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 Breaking : बीजापुर में बड़ा एनकाउंटर, कमांडर उधम सिंह की मारे जाने की खबर

Breaking : बीजापुर में बड़ा एनकाउंटर, कमांडर उधम सिंह की मारे जाने की खबर

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। घने और दुर्गम जंगलों में चल रहे इस ऑपरेशन के दौरान दोनों ओर से लगातार गोलीबारी की सूचना है। सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और बड़ी संख्या में जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस एनकाउंटर में लंबे समय से सक्रिय नक्सली कमांडर और शीर्ष माओवादी नेता उधम सिंह के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।

 Transfer : इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलसचिव का तबादला.. इस वजह से किया गया ट्रांसफर, जानें वजह

Transfer : इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलसचिव का तबादला.. इस वजह से किया गया ट्रांसफर, जानें वजह

Khairagarh University Transfer: राजकुमारी इंदिरा सिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कुलसचिव सौमित्र तिवारी का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में नई पदस्थापना दी गई है। उनके स्थान पर खैरागढ़ विश्वविद्यालय को जल्द ही नया कुलसचिव मिलेगा।

कुलसचिव के तबादले से पहले विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों का आरोप था कि समयमान, वेतनमान और पदोन्नति से जुड़ी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने कुलसचिव को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। अब तबादले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 अधिकारी समेत 14 पुलिसकर्मियों का तबादला! जानें नई पोस्टिंग

पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 अधिकारी समेत 14 पुलिसकर्मियों का तबादला! जानें नई पोस्टिंग

 कोरबा :- कोरबा जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत दो टीआई (TI), चार एसआई (SI), तीन एएसआई (ASI) समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में दर्री, पाली और करतला जैसे महत्वपूर्ण थानों के प्रभारियों को बदला गया है। औद्योगिक नगरी कोरबा में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फेरबदल काफी अहम माना जा रहा है। नए प्रभारियों की नियुक्ति से थानों की कार्यप्रणाली में कसावट आने और जनशिकायतों के त्वरित निराकरण की उम्मीद है।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

एसपी द्वारा जारी सूची के अनुसार, आशीष सिंह को दर्री थाना प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नागेश तिवारी अब पाली थाना के नए प्रभारी होंगे। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को करतला थाना की कमान दी गई है।

प्रशासनिक कसावट के तहत पसान थाना प्रभारी श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन) भेज दिया गया है। उनकी जगह जटगा चौकी से एक एएसआई को पसान का नया जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाकर भेजा गया है।

CG : कुंभ कल्प मेला में प्रतिदिन हो रही महानदी की महाआरती, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

CG : कुंभ कल्प मेला में प्रतिदिन हो रही महानदी की महाआरती, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

 गरियाबंद,राजिम : कुंभ कल्प मेला में जबलपुर से पधारी साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में प्रतिदिन महानदी की भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। इस महाआरती में बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण के साक्षी बन रहे हैं।

मंगलवार को आयोजित महाआरती में राजिम विधायक रोहित साहू विशेष रूप से शामिल हुए और महानदी की आरती उतारी। मेले में प्रतिदिन शाम 7 बजे महानदी घाट पर 11 विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महाआरती की शुरुआत होती है। आरती के दौरान घाट का दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर कर देने वाला होता है।

जबलपुर से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराई जा रही आरती की विधि अपने आप में विलक्षण है। शंखनाद, कपूर, दीप, चवर एवं मंत्रोच्चार के साथ एक साथ प्रज्वलित होती महाआरती से पूरा मेला परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है। वैसे तो राजिम कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की यह विशेष अभिलाषा रहती है कि वे किसी न किसी दिन महानदी की महाआरती के साक्षी अवश्य बनें। इसी कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती घाट पर पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि आरती से मन को शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, नकारात्मकता दूर होती है तथा आध्यात्मिक उन्नति होती है।

महानदी की आरती से आध्यात्मिक शांति मिलती है
महाआरती के पश्चात विधायक रोहित साहू ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। महानदी की महाआरती से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है कि राजिम कुंभ में काशी और प्रयागराज जैसी दिव्यता का अनुभव हो रहा है। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पावन आयोजन में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

