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महुआ बीनने गए युवक पर तेंदुए ने किया हमला, स्वास्थ केन्द्र में कराया गया भर्ती

महुआ बीनने गए युवक पर तेंदुए ने किया हमला, स्वास्थ केन्द्र में कराया गया भर्ती

महासमुंद। महुआ बीनने गए एक युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार ग्राम रूमेकेल निवासी नरेंद्र सिंह (38) आज अलसुबह करीब 4 बजे महुआ बीनने कक्ष क्रमांक 46 गया हुआ था। इसी दौरान उस पर पीछे से तेंदुए ने हमला कर दिया जिससे उसे कंधे के नीचे चोटें आई है। ग्रामीणों की मदद से उसे तुमगांव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने तत्काल सहायता के रूप में उन्हे 500 रुपए की राशि प्रदान की है।
लॉकडाउन से टली शादियां, आगामी माह को लेकर भी संशय, जाने पूरी खबर

लॉकडाउन से टली शादियां, आगामी माह को लेकर भी संशय, जाने पूरी खबर

महासमुंद। 21 दिनों का लॉकडाउन आगामी 12 दिनों बाद भले ही समाप्त हो जाएगा लेकिन इसके बाद भी शादियों होने को लेकर संशय की स्थिति बरकरार है। जिन घरों में आगामी 14 तारीख के बाद शादियां तय हो चुकी हैं वे अब वायरस के चलते सब कुछ ठीक होने के बाद ही शादियां करने पर विचार कर रहे हैं। इस माह शादियों के लिए लगभग 6 मुहूर्त है जबकि अगले माह मई में 9 मुहूर्त है। लेकिन लोग उक्त मुहूर्त में भी शादियां नहीं करने की बात कह रहे हैं। इसकी वजह लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर सावधानी है। शहर के पुराना रावणभाठा निवासी पुनीत साहू ने बताया कि उन्होनें अपने पुत्र का विवाह अब जून माह में करने का विचार बनाया है। इसके लिए वधु पक्ष से भी बातचीत कर ली है जिस पर उनके द्वारा भी सहमति दी गई। बता दें कि इस माह विवाह का शुभ मुहूर्त वैसे तो 15 अप्रैल के बाद से है। लेकिन शादियों की तिथि आज रामनवमी से ही शुरू है।

तीन माह में शादियों के शुभ मुहूर्त
अप्रैल- 15, 16, 17, 20, 23, व 26
मई- 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20 व 22
जून- 7, 10, 11 व 17
 
पालिका में भवनों की बुकिंग कैंसिल
इधर, पालिका ने भी अप्रैल माह में शादियों के लिए की गई बुकिंग को कैंसिल कर दिया है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने बताया कि 14 तारीख तक करीब दो दर्जन बुकिंग शादियों सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए की थी जिसे कैंसिल किया गया है। आगामी माह में किसी भी कार्यक्रम के लिए बुकिंग नहीं लेने के निर्देश दिए हैं।
जीएसटी की टीम ने अवैध फैक्ट्री में मारा छापा, भारी मात्रा में नकली सैनिटाइजर और कच्चा माल जब्त

जीएसटी की टीम ने अवैध फैक्ट्री में मारा छापा, भारी मात्रा में नकली सैनिटाइजर और कच्चा माल जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक खबर सामने आ रही है की सेंट्रल जीएसटी की टीम ने छापा मारकर नकली सैनिटाइजर का बड़ा पर्दाफास किया है। टीम ने शहर के दलदल सिवनी इलाके में दबिश देकर करीब 5 हजार 7 सौ लीटर से ज्यादा नकली सैनिटाइजर और कच्चा माल जब्त किया है।


जानिए पूरी खबर-
मिली जानकारी के अनुसार- टीम ने मेसर्स इंडो जर्मन बायोसाइंस के नाम से संचालित अवैध फैक्ट्री में छापा मारा है। जैविक खाद के लाइसेंस की आड़ में संचालक नीलेश गुप्ता द्वारा नकली सैनिटाइजर बनाने का काम किया जा रहा था। वहीं इसकी भनक लगते ही सेंट्रल जीएसटी ने छापामारा है। टीम ने फैक्ट्री का पंजीयन रद्द कर दिया है। बता दें कि कुछ दिन पहले भी खाद्य विभाग ने भी छापा मारा था। वहीं आज छापा मारकर भारी मात्रा में नकली सैनिटाइजर और कच्चा माल बरामद किया है। टीम द्वारा अभी आगे की कार्रवाई कर रही है।
 
छत्तीसगढ़ के कर्मचरियों के वेतन से नहीं होगी कटौती, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया निर्देश

छत्तीसगढ़ के कर्मचरियों के वेतन से नहीं होगी कटौती, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से किसी प्रकार की कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है। कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रयास और इंतजाम किए जा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारी स्वेच्छा से संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री सहायता कोष में अपना आर्थिक योगदान कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के सभी निजी औद्योगिक और व्यापारिक संस्थानों से भी यह कहा है कि वे लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मियों का वेतन नहीं काटे। यदि कोई कर्मचारी स्वेच्छा से आर्थिक योगदान करना चाहे तो कर सकता है। उल्लेखनीय है कि देश के कतिपय राज्यों में वहां की सरकार ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के लिए कर्मचारियों के वेतन से एक माह तक के वेतन और रैंकवार अनिवार्य कटौती के आदेश जारी किए हैं वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है इसके लिए राज्य सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होगी।
राजधानी के इस कॉलोनी में रोज बजती है डॉक्टरों के लिए ताली, जानिए पूरी खबर

