपल म्यूटेशन की थ्योरी भी है गलत
पश्चिम बंगाल में मिले बी1.618 को ट्रिपल म्यूटेशन बोलना भी गलत है क्योंकि इसमें एल452आर और ई484क्यू के अलावा वी382एल स्पाइक म्यूटेशन मिला है। एल452आर म्यूटेशन तो पहले ही गायब हो चुका है। वहीं ई484क्यू के साथ इसकी मौजूदगी के अब तक बहुत अधिक साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए अभी हमें वी382एल स्पाइक म्यूटेशन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहा है। हमें इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, इससे सतर्क रहने की जरूरत है। बहुत से अपने हमें असमय छोड़कर चले गए।
उन्होंने कहा कि इस समय हमें इस लड़ाई को जीतने के लिए एक्सपर्ट और वैज्ञानिक सलाह को प्राथमिकता देनी है। राज्य सरकार के प्रयत्नों को आगे बढ़ाने में भारत सरकार पूरी शक्ति से जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उससे कहीं ज्यादा लोग रिकवर भी हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करता हूं, आपको अगर कोई भी जानकारी चाहिए हो, कोई और आशंका हो तो सही सोर्स से ही जानकारी लें। आपके जो फैमली डॉक्टर हो, आस-पास के डॉक्टर हों, आप उनसे फोन से संपर्क करके सलाह लीजिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट काल में वैक्सीन की अहमियत सभी को पता चल रही है, इसलिए मेरा आग्रह है कि वैक्सीन को लेकर किसी भी अफवाह में न आएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से मुफ्त वैक्सीन का जो कार्यक्रम अभी चल रहा है, वो आगे भी चलता रहेगा। मेरा राज्यों से भी आग्रह है कि वो भारत सरकार के इस मुफ्त वैक्सीन अभियान का लाभ अपने राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
उल्लेखनीय है कि भारत में एक दिन में कोविड-19 के रिकॉर्ड 3,49,691 नए मामले आने के साथ ही संक्रमण के मामले बढ़कर 1,69,60,172 पर पहुंच गए जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 26 लाख के पार चली गई है।
देश में कोरोना की दूसरी लहर ने त्राहि मचाई हुई है. प्रतिदिन देशभर में रिकॉर्ड तोड़ मामले दर्ज हो रहे हैं. वहीं, देश की राजधानी की हालात भी बद से बदतर बनी हुई है. एक ओर हजारों की संख्या में मामले दर्ज हो रहे हैं तो वहीं, अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी परेशानी का कारण बनी हुई है.
बता दें, बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार से ऑक्सीजन की व्यवस्था का निवेदन करते हुए दिखाई दिए हैं. वहीं, अब बीजेपी के IT डिपार्टमेंट के नेशनल इंचार्ज अमित मालवीय ने दिल्ली की इस हालात का जिम्मेदार खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बताया है.
केंद्र सरकार द्वारा दिया गया फंड्स विज्ञापनों में खर्च किया गया- अमित मालवीय
अमित मालवीय ने कहा कि, "दिल्ली में ऑक्सीजन प्लांट को खड़ा करने का काम अरविंद केजरीवाला का था जिसके लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा फंड्स दिए गए थे." उन्होंने बताया, "दिल्ली में बीते साल कोरोना से बने हालातों को देखते हुए 8 ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से फंड्स दिए गए थे. जिसका इस्तेमाल अरविंद केजरीवाल ने पार्टी विज्ञापनों पर खर्च कर दिया और दिल्लीवासियों के लिए 8 के बजाय केवल एक ऑक्सीजन प्लांट बनाया."
GoI in a letter dated 7 Apr 2020, wrote to all state governments asking them to grant permission to manufacturers of industrial oxygen so that they could produce medical oxygen in view of Covid situation.
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 25, 2021
What did Kejriwal do?
As usual nothing. Just gave more nauseating ads! pic.twitter.com/g01lLFkj1A
भारत-चीन सीमा में चमोली जिले में स्थित सुमना, नीती घाटी में एक ग्लेशियर फट गया था। सीमा सड़क संगठन शिविर हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। भारतीय सेना ने अब तक 291 व्यक्तियों को बचाया है। फरवरी 2021 में, चमोली जिले में ग्लेशियल के फटने से बाढ़ आ गई थी और उसमे दर्जनों लोग मारे गए थे। इससे पहले नंदा देवी ग्लेशियर के टूटने से गंगा की सहायक नदियों में हिमस्खलन, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड शुरू हो गई थी।
ग्लेशियर फटने का क्या कारण है?
