सर्दियों के मौसम में अक्सर घर की महिलाएं यह शिकायत करती हैं कि सिलेंडर में गैस जमने की वजह से वह जल्दी खत्म हो जाती है। जिसकी वजह से उनका महीने का बजट बिगड़ने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ होता है तो ये कुछ बेहतरीन किचन टिप्स एंड हैक्स अपनाकर आप इस समस्या को हल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
सिलेंडर में गैस जमने पर अपनाएं ये उपाय-
गर्म पानी-
सिलेंडर में गैस जमने पर आप सबसे पहले तीन से चार लीटर पानी को किसी बड़े से बर्तन में उलटकर सिलेंडर को उस पानी में रखकर इस्तेमाल कर लें। ऐसा करनेसे जमी हुई गैस मूल रूप में आ जाती है।
सिलेंडर व्हील का करें इस्तेमाल-
कई बार जमीन ठंडी होने की वजह से भी सिलेंडर में गैस जम जाती है। ऐसे में सिलेंडर व्हील जिसे सिलेंडर ट्राली के नाम से भी जाना जाता है आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। सिलेंडर व्हील का इस्तेमाल करने से फर्श पर सिलेंडर के दाग भी नहीं लगते हैं।
बोरी-
सिलेंडर गैस को जमने से बचाने के लिए आप प्लास्टिक की बोरी की जगह जूट की बोरी का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए एक से दो जूट की बोरी को सिलेंडर के नीचे अच्छे से फैला दें। बता दें, जूट सिलेंडर को गर्म रखने में मदद करती है। आप चाहे तों सिलेंडर को एक से दो बोरो में लपेटकर भी रख सकती हैं।
धूप में रखें
अगर सर्दियों में बार-बार सिलेंडर में गैस जम जाती है, तो इस परेशानी को दूर करने के लिए आप सिलेंडर को कुछ देर के लिए धूप में रख दें। ऐसा करने से जमी हुई गैस सामान्य रूप में आ जाती है।
नमक सभी घरों में उपलब्ध होने वाली एक आम चीज है और हम सभी इसकी उपयोगिता भी जानते हैं। नमक के बिना खाना स्वादहीन हो जाता है। हालांकि केवल रसोई ही नहीं बल्कि इसेक अलावा भी रोजाना के कई कामों में नमक का इस्तेमाल बेहद फायदेमंद हो सकता है। नमक एक बेहतरीन घरेलू उपाय के रुप में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे आपकी दैनिक समस्याएं सुलजाई जा सकती हैं। ये घरेलू समस्याएं रसोईघर, सिंक, वाशरूम या ड्रेसिंग टेबल आदि की सफाई करने से भी जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए, आइए जानते हैं कि आप नमक का इस्तेमाल कुछ कामों को आसान बनाने के लिए कैसे कर सकते हैं।
कहीं जाने के लिए बस से लंबा सफर करना आसान बात नहीं है क्योंकि इस दौरान एक छोटी सी गलती मुसीबत का कारण बन सकती है। आप चाहें अपने परिवार के साथ प्राइवेट बस में यात्रा करें या फिर अकेले किसी लोकल बस में, आपके लिए यह यात्रा आरामदायक होनी चाहिए। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स देते हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी लंबी बस यात्रा को अपने लिए सुविधाजनक और आरामदायक बना सकते हैं।
कई अध्ययनों में इस बात का जिक्र मिलता है कि सुबह के समय की गई एक्सरसाइज के कारण व्यक्ति खुद को तरोताजा और ऊर्जा से भरपूर महसूस करता है। वहीं, विशेषज्ञों के मानें तो सुबह के समय एक्सरसाइज करने से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी कई तरह के लाभ मिलते हैं। आइए आज हम आपको कुछ आसान मॉर्निंग एक्सरसाइज के बारे में बताते हैं, जो आपको कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती हैं।
अगर आप उन लोगों में से एक हैं, जो फेस ऑयल खरीदते समय सिर्फ कीमत पर ध्यान देते हैं तो यह आपकी सबसे बड़ी गलती है। दरअसल, फेस ऑयल खरीदते समय कीमत के साथ-साथ कुछ अन्य बातों का भी खास ध्यान रखना चाहिए ताकि खरीदे जाने वाले फेस ऑयल के इस्तेमाल से चेहरे पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। चलिए फिर आज हम आपको बताते हैं कि एक सही फेस ऑयल खरीदते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
चाणक्य नीति के अनुसार युवाओं के लिए युवावस्था बहुत ही अहम मानी गई है. ये जीवन की वही अवस्था होती है जिसमें करियर की दशा और दिशा तय होती है. इसलिए आचार्य चाणक्य ने युवावस्था को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया है. चाणक्य के अनुसार जो युवा उम्र के इस पड़ाव में आकर सर्तक और गंभीर हो जाते हैं, वे जीवन में अपार सफलता प्राप्त करते हैं. ऐसे लोगों को आगे चलकर पद, प्रतिष्ठा और धन की देवी लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है.
वहीं जो युवा, युवावस्था में लक्ष्य से भटक कर गलत आदतों को अपना लेते हैं, वे अपने मकसद से तो भटकते ही हैं, साथ ही साथ मानसिक तनाव, अवसाद और दूसरों की निंदा के भी पात्र भी बनते हैं. इसलिए युवावस्था में गलत कार्य, गलत आदतों से बचना चाहिए. इनका त्याग करना चाहिए. युवावस्था में चाणक्य की इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए-
आत्मविश्वास पैदा करें-
चाणक्य नीति कहती है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए आत्मविश्चास सबसे जरूरी है. जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है, वे कितने ही प्रतिभाशाली और योग्य क्यों न हों सफलता से दूर ही रहते हैं. आत्मविश्वास ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पैदा होता है. इसलिए इन्हे पाने के लिए जीवन में सदैव गंभीर रहना चाहिए.
