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सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक…..

सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया ।

उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री  साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

शर्मनाक : तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी, फिर जो हुआ……

शर्मनाक : तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी, फिर जो हुआ……

 बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरभट्ठी गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गांव के तालाब में नहाने गई एक युवती और उसकी मां के साथ न केवल छेड़खानी की गई, बल्कि आरोपियों ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। मुख्य आरोपी रज्जन खान ने नहाते समय युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

जब पीड़िता और उसकी मां ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीड़िता के घर में घुसकर गाली-गलौज की और सरेआम अपहरण करने व जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और आरोपी रज्जन खान अपने अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गया है।

पीड़िता की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए सकरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी, ब्लैकमेलिंग और घर में घुसकर धमकाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

Police Transfer : निरीक्षकों के तबादले, यातायात डीसीपी ने जारी की सूची, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट…!!

Police Transfer : निरीक्षकों के तबादले, यातायात डीसीपी ने जारी की सूची, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट…!!

 रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आठ निरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है। डीसीपी यातायात व प्रोटोकाॅल IPS विकास कुमार ने यह आदेश जारी किया है।

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।

यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।

श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है।

प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है। उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन कल ठेले गुमटी व्यवसायियों को देंगे वेंडिंग जोन की सौगात, करेंगे निःशुल्क आवंटन….

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन कल ठेले गुमटी व्यवसायियों को देंगे वेंडिंग जोन की सौगात, करेंगे निःशुल्क आवंटन….

 रायपुर:- कोरबा नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन 12 अप्रैल रविवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर बुधवारी बाजार के समीप ठेले गुमटी व्यवसायियों के बीच दोपहर 3 बजे अपना जन्मदिन मनाकर नवीन वेंडिंग जोन लागत 50.54 लाख की सौगात देंगे।

जारी प्रोटोकॉल के अनुसार श्री देवांगन प्रातः 10 से 12 बजे तक चारपारा कोहड़िया निवास में भेंट मुलाकात करेंगे। दोपहर 12.30 बजे टीपी नगर स्थित भाजपा कार्यालय में कोरबा मंडल द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात दोपहर 1.00 बजे माँ सर्वमंगला की पूजा अर्चना कर भंडारा कार्यक्रम एवं सर्वमंगला मंडल द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे प्रेस क्लब कोरबा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

केबिनेट मंत्री शाम 4.00 बजे हनुमान मंदिर एनटीपीसी गेट के पास मंदिर समिति द्वारा आयोजित भंडारा एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। शाम 4.45 बजे बालको नगर के सेक्टर 5 स्थित हनुमान मंदिर के पास मंडल बालको एवं श्रीमती रश्मि रंजन कश्यप द्वारा आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम, शाम 5.30 बजे अशोक वाटिका में सखी सहेली महिला समूह द्वारा आयोजित बचपन की टिकट कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। शाम 6.30 युवा मोर्चा मंडल कोरबा एवं कोसाबाडी द्वारा टीपी नगर चौक में आयोजित अभिनंदन एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम सम्मिलित होंगे। शाम 7.15 बजे अग्रोहा मार्ग दुर्गा मंदिर कोतवाली के पीछे मां मनोकामना दुर्गा समिति द्वारा आयोजित तुलादान व जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी गर्मी, 42°C के पार जा सकता है तापमान

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी गर्मी, 42°C के पार जा सकता है तापमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम अब तेजी से गर्म होने लगा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि अगले 2 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है।

खासतौर पर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी में खास राहत नहीं मिली।

सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मध्य ओडिशा से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, रायलसीमा होते हुए तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका सक्रिय है, जिसका असर मौसम पर देखा जा रहा है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान साफ रहने की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी गई है।

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

CG : खारुन नदी में अवैध रेत खनन ने ली नाबालिग की जान, जानिए कैसे हुआ हादसा?

