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भारत ने कोविड-19 टीकाकरण में एक और मील का पत्‍थर हासिल किया, पढ़े पूरी खबर

भारत ने कोविड-19 टीकाकरण में एक और मील का पत्‍थर हासिल किया, पढ़े पूरी खबर

कोविड-19 टीकाकरण अभियान में भारत ने एक और मील का पत्थर पूरा कर लिया। इस सिलसिले में भारत ने ज्यादा से ज्यादा टीके लगाने में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। भारत का कोविड टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ था, जबकि अमेरिका ने अपने यहां यह अभियान 14 दिसंबर, 2020 को ही शुरू कर दिया था। भारत में आमूल टीकाकरण दायरा कल 32.36 करोड़ के पार हो गया। आज सुबह सात बजे तक मिली अस्‍थाई रिपोर्ट के अनुसार43,21,898 सत्रों के जरिये टीके की कुल 32,36,63,297 खुराकें लगाई गईं। पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 17,21,268 खुराकें दी गईं। कोविड-19 टीकाकरण की सर्व-सुलभता का नया अध्याय 21 जून, 2021 को शुरू हुआ था। केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिये कटिबद्ध है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भारत में 46,148 नये मामले दर्ज किये गये

इक्कीसवें दिन लगातार रोजाना के हिसाब से एक लाख से कम मामले आ रहे हैं। यह केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है। भारत में सक्रिय मामलों में लगातार गिरवाट भी देखी जा रही है। आज देश में सक्रिय मामलों की तादाद 5,72,994 रही।

पिछले 24 घंटों के दौरान 13,409 की कुल गिरावट देखी गई और देश के कुल पॉजिटिव मामलों में सक्रिय मामले केवल 1.89 प्रतिशत रह गये हैं। भारत में ज्यादा से ज्यादा लोग कोविड-19 से उबर रहे हैं, जिसे मद्देनजर रखते हुए अब 46वें दिन लगातार नये मामलों की तुलना में रोजाना स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक बनी हुई है।

रोजाना आने वाले नये मामलों की तुलना में पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग बारह हजार (12,430) लोग स्वस्थ हुये हैं। महामारी की शुरुआत से जितने लोग संक्रमित हुये हैं, उनमें से2,94,09,607 लोग कोविड-19 से पहले ही उबर चुके हैं, और पिछले 24 घंटों में 58,578 मरीज स्वस्थ हुये हैं। इस हवाले से रिकवरी दर 96.80 प्रतिशत है, जिसमें लगातार बढ़ने का रुझान कायम है। देश में जांच क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिसके सिलसिले में देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 15,70,515 जांचें की गईं। आमूल रूप से भारत ने अब तक 40.63करोड़ से अधिक (40,63,71,279) जांचें की गईं हैं।

एक तरफ देशभर में जांच क्षमता बढ़ाई गई, तो दूसरी तरफ साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर में भी लगातार गिरवाट दर्ज की गई। इस समय साप्ताहिक पॉजिटिविटीदर 2.81 प्रतिशत है, जबकिआज दैनिक पॉजिटिविटीदर 2.94 प्रतिशत रही। यह पिछले 21 दिन से लगातार पांच प्रतिशत से कम पर कायम है।

आइये देखते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति

आइये देखते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति

केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा नि:शुल्क और राज्यों द्वारा सीधी खरीद व्यवस्था के तहत अब तक वैक्सीन की 31.69 करोड़ से अधिक (31,69,40,160) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 30,54,17,617 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की 1.15 करोड़ से अधिक (1,15,22,543) खुराकें बची है और इस्तेमाल नहीं हुई हैं, जिन्हें लगाया जाना है। 

28 जून : एक नज़र कोविड-19 की ताज़ा जानकारी पर

28 जून : एक नज़र कोविड-19 की ताज़ा जानकारी पर

कोविड टीकाकरण में भारत ने एक और मील का पत्थर पूरा कर लिया। उसने कोविड वैक्सीन की खुराक लगाने की तादाद में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 32.36 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

पिछले 24 घंटों में भारत में 46,148 नये मामले दर्ज हुये।

भारत में सक्रिय मामले कम होकर 5,72,994 तक पहुंचे।

कुल मामलों में सक्रिय मामले 1.89 प्रतिशत रहे।

देश भर में अब तक 2,93,09,607 मरीज ठीक हुए

पिछले 24 घंटों के दौरान 58,578 मरीज स्वस्थ हुये।

पिछले लगातार 46वें दिन दैनिक नये मामलों की तुलना में दैनिक रिकवरी अधिक रही।

रिकवरी दर में इजाफा, वह 96.80 प्रतिशत पहुंची।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर पांच प्रतिशत से नीचे कायम। वर्तमान में यह 2.81 प्रतिशत है।

 

 

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.94 प्रतिशत है, जो लगातार 21वें दिन पांच प्रतिशत से कम पर कायम है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथअभी तक कुल 40.63 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। 

ब्रिटेन-अमेरिका को पीछे छोड़ कोरोना वैक्सीनेशन में भारत बना अव्वल, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

ब्रिटेन-अमेरिका को पीछे छोड़ कोरोना वैक्सीनेशन में भारत बना अव्वल, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

नई दिल्ली। भारत में कोरोना रोधी टीकाकरण की संख्या 32 करोड़ के पार कर गई है। देश में रविवार को 17, 21 268 टीके लगाए गए। जिसके बाद अब तक की कुल संख्या 32 करोड़, 36 लाख 63 हजार 297 हो गई। इसके साथ ही दुनियाभर में भारत सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला देश बन गया। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा -भारत का टीकाकरण अभियान गति पकड़ रहा है! उन सभी को बधाई जो इस प्रयास को चला रहे हैं। हमारी प्रतिबद्धता सभी के लिए टीके, सभी के लिए नि:शुल्क है।