अनुशासन-
चाणक्य नीति कहती है कि युवावस्था में अनुशासन का विशेष महत्व है. अनुशासन जीने की कला को सीखाता है. जिसके जीवन में अनुशासन नहीं है, उसका जीवन आगे चलकर कष्टों से भर जाता है. युवावस्था में कठोर अनुशासन का पालन करना चाहिए. प्रत्येक कार्यों को समय पर पूर्ण करने की आदत डालनी चाहिए. जो अनुशासन से ही संभव है. जीवन में बड़े लक्ष्य को पाने में अनुशासन की आदत बड़ा योगदान प्रदान करती है.
नशा कभी न करें-
चाणक्य नीति कहती है कि ये जीवन अनमोल है. इसका महत्व पहचानो. युवावस्था में गलत आदतें भी जल्द आकर्षित करती हैं. इसमें से एक नशा भी है. नशा एक ऐसी चीज है जो तन,मन और धन को बर्बाद करती है. इससे हर कीमत पर बचना चाहिए. नशा करने वाले स्वयं का तो नाश करते ही हैं साथ ही साथ अपनों को भी दुख और कष्ट में डालते हैं.
सोफिय़ा अंसारी अपनी बोल्ड और सेक्सी फोटोज के लिए अक्सर चर्चा में भी रहती हैं। अक्सर अपनी सेक्सी फोटोज सोशल में शेयर करती रहती है जो शेयर करते ही वायरल हो जाती है।
सोफिय़ा अंसारी सोशल मीडिया पर भी अपनी जिंदगी से जुड़ी चीजें अपने फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। आपको बता दूं वो सिंगल हैं, ना उनकी शादी हुई है और न ही कोई बॉयफ्रेंड है।
आज तक किसी के साथ सुनने में भी नही आया की वो या उन्हें कोई डेट कर रहा है। टिकटॉक स्टार सोफिय़ा अंसारी के सोशल मीडिया पर 2.9 एम फॉलोवर्स हैं।
सोफिया अंसारी सबसे प्रसिद्ध भारतीय सोशल मीडिया सितारों में से एक है। सोफिया अंसारी टिक्कॉक और इंस्टाग्राम पर अपने डांस मूव्स, शॉर्ट वीडियो और क्लिप के लिए जानी जाती हैं। एमएक्स टकाटक, स्नैपचैट और फेसबुक पर भी उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं। टिकटोक पर सोफिया अंसारी के 56 लाख से ज्यादा फैन हैं।
सोफिया को उनके प्यारे लुक्स, प्यारी मुस्कान, स्टाइल और हॉट पर्सनालिटी के लिए जाना जाता है।
उनका जन्म 30 अप्रैल 1996 को सूरत, गुजरात में हुआ था। सोफिया टिकटॉक पर लिप-सिंक करने वाले वीडियो की वजह से वायरल हो गई थी। 2020 में टिकटॉक पर बैन लगने के बाद उन्होंने यूट्यूब चैनल पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। यूट्यूब पर उनके 158 हजार सब्सक्राइबर हैं।
वह यूट्यूब पर व्लॉग और ज्यादातर शॉर्ट वीडियो अपलोड करती हैं। सोफिया अब एमएक्स टका तक ऐप पर भी वीडियो पोस्ट करती हैं जो खूब वायरल होता है और इंस्टाग्राम पर उनके 4.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। मार्च में, उनका एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ, जिससे उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ गई।
वह किसी के साथ रिलेशनशिप में रहने की बजाय अपने करियर पर पूरा फोकस करती हैं। वह खुशी से सिंगल है और अपना जीवन पूरी तरह से जी रही है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार रत्न धारण करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है। हर ग्रह के अलग रत्न होते हैं। जातक की कुंडली पर विचार कर रत्न धारण किए जाते हैं। कुछ रत्न ऐसे भी होते हैं, जिन्हें एक साथ नहीं पहनना चाहिए। इन रत्नों को एक साथ पहनने से परेशानियां कम होने की जगह बढ़ सकती हैं। अगर कुछ रत्नों को साथ में पहन लिया तो व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
आइए जानते हैं किन रत्नों को साथ नहीं पहनना चाहिए।
मोती के साथ हीरा, पन्ना, गोमेद, लहसुनिया और नीलम न पहने
अगर किसी व्यक्ति ने मोती पहन रखा है तो उस व्यक्ति को हीरा, पन्ना, गोमेद, लहसुनिया और नीलम धारण नहीं करना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चंद्रमा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मोती धारण किया जाता है। मोती के साथ हीरा, पन्ना, गोमेद, लहसुनिया और नीलम पहनने से मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
पन्ना के साथ पुखराज, मूंगा और मोती न पहने
अगर किसी व्यक्ति ने पन्ना धारण कर रखा है तो उस व्यक्ति को पुखराज, मूंगा और मोती नहीं पहनना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पन्ना बुध ग्रह का रत्न होता है। इसे पहनने से बुध का अशुभ प्रभाव कम होता है। पन्ना के साथ पुखराज, मूंगा और मोती धारण करने से धन- हानि हो सकती है।
लहसुनिया के साथ माणिक्य, मूंगा, पुखराज और मोती न पहने
अगर किसी व्यक्ति ने लहसुनिया धारण कर रखा है तो उस व्यक्ति को माणिक्य, मूंगा, पुखराज और मोती नहीं पहनना चाहिए। लहसुनिया के साथ माणिक्य, मूंगा, पुखराज और मोती धारण करने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
नीलम के साथ माणिक्य, मूंगा, मोती और पुखराज न पहने
नीलम शनि ग्रह का रत्न है। अगर किसी व्यक्ति ने नीलम धारण कर रखा है तो उसे माणिक्य, मूंगा, मोती और पुखराज नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करने से विपरित प्रभाव पड़ सकता है।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
सर्दियों की छुट्टियां बहुत ही मजेदार होती हैं. सर्दियों के मौसम में लोग अक्सर बाहर घूमने जाने का प्लान बनाते हैं. लेकिन ये ध्यान रखना जरूरी है कि सर्दियों में छुट्टियों के लिए केवल गर्म कपड़ों की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि इसके लिए और भी चीजों जरूरत होती है.