राजधानी के इस कॉलोनी में रोज बजती है डॉक्टरों के लिए ताली, जानिए पूरी खबर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित एक कॉलोनी के लोगो द्वारा डॉक्टर के सम्मान में रोज तालिया बजे जा रही है| आपको बता दे की चाहें डॉक्टर हों, पुलिसकर्मी या वे लोग जो लॉकडाउन में हमारे लिए व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। इनका हौसला बढ़ाने और सम्मान प्रकट करने के लिए हम क्या कर सकते हैं जब वे ड्यूटी से लौटें तो बालकनी में खड़े होकर उनके सम्मान के लिए तालियां बजाएं। टाटीबंध स्थित जैनम प्लेनेट में रोजाना यही हो रहा है। यहां 20 से 25 डॉक्टर्स और मेडिकल स्टॉफ हैं। प्रतिदिन इनके सम्मान में तालियां बजाई जा रही हैं। इनकी पहल से प्रेरित होकर हम सभी को ऐसा करना चाहिए ताकि कर्मवीरों का हौसला बना रहे।



जैनम प्लेनेट सोसायटी के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद अग्रवाल ने बताया की आज कोरोना के खिलाफ पूरी दुनिया के डॉक्टर्स, पुलिसमैन और फील्ड में कई अधिकारी जुटे हैं। ये सिर्फ ड्यूटी नहीं निभा रहे बल्कि अपनी परवाह किए बिना देशवासियों की सुरक्षा के लिए कर रहे हैं। हम सिर्फ उनके प्रति कृतज्ञता जता सकते हैं। घर-परिवार से दूर वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो क्या हम उनके सम्मान के लिए तालियां भी नहीं बजा सकते।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लिखा पत्र: जाने क्या कुछ है खास

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लिखा पत्र: जाने क्या कुछ है खास

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छत्तीसगढ़ी में सम्बोधित करते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने अपने संदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे खुद के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनकों पोषण आहार उपलब्ध कराएं।  
 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में लिखा है- सभी को मालूम है कि कोरोना वायरस के कारण सब तरफ संकट मंडराया हुआ है। इस बीमारी से बचने के लिए एक ही उपाय है कि हम लोग घर के अंदर रहें और सुरक्षित रहने के तरीका का समुचित रूप से पालन करें। आप सभी गांव-गावं में सभी लोगों के संपर्क में रहते हैं और आपके समझाइश को लोग मानते भी हैं। इस संकट की घड़ी में आप लोगों को फिर से गंभीर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। आपकी जिम्मेदारी है कि आप खुद के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनकों पोषण आहार उपलब्ध कराएं। उन्हें यह भी समझाएं कि वे घर से बाहर मत निकले और घर-बाहर के सभी लोगों से दूरी बनाकर रखें। कुछ भी अनजान वस्तु को छूने के बाद हाथ को साबुन से जरूर धोने के लिए कहें। 

आप पोषण आहार को घर-घर पहुंचाएं तब आंगनबाड़ी केन्द्र में भीड़ नहीं लगेगी और कोरोना बीमारी फैलने की संभावना नहीं रहेगी। आप लोग रेडी-टू-ईट बनाने वालों को भी स्वच्छता के साथ दूरी बनाकर कार्य करने के लिए समझाएं। स्वच्छ और सुरक्षित तरीका से पोषण आहार के बांटने की व्यवस्था हो। ध्यान रखा जाए कि सभी बच्चे और माताओं को नियमित रूप से पोषण आहार मिलता रहे। 

कोरोना बीमारी के पहले लक्षण के अंतर्गत खांसी का होना, बुखार होना और सांस लेने में तकलीफ होना है। कोरोना से रोकथाम के लिए जितने उपाय बताए गए हैं उसका पालन करें और लोगों को भी पालन करने के लिए समझाइश देंवे। कोरोना बीमारी के कुछ जानकारी मिले तो स्वास्थ्य विभाग और अपने विभाग के अधिकारी को तुरंत सूचना देंवे। कोरोना बीमारी की रोकथाम के लिए आप लोग हमारी सरकार के हाथ को मजबूत बनाएं और हमारे छत्तीसगढ़ तथा देश में एक मिशाल कायम करें। 
सोनिया गांधी ने वीडियो कान्फे्रंस के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल से की चर्चा: जाने आखिर क्या कुछ है खास

सोनिया गांधी ने वीडियो कान्फे्रंस के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल से की चर्चा: जाने आखिर क्या कुछ है खास

रायपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने आज सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर कोरोना से बचाव के उपायों और  लागू लॉक डाउन के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्र भूपेश बघेल भी कान्फ्रेंस में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोरोना के बचाव और नियंत्रण, लॉक डाउन में आम जनता और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। 

 

मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीमती सोनिया गांधी को जानकारी दी कि प्रदेश में 62 लाख राशन कार्ड धारी है जिन्हें 2 माह का राशन एकमुश्त वितरित करना प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेश में 10 हजार मजदूर बाहर से आए हैं जिनके रहने खाने की व्यवस्था की गई है। पूरे प्रदेश में 355 कैंप स्थापित किए गए हैं, जिसमें 2200 कमरे हैं। आंगनबाड़ी के बच्चों को  घर पहुंचा कर पोषण आहार दिया जा रहा है, इसी तरह मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम सूखा राशन बच्चों को घर पहुंचाया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पूरी तरह लॉक डाउन का पालन किया जा रहा है। सीमावर्ती राज्यों की सीमाएं सील कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। राज्य में विदेश से आने वाले सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्णय लिया गया है। मनरेगा में 2000 काम शुरू किए गए हैं। जिसमें 5 लाख लोग काम कर रहे हैं। मनरेगा के श्रमिकों को भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि रिलीज की गई है। प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण नियंत्रण में है छत्तीसगढ़ में 9 मरीज मिले थे, जिनमें से 2 ठीक हो गए हैं। राज्य में अनाज और सब्जी की सप्लाई सामान्य है। बाजारों में मूल्य नियंत्रण में है। बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीमती सोनिया गांधी को यह भी बताया कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार से जीएसटी की दो हजार करोड़ रुपए की राशि नहीं मिली है इसी तरह मनरेगा में मात्र 75 करोड़ रूपय की राशि मिली है। सरकार ने अपनी ओर से 25 करोड़ मिलाकर 100 करोड़ रुपए की राशि रिलीज की है। इस मद में केंद्र से 400 करोड़ रुपये मिलने हैं जो अभी नहीं मिल पाए हैं।
जिले के एक मकान में मिली पति पत्नी की लाश, मामला हत्या या आत्महत्या का पुलिस जुटी जांच में, जाने कहा की है ये खबर

