रायपुर- छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025-26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025-26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है। वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें। बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
0-खरीफ में उपार्जन के लिए 425 करोड़ रूपए मंजूर
रायपुर-प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में छत्तीसगढ़ को दलहन और तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन की अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के बीच हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खरीफ और रबी सीजन के लिए कुल 1 लाख 22 हजार मीट्रिक टन दलहन-तिलहन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। इसमें खरीफ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और रबी के लिए 72 हजार मीट्रिक टन शामिल हैं। फिलहाल केंद्र से खरीफ की फसलों के उपार्जन की अनुमति मिली है। इसके तहत अरहर 21 हजार 330 मीट्रिक टन, उड़द 25 हजार 530 मीट्रिक टन, मूंग 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन 4 हजार 210 मीट्रिक टन और मूंगफली 4 हजार 210 मीट्रिक टन का उपार्जन किया जाएगा। इन फसलों के उपार्जन पर कुल 425 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने मांग आने पर सोयाबीन और मूंगफली के लिए अतिरिक्त स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अरहर का समर्थन मूल्य 8000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8768 रूपए, उड़द का 7800 रूपए, मूंगफली का 7800 रूपए, सोयबीन का प्रति क्विंटल 5328 रूपए घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उपार्जन का कार्य राज्य में मार्कफेड के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों में 222 उपार्जन केंद्र पहले ही अधिसूचित कर दिए गए हैं। किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर लगातार जारी है। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वे नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से पंजीयन कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन का उपार्जन किसानों के हित में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ दाल एवं खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हित में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय कर लगातार काम कर रही है।
रायपुर। वीर बाल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ऐतिहासिक वीर बाल रैली में स्कूली विद्यार्थियों, छात्र-छात्राओं, एनसीसी, एनएसएस, खेल संघों एवं शौर्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। सात हजार से अधिक की संख्या में बच्चे हाथों में शौर्य का नारा लिए तख्तियां थामे, सिर पर केसरिया रुमाल बांधे हुए जब सड़कों पर निकले, तो रैली का दृश्य देखते ही बन रहा था।
रैली में विशेष रूप से सिक्ख समाज द्वारा मार्शल आर्ट गतका का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसमें राजवीर एवं उनकी टीम ने अद्भुत साहस और अनुशासन का परिचय दिया। इसके साथ ही मंच पर किक बॉक्सिंग, कराटे एवं अन्य शौर्य खेलों का भी प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई हरी झंडी
वीर बाल रैली को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने झंडी दिखाकर रवाना किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी, जिनकी आयु मात्र 9 और 7 वर्ष थी, उन्होंने आततायी मुगल शासक के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। धर्म की राह पर अडिग रहकर उन्होंने जिंदा दीवार में चुने जाने की शहादत स्वीकार की। उनकी शहादत हमें यह शिक्षा देती है कि धर्म के प्रति दृढ़ रहना और अधर्म का विरोध करना ही सच्चा साहस है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा की सराहना करते हुए कहा कि “अल्पसंख्यक आयोग समाज की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य करता आ रहा है। वीर बाल दिवस पर वीर बाल रैली एक अत्यंत सराहनीय पहल है, जिससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम और संस्कार विकसित होंगे।”

वीर बाल दिवस बच्चों में वीरता और राष्ट्रप्रेम का माध्यम : छाबड़ा
इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि “वीर बाल दिवस की घोषणा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2022 में की गई थी। छत्तीसगढ़ में भी इस दिवस को राष्ट्रभक्तों को नमन करते हुए भव्य रूप से मनाया जा रहा है। वीर बाल रैली एक सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा बच्चों में वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति के भाव उत्पन्न होंगे। बच्चे देश का भविष्य हैं, और जब वे देश के गौरवशाली इतिहास को जानेंगे, तभी एक सशक्त भारत का निर्माण होगा।”
वीर बाल दिवस समाज को जोड़ने वाला पर्व : साहिब
केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहिब ने अपने संबोधन में वीर बाल दिवस की महत्ता बताते हुए इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे समाज को एकजुट करने वाला पर्व बताया।