अगर आप सर्दियों में घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप कौन सी चीजें जरूर साथ ले जानी चाहिए आइए जानें.
विंटर आउटिंग के लिए ये चीजें न ले जाना भूलें
हेड कैप्स और स्कार्फ
सर्दियों की छुट्टियों के दौरान, स्कार्फ और टोपी एक आवश्यकता बन जाती है, जो हमें सर्द हवाओं से बचाती है और हम दिन का आनंद ले पाते हैं. सर्दियों से बचाव के लिए केवल जैकेट की काफी नहीं है. स्कार्फ और हेड कैप आपके सिर, गर्दन और गले को ठंड से बचाते हैं. इसलिए सर्दियों की छुट्टियों के लिए ये वस्तुएं जरूरी है.
आरामदायक जूते
भले ही फुटवियर के लिए बहुत सारे आकर्षक विकल्प हैं, लेकिन यात्रा पर अपने साथ कम्फर्टेबल शूज ले जाना जरूरी है. अच्छी क्वालिटी के जूते ले जाना आपकी पैकिंग का जरूरी हिस्सा हैं.
जुराबें और दस्ताने
सर्दियों की छुट्टियों के लिए पैकिंग करते समय हाथों और पैरों को अक्सर अनदेखा किया जाता है, जिसका आमतौर पर बाद में यात्रा के दौरान पछतावा होता है. जुराबें और दस्ताने हाथों और पैरों में ठंड से सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिससे आप ठंड की चिंता किए बिना आनंद ले सकते हैं. इसलिए इन्हें अपने अन्य आवश्यक सामानों के साथ पैक करना न भूलें.
थर्मल
थर्मल किसी भी ठंड के मौसम के रोमांच के लिए जरूरी हैं. अच्छी क्वालिटी के थर्मल गारमेंट कैरी करने से आप गर्म रहेंगे और आपको ज्यादा ठंड का अहसास नहीं होगा. उच्च तापमान पर, थर्मल आपके शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं. सुनिश्चित करें कि आपके थर्मल पूरे शरीर को ढक रहे हैं.
स्वेटर और जैकेट
स्वेटर और जैकेट आपकी सर्दियों की यात्रा के लिए जरूरी हैं. सुनिश्चित करें कि आपके सामान में अच्छी क्वालिटी वाले स्वेटर और कोट हैं.
लाइट बैकपैक
अपनी यात्रा के लिए बैकपैक या अच्छी क्वालिटी वाले सूटकेस का चयन करना जरूरी है. ये आरामदायक और हल्का होना चाहिए. ये आपकी सभी चीजों को एक छोटी सी जगह में फिट करने में सक्षम होना चाहिए. ज्यादा सामान न लाएं. ट्रेकिंग एडवेंचर्स के लिए लाइट बैकपैक कैरी करना सबसे अच्छा काम करता है.
थर्मो फ्लास्क
पानी की बोतल या थर्मस फ्लास्क आपकी सर्दियों की छुट्टियों की पैकिंग लिस्ट में एक आवश्यक वस्तु है. गर्म पानी, चाय या कॉफी के लिए थर्मो फ्लास्क जरूरी है. अगर रास्ते में कोई दुकान नहीं हैं तो यात्रा पर अपने साथ पानी या कुछ गर्म ले जाना आवश्यक है.
कई बार ऐसा होता है कि शादी का मन है लेकिन कभी सही रिश्ते नहीं मिलते तो कभी रिश्ते मिलने के बाद असमंजस की स्थिति बनी रहती है. क्या आपको भी लाइफ पार्टनर नहीं मिल रहा? क्या आप भी अकेले जीवन जीने लगे हैं? यह कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनकी जद्दोजहद में न जाने आज कितने युवा घिरे हुए हैं. हालांकि, ऑनलाइन डेटिंग या मैट्रेमोनियल वेबसाइट के समय में जीवनसाथी को ढूंढना बहुत मुश्किल का काम नहीं है. लेकिन कई बार वहां भी पसंद के लोग नहीं मिलते हैं. ऐसे में उन लोगों को सबसे पहले यह समझने की बेहद जरूरत है क्या वह शादी के लिए तैयार हैं.
क्या आप शादी के लिए तैयार हैं?
पार्टनर के छोड़ जाने या ब्रेकअप से उबरने के लिए भी लोग शादी जैसे रास्ते को अपना ऑप्शन बनाते हैं, जो सरासर गलत है. उन लोगों का ऐसा मनाना है कि किसी तीसरे के आ जाने से उनका अकेलापन दूर हो जाएगा. ऐसे में अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो सबसे पहले यह सवाल खुद से पूछिए क्या आप वाकई में शादी जैसा रिश्ता निभाने के लिए तैयार हैं?
जानें क्यों नहीं मिल रहा है लाइफ पार्टनर
माना जाता है कि कुछ ज्योतिषीय कारकों की वजह से भी शादी जैसे बंधन में देर होती है, लेकिन कभी-कभार आपका व्यवहार भी एक रिश्ते को निभाने के लिए बहुत मायने रखता है. कई बार न चाहते हुए भी हमारे अंदर की झिझक, मानसिक अवसाद या बात करने के तरीके से भी शादी जैसी बात बिगड़ जाती है.
