रायपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया है, जिसमें 500 करोड़ के हर्जाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए तीनों नेताओं ने जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे, गलत इरादे वाले और बदनाम करने वाले आरोप लगाए। इस बीच, गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री के इस कदम को घबराहट का संकेत बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है, तो उन्हें शरण लेने के बजाय कोर्ट में खुलकर लोगों का सामना करना चाहिए।
गौरतलब है कि 4 फरवरी को असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार ने राज्य में करीब 12,000 बीघा जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है, जो 3,960 एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला है। मुख्यमंत्री सरमा को हाल ही में धार्मिक भेदभाव को लेकर दिए गए अपने बयानों के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और सिविल सोसाइटी के अलग-अलग तबकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस बैकग्राउंड में, जमीन से जुड़े आरोप सामने आने के बाद यह मुद्दा और भी गरमा गया है। इन आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि वे गौरव गोगोई समेत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी मानहानि का केस चलाएंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन की पहल पर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को साइंस पार्क ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। न्यूटन के नियम, ऊर्जा के रूपांतरण, ध्वनि के सिद्धांत, धूप घड़ी से समय मापन, पेंडुलम की गति तथा दर्पणों से जुड़े प्रयोगों ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।भ्रमण के दौरान विद्यार्थी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे, जहाँ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व के बारे में बताया तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तुंगल बांध भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन द्वारा वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक पहल की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ट्रेनों के निरस्त होने का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा, फरवरी के पहले हफ्ते में ही दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे से गुजरने वाली 14 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है।
वहीं साथ ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा। बता दें, इन ट्रेनों को 5 अप्रैल से 27 अप्रैल तक के लिए निरस्त किया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के नागपूर मण्डल के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर प्रलटफॉर्म 3 वॉशेबल एप्रन को डिस्मेंटलिंग कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए कार्य किया जाएगा जिसके लिए गोंदिया स्टेशन पर लाइन नंबर-05 (UP मेन लाइन) पर 20 दिनों तक ट्रेनों का आना जाना बंद रहेगा।
रद्द की गई ये ट्रेनें
1) गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 04.04.2026 से 24.04.2026 तक रद्द रहेगी।
2) गाड़ी संख्या 18029 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल- शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 06.04.2026 से 26.04.2026 तक रद्द रहेगी।
3) गाड़ी संख्या 18237 (कोरबा – अमृतसर) एक्सप्रेस कोरबा से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।
4) गाड़ी संख्या 18238 (अमृतसर-बिलासपुर) एक्सप्रेस, अमृतसर से 07.04.2026 से 27.04.2026 तक।
5) गाड़ी संख्या 12410 (हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़) एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 एवं 22.04.2026 को रद्द रहेगी।
6) गाड़ी संख्या 12409 (रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस, रायगढ़ से 04, 06, 08, 09, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 एवं 24.04.2026 को रद्द रहेगी।
7) गाड़ी संख्या 12101 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20, एवं 21.04.2026 को रद्द रहेगी।
8) गाड़ी संख्या 12102 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 06, 08, 09, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22, एवं 23.04.2026 को रद्द रहेगी।
9) गाड़ी संख्या 12807 (विशाखापत्तनम – हज़रत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम से 05, 07, 08, 09, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 एवं 23.04.2026 को रद्द रहेगी।
10) गाड़ी संख्या 12808 (हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम) एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 07, 09, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 एवं 25.04.2026 को रद्द रहेगी।