ग्लोबर वैक्सीन ट्रैकर के अनुसार ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, जर्मनी, फ्रांस और भारत में टीकाकरण की गति तेज है। दिलचस्प बात यह है कि भारत में टीकाकरण इस साल 16 जनवरी से शुरू हुआ जबकि ब्रिटेन में 8 दिसंबर को, अमेरिका में 14 दिसंबर, इटली, जर्मनी और फ्रांस में 27 दिसंबर को टीकाकरण की शुरुआत हुई।


रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार, 28 जून की सुबह 8 बजे तक ब्रिटेन में 7 करोड़, 67 लाख 74 हजार 990, अमेरिका में 32 करोड़, 33 लाख, 27 हजार 328, इटली में 4 करोड़ 96 लाख 50 हजार 721, जर्मनी ने 7 करोड़ 14 लाख 37 हजार 514 और फ्रांस में अब तक 5 करोड़ 24 लाख 57 हजार 288 टीके लगाए जा चुक हैं. भारत में यह संख्या 32 करोड़, 36 लाख 63 हजार 297 है।


भारत में टीकाकरण अभियान के 163वें दिन 27 जून को 13.9 लाख को पहली और 3.3 लाख लोगों को दूसरी खुराक दी गई। देश में इस साल 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया था. इसके साथ ही 1 मई को 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू किया गया।

भारत में कोविड के चार और वेरिएंट्स लोगों के लिए बन सकते हैं खतरा, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

भारत में कोविड के चार और वेरिएंट्स लोगों के लिए बन सकते हैं खतरा, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

भारत में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है. कोरोना की दूसरी लहर ने देश में भारी तबाही मचाई थी. इस दौरान लाखों लोगों की जानें गईं. हेल्थ एक्सपर्ट्स अब कोरोना की तीसरी लहर आने का अन्देशा जता रहे हैं. हाल ही में देश में कोविड-19 के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चार और ऐसे वेरिएंट्स हैं, जिससे संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 4 अन्य कोविड-19 वेरिएंट्स को नजदीक से मॉनिटर किया जा रहा है. इसमें B.1.617.3 वैरिएंट, (B.1.617.2), वेरिएंट, B.1.1.318 वेरिएंट, लैम्ब्डा (C.37) और कप्पा वेरिएंट (B.1.617.1) शामिल हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सभी चार कोविड-19 वेरिएंट्स डेल्टा या डेल्टा प्लस वेरिएंट के मुकाबले इतने ज्यादा प्रभावी नहीं हैं.


देश में दो कोविड-19 वैरिएंट पहले से मौजूद

देश में कोविड-19 के B.1.617.3 और B.1.1.318 वैरिएंट पहले से मौजूद हैं. एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है कि ये सभी वैरिएंट्स इंटरनेशनल ट्रेवल के जरिए देश में एंटर कर सकते हैं. यदि समय रहते इसकी जांच नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति कंट्रोल से बाहर हो सकती है.


द पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने दी ये बड़ी जानकारी

गौरतलब है कि कोविड-19 के डबल म्यूटेंट B.1.617 का पहला मामला महाराष्ट्र में पाया गया था. इसके बाद तीन और वेरिएंट्स की पुष्टि की गई थी. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने B.1.617.1 को कप्पा वेरिएंट और B.1617.2 को डेल्टा वेरिएंट का नाम दिया है. वहीं, द पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) ने बताया कि लैम्ब्डा वेरिएंट की करीब से निगरानी की जा रही है. यह कोविड-19 वेरिएंट कई देशों में पाया गया है.

 

कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी नवीनतम जानकारी : राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को टीके की इतने करोड़ से अधिक खुराक दी गई

कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी नवीनतम जानकारी : राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को टीके की इतने करोड़ से अधिक खुराक दी गई

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ। टीकाकरण अभियान और टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके।

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नये चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी।

भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 31.51 करोड़ से अधिक खुराक (31,51,43,490) मुफ्त श्रेणी और राज्यों द्वारा सीधी खरीद की श्रेणी के माध्यम से प्रदान की है। इसमें से कुल खपत (अपव्यय सहित)30,35,97,466 खुराक (आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार) है।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 1.15 करोड़ से ज्यादा (1,15,46,024) खुराक उपलब्ध हैं जिन्हें दिया जाना बाकी है।

इसके अलावा टीके की 20,48,960 से ज्यादा खुराक प्रक्रियारत हैं और अगले तीन दिनों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को प्रदान कर दी जाएंगी। 

आइये एक नज़र डालते है आज के कोविड -19 अपडेट रिपोर्ट पर

आइये एक नज़र डालते है आज के कोविड -19 अपडेट रिपोर्ट पर

राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 32.17 करोड़ टीके लगाये गए

भारत में पिछले 24 घंटों में 64.25 लाख टीके लगे

भारत में पिछले 24 घंटों में 50,040 दैनिक नए मामले दर्ज हुए

 भारत के सक्रिय मामले और कम होकर 5,86,403 पर आए

सक्रिय मामले कुल मामलों के 1.94 प्रतिशत हैं

अभी तक देश भर में  2,92,51,029 से अधिक व्यक्ति रिकवर हो चुके हैं

पिछले 24 घंटों के दौरान 57,944 रोगी स्वस्थ हुए

पिछले लगातार 45 दिनों से दैनिक नए मामलों की तुलना में दैनिक रिकवरी अधिक रही

रिकवरी दर बढ़ कर 96.75 प्रतिशत तक पहुंची

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर लगातार 5 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में यह 2.91 प्रतिशत है