इस अवसर पर नगर पालिका राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नवापारा पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू की धर्मपत्नी कांतिदेवी साहू, नगर पालिका सभापति आकाश सिंह राजपूत, भरत यादव, पार्षद सुरेश पटेल, बलराम यादव, अजय पटेल, पार्षद प्रतिनिधि सोमनाथ पटेल, भाजपा नेत्री खुशी साहू, देवकी साहू, राजीव लोचन महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष छाया राही, मधु नत्थानी, रीतु वर्मा, कुसुम सोनी, अभनपुर पार्षद चंपा लेदेकर एवं मीना साहू, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, तहसीलदार मयंक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आरती घाट में समुद्र मंथन का आकर्षक दृश्य

आरती घाट के पीछे ऊंचाई पर समुद्र मंथन का भव्य झांकी बनाया गया है, जिसमें एक ओर देवता तो दूसरी ओर दानव वासुकी नाग को पकड़े हुए मंदराचल पर्वत को मथनी बनाकर खींचते हुए दिखाई देते हैं। समुद्र मंथन का यह दृश्य श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है और महाआरती की भव्यता में चार चांद लगा रहा है।

 

आज सीएम साय जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भी करेंगे भूमिपूजन

आज सीएम साय जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भी करेंगे भूमिपूजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे दोपहर 12.10 मयाली में “मयाली-बगीचा विकास परियोजना” का भूमिपूजन करेंगे।

 इसके बाद सीएम साय शाम 5.15 को राजधानी रायपुर के लिए जशपुर से रवाना होंगे और सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में शाम 6 बजे बैठक करेंगे। वहीं शाम 7.30 बजे रायपुर प्रेस क्लब के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होंगे और रात 8.50 को मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मिली मंजूरी,पाँच साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर

छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मिली मंजूरी,पाँच साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो तथा सतत आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो। यह नीति राज्य के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित एवं सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए क्च्प्प्ज्-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के माध्यम से वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में 100 करोड़ रूपए के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ रूपए के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख रूपए तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके तहत राज्य में उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। यह नीति अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विज़न/2047 के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार-आधारित उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता
नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की अनुदान और छूट का प्रावधान किया गया है,-
सीड फंड सहायता – नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए तक सहायता।
स्टार्टअप कैपिटल फंड – निवेश उपलब्ध कराने हेतु 100 करोड़ रूपए का फंड।
क्रेडिट रिस्क फंड – बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रूपए का फंड।
ब्याज अनुदान – 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान ।
किराया अनुदान – 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रूपए प्रति माह)।
स्थायी पूंजी निवेश अनुदान – मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख
रूपए )।
पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता – राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।
इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता
शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान ।
निजी इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रूपए)।
बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता।
इनक्यूबेटर उन्नयन एवं संचालन सहायता
स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी।
कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता
मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रूपए प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रूपए वार्षिक)।
न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रूपए तक व्यय प्रतिपूर्ति।
कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल
राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु 5 लाख रूपए प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विज़न /2047 के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
वर्जन
छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी प्रोत्साहित करने हेतु नए स्टार्टअप नीति में बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। इसी उद्देश्य के साथ माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी स्टार्टअप नीति के माध्यम से इनोवेशन, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देते हुए यह नीति लाई गई है।

बस्तर पर्यटन को नई दिशा : मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप सजेगा भव्य रिसोर्ट

बस्तर पर्यटन को नई दिशा : मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप सजेगा भव्य रिसोर्ट

 रायपुर। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता और जलप्रपातों को निहारने आने वाले पर्यटकों के लिए सुखद खबर है। चित्रकोट के सामानांतर अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप जल्द ही एक भव्य रिसॉर्ट आकार लेने वाला है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल पर लोहंडीगुड़ा प्रशासन ने इसकी कवायद तेज कर दी है। इस परियोजना के लिए ग्राम मेंद्री में स्थित जेल विभाग की भूमि को अब पर्यटन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
तहसीलदार न्यायालय लोहंडीगुड़ा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने मेंद्री घूमर जलप्रपात के पास पर्यटकों की सुविधा और रिसॉर्ट निर्माण के लिए भूमि आवंटन का आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए वर्तमान में शासकीय भूमि को पर्यटन विभाग को सौंपने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन ने रिसॉर्ट निर्माण के लिए ग्राम मेंद्री में खसरा नंबर 50, 77, 179 और 184 के तहत कुल 20.28 हेक्टेयर के भू-भाग को चिन्हित किया है, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार संभव हो सकेगा।
भूमि हस्तांतरण की इस प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए प्रशासन ने आम जनता के लिए इश्तहार जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी व्यक्ति, संस्था या विभाग को इस भूमि के पर्यटन विभाग को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति या दावा है, तो वे सूचना प्रकाशन के 15 दिवस के भीतर तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा में स्वयं या अपने वकील के माध्यम से लिखित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। मामले की सुनवाई के लिए आगामी 07 फरवरी 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि नियत समयावधि के बाद प्राप्त होने वाली आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और यह मान लिया जाएगा कि उक्त भूमि हस्तांतरण में किसी को कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल

बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।

बैठक में वित्त मंत्री  ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग  पी दयानंद, संचालक खनिज  रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

 रायपुर: बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है।  जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का  प्रदर्शन करेंगें।

 आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन 

इस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है।  बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयार 

बस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।

 आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे

प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।

संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शन 

इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।

राजनीति मतभेद का विषय, मनभेद का नहीं – उपमुख्यमंत्री शर्मा

राजनीति मतभेद का विषय, मनभेद का नहीं – उपमुख्यमंत्री शर्मा

 रायपुर: आज मंत्रालय मे पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी श्री ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन श्री के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा को दिए।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।

BREAKING : पूर्व मंत्री कवासी लखमा हुए जेल से रिहा, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

BREAKING : पूर्व मंत्री कवासी लखमा हुए जेल से रिहा, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज 4 फरवरी 2026 को रायपुर सेंट्रेल जेल से जमानत पर रिहा हो गए है। सेंट्रल जेल में बड़ी संख्या में कोंग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा एक साल से भी अधिक समय बाद जेल से बाहर आएंगे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। लखमा सिर्फ पेशी के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा।

 
बड़ा रेल हादसा : दो रेलवे कर्मचारी की हुई मौत, लिंक एक्सप्रेस ने लिया अपनी चपेट में, ट्रैक मेंटनेंस के दौरान हुआ हादसा..!!

बड़ा रेल हादसा : दो रेलवे कर्मचारी की हुई मौत, लिंक एक्सप्रेस ने लिया अपनी चपेट में, ट्रैक मेंटनेंस के दौरान हुआ हादसा..!!

तिल्दा-नेवरा 4 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। लिंक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक रेलवे विभाग का नियमित कर्मचारी और दूसरा ठेके पर कार्य करने वाला युवक बताया जा रहा है। यह हादसा बैकुंठ पुलिया के ऊपर डाउन मिडिल लाइन के पास हुआ।मिली जानकारी के अनुसार, मृत रेलवे कर्मी की पहचान लाला राम बंजारे (उम्र 55 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रेलवे विभाग में कार्यरत थे। वहीं दूसरे मृतक की पहचान मोहन लाल साहू (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एक ठेकेदारी कर्मी था और रेलवे से जुड़े कार्यों में संलग्न था।

कैसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों व्यक्ति रेलवे ट्रैक के पास मौजूद थे, तभी तेज रफ्तार से आ रही लिंक एक्सप्रेस ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा पुलिस मौके पर पहुंची और रेलवे अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

तिल्दा थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के खिलाफ पंचनामा मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी चूक शामिल थी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। रेलवे विभाग से संबंधित दस्तावेज और ड्यूटी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के समय दोनों व्यक्ति वहां किस कार्य से मौजूद थे।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे

हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही दोनों मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन अस्पताल और थाने में पहुंचकर गहरे सदमे में नजर आए।इस दर्दनाक हादसे के बाद तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से आम जनता व छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से आम जनता व छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

 रायपुर।आज छत्तीसगढ़ शासन के यशस्वी स्वास्थ्य मंत्री, बड़े भाई आदरणीय श्याम बिहारी जायसवाल जी से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश के हित से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर आगामी बजट में छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना किए जाने हेतु विनम्र निवेदन प्रस्तुत किया गया।


डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने कहा कि शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ की आम जनता को भी सुलभ, सुरक्षित एवं प्रभावी होमियोपैथी उपचार की सुविधाएँ और अधिक व्यापक स्तर पर उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि आज के समय में होमियोपैथी के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है, और ऐसे में एक शासकीय संस्थान की स्थापना से न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय छात्रों को बाहर के राज्यों में जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी और प्रदेश में ही प्रशिक्षित चिकित्सक तैयार हो सकेंगे।

डॉ. त्रिवेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी तथा सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेशवासियों और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाएगी।
 
ब्रेकिंग: अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी घूस लेते गिरफ्तार, ACB की छापेमारी से मचा हड़कंप