ग्लेशियर फटने की घटना पानी के दबाव के कारण होती है। कम बर्फबारी और उच्च तापमान के कारण बर्फ पिघलने में तेजी आती है और ग्लेशियल बांधों में पानी खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। इससे पानी का दबाव बढ़ जाता है और ग्लेशियर फटने लगते हैं। हिमनद बांध (Glacial dams) तब बनते हैं जब ग्लेशियर झील से पानी के बहाव को रोकते हैं। सामान्य झीलों के विपरीत, ग्लेशियल झीलें बर्फ के विशाल टुकड़ों से बनी होती हैं, जो ग्लेशियर के किनारों को तोड़ने की क्षमता रखती हैं।
नईदिल्ली । देश के कई हिस्सों में जारी ऑक्सीजन संकट के बीच अब भारतीय वायु सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। वायु सेना के विमान अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन के कंटेनर्स पहुंचा रहे हैं, ताकि सप्लाई के मिशन में तेजी लाकर हालात को कंट्रोल किया जा सके। इस सिलसिले में वायु सेना के C-17 और IL-76 विमानों ने देश भर में अपनी ऑक्सीजन सेवा की शुरुआत कर दी है। इस दौरान देशभर के स्टेशनों पर बड़े ऑक्सीजन टैंकरों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है, ताकि ऑक्सीजन के वितरण में तेजी लाई जा सके। भारतीय वायु सेना की तरफ से दिए ताजा बयान में बताया गया है कि देश भर के बड़े स्टेशनों पर बड़े ऑक्सीजन टैंकरों को एयरलिफ्ट करना शुरू कर दिया है, ताकि आवश्यक ऑक्सीजन के वितरण में तेजी लाई जा सके। सेना की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन के एक हिस्से के रूप में, IAF के C-17 और IL-76 विमानों ने बीते दिन दो खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों को एयरलिफ्ट किया और एक IL-76 विमान ने एक खाली कंटेनर को बेस्ट बंगाल के पनागर में एयरलिफ्ट किया।
कोविड 19 के मसले पर मुख्यमंत्रियों के साथ शुक्रवार को हुई इंटरनल मीटिंग को मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से लाइव टेलीकास्ट किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल के पालन की नसीहत दी. प्रधानमंत्री मोदी की नाराजगी पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बाद में माफी भी मांगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की शुक्रवार को वर्चुअल मीटिंग बुलाई थी.
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को पता चला कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऑफिस की ओर से इस इंटरनल मीटिंग का प्रसारण किया जा रहा है. जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को टोकते हुए कहा, “यह प्रोटोकॉल के खिलाफ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री, इनहाउस मीटिंग को लाइव टेलीकॉस्ट करे. यह उचित नहीं है. इसका हमें पालन करना चाहिए.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नाराजगी जताए जाने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने माफी मांगते हुए कहा, “अगर मुझसे गुस्ताखी हुई तो मैं माफी मांगता हूं. आज बैठक में जो भी निर्देश दिए गए हैं, उन निर्देशों का हम पालन करेंगे.” उधर, सरकारी सूत्रों ने आरोप लगाया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जरूरी सुझाव देने की जगह राजनीतिक बयान दिए. रेलवे की ओर से ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर राज्यों की ओर से मदद की जा रही है, लेकिन दिल्ली सरकार ने ऐसी कोई मांग नहीं की. (इनपुट आईएएनएस)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मई और जून 2021 के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज प्रदान करने के लिए मंज़ूरी दी है. इसके तहत मई और जून के महीने में गरीबों को 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा.
लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने पिछले साल की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के समान 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जब देश को कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना करना पड़ रहा है, तो देश के गरीबों को पोषण का समर्थन है.
26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी सरकार
इस योजना के तहत प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज 2 महीने के लिए लगभग 80 करोड़ लोगों को दिया जाएगा. भारत सरकार इस पहल पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी.