वरिष्ठ जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री बलदेव सिंह भाटिया, विधायक पुरंदर मिश्रा, भूपेंद्र सिंह सवन्नी हरमीत होरा इंदरजीत खालसा गगन हंसपाल जसप्रीत सलूजा सोनू सलूजा हरकिशन मनिंदर मिन्ने लवली अरोरा श्वेता अरोरा निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
वीर बाल रैली ने न केवल शौर्य, साहस और बलिदान की अमर गाथा को जीवंत किया, बल्कि आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, धर्मनिष्ठा और वीरता के संस्कार भी रोपित किए
0-'मनखे-मनखे एक समान' का विचार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला-मुख्यमंत्री
रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश मनखे-मनखे एक समान सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढिय़ों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मनखे-मनखे एक समान का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढिय़ों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है। समारोह को राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, सुश्री कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक एवं सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाते हैं। छात्र जीवन से ही वे स्वाधीनता आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और ब्रिटिश शासन के अन्याय व दमन के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्षरत रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके अमूल्य योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों -बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 22 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आने वाले हैं। जहां वे जांजगीर चांपा जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बता दें कि, ये कार्यक्रम साय सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
JP नड्डा दोपहर 12:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से जांजगीर के लिए रवाना होंगे, जहां वे पुलिस ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। नड्डा केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
कोरबा। जिले से बाप बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी के रिश्तेदार के घर जाने के बाद नाबालिग बेटी को अकेला पाकर उसके पिता की नियत बिगड़ गई और उसने अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पूरा मामला पसान थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम अमझर में आोरपी की पत्नी दबावपूर्वक संबंध बनाने की जिद से परेशान थी। वह अपने रिश्तेदार के घर गई थी। इस दौरान 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को घर में अकेली पाकर कलयुगी पिता की नियत बिगड़ गई। आरोपी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। पीड़िता ने घटना के बाद अपनी मां को रात में आपबीति सुनाई। सुबह पीड़िता और उसकी मां ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को नई तहसील मिलने वाली है. छत्तीसगढ़ सरकार ने नया रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में नवा रायपुर अटल नगर तहसील की सीमाएं स्पष्ट की गई हैं. साथ ही इस नई तहसील में 39 गांव शामिल होंगे, जिनके बारे में बताया गया है. वहीं, 60 दिनों के अंदर आपत्ति और सुझाव मंगाए गए हैं.
नवा रायपुर अटल नगर बनेगी नई तहसील
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है. यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 13 के तहत लाया गया है, जिसके जरिए तहसील की सीमाओं में परिवर्तन और नई तहसील के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 19 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में इस संबंध में अधिसूचना प्रकाशित की गई है. इस अधिसूचना के जरिए रायपुर जिले में एक नई तहसील गठित करने और उसकी सीमाएं निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा है.

चार तहसीलों से अलग होंगे गांव
नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने के लिए रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर- ये चार तहसीलों के गांवों को अलग किया जाएगा. प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत इन चारों तहसीलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर नई तहसील बनाई जाएगी. नई तहसील में कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल किए जाएंगे. इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर-18 (कंदुल) मंडल शामिल हैं. वहीं, इसमें 20 पटवारी हल्कों के कुल 39 गांव शामिल किए जाएंगे.
ये 39 गांव होंगे शामिल
नई तहसील में कुल 39 गांव शामिल किए जाएंगे. इनमें- पलौद, परसदा, सेंद्री, चिचा, बरौदा, कयाबांधा, नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी, कोटराभाठा, तेंदुल, छटौना, बेंद्री, निमोरा, उपरवारा, तुता, खंडवा, भेलवाडीह, पचेडा, चेरिया, पाऊटा, बंजारी, तेंदुआ, कुर्रू, नकट्टी, टेमरी
धरमपुरा, बनारसी, कंदुल और माना शामिल हैं.
बता दें कि सरकार ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति और सुझाव भी जनता से मांगे हैं. राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर को भेज सकता है.
