रायपुर : लोकतंत्र सेनानी संघ व लोकतंत्र प्रहरी छत्तीसगढ़ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी के निवास पर संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद द्वारा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानी संघ के सहयोगी संगठन, लोकतंत्र प्रहरी, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के महाविद्यालयीन छात्रों हेतु” 25 जून “संविधान हत्या दिवस प्रासंगिक क्यों?” इस विषय पर एवं विद्यालयीन विद्यार्थियों हेतु “आपातकाल विस्मृत ना हो।”इस विषय पर निबंध प्रतियोगिता प्रदेश स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
लोकतंत्र प्रहरी के प्रदेश अध्यक्ष विशाल राजहंस ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अपने महाविद्यालय व विद्यालय के प्राचार्य के सहमति पत्र प्रस्तुत करने होंगे तथा निबंध प्रतियोगिता दिनांक 30 जून 25 तक आयोजित होगी। 30 जून तक सभी प्रतियोगी अपने निबंध प्रदेश कार्यालय “उपासने निवास” प्रोफेसर कॉलोनी, सेक्टर 3, सड़क 3 ,वामन राव लाखे वार्ड क्रमांक 66 के पते पर अग्रेषित करें ।दोनों स्तरों पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय आने वाले विद्यार्थी विजेताओं को क्रमशः 31 हजार हजार 21हजार व 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा तथा अन्य भाव युक्त निबंधों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
बैठक में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आपातकाल की वर्षगांठ पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर उनके निवास पर 26 जून को प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी परिवारों, सfत्याग्रहियों को सम्मानित किया जाएगा ।इस आयोजन में लोकतंत्र प्रहरी पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे
इस सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रदेश सरकार के समस्त मंत्री गण व निगम आयोग के अध्यक्षों सहित भाजपा के पदाधिकरियों की गरिमामय उपस्थिति में “आपातकाल के 50 वर्ष” एवं “संविधान हत्या दिवस” पर ओजस्वी वक्ताओं के द्वारा विचार व्यक्त किए जाएंगे तथा आमंत्रित अतिथि लोकतंत्र सेनानियों के साथ भोजन भी ग्रहण करेंगे ।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आपातकाल का काला अध्याय कितना क्रूरतापूर्ण था, यह जनमानस को ज्ञात रहे, इस हेतु “आपातकाल का काला इतिहास” पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा.
दिवाकर तिवारी व विशाल राजहंस ने बताया कि लोकतंत्र सेनानी संघ व प्रहरी की प्रदेश व जिला इकाइयों का पुनर्गठन व सदस्यता अभियान व्यापक रूप से प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप से चलाया जाएगा।
बैठक में विशेष रूप में प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, प्रहरी के प्रदेश अध्यक्ष विशाल राजहंस, सुहास देशपांडे ,शिरोमणि घोरपडे, राम पाटणकर ,शशांक शुक्ला ,नरेंद्र शर्मा, जगतपति देव, रामावतार यादव, हेमंत देशमुख ,पवन शर्मा ,श्रीमती सीमा शर्मा ,गोवर्धन जायसवाल, दीपक शर्मा ,नंदकिशोर शर्मा ,लक्ष्मी यादव, अनुराधा साहू सहित बड़ी मात्रा में सेनानी उपस्थित थे ।आभार प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी द्वारा किया गया।
बिलासपुर : भले ही सरकार ने तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बना दिया हो, लेकिन इसका पालन अब भी पूरी तरह नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां एक महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने के बाद उसके पति ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
पीड़िता का निकाह दिसंबर 2022 में सुपेला, भिलाई निवासी नासिर अली से हुआ था। शादी के समय पीड़िता के परिजनों ने नासिर के परिवार की सभी दहेज संबंधी मांगें पूरी की थीं। बावजूद इसके, निकाह के कुछ ही दिनों बाद पीड़िता को दहेज में बाइक नहीं लाने और अन्य आरोपों को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
परिवार वालों और सामाजिक जमात द्वारा समझाइश के बावजूद ससुराल पक्ष की प्रताड़ना बंद नहीं हुई। अंततः, एक दिन पति नासिर ने तीन बार “तलाक” कहकर पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता ने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पति नासिर, सास समेत अन्य के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019, दहेज प्रताड़ना और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नया रायपुर स्थित मंत्रालय में एक बड़ी बैठक लेंगे, इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे. यह बैठक दोपहर 2:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी.सीएम साय कई विषयों पर चर्चा कर अफसरों को सख्त निर्देश देंगे। बता दे की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार विभागों की समीक्ष बैठक लेते रहते हैं और विभागों से जुड़े समस्या को तत्काल निराकरण करने का निर्देश विभागीय अधिकारियो को देते रहते हैं। और आज भी कई विभागों की समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री साय लेंगे।