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए आज प्रधानमंत्री मोदी लगातार 3 बैठकें करने जा रहे हैं जिनमें बड़े और कठोर कदम उठाए जाएंगे। आज पीएम मोदी पहले सुबह 9 बजे एक समीक्षा बैठक कर चुके हैं जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद 10 बजे से वे देश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री लगातार कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अधिकारियों एवं विभिन्न स्तरों पर संबंधित लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर एक बैठक की थी। इसके चलते प्रधानमंत्री ने अपना पश्चिम बंगाल का चुनावी दौरा भी स्थगित कर दिया। बता दें कि देश में कोरोना वायरस से एक दिन में मिलने वाले मरीजों का आंकड़ा तीन लाख पार कर चुका है।
कोरोना के तेजी से बढ़े मामलों के बाद ऑक्सीजन की कमी एवं अस्पताल, आईसीयू, वेंटीलेटर आदि को लेकर देशभर में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए समूची केंद्र सरकार हरकत में है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सारी स्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बैठकें कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने खुद कमान संभाल रखी है और मंत्रालयों एवं विभिन्न उद्योगों और संबंधित लोगों के साथ ही सीधा संवाद शुरू किया है, ताकि जितनी जल्दी हो सके, स्थितियों को काबू में किया जा सके।
मुंबई। महाराष्ट्र स्थित मुंबई से सटे विरार इलाके में विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार विरार वेस्ट स्थित विजय वल्लभ हॉस्पिटल में 15 पेशंट्स आईसीयू में थे, जिसमें से 13 की मौत हो गई। माना जा रहा है कि एसी में शॉ र्टसर्किट के चलते आग लगी। बताया गया कि अस्पताल का आईसीयू सेंकड फ्लोर पर था। सुबह 3 बजे के करीब आग लगी।
अस्पताल के सीईओ दिलीप शाह ने कहा कि इस घटना मं 13 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 90 पेशेंट्स हैं। उन्होंने बताया कि जिन पेशेंट्स को ऑक्सीजन की जररूत है उन्हें हम दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर रहे । शाह ने बताया कि आईसीयू से कुछ आग जैसा गिरा और 1-2 मिनट में आग फैल गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में फायर सेफ्टी है। सीईओ ने दावा किया कि रात में अस्पताल में डॉक्टर थे।
बीजिंग/नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से भारत में हालत दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे है। देश में संक्रमितों का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। रिकॉर्ड संख्या में रोज सामने आ रहे मरीजों के साथ ऑक्सीजन की किल्लत ने समस्या और भयावह कर दी है। मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर धराशाई होने की कगार पर पहुंच गया है। इसी बीच भारत के साथ लगभग हर मुद्दे पर विरोधी भाव रखने वाले पड़ोसी देश चीन ने कहा है कि वह इस संकट के समय में महामारी की दूसरी लहर से उबरने में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।
ज्ञातव्य है कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 14 हजार 835 नए मामले दर्ज किए गए और 2104 मरीजों की मौत हुई है। यह महामारी की शुरुआत से अब तक किसी देश में एक दिन का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। अभी तक एक दिन में किसी भी देश में इतनी संख्या में कोरोना मरीज नहीं मिले थे। भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या अब एक करोड़ 60 लाख 3821 पर पहुंच गया है, जो केवल अमेरिका से कम है। अमरिका में अब तक तीन करोड़ 26 लाख 4757 मामले मिले हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत में महामारी की स्थिति को देखते हुए बीजिंग मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, `कोविड-19 महामारी पूरी मानवता की शत्रु है। इस महामारी के खिलाफ जंग के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होने की जरूरत है। चीन ने देखा है कि भारत में स्थिति गंभीर है और वहां मेडिकल सप्लाई की कमी हो रही है। हम हर जरूरी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में आ सके।`
भारतीय रेल कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई के तहत ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन कर रही है। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) टैंकरों के साथ पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज रात से विशाखापट्टनम से मुंबई के लिए अपनी पहली यात्रा शुरू करने जा रही है। विशाखापट्टनम पर एलएमओ से भरे टैंकरों की भारतीय रेल की रो-रो सेवा के माध्यम से भेजा जा रहा है।
एक अन्य ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए वाराणसी के रास्ते लखनऊ से बोकारो के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। ट्रेन की यात्रा के लिए लखनऊ से वाराणसी के बीच एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था। ट्रेन ने 270 किलोमीटर की दूरी 62.35 किमी प्रति घंटा की औसत गति के साथ 4 घंटे 20 मिनट में तय की थी।
ट्रेनों के माध्यम से ऑक्सीजन की ढुलाई लंबी दूरियों पर सड़क परिवहन की तुलना में तेज है। ट्रेनें एक दिन में 24 घंटे तक चल सकती हैं, लेकिन ट्रक के चालकों को आराम आदि की जरूरत होती है।
यह खुशी की बात हो सकती है कि टैंकरों की लोडिंग/ अनलोडिंग को आसान बनाने के लिए एक रैम्प की जरूरत होती है। कुछ स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज्स (आरओबी) और ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की ऊंचाई की सीमाओं के कारण, रोड टैंकर का 3320 मिमी ऊंचाई वाला टी 1618 मॉडल 1290 मिमी ऊंचे फ्लैट वैगनों पर रखे जाने के लिए व्यवहार्य पाया गया था।
रेलवे ने बीते साल लॉकडाउन के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई की और आपूर्ति श्रृंखला को बना रखा तथा आपात स्थिति में राष्ट्र की सेवा जारी रखी।
जम्मू-कश्मीर: कोरोना की जंग में इस्तेमाल होने वाला पीपीई किट अब लुटेरों का हथियार बन गया है. उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पीपीई किट पहने तीन हथियारबंद लोगों ने जम्मू कश्मीर बैंक की शाखा से 6 लाख की लूट को अंजाम दिया. घटना गुरुवार दोपहर को अंजाम दी गई.