कटघोरा। कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के ग्राम अमझर में एक सनसनीखेज मामला सामने आई है, जहां एक पिता पर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। जिसके बाद आरोपी की पत्नी अपनी नाबालिग बेटी को लेकर पुलिस के पास पहुंची। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति पत्नी पर जबरन दबावपूर्ण संबंध बनाने की जिद कर रहा था। जिससे परेशान होकर बुआ के घर चली गई थी, तब घर में अकेली बेटी को देख कर आरोपी की नियत बिगड़ गई और जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पीड़िता ने रात में फोन कर मां को अपने साथ हुए कृत की सूचना दी और सुबह दोनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पीड़िता को चिकित्सा और सुरक्षा सहायता दी जा रही है यह घटना इलाके में आक्रोश फैला रही है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में बीते कई दिनों से मारपीट-चाकूबाजी की वारदात सामने आ रही है। जिसमें लोग मामूली विवाद पर एक-दूसरे की जान लेने में उतर आते हैं। ऐसे ही एक मामला सामने आया है। जहां जूलुस में नाचने के दौरान विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया की युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। यहां गुरुवार रात जुलूस के दौरान नाचने लेकर हुए विवाद में 18 वर्षीय दिनेश निषाद सड्डू की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी पक्ष ने कहा “हमारे धुमाल में क्यों नाच रहे हो”, जो कहासुनी से हिंसक हमले में बदल गया और आरोपियों ने दिनेश निषाद पर चाकू से हमला कर दिया।
घटना के बाद दिनेश निषाद को गंभीर चोटें आईं, जिसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि, छह नाबालिगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से हादसे की एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां डीजल टेंकर और अल्टो कार से जबरदस्त भिड़ंत हो गई। जिससे की इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य लोग घायल हो गए। जिनमें से 1 की हालत नाजुक है।
जानकारी के अनुसार, घटना कटघोरा थाना के तानाखार नेशनल हाइवे 130 मुख्यमार्ग की है। बताया गया कि, कार सवार सूरजपुर से कटघोरा की ओर जा रहे थे और ओवरटेक करने की कोशिश में डीजल टेंकर और अल्टो कार में आपस टकरा गई। जिसमें कार में सवार 5 लोग जिसमे 1 की मौत 4 घायल, 1 की हालत नाजुक है। वहीं इस हादसे के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसे पुलिस ने हटाया ।
रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों से संपत्ति विवरण मांगा है। इन सभी अधिकारियों को 31 जनवरी तक जीएडी के स्पैरो पोर्टल में यह विवरण अनिवार्यता देना होगा। इसमें पत्नी / पति, बच्चों के नाम की संपत्ति की भी जानकारी देनी होगी।
जीएडी सचिव अविनाश चंपावत ने सभी राप्रसे अधिकारियों को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 19 (1) के तहत् अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसमें इस वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की अवधि में धारित वार्षिक अचल संपत्ति का विवरण नियत समयावधि 31 जनवरी 26 तक इस विभाग में ऑनलाईन स्पैरो पोर्टल ईपीएआर.सीजी.जीओवी.इन के माध्यम से अनिवार्यत: प्रस्तुत की जाय। इसके बाद सबमिशन लिंक बंद हो जाने की स्थिति में निर्धारित समयावधि पश्चात् अचल संपत्ति विवरण विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किये जाएंगे जिसके लिए स्वयं जिम्मेद्वार होंगे।
00 नए उद्योगों से बढ़ेगा रोज़गार के अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश आकर्षित नहीं कर रहा उन्हें तेज़ी से ज़मीन पर भी उतार रहा है। नवंबर 2024 से अब तक राज्य ने 18 क्षेत्रों में 27.83 लाख करोड़ रूपए के 219 निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर और एआई से लेकर सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल हैं। ये परियोजनाएँ राज्य के अन्य जिलों में फैली हैं, जिनसे 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे और यह पूरे राज्य में संतुलित विकास की ओर एक बड़ा संकेत है। नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रेस वार्ता में सी एस आई डी सी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सी एस आई डी सी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार मौजूद थे.