11) गाड़ी संख्या 68815 (बल्लारशाह-गोंदिया) मेमू पैसेंजर, बल्लारशाह से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।
12) गाड़ी संख्या 68816 (गोंदिया – बल्लारशाह) मेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।
13) गाड़ी संख्या 78805 (गोंदिया – कटंगी) डेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।
14) गाड़ी संख्या 78806 (कटंगी-गोंदिया) डेमू पैसेंजर, कटंगी से 05.04.2026 से 25.04.2026 तक रद्द रहेगी।
शॉर्ट टर्मिनेट होंगी ये गाड़ियाँ
1) गाड़ी संख्या 68802 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
2) गाड़ी संख्या 68803 (बल्लारशाह – गोंदिया) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
3) गाड़ी संख्या 68804 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
4) गाड़ी संख्या 68805 (चांदाफोर्ट – गोंदिया) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
5) गाड़ी संख्या 68806 (गोंदिया – वड्सा) पैसेंजर दिनांक – 05.04.2026 से 25.04.2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
6) गाड़ी संख्या 15231 ( बरौनी – गोंदिया) एक्सप्रेस दिनांक – 04.04.2026 से 25.04.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं दुर्ग – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
7) गाड़ी संख्या 15232 (गोंदिया – बरौनी) एक्सप्रेस दिनांक – 05.04.2026 से 26.04.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – दुर्ग के मध्य रद्द रहेगी।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
Breaking : IAS अंकित आनंद की बढ़ी जिम्मेदारी, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मिला अतिरिक्त प्रभार
IAS अंकित आनंद वर्तमान में सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, अतिरिक्त प्रभार सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, सचिव, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पद पर पदस्थ हैं

00 भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन के निर्णय के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र आहूजा, दीपक रहेजा, राजीव अग्रवाल, विजय पिंजानी, अजय अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, मुलकराज शर्मा, रजत चाबड़ा, विलास सुतार, विनोद छितिजा, विजय मोटवानी, सनी सेवलानी तथा गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
00 जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : सीएम साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
00 मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता
00 राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की होगी स्थापना
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कोरबा। जिले में एक डरावनी घटना हुई है, जहां घरेलू झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। बच्चे न होने और पत्नी के कैरेक्टर पर शक के चलते पति ने फावड़े से पत्नी पर हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गया, लेकिन सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना कटघोरा थाना इलाके में हुई।
जानिए क्या था पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गायत्री बस्ती, ढेलवाडीह में रहने वाले तुलसी यादव (37) की शादी करीब 18 साल पहले रंजना यादव (35) से हुई थी। शादी के इतने साल बाद भी दोनों के कोई बच्चे नहीं हुए। इसी वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था।
आरोपी पति अपनी पत्नी के कैरेक्टर पर भी शक करता था, जिससे तनाव और बढ़ गया। जांच में पता चला कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच पुरानी बातों को लेकर बहस हुई थी। बताया गया कि रंजना हाल ही में ढेलवाडीह मेला देखने अपने मायके गई थी, जहां उसका पति भी पहुंचा था।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
वहां से लौटने के बाद रविवार शाम को फिर झगड़ा बढ़ गया। गुस्से में तुलसी यादव ने घर में रखे फावड़े से अपनी पत्नी के सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल रंजना मौके पर ही गिर गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति भाग गया।
चालक-कंडक्टर फरार, तड़पते रहे घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्गा बस की रफ्तार काफी तेज थी। पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर के पास चालक ने संतुलन खो दिया और बस सड़क किनारे खाई जैसे गड्ढे में जा घुसी। हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करते हुए बस चालक और कंडक्टर घायलों को बीच राह तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए।
शादी की रस्मों की जगह पहुंचे अस्पताल
बस में सवार सभी यात्रियों को चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां कुछ जोड़ों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सरकारी योजना के तहत इतने बड़े आयोजन के लिए लगाई गई बस की रफ्तार और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस इतनी तेज क्यों चल रही थी?
