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खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

00 बच्चों के विषय में होना होगा अधिक संवेदनशील- डॉ संजीव शुक्ला
00 बाल संरक्षण पर राज्यस्तरीय कार्यशाला विभिन्न अधिकारी शामिल

रायपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने कीमती हैं, हम कमज़ोर क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे सीएनसीपी बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा एनसीपीसीआर के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए विधि एवं बल विभाग की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई।किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया। 

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, एसजेपीयू हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के एसजेपीयू, डीईओ, डीसीपीओ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दु:ख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।  

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

बालोद । बालोद जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक 13 साल की बच्ची और उसका नाना गंभीर रूप से घायल हो गए, यह हादसा बालोद थाना क्षेत्र के टेकापार गांव के पास हुआ जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया,

इस दुर्घटना में टेकापार निवासी कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं बच्ची और उसके नाना को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

 

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

 रायपुर :- अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण समारोह रविवार 22 मार्च, 2026 झूलेलाल मंगलम भवन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ | 

 
कार्यक्रम के प्रथम चरण में सर्वप्रथम महर्षि कश्यप ऋषि मुनि जी का पूजन एवं स्वागत गीत बिलासपुर महिला समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया | कार्यक्रम केसरवानी वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एस एन केसरी जी का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया उसके पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री श्री संजय केसरी सहित महासभा के सभी प्रदेशों से उपस्थित सभी गणमान्य पदाधिकारियों एवं प्रमुख सदस्यों का स्वागत छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला सभा एवं प्रदेश तरुण सभा के पदाधिकारियों के द्वारा साल एवं स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ केशरवानी वैश्य सभा सूचना प्रसारण मंत्री  ऋषि गुप्ता ने बताया कि अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक के शुरुआत में वैश्य सभा के संविधान शंसोधन पर परिचर्चा हुई और सभी सदस्यों की सर्वसमति से पारित किया गया एवं राष्ट्रीय महामंत्री संजय केसरी द्वारा महासभा में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों द्वारा परिचर्चा किया गया | महासभा की बैठक में पदाधिकारियों के लिए प्रश्नकाल सत्र आयोजित किया गया |
 
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शपथग्रहण समारोह में तीनों सभाओं के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री राजेश गुप्ता द्वारा, प्रदेश महिला सभा के महिला समिति के प्रदेश अध्यक्ष  रेखा केशरवानी एवं महामंत्री  भावना केसरी द्वारा एवं प्रदेश तरुण सभा के प्रदेश अध्यक्ष मधुकर गुप्ता एवं महामंत्री श्री चंद्रधर केसरी द्वारा शपथ दिलाई |
 
कार्यक्रम में मंच संचालन प्रदेश केशरवानी सभा के मुख्य सलाहकार  धीरेन्द्र केशरवानी एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा के तीनों सभाओं के रजत जयंती के अवसर पर केक काटकर मनाया गया एवं प्रदेश महिला सभा के पिछले कार्यकाल में सम्पन्न हुये कार्यक्रम का पुरस्कार वितरण किया गया | 
 
अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के 200 से ज्यादा राष्ट्रीय संरक्षकगण, पदाधिकारीगण एवं प्रमुख सदस्यगण तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश सभा के संरक्षक एवं पदाधिकारियों, महिला सभा के पदाधिकारियों एवं तरुण सभा के पदाधिकारियों समेत 400 से अधिक सम्मानित सदस्यगण उपस्थित थे | 
   
कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बिलासपुर नगर समाधि के अध्यक्ष श्री हेमंत केशरवानी, सचिव श्री रघुवीर केशरवानी एवं कोषाध्यक्ष श्री बसंत केशरवानी, श्रीमती रंजीता केशरवानी अध्यक्ष महिला सभा एवं श्रीमती रिचा केसरवानी सचिव महिला सभा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | 
 
आयोजक - छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा तीनों सभाओं, बिलासपुर नगर सभा के तीनों विंग एवं सह आयोजक कोरबा एवं संबद्ध नगर एवं ग्राम सभाएं | 
 
Breaking : छत्तीसगढ़ में लाल आतंक के दौर का अंत? मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव करेंगे सरेंडर

Breaking : छत्तीसगढ़ में लाल आतंक के दौर का अंत? मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव करेंगे सरेंडर

 बीजापुर-जगदलपुर: बस्तर के जंगलों में दशकों तक दहशत का पर्याय रहा मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव आज कानून के सामने घुटने टेक सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि वह अपने 17 साथियों और AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाला है। इसे बस्तर में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाली सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी ह