 बिलासपुर : बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। खारुन नदी स्थित गढ़वट रेत खदान में सुरंग धंसने से 16 वर्षीय नाबालिग मजदूर अमित कश्यप की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। जिन्हे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी तोषण कश्यप ने अधिक रेत निकालने के लालच में नाबालिगों को खतरनाक हालात में काम पर लगाया। घटना 9 अप्रैल की देर रात करीब ढाई बजे की है, जब दोनों मजदूरों को 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में उतारा गया। इसी दौरान अचानक रेत और मिट्टी धंस गई, जिससे अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद आरोपी ने मामले को दबाने की कोशिश की और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पलटाकर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई।

प्रशिक्षु आईपीएस अंकिता जैन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और 238 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और अवैध खनन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में बदलाव, फॉर्च्यूनर की जगह शामिल हुईं नई स्कॉर्पियो

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में बदलाव, फॉर्च्यूनर की जगह शामिल हुईं नई स्कॉर्पियो

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला आज उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब वह प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। आमतौर पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई टोयोटा फार्च्यूनर में नजर आने वाले सीएम इस बार नई स्कार्पियो गाड़ियों में दिखाई दिए।

सीएम के काफिले में एक-दो नहीं, बल्कि छह नई बुलेटप्रूफ स्कार्पियो गाड़ियां शामिल की गई हैं। करीब ढाई साल बाद मुख्यमंत्री के काफिले में इस बदलाव को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी हैरान रह गए और गाड़ियों को लेकर उत्सुकता जताने लगे।

इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से इस्तेमाल में थीं और कई बार रास्ते में कभी-कभी बंद हो जाती थीं। इसी कारण उन्हें बदलने का निर्णय लिया गया है।

अब मुख्यमंत्री साय अपने काफिले में इन नई स्कार्पियो गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे, जो सुरक्षा के लिहाज से भी अधिक मजबूत और आधुनिक मानी जा रही हैं।

CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

CG : उड़नदस्ता टीम ने दो कृषि केंद्रों के लाइसेंस किए निलंबित, जानें पूरा मामला..!!

 तखतपुर :- जिले के तखतपुर विकासखंड में खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सख्त कार्रवाई की है। गनियारी और तखतपुर में संचालित दो खाद दुकानों में गड़बड़ी पाए जाने पर दोनों के लाइसेंस निलंबित कर 21 दिनों के लिए खाद बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

खाद वितरण में बड़ी गड़बड़ी उजागर
कृषि विभाग द्वारा किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सही उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान टीम ने तखतपुर स्थित मेसर्स किसान सेवा केंद्र और गनियारी के मेसर्स अमन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड में 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 550 बोरी ही मिली।

इसके अलावा 200 बोरी यूरिया बिना रिकॉर्ड में दर्ज किए रखी गई थी। वहीं गनियारी के अमन कृषि केंद्र में रिकॉर्ड में 1679 बोरी यूरिया दिखाया गया, लेकिन मौके पर स्टॉक उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही दोनों दुकानों में उर्वरक भंडारण और वितरण से संबंधित जरूरी रजिस्टर भी संधारित नहीं पाए गए, जो नियमों का उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 21 दिनों के लिए खाद विक्रय पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत: सांसद बृजमोहन

अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत: सांसद बृजमोहन

 रायपुर। वंदे मातरम् 150 साल बाद भी भारत को एकसूत्र में बांधने का मंत्र है। जब भी हमे भारत के प्रति प्यार और एकजुटता दिखानी होती है । हम वंदे मातरम् का जयघोष करते हैं। वंदे मातरम् को सभी स्कूल- कॉलेजों में अनिवार्य करके प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने वास्तविक रूप से इस गाने को सम्मान दिया है।