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.82 प्रतिशत है, लगातार 20 दिनों से यह 5 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है

 

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ, अभी तक कुल 40.42 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं

 

Diabetes Awareness Day 2021 : डायबिटीज को कंट्रोल करेंगे ये 10 सरल उपाय

Diabetes Awareness Day 2021 : डायबिटीज को कंट्रोल करेंगे ये 10 सरल उपाय

डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लांघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आंकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है। डायबिटीज के रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 'मधुमेह जागृति दिवस' मनाया जाता है। इस वर्ष 27 जून को Diabetes awareness day हैं। आइए, हम आपको बता रहे हैं डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के 10 असरकार घरेलू उपाय-
पेश हैं 10 खास उपाय मधुमेह रोगियों के लिए -

1 नींबू-
मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नींबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है।

2 खीरा-
मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए।
3 गाजर-पालक-
इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है।

4 शलजम-
मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं।

5 जामुन-
मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद हैं। मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए।
6 जामुन की गुठली-
जामुन की गुठली संभालकर एकत्रित कर लें। इसके बीजों जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकता है। गुठली का बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है।

7 करेला-
प्राचीन काल से करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है। मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए। इससे आश्चर्यजनक लाभ मिलता है। नए शोध के अनुसार उबले करेले का पानी, मधुमेह को शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त करने की क्षमता रखता है।
8 मैथी-
मधुमेह के उपचार के लिए मैथीदाने के प्रयोग का भी बहुत चर्चा है। दवा कंपनियां मैथी के पावडर को बाजार तक ले आई हैं। इससे पुराना मधुमेह भी ठीक हो जाता है। मैथीदानों का चूर्ण बनाकर रख लीजिए। नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून चूर्ण पानी के साथ निगल लीजिए। कुछ दिनों में आप इसकी अद्भुत क्षमता देखकर चकित रह जाएंगे।

9 गेहूं के जवारे-
गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण विद्यमान हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों का रस असाध्य बीमारियों को भी जड़ से मिटा डालता है। इसका रस मनुष्य के रक्त से चालीस फीसदी मेल खाता है। इसे ग्रीन ब्लड के नाम से पुकारा जाता है। जवारे का ताजा रस निकालकर आधा कप रोगी को तत्काल पिला दीजिए। रोज सुबह-शाम इसका सेवन आधा कप की मात्रा में करें।
10 अन्य उपचार-
नियमित रूप से दो चम्मच नीम का रस, केले के पत्ते का रस चार चम्मच सुबह-शाम लेना चाहिए। आंवले का रस चार चम्मच, गुडमार की पत्ती का काढ़ा सुबह-शाम लेना भी मधुमेह नियंत्रण के लिए रामबाण है।

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BIG NEWS: कोरोना के दो टीके मिलाने से बढ़ सकती है इम्यूनिटी : एम्स प्रमुख डा. गुलेरिया

BIG NEWS: कोरोना के दो टीके मिलाने से बढ़ सकती है इम्यूनिटी : एम्स प्रमुख डा. गुलेरिया

नई दिल्ली, कोरोना वायरस के अलग और ताकतवर वेरिएंट्स पर वैक्सीन के बेअसर होने की आशंका के बीच एम्स चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने बड़ा बयान दिया है। डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि संभवत: कोविड की दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराकें मिलाने से इसका असर बढ़ सकता है और यह अलग वेरिएंट्स से लडऩे में कारगर हो सकता है।
एम्स प्रमुख डा. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की दो वैक्सीन को मिक्स करने से यह निश्चित संभावना है कि यह डेल्टा और डेल्टा प्लस जैसे अधिक संक्रामक वेरिएंट्स को रोकने में कारगर हो। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले अभी और डेटा की जरूरत है। बीते महीने ही सरकार ने अपनी नई वैक्सीन नीति के तहत इसका जिक्र किया था कि अब दो अलग-अलग टीकों की खुराकों को देने पर शोध किया जाएगा। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, शुरुआती स्टडी कहती है कि यह एक विकल्प हो सकता है, लेकिन हमें और डेटा की जरूरत है। कौन से दो टीके मिलाने से अच्छे परिणाम मिलेंगे यह शोध का विषय है, लेकिन इससे इसर बढऩे की निश्चित संभावना है।
बीते हफ्ते ब्रिटेन में टीके की दो खुराकों को मिलाने को लेकर शोध किया गया था। द लांसेट में छपे इस शोध के मुताबिक, इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को पहले एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) की खुराक दी गई और बाद में फाइजर की डोज दी गई, जो अभी भारत में नहीं आई है। टीका लेने के बाद लोगों में हल्के साइड इफेक्ट्स देखे गए। हालांकि, इससे टीके का असर कितना बढ़ा, इसको लेकर अभी तक डेटा आने बाकी हैं।
डॉक्टर गुलेरिया ने डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ टीके के बेअसर होने की आशंका को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि म्यूटेटिड स्ट्रेन में टीके को बेअसर करने की क्षमता है, यह साबित करने लिए अभी और डेटा की जरूरत है। उन्होंने टीकाकरण की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि अगर आपने दोनों खुराके ले ली हैं और वायरस के संपर्क में आते हैं, तो संभव है आप संक्रमित हो जाएं लेकिन इसकी गंभीरता बहुत कम होगी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को ही बताया है कि देश के 11 राज्यों में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 48 केस हैं। माना जा रहा कि डेल्टा प्लस के कारण ही भारत में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। हालांकि, डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी जितनी ही खतरनाक हो, इसकी संभावना कम है।
 

 देश में लगातार बढ़ रहा डेल्टा प्लस का खतरा: अब इस राज्य में मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला...