अब निवेश केवल रायपुर तक सीमित नहीं हैं। प्रश्तावित निवेशों की विशेष बात ये है कि हर 5 में से। निवेश (21 प्रतिशत) आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में हैं। 33 प्रतिशत रायपुर संभाग में और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में क्षेत्रीय विविधता ने मजबूती दी है। लगभग 50 प्रतिशत निवेश प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों में हैं जैसे सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पार्क वहीं सीमेंट और बिजली जैसे पारंपरिक उद्योग भी मजबूत बने हुए हैं। कुल निवेश प्रस्तावों में 57 परियोजनाएँ 1,000 करोड़ रूपए से अधिक की है और 34 परियोजनाएँ 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली हैं।
असल कहानी है तेज़ क्रियान्वयन की। 6.063 करोड़ रूपए की 9 बड़ी परियोजनाएँ चालू हो चुकी हैं, जिनसे उत्पादन शुरू हो गया है और 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएँ यानी लगभग आधी उन्नत चरण में हैं। ये या तो निर्माणाधीन हैं या भूमि आवंटन के बाद आगे बढ़ चुकी हैं। ये 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हैं और जल्द ही 87,132 रोजगार सृजित करेंगी। खास बात यह है कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएँ आतिथ्य एवं स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
प्रमुख परियोजनाएँ इस रफ्तार को साफ दिखाती हैं। पोलिमेटेक की 10,000 करोड़ रूपए से अधिक की सेमीकंडक्टर फेक्ट्री जो छत्तीसगढ़ की पहली हे को सिर्फ 45 दिनों में भूमि आवंटित हुआ और काम तेज़ी से शुरू हुआ। रेकबैंक का 1,000 करोड़ रूपए का एआई डेटा सेंटर पार्क- देश का पहला-अब लगभग पूरा होने वाला है। ड्रल्स का 625 करोड़ रूपए का पेट फूड विस्तार प्रोजेक्ट ट्रायल प्रोडक्शन में है और इससे 3,000 रोजगार मिलेंगे। वी-राइज़ का तीसरा भारत कार्यालय एक आईटी यूनिट निर्माणाधीन है। अल्ट्राटेक सीमेंट का 1,600 करोड़ रूपए का निवेश चालू हो चुका है। आदित्य बिड़ला समूह का 67.5 मेगावाट का सोलर प्लांट मई में शुरू हो गया। वहीं बस्तर में रापपुर स्टोन क्लिनिक का 350-बेड अस्पताल लगभग तैयार है, जिससे आदिवासी परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जो राज्य कभी मुख्य रूप से लोह और इस्पात के लिए जाना जाता था. वह अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर पार्क, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों का केंद्र बन रहा है। कंपनियाँ सिर्फ निवेश का निर्णय नहीं ले रहीं, बल्कि जल्द से जल्द काम शुरू करना बाहती हैं। हमारी सरकार हर उद्यमी के लिए व्यापार को आसान बनाने और हर चरण में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा, सुधारों ने विवेकाधिकार की जगह पारदर्शिता लाई है. जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका असर साफ दिखता है सरल प्रक्रियाएँ और बड़े पैमाने पर जमीन पर उतरती परियोजनाएँ। यह साबित करता है कि संवेदनशील शासन उद्योग को गति देता है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि हमारा फोकस यह सुनिश्चित करता है कि निवेश प्रस्ताव के बाद निवेशकों की गति न रुके। तेज़ भूमि आवंटन, डिजिटल स्वीकृतियों ओर बेहतर समन्वय से कंपनियों बिना देरी के इरादे से निर्माण तक पहुंच पा रही है।
इस तेज़ उछाल के पीछे कई अग्रणी सुधार हैं-132 स्वीकृतियों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण (दो जन विश्वास अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य), स्वचालित भूमि म्यूटेशन लागू करने वाला पहला राज्य; एफएआर और ग्राउंड कवरेज में वृद्धि और सेटबेक में कमी, डिजिटल भूमि विवरण (रजिस्ट्री. आरओआर, टैक्स बकाया, न्यायालय प्रकरण); लेआउट और भवन स्वीकृति के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर, 24ग7 संचालन और विस्तारित फायर एनओसी। इन सुधारों के चलते डीपीआईआईटी से चार श्रेणियों में 'टॉप अचीवर' की मान्यता मिली।
ये सभी पहल केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि गति, जवाबदेही और ज़मीनी परिणामों पर केंद्रित प्रशासनिक संस्कृति को दर्शाती हैं। निवेश की विविधता और क्रियान्वयन की रफ्तार एक बात साफ कर देती है-छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा, बल्कि वास्तविक परियोजनाएँ बना रहा है, वास्तविक रोजगार पैदा कर रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है।
रायपुर। पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
धान खरीदी प्रक्रिया में तुंहर टोकन ऐप ने किसानों के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। समय पर टोकन उपलब्ध होना, केंद्रों में व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत किया है। धमतरी जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं।
ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है ग्राम पोटियाडीह के किसान श्री नरेन्द्र कांकरिया की। श्री कांकरिया ने खरीफ मौसम में अपने 8 एकड़ 15 डिस्मिल रकबे में धान की खेती की। उन्हें तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले टोकन में 80 क्विंटल धान बेचने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त रही।
किसान श्री कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था, जिससे खेती के कार्य में सुविधा हुई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। ट्रैक्टर पर लिया गया ऋण अभी चल रहा है, जिसे वे इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से चुकाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया भुगतान करने की भी उनकी तैयारी है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुन: निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