यह बात सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को वृंदावन हाल में वंदे मातरम् के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कही।कार्यक्रम में 150वीं वर्षगांठ पर 15 जनवरी को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 5 लाख विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक वंदे मातरम् गान पर मुख्य कार्यक्रम स्थल सुभाष स्टेडियम में आयोजित में सांस्कृतिक देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले
प्रतिभावान विद्यार्थियों, कलाकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हम सब बचपन से स्कूलों में ‘जन गण मन’ गाते आए हैं, परंतु ‘वंदे मातरम्’ देश के क्रांतिवीरों का गीत रहा है। यह गीत आज़ादी के दीवानों का गीत था, लोगों को मर-मिटने के लिए प्रेरित करने वाला गीत था, अंग्रेजों को परेशान करने वाला गीत था और क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला गीत था। यह देश की आज़ादी के लिए जन-जन के मन में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला गीत रहा है।

आज समय बदल चुका है। उस समय ‘देश के लिए मरना सीखो’ की भावना थी, लेकिन आज आवश्यकता है ‘देश के लिए जीना सीखो’ की। अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत है।

 बृजमोहन ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महान गीत को उचित सम्मान मिल रहा है। यह वही गीत है जिसने हमें आज़ादी दिलाई, जिसने देशभक्ति की भावना पैदा की और लाखों लोगों को फांसी के फंदे पर झूलने के लिए भी प्रेरित किया। ऐसे गौरवशाली गीत का सम्मान होना चाहिए और देश के जन-जन में इसकी भावना जागृत होनी चाहिए।

इसी उद्देश्य से ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर पूरे देश में जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं कि बड़े आयोजनों में वंदे मातरम् का गायन किया जाए, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित हो सके।

रायपुर में भी इसी भावना के साथ 15 जनवरी को सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया गया था। 5 लाख लोगों ने एक साथ 12 बजकर 55 मिनट पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। यह देश में अपने आप में एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ा आयोजन रहा। इस सामूहिकता ने यह सिद्ध किया कि एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जब बच्चों को यह अनुभव हुआ कि वे इस 5 लाख के समूह का हिस्सा हैं, तो उनके भीतर गर्व और गौरव की भावना विकसित हुई।

सुभाष स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अत्यंत अलौकिक रहे, जिनकी सभी ने सराहना की। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं संस्थाओं को सम्मानित करना हम सभी के लिए गौरव और गर्व का क्षण है।
इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में  राम संगीत महाविद्यालय, मैट्स यूनिवर्सिटी, डिग्री गर्ल्स कॉलेज, गुरुकुल कॉलेज, डागा गर्ल्स कॉलेज, देवेन्द्रनगर गर्ल्स कॉलेज,  बालाजी नर्सिंग कॉलेज,  नारायणा नर्सिंग कॉलेज, दिशा नर्सिंग कॉलेज, सीजी नर्सिंग कॉलेज, कोलंबिया नर्सिंग कॉलेज, शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना एवं जवाहर नवोदय विद्यालय माना के विद्यार्थियों का सम्मान किया गया ।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी गर्ग एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष  जसप्रीत सलूजा थे । कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने किया और आभार प्रदर्शन कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राकेश मिश्रा, अमित डोये, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना स्वप्निल करमहे एवं परमिंदर कौर आदि उपस्थित थे ।

छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक

छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक

 रायपुर।  भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास यजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

CG News : बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

CG News : बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर

 रायपुर : लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा

इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है।

पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया

नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।

2977 परिवारों को मिला पक्का आवास

नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर

जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।

ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।

सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।

पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है।

धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।

ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।

युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता

पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है – और हम इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

जगदलपुर। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पटलिंगम ने कहा कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन के 42 सशस्त्र कैडरों जिनमें पीएलजीए बटालियन कमांडर, डीकेएसजेडसी सदस्य तथा अन्य महत्वपूर्ण कैडर 10 अप्रैल को तेलंगाना में आत्मसमर्पण करना केवल संख्या की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर और नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली है। उनके द्वारा हथियारों सहित आत्मसमर्पण करना इस तथ्य को रेखांकित करता है कि हिंसा और सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अब समाप्ति की ओर पहुंच चुका है। उन्होने कहा कि बस्तर में शेष बचे कुछ गिने-चुने माओवादी कैडरों को अंतिम अवसर देते हुए अपील की कि वे बदलती परिस्थितियों को समझते हुए हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटें। पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्स्थापन का मार्ग खुला है, जबकि सुरक्षाबल क्षेत्र में शांति और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं।

