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घर पर बना सकते हैं तरह-तरह के स्वादिष्ट बिस्किट, जानिए पांच आसान रेसिपी

घर पर बना सकते हैं तरह-तरह के स्वादिष्ट बिस्किट, जानिए पांच आसान रेसिपी

बिस्किट दुनियाभर में अलग-अलग स्वाद में लोकप्रिय हो चुके हैं, जिनका मजा आप अपनी पसंदीदा चाय या फिर कॉफी के साथ ले सकते हैं। आइए आज हम आपको पांच तरह के बिस्किट की रेसिपी बताते हैं, जिन्हें आप घर पर बहुत आसानी से कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं। यकीनन ये बिस्किट आपको और आपके परिवार को बेहद पसंद आएंगे।

केसर पिस्ता बिस्किट
सबसे पहले एक कटोरे में घी और चीनी मिला लें, फिर इसमें केसर-दूध का मिश्रण, इलायची का पाउडर और जायफल का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद इसमें मैदा और दूध डालकर नरम आटा गूंथ लें, फिर आटे को बेलिए और उसके ऊपर पिस्ता और बादाम छिड़ककर उसे चौकोर आकार में काट लें। अब 15 मिनट तक बिस्किट को बेक करें और जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

चॉकलेट और ओट्स बिस्किट
इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरे में मैदा, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को मिलाकर एक तरफ रख दें। इसके बाद एक अलग कटोरे में मक्खन और चीनी को साथ फेंटें, फिर इसमें अंडा, वनिला एसेंस, मैदे का मिश्रण, ओट्स, चॉकलेट चिप्स और कद्दूकस किया हुआ सेब डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब इस मिश्रण को घी लगी बेकिंग शीट पर चौकोर आकार में रखें और 15 मिनट तक बेक करने के बाद बिस्किट को ठंडा करके खाएं।

नानखटाई
सबसे पहले एक कटोरे में मैदा, बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर को मिलाकर एक तरफ रख दें। अब एक अलग कटोरे में घी और पिसी हुई चीनी को मिलाएं, फिर इसमें मैदे का मिश्रण, सूजी, पिसा हुआ बादाम, पिसा हुआ पिस्ता और इलायची पाउडर मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। इसके बाद आटे को बेलकर गोल आकार में काट लें, फिर बेकिंग ट्रे पर रखकर इन्हें 20-25 मिनट तक बेक करें।

आटा बिस्किट
सबसे पहले एक कटोरे में साबुत अनाज का आटा, दालचीनी पाउडर और चीनी को मिलाएं, फिर इसमें थोडा़ मक्खन मिलाकर नरम और मुलायम आटा गूंथ लें। अब आटे को एक पेपर में लपेट कर आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें, फिर उसे फ्रिज से निकालकर बेलिए और बिस्किट के आकार में काटकर दोबारा 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें। इसके बाद पहले से गर्म ओवन में 10 मिनट तक बिस्किट को बेक करें और उनका आनंद लें।

बटर बिस्किट
सबसे पहले एक कटोरे में मक्खन को चिकना और फूलने तक फेंटें, फिर इसमें पिसी हुई चीनी डालकर फेंटें, फिर इसमें मैदा और थोड़ा सा नमक मिलाएं। इसके बाद आटे को बेलिए और उसके ऊपर बादाम छिड़ककर उसे चौकोर या फिर किसी भी आकार में काट लें। अब सारे बिस्किट को बेकिंग शीट से ढकी बेकिंग ट्रे पर रखें और उसे पहले से गर्म ओवन में 10 मिनट तक बेक करें। इसके बाद बिस्किट को ठंडा करके परोसें।
 
 

हर महिला के पास जरूर होने चाहिए ये पांच तरह के बैग

हर महिला के पास जरूर होने चाहिए ये पांच तरह के बैग

बैग न सिर्फ उपयोगी होते हैं बल्कि एक महत्वपूर्ण फैशन एक्सेसरी भी है। खासतौर से महिलाओं के लिए क्योंकि उनके ज्यादात्तर आउटफिट में जेब नहीं होती है, जिस वजह से उन्हें अपने साथ एक बैग कैरी करना पड़ता है, जिसमें वह अपनी हर जरूरत की चीज को रखती हैं। वैसे बाजार में अलग-अलग तरह के बैग उपलब्ध हैं, लेकिन आज हम आपको पांच ऐसे बैग के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हर महिला के पास जरूर होने चाहिए।
टोटे बैग
बाजार में उपलब्ध सबसे लोकप्रिय बैगों में से एक टोटे बैग बड़े होते हैं, जिसे महिलाएं अपने किसी भी तरह के आउटफिट के साथ कैरी कर सकती हैं। आमतौर पर कपड़े या फिर लैदर से बने टोटे बैग कैरी करने के लिए आरामदायक होते हैं और दैनिक इस्तेमाल या जब आप खरीदारी के लिए बाहर जाते हैं तो उसके लिए भी यह एकदम सही हैं। अच्छी बात यह है कि टोटे बैग पर्यावरण के अनूकुल होते हैं।
शोल्डर बैग
क्लासिक शोल्डर बैग 1990 के दशक के दौरान बहुत लोकप्रिय था और अभी भी आधुनिक पीढ़ी के बीच लोकप्रिय है क्योंकि यह स्टाइलिश है और आपके आउटफिट में एक अतिरिक्त स्टाइल शामिल करता है। आजकल बाजार में कई तरह के डिजाइन और मध्यम आकार में शोल्डर बैग मौजूद है, जिनमें से आप अपने पसंदीदा शोल्डर बैग खरीदकर कॉलेज, ऑफिस या फिर किसी छोटी ट्रेवलिंग ट्रिप के लिए कंधे पर टांग कर ले जा सकती हैं।
स्लिंग बैग
स्लिंग बैग का आकार छोटा होता है, इसलिए महिलाएं इसे कहीं भी जाते समय आसानी से कैरी कर सकती हैं और उसमें अपनी जरूरी चीजें जैसे चाबियां, मोबाइल, पैसे और दवाइयां आदि रख सकती हैं। इस बैग्स में एडजस्टेबल स्ट्रैप होता हैं, जिन्हें आप अपने कंफर्ट अनुसार बड़ा या छोटा करके कंधे पर टांग सकती हैं। यह बैग रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बिल्कुल सही है और आपके लगभग हर आउटफिट के साथ भी जचेगा।
बैकपैक
बैकपैक में महिलाएं अपना लैपटॉप, हल्के कपड़े और किताबें आदि बहुत ही आसानी से कैरी कर सकती हैं। वैसे आजकल बाजार में बैकपैक की भी कई तरह की वैरायटी उपलब्ध हैं और आपको यह अलग-अलग आकार और सुविधाओं से युक्त भी मिल सकता है, इसलिए जब भी बैकपैक खरीदने जाए तो अपनी जरूरत को ध्यान में रखें। बेहतर होगा कि आप सोबर रंग, हल्का और वाटरप्रूफ बैकपैक ही खरीदें।
फैनी पैक
1990 के दशक की शुरुआत में लोकप्रिय हुए फैनी पैक या बेल्ट बैग दोबारा से चलन में आ गए हैं, जिन्हें आमतौर पर कमर के चारों ओर बांधकर कैरी कर सकते हैं और अपने हाथों को मुक्त करके सुविधा प्रदान कर सकते हैं। बाइकिंग या क्लबिंग के दौरान पर्स ले जाने की बजाय फैनी पैक कैरी कर सकती हैं। यकीनन यह आपको फैशनेबल लुक भी देंगे। वहीं, कैजुअल आउटफिट पर तो ये काफी सूट करते हैं।

 

