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ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में इस दिन से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, वित्त मंत्री ओपी ने कहा- नई थीम और नए विजन के साथ आएगा बजट

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में इस दिन से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, वित्त मंत्री ओपी ने कहा- नई थीम और नए विजन के साथ आएगा बजट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का 23 जनवरी से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 जनवरी को सदन के पटल पर अपनी सरकार के तीसरे बजट को पेश करेंगे। आगामी बजट सत्र को लेकर मंत्री ओपी ने बताया कि यह उनकी सरकार का तीसरा बजट होगा, जो नई थीम और नए विजन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि बजट की रणनीति 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। 2047 के लॉन्ग टर्म प्लान और शॉर्ट टर्म प्लानिंग के तहत बजट में स्पष्ट रोडमैप देखने को मिलेगा।

बजट को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पूर्व में राजीव गांधी योजना के तहत चार किस्तों में राशि दी जाती थी, जबकि भाजपा सरकार हर साल उससे अधिक राशि दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पांच वर्षों में जितनी राशि नहीं दे पाई, उससे अधिक उनकी सरकार दे रही है। हर वर्ष 8000 करोड़ रुपए माता-बहनों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है। सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है, जो विपक्ष को स्वीकार नहीं हो रहा।

राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही, राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और पूर्व में प्रस्तावित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्य मंच पर भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की पावन भूमि सदियों से तप, त्याग और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाला राजिम अपनी आध्यात्मिक गरिमा के कारण विशेष स्थान रखता है।

महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं, जिनका संदेश आज के युग में संतुलन और समर्पण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाया जाएगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है और इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति थी।a

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर आस्था, परंपरा और शौर्य का दिखा अद्भुत संगम

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर आस्था, परंपरा और शौर्य का दिखा अद्भुत संगम

 रायपुर। राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प के अंतिम दिवस महाशिवरात्रि पर आस्था, परंपरा और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। नागा साधुओं और विभिन्न अखाड़ों के संतों ने संत समागम स्थल से सुबह 7 बजे ऐतिहासिक शाही शोभायात्रा निकाली। राउत नाचा, डीजे धुमाल, नगाड़ों की गूंज, जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली यह शोभायात्रा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

शोभायात्रा संत समागम स्थल से प्रारंभ होकर श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीछे मार्ग से नेहरू बाल उद्यान, राजिम पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चौक, गौरवपथ और वीआईपी मार्ग होते हुए मेला परिसर स्थित शाही कुंड पहुंची। मार्ग में राजिम और नवापारा के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुष्पवर्षा कर संतों का भव्य स्वागत किया गया। सुसज्जित पालकियों, शाही बग्घियों और घोड़ों पर सवार संतों की गरिमामयी उपस्थिति ने शोभायात्रा को अलौकिक स्वरूप दिया। नागा बाबाओं ने तलवार, फरसा और अन्य अस्त्र-शस्त्रों के साथ शौर्य प्रदर्शन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। अखाड़ों की परंपरागत युद्धकला और अनुशासन का प्रदर्शन देखते ही बन रहा था।शाही कुंड पहुंचकर नागा साधुओं ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया और जयघोष के बीच कुंड में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, राजिम विधायक रोहित साहू और अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी ने भी नागा साधुओं के साथ शाही स्नान किया।

शाही शोभायात्रा में श्री पंच दशनामी सन्यासी अखाड़ा, अखिल भारतीय पंच रामानंदी वैष्णव अखाड़ा सहित विभिन्न अखाड़ों और पंथों के संत शामिल हुए। विदेशी पर्यटकों ने भी इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया। विभिन्न देशों से पहुंचे विदेशी पर्यटक इस दृष्य को अपने कैमरे में कैद करते दिखे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच पूरा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

  0-अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता -मुख्यमंत्री 

0-कोसमनारा में सामुदायिक भवन विस्तार हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा 

 रायपुर- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ?3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ?10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ?50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है।समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक श्री संदीप साहू, जैजैपुर विधायक श्री बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद श्री लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, श्री डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश का एक वर्ष: सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर जनता की मुहर — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश का एक वर्ष: सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर जनता की मुहर — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री  साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर  जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की  चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।