रायगढ़: कभी अस्थायी झोपड़ियों में रहने वाले हजारों परिवारों के जीवन में अब स्थायित्व और सम्मान की छाया है। छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में एक मिसाल बनकर उभरा है। मिशन मोड में चल रहे आवास निर्माण कार्यों के फलस्वरूप रायगढ़ प्रदेश का पहला ऐसा जिला बना है, जिसने वर्ष 2024-25 में 20 हजार से अधिक मकानों का निर्माण पूरा किया है। यह न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि गरीबों के सपनों को साकार करने की एक जीवंत तस्वीर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक रहने के लिए पक्का आवास प्रदान करना है। रायगढ़ जिले में इस उद्देश्य को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए जिला प्रशासन ने समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम किया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव की सतत निगरानी में कार्य को मिशन मोड में अंजाम दिया गया। अब तक जिले में 20,067 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से अधिकांश परिवार ऐसे हैं, जो वर्षों से कच्चे और असुरक्षित घरों में जीवन यापन कर रहे थे। पीएम आवास योजना के तहत न सिर्फ उन्हें पक्का घर मिला, बल्कि स्वाभिमान और सामाजिक सुरक्षा का अहसास भी मिला।
जिले में वर्ष 2024-25 के अंतर्गत 52,226 मकानों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 40,152 मकानों की प्लिंथ लेवल जिओ टैगिंग पूरी की जा चुकी है। उल्लेखनीय बात यह है कि 38,446 हितग्राहियों को दूसरी किश्त भी जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य में गति बनी रही और समय पर लक्ष्य पूर्ण हो सका। रायगढ़ की यह सफलता फील्ड की मेहनत का परिणाम है। सीईओ श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि कार्य की सफलता के पीछे नियमित फील्ड विजिट, हितग्राहियों से सतत संवाद, तथा समस्याओं के त्वरित समाधान जैसी व्यवस्थाएं रही हैं। समय पर किश्तों का भुगतान, तकनीकी सहयोग और निर्माण संबंधी मार्गदर्शन ने हितग्राहियों का उत्साह बनाए रखा।
अपना पक्का घर पाने की खुशी हितग्राहियों की आंखों से झलकती है। लाभार्थियों का कहना है कि पहले जहां वे अस्थायी झोपड़ी में बारिश और गर्मी से परेशान रहते थे, अब एक मजबूत और सुरक्षित घर ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी है। बच्चों की पढ़ाई, पारिवारिक सम्मान और स्वास्थ्य हर स्तर पर बदलाव महसूस किया जा रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों के लिए रायगढ़ अब एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में उभर रहा है। योजनाबद्ध प्रयास, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनभागीदारी से यह सिद्ध हो चुका है कि यदि प्रशासन और जनता साथ मिलकर काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
दुर्ग/रायपुर: दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव आज सुबह बैडमिंटन खेलते समय घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। बताया जा रहा कि 15 जून को विधायक गजेंद्र यादव का बर्थडे है।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव रोज सुबह की तरह उठकर अपने साथियों के साथ घर के सामने बैडमिंटन खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। इसके बाद उन्हें दुर्ग के आरोग्यम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
वहीं गजेंद्र यादव की भर्ती होते ही भारतीय जनता पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष, महामंत्री, महापौर अलका बाघमार, निगम के पार्षद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। सभी ने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। शुक्रवार को राज्य के कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर से जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 12 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है, वहीं 15 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज
रायपुर में कोरोना के सबसे ज्यादा 6 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा बिलासपुर से 4 और दुर्ग जिले से 2 संक्रमित सामने आए हैं। अब तक प्रदेश में 45 संक्रमित मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं।
राज्य में कुल 42 एक्टिव केस, 1 मरीज ICU में भर्ती
प्रदेश में अब कुल 42 सक्रिय कोरोना मरीज हैं। इनमें से 35 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और बिना किसी गंभीर लक्षण के हैं। वहीं 6 मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। एक मरीज की हालत गंभीर बताई गई है और उसे ICU में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी-खांसी, बुखार या सांस संबंधी समस्या होने पर तुरंत जांच कराने की अपील की गई है। विभाग ने यह भी साफ किया है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।
इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।
कलेक्टर बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर संजू देवी राजपुत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।
रायपुर: झारखंड में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच की आंच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुकी है। इस मामले में झारखंड की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने छत्तीसगढ़ के उद्योगपति सिद्धार्थ सिंघानिया के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इस पूरे घोटाले की गंभीरता से जांच कर रही है। ACB की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शराब घोटाले में राज्य सरकार को अब तक 38 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
छत्तीसगढ़ के कई नामचीन कारोबारी भी रडार पर