बिजली बिल के नाम पर व्हाट्सएप पर करते हैं मैसेज, आपके क्लिक करते ही उड़ा देते हैं पूरे पैसे, ऑनलाइन ठगों से बचने का ये है तरीका

बिजली बिल के नाम पर व्हाट्सएप पर करते हैं मैसेज, आपके क्लिक करते ही उड़ा देते हैं पूरे पैसे, ऑनलाइन ठगों से बचने का ये है तरीका

कई सारी सुविधाएं अब घर बैठे संभव होने लगी हैं. ऑनलाइन पेमेंट के जरिए कई बिल जमा करने से लेकर बैठे-बैठे लोगों के खाते में पैसे तक भेजने की सुविधा होती है. ऐसे में फ्रॉड करने वाले भी ठगी के नए तरीके खोजते रहते हैं. ऑनलाइन ठगी के एक तरीके के बारे में जब तक लोगों को पता चलता है तब तक ये ठग नया तरीका खोज निकालते हैं. हाल के दिनों में व्हाट्सएप पर बिजली बिल के भुगतान को लेकर ठगी का खेल चल रहा है.
यदि आपको भी व्हाट्सएप पर बिजली बिल भुगतान करने का मैसेज मिले तो सावधान हो जाइए क्योंकि इन दिनों बिजली बिल के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है. ये फ्रॉड करने वाले किस तरह से आपको अपने जाल में फंसाते हैं हम उसके बारे में आपको विस्तार से बताएंगे जिससे कि आप इनका शिकार न बनने पाएं. ध्यान रखिएगा कि इस खबर को पढ़ने के बाद आप अपने दोस्तों, परिचितों और रिश्तेदारों को भी शेयर कर दीजिएगा जिससे कि वो भी सावधान रहें.
दरअसल ये ठग लोगों के व्हाट्सएप पर या फिर नॉर्मल SMS के जरिए बिजली का फर्जी बिल भेजते हैं. इसके साथ ही वो बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन लिंक भी भेजते हैं. बिल पेमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है. जब आप इसे असली मानकर बिल जमा करने का प्रॉसेस करते हैं तो आपसे कई डिटेल मांगी जाती है. आपकी डिटेल मिलते ही ये ऑनलाइन ठग आपका अकाउंट खाली कर देते हैं.
एक बात और ध्यान देने वाली है कि यदि आपके पास बिजली का बिल जमा करने का मैसेज आता है और आपको लगता है कि कहीं ये असली मैसेज न हो तो घबराएं नहीं. दरअसल बिजली विभाग लोगों को बिल जमा करने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देता है. इतने समय में आप बिजली विभाग के ऑफिस जाकर जानकारी ले सकते हैं. इस समय के भीतर भी यदि आप बिल नहीं जमा कर पाते हैं तो मामूली एक्स्ट्रा चार्ज लगता है.
ऑनलाइन ठगों के झांसे में आने से बचने के लिए जरूरी है कि आप किसी ऐसी लिंक पर क्लिक न करें जो आपके काम की नहीं है. अगर आपने धोखे में क्लिक कर भी दिया तो उसमें मांगी जा रही डिटेल तो बिल्कुल भी ना दें. व्हाट्सएप में आए किसी भी तरह के क्यूआर कोड को स्कैन कर पेमेंट न करें क्योंकि अभी तक बिजली विभाग की तरफ से ऐसा कोई क्यूआर कोड जारी नहीं किया गया है.
आपको बता दें कि फ्री प्रेस जर्नल वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में इसी तरह इलेक्ट्रिसिटी बिल से जुड़े एक फेक मैसेज के चलते एक डॉक्टर को 48 हजार रुपये का चूना लग गया. इससे पहले भी इस तरह के बिजली बिल के फर्जी SMS को लेकर लोग FIR भी दर्ज करा चुके हैं. ये मामले जनवरी 2022 से काफी ज्यादा देखने को मिल रहे हैं.

 

टैटू बनवाने के बाद भूल से भी न करें ये गलती वरना...

टैटू बनवाने के बाद भूल से भी न करें ये गलती वरना...

दुनियाभर में कई लोग टैटू बनवाते हैं। जी दरअसल टैटू बनवाने के लिए हिम्मत चाहिए। हालाँकि टैटू बनवाते समय आपको थोड़ा सहना पड़ता है, लेकिन आपका काम यहीं खत्म नहीं होता है। जी दरअसल टैटू बनवाने के बाद भी उसकी अच्छी देखभाल करना जरूरी है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग टैटू बनवा लेते हैं, लेकिन फिर वे इसकी परवाह नहीं करते। जी हाँ और उसके बाद टैटू में खुजली, दर्द और सूखापन नजर आता है। हालाँकि टैटू बनवाने के बाद त्वचा को ठीक होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है और अगर इस दौरान टैटू का ध्यान रखा जाए तो ड्राईनेस से लेकर खुजली जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं टैटू बनाने के बाद किन बातों का ध्यान रखे।
मॉइस्चराइज जरूर करें-
यह पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। हालाँकि टैटू बनवाने के बाद कम से कम एक हफ्ते तक उस जगह को मॉइश्चराइज रखना बहुत जरूरी है। हालाँकि टैटू क्षेत्र को बहुत अधिक या बहुत कम मॉइस्चराइज़ करने से बचें। जी दरअसल अधिक मॉइस्चराइजिंग आपकी त्वचा के छिद्रों को अवरुद्ध कर सकती है और ब्रेकआउट का कारण बन सकती है। आप टैटू वाली जगह पर वैसलीन, मॉइस्चराइजर या लोशन की एक पतली परत लगाएं।
छिलने न दें-
कुछ लोग यह गलती करते हैं कि जब टैटू बनवाते हैं, तो आपकी त्वचा की ऊपरी परत पांच से सात दिनों में छिलने लगती है। जी हाँ और ज्यादातर लोग इसे खुद ही निकाल देते हैं। हालाँकि आपको वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहिए। जी दरअसल जब आप अपनी त्वचा को छीलते हैं (यह होममेड पील ऑफ मास्क त्वचा के लिए सबसे अच्छा है), तो यह न केवल आपके टैटू को हल्का करता है, बल्कि यह त्वचा की शुष्कता को भी बढ़ाता है। ऐसे में आपको थोड़ा धैर्य दिखाने की जरूरत है ताकि आपकी त्वचा अपने आप छिल जाए।
स्वच्छता का ध्यान रखें-
टैटू बनवाने के बाद हाइजीन का भी खास ख्याल रखना जरूरी है। अगर आप स्वच्छता पर ध्यान नहीं देते हैं, तो इससे न केवल त्वचा का रूखापन बढ़ता है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इस वजह से अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो अपने टैटू को चाटने की कोशिश न करें।
साबुन से बचें-
टैटू बनवाने के बाद करीब एक हफ्ते तक त्वचा में बदलाव आता है। ऐसे में इस दौरान त्वचा रूखी हो जाती है और अगर टैटू वाली जगह पर साबुन लगाया जाए तो उसके सूखने की संभावना काफी बढ़ जाती है। तैरने को कहें ना- अगर आप टैटू क्षेत्र के आसपास शुष्क त्वचा के बारे में चिंतित हैं तो तैराकी से बचें।
 

 महिलाओं को लुभा रही ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी, बनाती है लुक को और भी खास...

महिलाओं को लुभा रही ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी, बनाती है लुक को और भी खास...