श्री नरेन्द्र कांकरिया ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
धमतरी जिले में धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह शासकीय पहल किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त उदाहरण बन रही है।
00 14 विधाओं में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा, विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का मिलेगा मौका
00 उप मुख्यमंत्री साव ने किया पोस्टर का विमोचन
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में आगामी 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक आयोजित राज्य युवा महोत्सव-2025 में 3100 युवा भागीदारी करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला स्तरीय युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी 14 विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। राज्य युवा महोत्सव के विजेता प्रतिभागी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। 23 दिसम्बर को महोत्सव के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले प्रथम खेलो इण्डिया ट्रायबल गेम्स की लॉन्चिंग सेरेमनी भी होगी। तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं मंचीय कार्यक्रम भी होंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में राज्य युवा महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोडऩे, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में युवा महोत्सव का जिला स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक किया गया था। जिला स्तर पर 14 विभिन्न विधाओं के विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सेदारी करेंगे।
राज्य युवा महोत्सव में 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें 8 दलीय विधाएं और 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं।
राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमश: 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य युवा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की 5 विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में भागीदरी करेंगे।
राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (श्री अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे।
राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से सुश्री आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और कई विभागीय अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।
साढ़े सात एकड़ की खेती से संवर रहा परिवार का भविष्य
रायपुर--छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर सुदृढ़ धान खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा समय पर भुगतान से किसानों का खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ग्राम फेकारी के प्रगतिशील किसान श्री युगल किशोर साहू हैं, जिनकी मेहनत और शासन की नीतियों के समन्वय से परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है। दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी निवासी किसान श्री युगल किशोर साहू ने बताया कि वे लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेची, जिससे उन्हें संतोषजनक और सुरक्षित आय प्राप्त हुई। उनके चेहरे पर दिखती मुस्कान खेती से मिली आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की कहानी स्वयं बयां करती है। श्री साहू ने बताया कि खेती से प्राप्त आय का उपयोग वे परिवार के सामाजिक और घरेलू दायित्वों को पूरा करने में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आय से वे नए घर का निर्माण कार्य पूर्ण कर रहे हैं। साथ ही बच्चों के विवाह, छ_ी जैसे पारिवारिक आयोजनों का खर्च भी अब बिना किसी आर्थिक दबाव के आसानी से वहन कर पा रहे हैं। खेती में नवाचार और विविधीकरण की सोच को अपनाते हुए श्री युगल किशोर साहू केवल धान तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ वे चना, मटर और लाखड़ी (तिवड़ा) जैसी दलहन फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिल रही है और खेती का जोखिम भी कम हुआ है। किसान श्री युगल किशोर साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब धान की कहीं बेहतर कीमत मिल रही है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी से किसानों को सीधा और बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की इन नीतियों से किसान अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं।
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवा इंजीनियर की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल बाईपास पर गुरुवार की सुबह करीब दस बजे एक खाली मालवाहक ट्रक की तेज गति ने बाइक पर सवार एक एनएमडीसी कर्मचारी को अपनी चपेट में ले लिया.
हादसा इतना भयानक था कि युवक को मौके पर ही अपनी जान गंवानी पड़ी.
पुलिस के अनुसार, मृतक का नाम बी. धर्मा राव था, जो मात्र 30 वर्ष के थे. मूल रूप से ओडिशा के निवासी धर्मा राव हाल ही में कुछ महीनों से आड़ावाल इलाके में किराए के घर में रहते हुए एनएमडीसी में इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे.
वह अपनी ड्यूटी समाप्त कर बाइक पर घर लौट रहे थे, जब सामने से आते हुए अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार धक्का दे दिया. चश्मदीदों ने बताया कि ट्रक चालक की लापरवाही से वाहन की रफ्तार बेकाबू हो गई थी, जिसके चलते यह विपत्ति घटी.
घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट थाने की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया. थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जबकि मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है.