जिले के एक मकान में मिली पति पत्नी की लाश, मामला हत्या या आत्महत्या का पुलिस जुटी जांच में, जाने कहा की है ये खबर

दंतेवाड़ा | विश्व में जहां इन दिनों कोरोना वायरस की महामारी के बीच लोग दहशतजदा जिंदगी जी रहे हैं वहीं नगर के चौक में पाथरास इलाके के एक दंपत्ति की अचानक हुई मृत्यु की खबर सुनकर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर विवेचना कर रही है। पति पत्नी की हत्या हुई है, या उन्होंने आत्महत्या की है इसकी जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामला स्पष्ट है। नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 1 में पातरास मोहल्ले में रह रहे उक्त दंपत्ति की मृत्यु की खबर सुनते ही आसपास के क्षेत्र में गमी का वातावरण बन गया। पुलिस द्वारा परिजनों एवं मकान मालिक से संपर्क कर उक्त घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली जा रही है। 

 

 
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे 11 हजार 581 श्रमिकों को पहुंचायी राहत, जाने पूरी खबर

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे 11 हजार 581 श्रमिकों को पहुंचायी राहत, जाने पूरी खबर

रायपुर | लॉकडाउन से प्रभावित छत्तीसगढ़ प्रदेश के अन्य राज्यों में फंसे स्थानिय मजदूरों के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में एक अप्रेल शाम 4 बजे तक संकटग्रस्त 11 हजार 584 श्रमिकों की अन्य 20 राज्यों में संकट की स्थिति में होने के संबंध में सम्पर्क किया गया। राज्य शासन द्वारा 31 मार्च और एक अप्रैल तक कुल 11 हजार 581 श्रमिकों के लिए ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था विभिन्न माध्यमों से करवाई गई। इसमें 31 मार्च तक 6 हजार 934 श्रमिकों और एक अप्रैल को शाम 4 बजे तक 4 हजार 647 श्रमिकों से सम्पर्क कर उनके रहने-खाने के साथ-साथ अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था करवाई गई । उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा देश के अन्य राज्यों में श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों का दल गठित कर सतत् निगरानी की जा रही है। इसके लिए श्रम विभाग द्वारा राज्य स्तर हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-22800 सहित जिला स्तर पर भी हेल्पलाइन नम्बर स्थापित किए गए हैं। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से प्राप्त श्रमिकों के समस्याओं पंजीबद्व कर तत्काल यथासंभव समाधान किया जा रहा है। 

 श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 22 जिलों के श्रमिक 20 अन्य राज्यों में  फंसे होने की जानकारी मिली है सबसे ज्यादा श्रमिक उत्तरप्रदेश में 2 हजार 679, महाराष्ट्र में 2 हजार 98, तेलंगाना में एक हजार 743, गुजरात में एक हजार 447, जम्मू में एक हजार 363 और कर्नाटक में 551 श्रमिकों के फं से होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में 346, ओडि़सा में 226, आंध्रप्रदेश में 187, दिल्ली में 167 और पंजाब में 143 श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी हेल्पलाईन नम्बर सहित विभिन्न माध्यमों से मिली है।
अधिकारियों में बताया कि लॉकडाउन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में संकटग्रस्त अथवा फंसे हुए श्रमिकों में छत्तीसगढ़ के मुंगेली से 2 हजार 902, कबीरधाम से 2 हजार 857, राजनांदगांव से एक हजार 114, जांजगीर-चांपा से एक हजार 57, बलोदाबाजार से 895, बेमेतरा से 659, रायगढ़ से 457, बिलासपुर से 455, बलरामपुर से 209, महासमुंद से 205 और कोरबा जिले से 188 श्रमिक फंसे हुए है। जिनकी राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों, कारखाना प्रबंधकों, नियोजकों और ठेकेदारों से समन्वय कर सतत् निगरानी की जा रही है तथा उनके खाने-पीने, रहने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
 
शहर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सेनेटाइजयुक्त घर पहुंच सब्जी वाहन सेवा की शुरूआत, पढ़ें पूरी खबर

शहर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सेनेटाइजयुक्त घर पहुंच सब्जी वाहन सेवा की शुरूआत, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर | लॉकडाउन के दौरान रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लोगों को ना केवल कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने बल्कि घर बैठे वाजिब दामों पर सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए विधायक विकास उपाध्याय ने सेनेटाइज युक्त घर पहुंच सब्जी वाहन सेवा की शुरूआत की है। 

सेनेटाइजयुक्त सब्जी वाहन सुविधा आज क्षेत्र के एकता नगर,जनता कालोनी,बम्लेश्वरी नगर,मुर्राभट्टी,विकास नगर,अशोक नगर,प्रीतम नगर,परशुराम चौक,कोटा,कोटा कालोनी,टीचर्स कालोनी,भवानी नगर,गुढिय़ारी,पड़ाव,साहू पारा,मंगल बाजार,समता कालोनी,चोबे कालोनी,अग्रसेन चौक,खमतराई,शिवानंद नगर, श्रीनगर, दीनदयाल उपाध्याय नगर, गोल चौक, टाटीबंध, हीरापुर एवं समस्त वार्ड व मोहल्ले में घर-घर पहुचें और उनके जरूरत के अनुसार वाजिम दामों पर उपलब्ध कराये गये। 
श्री उपाध्याय ने कहा कि कोरोना वायरस जैसे महामारी बीमारी के बावजूद लॉकडाउन के दौरान आम जनों को सब्जी भाजी खरीदने के लिए घरों से बाहर निकलना पड़ रहा था। इसके कारण कोरोना से बचने किये जा रहे उपायों में फर्क पड़  रहा था। साथ ही बाहर में लोगों को सब्जियां भी महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने  सोशल डिस्टेंस को बनाए रखने अब लॉकडाउन खत्म होने तक घर पहुंच सब्जी सुविधा की शुरूआत क्षेत्र में की है। उन्होंने कहा कि आम जनता ने अपने धैर्य का अच्छा परिचय दिया जिसके लिए मैं सभी को धन्यवाद देता हूं। 
 