इस ट्रेंडी जमाने में हर कोई आकर्षक दिखना चाहता है लिहाजा अपनी पर्सनालिटी को निखारने के लिए सलेक्शन भी कुछ खास होना चाहिए। बात ट्रेडिशनल वियर की हो या फिर ऑफिस वियर अथवा वेस्टर्न आउटफिट की ज्वेलरी भी कुछ हटकर होनी चाहिए। यही वजह है कि अब डिमांड में ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी है। बाजार में जाते ही इस पर से निगाहें हटती ही नहीं। वह कानों के झुमके हों या गले का हार अथवा ब्रेसलेट उस एंटीक सिल्वर के ही नजर आएंगे। इसके साथ ही नोज पिन भी ट्रेंड में है जो आपके लुक को और भी खास बना देती है। इस ज्वेलरी का क्रेज जितना ज्यादा है उतनी ही ये किफायती भी है। यही कारण है कि ये ज्वेलरी ट्रेंड में रहने के साथ-साथ गर्ल्स और महिलाओं को काफी लुभा रही है।
क्या है ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी
ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी का लुक हालांकि ट्रेडिशनल ज्वैलरी से मिलता है लेकिन यह नए जमाने की पसंद है। लड़कियों में इसका क्रेज लगातार बढ़ रहा है। ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी को सिल्वर में मैटल मिलाकर स्टर्लिंग ज्वेलरी से बनाया जाता है। यह ज्वैलरी बोल्ड शाइन लुक में होती हैं जो न तो ज्यादा चमकदार होती हैं और न ही ज्यादा फीकी लगती है। बता दें कि ऑक्सिडाइज्ड ज्वैलरी के बड़े पेन्डेंट वाले नेकपीसए नोज पिन और हावी झुमके इन दिनों आम लड़कियों के साथ साथ बॉलीवुड एक्ट्रेसेज में काफी लोकप्रिय बनते जा रहे है।
ट्रेडिशनल और वेस्टर्न में भी हिट
गोल्ड और सिल्वर की बात करें तो अकसर गर्ल्स और महिलाएं इन्हें वेस्टर्न ड्रेस के साथ कैरी करने में हिचकिचाती है। गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी को सिर्फ ट्रेडिशनल के साथ ही पहना जा सकता है। लेकिन ऑक्सिडाइज्ड जूलरी के साथ आपको ये सब सोचने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इन्हें वेस्टर्न और ट्रेडिशनल दोनों आउटफिट्स के साथ पहना जा सकता है। ये जूलरी आपको किसी भी ड्रेस के साथ पहनने पर ग्लैमरस लुक देती है। साथ ही डार्क और चमकते रंगों के स्टोन के साथ बने डिजाइन और भी ज्यादा अट्रैक्टिव लगते है। जो आपको एक अलग और अट्रैक्टिव लुक दे सकती है।
बढ़ी है डिमांड
ऑक्सीडाइज्ड जूलरी के आगे गोल्ड और सिल्वर की चमक फीकी पड़ती जा रहे हैए अक्सर लेडीज को को वहीँ चीजे पसंद आती है जोए दिखने में यूनिक हो। यही कारण है कि महिलाओं के साथ-साथ लड़कियों की लिस्ट में भी ऑक्सीडाइजड जूलरी उनकी पहली पसंद बन चुकी है। इन जूलरी में स्टोन वर्कए बारीक नक्काशी में लाखों डिजाइन आजकल लेडीज की पसंद बने हुए है।
 

ट्रैफिक पुलिस की अब नहीं चलेगी मनमानी, काटे गलत चालान तो देखें क्या कहता है नियम

ट्रैफिक पुलिस की अब नहीं चलेगी मनमानी, काटे गलत चालान तो देखें क्या कहता है नियम

कई बार ये देखा गया है कि गाड़ी, मोटरसाइकिल या अन्य किसी तरह का वाहन चलाते हुए आपकी कोई गलती ना होने पर भी आपको ट्रैफिक पुलिस की मनमानी और चालान भुगतना पड़ता है। कानून के अनुसार अगर आपकी कोई गलती नही है तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ट्रैफिक चालान कोई कोर्ट का आदेश नही है। इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अगर आपका गलत चालान ट्रैफिक पुलिस काट रही है तो उस समय उन्हें ऐसा करने से रोके नहीं, बल्कि कोर्ट का चालान कटवा लें। आप बाद में उसे कोर्ट में चुनौती देकर चालान देने से बच सकते है।
हेलमेट पहने होने पर भी 2000 का चालान

नए ट्रैफिक नियम के अनुसार आपका हेलमेट पहने होने के बावजूद 2000 रुपए का चालान कट सकता है। दसअसल मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार मोटरसाइकिल, स्कूटर चलाते हुए अगर आपको हेलमेट की स्ट्रिप नही बंधी है तो नियम 194D MVA के अनुसार आपका 1000 रुपए का चालान और अगर आपने दोषपूर्ण हेलमेट (बिना बीआईएस वाला) पहना है तो 194D MVA के अनुसार आपका 1000 रुपए का चालान कट सकता है। ऐसे में हेलमेट पहने होने के बावजूद नए नियमों का पालन ना करने के कारण आपको 2000 रुपए का चालान भुगतना पड़ सकता है।

गलत पार्क किए गए वाहन की फोटो खीचों और कमाओं 500 रुपए

यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से सड़क पर खड़े किए गए वाहन की तस्वीर भेजता है, तो उसे 500 रुपये का इनाम मिलेगा। सरकार जल्द इस तरह का एक कानून लाने जा रही है। वहीं पार्किंग गलत तरीके से करने वाले वाहन मालिक को 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी है।
गडकरी ने कहा कि वह सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, ''मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर जो वाहन खड़ा करेगा, उसपर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वाले की तस्वीर खींचकर भेजने वाले को इसमें से 500 रुपये दिए जाएंगे।'' 

 

source: Hindustan live

कबीर जयंती: कबीर दास जी के इस प्रसंग से मिलती है जीवन की बड़ी सीख

कबीर जयंती: कबीर दास जी के इस प्रसंग से मिलती है जीवन की बड़ी सीख

संत कबीर दास से जुड़े से कई ऐसे प्रसंग और प्रवचन आज भी लोकप्रिय हैं, जिनमें सुखी और सफल जीवन के सूत्र बताए गए हैं. अगर इन्हें अपने जीवन में अपना लिया जाए तो कई परेशानियां खत्म हो सकती है. आइए जानते हैं एक ऐसी ही कहानी जब कबीर ने एक धनवान व्यक्ति को बताया था कपड़ों की उपयोगिता का महत्व.

एक धनवान व्यक्ति कबीर की अमृतवाणी सुनने रोजाना आया करता था. वो प्रवचन ध्यान से सुनता और उनका चिंतन करता था. उस व्यक्ति को ये जानने की बड़ी उत्सुकता थी कि कबीर की वाणी में ऐसा क्या है जो लोग इन्हें इतना महत्व देते हैं. एक दिन प्रवचन के दौरान उसकी नजर कबीर दास जी के कुर्ते पर पड़ी.जो कि बहुत ही साधारण सा था. उसने सोचा कि वो कबीर दास जी को एक कुर्ता भेंट करेगा.

कबीर दास जी को भेंट किया मलमल का कुर्ता

धनी व्यक्ति ने कुछ दिनों के बाद मखमल का एक कुर्ता कबीर दास जी को भेंट कर दिया. कुर्ते की विशेषता ये थी कि उसका बाहर दिखने वाला कपड़ा मुलायम था और अंदर दूसरी तरफ साधारण कपड़ा लगा हुआ था.कबीर दास जी ने धनी व्यक्ति का उपहार स्वीकार कर लिया. अगले दिन जब प्रवचन शुरू हुए तो कबीर दास जी ने वही कुर्ता पहना हुआ था. लेकिन संत कबीर को कुर्ता पहना देख धनवान व्यक्ति चकित रह गया.