CG : मुंगेली की बेटी सुप्रिया ठाकुर बनीं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, ऑल इंडिया रैंक-4 से रचा इतिहास

CG : मुंगेली की बेटी सुप्रिया ठाकुर बनीं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, ऑल इंडिया रैंक-4 से रचा इतिहास

मुंगेली। मुंगेली जिले के ग्राम टेढ़ाधौरा की रहने वाली सुप्रिया ठाकुर का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है। सुप्रिया का चयन SSC (W) Tech-66 Entry के माध्यम से हुआ और उन्हें 17 एसएसबी बोर्ड, बेंगलुरु से रिकमेंडेशन मिला।

खास बात यह रही कि उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स वैकेंसी में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सुप्रिया ने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हायर सेकेंड्री स्कूल, तारबहार, बिलासपुर से स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके बाद चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की

वे एनसीसी ‘C’ सर्टिफिकेट धारक हैं और इसी दौरान सेना के संपर्क में आने से उनके भीतर देशसेवा का सपना और मजबूत हुआ। बचपन से सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाली सुप्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और भाई को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।

उनके पिता वैदेही शरण सिंह श्रीनेत और माता संतोषी सिंह श्रीनेत मूल रूप से टेढ़ाधौरा के निवासी हैं, जबकि सुप्रिया की पढ़ाई बिलासपुर में हुई। उनकी इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बधाई दी है।

मुंगेली की यह बेटी अब ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण लेकर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देशसेवा का संकल्प पूरा करेंगी और यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और बड़े सपनों के दम पर गांव से निकलकर भी देश की शान बना जा सकता है।

 
 
CRIME : 14 वर्षीय किशोर की हत्या, चचेरा भाई ही निकला कातिल, बताई जा रही यह वजह

CRIME : 14 वर्षीय किशोर की हत्या, चचेरा भाई ही निकला कातिल, बताई जा रही यह वजह

 सूरजपुर। जिले में 14 वर्षीय मासूम की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना से पूर्व परिवार वाले घंटों उसकी खोजबीन करते रहे, वहीं उसकी मौत की खबर खुद उसके मोबाइल से आई कॉल ने दी। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी घर से जुड़ा उसका चचेरा भाई ही निकला। जमीन विवाद की रंजिश ने चचेरे भाई ने रिश्ते का ही गला घोंट दिया।

रहस्मयी फोनकॉल ने बढ़ाई दहशत
11 फरवरी की शाम महोरा गांव में अचानक अफरा-तफरी मच गई। लालसाय के मामा मंगलसाय के फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल करके कहा कि 14 साल के लालसाय की हत्या कर दी गई है और उसका शव गहुआ भादा जंगल में पड़ा है। यह सुनते ही परिजन और गांव के लोग जंगल पहुंचे, लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे सका

अगले दिन जंगल में मिला शव
12 फरवरी की सुबह दोबारा खोज शुरू हुई। इस बार गहुआ भादा जंगल से पुल भादा की ओर जाने वाले पगडंडी रास्ते के किनारे लालसाय का शव मिला। उसके गले पर गहरे वार के निशान थे और पहली नजर में ही यह साफ हो गया कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।

जमीन विवाद पर पुलिस की नजर
परिजनों ने पुलिस को बताया कि परिवार में लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने इस एंगल से जांच तेज की। शक की सुई परिवार के ही एक सदस्य देवसाय पण्डो उर्फ देवान पर जाकर टिक गई। उसे हिरासत में लेकर जब पूछताछ हुई तो पूरा सच बाहर आ गया।

कातिल निकला चचेरा भाई
पूछताछ में देवसाय ने स्वीकार किया कि उसी ने लालसाय की हत्या की। उसने बताया कि 11 फरवरी को वह लालसाय को बहाने से पुल भादा जंगल ले गया था। वहीं दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में उसने टांगी से लालसाय के गले पर वार किया। चोट लगने के बाद लालसाय जान बचाकर भागा, लेकिन गहुआ भादा की ओर जाकर गिर पड़ा। देवसाय ने उसका पीछा किया और दोबारा वार कर उसकी हत्या कर दी।