पुलिस के अनुसार तीन हथियारबंद लोग बारामुला के शेराबाद खौर इलाके में काम कर रही जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा में घुस आये. लेकिन यहां पर तैनात बैंक के गार्ड ने इनको अंदर आने से रोका. जिस पर इन लोगो ने दरवाजे को तोड़ा और अंदर लोगों को बंधक बनाने की कोशिश की.
बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए
वहीं, लोगों के विरोध करने की कोशिश ने उनके असल इरादों को नाकाम कर दिया और जल्दबाजी में ये लूटेरे बैंक में मौजूद तीस लाख में से केवल 6 लाख ही लूट पाए. बताया जा रहा है कि, भागते हुए इन लुटेरों ने कई राउंड फायरिंग भी की. लूटरे जिस गाडी में आये थे वह भी जल्दबाजी में घटनास्थल पर ही छोड़ कर भागे और सड़क पर एक और गाड़ी को रोक कर उस में भाग गए.
लूटेरों ने गार्ड से छीनी बंदूक
बैंक के सुरक्षा गॉर्ड के अनुसार, ये अस्पताल की सफेद वर्दी (पीपीई) किट में आये जिसे गार्ड ने रोकने की कोशिश की लेकिन उस को मारा गया. गॉर्ड के अनुसार उस ने अपनी 12 बोर की बन्दूक से दो राउंड गोली भी चलायी लेकिन लूटेरों ने उस की बंदूक भी छीन ली. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालाँकि अभी तक साफ नहीं है कि लूट को अंजाम देने वाले आम चोर थे या आतंकी.
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना के रोज बढ़ते मामले और साथ में दवाओं-ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लेकर सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए उनकी क्या योजना है। हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ऑक्सीजन और दवाओं की सप्लाई को लेकर भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह कोरोना से लड़ने के लिए अपनी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार की योजना बताए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है। केंद्र ने कहा है कि सरकार ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी जवाओं की सप्लाई, टीकाकरण की प्रक्रिया और लॉकडाउन लगाने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को हो, कोर्ट को नहीं...इनपर जवाब दे। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने इस दौरान यह भी कहा कि मौजूदा समय में देश के छह हाई कोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई हो रही है। इसमें दिल्ली, बॉम्बे, सिक्किम, कलकत्ता और इलाहाबाद हाई कोर्ट शामिल हैं। चीफ जस्टिस ने इतने हाई कोर्टों में सुनवाई को लेकर कहा, `इससे भ्रम पैदा हो रहा है। लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल यानी कल होगी। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को एमिकस क्युरी भी नियुक्त किया है।
जम्मू, देश में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन पर अस्थाई रोक लगा दी गई है. अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने कहा कि वे पूरे मामले पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए हैं और स्थिति सुधरने पर दोबारा खोल दिया जाएगा.
In view of evolving COVID19 situation, registration for Amarnath Yatra is being temporarily suspended. The situation is being constantly monitored and it would be reopened once the situation improves: Shri Amarnathji Shrine Board
— ANI (@ANI) April 22, 2021
दिल्ली, शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके वालिया का आज सुबह निधन हो गया है. एके वालिया कोरोना से संक्रमित थे. अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. वालिया ने दिल्ली में शीला दीक्षित की अगुवाई वाली सरकार में बतौर मंत्री कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी.

डॉक्टर अशोक कुमार वालिया का जन्म दिल्ली में आठ दिसंबर 1948 को हुआ था. उन्होंने 1972 में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और पेशे से फिजिशियन थे. वह दिल्ली की पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी विधानसभा के सदस्य रहे. वह अपने चौथे कार्यकाल में लक्ष्मी नगर से विधायक रहे। वहीं पहले से लेकर तीसरे कार्यकाल तक वह गीता कॉलोनी से विधायक रहे.
नई दिल्ली। वर्तमान में पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, ऐसे में कई लोग देश में मदत करने की भावना से आगे आ रहे है, उनमें से एक शख्स है रतन टाटा जी हां यह नाम इन दिनों शोसल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, अगर आप भी अगर अगर आपने आज सुबह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर का इस्तेमाल किया है, तो एक हैशटैग को जरूर देख रहे होगें। इन दिनों ट्वीटर पर सुबह से #ThisIsTata ट्रैंडिंग में है।
आपको बतादें कि इस की सीधा संबंध भारत के उद्योगपति रतन टाटा से है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उद्योगपति का धन्यवाद करने के लिए इस हैशटेग का इस्तेमाल किया है।
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश के कई हिस्सों से ऑक्सीजन कमी की खबरें आई थीं। ऐसे में टाटा समूह ने भारतीयों की परेशानी को कुछ हद तक कम करने का बीड़ा उठाया है। समूह ने लिक्विड ऑक्सीजन की आवाजाही के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनर्स आयात करने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि इससे देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।


