धनी व्यक्ति को ऐसे मिली बड़ी सीख

दरअसल कबीर दास जी ने कुर्ता उल्टा पहना था, यानी कि मलमल वाला हिस्सा शरीर को छू रहा था और साधारण हिस्सा बाहर दिख रहा था. प्रवचन समाप्त होने के बाद उस धनी व्यक्ति ने पूछा, 'ये आपने क्या किया? कुर्ता ऐसे कैसे पहना है?'तब सभी के सामने कबीर दास जी ने बताया कि ये कुर्ते की भेंट इन्हीं धनी व्यक्ति ने की है. कुर्ता उल्टा पहनने पर कबीर बोले कपड़े शरीर की उपयोगिता के लिए होते हैं, अपनी इज्जत को ढकने के लिए होते हैं दिखावे के लिए नहीं. मलमल का भाग शरीर को स्पर्श होना चाहिए था इसलिए इसे उल्टा पहना है. दिखाने के लिए तो साधारण हिस्सा ही काफी है. धनी व्यक्ति को और अन्य लोगों को ये बात समझ आ गई कि कबीर जो बोलते हैं, उसे अपने जीवन में उतारते भी हैं.

Chanakya Niti: इन 5 जगहों पर भूलकर भी नहीं ठहरना चाहिए

Chanakya Niti: इन 5 जगहों पर भूलकर भी नहीं ठहरना चाहिए

अर्थशास्त्र के रचयिता आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के जीवन को आसान बनाने व समस्याओं से निजात पाने के लिए कई नियमों का उल्लेख किया है। चाणक्य के कई नियमों को बहुत से लोग आज भी मानते हैं। तो कुछ लोग ऐसे भी हैं तो आधुनिक समय में इन्हें तर्क से परे मानते हैं। लेकिन  इन नियमों को हर कोई एक बार जरूर पढ़ना चाहेगा। अर्थशास्त्र, राजनीति और कूटनीति समेत कई क्षेत्रों में माहिर चाणक्य ने धन, तरक्की, बिजनेस, दोस्ती और दुश्मनी समेत अनेकों पहलुओं से जुड़ी बातों के लिए अपने नियम बताए हैं। ऐसे ही नियमों चाणक्य ने 5 जहगों पर न ठहरने के लिए कहा है। तो आइए जानते हैं

धनिक: श्रोत्रियो राजा नदी वैद्यस्तु पंचम:। 
पंच यत्र न विद्यन्ते तत्र दिवसं न वसेत्।।

अर्थात जहां कोई धनी, विद्वान, राजा, वैद्य (डॉक्टर) और नदी न हो वहां एक दिन भी नहीं वास (रहना) नहीं करना चाहिए।

1- जिस शहर में कोई धनी न हो।
2-
जिस देश में वेदों को जानने वाले विद्वान न हों।
3-
जहां कोई राजा या सरकार न हो।
4-
जिस शहर या गांव में कोई डॉक्टर नहीं रहता हो।
5-
जिस जगह के पास कोई नदी नहीं बहती हो।

चाणक्य जिन पांच स्थानों पर न ठहरने की सलाह हैं इसके पीछे का कारण बताते हुए चाणक्य कहते हैं कि जीवन की समस्याओं में पांचों चीजों का खा महत्व है। आपत्ति के समय धन की जरुरत होती है, जिसकी पूर्ति धनी व्यक्ति से हो सकती है। कर्मकांड के लिए पुरोहितों की आवश्यकता होती है। वहीं शासन व सुरक्षा के लिए राजा या सरकार की जरूरत होती है। इसी प्रकार से रोग सताने पर वैद्य या डॉक्टर की जरूरी होती है और नदी यानी जल स्रोत भी जीवन के लिए आवश्यक है।  

World Food Safety Day 2022: जानिए क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे, क्या है इसका इतिहास और महत्व?

World Food Safety Day 2022: जानिए क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे, क्या है इसका इतिहास और महत्व?

हर साल 7 जून को दुनियाभर में 'विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस' यानी 'वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे' (World Food Safety Day) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद खाद्य सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है.

खराब और दूषित भोजन करने की वजह से हर साल हजारों लोग बीमार पड़ते हैं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं. इसके अलावा फूड सेफ्टी का मकसद यह भी सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हर साल इस दिन को इस लक्ष्य से मनाता है कि खराब और दूषित खाने से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके, इन्हें पहचाना जा सके और खाद्य जनित रोगों के जोखिम का ठीक तरह से प्रबंधन करके लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके.

World Food Safety Day का महत्व 

WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सालाना हर 10 में से एक व्यक्ति खाद्य जनित रोगों (Foodborne Diseases) का शिकार होता है. जहां सु​रक्षित खाद्य पदार्थ अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं, वहीं असुरक्षित खाद्य पदार्थ कई तरह की बीमारियों की वजह बन सकते हैं.

खराब फूड क्वालिटी सेहत पर बुरा असर डालती है जिससे किसी व्यक्ति के ग्रोथ और डेवलपमेंट पर असर पड़ता है. इससे Micronutrient Deficiencies, गैर संक्रामक और संक्रामक रोगों के साथ मानसिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

खाद्य जनित रोग आमतौर पर आंखों से नहीं ​दिखते और संक्रामक, टॉक्सिक होते हैं. World Food Safety Day का लक्ष्य इस मैसेज को लोगों तक पहुंचाना है कि हर स्टेज में फसल का उत्पादन, भंडारण, वितरण, इसे तैयार करने और खाने तक में खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखा गया हो.

वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की थीम

WHO के मुताबिक, World Food Safety Day वैश्विक स्तर पर 7 जून का मनाया जाता है. हर वर्ष इस दिन के लिए एक थीम तय की जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मार्च में World Food Safety Day की थीम की घोषणा की थी. इस साल वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की थीम है, 'Safer food, better health'. WHO ने इसके लिए एक कैम्पेन भी लॉन्च किया है, जिससे वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा मिल सके.

क्या है इसका इतिहास

साल 2018 में संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने World Food Safety Day की शुरुआत की थी जिससे महत्वपूर्ण फूड सेफ्टी के मुद्दे को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके. विश्व स्वास्थ्य संगठन और फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ऑफ द यूनाइटेड नेशंस (FAO) ने संयुक्त रूप से सदस्य देशों और दूसरे साझेदारों के सहयोग से वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की शुरुआत की थी. 

वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day) का मकसद फूड सिस्टम्स में बदलाव लाना है जिसे अच्छे स्वास्थ्य और खाद्य जनित रोगों से बचा जा सके. ये दिन उन प्रयासों को मजबूत करने का भी अवसर उपलब्ध कराता है, जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि जो खाना हम खा रहे हैं, वो सुरक्षित हो और वै​श्विक स्तर खाद्य जनित रोगों के बोझ को कम किया जा सके.

 

Whatsapp यूजर्स को अब आएगा दोगुना मजा,  Whatsapp ने लाई यह 4 धमाकेदार फीचर्स…

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नई दिल्ली : दुनियाभर में फेमस व्हाट्सएप अपने उपयोगकर्ताओं के लिए कई प्रकार की सुविधाएँ लाना जारी रखा है। एक बार फिर कंपनी ने अपने उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष फीचर्स लाई हैं। हाल के महीनों में चल रहे परीक्षणों के बाद फीचर कम्युनिटीका कार्य शुरू किया गया था। अब इसके साथ ही 2 जीबी तक की फाइलों को साझा करने की विशेषता भी कंपनी द्वारा पेश कर दी गई है।

व्हाट्सएप कम्युनिटी फीचर क्या है?