गुमराह करने के लिए खुद मामा को किया फोन
हत्या के बाद आरोपी ने लालसाय के मोबाइल से उसके मामा को वही कॉल किया, जिसमें मौत की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उसने शक से बचने के लिए मोबाइल को तोड़कर उसकी बैटरी और सिम झाड़ियों में फेंक दिए। इतना ही नहीं, अगले दिन वह खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर लालसाय की तलाश करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का कीपैड मोबाइल, टूटा हुआ सिम कार्ड, बैटरी और हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी बरामद कर ली है। देवसाय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान बॉर्डर से 200 मीटर दूर गांव से हेरोइन सप्लाई का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ड्रोन के जरिए होती थी सीमापार तस्करी…

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान बॉर्डर से 200 मीटर दूर गांव से हेरोइन सप्लाई का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ड्रोन के जरिए होती थी सीमापार तस्करी…

 बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस को नशीले पदार्थों के सप्लायर मास्टरमाइंड को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है. बिलासपुर पुलिस ने पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 34 ग्राम हेरोइन बरामद की थी. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पंजाब के तरनतारन जिले से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस गांव से आरोपी पकड़ा गया है, वह भारत-पाक सीमा से महज 200 मीटर दूर है. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में नशीले पदार्थ गिराए जाते हैं, जिन्हें बाद में अलग-अलग राज्यों में खपाया जाता है. इसी नेटवर्क के जरिए बिलासपुर तक हेरोइन पहुंच रही थी.

कुछ दिन पहले चकरभाठा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों से 34 ग्राम हेरोइन जब्त की गई थी. गिरफ्तार आरोपियों में मोहित हिंदूजा (32), करन दीप सिंह (29) और आर. रजिंदर कुमार (35) शामिल थे. पूछताछ में खुलासा हुआ था कि करन दीप सिंह दूसरे राज्य से मादक पदार्थ लाकर मोहित हिंदूजा को देता था, और अपने साथी रजिंदर कुमार के साथ मिलकर ऊंचे दामों पर बेचता था. तीनों आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही थी.

पंजाब कनेक्शन: मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

विवेचना के दौरान पुलिस को हेरोइन सप्लाई चेन का अहम सुराग मिला. इसके बाद टीम पंजाब के तरनतारन जिले पहुंची और थाना खेमकरण क्षेत्र से मुख्य तस्कर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे (63) को गिरफ्तार किया. आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है और अलग से एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस टीम आरोपी को ट्रेन के जरिए बिलासपुर ला रही है. बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र से आरोपी पकड़ा गया है, वह अंतरराष्ट्रीय सीमा से बेहद करीब है. जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नशीले पदार्थ गिराए जाते हैं, जिन्हें बाद में देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता है.

होली से पहले सख्ती, सूखे नशे पर फोकस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, होली पर्व को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है. शराब और गांजा के साथ-साथ ‘सूखे नशे’ यानी हेरोइन व सिंथेटिक ड्रग्स पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. आशंका है कि त्योहार से पहले बड़ी खेप बिलासपुर पहुंच सकती है, जिसे आयोजनों और पार्टियों में खपाने की कोशिश हो सकती है. पुलिस संदिग्धों पर नजर रख रही है और लगातार पूछताछ व निगरानी अभियान चला रही है. अधिकारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी.

ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा आरोप

मामले में सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पंजाब से मुख्य सप्लायर की पहचान हुई. हमारी टीम ने तरनतारन जिले के खेमकरण क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया है, और उसे ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है. पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.

छत्तीसगढ़ भाजपा की बड़ी बैठक कल,नई टीम के गठन के बाद पहली अहम बैठक

छत्तीसगढ़ भाजपा की बड़ी बैठक कल,नई टीम के गठन के बाद पहली अहम बैठक

 रायपुर – छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश टीम के गठन के बाद कल एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों की भागीदारी रहेगी। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय मौजूद रहेंगे बैठक के दौरान संगठनात्मक मजबूती, आगामी रणनीति और पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वहीं, 17 फरवरी को आयोजित होने वाले महा प्रशिक्षण कार्यक्रम और सदस्यता प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों पर भी मंथन होगा।

 
रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल

रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल

 ₹220 करोड़ की शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन योजना को शीघ्र स्वीकृति देने हेतु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