इस योजना के तहत इस साल 4 लाख 95 हज़ार 965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10 हज़ार रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार की धरती से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के ‘न्याय और सुशासन’ की गूंज होगी। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति  मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक  जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए।

उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।

साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, श्री संतोष कौशिक,  राजेन्द्र चन्द्रवंशी, श्री कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



 

Breaking : छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, 2 की मौत, 18 गंभीर

Breaking : छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, 2 की मौत, 18 गंभीर

बालोद। जिले के मंगचुवा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। रविवार की काली रात भंवरमरा के पास एक छठी कार्यक्रम की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब ग्रामीणों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार सभी लोग एक छठी कार्यक्रम से वापस अपने गांव लौट रहे थे। भंवरमरा के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और पिकअप सीधे पलट गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।

2 की मौत, मासूम भी घायल

इस दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, इस भीषण दुर्घटना में 18 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं। 2 मासूम बच्चे भी इस हादसे का शिकार हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।ड्राइवर को भी गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा लाया गया। बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर राजनांदगांव रेफर कर दिया गया है।

मंगचुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच में जुट गई है

CG : सरकारी स्कूल के 10वीं की छात्रा हुई प्रेग्नेंट, छात्रावास अधीक्षिका निलंबित

CG : सरकारी स्कूल के 10वीं की छात्रा हुई प्रेग्नेंट, छात्रावास अधीक्षिका निलंबित

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक सरकारी स्कूल के छात्रावास में रहने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षिका को सस्पेंड  कर दिया है।

 

CG Police Transfer : छत्तीसगढ़ में 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

CG Police Transfer : छत्तीसगढ़ में 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पुलिस विभाग में बंपर तबादला किया गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 213 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। इस लिस्ट में 29 महिला आरक्षकों के नाम भी शामिल है।

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CG train canceled : यात्रीगण कृपया ध्यान देवें, इस वजह से कई ट्रेनें रद्द, देखे लें लिस्ट

CG train canceled : यात्रीगण कृपया ध्यान देवें, इस वजह से कई ट्रेनें रद्द, देखे लें लिस्ट

 CG train canceled : मार्च, अप्रैल और मई के महीने रेल यात्रियों के लिए परेशानी भरे साबित हो सकते हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में अधोसंरचना विकास कार्य के चलते कई ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण के अंतिम चरण में गर्डर डि-लॉन्चिंग कार्य किया जाना है, जिसके लिए ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते 22 और 23 मार्च को कई यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

वही अप्रैल और मई में भी इसी तरह से ट्रेनों को रद्द किया गया है।  जिससे यात्रा कठिन हो गई है।इसी तरह से गोंदिया स्टेशन में वॉशेबल अप्रॉम को डिस्मेंटल कर बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित किया जाएगा। जिसकी वजह से चार से छब्बीस अप्रैल तक 21 ट्रेनें प्रभावित रहेगी,जिसमें 14 ट्रेन रद्द वह सात ट्रेनें गंतव्य से पहले समाप्त होगी। वही तीन मई से लेकर बाइस मई तक अठाईस ट्रेन प्रभावित रखेगी।जिसमें दस ट्रेनें रद्द और अठारह ट्रेनें गंतव्य से पहले समाप्त होगी।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 22 मार्च को रायपुर-बिलासपुर, बिलासपुर-गेवरा रोड, गेवरा रोड-बिलासपुर, बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर सहित कोरबा-रायपुर और रायपुर-इतवारी पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 23 मार्च को इतवारी-रायपुर और रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर भी रद्द की गई हैं।इसके अलावा कुछ ट्रेनों का परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा। झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर 22 मार्च को बिलासपुर में ही समाप्त होगी, जबकि गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर से ही प्रारंभ की जाएगी। इस दौरान बिलासपुर और गोंदिया के बीच यह ट्रेनें नहीं चलेंगी।

गौरतलब है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पहले ही बढ़ जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

 

CG : संजय पार्क में कुत्तों का हमला: 15 हिरणों की दर्दनाक मौत, लापरवाही पर उठे सवाल

CG : संजय पार्क में कुत्तों का हमला: 15 हिरणों की दर्दनाक मौत, लापरवाही पर उठे सवाल