घटना की जानकारी मिलते ही पोड़ी थाना और नागपुर चौकी पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और फरार चालक-कंडक्टर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् की बैठक बुधवार, 11 फरवरी को सुबह 11 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की जाएगी।
बैठक में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
रायपुर - केंद्र सरकार की भारत नेट योजना के तीसरे चरण (फेज-थ्री) में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर केबल पहुंचाई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा लोगों को मिलेगी। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को 3,500 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। इसके साथ प्रदेश में पांच हजार नए मोबाइल टावर भी लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
11,693 ग्राम पंचायतें हैं
त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत 11,693 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2024-25 की स्थिति में पहले और दूसरे चरण को मिलाकर भारत नेट परियोजना के तहत राज्य की 9,804 ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा जा चुका है। इसके रखरखाव एवं संचालन के लिए 66 करोड़ की पूल निधि के गठन का भी प्रविधान किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वाई.फाई के माध्यम से हाट-स्पाट स्थापित कर प्रदेश भर में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में वाईफाई की सुविधा के लिए पीएमवाणी परियोजना अंतर्गत 37 करोड़ का प्रविधान किया गया है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग किए जा रहे ई. परिसंपत्ति, मोबाइल एप और वेबसाइट की साइबर सुरक्षा के लिए आवश्यक जांच एवं सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जाएगी।
बस्तर के माओवाद प्रभावित 735 गांवों में पहुंचाना है कनेक्टिविटी
बस्तर संभाग में कुल 3,791 एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में से 3,056 स्थानों पर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जबकि 735 ग्राम अब भी इससे वंचित हैं। शेष इलाकों में नेटवर्क विस्तार के लिए 481 नए मोबाइल टावरों की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिन्हें स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक सभी स्वीकृत मोबाइल टावर स्थापित कर दिए जाएंगे। वर्तमान में टावर स्थलों का सर्वे कार्य प्रगति पर है। इन टावरों की स्थापना और संचालन का कार्य भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा किया जा सकता है।
फेज टू की कंपनी के साथ कानूनी विवाद
जानकारी के मुताबिक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा चिप्स और टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बीच 3,056 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था, जिसका लक्ष्य 6,000 गांवों तक ब्राडबैंड पहुंचाना था। हालांकि, जमीनी स्तर पर काम न होने के कारण मई 2025 में टाटा प्रोजेक्ट्स ने अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। कंपनी ने खुदाई में आने वाली बाधाओं और प्रशासनिक दिक्कतों को इसका मुख्य कारण बताया था। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस कानूनी विवाद और काम की धीमी गति के कारण फेज-दो का काम भी बाधित हुआ।
अधिकारियों का क्या कहना
अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी का कहना है कि राज्य के हर गांव तक मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार काम कर रही है। भारत नेट योजना के तीसरे चरण में हम सभी ग्राम पंचायतों को कवर कर सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
रायपुर - छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मैनपाट महोत्सव 2026 का आयोजन 13 से 15 फरवरी तक किया जाएगा। यह महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर सहित कई नामी कलाकार होंगे शामिल होंगे।
महोत्सव के दौरान एडवेंचर गेम्स, बोटिंग, झूले, भव्य मेला और दंगल जैसे आकर्षक आयोजन भी किए जाएंगे। मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। लंबे समय बाद इस महोत्सव की रौनक फिर से लौटती नजर आ रही है।
पिछले कुछ सालों में आयोजन औपचारिकता तक सीमित रह गया था, लेकिन इस बार इसे भव्य रूप दिया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा इस महोत्सव के लिए 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और सैलानियों को आकर्षित करना है।
पहले दिन भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी बांधेगे शमा
13 फरवरी (शुक्रवार) को महोत्सव का शुभारंभ होगा। पहले दिन भाजपा सांसद और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज तिवारी मंच पर प्रस्तुति देंगे।
इसके अलावा पहले दिन छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा के प्रसिद्ध छउ नृत्य कलाकार हरिपद मोहंता भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही स्थानीय कलाकार भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
दूसरा दिन छत्तीसगढ़ के कलाकार देंगे प्रस्तुति
आयोजन के दूसरे दिन 14 फरवरी शनिवार को सरगुजा के मशहूर गायक स्वप्निल जायसवाल, छत्तीसगढ़ी गायिका अलका चंद्राकर, इंडियन आइडल और सारे-गा-मा-पा जैसी रियलिटी शोज की फेम वैशाली रायकवार अपनी प्रस्तुति देंगे। ओडिशा के कलाकारों की भागीदारी भी इस दिन विशेष रहेगी। अन्य रंगारंग कार्यक्रम माहौल को मनोरंजक बनाएंगे।
तीसरे दिन कनिका कपूर बिखेरेंगी जादू
महोत्सव का समापन 15 फरवरी रविवार को होगा। अंतिम दिन बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर अपनी प्रस्तुति देंगी। उनके अलावे रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव, छत्तीसगढ़ के उभरते गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे।