नई दिल्ली/ रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्याओं के निपटारे और बाढ़ के बढ़ते खतरे से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ₹220 करोड़ के व्यापक ‘शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम’ (Urban Flood Risk Management Program) को सैद्धांतिक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

अग्रवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर शहर के लिए इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत ₹220 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव NDMA को प्रस्तुत किया गया था। 10 नवंबर 2025 को जारी नवीन दिशानिर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए गए, जिसे 23 जनवरी 2026 को राज्य कार्यकारी समिति से विधिवत स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।

तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) द्वारा दिए गए सभी सुझावों एवं टिप्पणियों का समाधान करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित संशोधित प्रस्ताव पत्र क्रमांक 504/पीडब्ल्यूडी/एनएनआर/2026 के माध्यम से पुनः प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद अंतिम स्वीकृति लंबित है।

बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, रायपुर के तेजी से होते शहरीकरण के कारण यहाँ का ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर (निकासी व्यवस्था) पीछे छूट गया है, जिससे मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। भाठागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और अवंती विहार जैसे निचले इलाकों के निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जहाँ भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।

बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, “जुलाई 2025 में, रायपुर में 33 घंटों के भीतर 103 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी और प्रमुख चौराहे ठप हो गए थे। यह फंड शहर के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहर में कहीं भी जलभराव न हो!”

यह नया ₹220 करोड़ का कार्यक्रम बुनियादी ढांचे की इन कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें अस्थायी मरम्मत के बजाय एक वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया गया बाढ़ प्रबंधन तंत्र विकसित किया जाएगा जो अत्यधिक भारी बारिश को झेलने में सक्षम होगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र को मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और बाढ़ की गंभीर समस्या से बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं।

यह पहल श्री अग्रवाल की दूरदर्शिता, जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और राजधानी रायपुर के सुरक्षित एवं सतत विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन से न केवल नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 झरिया यादव महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय: मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा, 11.75 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

रायपुर - मजबूत समाज से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। सामाजिक समरसता, जागरूकता और सामूहिक चिंतन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खारीझरिया में आयोजित झरिया यादव महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री  साय ने खारीझरिया में मंगल भवन एवं सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ऐसे महासम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए समाज के प्रबुद्धजनों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास कर रही है। आज प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय संचालित हैं तथा प्रदेश में मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे महत्वपूर्ण संस्थान उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी निरंतर स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यादव समाज की गौसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज के रूप में समाज ने सदियों से गौवंश संरक्षण और सेवा का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री  साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है तथा होली पर्व से पूर्व अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी।वनवासी परिवारों के हित में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

*11.75 करोड़ के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में 11 करोड़ 75 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 9 करोड़ 42 लाख 48 हजार रुपये की लागत के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार रुपये की लागत के एक विकास कार्य का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में झरिया यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री जगनिक यादव सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर-  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने अघोरेश्वर के प्रिय शिष्य पूज्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन कर स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा हमारी सबसे बड़ी धरोहर है और अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यहाँ आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और नैतिक दिशा प्रदान करती है, जो जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की भावना पहुँचाना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान, सभापति  डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक  विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

रफ्तार का कहर: रायपुर में ट्रक की चपेट में आने से श्रमिक की मौत, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

रफ्तार का कहर: रायपुर में ट्रक की चपेट में आने से श्रमिक की मौत, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

रायपुर। राजधानी के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। अविनाश लॉजिस्टिक पार्क के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार श्रमिक को अपनी चपेट में ले लिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मजदूर ने दम तोड़ दिया। इस हादसे ने न केवल वृद्ध माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी छीन ली, बल्कि तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी हटा दिया।
महाशिवरात्रि पर सीएम साय ने बाबा धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

महाशिवरात्रि पर सीएम साय ने बाबा धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 रायपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है।

इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

भकुर्रा महादेव की महिमा अपरंपार महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, बोल बम के जयघोष से गूंज उठा भूतेश्वर धाम

भकुर्रा महादेव की महिमा अपरंपार महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, बोल बम के जयघोष से गूंज उठा भूतेश्वर धाम