देश में लगातार बढ़ रहा डेल्टा प्लस का खतरा: अब इस राज्य में मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला...

बीकानेर। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार कम होने को है लेकिन डेल्टा प्लस के बढ़ते मामले सरकार और जानकारों के लिए चिंता का विषय बन गया है। डेल्टा प्लस के बढ़ते संक्रमण को ही तीसरी लहर का कारण माना जा रहा है। वहीं अब देश के कई राज्यो में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले सामने आ गए हैं।


इसी सिलसिले में राजस्थान के बीकानेर में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला सामने आया है। यहां 65 साल की एक बुजुर्ग महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है। बता दें कि 30 मई को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के पास जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए महिला का सैंपल भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को आई है और महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है। 


बीकानेर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ओपी चहर का कहना है कि महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है और महिला बहुत पहले ही कोविड इंफेक्शन से ठीक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में डेल्टा प्लस वैरिएंट का यह पहला मामला है। उन्होंने बताया कि महिला असिम्प्टोमैटिक है और बहुत पहले ही कोविड से रिकवर हो चुकी है। 


डॉक्टर चहर ने बताया कि महिला ने भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवाक्सिन की दोनों खुराकें पहले ही ले ली हैं। डॉ. चहर ने बताया कि शनिवार को बंगला नगर इलाके में सैंपलिंग की जाएगी, जहां महिला रहती है। बता दें कि राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल मरीजों की संख्या 9.51 लाख से ऊपर है और शुक्रवार को राज्य में 131 नए मामले सामने आए। 

 

4 दिनों में 5.69 लाख लोगो ने लगवाया कोरोना का टीका

4 दिनों में 5.69 लाख लोगो ने लगवाया कोरोना का टीका

रायपुर: कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश भर में अब तक (24 जून तक) कुल 82 लाख पांच हजार 631 टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में 45 वर्ष से अधिक के 46 लाख दस हजार 388 लोगों को इसका पहला टीका लगाया जा चुका है, जो इस वर्ग के टीकाकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य का 79 प्रतिशत है। वहीं आठ लाख 13 हजार 105 लोगों को दोनों टीके लग चुके हैं। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग में 16 लाख 63 हजार 584 युवाओं को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।


कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और इसकी रोकथाम के लिए राज्य में सभी आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण का काम जोरों पर है। प्रदेश में पिछले चार दिनों, 21 जून से 24 जून के बीच पांच लाख 69 हजार 031 टीके लगाए गए हैं। बीते 24 जून को 4191 टीकाकरण स्थलों पर दो लाख दस हजार 034 लोगों को टीके लगाए गए। वहीं 21 जून को 91 हजार 172, 22 जून को एक लाख नौ हजार 353 और 23 जून को एक लाख 58 हजार 472 लोगों का टीकाकरण किया गया है।


प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना से बचाव के टीके की पहली डोज और 70 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। वहीं शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहला टीका और 71 प्रतिशत को दूसरा टीका लगाया जा चुका है। राज्य के दो लाख 36 हजार 609 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख छह हजार 855 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के आठ लाख 13 हजार 105 नागरिकों और 18 से 44 आयु वर्ग के 52 हजार 415 युवाओं को कोरोना से बचाव के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।

कोरोना में अपने बच्चों को बनाएं मजबूत, तीसरे वेब से पहले बढ़ाएं इम्यूनिटी

कोरोना में अपने बच्चों को बनाएं मजबूत, तीसरे वेब से पहले बढ़ाएं इम्यूनिटी

बदलते मौसम में बच्चों को हेल्दी और स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है. खासतौर से छोटे बच्चों की इम्यूनिटी ( Immunity) काफी कमजोर होती है. ऐसे में कोई भी संक्रमण उन्हें तेजी से प्रभावित कर सकता है. वहीं कोरोना ( Coronavirus) की तीसरी लहर से पहले बच्चों की इम्यूनिटी आपको मजबूत कर लेनी चाहिए. बच्चों की डाइट (Diet) में ऐसी चीजें शामिल करें जिससे उनकी इम्यूनिटी स्ट्रांग हो जाए. जानते हैं बच्चों को कौन सी चीजें खिलाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.


हेल्दी ब्रेकफास्ट दें- बच्चों को नाश्ते में मैगी, पास्ता, बर्गर देने की बजाय उन्हें घर का बना कुछ अच्छा खाना खिलाएं. आप बच्चों को घी और गुड़ के साथ रोटी, हलवा, बेसन और राजगीरा के लड्डू खाने को दे सकते हैं. शाम को शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन्स का लेवल कम होता है. आप बच्चों को ताकत देने के लिए इस तरह का खाना दे सकते हैं.


सीजनल फल-सब्जी- बच्चों की इम्यूनिटी उनके खान-पान से बढ़ाने की कोशिश करें. बच्चों के खाने में सीजनल फल और सब्ज़ियां शामिल करनी चाहिए. इससे उनकी इम्यूनिटी और स्ट्रांग होगी. गर्मी में आप आम, अमरूद, आंवला, ब्रोकली और कटहल जैसी चीजें खिला सकते हैं. इन फूड्स से बच्चों की इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है और ग्रोथ भी अच्छी होती है.