राजधानी में अज्ञात मोबाइल धारक द्वारा फर्जी आईडी बनाकर युवती को दे रहा मानसिक प्रताडऩा, मामला दर्ज

राजधानी में अज्ञात मोबाइल धारक द्वारा फर्जी आईडी बनाकर युवती को दे रहा मानसिक प्रताडऩा, मामला दर्ज

रायपुर | सोशल मीडिया पर आये दिन युवतियों का फर्जी आईडी बनाकर मानसिक प्रताडऩा देने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। कहीं कहीं तो लड़कियों को फेसबुक में डाली गई फर्जी जानकारी के आधार पर ब्लेकमेल करने /वायरल करने की धमकियां भी दी जाती है। सिविल लाइन थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोधी पारा निवासी 24 वर्षीय युवती को अज्ञात मोबाइल धारक द्वारा फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर इंस्टाग्राम बनाकर फोन अपलोड कर बिना प्रार्थियां की अनुमति के मानसिक प्रताडऩा दी गई। उक्त मामले में सिविल लाइन थाने में आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला कायम कर पतासाजी शुरू कर दी है। 

 

 
प्रधानमंत्री ने विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री बघेल से की बातचीत, जाने पूरी खबर

प्रधानमंत्री ने विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री बघेल से की बातचीत, जाने पूरी खबर

रायपुर | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर कोरोना से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के संबंध में जानकारी ली। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री बघेल से भी इस संंबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विडियो कांफ्रेंस में छत्तीसगढ़ में कोरोना के बचाव और नियंत्रण की ताजा स्थिति और लॉक डाउन के दौरान आम जनता और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रधनमंत्री श्री मोदी को दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, पुलिस महानिदेशक  डी. एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।
 
राजधानी के एमएमआई ट्रस्ट ने कोरोना से लड़ने हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया 60 लाख का सहयोग राशि, पढ़ें पूरी खबर

राजधानी के एमएमआई ट्रस्ट ने कोरोना से लड़ने हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया 60 लाख का सहयोग राशि, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर | कोरोनो वायरस से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहीम को प्रदेश भर के समाजसेवी संगठनों, उद्योगपतियों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित आम नागरिकों का भरपूर समर्थन और सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में विपत्ति की इस घड़ी में अपने सामाजिक सरोकार को पूरा करने एमएमआई ट्रस्ट आगे आया है। ट्रस्ट द्वारा आज मुख्यमंत्री सहायता कोष में 60 लाख रुपये की सहयोग राशि जमा कराई गयी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एमएमआई ट्रस्ट के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के प्रयासों को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने संकट के समय किये गए इस आर्थिक सहयोग को सभी के लिए अनुकरणीय बताया।

 

 
जिले में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों पर की गई कार्रवाई, पढ़ें पूरी खबर

जिले में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों पर की गई कार्रवाई, पढ़ें पूरी खबर

धमतरी | कलेक्टर  रजत बंसल के निर्देश अनुसार आज जिले में संचालित किराना दुकानों में आवश्यक वस्तु का मूल्य नियंत्रण, मुनाफाखोरी को रोकने एवं किराना दुकानदारों को कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सुरक्षात्मक उपायों का पालन कराने के लिए गठित दल द्वारा किराना दुकानों की जांच की गई। इस दौरान नगरपालिक निगम क्षेत्र के 12 दुकानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान कर्मा चैक धमतरी स्थित देवांश किराना दुकान, कान्हा किराना दुकान, मयंक किराना स्टोर, लालबगीचा के रामूराम नाग किराना दुकान, हटकेशर वार्ड के दिलीप किराना दुकान और रामबाग के नंदनी किराना स्टोर में आलू, प्याज, दाल, शक्कर एवं अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री का अधिक मूल्य पर विक्रय किए जाने पर खाद्य औषधि प्रसाधन विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसी तरह सूरज मेडिकल स्टोर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर नगरपालिक निगम के अधिकारी द्वारा तीन हजार रूपए जुर्माना किया गया। इस तरह दल द्वारा कुल 14 हजार रूपए की राशि जुर्माना स्वरूप वसूला गया। साथ ही सभी दुकानदारों को सही मूल्य पर सामग्री विक्रय करने तथा उपभोक्ताओं की जानकारी के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुओं का मूल्य प्रदर्शित करने की समझाईश दी गई।  
 
राजधानी में कांकेर से पैदल बिहार जाने निकले दो सगे भाइयों की जिला प्रशासन ने की मदद, भोजन व ठहरने की व्यवस्था की

राजधानी में कांकेर से पैदल बिहार जाने निकले दो सगे भाइयों की जिला प्रशासन ने की मदद, भोजन व ठहरने की व्यवस्था की

रायपुर | लॉकडाउन के चलते रेल व बस सेवा बंद रहने के कारण बिहार के रहने वाले दो सगे भाई कांकेर से पैदल ही बिहार जाने के लिए निकल पड़े। रायपुर पहुंचने के बाद जब जिला प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो तत्काल दोनों युवको की मदद करते हुए भोजन व ठहरने की व्यवस्था की गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांकेर में काम करने वाले बिहार निवासी दो सगे भाई 25 मार्च को लॉकडाउन के दौरान अपने घर जाने के लिए पैदल निकल पड़े। बताया जा रहा है कि कांकेर से पैदल चले दोनों भाई जैसे-तैसे कुछ दिनों का सफर तय कर रायपुर पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद दोनों हिम्मत हार गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों को सहारे की तलाश में भटकते देख एक समाज सेवक के संपर्क में आये। जिसके बाद उक्त समाज सेवक ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी। 