 गरियाबंद। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मरोदा स्थित भूतेश्वर नाथ महादेव धाम में आज सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। देर रात गुलाल और फूलों से शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसके बाद भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना की।

राज्य के सबसे शिवधामों में शामिल भूतेश्वरनाथ में एक दिन पूर्व से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। आज शिवालय से बाबा भूतेश्वरनाथ की भव्य पालकी निकाली जाएगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी हुई हैं और भक्त बेलपत्र, दूध और जल से अभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।

श्रद्धालु ऋषिकांत मोहरे ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कहा,

“भूतेश्वर नाथ महादेव के दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति मिलती है। मैं हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यहां आकर जलाभिषेक करता हूं। बाबा के दरबार में जो भी सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इस बार भी पूरे परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की है। यहां का दिव्य वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य अपने आप में अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति देता है।”उन्होंने आगे कहा कि इतनी विशाल स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन करना अपने आप में सौभाग्य की बात है और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं भी सराहनीय हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन लाभ मिल रहा है।

अर्धनारीश्वर स्वरूप और बढ़ती ऊंचाई का रहस्य

भूतेश्वरनाथ महादेव को ‘भकुर्रा महादेव’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग को  अर्धनारीश्वर का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग के पीछे भगवान शिव की प्रतिमा में माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय और नंदी विराजमान हैं।

इस स्वयंभू शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतर बढ़ती ऊंचाई है, जो आज भी शोध का विषय बनी हुई है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1978 में इसकी ऊंचाई लगभग 48 फीट थी, जो 1987 में 55 फीट, 1996 में 62 फीट और 2022 में लगभग 72 फीट तक पहुंच चुकी है। लगभग 210 फीट के गोलाकार विस्तार वाला यह शिवलिंग विश्व के विशालतम प्राकृतिक शिवलिंगों में गिना जाता है।

‘भकुर्रा महादेव’ नाम की कथा

आजादी से पहले यह पूरा क्षेत्र घने जंगलों से आच्छादित था। चरवाहे यहां मवेशी चराने आते थे। उस समय शिवलिंग मात्र तीन फीट ऊंचा था। मान्यता है कि गौवंश इस पत्थर के चारों ओर मंडराते थे और जंगल में सांड के ‘भकुर्राने’ (रंभाने) की ध्वनि सुनाई देती थी। जब शिवलिंग का आकार बढ़ने लगा तो लोगों को इसके चमत्कारिक स्वरूप का आभास हुआ और नंदी के भकुर्राने की कथा के कारण इसका नाम ‘भकुर्रा महादेव’ प्रचलित हो गया।

 गिरिवन से गरियाबंद तक आस्था की यात्रा

गरियाबंद का यह समूचा क्षेत्र पर्वत और वनों से आच्छादित रहा है, जिसे प्राचीन काल में ‘गिरिवन’ कहा जाता था। भूमि, अग्नि, आकाश, वायु और जल—इन पंचभूतों के स्वामी भगवान शिव यहां भूतेश्वरनाथ के रूप में विराजमान हैं। हरे-भरे प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थित यह धाम शिवभक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिनों तक मड़ई-मेला का आयोजन किया जाता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जन-आस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

 व्रत, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक की परंपरा

मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन वैदिक मंत्रों के जाप के साथ जलाभिषेक और व्रत-पूजन करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। सावन में कांवरिए यहां जल चढ़ाने का बेसब्री से इंतजार करते हैं, वहीं आज महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु रुद्राभिषेक और विशेष पूजन में भाग ले रहे हैं।

कहा जाता है कि भूतेश्वरनाथ महादेव के दर्शन मात्र से कष्ट दूर होते हैं और सच्चे मन से मांगी गई मुराद अवश्य पूर्ण होती है। यही आस्था हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि का कारण बन रही है।

महाशिवरात्रि के इस पावन दिन गरियाबंद का मरोदा गांव भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है—जहां हर ओर गूंज रहा है…

“बोल बम! हर-हर महादेव!” 