खाने में दाल-चावल भी शामिल करें- बच्चों के हर मील को आपको अच्छी तरह प्लान करने की जरूरत है. आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए और एनर्जी देने के लिए खाने में दाल- चावल भी शामिल करने चाहिए. बच्चों को दही और सेंधा नमक डालकर चावल खाने को दें. साथ ही दाल और घी के साथ भी चावल खाने के लिए दें. चावल विटामिन बी का भी बेहतर सोर्स और इसमें अमीनो एसिड भी पाया जाता है. इससे बच्चों में चिड़चिड़ापन भी दूर होता है.

 

मुरब्बा-अचार-चटनी- बच्चों को सॉस और जैम काफी पसंद होते हैं. ऐसे में आप बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए आंवला, नींबू, करौंदा की चटनी दे सकते हैं. आप इन चीजों से बने मुरब्बा, अचार और जैम भी खिला सकते हैं. इनका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों को काफी पसंद आएगा और एनर्जी भी मिलेगी.

 

कोरोना के बाद अब हो रही है ये अजीब बीमारी, इस तरह रखें अपना ख्याल

कोरोना के बाद अब हो रही है ये अजीब बीमारी, इस तरह रखें अपना ख्याल

पूरी दुनिया में लोग कोरोना वायरस से परेशान हैं. भारत में भले ही कोरोना के केसों में कमी आ रही हो लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लोगों के मन में डर है. जिस तरह से कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को प्रभावित किया है लोगों को मन में अब इस बीमारी को लेकर दहशत है. कोरोना में बहुत सारे लोगों ने अपनों को खोया है. हालांकि, काफी लोग कोरोना वायरस को मात देकर घर भी लौटे हैं. लेकिन जो लोग ठीक हुए हैं उनमें कई तरह की मानसिक परेशानियां देखने को मिल रही हैं. कई रिपोर्ट्स और सर्वे में इस बात खुलासा हुआ है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को याददाश्त से जुड़ी परेशानी हो रही है. कोरोना दिमाग पर अटैक कर रहा है. जो लोग कोरोना से रिकवर हुए हैं उनमें से बहुत सारे लोग दिमागी गफलत से जूझ रहे हैं. इनमें ज्यादातर बुजुर्ग लोग हैं, जो गंभीर संक्रमण की वजह से आईसीयू में एडमिट रहे हैं. जानते हैं कोराना के बाद क्यों हो रही है याददाश्त से जड़ी परेशानी और इससे कैसे बचा जा सकता है.


कोरोना के बाद याददाश्त संबंधी दिक्कत?
डॉक्टर्स का मानना है कि सार्स-कोव-2 वायरस फेफड़ों पर हमला करता है, जिससे शरीर में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. ऑक्सीजन की कमी होने पर मरीज के मस्तिष्क में भी ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में याददाश्त भी प्रभावित होती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के करीब 1 महीने बाद तक याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें सामने आ रही हैं.


याददाश्त से जुड़ी समस्या होने पर इन बातों का ध्यान रखें
1- योग और अध्यात्म के लिए समय निकालें और ध्यान करें.
2- रात में समय पर सोने की कोशिश करें और 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लें.
3- आपको नकारात्मक बातों से दूर रहना है. साथ ही डर और अफवाह फैलाने वाले लोगों से भी दूरी बना कर रखें.
4- ऐसी डाइट लें जिसमें प्रोटीन, मिनरल, विटामिन और पौष्टिक तत्व शामिल हों.
5-सिगरेट और शराब से दूरी बना कर रखें. इनका सेवन न करें तो बेहतर होगा.
6- अपनी पसंद के काम करें और खुश रहने की कोशिश करें
7- तनाव को दूर करने की कोशिश करें.
8- अपना पसंदीदा म्यूजिक सुनें और किताब पढ़ें.


Disclaimer:
इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की Just36News पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

 

breaking news: भारत में `डेल्टा प्लस` वेरिएंट के 40 नए मामले दर्ज

breaking news: भारत में `डेल्टा प्लस` वेरिएंट के 40 नए मामले दर्ज

नई दिल्ली: देश में जानलेवा कोरोना वायरस की दूसरी लहर के नए मामले तो घटते जा रहे हैं, लेकिन अब कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट ने राज्य सरकारों को चिंता में डाल दिया है। सूत्रों के मुताबिक देश में `डेल्टा प्लस` वेरिएंट के अबतक 40 मामले दर्ज किए गए हैं। ज्यादातर केस महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु से सामने आए हैं। हालांकि डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले मध्य प्रदेश में भी हैं।


भारत उन दस देशों में से एक है, जहां अब तक `डेल्टा प्लस` वेरिएंट मिला है। 80 देशों में `डेल्टा वेरिएंट` का पता चला है। भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट वर्तमान में चिंताजनक वेरिएंट (वीओसी) है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और `मोनोक्लोनल एंटीबॉडी` प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं।


भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का एक समूह है जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गठित किया है। आईएनएसएसीओजी वायरस के नए वेरिएंट और महामारी के साथ उनके संबंधों का पता लगा रहा है। मोटे तौर पर, दोनों भारतीय टीके कोविशील्ड और कोवैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं, लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी बहुत जल्द साझा की जाएगी।


