



महासमुंद | पिछले पांच माह से गुमशुदा वृद्ध का आज गांव के ही खेत में कंकाल मिला। घटना बसना थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हनी की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मौत का कारण जानने के लिए कंकाल जांच के लिए भेज दिया है। कंकाल मिलने की खबर पहले ग्रामीणों ने सरपंच को दी और सरपंच ने पुलिस को दी। थाना प्रभारी वीणा यादव ने बताया कि कंकाल की शिनाख्ती गांव के ही लक्ष्मण बरिहा पिता इन्द्रो बरिहा (61) के रूप में की गई। परिजनों ने कंकाल के पास मिले कपड़े से उनकी पहचान की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मण दिमागी रूप से कमजोर था। उन्होनें बताया कि लक्ष्मण बरिहा 10 अक्टूबर को घर से लापता था उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। फिलहाल, मामले में मर्ग कायम कर कंकाल को जांच के लिए भेजा जा रहा है। इधर, कंकाल मिलने के बाद से गाँव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
रायपुर | चीन के वुहान शहर से फैलने वाले कोरोना नाम के दानव का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इस वायरस से संक्रमित लोगों के मृत्यु के आंकड़ों ने दुनियाभर में दहशत का माहौल बना दिया है।
रायपुर | पैसा कमाने के नाम पर अवैधानिक तरीके अपनाने में अपराधिक किस्म के लोगों को कोई संकोच नहीं होता आए दिन शिक्षित बेरोजगारों की तकलीफ को धोखाधड़ी कर नौकरी दिलाने के नाम पर काम करने वालों का सुनियोजित गिरोह बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की वारदातों में वृद्धि कर रहा है। आमानाका थाने से मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती प्रगति बाजपेयी आयु 32 वर्ष पति मोहित बाजपेयी निवासी पार्थिव नगर मोहबा बाजार को दीपक शर्मा पिता हरेंद्र शर्मा निवासी आडवानी नगर बिरगांव उरला द्वारा डीएमएफ एंड कंपनी में काम दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये किस्तवारी के नाम पर लेकर धोखाधड़ी की गई। उक्त मामले में आमानाका थाने ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला कायम किया है।
रायपुर | कोतवाली थाना अंतर्गत अखाड़ा बैजनाथपारा में रिश्तेदार के घर मेहमान बनकर आये एक शख्स ने अपने ही रिश्तेदार के घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया है । जानकारी के अनुसार आरोपी 25 लाख रूपये चोरी करके भाग निकला । खबर मिली है कि अखाड़ा बैजनाथ पारा निवासी सैयद लियाकत अली के घर बुहाड धनपुरी शहडोल निवासी मोहम्मद अमीन पिता गुल मोहम्मद मेहमान बन कर आया था और उसके घर में रखे 25 लाख रूपये को चोरी कर भाग निकला । जानकारी के अनुसार सैयद लियाकत अली शेख अब्दुल्ला एण्ड कंपनी में काम करता है और कंपनी की वसूली का रकम 25 लाख रुपये को अपने घर में दीवान के अंदर रखा हुआ था जिसे आरोपी ने चोरी करके भाग निकला । प्रार्थी सैयद लियाकत अली ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ चोरी का अपराध दर्ज कर मामले की जाँच कर रही है।
रायपुर | स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए छह जिला चिकित्सालयों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा का शुभारंभ किया। ‘जीवन धारा’ नाम से शुरु हुई इस नई सुविधा के लिए राष्ट्रीय फ्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत जिला अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें स्थापित की गई हैं। कांकेर, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और जशपुर में डायलिसिस की सुविधा शुरू होने से किडनी रोगों से पीड़ितों को इसके लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वायरस के प्रकोप और इस संबंध में जारी एडवाइजरी के मद्देनजर सभी छह जिलों में इस सुविधा का शुभारंभ अपने निवास कार्यालय से चुनिंदा विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से किया। उद्घाटन के दौरान सभी जिला अस्पतालों में भी काफी सीमित लोग मौजूद थे। ‘जीवन धारा’ कार्यक्रम के तहत दुर्ग, कांकेर, कोरबा और जशपुर जिला चिकित्सालयों में पांच-पांच यूनिट, बिलासपुर में चार एवं महासमुंद में तीन डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन (ट्रस्ट), मुंबई द्वारा छत्तीसगढ़ में कुल 30 डायलिसिस मशीन निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