आपके पास “कम्युनिटी” शब्द का थोड़ा विचार हो सकता है कि यह विशेषता एक समुदाय या समूह के साथ जुड़ी हो सकती है। कम्युनिटी फीचर को व्हाट्सएप ग्रुप मेंबर्स की गिनती बढ़ाने के लिए पेश किया गया है। इस फीचर के तहत व्हाट्सएप ग्रुप की संख्या 512 कर दी गई है। इससे पहले व्हाट्सएप ग्रुप में केवल 256 तक सदस्य ही शामिल हो सकते थे।

इन फीचर्स को भी किया गया प्रस्तुत :

कपंनी ने अब 2 जीबी तक की फ़ाइल को साझा करने का फीचर पेश किया गया है, जिसका व्हाट्सएप उपयोगकर्ता लंबे समय से इंतजार कर रहा है। इसके तहत, उपयोगकर्ता व्हाट्सएप में 2 जीबी तक की फाइलें साझा कर सकते हैं। इसके अलावा, एक और फीचर को पेश किया गया है जिससे 32 लोग एक साथ वॉयस कॉल में शामिल हो सकें।

जुकरबर्ग ने किया नए फीचर का ऐलान :

फेसबुक मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने घोषणा की है कि यह वॉयस कॉल के दौरान एक साथ व्हाट्सएप संदेशों की इमोजी प्रतिक्रिया जैसी सुविधाओं का परिचय देता है, जो कई उपकरणों पर एक खाते को जोड़ता है।

IOS-android में रोलआउट :

यह ध्यान देने योग्य है कि व्हाट्सएप में इन विशेषताओं को iOS-android संस्करण के लिए लागू किया गया है। हालांकि, आने वाले हफ्तों में, कंपनी इसे अन्य संस्करणों के साथ भी दुनिया के लिए उपलब्ध करा सकती है। 

क्या आपको पता है…. ट्रेन में बजने वाले हर हॉर्न का होता है अलग-अलग मतलब, जानिए यहां…

क्या आपको पता है…. ट्रेन में बजने वाले हर हॉर्न का होता है अलग-अलग मतलब, जानिए यहां…

नई दिल्ली  : ट्रेन का सफर लगभग सभी लोगों ने किया ही होगा। दुनिया में शायद ही ऐसा कोई शख्स होगा जिसने ट्रेन में सफर न किया हो। अगर कही पर लंबा सफर करना हो तो सबसे अच्छा साधन ट्रेन ही है ,जिसमें आप तत्काल टिकट करके भी जा सकते हैं। ट्रेन के सफर के दौरान आपको कई तरह की चीजें देखने को मिलेगी जो आपके मन को खुश करेगी। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन पर कई तरह की चीजे देखने को मिलती है जो आपके मन में बस जाती हैं।

लेकिन आज हम आपको इस आर्टिकल में ट्रेन के सफर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्म रोल निभाने वाले ट्रेन के हॉर्न के बारे में बताने वाले है। क्या आपको पता है कि ट्रेन में कितने हॉर्न होते हैं और उन सबका क्या मतलब होता है। अगर आपको ये सब नहीं पता तो चलिए हम आपको बताते हैं।

एक छोटा हॉर्न

ट्रेन में कई तरह के हॉर्न लगे होते हैं जोकि अलग-अलग समय पर जरूरत के हिसाब से बजाए जाते हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं, ट्रेन के सबसे छोटे हॉर्न की, ट्रेन में जो सबसे छोटा हॉर्न होता है उसका मतलब होता है कि ड्राइवर ट्रेन को धुलाई और सफाई के लिए यार्ड में ले जा रहा है, ताकि वहां जाकर ट्रेन की अच्छी तरह से सफाई हो सके। ट्रेन की सफाई करने के बाद उसे यात्रा के लिए तैयार किया जाता है।

एक बड़ा हार्न

जब ट्रेन का एक हॉर्न बजे तो समझ जाना चाहिए कि ट्रेन सफर के लिए तैयार है। इस हॉर्न के जरिए गार्ड को यह संकेत दिया जाता है कि ट्रेन चलने के लिए तैयार है, आगे बढ़ने के लिए सिग्नल दीजिए।

दो छोटे हॉर्न

ट्रेन का ड्राइवर जब दो बार छोटे-छोटे हॉर्न बजाता है तो उसका मतलब होता है कि वो गार्ड से ट्रेन को रवाना करने के लिए सिग्नल मांग रहा है। ताकि गार्ड सिग्नल दे और ट्रेन आगे को प्रस्थान करे।

तीन छोटे हॉर्न

ट्रेन में तीन छोटे हॉर्न भी लगे होते है जिसका कंट्रोल भी ट्रेन के ड्राइवर के पास होता है. इन तीन छोटे हॉर्न का मतलब है कि किसी वजह से ड्राइवर ने इंजन पर से कंट्रोल खो दिया है.

चार छोटे हॉर्न

तीन के बाद ट्रेन में आते हैं चार छोटे हार्न वो ट्रेन का ड्राइवर तब बाजाता है जब ट्रेन में किसी तरह की टेक्नीकल प्रॉब्लम आ जाती है। जब ऐसा कुछ होता है, तो ड्राइवर चार बार छोटे-छोटे हॉर्न बजा सकता है।

लगातार बजता हॉर्न

कई बार आपने देखा होगा कि ट्रेन का हार्न अचानक लगातार बजने लगता है लोग जब इसकी आवाज सुनते हैं तो एक दम से देखने लगते हैं और परेशान भी होने लगते हैं कि आखिर हॉर्न क्यों बज रहा है तो चलिए इसका जबाव हम आपको दे देते हैं ट्रेन का ड्राइवर लगातार हॉर्न तब बजाता है जब वो यात्रियों को यह संकेत देता है कि गाड़ी अगले स्टेशन पर बिना रुके निकलने वाली है।

दो बार रुककर हॉर्न

जब ड्राइवर रुक-रुक कर लंबा हॉर्न देता है और एक छोटा हार्न देता है तो इसका मतलब है कि ट्रेन रेलवे क्रॉसिंग पार करने वाली है। इस हॉर्न से लोको पायलट ट्रैक के आसपास मौजूद लोगों को आगाह करती है।

दो लंबे और एक छोटा हॉर्न

सफर के दौरान अगर आपको दो लंबे और एक छोटा हार्न सुनाई दे तो समझ जाइए कि ट्रेन ट्रैक बदल रही है।

छह बार छोटे हॉर्न

जब ट्रेन किसी मुसीबत में फंस जाती है तो यह हार्न बजाया जाता है। इसके जरिए वो नजदीकी स्टेशन से मदद की अपील करती है। 

मटके के पानी में छिपा है सेहत का खजाना, जानिए इसके हैरान करने वाले फायदों के बारे में

मटके के पानी में छिपा है सेहत का खजाना, जानिए इसके हैरान करने वाले फायदों के बारे में

भारतीय घरों में पहले जहां लोग मिट्टी के बर्तन का उपयोग पानी पीने से लेकर खानपान के लिए करते थे, वहीं आज इसका इस्तेमाल कम हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी के बर्तनों में पानी रखने से उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं, जो पानी की अशुद्धियों को दूर करते हैं और मिनरल्स प्रदान करते हैं इसलिए फ्रिज के पानी की अपेक्षा मटके का पानी अधिक फायदेमंद होता है. इससे आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती. आइए जानते हैं मटके का पानी पीने के फायदों के बारे में.