कोरोना वायरस का `डेल्टा प्लस` वेरिएंट भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है। भारत के अलावा 9 और देशों में डेल्टा प्लस वेरिएंट का पता चला है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बारे में एक परामर्श जारी किया है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और केरल को इस मुद्दे पर पहल की शुरुआत करनी चाहिए।
सबसे बड़ा खतरा है कोरोना का डेल्टा वेरिएंट : फाउची
व्हाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस का बेहद संक्रामक वेरिएंट `डेल्टा` महामारी का सफाया करने के अमेरिका के प्रयासों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। फाउची ने कहा कि अमेरिका में सामने आने वाले कोविड-19 के नए मामलों में से 20 फीसदी से अधिक में संक्रमण की वजह डेल्टा वेरिएंट है। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते पहले तक नए मामलों में से दस फीसदी में यह वेरिएंट पाया गया था।

तेज टीकाकरण ही कुंजी है अर्थव्यवस्था को खोलने और सामान्य दिनों की तरफ लौटने कीः डॉ. वीके पॉल, पढ़े पूरी खबर

तेज टीकाकरण ही कुंजी है अर्थव्यवस्था को खोलने और सामान्य दिनों की तरफ लौटने कीः डॉ. वीके पॉल, पढ़े पूरी खबर

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया है कि कोविड टीकाकरण के संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के बाद, पहले दिन ही वैक्सीन की लगभग 81 लाख खुराकें लगाई गईं।
बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने की भारत की क्षमता का संकेत

दूरदर्शन से बात करते हुये डॉ. पॉल ने कहा कि पहले दिन के टीकाकरण के आंकड़े यह साबित करते हैं कि तमाम दिनों और सप्ताहों तक लगातार बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने की क्षमता भारत के पास है। उन्होंने कहा, “यह सब केंद्र सरकारऔर राज्य सरकारों के बीच के समन्वय और योजना के बदौलत संभव हो सका, जो अभियान के तौर पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।”

“क्या तीसरी लहर पर हम काबू कर सकते हैं या नहीं”

डॉ पॉल ने याद दिलाया कि यदि कोविड से बचने के लिये उचित व्यवहार किया जाये और साथ में ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लगा दिये जायें, तो तीसरी लहर को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर कोविड को देखते हुये हम उचित व्यवहार करें और अपने को टीका लगवा लें, तो तीसरी लहर क्यों आयेगी? ऐसे तमाम देश हैं, जहां दूसरी लहर नहीं आई। अगर हम कोविड उचित व्यवहार का पालन करेंगे, तो यह समय भी गुजर जायेगा।”

तेज टीकाकरण सामान्य दिनों की तरफ वापसी की कुंजी

नीति आयोग के सदस्य ने तेज टीकाकरण के महत्व को रेखांकित किया, ताकि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को खोल सके और सामान्य कार्य-कलाप दोबारा शुरू हो सकें। उन्होंने कहा, “हमें जरूरत है कि हम अपना रोजमर्रा का काम कर सकें, अपना सामाजिक जीवन जी सकें, स्कूल खुल जायें, व्यापार चलने लगें, हम अपनी अर्थव्यवस्था की देखभाल कर सकें, तो हम ये सब तभी कर सकते हैं, जब हम तेज गति से टीकाकरण करेंगे।” “वैक्सीन जिंदगी बचा रही है, टीके लगवाने का सही वक्त आ गया है”

डॉ. पॉल ने कहा कि टीके को असुरक्षित समझना भारी भूल है। उन्होंने कहा, “हमारी वैक्सीन की तरह ही दुनिया के सभी टीकों को आपातकालीन इस्तेमाल के लिये अनुमति दी गई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने टीका लगवाया है। दूसरी लहर अब सिमट रही है और वैक्सीन लगवाने का यही सही वक्त है।”

डॉ. पॉल ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाने के फैसले ने दूसरी लहर के दौरान कैसे उनकी रक्षा की। उन्होंने कहा, “बहुत थोड़े से स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण हुआ, वरना हमारे अस्पताल खुद दूसरी लहर के दौरान ठप हो चुके होते। इसलिये कृपया सभी लोग निश्चिंत रहें, क्योंकि वैक्सीन हमें संक्रमण से बचाती है।”

रोजाना 1.25 करोड़ वैक्सीन लगाने की क्षमता भारत में है

राष्ट्रीयटीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा भी साक्षात्कार में शामिल हुये। उन्होंने कहा कि आज टीकाकरण की जो उपलब्धि हासिल की गई, वह अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर रोज कम से कम एक करोड़ व्यक्तियों को टीका लगायें। हमारी क्षमता ऐसी है कि हम हर दिन कोविड-19 वैक्सीन की 1.25 करोड़ खुराक लगा सकते हैं।” डॉ. अरोड़ा ने कहा कि निजी क्षेत्र के अच्छे सहयोग की बदौलत इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। जब संशोधित दिशा-निर्देश लागू हुये, उसी दिन यह उपलब्धि अर्जित की गई।अतीत में भारत की सफलता का उल्लेख करते हुये डॉ. अरोड़ा ने कहाः “यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। एक सप्ताह में ही हमने लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो वैक्सीन दे दी थी। लिहाजा, जब भारत ने फैसला किया कि अब कुछ किया जाना चाहिये, तो हमने उसे हासिल कर लिया।” भारत का कोविड-19 टीकाकरण अभियान एक बड़ी मिसाल बन रहा है कि कैसे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र मिलकर देश की समस्याओं का बेहतर समाधान निकालते हैं।