ACB की जांच में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के बड़े कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। रायपुर के सरोज लोहिया, बच्चा लोहिया और अतीमा खन्ना, भोपाल के मनीष जैन और राजीव द्विवेदी, पुणे के अजीत जयसिंह राव, अमित प्रभाकर सोलंकी और सुनील कुंभकर को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।
इन सभी कारोबारियों से जल्द पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि इस घोटाले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और छत्तीसगढ़ से भी और नाम उजागर हो सकते हैं।
पूरे घोटाले में अब तक क्या हुआ?
ACB की जांच में सामने आया है कि शराब के लाइसेंस, सप्लाई और बिलिंग में भारी फर्जीवाड़ा कर झारखंड सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया गया। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बड़े कारोबारी भी जाँच एजेंसियों की रडार पर आ चुके हैं।
प्रशासन सख्त, जल्द और गिरफ्तारियां संभव
ACB और झारखंड पुलिस ने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में और बड़े नामों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कोरबा में किया केशव भवन का लोकार्पण
रायपुर, 12 जून 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज प्रदेश की ऊर्जाधानी कोरबा स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में नन्हें-मुन्हें बच्चों के लिए नवनिर्मित केशव भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भवन शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों का संगम बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केशव भवन बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। सरस्वती शिशु मंदिर संस्था शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। यहां विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उत्तम संस्कार भी प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल विद्यालय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त आधारशिला है, जहाँ से सच्चे राष्ट्रभक्तों का निर्माण होता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रप्रेम और नैतिक शिक्षा को समर्पित इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, महापौर कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंधन समिति से जुड़े सदस्यगण तथा शिक्षक उपस्थित थे।
कन्वेंशन सेंटर का नामकरण महारानी अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने की घोषणा
कोरबा जिले को दी 223 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोरबा जिले के प्रवास के दौरान कन्वेंशन सेंटर में लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का लोकार्पण किया और कन्वेंशन सेंटर को महारानी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को लगभग 223 करोड़ 88 लाख रूपए से अधिक लागत के 66 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर प्रजावत्सल और न्यायप्रिय शासक थी। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और नई पहचान दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ रूपए से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा जिले के लोगों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐलुमिनियम पार्क की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम के तहत कन्वेन्शन सेंटर परिसर में सिंदूर का पौधा भी लगाया। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जीवनी पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव और उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन भी ने सम्बोधित किया।
लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा लोकार्पित किए गए कार्यों में मुख्य रूप से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 11 गांवों में एकल ग्राम नल-जल योजना, 3 गांवों में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय नवीन भवन/जीर्णाेद्धार कार्य, और 47 छात्रावासों-आश्रमों में 2.4 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार भूमि पूजन के प्रमुख कार्यों में नगर पालिक निगम कोरबा हेतु 100 टीपीडी सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा अंतर्गत सिटी बस डिपो-टर्मिनल कॉपलेक्स, 100 बेड हॉस्पिटल में एसएनसीयू हॉल, प्रशिक्षण हॉल सहित अन्य निर्माण कार्य, अयोध्यापुरी तालाब में जल संवर्धन कार्य एवं जिला खनिज संस्थान न्यास मद तथा 15 वें वित्त आयोग के विभिन्न कार्य शामिल हैं।
प्लेन क्रैश में मृत लोगों के प्रति जताई संवेदना
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रहे प्लेन के क्रैश होने की घटना में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य खेल अलंकरण पुरस्कारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 निर्धारित की गई है।
इन पुरस्कारों में शहीद राजीव पाण्डे, शहीद कौशल यादव, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे, वीर हनुमान सिंह सम्मान के साथ-साथ मुख्यमंत्री ट्रॉफी, प्रोत्साहन स्वरूप नगद राशि, खेलवृत्ति (डाईट मनी) और प्रेरणा निधि शामिल हैं।
पुरस्कारों का उद्देश्य राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को प्रोत्साहित करना है। चयन पात्रता, उपलब्धियों और खेल संघों की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा।
शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार में 3 लाख, शहीद कौशल यादव और वीर हनुमान सिंह पुरस्कार – 1.5 लाख, पंकज विक्रम व विनोद चौबे सम्मान 25 हजार, मुख्यमंत्री ट्रॉफी – टीम सदस्य संख्या के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रूपये तक की पुरस्कार प्रदान की जाएगी।
राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ी, डाईट मनी के लिए अधिकतम आयु 19 वर्ष के खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने के लिए विभाग की वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं या जिला/राज्य खेल कार्यालय से भी लिए जा सकते हैं।
शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन केवल राज्य खेल संघों की अनुशंसा के साथ स्वीकार होंगे।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि:
26 जून 2025 (कार्यालयीन समय तक) तथा स्थान संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर अथवा जिला खेल कार्यालय, रायपुर है। आवेदन के साथ सभी प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य है। अधूरे या अस्पष्ट आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। चयन समिति का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
सभी पात्र खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल संघ समय पर आवेदन कर इस सम्मान के भागी बनें।
अंबिकापुर। अंबिकापुर जिला में भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि लखनपुर-बेलदगी मुख्य मार्ग में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार लोगों को चपेट में लेकर जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस हादसे पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सड़क दुर्घटना का ये मामला लखनपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुनगुरी निवासी 40 वर्षीय विजय यादव, सत्यनारायण साय और ग्राम पेंडरखी निवासी 22 वर्षीय संजय तीनों बाइक में सवार होकर लखनपुर से तुनगुरी की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि लखनपुर-बेलगदी मुख्य मार्ग में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेक्टर ने बाइक को सामने से चपेट में लेकर टक्कर मार दी। ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे।
गंभीर लोग से घायल तीनों लोगों का समय पर उपचार मिल पाता, उससे पहले ही तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर तीनों ग्रामीणों के शव को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मॉर्च्युरी भिजवाया गया। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्रैक्टर का चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। लखनपुर पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
रायपुर। अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI171 आज एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। विमान ने दोपहर 1:17 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद यह पास के मेघाणी नगर क्षेत्र स्थित BJ मेडिकल कॉलेज कैंपस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट को भी आगामी आदेश तक रद्द कर दिया गया है।
रायपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि रायपुर से अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। रायपुर से इंडिगो का विमान अहमदाबाद के लिए उड़ान भरता था। जिसे आगामी आदेश तक रद्द किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते ही विमान का पिछला हिस्सा एक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह रिहायशी इलाके में जा गिरा। दुर्घटना स्थल से भारी काले धुएं का गुबार उठता देखा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट, 10 केबिन क्रू मेंबर्स और 230 यात्री शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास थी, जिनके पास 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था। को-पायलट क्लाइव कुंदर 1100 घंटे का अनुभव रखते थे। इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय की पहल से कर्मचारियों को डिजिटल सुविधा: सेवा जानकारी अब मोबाइल एप पर अपडेट
प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान
रायपुर 11 जून 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। "डिजिटल प्रशासन - पारदर्शी समाधान" की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी "कुंडली" को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा।
संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।
अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।
कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।
साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर 12 जून 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" और "पीपल फॉर पीपुल" जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
सूरजपुर। जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भटगांव थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। दरअसल जरही निवासी महिला उर्मिला नायक स्कूटी पर सवार होकर अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ माटीगुड़ा जा रही थीं।
तभी तेज रफ्तार डीजल टैंकर ने अंबिकापुर-बनारस मार्ग के कप्सरा गांव के पास उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई जबकि महिला को गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
