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प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

 शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

--300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS  नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत

रायपुर-- प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ हो गई हैं,  जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी।

इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह सेवा राज्य की नवजात सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार शुरू की गई 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है और इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।

प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके।

नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन, 24×7 ईएमटी एवं पायलट की उपलब्धता के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का ऑनलाइन मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है। इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं।

इसके अतिरिक्त, BLS एवं ALS एम्बुलेंसों में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक एवं उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, नेब्युलाइजेशन एवं अन्य आपातकालीन उपचार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर मॉनिटर, सिरिंज पंप, लैरिंजोस्कोप सहित अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी।

इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक  इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं  संजीव झा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन  रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Breaking : 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Breaking : 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

 कांकेर।  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में हिड़मे और शंकर शामिल है। जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।

दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियार के साथ पुलिस सरेंडर किया है। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात कही है। सरकार द्वारा निर्धारित नक्सलवाद समाप्ति की डेडलाइन के दिन ही यह आत्मसमर्पण हुआ है।
CG Promotion : 16 निरीक्षक बने DSP, प्रमोशन का आदेश जारी

CG Promotion : 16 निरीक्षक बने DSP, प्रमोशन का आदेश जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षक स्तर के 16 अधिकारियों को डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) पद पर पदोन्नति दी है। यह फैसला 24 मार्च 2026 को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा के आधार पर लिया गया।

जारी आदेश के मुताबिक, निरीक्षक संवर्ग, कंपनी कमांडर और विशेष शाखा के अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 (56,100 – 1,77,500रुपए) में पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। प्रमोशन पाए अधिकारी निरीक्षक संवर्ग से डीएसपी संवर्ग विशेष शाखा में पदोन्नत किए गए हैं।

इन्हें मिला प्रमोशन –

निरीक्षक (विशेष शाखा) 

सविता सिंह परिहार
अरनोल्ड संतरी बड़ा
विष्णु प्रसाद देशमुख

कंपनी कमाण्डर

बृजेश कुमार भदौरिया
अविनाश कुमार अग्निहोत्री
हरीश कुमार तिवारी
अमित शर्मा
मनीष कुमार साहू
शैलेन्द्र कुमार सेन
देवनारायण सिंह
इन्द्रसेन बंजारे
मिलमन मिंज
ओमप्रकाश सेन
राकेश कुमार सलाम
राम बहादुर शर्मा
शब्बीर अली

CG : प्यार का छल पड़ा भारी! शादी से मुकरा प्रेमी, युवती ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार

CG : प्यार का छल पड़ा भारी! शादी से मुकरा प्रेमी, युवती ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार

 बलौदाबाजार ।  प्यार में धोखा बना मौत की वजह! शादी से मुकरा प्रेमी गिरफ्तार, युवती ने की आत्महत्या — बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी क्षेत्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देकर प्रेम संबंध बनाने के बाद मुकर जाने पर आहत युवती ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमी अजय टंडन (31) निवासी ग्राम बलौदा (हसुवा) थाना गिधौरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

CG News : प्यार के झूठे सपने दिखाकर शादी से किया इंकार, युवती ने की आत्महत्या, दगाबाज प्रेमी गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को प्रेम के जाल में फंसाकर शादी का वादा किया था, लेकिन 25 जनवरी 2026 को जब युवती ने उसे घर बुलाकर शादी की बात कही तो उसने साफ इनकार कर दिया और मौके से भाग गया। इस धोखे से टूटकर युवती ने अपनी कलाई काट ली और कीटनाशक का सेवन कर लिया।

गंभीर हालत में परिजन उसे कसडोल होते हुए बलौदाबाजार के निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर गिरौदपुरी चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर प्रेम संबंधों में धोखे के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है।