एडवेंचर करेगा सैलानियों को आकर्षित
मैनपाट की सुरम्य वादियां सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सालभर यहां सैलानी पहुंचते हैं। खासकर ठंड के दिनों में मैनपाट में सैलानियों की सर्वाधिक संख्या होती है। बसंत के आगमन के बावजूद मैनपाट में रातें सर्द हैं।
मैनपाट महोत्सव में सैलानियों को रोमांचक गेम्स भी आकर्षित करेंगे। पैरा सेलिंग, नौका विहार के साथ एडवेंचर एक्टिविटी का आयोजन किया गया है। इसके अलावे यहां आयोजित भव्य मेला भी सैलानियों को आकर्षित करेगा।
स्थानीय कलाकारों को दें अधिक अवसर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, आयोजन में स्थानीय कलाकारों, स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक अवसर मिले। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों को कार्यक्रम स्थल पर स्टॉल के लिए स्थान देने का निर्देश दिया। इसमें निजी संस्थान भाग ले सकते हैं। मंत्री ने कहा कि मनोरंजन एवं खेल गतिविधियों, स्टॉल आदि के लिए स्थान प्रदान किया जाएगा।
मंत्री अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों को गरिमामयी आयोजन के लिए सहभागिता के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
महोत्सव के लिए मिलेंगे 50 लाख
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि, महोत्सव के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की गई है। पिछले साल चुनाव के कारण मैनपाट महोत्सव का आयोजन नहीं किया गया था। पहले मैनपाट महोत्सव के लिए प्रशासन की तरफ से अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों से वसूली की जाती थी।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस साल ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। राज्य सरकार मैनपाट महोत्सव के लिए राशि देगी। कुछ राशि की व्यवस्था डीएमएफ और अन्य मदों से किए जाएंगे।
रायपुर: संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लालबाग मैदान में आयोजित जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर जनजातीय समाज के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाओं की जानकारी ली।

केंद्रीय गृह मंत्री ने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, जनजातीय चित्रकला, वन औषधि, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है।

प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों का प्रदर्शन किया गया। जनजातीय चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। वहीं, वैद्यराज द्वारा वन औषधियों का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया।

स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जोंधरी लाई के लड्डू, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजन तथा लांदा और सल्फी पेय पदार्थ प्रदर्शित किए गए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राज्य सरकार जनजातीय कला, शिल्प और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर पंडुम की बारह विधाओं की प्रतियोगिता में विजेता दलों से भेंट कर उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
“बस्तर पंडुम 2026” संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता
1. जनजातीय नृत्य – गौर माड़िया नृत्य (बुधराम सोढ़ी, दंतेवाड़ा)
2. जनजातीय गीत – पालनार दल (मंगली एवं साथी, दंतेवाड़ा)
3. जनजातीय नाट्य – लेखम लखा (सुकमा)
4. जनजातीय वाद्ययंत्र – रजऊ मंडदी एवं साथी (कोण्डागांव)
5. जनजातीय वेशभूषा – गुंजन नाग (सुकमा)
6. जनजातीय आभूषण – सुदनी दुग्गा (नारायणपुर)
7. जनजातीय शिल्प – ओमप्रकाश गावड़े (कोया आर्ट्स, कांकेर)
8. जनजातीय चित्रकला – दीपक जुर्री (कांकेर)
9. जनजातीय पेय पदार्थ – भैरम बाबा समूह (उर्मीला प्रधान, बीजापुर)
10. जनजातीय व्यंजन – श्रीमती ताराबती (दंतेवाड़ा)
11. आंचलिक साहित्य – उत्तम नाईक (कोण्डागांव)
12. बस्तर वन औषधि – राजदेव बघेल (बस्तर)
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सशक्त बनाते हुए आज नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण और अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा तथा ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहल राज्य में ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कार्यवाही पूरी तरह सरल, तेज़ और पारदर्शी होगी।
भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी और सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह सेवा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सीधे शासन से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जो राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा को नई गति प्रदान करेगी। इस चैटबॉट सेवा के अंतर्गत नागरिकों को जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने की सुविधा, आधार नंबर जोड़ने हेतु ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब हेतु आवेदन, नामांतरण हेतु आवेदन सहित अन्य नागरिक हितैषी राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ घर बैठे केवल एक व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से ले सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके पश्चात चैटबॉट तुरंत आवश्यक जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराएगा।
इसी क्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया। यह सुविधा भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाए अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम एवं शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और सहज बनाई गई है।
भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए ई-चालान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित सक्षम अधिकारी के पास परीक्षण हेतु प्रेषित हो जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकेगी।
यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और शासन की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।
नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी। नागरिक को 60 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी, अन्यथा विलंब की स्थिति में अर्थदंड का प्रावधान लागू होगा।
नागरिक https://revenue.cg.nic.in/citizenrequest/ पोर्टल के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले तथा संचालक राजस्व विनीत नंदनवार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
“तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे नागरिकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है, ताकि समय, संसाधन और श्रम की बचत हो तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को तेज़, सरल और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को निरंतर सशक्त बना रही है। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) जैसी पहल इसी सोच का परिणाम हैं, जिनसे आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये डिजिटल सेवाएँ छत्तीसगढ़ को सुशासन और डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक नई ऊँचाई प्रदान करेंगी।”-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
“भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमा में पूरी होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन, तकनीकी दक्षता और नागरिक सुविधा को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” -राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
“भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। इन पहल के माध्यम से नागरिकों को सूचनाओं और सेवाओं तक त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद पहुँच सुनिश्चित की गई है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था में तय समय-सीमा, ऑनलाइन भुगतान और डिम्ड डाइवर्ज़न जैसे प्रावधानों से प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब समाप्त होगा। यह पहल राजस्व प्रशासन को अधिक कुशल, तकनीकी रूप से सक्षम और नागरिक-अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगी।” -राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के तत्वावधान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रेक्षागृह में भव्य शैक्षिक संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव थे। समारोह की अध्यक्षता अहिवारा विधानसभा के विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमन लाल कोर्सेवाडा ने की।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

शासकीय विद्यालय समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं – शिक्षा मंत्री
मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उपस्थित प्राचार्यगणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय विद्यालय बच्चों में संस्कार, समानता और सामाजिक सद्भावना के केंद्र हैं, क्योंकि यहाँ गरीब-अमीर तथा समाज के सभी वर्गों के बच्चे एक साथ अध्ययन करते हैं।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में संसाधनों के अभाव के बावजूद शासकीय विद्यालयों में नामांकन अधिक था, किंतु आज पर्याप्त संसाधन होने के बाद भी नामांकन में निरंतर गिरावट शिक्षकों एवं प्राचार्यों के लिए चिंतन का विषय है।
यादव ने बताया कि उनके कार्यकाल में पदोन्नति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है, जो निरंतर जारी रहेगी तथा शिक्षकों की जायज़ मांगों पर समयबद्ध एवं सार्थक निर्णय लिए जाएंगे।
शिक्षकों को अनुशासन और निष्ठा से कार्य करना चाहिए – कोर्सेवाडा
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डोमन लाल कोर्सेवाडा ने कहा कि समय के साथ समाज में शिक्षकों के सम्मान की भावना में परिवर्तन आया है। पहले शिक्षक समाज में सर्वोच्च सम्मान का पात्र होता था, किंतु आज स्थिति बदली है। उन्होंने शिक्षकों से समय के प्रति पाबंद रहते हुए पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में बड़ा हादसा हो गया। 50 यात्रियों को रायपुर के लिए लेकर निकली बस में अचानक आग लग गई। घटना के दौरान बस में बैठे यात्रियों में चीख पुकार मच गई। ड्राइवर ने तत्काल बस रोकी और सूझ-बूझ दिखाते हुए बस में बैठे सभी यात्रियों का सुरक्षित बाहर निकाल कर सभी की जान बचाई। यात्रियों के बाहर निकलते ही बस में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई और बास जलकर खाक हो गई।
जानिए घटना
घटना खरोरा थाना क्षेत्र की है। आज सुबह राजधानी ट्रैवल्स की बस करीब 50 यात्रियों को लेकर रायपुर के लिए निकली थी। खरोरा थाना क्षेत्र के भैंसा गांव के पास पहुंची थी, तभी इंजन में अचानक धुंआ उठने लगा। थोड़ी ही देर में बस में आग लग गई। आगजनी की सूचना लगते ही बस में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने तत्काल बस को सड़क किनारे रोका और अंदर बैठे 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा इलाके में रविवार की रात एक बेहद भयावह हादसा टल गया। रिंग रोड पर अग्रसेन चौक के पास एक चलती सुमो ग्रैंड अचानक धू-धू कर जलने लगी। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई और बीच सड़क पर चीख-पुकार मच गई।
झारखंड के रहने वाले हैं कार सवार