आज भी लड़कियों के लिए सुंदरता एक बड़ा पैमाना
भले ही देश आज कितना भी आगे क्यों न बढ़ रहा हो, लेकिन घर की बहू के लिए उनके दिमाग में पहले से ही एक पैमाना सेट है. अगर लड़की सुंदर है तो उसे हर कोई अपने घर की बहू बनाना चाहेगा. वहीं सांवली लड़कियों को कई बार एक लंबी चेकलिस्ट से गुजरना पड़ता है. लड़कियां कितना भी आज आगे निकल चुकी हैं लेकिन उन्हें इन परेशानियों से गुजरना ही पड़ता है.
बार-बार रिजेक्शन
शादी जैसे रिश्ते में बार-बार होने वाला रिजेक्शन भी हमारे अंदर के आत्मविश्वास को मारने में विशेष भूमिका निभाता है, जिसके कारण भी हम शादी जैसे बंधन में नहीं बंधना चाहते. ऐसे में अगर आप भी एक से दो बार इन चीजों को फेस कर चुके हैं, तो सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आखिरकार ऐसे क्या कारण हैं, जिनकी वजह से आपको सामने वाला ठुकरा रहा है.
पैसों पर तो नहीं बिगड़ रही बात
कई बार रिश्ते में आपसी तालमेल तो बैठ जाता है, लेकिन जब लेन-देन यानी दहेज की बात आती है, तो चीजें खराब होने लगती हैं. ऐसे में अगर आप होने वाले पार्टनर को देखने या मिलने जा रहे हैं तो उससे पहले होने वाले लेन-देन, पसंद नापसंद को मालूम कर लें, क्योंकि आपका एक कदम किसी को बुरी तरह परेशान कर सकता है.
चाणक्य के अनुसार धन व्यक्ति के जीवन के सरल और सुगम बनाता है. यही कारण है कि हर व्यक्ति धनवान बनाना चाहिए. चाणक्य ने लक्ष्मी जी को धन की देवी बताया है. धन की देवी लक्ष्मी जी का जब आशीर्वाद प्राप्त होता है तो जीवन में सुख-समृद्धि और मान सम्मान में वृद्धि होती है. धन की बचत को लेकर चाणक्य ने कुछ अहम बातें बताई हैं, जिन्हें आपको भी जानना चाहिए-
खर्चों पर नियंत्रण-
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को आय से अधिक धन का व्यय नहीं करना चाहिए. जो लोग धन आने पर उसे अनावश्यक चीजों पर व्यय करते हैं उन्हें आगे चलकर परेशानी का सामना करना पड़ता है. भविष्य में आने वाली परेशानियों से यदि बचना है तो धन की बचत करनी चाहिए और आय से अधिक धन का व्यय नहीं करना चाहिए.
गलत कार्यों पर धन का व्यय न करें-
चाणक्य नीति कहती है कि धन एक प्रमुख साधन है. इससे जीवन को आसान बनाया जा सकता है. इसलिए इसका प्रयोग बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए. जो धन के प्रयोग के मामले में जागरूक नहीं होते हैं, उनसे लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं और छोड़कर चली जाती है. धन आने पर इसे कल्याण के कामों में खर्च करना चाहिए. जो लोग धन का प्रयोग दूसरों को हानि पहुंचाने के लिए करते हैं, उन्हें आगे चलकर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
धन की बचत करें-
चाणक्य नीति कहती है कि धन की बचत करनी चाहिए. बुरे वक्त में धन की बचत ही काम आती है. चाणक्य के अनुसार बुरे वक्त में धन सच्चे मित्र की भूमिका निभाता है. धन की बचत संकट से बचाती है. धन की बचत करना चाहिए और अवश्यक चीजों पर ही धन को खर्च करना चाहिए. धन का दिखावा कभी नहीं करना चाहिए.
नींद हमारे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चैन की नींद सोने से हम तरोताजा महसूस करते हैं और सुबह एक नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे अन्य कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। इसके विपरीत अगर किसी कारणवश नींद ठीक से पूरी न हो पाए तो शरीर कई बीमारियों से घिर सकता है, इसलिए आपको अपनी नींद पर अधिक ध्यान देना चाहिए। अच्छी नींद के लिए आप ये हाइजीन टिप्स अपना सकते हैं।
शोरगुल और लाइट वाली जगह को सोने के लिए न चुनें
अगर आपके सोने के कमरे में किसी चीज का शोर होगा तो इससे आपकी नींद में खलल पड़ सकता है। हालांकि अगर आप चाहकर भी अपने आसपास का शोर दूर नहीं कर सकते हैं तो आप नॉइस रिडक्शन रेशो इयर प्लग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपके सोने वाले कमरे की सभी लाइट्स भी बंद होनी चाहिए क्योंकि इससे आपको अच्छी नींद लेने में मदद मिलेगी।
अच्छे तकिये और गद्दे चुनें
अगर आप नहीं चाहते कि आपकी नींद किसी भी चीज से प्रभावित हो तो अपने नींद वाले कमरे का माहौल सोने के लिए आरामदायक बनाएं। इसके लिए आप अपने बिस्तर का गद्दा और तकिये मुलायम चुन सकते हैं क्योंकि अगर आपका गद्दा और तकिया चुभने वाला होगा तो वह आपको पूरी रात परेशान करेगा और सोने भी नहीं देगा। इसलिए आपके लिए एक अच्छे तकिये और गद्दे का चयन करना जरूरी है।
स्क्रीन को कमरे से दूर रखें
अगर आपके सोने वाले कमरे में टीवी, मोबाइल या लैपटॉप जैसे उपकरण होंगे तो आप न जाने कितनी देर तक इन्हीं के इस्तेमाल में लगेंगे और नींद नहीं आएगी। इसलिए अगर आप यह चाहते हैं कि आपको समय से नींद आ जाए तो अपने मोबाइल आदि को बंद करके सो जाएं। वहीं अगर सुबह जल्दी उठना है तो फोन जैसे उपकरण की बजाय अलार्म घड़ी में अलार्म सेट करके सोएं।
सोने और उठने का एक ही समय रखें
शायद आपने इस बात पर ध्यान न दिया हो, लेकिन जब हम कुछ दिन एक ही समय पर उठते रहते हैं तो वह आदत बन जाती है, फिर आप बिना अलार्म के भी उसी समय उठ सकते हैं। ऐसा ही सोते समय भी होता है। अगर आप रोजाना एक ही समय सोएंगे तो आपकी उसी समय नींद आने की आदत पड़ जाएगी। इसलिए अपना सोने का और उठने का एक समय निश्चित कर लें।
चाणक्य नीति मनुष्य को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. यही कारण है कि आज भी चाणक्य नीति का महत्व कायम है. चाणक्य को आचार्य चाणक्य भी कहा जाता है. चाणक्य का संबंध अपने समय के विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से था. वे यहां छात्रों को शिक्षा प्रदान करते थे, इसी कारण उन्हें आचार्य भी कहा जाता है.