ब्रेकिंग: अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी घूस लेते गिरफ्तार, ACB की छापेमारी से मचा हड़कंप

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। पामगढ़ तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल बन गया।

धान उपार्जन केंद्र प्रभारी से मांगी गई थी रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि किसी शासकीय कार्य और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने या अनुकूल कार्रवाई के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित उपार्जन केंद्र प्रभारी ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी।

शिकायत मिलते ही ACB ने बिछाया जाल

शिकायत की सत्यता की प्राथमिक जांच के बाद ACB ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व नियोजित जाल बिछाया। तय योजना के तहत आज पामगढ़ तहसील कार्यालय में कार्रवाई की गई। जैसे ही अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, ACB की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।ACB की इस  कार्रवाई से तहसील कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। कई देर तक कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

तहसील कार्यालय में चली लंबी पूछताछ

कार्रवाई के बाद ACB की टीम दोनों आरोपियों को लेकर तहसील कार्यालय में ही प्रारंभिक पूछताछ करती रही। रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है और आवश्यक दस्तावेजों व साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि ACB इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में और अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं हैं।ACB अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा और रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

छग राज्य सहकारी विपणन संघ के बोर्ड अधिकार शशिकांत द्विवेदी को सौंपे गए

छग राज्य सहकारी विपणन संघ के बोर्ड अधिकार शशिकांत द्विवेदी को सौंपे गए

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग अब शशिकांत द्विवेदी करेंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी कर उन्हें प्राधिकृत किया गया है।


जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49(8) एवं छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के नियम 43-ख के उपनियम (3) के तहत गठित छानबीन समिति की बैठक 03 फरवरी 2026 को संपन्न हुई थी। बैठक में समिति ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए श्री शशिकांत द्विवेदी को प्राधिकृत किए जाने की अनुशंसा की थी।

छानबीन समिति की अनुशंसा के परिप्रेक्ष्य में, अधिनियम की धारा 49(8) के तहत आगामी आदेश तक शशिकांत द्विवेदी को संघ के बोर्ड के समस्त अधिकारों के प्रयोग हेतु अधिकृत किया गया है।

यह आदेश 3 फरवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर एवं कार्यालयीन मुहर के साथ जारी किया गया।

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी हार्ड-कोर माओवादी ने किया सरेंडर

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी हार्ड-कोर माओवादी ने किया सरेंडर

 सुकमा।  मलकानगिरी पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ नक्सल संगठन का एक हार्ड-कोर माओवादी आज हथियारों के साथ मलकानगिरी पुलिस अधीक्षक के समक्ष सरेंडर कर गया।

सरेंडर करने वाले माओवादी की पहचान शुक्राम मड़कम के रूप में हुई है, जो कांगेरघाटी एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था। उसके सिर पर शासन द्वारा 21 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, सरेंडर के दौरान शुक्राम मड़कम ने संगठन में उपयोग होने वाली एक मॉडर्न SLR बंदूक, 12 ज़िंदा कारतूस, दो लैंडमाइन, कोडेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर, दवाइयाँ, नक्सली वर्दी तथा प्रोपेगैंडा पर्चे पुलिस को सौंपे।

बताया गया है कि शुक्राम मड़कम छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले और ओडिशा के मलकानगिरी जिले के मथली थाना क्षेत्र के दलदली और सीमावर्ती इलाकों में हुई कई हिंसक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है।

 

 
CG - चूहा खा गए 7 करोड़ का धान, अब घोटाले में प्रशासन का बड़ा एक्शन, DMO निलंबित

CG - चूहा खा गए 7 करोड़ का धान, अब घोटाले में प्रशासन का बड़ा एक्शन, DMO निलंबित

 कवर्धा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की मियाद दो दिनों के लिए बढ़ाई गई है. इस बीच कवर्धा में धान पर अजब गजब बयान देने वाले डीएमओ अभिषेक मिश्रा पर बड़ी कार्रवाई हुई है. उन्होंने कवर्धा में 7 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज केस में यह बयान दिया था. इस मामले में 3 फरवरी 2026 को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक जानकारी देने के आरोप में की गई है. निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. आदेश की कॉपी बुधवार को जारी हुई है.