इस पानी में मौजूद खनिजों के कारण पाचन में सुधार होता है. इसे पीने से हमें कब्ज और गला खराब होने जैसी समस्याएं नहीं होती हैं.
मिटटी में शुद्धिकरण का एक ऐसा गुण पाया जाता है, जो सभी विषैले पदार्थ अपने अंदर सोख लेती है तथा पानी में सभी जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाती है.
मटके का पानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है.
यह शरीर में पानी के पीएच संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है, जो गैस्ट्रिक और एसिडिटी से संबंधित समस्याओं को रोकता है.
मटके के पानी का सेवन करने से सर्दी, खांसी और अस्थमा समस्याओं बचा जा सकता है.
मिट्टी में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है.अगर किसी को एनीमिया की समस्या है तो उसके लिए मटके का पानी बहुत फायदेमंद है.
मटके का पानी मलेरिया, पीलिया, टायफाईड और डायरिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है.
गर्भवती महिलाओं के लिए मटके का पानी बहुत फायदेमंद होता है. यह पानी उनके मन को शांत रखता है.
मिट्टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है.  

नयी दुल्हन से कभी न पूछें यह सवाल, इसका जवाब देना होता है काफी मुश्किल

नयी दुल्हन से कभी न पूछें यह सवाल, इसका जवाब देना होता है काफी मुश्किल

शादी से पहले हर लड़का और लड़की घबराए होते हैं. वहीं लड़के की फैमिली लड़की से बात करने के लिए इंतजार करते हैं. यह पल हर लड़की के लिए बहुत घबराहट वाला होता है. अपना घर छोड़कर वह नए लोगों से मिलना और उनके सवालों के जवाब देना दुल्हन के बहुत ही मुश्किल होता है. दुल्हन के साथ मजाक मजाक में बहुत सारे सवाल कर दिए जाते हैं, लेकिन कुछ सवालों के जवाब देना दुल्हन के लिए थोड़ा मुश्किल होता है. खैर, इन सब में सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि दुल्हन को न तो इन सवालों का जवाब देते बनता है और न ही नकारते. ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं यह सवाल जो सुसराल में दुल्हन से सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं.
घर संभाल सकती हो न ?
यह सवाल सबसे ज्यादा मुश्किल होता है. शादी के बाद दुल्हन के कदम घर पर पड़े नहीं कि बस सभी रिश्तेदार यही सवाल करने लगते हैं. इस के सवाल में नई नवेली दुल्हन अक्सर घबरा जाती है लेकिन यहां पर यह सोच भी आती है कि बहू के आते ही उसे घर संभालने के लिए क्यों कह दिया जाता है.
हनीमून कैसा रहा
अधिकांश लोग हनीमून जैसी प्राइवेट चीजों को भी पूछने से नहीं कतराते. हालांकि, इस तरह के सवाल ज्यादातर लड़के की बहनों या लड़की की दोस्तों की तरफ से ज्यादा किए जाते हैं. जहां आप गए वहां आपने क्या-क्या किया? तुम दोनों का साथ में टाइम कैसा था? समुद्र तट के किनारे रोमांटिक डिनर किया या नहीं? अब आप ही बताएं इन सवालों का जवाब एक लड़की के लिए कितना मुश्किल है.
खाने में क्या बढ़िया बनाती हो?
इस सवाल से तो हर महिला ही गुजरी होगी. पहली रसोई वाले दिन यह सवाल सुनते ही एक बार तो ऐसा लगता है कि हमें कुछ नहीं आता है. चाहे नई नवेली दुल्हन को सब कुछ खाने में बनाना आता हो लेकिन इस समय जवाब देने में वह सोच में पड़ जाती है.

गुड न्यूज कब सुना रहीं
भले ही शादी के बाद नई दुल्हन को घर आए जुम्मा-जुम्मा चार दिन हुए हों, लेकिन उसके चाहने वाले उससे गुड न्यूज़ की डिमांड पहले करने लग जाते हैं. हालांकि, वह अभी भी अपनी गृहस्थी को ज़माने की जद्दोजहद कर रही है, लेकिन गुड को लेकर सवालों का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता. यही एक कारण भी है कि बहू घर आते ही कई बड़े मसलों में घिर जाती है.
 

मच्छर भगाने के लिए कहीं आप तो नहीं कर रहे ये उपाय? हो सकता है जानलेवा

मच्छर भगाने के लिए कहीं आप तो नहीं कर रहे ये उपाय? हो सकता है जानलेवा

गर्मी के मौसम में मच्छरों ने भी आतंक ढा रखा है। मच्छर मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलाते हैं ऐसे में इनसे बचना भी जरूरी है। ज्यादातर घरों में मच्छर भगाने वाली क्वॉइल, अगरबत्ती या इलेक्ट्रिक रीफिल मशीन इस्तेमाल की जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों का धुआं न सिर्फ लंग्स को नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि इनसे कैंसर भी हो सकता है। सिर्फ क्वॉइल ही नहीं बल्कि पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली खुशबूदार अगरबत्ती भी सेहत के लिए इतनी ही नुकसानदायक होती हैं।
धुआं होता है कैंसर पैदा करने वाला

चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन की रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि मच्छर भगाने वाली क्वॉइल और अगरबत्ती के धुएं में कैंसर पैदा करने वाले के तत्व होते हैं। वहीं पहले चीन और ताइवान में हुई स्टडी में भी साबित हो चुका है कि इस धुएं का कनेक्शन लंग कैंसर से है। फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉक्टर सुदीप साल्वी बता चुके हैं कि बंद कमरे में मच्छर वाली एक क्वॉइल जलाना 100 सिगरेट पीने के बराबर होता है। क्वॉइल में पाया जाने वाला पायरेथ्रिन पेस्टीसाइड है जो कि फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।

नो स्मोक क्वॉइल से लंग्स होते हैं खराब

बाजार में अब नो स्मोक क्वॉइल भी आने लगी हैं इनसे धुआं तो नहीं होता लेकिन कार्बन मोनोऑक्साइड काफी मात्रा में निकलता है। यह लंग्स को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। मच्छर भगाने के लिए जो लिक्विड मशीन आती हैं उन पर शोध होनो बाकी हैं लेकिन ये भी लंग्स को नुकसान पहुंचाते हैं। हम इनको लगाकर कमरा बंद करते हैं फिर यह केमिकल खुद इनहेल कर लेते हैं जो कि हेल्थ के लिए अच्छा नहीं।
ये है बेस्ट तरीका

मच्छरों से बचना जरूरी है इसके लिए आप घर पर पानी इकट्ठा न होने दें। जहां पानी जमा होता है वहां मिट्टी का तेल डालें। घर पर साफ-सफाई रखें। बेस्ट तरीका है मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। खासकर जिनके बच्चे छोटे हैं और घर पर बुजुर्ग हैं वर्ना लंबे समय में लंग्स से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ एसेंशियल ऑइल्स भी यूज किए जा सकते हैं।

 

नए-नए प्यार में पड़े हैं तो भूलकर न करें यह गलतियां, नहीं तो बात बनने से पहले बिगड़ सकती है

नए-नए प्यार में पड़े हैं तो भूलकर न करें यह गलतियां, नहीं तो बात बनने से पहले बिगड़ सकती है

जब आप नए-नए प्यार में पड़ते हैं तो रिलेशनशिप में बहुत ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. इसके बाद भी हम कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं वो टिप्स जिनकी मदद से आप अपने बिगड़ते रिश्ते की डोर संभाल सकते हैं. अपने पार्टनर से क्या बात करनी है? कैसे बोलना है? यहां तक कि कैसा व्यवहार करना है? ऐसे कई सवाल होते हैं जिनका ख्याल हम और आप जरूर रखते हैं, लेकिन इसके बाद भी गलतियां कर देते हैं और बात बनने से पहले ही बिगड़ जाती है.
अधिकार जमाना गलत है.
अगर आपका रिलेशनशिप अभी स्टार्ट ही हुआ है तो आप अपने इमोशन को शो करना बन्द कर दो और आप सबसे पहले अपने क्वालिटी शो करो. अगर आपके क्वालिटी को पहचान जाएगी तो आपको कभी भी प्यार का खोने का डर नहीं रहेगा .वहीं कुछ लोग तो प्यार स्टार्ट नहीं हुआ कि अधिकार जमाना शुरू कर देते है. यहां क्यों गया, कैसे गया या फिर आप फोन पर किससे बात कर रही थीं. यह सब सरासर ग़लत है .