चाणक्य ने ज्ञान और अनुभव के आधार पर कई महत्वपूर्ण बातें बताई जो आज भी लोगों को प्रेरणा प्रदान करती हैं. चाणक्य का मानना था कि जिन लोगों का दांपत्य जीवन खुशियों से भरा रहता है, वे जीवन में सभी प्रकार के सुखों का आनंद उठाते हैं. ऐसे लोग जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं. दांपत्य जीवन को सुखद बनाने के लिए चाणक्य ने कुछ बातें बताई हैं, जिन्हें जानना चाहिए-
समस्याओं का हल मिलकर निकालें-
चाणक्य नीति कहती है कि सभी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं ऐसा कोई नहीं है जिसके जीवन में कोई समस्या न आए. जो इन समस्याओं को कुशलता से हल करता है, उसे ही लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है. चाणक्य के अनुसार समस्या का हल पति और पत्नी को मिलकर निकालना चाहिए.
सम्मान में कमी न आने दें-
चाणक्य नीति कहती है हर रिश्ते की एक मर्यादा होती है. पति और पत्नी का रिश्ता इस दुनिया के सबसे मजबूत रिश्तों में से एक है. ये रिश्ता प्रेम और विश्वास पर कायम है. इस रिश्ते में जब प्रेम और विश्वास की कमी आने लगती है तो एक दूसरे के प्रति आदर और सम्मान में भी कमी आने लगती हैं. यहीं से एक दूसरे के रिश्ते में तल्खी और कड़वाहट आना आरंभ हो जाता है. इससे बचना चाहिए और एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए.
चाणक्य नीति कहती है कि ध्यान न दिया जाए तो बच्चा बहुत जल्द गलत आदतें सीखने लगता है. संतान को योग्य बनाने के लिए माता पिता को इन बातों को कभी नहीं भूलना चाहिए. आइए जानते हैं आज की चाणक्य नीति-
झूठ बोलना-
चाणक्य नीति कहती है कि यदि बच्चा झूठ बोलने लगे तों माता पिता को गंभीर हो जाना चाहिए और आरंभ में ही इस आदत को दूर करने का प्रयास करना चाहिए. यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो ये आदत बच्चे के साथ माता-पिता का भी अहित करती है. चाणक्य के अनुसार बच्चों में झूठ बोलने की प्रवृत्ति बहुत जल्दी पनपती है. बच्चों को ऐसा माहौल, शिक्षा और संस्कार प्रदान करना चाहिए जिससे झूठ बोलने की आदत न पनप सके.
जिद करने की आदत-
चाणक्य के अनुसार अधिक प्यार से भी बच्चे जिद्दी हो जाते हैं. ये आदत भी बच्चों में बहुत जल्दी पनपती है यदि उचित ध्यान न दिया जाए. चाणक्य नीति कहती है कि माता-पिता को बच्चों की बात को गंभीरता से सुनना चाहिए. हर बच्चे में कोई न कोई खास विशेषता होता है जो उसे दूसरों से अलग बनाती है. इस विशेषता की पहचान कर उसे प्रोत्साहित करें. बच्चों का सम्मान करें और उनके समय प्रदान करें.
घर का माहौल अच्छा रखें-
चाणक्य नीति कहती है कि बच्चों पर सबसे अधिक घर के माहौल का पड़ता है. इसलिए माता-पिता को घर का माहौल बेहतर रखने का प्रयास करना चाहिए. माता-पिता को आपस में श्रेष्ठ व्यवहार करना चाहिए. अच्छी भाषा शैली का प्रयोग करना चाहिए. इन बातों का बच्चों के मन और मस्तिष्क पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
शॉर्ट ड्रेसस पहनना आजकल हर लड़की को पसंद होता है. पार्टी से लेकर रोजमर्रा में जमकर लड़किया शॉर्ट ड्रेस पहन रही हैं. शॉर्ट ड्रेसस जहां देखने में अच्छी लगती हैं, तो वहीं आपको स्टाइलिश लुक भी देती हैं. हालांकि गर्मी और तेज धूप में अक्सर शार्ट्स पहनने से हर किसी की स्किन झुलस जाती है. जिस कारण से आपको लुक और स्टाइल दोनों खराब लगते हैं. ऐसे में अगर कभी भी आपके साथ ऐसा हो तो वक्त रहते आपको अपनी स्किन का ध्यान रखना होगा. ऐसे में यही सही वक्त है, जब आप अपनी स्किन को ढेर सारा प्यार लौटाएं.