मृतक महिला नगर पंचायत जरही में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन लेकर फरार हो गया लेकिन लटोरी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दुर्ग: छत्तीसगढ़ के रिसाली नगर निगम में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। वार्ड क्रमांक 28 वीआईपी नगर से कांग्रेस की पार्षद और एमआईसी सदस्य डॉ. सीमा साहू ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने सांसद विजय बघेल के निवास पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ली। इस मौके पर सांसद विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक भी मौजूद रहे
इससे पहले भी कांग्रेस के चार पार्षद पार्टी से असंतुष्ट होकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। सीमा साहू ने भी पार्टी और खासकर महापौर शशि सिन्हा के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई थी।
महापौर पद की दौड़ में थीं प्रबल दावेदार
डॉ. सीमा साहू को महापौर पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि यह पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित था। उनके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से पारिवारिक संबंध भी थे, जिससे उन्हें टिकट मिलने की प्रबल संभावना मानी जा रही थी। लेकिन पार्टी ने शशि सिन्हा को महापौर पद का उम्मीदवार बनाया और वे विजयी हुईं।
महापौर से नाराजगी बनी कारण
सीमा साहू ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महापौर को एमआईसी मेंबर्स और पार्षदों को साथ लेकर चलना चाहिए था, लेकिन उसमें कमी रही। उन्होंने यह भी कहा कि इसी वजह से पहले भी कई पार्षद कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
रिसाली निगम में कांग्रेस के भीतर बढ़ती असहमति और भाजपा में जा रहे नेताओं का सिलसिला आने वाले समय में नगर निगम की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
सूरजपुर। जिले से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जहां कलयुगी बेटे ने अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के कुंदा बस्ती का है।
बता दें कि, वारदात को अंजाम देने से पहले पिता और पुत्र दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और फिर क्या था। बेटे ने पीट-पीटकर बेरहमी से अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया। यह पूरी घटना बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के कुंदा बस्ती की बताई जा रही है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। FSL टीम भी मौके पर मौजूद है। फिलहाल बेटे ने किस बात पर ऐसा खौफनाक कदम उठाया है इसकी असल वजह सामने नहीं आई है। पुलिस पूछताछ में ही मामले विस्तृत जानकारी मिल पाएगी।
रायपुर, 12 जून 2025: सद्गुरु कबीर प्रकट्य दिवस के पावन अवसर पर एनजीओ बेटर भारत (आरोग्यवंदना मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन) एवं "माँ" संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 10 और 11 जून 2025 को बोथली और गोंदवारा में निःशुल्क रक्तदान एवं बहुविशेषज्ञ स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
इस सेवा शिविर में 350 से अधिक मरीजों की नेत्र, हड्डी रोग, पाचन तंत्र एवं अन्य बीमारियों की जांच की गई।
शिविर के दौरान कुल 35 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया, जो ज़रूरतमंदों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा।
इस पुनीत प्रयास में रायपुर की प्रतिष्ठित अस्पतालों का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ:
ममता हॉस्पिटल, मोवा
आईएलएस हॉस्पिटल, रायपुर
एमजीएम आई हॉस्पिटल
उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल
इन संस्थानों की विशेषज्ञ मेडिकल टीमों ने शिविर स्थल पर पहुँचकर निःशुल्क सेवाएं प्रदान कीं और जनकल्याण में योगदान दिया।
एनजीओ बेटर भारत (आरोग्यवंदना मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन) एवं "माँ" संस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनजागरूकता फैलाना एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। दोनों संस्थाओं ने सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
यह शिविर सद्गुरु कबीर जी की मानवता, समानता और सेवा भावना से प्रेरित रहा।
रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर और कोरबा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सीएम विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय में ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ आयोजित अभियान कार्यक्रम में भी होंगे शामिल। इसके बाद सीएम साय दोपहर 1 बजे कोरबा रवाना होंगे। सीएम साय कोरबा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 12 जून को कोरबा जिले के प्रवास के दौरान जिलेवासियों को लगभग 223 करोड़ 88 लाख 41 हजार से अधिक लागत की 66 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। सीएम साय विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 66 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे।
इन विकास कार्यों में 24 करोड़ 10 लाख 70 हजार से अधिक राशि के 16 कार्यों का लोकार्पण एवं 199 करोड़ 77 लाख 71 हजार से अधिक राशि की 50 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री साय रिस्दी पुलिस लाइन के पास नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का लोकार्पण भी करेंगे।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 18 जून को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है, जो नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिनमें विधानसभा के मानसून सत्र की तिथियों का निर्धारण भी शामिल है।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कोंटा आईईडी ब्लास्ट में शहीद एएसपी आकाश गिरिपुंजे की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकता है।