ज्यादा उम्मीद न करें
नए-नए रिलेशनशिप में अपने पार्टनर से किसी भी तरीके की उम्मीद करना बेहद गलत है. कई बार कपल्स ऐसा सोच लेते हैं, जैसा वो अपने पार्टनर के लिए फील कर रहे हैं या केयर कर रहे हैं, वैसा ही पार्टनर भी करे.

हर बात पर टोका-टोकी नहीं
आपको अपने पार्टनर का दूसरे लोगों से बात करना ज्यादा पसंद ना हो, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप उन्हें बात-बात पर टोकना शुरू कर दें, या पार्टनर के कपड़े या पहनावे पर अपत्ति जताएं. 

क्या लड़का और लड़की सिर्फ एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं?

क्या लड़का और लड़की सिर्फ एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं?

बदलते जामाने के साथ अब सबकुछ बदल रहा है. एक लड़का और लड़की अच्छे दोस्त हो सकते हैं. दोस्त बनाने के लिए जेंडर की नहीं सोच मिलने की जरूरत होती है. एक लड़का और लड़की का दोस्त होना कोई नई बात नहीं है. अक्सर हम फिल्मों में या फिर अपने आस-पास भी देखते हैं कि एक लड़का और लड़की सिर्फ दोस्त बनकर रहते हैं. एक लड़का और लड़की दोस्त नहीं हो सकते हैं. ऐसा सोचना और ऐसा कहना गलत है.
सोच मिलना जरूरी है जेंडर नही
एक सर्वे के मुताबिक, मेल्स और फीमेल्स के बीच दोस्ती बिल्कुल संभव है. हर आम फ्रेंडशिप की तरह ही इस दोस्ती की शुरुआत भी ज्यादातर मामलों में किसी चीज को लेकर कॉमन इंट्रेस्ट से होती है. ऐसे रिश्ते जो सिर्फ दोस्ती तक ही सीमित रहते हैं, उनमें लड़का और लड़की एक-दूसरे को लगभग उसी तरह ट्रीट करते हैं, जैसे वे अपने सेम सेक्स के फ्रेंड्स को करते हैं. हां, ये जरूर है कि मेल फ्रेंड्स अपनी फीमेल फ्रेंड्स को लेकर ज्यादा प्रोटेक्टिव होते हैं.
दोस्ती विश्वास के धागे से बंधा होता है
कहते हैं कई बार खून के रिश्तों पर दोस्ती का रिश्ता भारी पड़ जाता है, बिना किसी स्वार्थ के ये रिश्ता सच में बस विश्वास के धागे से बंधा होता है. ये जरूरी तो नहीं कि लड़का सिर्फ एक लड़के पर ही विश्वास कर सकता और लड़की सिर्फ लड़की पर ही विश्वास कर सकती है. असल जिंदगी में अब ऐसा नहीं रहा है. लड़के-लड़कियां अच्छे दोस्त भी बनते हैं और ये रिश्ता मजबूती से आगे भी बढ़ता है.
रोमांस के चांस?
जर्नल ऑफ सोशल ऐंड पर्सनल रिलेशनशिप्स में प्रकाशित एक स्टडी की मानें, तो ऐसे रिश्तों में कहीं न कहीं रोमांस के चांस भी मौजूद होते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार 'हमें लगता है कि हम सिर्फ दोस्त रह सकते हैं, लेकिन सच तो यह है कि किसी मौके पर इसमें रोमांस भी एंटर कर सकता है.' हालांकि, इसमें यह भी सामने आया कि ऐसे रोमांस के चांस में ज्यादातर वन साइड लव ही होता है, जिसके सफल होने के चांस दूसरे व्यक्ति के रिऐक्शन पर निर्भर करते हैं.

 

रसोई गैस पर गिरी महंगाई की मार, इन 5 उपायों से चलेगी लम्बे समय तक

रसोई गैस पर गिरी महंगाई की मार, इन 5 उपायों से चलेगी लम्बे समय तक

महिलाएं ज्यादातर समय किचन में ही गुजारती है। इसलिए उनका ज्यादातर ध्यान चीजों को बचाने या कम खर्च करने की ओर ही रहता है, जोकि होना भी चाहिए। बात अगर संसाधनों की करें तो तेल, पेट्रोल, रसोई गैस, जैसी चीजों का सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। रसोई गैस के दाम दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए इसकी बचत करना बहुत जरूरी हो गया हैं। सरकार की और से भी इसकी बचत के लिए समय समय पर जागरूक किया जाता है। हम आपको ऐसे ही कुछ आसान से टिप्स देंगे, जिनकी मदद से आप गैस की बचत आसानी से कर सकते हैं।
- खाना बनाने से पहले सारी सामग्री को तैयार कर लें। उसके बाद ही भोजन पकाना शुरू करें। इसके अलावा बर्तन या तवे को गर्म करते समय ही गैस को फुल मोड पर रखें और उसके बाद स्लो कर दें। क्योंकि खाना पकाने के लिए उतनी उष्मा नहीं चाहिए जितनी बर्तन गर्म करने के लिए चाहिए होती है।
- हमेशा खाने के बनाते समय गैस को मध्य आंच पर रखें। इसके अलावा फ्रिंज या बाजार से लाएं ठंडे प्रदाथों को कुछ देर पहले रख दें ताकि उसका तापमान सही हो जाएं। ऐसे पदार्थों को सीधे गैस पर रखने से इसकी अधिक खपत होती है।
- हमेशा खाने के बनाते समय गैय को मध्य आंच पर रखें। इसके अलावा फ्रिंज या बाजार से लाएं ठंडे प्रदाथों को कुछ देर पहले रख दें ताकि उसका तापमान सही हो जाएं। ऐसे पदार्थों को सीधे गैस पर रखने से इसकी अधिक खपत होती है।
- मैटल के बने बर्तन जैसे स्टेनलैस स्टील में खाना बनाने से भी गैस कम खर्च होती है। धातु या मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से बचे। यह अधिक गैस खर्च करते हैं।
-भोजन पकाते समय कड़ाही सा पैन की बजाए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें। इससे खाना जल्दी भी बन जाता है और गैस की बचत भी हो जाती है।

 

Chanakya Niti: ये आदतें मनुष्य को कभी आगे नहीं बढ़ने देती हैं

Chanakya Niti: ये आदतें मनुष्य को कभी आगे नहीं बढ़ने देती हैं

चाणक्य नीति कहती है कि मनुष्य को यदि जीवन में सफल होना है तो गंदी आदतों से दूर रहना चाहिए. ये गंदी आदतें कौन सी हैं आइए जानते हैं-

समय को खराब नहीं करना चाहिए
चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति  समय की कीमत नहीं जानता है, उसे जीवन में लक्ष्यों को प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि समय कभी भी किसी के लिए नहीं रूकता है. इसलिए जो समय एक बार गुजर जाता है, वो लौट कर फिर नहीं आता है. सफलता में समय पर लिए गए उचित निर्णय का विशेष महत्व होता है. जो समय का लाभ उठाने के लिए तैयार रहते हैं, वे अपने लक्ष्यों को पूरा कर पाने में सक्षम होते हैं.