 अंबिकापुर।  शहर के संजय पार्क से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत हो गई। इस घटना ने संजय पार्क प्रबंधन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संजय पार्क में बने बाड़े के अंदर घुसकर 4 से 5 आवारा कुत्तों ने हिरणों पर हमला कर दिया, जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई। इस पूरे मामले की पुष्टि DFO अभिषेक जोगावत ने की है। उन्होंने साफ तौर पर माना है कि यह घटना पार्क प्रबंधन और वन विभाग की लापरवाही का नतीजा है।घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई है, जहां पार्क प्रबंधन और वन विभाग ने 14 हिरणों के शव को पार्क के पीछे जंगल में चुपचाप जला दिया, जबकि एक हिरण का शव अभी भी बाड़े के अंदर पड़ा हुआ है।मामले की गंभीरता को देखते हुए DFO अभिषेक जोगावत ने SDO के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया है, जिसे 2 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही DFO समेत वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

 

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800 से अधिक धावकों के साथ रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर चमका बस्तर

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800 से अधिक धावकों के साथ रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर चमका बस्तर

रायपुर : बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: बस्तर की ऐतिहासिक और नैसर्गिक धरा उस समय गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी, जब ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में उत्साह का अभूतपूर्व जन सैलाब उमड़ा और 9,800 से अधिक पंजीकृत धावकों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, बढ़ती शांति और शासन की ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियों की सफलता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ बस्तर के जगदलपुर स्थित लालबाग से प्रारम्भ होकर चित्रकोट जल प्रपात के समीप समापन पश्चात आयोजित समारोह के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने मैराथन के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास के साथ बस्तर क्षेत्र में बस्तर हैरीटेज मैराथन 2026 का आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। बस्तर बदल रहा है, बस्तर जो चार दशक से अशांत क्षेत्र रहा अब शांति का गढ़ बन रहा है। यहाँ के युवा खेल गतिविधियों के साथ ही देश के प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो रहे हैं। शांति के इस माहौल में बस्तर मैराथन में देश-विदेश के कई राज्यों और प्रदेश के अन्य जिलों तथा बस्तर संभाग के खिलाड़ी शामिल हुए।उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते भविष्य में पुनः भव्य आयोजन की आशा व्यक्त की।

जमीन में दफन मिली युवक की लाश, शव के हाथ और पैर बाहर आने से खुले राज, इलाके में मचा हड़कंप

जमीन में दफन मिली युवक की लाश, शव के हाथ और पैर बाहर आने से खुले राज, इलाके में मचा हड़कंप

 अभनपुर। अभनपुर के भरेंगाभाटा में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जमीन में दबा हुआ एक शव बरामद हुआ है। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लाश काफी दिनों पुरानी है। कहा जा रहा है कि, मृतक की हत्या कर उसे जमीन में गाड़ दिया गया था। जमीन के बाहर शव का एक हाथ और एक पैर दिखाई देने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है।

 वहीं शव को बाहर निकालने के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारी का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह पूरा मामला अभनपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्या के कारणों और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

 

जिन लोगों ने 5 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, वे हमें नसीहत देते हैं, यह शोभा नहीं देता - मुख्यमंत्री साय

जिन लोगों ने 5 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, वे हमें नसीहत देते हैं, यह शोभा नहीं देता - मुख्यमंत्री साय

00 कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार
रायपुर। 
छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलिंपिक और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सा ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले पांच वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, उन्हें वर्तमान सरकार को नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन लोगों ने 5 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार किया, वे हमें नसीहत देते हैं, यह शोभा नहीं देता। जिन्होंने जनता से मिले जनादेश के बाद भी अपने वादों को निभाया नहीं, प्रदेशवासियों को तो दूर, अपनों को भी न्याय नहीं दिला पाए उन्हें हमारा कोई भी काम अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा, जबकि सरगुजा ओलिंपिक जैसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, और प्रदेशवासियों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है

CG : छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को खुशखबरी, अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का चावल

CG : छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को खुशखबरी, अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का चावल

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब अप्रैल महीने में ही तीन माह अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित करने का निर्णय लिया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और सर्वर की समस्याओं के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा था। इसके साथ ही गोदामों में स्टॉक की कमी ने भी स्थिति को जटिल बना दिया था। फरवरी और मार्च में भी वितरण को सुचारू रखने के लिए अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए खाद्य विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। सभी उचित मूल्य दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्च के अंत तक पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण सुनिश्चित करें, ताकि अप्रैल के दौरान हितग्राहियों को बिना रुकावट राशन दिया जा सके।

नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने के लिए पहले की तरह ई-पास मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद उन्हें एक साथ तीन महीने का चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इस बदलाव की जानकारी दुकानों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार भी किया जाएगा।

सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अप्रैल में “चावल उत्सव” आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

ऐसे मिलेगा राशन
हितग्राहियों को अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाकर ई-पास मशीन में अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद उन्हें एक साथ तीन महीने का चावल दिया जाएगा। दुकानों पर इस व्यवस्था की जानकारी बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा गांव और शहर स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

चावल उत्सव और सख्त निगरानी
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए अप्रैल में ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी निगरानी रखेंगे। यदि कहीं भी गड़बड़ी, हेराफेरी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंदों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है तथा अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है।  साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से हमारी सरकार किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है। उन्होंने किसानों से संवाद कर होली के पूर्व धान के अंतर की राशि का भुगतान तथा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाकर तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने तिलहन विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अनुसंधान संस्थानों के जरिए हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

इस अवसर पर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति  हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



 

सीएम विष्णु देव साय आज बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात….

सीएम विष्णु देव साय आज बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन रविवार 22 मार्च को करने जा रही है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा रनिंग इवेंट होगा, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी और समापन विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रूट पर दौड़ते हुए प्रतिभागियों को बस्तर की अद्भुत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

मैराथन में 42 किलोमीटर (फुल मैराथन), 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर (फन रन) की श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पंजीकरण शुल्क मात्र 299 रुपये रखा गया है, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

 विशेष लेख : सीएम विष्णु देव साय बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात

प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स (आरपीएन) स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके। इस आयोजन को और यादगार बनाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे।

‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर न केवल दौड़ने का है, बल्कि बस्तर को करीब से जानने और उसकी विरासत को महसूस करने का भी है। इच्छुक प्रतिभागी https://bastarheritage.run/registration लिंक के माध्यम से या आधिकारिक पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने से युवाओं और नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।


 

महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मविश्वास तक, सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की महिलाएं….

महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मविश्वास तक, सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की महिलाएं….

 रायपुर: किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तब मानी जाती है जब उसकी महिलाएं सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने लगें। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील पहल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना आज लाखों महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, आर्थिक संबल और नई उम्मीदों का संचार कर रही है।

महतारी वंदन योजना केवल हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सपनों को पंख देने, उनके आत्मसम्मान को मजबूत करने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बन गई है। प्रदेश के गांव-गांव से ऐसी प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं, जो बताती हैं कि छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग से भी बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर अपने जीवन में आए बदलाव साझा किए। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम खोडरी की अनीता साहू ने बताया कि पहले आर्थिक कठिनाइयों के कारण परिवार चलाना मुश्किल था, लेकिन योजना से मिली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और “अनीता सिलाई सेंटर” शुरू किया। आज वे सिलाई, खेती और मजदूरी के माध्यम से अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं। उनका यह सफर संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की प्रेरक कहानी बन गया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की मिथलेश चतुर्वेदी ने भी अपने जीवन का भावुक अनुभव साझा किया। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल दिया और उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया रास्ता चुना। आज वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और समाज में आत्मनिर्भर महिला की पहचान बना चुकी हैं।

कोरिया जिले की ग्राम डुमरिया निवासी बाबी राजवाड़े बताती हैं कि खेती-किसानी में मिलने वाली मासिक राशि उनके लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करना अब पहले की तुलना में आसान हो गया है। वहीं ग्राम आमापारा की सुंदरी पैकरा इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई में कर रही हैं, जिससे उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है

भरतपुर विकासखंड के ग्राम चांटी की सविता सिंह की कहानी इस योजना की सार्थकता को और मजबूत करती है। उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। आज वे गांव में कपड़ों की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं और अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च स्वयं उठा रही हैं। उनकी सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।
महतारी वंदन योजना का व्यापक प्रभाव प्रदेश के हर जिले में दिखाई दे रहा है। लगभग 69 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है और अब तक 25 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 237 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए प्रदान की जा चुकी है। यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास ला रहा है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह महिलाओं को केवल सहायता नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती है। महिलाएं इस राशि से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं, बच्चों की पढ़ाई में निवेश कर रही हैं, खेती-किसानी को मजबूत बना रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे परिवार, समाज और राज्य—तीनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

महिलाओं का कहना है कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने की ताकत दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद और नया आत्मविश्वास लेकर आई है।

आज महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।

निश्चित रूप से महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, सशक्तिकरण और उज्ज्वल भविष्य की नई सुबह साबित हो रही है, जो आने वाले समय में प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला बनेगी।


 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा….