Rajim Kumbha Kalpa 2026 : आज राजिम कुंभ के समापन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

Rajim Kumbha Kalpa 2026 : आज राजिम कुंभ के समापन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गरियाबंद जिले के राजिम में आयोजित राजिम कुंभ (कल्प) के समापन समारोह में शामिल होंगे। समापन कार्यक्रम पूज्य संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शाही स्नान के साथ विशाल शोभायात्रा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

उल्लेखनीय है कि राजिम, महानदी, पैरी और सोंढूंर नदियों के त्रिवेणी संगम के समीप स्थित छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र हरिहर धाम के रूप में विख्यात है, जहां राजीवलोचन (विष्णु) और कुलेश्वर (शिव) का संयुक्त धाम स्थित है। लोकविश्वास है कि यह संगम प्रयाग के समान पवित्र है, जहाँ पर्वस्नान, दान, तर्पण और पिण्डदान जैसे संस्कारगत धार्मिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाला यह मेला सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जिसे अब राजिम कुंभ (कल्प) के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। मेले के दौरान देशभर से नागा साधु-सन्यासी, विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत, महामण्डलेश्वर तथा अन्य धर्माचार्य राजिम पहुंचते हैं। इस अवधि में यज्ञ, धर्म-प्रवचन, भजन-कीर्तन और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं।

सफलता केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं : स्कूल शिक्षा मंत्री यादव

सफलता केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं : स्कूल शिक्षा मंत्री यादव

 दुर्ग। भिलाई में वृहद स्तर पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग तथा संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। मेला संस्थान के आर-2, कोहका भिलाई परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें 3000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। युवाओं को रोजगार मेले के माध्यम से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार पाने का अवसर प्रदान किया गया।

मेले में 25 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लेकर अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए और विभिन्न पदों के लिए चयन प्रक्रिया प्रारंभ की। बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने का प्रयास किया। यह पहल क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

रोजगार मेले को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दो दिवसीय इस आयोजन से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सफलता केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। यह आयोजन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि यह पूरे संभाग के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। पढ़ाई पूरी कर चुके और अध्ययनरत छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मेले में पहुंचे। उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिनों में हजारों युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। कलेक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय सेवा में आने से पूर्व उन्होंने निजी क्षेत्र में कार्य किया है और पहला रोजगार मिलने की खुशी विशेष होती है। प्रत्येक नौकरी नया अनुभव देती है, जो भविष्य में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करता है। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी, डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव, रोजगार अधिकारी राजकुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में युवा एवं निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां उपस्थित थे।

बस्तर पर्यटन ने भरी नई उड़ान, वर्षों से लंबित योजनाओं को मिली गति

बस्तर पर्यटन ने भरी नई उड़ान, वर्षों से लंबित योजनाओं को मिली गति

 रायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएँ थीं, वहाँ अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
प्रमुख स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। साथ ही, पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सूचना केंद्र एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्यों से इन स्थलों की भव्यता और बढ़ी है।
टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और डिजिटल पहल
जगदलपुर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम बनाया गया है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर
पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियों और होम-स्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोटा और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा
बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक स्थलों से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे देश-विदेश के पर्यटक बस्तर की अनूठी परंपराओं से परिचित हो रहे हैं।
दीर्घकालीन मास्टर प्लान पर कार्य
पर्यटन विभाग द्वारा बस्तर के समग्र विकास हेतु दीर्घकालीन मास्टर प्लान के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में पहल जारी है। स्थानीय नागरिकों, पर्यटन व्यवसायियों और आगंतुकों ने इन विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
बस्तर का पर्यटन क्षेत्र अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास की इस पहल से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

राजिम कुंभ कल्प 2026: महाशिवरात्रि पर निकलेगी नागा साधुओं की शोभायात्रा, शाही स्नान के साथ होगा समापन

राजिम कुंभ कल्प 2026: महाशिवरात्रि पर निकलेगी नागा साधुओं की शोभायात्रा, शाही स्नान के साथ होगा समापन

राजिम :- राजिम  कुंभ कल्प मेला 2026 का समापन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शाही स्नान के साथ होगा। इस अवसर पर देश भर से आए नागा साधु, महामंडलेश्वर और दंडी स्वामी पारंपरिक वेशभूषा में भव्य शोभायात्रा निकालेंगे। सुबह 7 बजे से शुरू होने वाली यह यात्रा नवापारा और राजिम के प्रमुख मार्गों से होते हुए त्रिवेणी संगम पहुंचेगी, जहाँ संत समाज की पहली डुबकी के साथ आस्था का महापर्व संपन्न होगा।