आलस मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है
चाणक्य नीति के अनुसार आलस एक ऐसा अवगुण है जो व्यक्ति को कभी सफलता प्राप्त नहीं करने देता है. आलस को अपनाने वाला व्यक्ति अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रहता है. ऐसे लोगों को आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

मेहनत से भागने वालों की किस्मत में सफलता नहीं होती है 
चाणक्य नीति के अनुसार जीवन में यदि सफलता प्राप्त करनी है तो परिश्रम यानि मेहनत करने से कभी नहीं घबराना चाहिए जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें कभी सफलता प्राप्त नहीं होती है. ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद नहीं मिलता है. परिश्रम के बिना सफलता संभव नहीं है. इस बात को अच्छे ढंग से समझने का प्रयास करना चाहिए.

 

 

नशे की लत, सफलता में बाधक है
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को हर प्रकार के नशे दूर रहने का प्रयास करना चाहिए. नशा करने से सेहत के साथ मन और मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव डालता है. नशा करने वाले कभी भी कुशल श्रम का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं. ऐसे लोगों को अन्य अवगुण भी घेर लेते हैं. नशे से दूर रहकर ही जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है. नशा करने वाले स्वयं की श्रेष्ठ प्रतिभा का भी लाभ नहीं उठा पाते हैं. नशे की लत से प्रतिभा भी नष्ट हो जाती है. लक्ष्मी जी भी ऐसे लोगों का त्याग कर देती हैं.

इन आदतों वाली लड़कियों से लड़के करना चाहते हैं शादी, जानिए क्या हैं वे

इन आदतों वाली लड़कियों से लड़के करना चाहते हैं शादी, जानिए क्या हैं वे

लड़की हो या लड़के दोनों ही अपने पार्टनर में कुछ खास आदतें पसंद करते हैं. किसी को केयरिंग नेचर पसंद होता है तो किसी को फनी नेचर. कोई सुन्दरता पर फिदा होता है तो कोई गुण वाले व्यक्ति को पसंद करता है. ऐसे में लड़के लड़कियों में कुछ खास आदतों को देख कर उन्हें अपना हमसफर बनाना चाहते हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन सी आदत लड़कियों में ज्यादातर लड़कों को पसंद आती है.

परिवार को साथ लेकर चलने वाली
लड़कों को ऐसी लड़कियां बहुत जल्दी पसंद आती हैं, जो अपने पार्टनर के परिवार वालों को अपनी ही फैमिली समझती हैं. जिससे लड़को को अपनी फैमली और वाइफ के साथ तलामेल बनाने में कोई परेशानी नहीं होती है. लड़कियों से अक्सर यह उम्मीद की जाती है कि वह शादी के बाद पार्टनर के परिवार की दिल से देखभाल करें. ऐसे में जो लड़कियां बातों ही बातों में अपने पार्टनर के परिवार से घुलने-मिलने की कोशिश करती हैं वह लड़कों का दिल बहुत जल्दी जीत लेती हैं.

पार्टनर पर अपनी न थोपती हों
लड़कों को ऐसी लड़कियां बिल्कुल पसंद नहीं आती हैं, जो जिद्दी किस्म की हों और अपनी ही बात केवल थोपने की कोशिशि करती हैं या अपने कहे पर हीअटल रहती हों. ऐसी लड़कियां लड़कों को जल्द पसंद नहीं आती हैं. ऐसे में जो लड़कियां, लड़कों को समझती है और जिन्हें यह पता होता है कि उसके रिलेशन के लिए क्या सही और क्या गलत है, वे लड़कियां लड़कों को जल्दी इम्प्रेस करती हैे.

दोस्तों को स्वीकार करना
ऐसी लड़कियां लड़कों को कभी पसंद नहीं आती हैं जो अपने पति के दोस्तों को पसंद न करती हों. उनके बारे में बुराई करें. कई बार लड़के इस बात से चिढ़ जाते हैं, कि लड़कियां उनके दोस्तों के बारे हमेशा बूरा क्यों सोचती हैं. वह अक्सर अपने पार्टनर से इस बात की शिकायत करती हैं कि वह दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं. ऐसा एक दो-दिन तो सही है, लेकिन फिर इन्हीं लड़कियों से लड़के कटने लगते हैं. 

जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके, काम होगा आसान

जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके, काम होगा आसान

हम सभी के घर में कुछ जरूरी कागजात होते ही हैं, जिन्हें हम फाइलों में रखते हैं। बच्चे की मार्कशीट से लेकर बिजली का बिल और पहचान के अन्य जरूरी कागजात व उनकी फोटोकॉपी को लोग फाइलों में संभालकर रखते हैं। इतना ही नहीं, पिछले कुछ वक्त से जब वर्क फ्रॉम होम का चलन काफी बढ़ा है तो घरों में इन फाइलों की संख्या भी बढ़ी है। ऑफिस के प्रोजेक्ट्स की फाइलों को भी लोग घर पर ही रख रहे हैं। हालांकि काफी सारी फाइलें हो जाने के बाद उन्हें सही तरह से आर्गेनाइज करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर घर में फाइलें सही तरह से आर्गेनाइज करके रखी जाती हैं, तो इससे घर भी बिखरा-बिखरा नजर नहीं आता और समय पर ढूंढने में भी आसानी होती है । तो चलिए जानते हैं कि घर में फाइलों को आर्गेनाइज करने के लिए आप किन तरीकों का सहारा ले सकती हैं-

बनाएं अलग कैबिनेट
अगर आपके पास काफी अधिक फाइलें हैं तो बेहतर होगा कि आप उन्हें टेबल पर रखने की जगह एक अलग कैबिनेट बनाएं और उसमें ही अपनी सभी जरूरी फाइलें रखें। इस तरह जब आपको कभी भी उन फाइलों की जरूरत होगी तो आप आसानी से कैबिनेट से निकाल पाएंगी।

करें लेबलिंग
अगर आपके पास फाइलों का भंडार है और आप उसे एक कैबिनेट में रखने की सोच रही हैं तो हर बार आपको अपनी जरूरी फाइल निकालने के लिए कुछ वक्त तो बर्बाद करना ही पड़ेगा। इस स्थिति से बचने और घर में फाइलों को बेहतर तरीके से आर्गेनाइज करने का सबसे अच्छा तरीका है लेबलिंग करना। इसके लिए आप फाइल के उपर कुछ तरह से लेबलिंग करें कि जब भी आप कैबिनेट खोलें, आपको दूर से ही समझ आ जाए कि कौन सी फाइल में कौन से डॉक्यूमेंट रखे हैं।

कलर कोड सिस्टम
अगर आप अपने घर में फाइलों का ढेर इक_ा नहीं करना चाहतीं और आपके इतने डॉक्यूमेंट भी नहीं है कि आपको कई सारी फाइलों की जरूरत पड़े, तो ऐसे में आप अपनी जरूरत के अनुसार तीन-चार अलग-अलग कलर की बड़ी फाइलें लें और कलर के आधार पर आप एक फाइल में घर के जरूरी कागजात, दूसरे में ऑफिस के डॉक्यूमेंट और तीसरे में पर्सनल आईडेंटिडी से जुड़े कागज रखें।

डेस्क आर्गेनाइजर का सहारा
कई बार कुछ डॉक्यूमेंट की जरूरत बार-बार पड़ती है, ऐसे में उठकर कैबिनेट से फाइल निकालना काफी इरिटेटिंग लगता है। ऐसे में अक्सर कागज को टेबल के कपड़े के नीचे या फिर साइड ड्राअर में रख देते हैं, जिससे उनके खोने का खतरा रहता है। इस स्थिति से बचने का एक तरीका है डेस्क आर्गेनाइजर। बेहतर होगा कि आप डेस्क पर एक डेस्क आर्गेनाइजर रखें और जरूरी कागजों को उसमें रखें।