 CG : पासपोर्ट सेवा केंद्र का स्थान बदला, अब यहां से होगा संचालन

CG : पासपोर्ट सेवा केंद्र का स्थान बदला, अब यहां से होगा संचालन

 रायपुर। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK), जो वर्तमान में श्याम प्लाजा, यूनिट-5, दूसरी मंजिल, पुराने बस स्टैंड के सामने, पंडरी, रायपुर (पिन: 492003) में स्थित है, को नए पते पर स्थानांतरित किया जा रहा है। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र अब वन हाई स्ट्रीट (One High Street), दूसरी मंजिल, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर (पिन: 492001), छत्तीसगढ़ में संचालित होगा। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र 06 अप्रैल 2026 से कार्य करना प्रारंभ करेगा।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी रायपुर ने बताया कि वे सभी आवेदक जिन्होंने 06 अप्रैल 2026 या उसके बाद की तिथि के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र, रायपुर में अपॉइंटमेंट निर्धारित की है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी आवेदन की रसीद में उल्लिखित तिथि एवं समय के अनुसार नए पते (वन हाई स्ट्रीट, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर) पर उपस्थित हों, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

एन.एस.यू.आई ने छात्र संघ चुनाव के लिए खोला मोर्चा

एन.एस.यू.आई ने छात्र संघ चुनाव के लिए खोला मोर्चा

 रायपुर। कांग्रेस की छात्र इकाई एन.एस.यू.आई ने प्रदेशभर के 200 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल के नाम प्रदेशभर मे ज्ञापन सोपा गाया इसी कड़ी में तिल्दा नेवरा स्तिथ सत्यनारायण अग्रवाल कला एवं वाणिज्य महाविधालय कोहका तिल्दा नेवरा के प्राचार्य को एन.एस.यू.आई ने ज्ञापन सौंपा, एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ खेल विभाग के चेयरमैन अनिल सिंह ने बताया कि छात्र संघ चुनाव के बंद होने से महाविधालय की समस्याएं शासन -प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं साथ ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों द्वारा लगातार तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है | छात्र संघ चुनाव ना होने से छात्रों को नेतृत्व कर्ता नही मिल रहे है जिस से  इन तुगलकी फरमानों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है और विरोध नही हो पाने के कारण छात्रों को भरी परेशानी हो रही है | साथ ही साथ अनिल सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालयों का घेराव किया जायेगा इसी कड़ी में रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का भी घेराव किया जायेगा। एन.एस.यू.आई की मुख्य मांगें:

 
1.प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तत्काल बहाली की जाए।
2.छात्र संघ चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कराए जाएं।
3.चुनाव कार्यक्रम (तिथि एवं प्रक्रिया) की शीघ्र घोषणा की जाए।
4.छात्र हितों की रक्षा हेतु छात्र प्रतिनिधियों को अधिकार एवं मान्यता दी जाए।
5.लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए छात्र संघ व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए |
 
इसमें मुख्य रूप से उपस्तिथ एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ खेल विभाग के चेयरमैन अनिल सिंह, एन.एस.यू.आई छात्र नेता विक्रम वर्मा , हर्ष यादव, संजय चक्रधारी, हिमांशु तिवारी, तरुण अग्रवाल, मनीष वर्मा, कुनाल चौबे, अमन वर्मा,गुलशन साहू, अभिषेक चक्रधारी, विकी चक्रधारि , रवि वर्मा, देवेंद्र,भूपेश आदि उपस्थित थे|
CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और ओले गिरने के आसार

CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और ओले गिरने के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में आज हल्की बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है।

4 अप्रैल तक बना रहेगा ऐसा मौसम

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आने वाले 4 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम का हाल ऐसा ही रहेगा। सोमवार को रायपुर में पारा 40.5°C तक पहुंच गया था, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। हालांकि, बस्तर और बिलासपुर के कुछ इलाकों में हुई बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है, जिससे वहां के लोगों को सुकून मिला है।

क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, इस समय हवा के चक्रवात और द्रोणिका की सक्रियता बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक एक मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके प्रभाव से 31 मार्च को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, अंधड़ और वज्रपात की आशंका है।

राजधानी रायपुर का हाल

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन शाम तक मौसम बदल सकता है। शहर का अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

 
आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के निष्क्रमण संस्कार से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।
समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, एडीजी  दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक  अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

 00 प्रदेश में योजना आरंभ से एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण

00 आवास से बदली तस्वीर: 9 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

00 तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल बना छत्तीसगढ़

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं। यह इस वर्ष देश में सर्वाधिक आवास निर्माण का आंकड़ा है।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के सशक्त एवं समन्वित क्रियान्वयन से यह उपलब्धि संभव हो पाई है। इससे प्रदेश आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है।सबको आवास के लक्ष्य को तेजी से साकार करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान में , सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5.87 लाख, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 13 हजार तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। योजनाओं के प्रभावी समन्वय से 6 लाख से अधिक आवासों का लक्ष्य पार किया गया है। यह उपलब्धि वर्ष 2016 में योजना प्रारंभ होने के बाद प्रदेश में किसी एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास पूर्ण होने का रिकॉर्ड है, जो तेज क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाता है।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

आवास निर्माण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई गति आई है। डीलर दीदी मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य आवास निर्माण की सामग्री आपूर्ति कर लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इसके साथ ही हजारों महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही, 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से अधिक रानी मिस्त्री शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान किए गए हैं।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 संचालित है। पिछले 10 महीनों में इस पर 1500 से अधिक शिकायतें एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया है। हर माह की 7 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में आवास दिवस के माध्यम से जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।इसके साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर पर क्यू आर कोड आधारित सूचना प्रणाली से जानकारी सहज उपलब्ध हो रही है । छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन , समावेशी विकास एवं पारदर्शिता की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।

 

बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों का वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्स्थापन: दो चरणों में 34 हिरणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया सुरक्षित

बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों का वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्स्थापन: दो चरणों में 34 हिरणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया सुरक्षित

 रायपुर। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों को प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण हेतु छोड़ा गया। अभयारण्य स्थित ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर से  कुल 34 काले हिरणों को  वैज्ञानिक पद्धति से दो चरणों में सफलतापूर्वक उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त किया गया। इस वर्ष 60 ब्लैकबक पुनर्स्थापना का लक्ष्य है।

ब्लैकबक स्थानांतरण प्रक्रिया  पूरी तरह से वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करते हुए निष्पादित किया गया, जिससे बिना किसी व्यवधान के ही हिरणों को वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। छोड़े गए हिरण  रामपुर ग्रासलैंड में निवासरत काले हिरणों से जाकर मिल गए। अधिकारियों ने बताया कि काले हिरणों के इस नए समूह से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और वन विभाग आने वाले दिनों में इनकी निरंतर निगरानी करेगा। काले हिरण जो एक समय छत्तीसगढ़ की धरती से विलुप्त हो गए थे, इस पुनर्स्थापन के प्रयास से अब अपने प्राकृतिक आवास में कुलांचे भरेंगे।

उल्लेखनीय है कि बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों का संरक्षण प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे के मार्गदर्शन, मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी सतोविशा समझदार के कुशल नेतृत्व में तथा वनमण्डलाधिकारी  धम्मशील गणवीर के द्वारा सक्रिय प्रयास किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण संरक्षण अभियान के दौरान अधीक्षक बारनवापारा कृषाणु चंद्राकर, परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री कविता ठाकुर,  सूर्यप्रकाश जाधव, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गीतेश बंजारे, फील्ड बायोलॉजिस्ट, सौरव मेहरा, पशु चिकित्सक  जयकिशोर जडिय़ा सहित  बारनवापारा अभयारण्य के समस्त स्टाफ मौजूद थे।

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : साय

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : साय

 00 मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर - दिल्ली - कोलकाता हवाई यात्रा का किया वर्चुअल शुभारंभ

00 राजधानी दिल्ली से क्षेत्र का सीधा जुड़ाव व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को देगा बढ़ावा00 केबिनेट मंत्री अग्रवाल और सरगुजा सांसद ने विमान सेवा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

रायपुर। प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर-दिल्ली - कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में सीजी वायु योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : साय

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली-अंबिकापुर-कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री  राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।
हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।

हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : साय

एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)
विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है।
दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)
सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी।
कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार)
शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल

 00 कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री साय

00 सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: श्रीवास्तव

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे।
इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण: सामाजिक एकजुटता और विकास की नई पहल

वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या व भगवान श्रीराम के किए दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री साय ने चंदखुरी में माता कौशल्या व भगवान श्रीराम के किए दर्शन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने महावीर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