जन भागीदारी और जागरूकता वैक्सीन के प्रति हिचक दूर करने के लिये जरूरी

एनटीएजीआई के अध्यक्ष ने इस बात पर बल दिया कि टीकाकरण के प्रति अफवाहों और गलतफहमियों को दूर करने के लिये जन-भागीदारी और जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “जन-भागीदारी और जन-जागरण, टीकाकरण के भय को मिटाने के लिये बहुत अहम हैं। आखिर में यह लोगों के ही वश में है कि वे आगे आयें और टीके लगवायें।” उन्होंने टीकाकरण के बारे में जागरूकता फैलाने की तैयारियों का जिक्र किया और बताया कि आशा कर्मियों तथा अग्रिम मोर्चे के कर्मियों ने मैदानी स्तर पर काम शुरू कर दिया है, ताकि वैक्सीन के प्रति हिचक और शंका को दूर किया जा सके।

“वैक्सीन आपूर्ति की कोई समस्या नहीं रहेगी”

एनटीएजीआई के अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि वैक्सीन की उपलब्धता के संबंध में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, “अगले महीने हमारे पास लगभग 20-22 करोड़ खुराकें आ जायेंगी।” डॉ. अरोड़ा ने यह भी भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को इस तरह तैयार कर लिया गया है कि पहाड़ी, जनजातीय और इधर-उधर फैली आबादी वाले इलाकों सहित देश के कोने-कोने तक टीकाकरण अभियान पहुंच सके।

कोविशील्ड वैक्सीन की खुराक के मौजूदा अंतराल को बदलने की जरूरत नहीं

कोविशील्ड टीके की खुराकों के बीच के अंतराल पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में डॉ. अरोड़ा ने कहा कि इस समय इस अंतराल को बदलने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रीय वैक्सीन ट्रैकिंग प्रणाली” के जरिये डेटा जमा कर रहे हैं। इसके साथ ही वैक्सीन के असर, खुराकों में अंतराल, क्षेत्रवार प्रभाव, वैरियंट्स का वास्तविक समय में मूल्यांकन भी कर रहे हैं। इस समय ऐसी जरूरत महसूस नहीं की जा रही है कि कोविशील्ड की खुराकों के अंतराल में कोई बदलाव किया जाये। मूल सिद्धांत यही है कि हमारे लोगों को वैक्सीन की हर खुराक का अधिकतम लाभ मिल सके। हमने पाया है कि मौजूदा खुराकें फायदेमंद साबित हो रही हैं।” उन्होंने कहा कि वैसे कोई भी बात पत्थर की लकीर नहीं होती।

 

कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी नवीनतम जानकारी

कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी नवीनतम जानकारी

कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण कल से शुरू हुआ। जांच, बीमारी का पता लगाने, उपचार और कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ-साथ महामारी की रोकथाम और प्रबंधन के लिए टीकाकरण भारत सरकार की व्यापक रणनीति का एक अभिन्न स्तंभ है। केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज करने और उसकी गुंजाइश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जनवरी, 2021 को राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की थी। टीकाकरण अभियान और टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सकें। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नये चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (निशुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 29.35 करोड़ से अधिक खुराक (29,35,04,820) मुफ्त श्रेणी और राज्यों द्वारा सीधी खरीद की श्रेणी के माध्यम से प्रदान की है। इसमें से कुल खपत (अपव्यय सहित) 27,20,14,523 खुराक (आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार) है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 2.14 करोड़ से ज्यादा (2,14,90,297) खुराक उपलब्ध हैं जिन्हें दिया जाना बाकी है। इसके अलावा टीके की 33,80,590 से ज्यादा खुराक प्रक्रियारत हैं और अगले तीन दिनों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को प्रदान कर दी जाएंगी। 

आइये देखते हैं  कोविड-19 पर आज की ताज़ा जानकारी

आइये देखते हैं कोविड-19 पर आज की ताज़ा जानकारी

भारत ने एक दिन में टीके की 86.16 लाख खुराकें लगाईं। एक दिन में सबसे ज्यादा टीके लगाने का यह कीर्तिमान दुनिया में पहली बार हुआ है।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 28.87 करोड़ डोज लगाई गई है।

पिछले 24 घंटों में भारत में 42,640 नये मामले दर्ज हुये, जो 91 दिनों में 50,000 से कम हैं।

भारत में सक्रिय मामले कम होकर 6,62,521 तक पहुंचे, जो 79 दिनों में सात लाख से कम हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 2,89,26,038 मरीज स्वस्थ हुये।

पिछले 24 घंटों के दौरान 81,839 मरीज स्वस्थ हुये।

पिछले लगातार 40वें दिन दैनिक नये मामलों की तुलना में दैनिक रिकवरी अधिक रही।

रिकवरी दर में इजाफा, वह 96.49 प्रतिशत पहुंची।

साप्ताहिक पॉजीटिविटी दर पांच प्रतिशत से नीचे कायम। वर्तमान में यह 3.21  प्रतिशत है।

 

 

दैनिक पॉजीटिविटी दर 2.56 प्रतिशत है, जो लगातार 15वें दिन पांच प्रतिशत से कम पर कायम है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथअभी तक कुल 39.40 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। 