काली पड़ जाती हैं थाई
अक्सर ऐसा होता है कि शॉर्ट ड्रेस पहनने पर आप कितना भी सनस्क्रीन लगा लें, लेकिन धूप का असर स्किन पर पड़ता ही है. ऐसे में जांघों की त्वचा का कालापन और इन पर जमा रूखी , डेड सेल्स को हटाने के लिए आपको नींबू का रस और नारियल तेल लेना होगा. आपको 3 चम्मच नारियल तेल लें और इसमें 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं. इसके बाद इस मिक्सचर को थाई पर लगाएं और अच्छी तरह से मसाज करें. फिर 15 से 20 मिनट के बाद इसको धो लें.
थाइज को दें प्यार की थपकी
थाइज की केयर को आमतौर पर हम अनदेखा कर देते हैं. ज्यादातर समय हम घुटनों के नीचे के हिस्से पर ही मॉइश्चराइजर लगाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि धीरे धीरे थाइज परमहीन लाइनें आ जाती हैं और त्वचा बेजान दिखने लगती है. साथ ही ये स्किन काली भी हो जाती है. ऐसे में आप अपनी स्किन पर ऐलोवेरा जेल का उपयोग नियमित रूप से करें.
थाइज को गोरा बनाने के लिए
अपनी थाइज को गोरा बनाने के लिए आप आलू को छीलकों को पीस लें और इस पेस्ट से अपनी थाइज पर 10 मिनट की मसाज करें. इसके बाद हिस्से को 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर साफ पानी से धो लें. ऐसा करने से सिर्फ 5 से 7 दिन के अंदर ही आपकी स्किन गोरी हो जाएगीय
आलू त्वचा में रूखापन बढ़ाता है.ऐसे में स्किन साफ करने के बाद मॉइश्चराइजर लगना कभी ना भूलें.
गोरी और स्मूद बन जाएगी त्वचा
केला के छिलके को आप जांघों की त्वचा पर आराम से रगड़ें. दोनों पैरों की थाई पर 7 से 10 मिनट के लिए रगड़ें और ऐसे ही कुछ वक्त के बाद धो लें.इसके बाद त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगाएं. आप कुछ ही वक्त में इसका असर दिखेगा.
थाइस पर लगाएं दाल का पैक
थाइज को सुंदर बनाने के लिए आप आधा कप मसूर दाल को रात को पानी में भिगोकर रख दें, फिर सुबह इस दाल को शहद के साथ पीसकर पेस्ट बना लें. इसके बाद इस पेस्ट को जाघों को पर लगाएं. करीब 25 मिनट के बाद पानी से धोकर साफ कर लें। फिर मॉइश्चराइजर का उपयोग करें.
चाणक्य नीति के अनुसार हर सफल व्यक्ति के शत्रु होते हैं. जो आपकी तरक्की में बाधा पैदा करने की कोशिश करते हैं. शत्रु को कभी कमजोर समझने की गलत नहीं करनी चाहिए. आचार्य चाणक्य के अनुसार शत्रु दो प्रकार के होते हैं. पहले वे जो दिखाई देते हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं. दूसरे शत्रु वे होते हैं जो दिखाई नहीं देते हैं और अक्सर छिप कर हमला करते हैं. चाणक्य के मुताबिक दोनों ही शत्रु खतरनाक होते हैं और मौका पाकर हमला करते हैं. इसलिए व्यक्ति को सदैव सतर्क रहना चाहिए. चाणक्य के अनुसार शत्रु कभी हानि न पहुंचा सके, इसके लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
स्वयं की छवि को बेहतर बनाएं-
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को स्वयं की छवि को लेकर सर्तक रहना चाहिए. छवि खराब होने पर शत्रु इसका सबसे अधिक लाभ उठाता है. लोगों के मध्य छवि नकारात्मक बनने लगती है तो शत्रु हानि पहुंचाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं.
अहंकार से दूर रहें-
चाणक्य नीति कहती है कि अहंकार सबसे बड़ा शत्रु है. इससे दूर रहना चाहिए. अहंकार करने वाले व्यक्ति का पतन बहुत जल्द होता है. इसलिए अहंकार कभी नहीं करना चाहिए.
विनम्रता का परिचय दें-
चाणक्य नीति कहती है कि शत्रु को यदि पराजित करना है तो अच्छे गुणों को विकसित करना चाहिए. विनम्रता भी एक ऐसा ही गुण है. विनम्रता से शत्रु भी घबराते हैं. विनम्र व्यक्ति को हर स्थान पर सम्मान प्राप्त होता है. विनम्र व्यक्ति सभी के प्रिय होते हैं. विनम्रता एक श्रेष्ठ गुण है. विनम्र व्यक्ति संकट आने पर नहीं घबराते हैं और उनका डटकर मुकाबला करते हैं और विजय प्राप्त करते हैं.