इसकी जानकारी मिलने पर कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन  और जिलापंचायत सीईओ डॉ गौरव कुमार सिंह ने  रैपिड रेस्पॉन्स टीम और गोलबाजार पेट्रोलिंग टीम को भेजकर उनके भोजन की तत्काल व्यवस्था करा कर उन्हें लभांडी में बनाए सुविधायुक्त आवासीय परिसर में देर रात रुकने की व्यवस्था करायी है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन तक दोनों युवकों को यहीं रूकने के लिए कहा गया है। 
 
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूली पर लगी रोक, संचालक लोक शिक्षण ने जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूली पर लगी रोक, संचालक लोक शिक्षण ने जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूल पर रोक लगा दी गई है। श्री बघेल के निर्देश पर राज्य शासन ने निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के पालकों को बढ़ी राहत मिली की है। मुख्यमंत्री ने निजी स्कूल संचालकों से कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन की स्थिति में पालकों से बच्चों की स्कूल फीस की वसूली स्थगित रखी जाए। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों से फीस वसूली स्थिगित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

संचालक लोक शिक्षण श्री जितेन्द्र शुक्ला ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निजी स्कूल लॉकडाउन की अवधि में स्कूल फीस वसूली स्थगित रखें, जिससे पालकों और बच्चों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो। संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि राज्य शासन को ऐसी सूचनाएं मिल रही है कि अनेक निजी शालाओं द्वारा लॉकडाउन की अवधि में भी स्कूल फीस जमा करने संबंधी संदेश पालकों को लगातर भेजे जा रहे है। लॉकडाउन की अवधि में स्कूल फीस भुगतान के लिए दबाव डालना उचित नहीं है। श्री शक्ला ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने सभी अधीनस्थ कार्यालयों और शालाओं को अवगत कराने तथा इसका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।  

अतिआवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने कलेक्टरों-एसपी व परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी

अतिआवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने कलेक्टरों-एसपी व परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के सभी जिले के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और सभी परिवहन अधिकारियों को अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिए उनके परिवहन बाधित नहीं हो इसके लिए समुचित व्यवस्था करने के आदेश जारी किये है। परिवहन विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारियों को आवश्यक और कम आवश्यकता वाली वस्तुओं के परिवहन में प्राथमिकता देने संबंधी भारत सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों को प्रेषित करते हुए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश दिये है। जिलाधिकारियों को मेडिकल आपूर्ति से संबंधित माल वाहनों को शीघ्र जांच कर सर्वोच्च प्राथमिकता से गंतव्य के लिए परिवहन करने के निर्देश दिये गये हैं। सेनेट्री ग्रोसरी की चीजे, कार्मचारियों के ई.पी.एफ. की सामग्री, दुग्ध उत्पादन और मीडिया मटेरियल के माल वाहनों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को जिलों में आवश्यकतानुसार आपदा प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब के साथ तीन गिरफ्तार, 17 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त

लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब के साथ तीन गिरफ्तार, 17 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त

भिलाई। लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब के चोरी छिपे बेचने की फिराक में जुटे तीन आरोपियों को छावनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। छावनी नगर निरीक्षक विनय सिंह बघेल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि कैम्प 2 गांधी चौक के समीप 26 वर्षीय सद्दाम हुसैन उर्फ सानू के मकान में मध्यप्रदेश से लाई गई शराब लाकॅडाउन के दौरान क्षेत्र में खपायी जा रही है। पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर 31 मार्च की अलसुबह मकान में घुसी तो सद्दाम हुसैन, आशीफ तंवर 22 वर्ष, मेहबूब खान 58 वर्ष घर में मौजूद थे। तलाशी के दौरान पलंग के नीचे 17 पेटी अंग्रेजी शराब गोवा व्हिस्की कीमत 1 लाख 6 हजार 80 रूपये जब्त की गई।

मिली जानकारी के अनुसार  अब्बास हुसैन ने 130 रूपये पौवा के दर से मध्यप्रदेश से शराब लाकर दी जिसे लाकॅडाऊन के दौरान 300 रूपये पौवा बेचते थे। अब्बास हुसैन की पुलिस तलाश कर रही है। छावनी पुलिस ने आबकारी एक्ट 34 (2) के तहत सद्दाम हुसैन, मेहबूब खान व आशीफ तंवर को गिरफ्तार कर 31 मार्च को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
 बड़ी खबर:  मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेछा से योगदान के लिए जारी हुआ कुछ आदेश, जाने पूरी खबर

बड़ी खबर: मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेछा से योगदान के लिए जारी हुआ कुछ आदेश, जाने पूरी खबर

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी के महानदी भवन से एक आदेश जारी किया गया है जिसमे मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेछा से योगदान के लिए एक सॉफ्टवेयर की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है| जिसके अंतर्गत अधिकायों/ कर्मचारियों के मार्च 2020 से एक या एक से अधिक दिन के वेतन की राशि  अधिकारी, कर्मचारी की स्वेछा से कटौत करके निम्नानुसार बजट शिर्ष में जमा करने की सुबिधा ई-पेरोल सॉफ्टवेयर के UTILITIES MENU के अंतर्गत RELIFE FUND UPDATE OPTION में उपलब्ध करा दी गई है|   
दिखने लगा लॉकडाउन का असर: शराब न मिलने से बेहाल तीन मदिराप्रेमी अस्पताल में भर्ती, दो अन्य लोगो ने पिया स्पीरिट

दिखने लगा लॉकडाउन का असर: शराब न मिलने से बेहाल तीन मदिराप्रेमी अस्पताल में भर्ती, दो अन्य लोगो ने पिया स्पीरिट

 रायपुर। राज्य के साथ ही देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच अब खबर निकल कर आ रही है कि शराब के आदी हो चुके लोगों को शराब नहीं मिलने के कारण वे बदहवाश हो रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों को अस्पताल तक में भर्ती कराया गया है। इधर शराब नहीं मिलने के कारण आज राजधानी के दो लोगों ने स्पीरिट पी लिया, जिसके चलते एक की मौत हो गई वहीं दूसरा गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती है। 