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 जून के बाद दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। इस दौरान वे बीजापुर जाकर नक्सल आपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात कर सकते हैं।
रायपुर. समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का विकास ही दरअसल सच्चा विकास होता है। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने इस तथ्य को पूरी गहराई से समझा और वास्तविकता की धरातल में वो करके भी दिखा रहे हैं। राज्य में बस्तर जैसे पिछड़े और सुदूर क्षेत्रों में हो रहे विकास ने देश के अन्य राज्यों को भी चमत्कृत कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में जो चौतरफ़ा सुधार हो रहे हैं वो एक मिसाल बन रहा है। बस्तर में हो रहे इन सुधारों से वहाँ की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति में बहुत सुधार आया है।
मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं से अब बस्तर की आम जनता तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रही है। राज्य के साय सरकार की सक्रियता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में भी विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। बस्तर संभाग के कोने-कोने तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचने लगी है।
पूरी सफलता के साथ ये कोशिश की जा रही है कि सरकार की हर योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंच जाए। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से बस्तर के सुदूर अंचलों तक सरकार की उपस्थिति मजबूत हुई है और आमजन का सामाजिक और आर्थिक स्तर पर सशक्तिकरण हुआ है।
बस्तर में समग्र विकास की दिशा में ठोस पहल
जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले में 356 करोड़ रुपए की लागत से 288 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए अमृत मिशन के तहत 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी शामिल है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें सड़क, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे आवासहीन परिवारों को स्थायी निवास उपलब्ध कराया जा रहा है। संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार 49000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।
बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वही इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाला है। बोधघाट बांध परियोजना से बस्तर संभाग के बीजापुर और सुकमा जिले के 269 गांवों को और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों को भरपूर लाभ होगा।
नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाई गई है जिसके चलते अब तक 1,355 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक राज्य को पूरी तरह से नक्सल-मुक्त बनाना है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब वही क्षेत्र विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई सम्भावनाएँ जन्म ले रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों की तस्वीर ही बदल दी है। राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं। इन जिलों में राज्य की साय सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए नक्सलियों के पैर उखाड़ने का काम किया है।
इन प्रयासों से न केवल बस्तर की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति को सुदृढ़ हो रही है बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा जुड़ने भी लगे हैं।राज्य के मुखिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर उनको प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की सफलता और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई नई रणनीति के परिणामस्वरूप विगत डेढ़ वर्ष में 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों में सर्वाधिक है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय की सराहना करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ सरकार के प्रभावी प्रयासों के कारण माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित हो रहा है। केंद्र सरकार राज्य को माओवादी उन्मूलन और विकास कार्यों में हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।”
नियद नेल्लानार योजना
राज्य के मुखिया की पहल पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर की परिधि में स्थित गांवों में 17 विभागों की 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन सभी गांवों में स्कूल की व्यवस्था बनाई गई है।जहां अब विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है।नियद नेल्ला नार’ योजना से जुड़े गावों में 200 से ज़्यादा क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्र आरम्भ कर दिए गए हैं जिसमें पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है
विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिस पर बहुत तेज़ी से काम किया जा रहा है। मनरेगा के तहत इन गाँव में 5,000 नए कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बस्तर संभाग के सभी जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 107 प्रतिशत होता है। नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बस्तर क्षेत्र में 18 स्थानीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसमें हल्बी और गोंडी जैसी जनजातीय भाषाएं शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी माध्यम में शुरू की गई है, जिससे स्थानीय छात्रों को चिकित्सा शिक्षा सुलभ हो रही है।
आदिवासी स्वास्थ्य मिशन
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ‘आदिवासी स्वास्थ्य मिशन’ की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 1,500 नए डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती, प्रत्येक जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैनाती, और सरकारी अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
बस्तरवासियों को मिली सड़क की सौगात
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है। राज्य सरकार ने बस्तर के दुर्गम और आदिवासी बहुल इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक योजनाएं लागू की हैं। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में भी पहली बार बस सेवा शुरू की गई जिस कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे गांव भी जुड़ गए।
इन पहलों से स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच में सुधार हुआ है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में सड़क नेटवर्क का विस्तार न केवल भौगोलिक दूरी को कम कर रहा है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति दे रहा है।नियद नेल्ला नार योजना से जुड़े गावों को तेज़ी से सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा हैं।
सांस्कृतिक पुनरुत्थान और पर्यटन विकास
कांकेर जिले में आयोजित बुढालपेन करसाड़ और मांदरी महोत्सव में मुख्यमंत्री ने गोंडवाना समाज के लिए करोड़ों रुपये की घोषणाएं कीं। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखना था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के देवगुदितों को संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए सफल प्रयास किए जा रहे हैं ।
इसके लिए संबंधित विभागों को प्रभावी कदम उठाने और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। देवगुड़ी के संरक्षण से न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोया जा रहा है बल्कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। छत्तीसगढ़ वन विभाग संयुक्त वन प्रबंधन, कैंपा, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड एवं राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान इन पवित्र देवगुड़ियों के संरक्षण में सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
अब तक विभाग द्वारा 1,200 से अधिक देवगुड़ी स्थलों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।बस्तर के देवगुड़ी स्थलों को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के लोक जैव विविधता पंजिका में आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया जा रहा है। साथ ही इन पवित्र उपवनों की जैव विविधता का दस्तावेजीकरण करने के लिए शोध कार्य किए जा रहे हैं।
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा
बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मनो बस्तर’ ऐप और सौर समाधान की शुरुआत की गई है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा ग्राम धुड़मारास को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है, जिससे बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह एक बेहतरीन उदाहरण है।
सरकार और जिला प्रशासन की पहल से दुड़मा वाटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहाँ तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क, मिनी गार्डन, दुकानों, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। बस्तर का दुड़मा वाटरफॉल इन दिनों परतकों के बीच ख़ास चर्चा में है। बस्तर के पर्यटक स्थल न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका का भी साधन भी बन रहा है
हस्तशिल्प और युवाओं के लिए नई राहें
छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने शिल्पकारों को 5,000 रुपए की अनुदान राशि प्रदान की है। इसके अलावा, डोकरा आर्ट, बेल मेटल, काष्ठशिल्प, गोदना और टेराकोटा जैसी पारंपरिक कलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
युवाओं के लिए पुरस्कार और रोजगार
राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’ की घोषणा की है, जिसमें युवाओं और संस्थाओं को क्रमशः 2.5 लाख और 5 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30’ लागू की गई है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में जो चमत्कारिक सुधार हुए हैं वो देश भर के लिए एक मिसाल बन रहा है। साय सरकार की पहल से बस्तर एक बार फिर से अपनी समृद्ध विरासत और संभावनाओं के साथ उभर रहा है।
राज्य के 447 शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की हुई पदस्थापना,अब शिक्षक विहीन नहीं रहा राज्य का कोई भी स्कूल
रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बेहद सार्थक परिणाम सामने आए हैं। राज्य की कुल 453 शिक्षक विहीन शालाओं में से 447 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। राज्य में 16 जून से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में घंटी बजेगी, क्लास लगेगी और बच्चों के पढ़ाई के स्वर गुंजेंगे। शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना से एक नई उम्मीद जगी है। गांवों में शिक्षक के आने की खबर से पालक और बच्चे बेहद खुश हैं। शासन-प्रशासन का आभार जताने के साथ ही पालकगण बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद फिर से संजोने लगे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शिक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के कई स्कूल शिक्षक विहीन स्थिति में थे विशेष रूप से सुदूर अंचलों के। इसलिए हमनें युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि जहां-जहां जरूरत हो वहां शिक्षकों की तैनाती हो। राज्य के शत-प्रतिशत शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना इस प्रक्रिया की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया सफल प्रयास है
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत शिक्षक विहीन 357 प्राथमिक शालाओं, 30 माध्यमिक शालाओं में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। राज्य के शिक्षक विहीन 66 हाई स्कूलों में से सुकमा जिले के 4 हाई स्कूल तथा नारायणपुर जिले के 2 हाई स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना के लिए अभी काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है, जबकि 60 शिक्षक विहीन हाईस्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 3 शिक्षक विहीन हाई स्कूलों में से सुलेगा धौड़ाई हाई स्कूल में 3 शिक्षकों की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पूरी कर ली गई है। हाईस्कूल कन्हारगांव एवं सोनपुर हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती के लिए 12 जून को काउंसलिंग की जाएगी। इसी तरह सुकमा जिले के चिंतलनार, गुम्मा, गंजेनार एवं कांजीपानी हाई स्कूल जिला स्तर पर पूरी हो चुकी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद भी शिक्षक विहीन हैं। इन हाई स्कूलों में राज्य स्तर पर होने वाली काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना की उम्मीद जिला प्रशासन को है। जिला शिक्षा अधिकारी सुकमा ने बताया कि उक्त चारों हाई स्कूलों के कैम्पस में संचालित पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं अतिथि शिक्षकों के माध्यम से यहां अध्ययन-अध्यापन का प्रबंध पूर्व से ही होता रहा है। अब तक की स्थिति में सुकमा जिले के 4 और बीजापुर जिले के मात्र 2 हाई स्कूलों को फिलहाल छोड़ भी दें, (जबकि इन 6 हाई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती अभी प्रक्रियाधीन है) तो राज्य में प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकण्डरी स्कूल तक अब ऐसा कोई भी स्कूल है, जो शिक्षक विहीन हो।
यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य का कोई भी हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं था। मात्र 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल एकल शिक्षकीय थे, जिनमें युक्तियुक्तकरण के तहत एक से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति गई है। युक्तियुक्तकरण के तहत हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में विषयवार व्याख्याताओं की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की गई है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन-अध्यापन का बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके।
राज्य में 5672 प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षकीय थे, इनमें से युक्तियुक्तकरण के बाद 4465 स्कूलों में दो अथवा दो से अधिक शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है। राज्य में मात्र 1207 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इसी तरह 211 एकल शिक्षकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं में से 204 शालाओं दो अथवा दो अधिक शिक्षकों की तैनाती की गई है, अब मात्र 7 माध्यमिक शालाएं ही राज्य में एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इन शालाओं में भी और अधिक शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग व्यवस्था बनाने में जुटा है। इसी तरह राज्य के 49 एकल शिक्षकीय हाई स्कूलों में से 48 हाई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना पूरी कर ली गई है। आज की स्थिति में राज्य में मात्र एक हाई स्कूल एकल शिक्षकीय बचा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से बेहाल आम जनजीवन को जल्द ही कुछ राहत मिल सकती है। राज्य में लंबे समय से बारिश नहीं होने से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी और पेड़-पौधे भी प्रभावित हो रहे हैं। मवेशी पानी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं बारिश की कमी के कारण सब्जियों के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिल रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। 14 और 15 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक और अंधड़ के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
11 जून को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान भी बिलासपुर में ही रिकॉर्ड किया गया।
अगर मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक साबित होती है, तो आने वाले दिनों में किसानों, मवेशियों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।