बेमौसम बारिश और कम आपूर्ति के कारण कई जगहों पर टमाटर के दाम तीन गुना बढ़ गए हैं, जिसके कारण आम आदमी की थाली से यह गायब होता जा रहा है और सब्जियों का स्वाद भी कम हो रहा है। हालांकि, आप चाहें बिना टमाटर के भी अपने खाने का स्वाद बढ़ा सकते हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताते हैं, जिनका इस्तेमाल आप अपने खाने में टमाटर की जगह कर सकते हैं।
इमली
बढ़ते दाम के कारण अगर आप टमाटर नहीं खरीदना चाहते हैं तो आप इसकी जगह अपने खाने में इमली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए थोड़ी सी इमली को पानी में डालें और जब आप सब्जी या चटनी बनाने जा रहे हों तो उससे पहले इमली के पानी की इमली को हाथ से तब तक मलें, जब तक कि उसका बीज बाहर न आ जाए। अब इमली के पानी को छानकर सब्जी की ग्रेवी या फिर चटनी में मिलाएं।
टोमेटो सॉस
अगर आपके घर में टोमेटो सॉस है तो आप इसका इस्तेमाल भी टमाटर की जगह खाने में कर सकते हैं। जब आपको किसी खाने में थोड़े मिठास वाले स्वाद के लिए टमाटर की जरूरत हो तो आप टोमेटो सॉस का इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए पनीर की सब्जी बनाते समय टोमेटो सॉस डाली जा सकता है। वहीं, जिन व्यंजनों में आपको तीखापन और टमाटर का रंग चाहिए वहां आप चिली सॉस के साथ टोमेटो सॉस डाल सकते हैं।
कद्दू
कद्दू एक ऐसी सब्जी है, जिसमें टमाटर की तरह मिठास और गाढ़ापन होता है यानी जिन व्यंजनों को बनाते समय आप गाढ़ापन लाने के लिए टमाटर की प्यूरी का इस्तेमाल करते हैं वहां आप कद्दू से प्यूरी बनाकर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। कद्दू की प्यूरी बनाने के लिए आपको बस कद्दू को छिलें, फिर उसे मिक्सी में पीसकर इस्तेमाल करें। इसके अतिरिक्त, आप जहां-जहां टमाटर को बारीक काटकर मिलाते थे, वहां आप कद्दू को काटकर भी मिला सकते हैं।
अमचूर और सिरका
चटनी हो या फिर चटनी, जिन चीजों को बनाते समय आपको टमाटर का खट्टापन चाहिए वहां आप टमाटर की जगह अमचूर या फिर सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इनका इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें कि इन्हें अधिक मात्रा में चीजों में नहीं डालना है, नहीं तो ये ज्यादा खट्टा बनाकर सब्जी का स्वाद भी बिगाड़ सकते हैं। अमचूर और सिरके के अलावा, दही और आंवले के पाउडर का इस्तेमाल करके भी खाने में खट्टापन लाया जा सकता है।
नई दिल्ली: भारत में शादी का सीजन चल रहा है, और ऐसे में कपल्स हनीमून की प्लानिंग जोर-शोर से कर रहे होते हैं. ऐसा करें भी क्यों न आखिर शादी के बाद ये कपल्स का पहला ट्रिप जो होता है. हर एक कपल अपनी शादी के बाद की इस पहली ट्रिप को यादगार बनाना चाहता है, जहां वो अपने पार्टनर के साथ हाथों में हाथ थामें प्यार भरे पलों को एंजॉय कर सके. अगर आप भी ऐसा ही कुछ प्लान कर रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है. हनीमून में बिताए गए पल पूरी जिंदगी याद रहते हैं. ऐसे में अगर हनीमून एक बेहतरीन डेस्टिनेशन पर हो तो कहना है क्या. बेहद रोमांटिक होने के साथ-साथ आपके हनीमून को कुछ खास बनाने के लिए ये जगहें एक दम परफेक्ट हैं. इन जगहों पर आपको एक बार जाने की प्लानिंग जरूर करनी चाहिए.
हनीमून के लिए इन जगहों का सफर करें प्लान
अंडमान एंड निकोबार
अगर आप किसी हॉलीवुड स्टाइल डेस्टिनेशन पर जाने के बारे में सोच रहे हैं तो बेझिझक अंडमान एंड निकोबार के लिए पैकिंग कर लीजिए. यहां के समुद्री तटों पर बिखरी रेत, ताड़ के पेड़ से बंधे छायादार झूले, स्कूबा डाइविंग, ग्लास बोट राइड और विंड सर्फिंग रोमांस में चार चांद लगा देंगे. समुद्री जीवन और हरे-भरे प्रवाल भित्तियों के साथ घर से दूर, अंडमान और निकोबार के सुदूर द्वीप हनीमून रोमांच के लिए बेस्ट जगहों में से एक है. यहां आप समुद्री कछुओं के साथ स्विमिंग का मजा उठाते हुए हनीमून को यादगार बना सकते हैं.
केरल (तिरुवनन्तपुरम)
केरल को पूर्व का वेनिस कहा जाता है. ये एक ऐसा खूबसूरत हनीमून डेस्टिनेशन है, जहां पूरे साल भर भारतीय और विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहता है. केरल में यह एडवेंचर अलेप्पी में होता है. इसके अलावा आप यहां चाय के बागान, पर्वत और कई खूबसूरत नजारे देख सकेंगे और अपने हनीमून को यादगार बना सकते हैं.
दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)
दार्जिलिंग चाय बागानों के अलावा एक बेस्ट हनीमून डेस्टिनेशन भी है. इसे 'क्वीन ऑफ हिल्स' भी कहा जाता है. हनीमून को यादगार बनाने के लिए आप टॉय ट्रेन की मदद ले सकते है. इस ट्रेन में बैठकर आप चाय के बागान, देवदार के जंगल, तीस्ता और रंगीन नदियों के संगम के खूबसूरत नजारों को देखते हुए अपने हनीमून को यादगार बना सकते हैं. मौसम साफ होने पर आप यहां से विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट भी देख सकते हैं.