तन और मन का  संतुलन ही योग है- बृजमोहन अग्रवाल

तन और मन का संतुलन ही योग है- बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर ! 21 जून को विश्व योग दिवस के उपलक्ष में भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में योगाभ्यास का आयोजन किया गया है। योग गुरु राजेश अग्रवाल व नवीन यदु ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को योगासन कराया । जीवन में योग के उपयोग पर बोलते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तन और मन का संतुलन ही योग है और जब इसके इन दोनों के बीच संतुलन बैठ जाता है तो जीवन सहज हो जाता है। कार्यक्रम में रायपुर सांसद सुनील सोनी, छगन मून्दड़ा, राजीव अग्रवाल,सच्चिदानंद उपासने , संजय श्रीवास्तव, ओंकार बैस, रमेश सिंह ठाकुर, अनुराग अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा,हरीश ठाकुर,अकबर अली, अर्पित सूर्यवंशी, तौकीर रजा, राजेश पांडेय,मनीषा चंद्राकर,स्वप्निल मिश्र, उर्मिला शर्मा , हंसराज विश्वकर्मा, सचिन मेघानी उपस्थित थे । एक आदमी परिषद के अतिरिक्त रायपुर के सभी मंडलों में भी योग दिवस का आयोजन किया गया । 

भारत के कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत इतने करोड़ लोगों को टीका लगा

भारत के कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत इतने करोड़ लोगों को टीका लगा

भारत के टीकाकरण अभियान में एक अहम प्रगति के रूप में कल यानी 20 जून तक देश में 28 करोड़ कोविड टीके लगाए गए हैं। सुबह 7 बजे प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक 38,24,408 सत्रों में कुल 28,00,36,898 कोविड टीके लगाए गये। पिछले 24 घंटों में 30,39,996 टीके लगाए गए हैं। कोविड-19 टीकाकरण का सार्वभौमिक चरण आज से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की गति को तेज करने और इसके दायरे का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 16 जनवरी 2021 को राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया था। पिछले 24 घंटों में भारत में 53,256 नए कोविड-19 के मामले दर्ज हुए हैं जो पिछले 88 दिनों में सबसे कम आंकड़ा है। भारत में कोविड-19 मामलों में लगातार गिरावट जारी है। लगातार 14वेंदिन भारत में एक लाख से कम नए मामले दर्ज हुए हैं। यह केंद्र और राज्य सरकारों के निरंतर प्रयासों और आपसी सहयोग का नतीजा है। देश में कुल सक्रिय कोविड-19 में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। आज देश में कुल सक्रिय मामले 7,02,887 हैं। पिछले 24 घंटों में 26,356 मामलों की कमी आई है और अब देश में कुल पॉजिटिव मामलों में केवल 2.35 प्रतिशत ही सक्रिय मामले हैं। जैसा कि अब ज्यादा से ज्यादा लोग कोविड-19 संक्रमण से मुक्त हो रहे हैं, देश में कोविड से ठीक होने वालों की संख्या लगातार 39वें दिन भी रोजाना नए मामलों से ज्यादा रही है। पिछले 24 घंटों में 78,190 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कुल दर्ज कोविड मामलों के मुकाबले करीब 25000 (24934) मरीज पिछले 24 घंटों में ठीक हुए हैं। इस महामारी की शुरुआत से कुल संक्रमितों में से 2,88,44,199 लोग पहले ही स्वस्थ हो चुके हैं जबकि पिछले 24 घंटों में 78190 लोग ठीक हुए हैं। इससे अगर कुल ठीक होने वालों की दर आंकी जाए तो वह 96.36 प्रतिशत है और जिसमें लगातार बढ़ोतरी जारी है। देश भर में कोरोना जांच क्षमता में अभूतपूर्व सुधार के साथ पिछले 24 घंटों में 13,88,699जांच की गईं और अगर अभी तक कुल कोरोना जांच के आंकड़े की बात करें तो वह 39.24 करोड़ (39,24,07,782) पहुंच गया है। जहां एक तरफ देश में कोरोना जांच की संख्या में वृद्धि की गई है, वहीं देश में कोरोना के पॉजिटिव मामलों में भी कमी देखी गई है। जहां कोरोना की साप्ताहित पॉजिटिविटी दर 3.32 प्रतिशत रही है, वहीं दैनिक पॉजिटिविटी दर 3.83 प्रतिशत है। पिछले लगातार 14 दिन से यह दर 5 प्रतिशत से भी कम रही है।

आइये एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी पर

आइये एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी पर

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के अंग के रूप में केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सीधे वैक्सीन खरीद सकें। टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट और कोविड से बचाव करने वाले सामाजिक व्यवहार सहित महामारी की रोकथाम और उसके लिये बंदोबस्त करने के सिलसिले में टीकाकरण, केंद्र सरकार की समग्र रणनीति का अभिन्न हिस्सा है। कोविड-19 टीकाकरण के उदार और तेज तीसरे चरण पर एक मई, 2021 को अमल शुरू किया गया था। टीकाकरण रणनीति के अंतर्गत केंद्र सरकार केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) द्वारा मान्यताप्राप्त वैक्सीन खुराकों को टीका निर्माताओं से खरीदती है। केंद्र सरकार हर महीने कुल 50 प्रतिशत वैक्सीन खुराकें खरीदती है। इन खुराकों को राज्य सरकारों को निशुल्क प्रदान किया जाता है, जैसा कि पहले भी किया जाता रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा निशुल्क और राज्यों द्वारा सीधी खरीद व्यवस्था के तहत अब तक वैक्सीन की 29.35 करोड़ से अधिक (29,35,04,820) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 26,36,26,884 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की 2.98 करोड़ से अधिक (2,98,77,936) खुराकें मौजूद हैं, जिन्हें लगाया जाना है।