 

ज्ञात हो कि इस समय देश भर में चल रहे लॉकडाउन से जहां आम आदमी बेहाल हो उठा है तो वहीं मदिराप्रेमियों की हालत दिनों दिन पतली होती जा रही है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी देशी-अंग्रेजी शराब दुकानों का शटर डाउन है। ऐसे में शराबियों को शराब नहीं मिल पा रहा है। हालांकि वनांचल क्षेत्रों में चोरी-छिपे महुआ शराब का सेवन आम बात है। बताया जाता है कि शहर में शराबप्रेमियों को इधर-उधर भटकता देखा जा रहा है। शराब न मिलने के चलते इन लोगों की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है। शराब के आदी हो चुके दो लोगों के द्वारा आज स्पीरिट पीने की जानकारी मिली। इन  लोगों की हालत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां एक की मौत हो गई है। वहीं दूसरे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। 

इधर जान कारी मिली है कि शराब न मिलने के कारण बीमार पड़ गए कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें देवेश कुमार निवासी ग्राम जगन्नाथपुर बालोद, शेष कमार नायक  निवासी डौण्डीलोहारा, आदि शामिल हैं। 

पुलिस प्रशासन हुआ सख्त-
इधर लॉक डाउन का पालन न करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सड़कों पर बेवजह घूमने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस सीधे कार्यवाही कर रही है। इधर शराब की कालाबाजारी करने वालों पर भी पुलिस की बराबर नजर बनी हुई है। शहर में सक्रिय कोचियों पर भी पुलिस की नजर है। 
छत्तीसगढ़ में रूका प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि: मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में रूका प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि: मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर के लाभांडी में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल का मुआयना कर वहां की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वहां रूके लोगों से बातचीत करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में इस वक्त रूका हुआ बाहर का कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है। किसी को परेशान होने की कोई जरूरत नही है। ऐसे लोगों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हम करेंगे। ज्ञातव्य है कि देश के विभिन्न हिस्सों के ऐसे जरूरतमंद लोगों जो करोना वायरस के कारण लॉक डाउन की स्थिति में रायपुर में फंसे हैं, के लिए जिला प्रशासन द्वारा लाभांडी में कोरोना राहत शिविर- आश्रय स्थल बनाया गया है । इस शिविर में 12  राज्यों और 17 जिलों के भटक रहे 205 लोगों को आश्रय, भोजन और सुविधा दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने यहां रूके एक-एक व्यक्ति से मुलाकात की और उनसे कहा कि वे राज्य केे मेहमान है और उन्हें यहां किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, वे निश्चिंता से रहे और अपने घर-परिवार को भी अपनी कुशलता की जानकारी दें। मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान झारखंड के बलदेव राणा ने बताया कि वे और उनके साथी महाराष्ट्र से लौट रहे थे। उत्तर प्रदेश के देवरिया के रामनाथ शर्मा नौकरी के तलाश में छत्तीसगढ में भटक रहे थे। मध्यप्रदेश के पिपरिया के साधु रामदास त्यागी राजिम मेला के बाद से यहां थे। महाराष्ट्र के  गौतम  मजदूरी कर रहे थे। गोंदिया के श्रीकांत ट्रांसपोर्ट लाईन में होने के कारण यहां फंसे थे और हरियाणा के रामू परिवार की दो महिलाओ और दो बच्चो के साथ यहां पेशी में आये थे। यहां आश्रय लिए लोगों ने बताया कि वे इन्हें भोजन, चिकित्सा, रूकने सहित जरूरी सुविधाएं मिल रही है। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होनेे झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियो से बातचीत की है और आश्वस्त किया कि उनके राज्यो के लोग छत्तीसगढ में अच्छे से रहेगे। उन्होंने छत्तीसगढ के मजदूरों और नागरिको के उनके राज्यों मे फंसे होने की स्थिति में उनसे हर संभव सहयोग देने का आग्रह भी किया है। यह भी कहा कि ऐसे ही आश्रय शिविर राज्य के सभी जिलो में बनाएं गए है। मुख्यमंत्री के मुलाकात और अवलोकन के दौरान जिले के वरिष्ठ अधिकारी ,स्वयंसेवी संगठन के लोग और स्थानीय पार्षद भी उपस्थित थे, मुख्यमंत्री ने उन्हें इस नेक एवं मानवता के काम में दिन-रात लगकर सेवा करने के लिए साधुवाद दिया और किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से नागरिकों को सुरक्षित रखने की अपनी मुहिम के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने इन जरुरतमंदॉ, श्रमिको, बेसहारा लोगों को लाभांडी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वसुविधायुक्त बहु मंजिला भवनों में अलग-अलग फ्लैटों में आश्रय दिया है। यह पूरी कार्यवाही पुलिस अधीक्षकी आरिफ शेख, नगर निगम कमिश्नर  सौरभ कुमार, जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने मिलकर की है। इस दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी,महिला बाल विकास, वन, स्वास्थ्य,खाद्य सहित अन्य विभाग भी शामिल भी शामिल थे। जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की इस टीम ने तीन बसों को लेकर ऐसे लोगों की तलाश में परसो देर शाम रेलवे स्टेशन क्षेत्र पहुंची, जहां से रायपुर स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्थापित फूड कंट्रोल सेल से सर्वाधिक भोजन लेने की जानकारी मिली थी। महिला अधिकारियों के दल ने यहों महिलाओं, उनके साथ के दुधमुहे बच्चों, वृद्ध, दिव्यांग समेत ऐसे 75 लोगों को बसों में लेकर लाभांडी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित भवन में शिफ्ट किया। नगर निगम के इस भवन में जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पहले से की जा चुकी थीं और इस परिसर में शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से मिले सहयोग से दरी, कंबल, चादर, बाल्टी, मंग, साबुन, पेस्ट, ब्रश समेत जरूरी सामान की व्यवस्था पहले से ही की गई थी। यहां ठहराए गए छोटे बच्चों को असुविधा ना हो इसके लिए रायपुर जिला प्रशासन ने दूध की पर्याप्त व्यवस्था भी तत्काल की। इन आश्रय प्राप्त करने वालेो जरूरतमंदो को जरूरी सुविधाओं की देखरेख का जिम्मा जिला प्रशासन ने सामर्थ चेरिटबल और वी द पीपल स्वयंसेवी संगठन को दिया गया है, जो 24 घंटे उनके साथ रहकर उनकी सुविधाओं का ध्यान रख रही है। यहां आश्रय मे सोशल ङिसटेशिग कायम रखते हुए उन्हे हर संभव मदद की जा रही है। रूके नागरिकों मे सबसे अधिक नागरिक मध्यप्रदेश के 27 और झारखंड के 19 है। जिले मे सबसे अधिक बलौदाबाजार के 18 और दुर्ग के 13 है। छत्तीसगढ़ के 121 और रायपुर जिले के 40 है।
 बड़ी खबर: दिल्ली की जमात में शामिल होकर कोरबा लौटे 20 लोगो को किया गया ट्रेस, राताखार मस्जिद में मिले 15 लोग