जानकारी के मुताबिक, कार में सवार सभी लोग झारखंड के निवासी हैं। वे राजधानी से गुजर रहे थे, तभी अचानक इंजन से धुआं उठने लगा। जब तक चालक कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को अपनी आगोश में ले लिया। कार के भीतर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में दरवाजे खोलकर बाहर छलांग लगाई और अपनी जान बचाई।
स्वाहा हो गई कार
सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी आती, आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि सुमो ग्रैंड पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और ट्रैफिक बहाल किया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, फिलहाल इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है।
सावधानी की अपील
गर्मी बढ़ने या लंबी यात्रा के दौरान गाड़ियों की वायरिंग और कूलेंट की जांच जरूर कराएं। यदि चलते समय धुंआ दिखे, तो तुरंत गाड़ी सुरक्षित जगह खड़ी कर बाहर निकलें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह आज ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।
‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन आज पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में निर्धारित है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसका मतलब है कि अब रात के वक्त महसूस होने वाली हल्की ठिठुरन कम हो जाएगी और गर्मी का अहसास बढ़ेगा।
तापमान में अचानक होने वाली इस बढ़ोतरी का सीधा असर छत्तीसगढ़ के किसानों और आम जनजीवन पर पड़ेगा। न्यूनतम तापमान बढ़ने से रबी की फसलों पर असर पड़ सकता है, वहीं सुबह-शाम की ठंड कम होने से मौसमी बीमारियों (सर्दी-खांसी) का खतरा भी बढ़ जाता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) वर्तमान में 55 डिग्री पूर्व और 21 डिग्री उत्तर में स्थित है। इसके प्रभाव से 9 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारतीय क्षेत्रों में बदलाव दिखेगा, जिसका असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा। अगले 4 दिनों के बाद न्यूनतम तापमान में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे रात की ठंडी हवाएं गायब हो सकती हैं।
राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर में अब भी ठिठुरन
पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाई रही और दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
रायपुर: केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय बजट को नवोत्थान और समावेशी विकास का वाहक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 के दीर्घकालिक विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। वे राजधानी रायपुर में एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय मंत्री श्री लाल ने कहा कि इस बजट में अगले 25 वर्षों के लिए देश के आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास की स्पष्ट दिशा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, जो शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी सम्मिलित किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में राज्यों के विकास को नई गति मिलेगी।

मनोहर लाल ने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिजली, आवास, शहरी विकास एवं अधोसंरचना क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद संतोष पाण्डेय एवं बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रहस्यमयी तरीके से लापता (Woman Missing) हो गई है. महिला कबीरधाम जिले के पांडा तराई क्षेत्र से करीब सात दिन पहले अपने मायके बिलासपुर के अशोकनगर जाने के लिए निकली थी. परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकली थी कि बच्चों के साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए बिलासपुर जा रही है, लेकिन वहां पहुंचने ही नहीं। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है.
पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक पिता राजेन्द्र कार्निक (34 वर्ष) ने पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) के तीन बच्चों सहित लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है. बिसेन कार्तिक ने पुलिस को सिविल लाइन पुलिस को बताया कि, 2 फरवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी तबीयत खराब होने की बात कहकर इलाज कराने मायके बिलासपुर जाने के लिए तीन बच्चों के साथ शारदा बस से रवाना हुई थी.
शाम करीब 6 बजे संपर्क करने पर पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद ससुराल पक्ष से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि, पुष्पनन्दनी वहां भी नहीं पहुंची है. परिजनों द्वारा देर रात तक रिश्तेदारों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महाराणा प्रताप चौक में महिला और बच्चों को उतारने की जानकारी दी.
लापता पति का पुलिस पर आरोप
लापता महिला के पति की शिकायत पर पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पति का आरोप है कि पुलिस उसकी पत्नी और बच्चों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही. उसने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
रायपुर: बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।
‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में निर्धारित है।
इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े शामिल होंगे।
बस्तर पण्डुम में सांसद द्वय महेश कश्यप और भोजराज नाग, विधायक किरण सिंहदेव, लता उसेंडी, विनायक गोयल, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी, महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।





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