राजिम कुंभ का शाही स्नान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का सबसे बड़ा आयोजन है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और ‘राजिम भक्तिन माता’ की इस पावन भूमि की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अखाड़ों का शौर्य और संतों का जयघोष

शोभायात्रा के दौरान नागा साधु अपने पारंपरिक हथियारों और शौर्य कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच रथों और घोड़ों पर सवार संत श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि संगम तट पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को सुगम दर्शन और स्नान का लाभ मिल सके।

शाही स्नान के लिए विशेष ‘स्वच्छ कुंड’

त्रिवेणी संगम पर शाही स्नान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नदी क्षेत्र में ऐसे कुंड तैयार किए गए हैं जहाँ स्वच्छ जल का निरंतर प्रवाह (Inlet-Outlet) बना रहेगा। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले नागा साधु संगम में डुबकी लगाएंगे, जिसके बाद अन्य संत और फिर आम श्रद्धालु स्नान करेंगे। मान्यता है कि संतों के स्नान के बाद प्रसाद स्वरूप बरसे फूलों को प्राप्त करना अत्यंत शुभ होता है।

कुलेश्वरनाथ महादेव का विशेष श्रृंगार

महाशिवरात्रि के अवसर पर संगम के बीचों-बीच स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है। प्रातः 3 बजे से ही मंदिर के पट खुल जाएंगे, जहाँ महादेव का विशेष श्रृंगार और अभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु संगम तट पर रेत से शिवलिंग निर्मित कर दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।

  • समय: शोभायात्रा प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ।
  • प्रमुख प्रतिभागी: नागा साधु, महंत, महामंडलेश्वर और विभिन्न अखाड़े।
  • विशेष व्यवस्था: घाटों पर रेत की बोरियों से सुरक्षित उतरने का मार्ग और बैरिकेडिंग।
  • दर्शन समय: कुलेश्वरनाथ मंदिर में प्रातः 3:00 बजे से अभिषेक शुरू।

शाही स्नान के बाद देर रात तक महाशिवरात्रि के विशेष अनुष्ठान चलेंगे। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम के गहरे पानी में न जाएं और निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें। शाही स्नान के साथ ही 15 दिवसीय इस कुंभ कल्प मेले का औपचारिक समापन हो जाएगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास रंग लाए: वनांचल के सुदूर टोलों में पहुंचेगी बिजली

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास रंग लाए: वनांचल के सुदूर टोलों में पहुंचेगी बिजली

 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हुई स्वीकृत

रायपुर । जंगलों के बीच बसे जिन टोलों ने पीढ़ियों तक अंधेरे को अपनी नियति मान लिया था, वहां अब उजाले की पहली किरण पहुंचने जा रही है।सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के तीन सुदूर ग्रामों में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार नियमित बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 6 लाख 92 हजार 670 रुपये की बड़ी स्वीकृति जारी की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से संभव हो पाई है।

सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मसंकी, बांक और असुरा के कई मजरा-टोले अब तक मुख्य विद्युत लाइन से कटे हुए थे। रात ढलते ही यहां घना अंधेरा छा जाता था और ग्रामीण ढिबरी या सीमित सोलर लाइट के सहारे जीवन यापन करने को विवश थे। बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कार्य और सामान्य जनजीवन अंधेरे की मार झेल रहा था। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ऊर्जा विभाग और राज्य स्तर पर पहल कर इन टोलों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया।

‘मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना’ के तहत स्वीकृत इस राशि से ग्राम मसंकी के लुकभुकिया और पतेरीपारा, ग्राम बांक के खासपारा और स्कूलपारा तथा ग्राम असुरा के खासपारा, पण्डोपारा और असुरा-1 में विद्युत विस्तार कार्य किया जाएगा। करोड़ों की लागत से होने वाला यह कार्य न केवल घरों को रोशन करेगा, बल्कि शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