डायलिसिस सुविधा का लोकार्पण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि किडनी रोगों से ग्रस्त मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है। इससे उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है। डायलिसिस की सुविधा राज्य में कुछ ही शहरों में है। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छह जिला चिकित्सालयों में यह निःशुल्क सुविधा शुरू की जा रही है। इससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही त्वरित इलाज मिलेगा। आने वाले समय में सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा शुरू की जाएगी।
श्री सिंहदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चार जिला अस्पतालों में डायलिसिस मशीनों एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। ‘जीवन धारा’ कार्यक्रम के अंतर्गत डायलिसिस मशीनों के संचालन के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार निविदा के माध्यम से एसकैग (ESKAG) संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता का चयन किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी मौजूद थीं।
रायपुर | भारत के महा रजिस्टार कार्यालय नई दिल्ली के वेबपोर्टल (www.crsorgi.gov.in) के माध्यम से जन्म-मृत्यु और मृत जन्म का ऑनलाईन पंजीयन जनसाधारण अपने घर बैठे कर सकते हैं। पंजीयन के बारे में सूचनाएं ई-मेल तथा मोबाइल पर प्राप्त किया जा सकता है।
आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय नवा रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार वेबपोर्टल में उपयोगकर्ताओं को राज्य की क्षेत्रीय भाषा अथवा अंग्रेजी में रिपोर्टिंग फार्म भरने की सुविधा दी गई है। जनसाधारण को घर बैठे जन्म एवं मृत्यु पंजीयन करने के पश्चात पंजीयन की जानकारी मोबाइल, ई-मेल पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। प्रमाण पत्र पर मुद्रित क्यूआरकोड से प्रमाण पत्र की वैधता की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा तुरंत किया जा सकता है। वेबपोर्टल पर 21 दिनों के भीतर सूचना दिए जाने पर निःशुल्क पंजीयन तथा प्रमाण पत्र की प्रथम प्रति निःशुल्क मिलेगी।
महा रजिस्टार कार्यालय द्वारा लोगों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु का प्रावधान किया गया है। सीएससी के माध्यम से घर या अन्य स्थानों रास्ते में, होटल, धर्मशाला आदि होने वाली घटनाओं की सूचना 21 दिनों के भीतर दी जा सकती है, परंतु सीएससी के माध्यम से संस्थागत घटनाओं तथा विलंबित घटनाओं की सूचना नही दी जा सकेगी। भरे गए पंजीयन फार्म का प्रिंटआउट लेकर सीएससी संबंधित रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को अपेक्षित दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत अथवा दिए गए पते पर डाक द्वारा भेजना होगा ताकि रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) के द्वारा दस्तावेजों का मिलान, परीक्षण कर पंजीयन की कार्यवाही की जा सकेगी।
गौरतलब है कि भारत के महा रजिस्टार कार्यालय के मार्गदर्शन में मुख्य रजिस्टार जन्म-मृत्यु कार्यालय के निर्देशानुसार जन्म, मृत्यु और मृत जन्म का ऑनलाईन पंजीयन जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू की गई है। जनवरी 2020 से नगरीय निकायों में भी प्रारंभ किया गया है। यदि जन्म-मृत्यु घर में हुई हो तो वेबसाइट (www.crsorgi.gov.in) पर लॉगिन पैनल के ठीक नीचे दिए गए जनरल पब्लिक साइन अप लिंक के माध्यम से 21 दिनों के भीतर घर के किसी सदस्य द्वारा ऑनलाइन रिपोर्ट किया जा सकता है। यदि जन्म, मृत्यु किसी निजी अस्पताल में (संस्थागत) हुई है, तो अस्पताल की यह जिम्मेदारी है कि वह उस घटना की सूचना उस क्षेत्र के रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को 21 दिनों के भीतर ऑनलाइन या मैन्युअल रूप से दे। 21 दिनों के बाद सभी विलंबित घटनाओं को सीधे रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) के कार्यालय को सूचित किया जाता है। जनरल पब्लिक साइन अप, सीएससी, निजी संस्थानों द्वारा विलंबित घटनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए कोई प्रावधान नहीं हैं। विलंबित घटनाएं राज्य सरकार के द्वारा तय किए गए शुल्क के साथ तथा सक्षम प्राधिकारी (जिला रजिस्टार, अतिरिक्त जिला रजिस्टार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) के आदेश के बाद रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को सूचित किया जाता है। इन घटनाओं को ऑनलाइन पंजीयन करने की जिम्मेदारी संबंधित रजिस्टार की है।















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