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें ‘फनी नागवंशी’ स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।

मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन  विवेक आचार्य, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार मेरावी,  राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला  नन्द श्रीवास,  लोकचंद साहू,  आदित्य श्रीवास्तव,  दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



 

ब्रेकिंग : पुलिस महकमें में बड़े पैमाने पर तबादला, 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों के हुए तबादले,SP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट

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 कोरबा। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने क़ानून व्यवस्था को मजबूत करने और कर्मचारियों में अनुशासन कायम करने के मकसद से बड़े पैमाने पर लम्बे वक़्त से एक ही थाना-चौकियों में जमे पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।

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आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का होगा भव्य विकास- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का होगा भव्य विकास- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर सूरजपुर जिले के विकासखण्ड ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदरगढ़ पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का भव्य विकास होगा। माता के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सूरजपुर जिले में 185 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने माँ कुदरगढ़ी के पावन धाम में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व है और मैं आज माँ कुदरगढ़ी के दरबार में आया हूँ। सूरजपुर वासियों ने मुझे यह सौभाग्य दिया, इसके लिए मैं आप सभी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से मां कुदरगढ़ी के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तजनों को भी मैं सादर प्रणाम करता हूँ। जब चैत्र नवरात्रि पर देवी मंदिरों में भक्तों का उत्साह देखता हूँ तो बहुत अच्छा लगता है। हमारे देवी-देवता हमारे आस्था के प्रतीक तो हैं ही, वे हमारे जीवन में उत्सव का रंग भी भरते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस शुभ दिन सूरजपुर जिले में 185 करोड़ रुपए के 76 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। सूरजपुरवासियों को इसके लिए मैं हार्दिक बधाई देता हूँ। इन कार्यों में 20 करोड़ रुपए के 52 कार्यों के लोकार्पण तथा 164 करोड़ रुपए के भूमिपूजन के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों में सड़क, भवन, पेयजल, शिक्षा, जलाशय एवं नगरीय अधोसंरचना से जुड़े निर्माण शामिल हैं। साथ ही कुदरगढ़ में सर्वसुविधायुक्त नवनिर्मित विश्रामगृह भवन का लोकार्पण भी किया गया है। लगभग 3 करोड़ 9 लाख 60 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक भवन में अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता के आशीर्वाद से बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है । कुदरगढ़ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र ही रोपवे का निर्माण कराया जाएगा, जिससे दर्शन करना और अधिक सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि क्षेत्र में डोम, बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि कुदरगढ़ धाम का समग्र और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने जिले में पोषण के प्रति जागरूकता के लिए सुपोषण रथ, आपराधिक जागरूकता रथ और यातायात जागरूकता रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए जनजागरूकता बेहद आवश्यक है। स्वस्थ महिला और बच्चों से परिवार की खुशियां मजबूत होती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों के प्रति सभी को सजग होना चाहिए जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और लाखों लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सूरजपुर जिले में रेडी टू ईट निर्माण कार्य के माध्यम से पोषण कार्यक्रम का संचालन बेहतर ढंग से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस पहल को जिले के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व नई ऊर्जा और समृद्धि का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक के आयोजन से इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल का नया अवसर मिला है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर माता रानी का आशीर्वाद सभी जिले वासियों पर बना रहे। सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करते हुए महिलाओं और बच्चो को बेहतर पोषण प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में आपके क्षेत्रों के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष  राम सेवक पैंकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जिले के वरिष्ठ अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।


 

मुख्यमंत्री ने कुदरगढ़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री ने कुदरगढ़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर कुदरगढ़ी माता के दर्शन करने सूरजपुर जिले स्थित कुदरगढ़ी माता मंदिर पहुंचे। कुदरगढ़ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने मंदिर के नीचे प्रांगण स्थल पर ही हिंगुलाज माता एवं झगरा खाड़ देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार चंदन लगाकर एवं चुनरी चढ़ाकर श्रद्धापूर्वक माता का नमन किया। इस दौरान स्थानीय बैगा राम कुमार बंछोर ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। उनके परिवार की लगभग 10 पीढ़ियां कुदरगढ़ी माता की सेवा में निरंतर लगी हुई हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सभी को कुदरगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कृषि मंत्री  रामविचार नेताम,
वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ी मंदिर मां बागेश्वरी लोक न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष  रामसेवक पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि जनश्रुतियों के अनुसार कुदरगढ़ी माता मंदिर की मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी कारणवश जिले सहित प्रदेश एवं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।