बड़ी खबर: दिल्ली की जमात में शामिल होकर कोरबा लौटे 20 लोगो को किया गया ट्रेस, राताखार मस्जिद में मिले 15 लोग

कोरबा| दिल्ली निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में शामिल लोग देशभर में छिंटक गए हैं। निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में शामिल लोगों की जानकारी दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कोरबा पुलिस को दी। उनका मोबाइल नंबर बताया। उनकी लोकेशन भी स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद प्रशासन की कार्रवाई चालू हुई। टीम ने राताखार स्थित मस्जिद परिसर में ही 15 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। पांच लोग अलग-अलग स्थानों पर मिले। उन्हें भी रसियन हॉस्टल में क्वारेंटाइन किया गया है।

जानिए पूरी खबर-
बता दे की लॉक डाउन के दौरान निजामुद्दीन के मरकज में शामिल देशभर के अलग-अलग हिस्सों में छिप कर रहे लोगों को लेकर पूरे देश में कड़कंप मच गया है। मरकज में छत्तीसगढ़ के 101 लोग शामिल हुए थे। इन सभी की पहचान कर राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा दल से इनका परीक्षण कराया गया हैं। परीक्षण के आधार पर पूरी सतर्कता बरतते हुए इन्हें क्वारंटाइन और आइसोलेशन में रखा गया हैं। वहीं, दूसरी ओर लोरमी जिले में भी मरकज जमात में शामिल होने वाले 1 शख्स की पहचान हुई है। बताया जा रहा है कि यहां भी संदिग्ध मरीजों को लोरमी में क्वारंटाइन किया गया है।
 
भूपेश बघेल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, जाने क्या है इस पत्र में खास

भूपेश बघेल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, जाने क्या है इस पत्र में खास

छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और लोगों की सहायता के लिए व्यक्त किया आभार
 
राज्य सरकार द्वारा दूसरे राज्यों के नागरिकों के लिए छत्तीसगढ़ में की गई व्यवस्थाओं की दी जानकारी
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है।

बघेल ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को प्रेषित पत्र में कहा है कि मेरी जानकारी में लाया गया है कि आपके राज्य में फंसे हुए छत्तीसगढ़ के मजदूरों एवं अन्य नागरिकों हेतु संबंधित जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से सहायता उपलब्ध कराई गई है। आपकी सरकार के उक्त सराहनीय कार्य के लिए आपको धन्यवाद ज्ञापित करता हूॅ। मैं आशा करता हूॅ कि आपके कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नही होगी। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार के द्वारा भी प्रदेश के सभी नागरिकों सहित अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, उचित रहवास एवं भोजन व्यवस्था हेतु प्रभावी कदम उठाया गया है। आमजन को स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए राज्य की राजधानी सहित सभी जिला मुख्यालयों में कंट्रोल रूम की स्थापना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीब परिवारों को अप्रैल एवं मई माह का एकमुश्त नि:शुक्ल चावल वितरण, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता हेतु खाद्य एवं परिवहन विभाग द्वारा 24 घंटे मॉनिटरिंग, हर ग्राम पंचायत में जरूरतमंद लोगों के लिए दो क्विंटल चावल की व्यवस्था, निराश्रित तथा सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। 

उन्होंने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस से उत्पन्न राष्ट्रीय आपदा में प्रभावित संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं एवं आपके राज्य में फंसे हुए छत्तीसगढ़ के मजदूरों एवं अन्य प्रवासी मजदूरों के ठहरने, भोजन व्यवस्था इत्यादि की व्यवस्था तथा आपके राज्य सरकार से आवश्यक समन्वय करने हेतु सोनमणि बोरा, श्रम सचिव को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। श्रम विभाग द्वारा सम्पर्क हेतु हेल्पलाईन नम्बर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-22800, श्रमायुक्त कार्यालय के उप श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े 94252-46562 एवं श्रीमती सविता मिश्रा 94252-30019 अधिकृत किए गए हैं। अनुरोध है कि छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिक एवं अन्य नागरिक आपके राज्य के जिन जिलों में भी ठहरे हुए हैं, उन जिलों के संबंधित अधिकारियों के संपर्क अधिकारियों के नम्बर हमारे अधिकारियों को उपलब्ध कराने हेतु संबंधितों को निर्देशित करने का कष्ट करें, ताकि हमारे राज्य के अधिकारी समय-समय पर हमारे नागरिकों का कुशल-क्षेम जान सकें। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में रह रहे अन्य प्रदेशों के प्रवासी श्रमिकों सहित सभी नागरिकों एवं कोरोना वायरस महामारी के परिणामस्वरूप अन्य प्रदेशों में फंसे हुए प्रदेश के श्रमिक भाई-बहनों एवं नागरिकों के लिए हर संभव सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी अपने समन्वित प्रयासों से निश्चित ही सभी नागरिकों को हर संभव सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए सफलता हासिल करेंगे।  
विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र, कहा - निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तीन माह की फीस हो माफ

विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र, कहा - निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की तीन माह की फीस हो माफ

रायपुर | रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निजी शालाओं के विद्यार्थियों की तीन माह की फीस माफ कराने का अनुरोध किया  है।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखे पत्र में विधायक विकास उपाध्याय ने कहा है कि पूरे विश्व में आये कोरोना के संकट से छत्तीसगढ़ राज्य भी पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। शासन द्वारा इस संक्रमण को रोकने सबसे पहले सभी स्कूलों को बंद कराने का निर्णय लिया गया। जिसके चलते पिछले माह से सभी स्कूल पूरी तरह से बंद हैं, तो आगे भी इसे बंद की यथावत स्थिति में ही रखने की जरूरत पड़ेगी। इस बीच सभी पलकों की लॉक डाउन के चलते माली हालत भी ठीक नही है और इन स्कूलों में लिया जाने वाला मासिक शुल्क की रकम भी भारी भरकम होती है। बच्चे आज पूरी तरह से अपने घरों में बंद हैं जिनका स्कूलों के शैक्षणिक या ट्रेवल गतिविधियों से कोई जुड़ाव नही है ऐसे में जब इन प्राइवेट स्कूलों का विद्यार्थियों के किसी भी गतिविधियों में कोई योगदान नही है, बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा मोबाइल में मेसेज कर, फोन कर स्कूल की फीस व अमानवीय तरीके से स्कूल के ट्रेवल की फीस भी जमा करने दवाब डाला जा रहा है। जो कि मानवीय दृष्टिकोण से पूर्णतह गलत है।अत: आपसे निवेदन है कि मानवीय आधार पर  इस बात की उन पलकों को राहत दी जाये कि मार्च माह से लेकर मई माह तक कि उनकी सम्पूर्ण फीस को पूरी तरह से माफ कर छूट दी जाए जो कि एक तरह से कोरोना संकट के इस  विषम परिस्थिति में स्कूलों के प्रबंधन द्वारा दिया जाने वाला छूट एक तरह से दान स्वरूप यहाँ के पलकों के लिये साबित होगा।
आप प्रदेश के एक संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं और आपके द्वारा सभी वर्ग के लोगों को किसी न किसी माध्यम से राहत देने लगातार प्रयास किया जा रहा है, तो आपसे निवेदन है कि इस महत्वपूर्ण माँग को भी इस श्रेणी में सम्मिलित करते हुए प्रदेश के लाखों पलकों को राहत देने आवश्यक आदेश जारी करने का कष्ट करेंगे। मुख्यमंत्री इस माँग को पूरा करते हैं तो प्रदेश के कई लाख पलकों को इस संकट की घड़ी में राहत मिलेगी।
 
 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र, जाने क्या कुछ है खास

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र, जाने क्या कुछ है खास

बघेल ने मनरेगा मजदूरों, असंगठित कामगारों, जन-धन खातों और संगठित क्षेत्र के कामगारों को सहायता प्रदान करने के दिए सुझाव
 
मनरेगा श्रमिकों को तीन माह तक एक हजार रूपए, जन-धन खातों में तीन माह तक 750 रूपए और संगठित क्षेत्र के कामगारों की भविष्य निधि का वहन तीन माह तक केन्द्र सरकार द्वारा करने का दिया सुझाव
 
मुख्यमंत्री ने कहा- समाज का एक बड़ा वर्ग केन्द्र सरकार द्वारा की गई घोषणाओं से लाभ प्राप्त करने में अभी भी वंचित है
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि- 26 मार्च को केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा आजजन को सहायता पहुंचानेे के लिए की गयी घोषणाएं सराहनीय है, जिसमें समाज के बड़े तबके को राहत मिली है। केन्द्र सरकार द्वारा की गयी सकारात्मक पहल को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है, क्योकि अभी भी समाज का एक बड़ा वर्ग उन घोषणाओं से लाभ प्राप्त करने में अभी भी वंचित है। विशेष तौर पर ''मनरेगा'' योजना के तहत आने वाले भूमिहीन मजदूर तथा असंगठित क्षेत्र के कामगार, वर्तमान परिस्थितियों में इनका जीवन-यापन दूभर होना तय है।

बघेल ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं के संदर्भ में उनके अतिरिक्त मेरे कुछ सुझाव इस प्रकार है:-मनरेगा एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आगामी तीन माह तक प्रतिमाह एक हजार की राशि उनके खातों में अंतरित की जाए। सभी जन-धन खाता धारकों को 750 रूपए प्रतिमाह की राशि आगामी 3 माह तक उनके खातों में अंतरित की जाए। इसमें महिला, पुरूष, जीरो बैलेन्स अथवा अप्रचलित खाते सभी शामिल हो।

बघेल ने इसके साथ ही संगठित क्षेत्र के सभी कामगारों जिन्हें 15 हजार प्रतिमाह से कम राशि प्राप्त होती हो, उनकी भविष्य निधि की संपूर्ण राशि आगामी तीन माह तक केन्द सरकार द्वारा वहन करने और उसमें किसी भी तरह की पूर्व शर्त नही रखने का अनुरोध किया है। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री से कहा है कि यदि उपरोक्त सुझाव के अनुरूप स्वीकृति दी जाती है तभी हम कोरोना के खिलाफ छेड़ी गयी जंग जीतने में सफल हो सकते है अन्यथा लाखों परिवारों के लिए जीवन का संकट उत्पन्न होना निश्चित है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि इन मांगों की स्वीकृति शीघ्र अतिशीघ्र प्रदान करने का कष्ट करें ताकि इन वर्गो को बड़ी राहत मिल सके। 

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ में 21 मार्च से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ''लॉकडाउन किया गया है। जिससे राज्य में कोरोना पीडि़तों की संख्या सीमित रखने में सहायता मिली है। ''एम्स रायपुर का अमला तथा राज्य शासन के सभी अधिकारी आपदा के इस समय में आम जनता को सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चा सम्हाले हुए है।