राज्यपाल ने महावीर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने मानवता के कल्याण के लिए सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे उच्च जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने समाज को अंधविश्वास, आडम्बर और कुरीतियों से दूर रहकर नैतिकता, करुणा और संयम का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। भगवान महावीर के विचार आज भी समाज को शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा का सिद्धांत विश्व में शांति और भाईचारे की स्थापना का सशक्त माध्यम है। उनके जीवन से हमें आत्मसंयम, अनुशासन और सरल जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। राज्यपाल डेका ने प्रदेशवासियों से भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा आपसी सद्भाव, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 : महिला हॉकी में मिजोरम और ओडिशा पहुँचे फाइनल में

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 : महिला हॉकी में मिजोरम और ओडिशा पहुँचे फाइनल में

 रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए। पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

महापौर मीनल चौबे ने पेश किया नगर निगम 2026-27 का बजट, जानिए क्या कुछ है खास

महापौर मीनल चौबे ने पेश किया नगर निगम 2026-27 का बजट, जानिए क्या कुछ है खास

 रायपुर। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज महापौर मीनल चौबे ने 2130 करोड़ 35 लाख 13 हजार रुपए का बजट  सदन में पेश किया। इस बजट को शहर के विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

बजट पेश करने से पहले महापौर मीनल चौबे ने सभापति और नेता प्रतिपक्ष को बजट की प्रति सौंपी। इसके बाद सदन में उनका बजट अभिभाषण शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने नगर विकास, स्वच्छता, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रखा। इस बजट से शहर में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 महापौर ने अपने अभिभाषण में कहा कि, पंडरी और नरैया तालाब में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाया जाएगा। वहीं बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए 140 लाख की लागत से 268 कैमरे लगाए गए। नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल बनाया जाएगा। शंकर नगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बनेगा। इसके निर्माण के लिए निगम 100 करोड़ का म्युनिसिपल बांड जारी करेगा। इसके अलावा नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में ऑटोमैटिक पार्किंग बनेगी।

इसके अलावा नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल बनाया जाएगा। शहर में नए सार्वजनिक शौचालय और सामुदायिक भवन भी बनाए जाएंगे। शहीद स्मारक परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगाई जाएगी लिफ्ट। राजधानी के सभी जोन में दो उद्यानों का होगा सौंदर्यीकरण।

 
निर्यात ठप होने से तरबूज किसानों को भारी झटका, 300 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान

निर्यात ठप होने से तरबूज किसानों को भारी झटका, 300 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान

 रायपुर । खाड़ी देशों में तरबूज के निर्यात पर ब्रेक लगने से छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बेहतर उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजार से अच्छी कीमत की उम्मीद के बीच वैश्विक हालात, खासकर अमेरिका-ईरान तनाव के चलते निर्यात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ा है।

प्रदेश से मुंबई और विशाखापत्तनम के जरिए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों में तरबूज भेजा जाता था, लेकिन अब निर्यात बंद होने से फसल स्थानीय मंडियों में ही अटक गई है। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ गई और कीमतों में भारी गिरावट आ गई है।

इस वर्ष करीब 10 हजार एकड़ में तरबूज और 7 हजार एकड़ में खरबूज की खेती हुई है। रायपुर समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ। प्रति एकड़ औसतन 35 टन उत्पादन के हिसाब से कुल उत्पादन लगभग 5.88 लाख टन तक पहुंचा है।

कीमतें गिरकर 7-8 हजार रुपये प्रति टन रह गई हैं, जबकि पिछले साल यह 20-25 हजार रुपये थी। इस तरह प्रति टन करीब 12 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों को कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में गर्मी बरकरार, 3 दिन बाद तापमान में गिरावट के संकेत

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में गर्मी बरकरार, 3 दिन बाद तापमान में गिरावट के संकेत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान सामान्य स्तर पर बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले तीन दिनों के बाद प्रदेश में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। रविवार को सबसे अधिक तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया,

जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा और प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार से पश्चिम बंगाल तक बना निम्न दबाव क्षेत्र और उत्तरी ओडिशा से दक्षिण भारत तक फैली द्रोणिका का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है।

आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, वहीं आने वाले दो दिनों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी-तूफान के आसार बने रहेंगे। राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का किया शुभारंभ….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का किया शुभारंभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर पालिका क्षेत्र में अब टैक्स भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को एचडीएफसी बैंक की ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत नागरिक घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर जल कर, संपत्ति कर और दुकान कर का भुगतान कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था के तहत एचडीएफसी बैंक ने नगर पालिका जशपुर के लिए विशेष क्यूआर कोड तैयार किया है। प्रत्येक घर के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड जनरेट किया गया है, जिसे घर-घर चस्पा किया जा रहा है। इस क्यूआर कोड में मकान मालिक का नाम, मकान नंबर, मोबाइल नंबर और बकाया कर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर डी.डी.एन नंबर, मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से अपनी देय राशि देख सकेंगे और यूटीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे। भुगतान के बाद उन्हें तुरंत डिजिटल रसीद भी प्राप्त होगी।

नगर पालिका जशपुर में लागू प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम एक आधुनिक आईसीटी आधारित व्यवस्था है, जो राजस्व संग्रहण को पारदर्शी, सरल और कुशल बनाती है। इस प्रणाली के तहत वर्तमान में लगभग 4600 हाउसहोल्ड को शामिल किया गया है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां शामिल हैं।

इस पहल से जहां नागरिकों को समय और श्रम की बचत होगी, वहीं नगर पालिका के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी और नगरीय प्रशासन और अधिक सशक्त होगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, कलेक्टर  रोहित व्यास, नगर पालिका अधिकारी  योगेश्वर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर  सराफत अली और शाखा प्रबंधक दीपक दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

युवा प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच..मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 का भव्य समापन

युवा प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच..मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 का भव्य समापन

 0-युवा शक्ति को आगे बढ़ाना ही विकसित छत्तीसगढ़ की असली दिशा है- मुख्यमंत्री साय 

 रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर स्थित राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित टी-20 ड्यूस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने खिलाडिय़ों से परिचय लेकर उनका हौसला बढ़ाया और जिले के खेल प्रेमियों को बधाई दी। प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें कई खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी तथा आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर अपना हुनर दिखा चुके हैं। समापन मैच में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ और खडग़पुर के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा है।

उन्होंने जीवन भर अद्भुत धैर्य और संघर्ष का परिचय दिया। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज सेवा के कार्यों में अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वे राज्यसभा सांसद के रूप में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे। आज उनकी स्मृति में आयोजित इस टी-20 प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों से खिलाड़ी भाग ले रहे हैं और 9 दिनों तक चले इस आयोजन ने बिलासपुर के खेल प्रेमियों को एक नया उत्साह दिया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोग क्रिकेट के प्रति विशेष लगाव रखते हैं और बड़ी संख्या में मैदान में उपस्थित होकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में खेलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत प्रदेश में खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी हमारा प्रदेश खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी भी कर रहा है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो प्रदेश की खेल प्रतिभा को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देश के दूसरे और दुनिया के चौथे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया और इसका नाम शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा।  राज्य सरकार खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ओलम्पिक खेलों में भी हमारे बेटे और बेटियां भाग लें, इसके लिए हमारी सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

साथ ही प्रदेश में इंटीग्रेटेड स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।  कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर की पावन धरा पर अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए आज हम स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी को भावपूर्ण स्मरण कर रहे हैं। स्व. लखीराम अग्रवाल के योगदान को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। हम सभी उनके योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं।  आज उनकी स्मृति में आयोजित यह क्रिकेट प्रतियोगिता हमें उनके संघर्षमय जीवन की याद दिलाती है। क्रिकेट की तरह ही उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और कभी हार नहीं मानी। वे हम सभी के लिए प्रेरणा पुंज हैं और उनके विचार सदैव हमारे बीच जीवित रहेंगे।

 बिलासपुर विधायक  अमर अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद  तोखन साहू सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया।  कार्यक्रम में विधायक सर्व धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष  रजनीश सिंह, पूर्व सांसद  लखन लाल साहू, कमिश्नर  सुनील जैन, आईजी  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, क्रिकेट खिलाड़ी राजेश चौहान उपस्थित थे।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

  रायपुर--बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक  धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया।  

इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी।
बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।  इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल,  धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसपी  रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

माँ कर्मा के आदर्श हमें एकजुट, संगठित और सशक्त बनने की प्रेरणा देते हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

माँ कर्मा के आदर्श हमें एकजुट, संगठित और सशक्त बनने की प्रेरणा देते हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सूरजपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026 में शामिल हुए और भक्त माता कर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री  साय ने सूरजपुर रिंग रोड स्थित भक्त माता कर्मा चौक पहुँचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और माँ कर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि माँ कर्मा का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है, जो समाज को एकजुटता और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में साहू समाज को एक गौरवशाली, संस्कारित और विकासोन्मुख समाज बताते हुए कहा कि भक्त माता कर्मा, माता राजिम दाई और दानवीर भामाशाह जैसी महान विभूतियाँ इसी समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में साहू समाज की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आगे भी यह समाज प्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहभागी बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  साय ने नक्सलवाद के मुद्दे पर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ 400 से अधिक गांवों को मुख्यधारा में लाया गया है और आने वाले समय में बस्तर विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ऊर्जा संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेहतर स्थिति में है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें।

मुख्यमंत्री  साय ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि होली से पहले 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अंतर राशि का भुगतान किया गया है, वहीं महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख महिलाओं को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिली है। इसके साथ ही  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को तीर्थ दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने साहू समाज के लिए सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग समाज के संगठनात्मक सशक्तिकरण और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने अपने परिश्रम एवं समर्पण से देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा, संगठन और सामाजिक अनुशासन को आवश्यक बताते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों के आधार पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय..मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय..मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

 0-छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण

 0-अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

 रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित 'अटल परिसर' में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री  साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में 'अटल परिसर' के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है।

उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री  साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे.इसके साथ ही मुख्यमंत्री  साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।  इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अचानक चलती पिकअप वाहन में लगी भीषण आग, 4 लाख रुपए नगद और दो चेक भी जलकर खाक

अचानक चलती पिकअप वाहन में लगी भीषण आग, 4 लाख रुपए नगद और दो चेक भी जलकर खाक

 रायपुर / अभनपुर।  अभनपुर राजिम मार्ग पर एक पिकअप वाहन में अचानक आग लग गई। यह वाहन राजिम से रायपुर की ओर जा रही थी। चालक ने बताया कि वाहन में लगभग 4 लाख रुपए नगद और दो चेक भी थे, जो आग में जल गए।

घटना गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के पिपरौद टोल नाका के पास हुई। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाने में जुट गई। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

सदभावना भोकवाधिराज एवं सदभावना जोजवानंद अलंकरण 1 अप्रैल को दुर्ग में...

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 दुर्ग. पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित साहित्य समागम 1 अप्रैल को आशीर्वाद भवन, (एम.आई. जी मार्केट),  हनुमान मंदिर के पास, पद्मनाभपुर, दुर्ग, में शाम 4 बजे से 6 बजे तक मुख्य अतिथि महापौर अल्का बाघमार, विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राजन यादव खैरागढ़, शशि सुरेन्द्र दुबे जी, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार राजेंद्र मौर्य जी बिलासपुर, गीतकार किशोर तिवारी, आलोक शर्मा ज,  सतीश पांडेय, डॉ बीना रागी सहित दुर्ग एवं छत्तीसगढ़ के कवियों की उपस्थिति में सम्पन्न होने जा रहा है। एक अप्रैल को विश्व मूर्ख दिवस के अवसर पर दो महत्वपूर्ण विभूतियों को सामाजिक अपेक्षाओं एवं अंकेक्षण की हास्य व्यंग की शैली में अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ सुरेन्द्र दुबे जी, डॉ पालेश्वर प्रसाद शर्मा जी एवं दाऊ मनहरण लाल अग्रवाल  जी स्मृति सदभावना सम्मान प्रदान किया जाएगा। हास्य कवि सम्मेलन, साहित्य समागम के कार्यक्रम को सफल बनाने सदभावना संयोजक राजीव अग्रवाल दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति अध्यक्ष बलदाऊ साहू सहित टीम प्रयासरत हैं।