बस्तर सहित अन्य वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर चल रहे सुरक्षा अभियानों, प्रशासनिक पहुंच के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों की बढ़ती आकांक्षाओं ने एक ऐसा वातावरण निर्मित किया है, जिसमें उग्रवाद की विचारधारा लगातार कमजोर पड़ रही है। बड़ी संख्या में कैडरों का हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करना इसी बदलती हुई वास्तविकता का प्रतिबिंब है। इस घटनाक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है, कि संगठन की सशस्त्र संरचना, विशेषकर उसकी एक प्रमुख लड़ाकू इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है । नेतृत्व स्तर तथा सक्रिय सशस्त्र कैडरों का इस प्रकार मुख्यधारा में लौटना सशस्त्र आंदोलन के भीतर बढ़ती निराशा और वैचारिक क्षरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों ने लंबे समय तक हिंसा और भय का वातावरण देखा है, वहां अब शांति, विकास और स्थिरता की दिशा में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 क्षेत्र के सड़क 37-38 के आसपास रहने वाले करीब 145 घरों के लोगों में पीलिया का संक्रमण फैलता नजर आ रहा है, जहां कई बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बच्चों के चेहरे और आंखों में पीलापन साफ दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र में सर्वे कर 15 नए मरीजों की पहचान की है। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कुछ मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी भी दी गई है, जबकि चार बच्चों का उपचार अभी जारी है।


जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित इलाके के 110 घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों और बड़ों की जांच की गई। साथ ही तीन घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण के कारणों का पता लगाया जा सके। बीएसपी प्रबंधन और नगर निगम की टीम ने भी इलाके से पानी के सैंपल लिए हैं। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पाइपलाइन में गंदे पानी की मिलावट के कारण संक्रमण फैला हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में पुरानी और गटर में डूबी पाइपलाइन को हटाकर नई लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है।


संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाके में टैंकर के जरिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को सुरक्षित पानी मिल सके। साथ ही लोगों से उबला हुआ पानी पीने, बाहर का खाना न खाने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की जा रही है। लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराने की सलाह भी दी गई है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 25 से अधिक बच्चे पीलिया से संक्रमित हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी आमतौर पर दूषित पानी और भोजन से फैलती है, जिसके लक्षण कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार निगरानी और जांच जारी है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।   

जिले में मानवता तार-तार: तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी

जिले में मानवता तार-तार: तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी

  बिलासपुर। न्यायधानी के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरभट्ठी गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गांव के तालाब में नहाने गई एक युवती और उसकी मां के साथ न केवल छेड़खानी की गई, बल्कि आरोपियों ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। मुख्य आरोपी रज्जन खान ने नहाते समय युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

जब पीड़िता और उसकी मां ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीड़िता के घर में घुसकर गाली-गलौज की और सरेआम अपहरण करने व जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और आरोपी रज्जन खान अपने अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गया है।

 कुएं में मिली लाश का खुलासा, मां से मारपीट करने पर छोटे बेटे और पिता ने मिलकर की बड़े भाई की हत्या, दोनों गिरफ्तार

कुएं में मिली लाश का खुलासा, मां से मारपीट करने पर छोटे बेटे और पिता ने मिलकर की बड़े भाई की हत्या, दोनों गिरफ्तार