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास परिसर में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर बाबा गुरु घासीदास जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देकर पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें हर वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलता रहा है, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन मनाना उनके लिए विशेष आनंद और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऊँच-नीच और असमानता से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ—यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बाबा जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विगत 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं में शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की गई है और अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने युवाओं से सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की स्किलिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
समारोह में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में राजमहंत श्री बंशी लाल कुर्रे, श्री संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छत्तीसगढ़ के रायपुर समेत देश के करीब 30 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी है। जिसके बाद से कारोबारियों और निवेशकों में हड़कंप मच गया। यह मामला 2,434 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है, जिसमें CBI में दर्ज निवेशकों से रियल एस्टेट निवेश फंड के जरिए धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी मामले से जुड़ा है।
बता दें कि, ईडी की टीम ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, मुंबई, महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के बेंगलुरु में दबिश दी है। जबकि, अकेले मुंबई में करीब 20 ठिकानों पर ईडी की टीमें दबिश देकर एक साथ जांच कर रही है।
वहीं रायपुर, नासिक और बेंगलुरु में करीब 10 ठिकानों को खंगाला जा रहा है। इसमें जय कॉर्प लिमिटेड के निदेशक, उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन और उनकी सहयोगी कंपनियां और उनके व्यापारिक साझेदार इस रेड के दायरे में हैं।
सुकमा। कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।
यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।
कलेक्टर देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।
पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।
पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।
डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।
सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।
बीजापुर - छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ इंद्रावती क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाकों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ आज सुबह से जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है
इस सूचना के आधार पर बीजापुर जिला पुलिस की DRG टीम को इलाके में रवाना किया गया। सर्च अभियान के दौरान सुबह से DRG जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की खबर सामने आई है। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दुर्ग। भिलाई सुपेला थाना क्षेत्र में 12 दिसंबर को चंद्रा-मौर्या अंडर ब्रिज के पास नाले से बोरे में बंद एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस ने खुलासा किया कि मृतका का लिव-इन पार्टनर तुलाराम बंजारे ही हत्यारा है। उसके भाई और एक दोस्त की मदद से शव को नाले में फेंका गया था। तीनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए हैं।
पढ़िए हत्याकांड की खौफनाक कहानी
दुर्ग सुखनंदन राठौर के अनुसार, मृतका तुलाराम के साथ नगपुरा क्षेत्र में रहती थी। 11 दिसंबर को देर शाम दोनों ने शराब पी। रात में मामूली विवाद हो गया, जिसमें मृतका ने तुलाराम को थप्पड़ जड़ दिया। आक्रोशित तुलाराम ने दीवार पर मृतका का सिर दे दीवार से ठोक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
तुलाराम ने अपने भाई और दोस्त को बुलाया। तीनों ने शव को बोरे में बंद कर नाले में फेंक दिया। मृतका के नगपुरा चले जाने की झूठी कहानी गढ़ी गई। सात दिन बाद नाले से शव बरामद होने पर मृतका की भाभी ने टैटू के आधार पर शिनाख्त की। सुपेला पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पूरा राज खुल गया। सीएसपी क्राइम ने मामले की जानकारी दी।
बिलासपुर :- बिलासपुर न्यायधानी से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। 4 नवंबर को हुई गतौरा–लालखदान रेल हादसे में आज एक और घायल ने दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। आज जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उनका नाम तुलाराम अग्रवाल है। उनकी उम्र 62 वर्ष थी और वे आज़ाद नगर, बिल्हा, जिला बिलासपुर के निवासी थे। हादसे के बाद से ही वे एलाइट हॉस्पिटल में भर्ती थे, जहां आज इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
इलाज के दौरान मौत
परिजनों के मुताबिक, तुलाराम अग्रवाल 4 नवंबर से लगातार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जैसे ही मौत की खबर सामने आई, परिवार में कोहराम मच गया।मृतक के परिजनों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इस हादसे में रेलवे की घोर लापरवाही सामने आई है। उनका आरोप है कि हादसे के दिन ही उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई थी और तुलाराम अग्रवाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन रेलवे की ओर से न तो समुचित इलाज की व्यवस्था की गई और न ही सही तरीके से देखरेख हुई।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
परिजनों ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और जिम्मेदारी निभाई जाती, तो आज तुलाराम अग्रवाल की जान बच सकती थी। उन्होंने रेलवे से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, इलाज का खर्च और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि इलाज के दौरान मौत हुई है और मामले की जांच जारी है। वहीं, हादसे के इतने दिनों बाद भी लगातार मौतें होना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है।क्या पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?फिलहाल, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।





















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