तवांग (अरुणाचल प्रदेश)
भारत और तिब्बत के बीच समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर तवांग स्थित है, जो बेहद खूबसूरत है. यहां आपको खूबसूरत पडाड़, झरने, घाटियां और झील देखने को मिलेगी. यहां आपको हवाओं की ताजगी महसूस होगी. इसके साथ ही आपको यहां ऊंचे पहाड़ों के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा. वैसे तो तवांग शहर तक सड़क से पहुंचने का रास्ता कठिन है, लेकिन जैसे ही आप शहर में प्रवेश करेंगे आपको बर्फ की चादर से ढकी चोटियों के नजारें देखने को मिले जाएंगे, जो आपकी रास्ते की थकान को पल भर में गायब कर देंगे. अगर आप हनीमून पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो तवांग आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है.
हंपी (कर्नाटक)
अगर आप इतिहास में इंटरेस्ट है तो आप इस जगह को घूमने जा सकते हैं. हालांकि ये पूरी तरह से आप और आपके पार्टनर पर निर्भर करता है. अगर दोनों को ऐसी जगहों पर जाना पसंद है तो आप जा सकते हैं. यहां पुराने खंडहरों और चट्टाने काफी खूबसूरत लगती हैं.
आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों को लेकर दुनियाभर में मशहूर हैं। उन्होंने अपनी नीतियों के बल पर नंद वंश का नाश कर साधारण बालक चंद्रगुप्त को मौर्य वंश का सम्राट बना दिया था। आचार्य चाणक्य एक महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और शिक्षाविद थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई पहलुओं का वर्णन किया है। चाणक्य की ये नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।
माना जाता है कि चाणक्य की नीतियों का पालन करने वाले व्यक्ति को जीवन में असफलता हासिल नहीं होती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में ज्ञान के साथ धन के महत्व भी बखूबी समझाया है। चाणक्य कहते हैं कि जहां धन आपको मुश्किलों से निकालता है, वहीं विद्या सबसे बड़ा धन होती है।
पुस्तकों में रहने वाली विद्या-
आचार्य चाणक्य के अनुसार, किताबों में रहने वाली विद्या किसी काम की नहीं होती है। इस कथन का अर्थ है कि जो ज्ञान केवल किताबों में तक ही सीमित रहता है, उसका वक्त आने पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसलिए व्यक्ति को किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी होना जरूरी है। चाणक्य कहते हैं कि गुरु से ज्ञान लेते समय शिष्य को अपनी पूरी जिज्ञासा शांत कर लेनी चाहिए, क्योंकि अधूरा ज्ञान आपको मुश्किलों में डाल सकता है।
दूसरों के पास रखा धन-
चाणक्य कहते हैं कि दूसरों के पास रखा धन किसी काम का नहीं होता है। इसलिए व्यक्ति को धन हमेशा अपने पास रखना चाहिए। अक्सर लोग अपना धन दूसरों को दे देते हैं, जो कि समय पर मिलना मुश्किल होता है।
आचार्य चाणक्य का लिखा नीति शास्त्र समाज कल्याण की कई अवधारणाओं को दिशा देता है. इसी पुस्तक में चाणक्य ने कुछ ऐसी बातों से सतर्क रहने का भी संदेश दिया है, जिनसे कोई भी बड़ा से बड़ा या ताकतवर व्यक्ति पल भर में अपने अंत तक पहुंच सकता है. आग, पानी, मूर्ख व्यक्ति, सांप और राज परिवार. इनसे टकराव हमेशा की घातक रहा है. आइए जानते हैं इनका जीवन पर कैसे पड़ सकता है दुष्प्रभाव.
आग
चाणक्य के मुताबिक किसी व्यक्ति को कभी आग से नहीं खेलना चाहिए, क्योंकि जान पर भारी पड़ने के साथ अशुभ फलदायक हो सकता है. आग पल भर में ही किसी चीज को राख कर सकती है.
मूर्ख या उतावला व्यक्ति
चाणक्य मानते हैं कि धरती पर अन्न, जल और मीठे वचन, ये तीनों चीजें वास्तविक रत्न हैं मगर मूर्ख लोग पत्थर के टुकड़ों को रत्न मान बैठते हैं. इसलिए रत्न और धन-दौलत के लिए लालची लोगों का साथ जानलेवा हो सकता है. इसी तरह व्यक्ति का उतावलापन भी उसके लिए घातक हो सकता है. व्यक्ति के कर्म सदा पीछे चलते हैं, इसलिए मूर्ख से बेहद सावधान रहना चाहिए.
पानी
हकीकत तो ये है कि पानी बिना जीवन संभव ही नहीं है, मनुष्य ही नहीं हर जीव-जंतु को जिंदा रहना है तो पानी चाहिए ही होगा. मगर कई बार यही पानी जानलेवा भी हो सकता है. आपको तैरना नहीं आता है और नदी-तालाब या कुएं में गिर गए हैं तो पल भर में जान जा सकती है. बाढ़ में फंस गए हों या अतिवृष्टि की चपेट में हों, प्रयास करें कि पानी से दूर सुरक्षित जगह पहुंच जाएं.
सांप
चाणक्य कहते हैं कि सांप की प्रवृत्ति अचानक हमले की होती हैं, ये मनुष्य के संदर्भ में अवसरवादी सोच का परिचायक है. इसलिए ऐसे व्यक्तित्व और सांप से भी सावधान रहने की जरूरत होती है. इनके दंश से मृत्यु का संकट बना रहता है.
राज परिवार या सत्ताधीश
आचार्य चाणक्य के मुताबिक कभी भी राज परिवार-सत्ता से सीधे बैर नहीं पालना चाहिए, क्योंकि ये पल भर में आपका सबकुछ नष्ट कर सकते हैं. प्रयास करें कि इनसे मर्यादित दूरी और सम्मान बनाए रखें. ऐसा करने वाले हमेशा सफलता के द्वार तक पहुंचते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि just36news.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.





