सबसे बड़ी चुनौती वन भूमि की अनुमति थी। चूंकि संबंधित टोले घने जंगलों के बीच स्थित हैं, इसलिए विशेष स्वीकृति आवश्यक थी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर विभागीय स्तर पर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है और अब शीघ्र ही जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी घर अंधेरे में न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्युत सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों को अध्ययन में सुविधा मिलेगी, किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत होगी तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और लघु उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने पशुपालकों एवं बिहान दीदियों के साथ किया आधुनिक डेयरियों का भ्रमण

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने पशुपालकों एवं बिहान दीदियों के साथ किया आधुनिक डेयरियों का भ्रमण

 गुजरात के बनासकांठा की डेयरी क्रांति से सीख लेने पहुँचा छत्तीसगढ़ का दल

रायपुर । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री  केदार कश्यप ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बनासकांठा स्थित प्रसिद्ध दूधसागर डेयरी, बनास डेयरी एवं अमूल डेयरी का पशुपालकों एवं बिहान दीदियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने डेयरी की आधुनिक कार्यप्रणाली, तकनीकी नवाचारों और सहकारी मॉडल का विस्तृत अवलोकन किया।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को डेयरी के अधिकारियों द्वारा संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने डेयरी प्लांट, बायो-सीएनजी प्लांट, खाद्य तेल इकाई, आटा प्लांट तथा शेरपुरा डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को करीब से समझा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल अवलोकन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सीखकर छत्तीसगढ़ में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से सफल डेयरी मॉडल, दुग्ध संकलन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण तकनीक और विपणन व्यवस्था का गहन अध्ययन करने को कहा।

उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को संतुलित चारा विकास, उन्नत पशुपालन तकनीक, दुग्ध प्रसंस्करण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आय संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

वन, पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि डेयरी सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। यदि इस मॉडल को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से अपनाया जाए तो पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 

उल्लेखनीय है कि इस शैक्षणिक भ्रमण में 50 सदस्यीय दल ने उन्नत पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन सीखने के लिए भाग लिया है। जिसमें 25 पशुपालक एवं 25 बिहान (एनआरएलएम) समूह की दीदियाँ शामिल है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के साथ पूरे शैक्षणिक भ्रमण में उनके साथ शामिल हो रहे हैं।

 नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल

नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। 

मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, कृष्णा राय, पवन साय, भरत सिंह, अरविन्द प्रसाद साय, कपिल देव साय, सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

भाजपा की IT सेल की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 28 सदस्यों को सौंपी अलग-अलग जिम्मेदारियाँ

भाजपा की IT सेल की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 28 सदस्यों को सौंपी अलग-अलग जिम्मेदारियाँ

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई है. सह संयोजक, कार्यालय प्रभारी, सह कार्यालय प्रभारी, संभाग प्रभारी के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की नियुक्ति की गई है.

देखिए पूरी सूची…

CG : नहर के पास मिली युवती की सड़ी-गली लाश, 30 जनवरी से थी लापता

CG : नहर के पास मिली युवती की सड़ी-गली लाश, 30 जनवरी से थी लापता

 गरियाबंद। जिले के राजिम थाना क्षेत्र में सड़क किनारे नहर के पास एक युवती की सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ। पास जाकर देखने पर नहर किनारे झाड़ियों के पास युवती का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

राजिम थाना प्रभारी अमृत साहू के अनुसार घटना श्यामनगर-देवरी मार्ग की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में तेज बदबू आ रही थी। शनिवार सुबह बदबू के स्रोत की तलाश के दौरान ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई। प्रारंभिक जांच में शव की पहचान रायपुर के टिकरापारा निवासी चंचल साहू के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वह 30 जनवरी से बिना बताए घर से लापता थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट टिकरापारा थाने में दर्ज कराई थी।

CG BREAKING : कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर सीएम साय ने जताया शोक

CG BREAKING : कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर सीएम साय ने जताया शोक

 धमतरी।  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आज हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अर्जुनी थाना क्षेत्र के खपरी बायपास के पास हुआ। इस दुखद दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

राष्ट्रसेवा में समर्पित दिवंगत जवानों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायल जवान को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें। इस दुखद घड़ी में हमारी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

ॐ शांति!

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर सामने चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के तीन जवान और कार चालक शामिल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।