 महासमुंद।  जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इसमामले में जो खुलासा हुआ है, वह रिश्तों को झकझोर देने वाला है क्योंकि यहां एक पिता और बेटे ने मिलकर अपने ही घर के सदस्य की हत्या कर दी। घटना के पीछे की वजह बनी घरेलू विवाद और शराब की लत  जिसने एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। 9 अप्रैल को यशवंत चन्द्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे एक कुएं में प्लास्टिक बोरी में भरा युवक का शव तैरता हुआ मिला था। इस घटना से पूरेइलाके में सनसनी फैल गई थी। बता दें कि पुलिस ने शव की पहचान लाफिनखुर्द निवासी 27 वर्षीय सत्यानारायण ध्रुव के रूप में की। जांच में सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और अक्सर नशे में अपने परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। 6 मार्च को भी इसी तरह के विवाद के दौरान, जब सत्यानारायण अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा था, तब उसके छोटे भाई ने गुस्से में आकर पत्थर के सील से उस पर हमला कर दिया।

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय

 रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्रीश्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

मुख्यमंत्रीश्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

 रायपुर 10 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन परआधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

 रायपुर, 10 अप्रैल 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।

मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।

मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।

संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

  श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है - छत्तीसगढ़

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है - छत्तीसगढ़

रायपुर 11 अप्रैल 2026 /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

हनुमान जयंती पर युवक की हत्या का खुलासा, नाबालिग गिरफ्तार

हनुमान जयंती पर युवक की हत्या का खुलासा, नाबालिग गिरफ्तार

 बेमेतरा।छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सिटी कोतवाली पुलिस ने हनुमान जयंती के दौरान हुए युवक की हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिसमें नाबालिग को गिरफ्तार किया है। डीआईजी रामकृष्ण साहू ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 3 अप्रैल को आयोजित रैली के दौरान अमन ध्रुव 24 वर्ष पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला किया था। जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिसके बाद बेमेतरा पुलिस द्वारा जांच टीम गठित किया गया। जिसमें संदेही से पूछताछ में जुर्म कबूल किया। आरोपी को गिरफ्तार कर विधिवत कार्यवाही करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।a

ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर ।  राजधानी रायपुर में ऑनलाइन और पट्टी के जरिए संचालित हो रहे सट्टा कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गुढ़ियारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 अप्रैल 2026 को गोंदवारा स्थित ओवरब्रिज के नीचे दबिश देकर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग यहां ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राजा साहू और अभय साहू बताए, जिनके मोबाइल की जांच में Cribet99.red.com जैसी ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के जरिए सट्टा संचालित करने का खुलासा हुआ।

 

आरोपी मोबाइल नंबरों के माध्यम से कॉलिंग कर क्रिकेट मैचों के हार-जीत और सेशन पर दांव लगवा रहे थे। आगे पूछताछ में मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा के नाम सामने आए, जिन्हें भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी सट्टा पट्टी के माध्यम से भी अवैध सट्टा चला रहे थे और लोगों से कमीशन वसूलते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 9,05,238 रुपये नगद, 8 मोबाइल फोन, सट्टा पट्टी, कैलकुलेटर और पेन जब्त किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई है।

 

सभी आरोपियों के खिलाफ गुढ़ियारी थाना में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में राजा साहू (प्रेम नगर), अभय साहू (गुलाब नगर), मंजीत सिंह (गोंदवारा रोड), रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा (रामसागरपारा) तथा आकाश सिन्हा (परशुराम नगर) शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में अवैध सट्टा कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

 बिलासपुर।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते रेलवे ने 11 से 18 अप्रैल 2026 तक कई यात्री ट्रेनों को रद्द करने और कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करने का फैसला लिया है।

जानकारी के अनुसार बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अकलतरा स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसके कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में बिलासपुर-रायगढ़, रायगढ़-बिलासपुर, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर सहित कई MEMU और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी।

वहीं गोंदिया-झारसुगुड़ा और झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन को बिलासपुर तक ही सीमित किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर के रूप में चलाने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले NTES या 139 के माध्यम से ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। यह बदलाव चौथी लाइन के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और बेहतर हो सकेगी।