7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा केस

यह पूरा मामला 7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. जब मीडिया ने धान शॉर्टेज को लेकर डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने इसका कारण मौसम की मार, चूहा और दीमक द्वारा धान खाये जाने को बताया. उन्होंने यह बयान 7 जनवरी 2026 को दिया. इस बयान के बाद मामला और तूल पकड़ लिया. सोशल मीडिया से लेकर प्रदेशभर में इस बयान की तीखी आलोचना हुई. कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इसके बाद प्रबंध संचालक रायपुर द्वारा यह मानते हुए कि डीएमओ ने मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

CG : पति ने धारदार हथियार से की पत्नी की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या, फैली सनसनी

CG : पति ने धारदार हथियार से की पत्नी की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या, फैली सनसनी

 जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के दंतेश्वरी वार्ड में मंगलवार बुधवार मध्यरात्रि लगभग 2:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आपसी विवाद के चलते एक बुजुर्ग पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी, इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतकों की पहचान तारा सिंह और पत्नी विजय कौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच रोज़ाना आपसी विवाद और लड़ाई होती थी। बीती रात भी दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर पति तारा सिंह ने धारदार हथियार से पत्नी पर वार किया, जिससे मौके पर ही विजय कौर की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद पति दूसरे कमरे में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

ब्रेकिंग : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी 9 बड़े फैसले

ब्रेकिंग : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी 9 बड़े फैसले

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

रायपुर। 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।

3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

CG BREAKING : नक्सल-डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं अमित शाह, लेंगे हाईलेवल मीटिंग

CG BREAKING : नक्सल-डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं अमित शाह, लेंगे हाईलेवल मीटिंग

 रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और 8 फरवरी रविवार को राज्य में नक्सलवाद की स्थिति को लेकर एक हाईलेवल बैठक लेंगे। इसके बाद वे बस्तर रवाना होंगे, जहां पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब केंद्र सरकार द्वारा तय की गई नक्सलवाद समाप्ति की 31 मार्च 2026 की समयसीमा नजदीक आ चुकी है। इस डेडलाइन का ऐलान खुद केंद्रीय गृहमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर किया था। इससे पहले वे 4 अक्टूबर 2025 को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होने बस्तर पहुंचे थे।

नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और अब डेडलाइन में करीब दो महीने का समय शेष है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा नक्सल विरोधी अभियानों की आगे की दिशा और रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रायपुर में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक को 31 मार्च की समयसीमा से पहले की अंतिम सुरक्षा समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे ऑपरेशनों की प्रगति और खुफिया सूचनाओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से बस्तर संभाग में संचालित एंटी-नक्सल अभियानों की समीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा रहेगा।

रायपुर : ठाकरे परिसर में भाजयुमो की महत्वपूर्ण बैठक आज

रायपुर : ठाकरे परिसर में भाजयुमो की महत्वपूर्ण बैठक आज

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता युवा मोर्चा की आवश्यक बैठक आज बुधवार काे होने वाली है। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की मौजूदगी में होगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल होंगे।

बैठक में भाजयुमो की आगामी कार्ययोजना पर रणनीति बनेगी। साथ ही केंद्रीय बजट को लेकर मिली जिम्मेदारी की रणनीति तय की जाएगी। प्रदेशभर के भाजयुमो के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। यह बैठक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दोपहर 12 बजे होगी।

कैबिनेट बैठक के बाद जशपुर दौरे पर जाएंगे सीएम साय, बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

कैबिनेट बैठक के बाद जशपुर दौरे पर जाएंगे सीएम साय, बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर जाएंगे। जहां वे सुबह 11 बजे से कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे तक विभागीय बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3:10 बजे पुलिस लाइन हेलीपेड से अपने निज निवास जशपुर के बगिया के लिए प्रस्थान करेंगे रात्रि वहीं विश्राम करेंगे।

बता दें कि, आज सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। नवा रायपुर के महानदी भवन (सूचना मंत्रालय) में कैबिनेट बैठक निर्धारित है। इस बैठक में जनहित के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में आगामी बजट सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

 इसके साथ ही आबकारी नीति, शिक्षा संस्थान स्थापना, आईटी स्टार्टअप्स और उद्यमिता केंद्रों पर अनुमोदन हो सकते हैं। राज्योत्सव, धान खरीदी, श्रमिक हित और अन्य नीतिगत मुद्दों पर भी मंथन संभावित है।

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक श्री सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सजी 16 टीमें ले रही हिस्सा

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे।  साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है।

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष  महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव  रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष  रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव  हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति  सूर्यकांत राठौर, राहुल कौशिक और  विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।

इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा

रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।

धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था….

धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।