रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र के आज तीसरे दिन सदन की कार्यवाही।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र के आज तीसरे दिन सदन की कार्यवाही।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य अनवरत रूप से जारी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी सुगमता पूर्वक की जा रही है। धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है
राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन
राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है ।
एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट
संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है ।
24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा “टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा “तुहर टोकन” एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं ।
किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान समर्थन मूल्य के तहत का किया जा चुका है ।
अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण
जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है । राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।
बिलासपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की नाराजगी का असर अब दिखने लगा है। अटैचमेंट को लेकर मंत्री से सीधे सवाल किया था। कोटा बीईओ पर जब उनका गुस्सा फूटा तो बीईओ बहोश होकर मीटिंग हॉल में ही गिर पड़े थे। बीईओ के बेहोश होने से संभाग के आधा दर्जन से ज्यादा शिक्षा विभाग के अफसरों ने राहत की सांस ली, चर्चा तो इस बात की भी हो रही है कि कोटा बीईओ अगर बेहोश नहीं हुए होते तो कई बीईओ अटैचमेंट के खेल में निपट गए होते। बहरहाल मंत्री की नाराजगी का असर अब जाकर दिखाई देने लगा है। कोटा ब्लाक से अटैचमेंट के खेल पर पूर्ण विराम लगाने की सरकार की तैयारी शुरू हो गई है।
मंत्री की नाराजगी का असर अब दिखाई देने लगा है। बिलासपुर शिक्षा संभाग मुख्यालय में अटैचमेंट के खेल पर पूर्ण विराम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। सबसे पहले नपने वालों में बिल्हा बीईओ दिखाई दे रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने अटैचमेंट को लेकर बिल्हा बीईओ से ही सबसे पहले जवाब-तलब किया था। लिहाजा जेडी और राज्य सरकार के निशाने पर बिल्हा बीईओ हैं। चर्चा इस बात की हो रही है कि राज्य सरकार के निर्देश के बाद भी नियम विरुद्ध तरीके से किए गए अटैचमेंट को समाप्त करने और बीईओ को नोटिस जारी करने किया जाएगा। मंत्री के संज्ञान में यह बात है कि बिलासपुर जिले के सभी चारों ब्लाकों में जमकर अटैचमेंट किया गया है। कोटा,बिल्हा,मस्तूरी और बिल्हा ब्लॉक में कमोबेश स्थिति एक जैसी है। चूंकि मंत्री के टारगेट पर सबसे पहले बिल्हा बीईओ आए लिहाजा पहली कार्रवाई पर उन पर होने की अटकलें लगाई जा रही है।
शोकॉज नोटिस की तैयारी
जिला शिक्षाधिकारी विज तांडे का कहना है कि अटैचमेंट को लेकर मंत्री की नाराजगी के बाद बिल्हा बीईओ से नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीईओ द्वारा जारी एक दर्जन से अधिक अटैचमेंट को रद्द किया जाएगा।
कोरबा में गजब का खेला
कोरबा जिले में डीईओ ने गजब कर दिया है। शिक्षक को पहले निलंबित किया। बहाली के बाद स्वास्थ्यगत कारणों को हवाला देते हुए मनचाहे स्कूल में पदस्थापना आदेश जारी कर दिया है। अचरज की बात कि युक्तियुक्तकरण के दौरान जिन स्कूलों में इन शिक्षकों की पदस्थापना की गई थी वहां भेजने के बाद पास के स्कूलों में अटैच कर दिया गया है। माना जा रहा है कि बिलासपुर के बाद कोरबा और फिर प्रदेश के अन्य जिलों में अटैचमेंट के खेल को बंद करने की तैयारी शासन स्तर पर शुरू हो गई है।
रायपुर: उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़वासी अभी कड़ाके की ठंड और शीत लहर का सामना कर रहे हैं। वहीं अब उनके लिए राहत भरी खबर आई है कि तापमान बढ़ने के साथ ही शीतलहर कमजोर पड़ने के आसार है यानी की उन्हें ठंड से राहत मिल सकती है, तो चलिए जानते हैं कि आपके जिले में आज का मौसम कैसा रहेगा (Aaj Ka Mausam Kaisa Rahega)।
मौसम विभाग (IMD) की माने तो छत्तीसगढ़ के मौसम में उतार-चढाव देखने को मिल सकती है। अगले चार दिनों में छत्तीसगढ़ के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक कि बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके कारण शीतलहर के कमजोर पड़ने के आसार है। वहीं लोगों को ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन इसके बाद एक बार फिर तापमान अचानक से गिरेगा और ठंड भी बढ़ेगी।
पांच शहरों का तापमान पहुंचा 10 डिग्री से नीचे
बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से ठंड में काफी इजाफा हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ वासियों का हाल बेहाल हो गया है। अंबिकापुर, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव और मैनपाट में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मैनपाट में तो घास पर जमी ओस की बूंदे बर्फ में तब्दिल हो गई। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां कितनी ठंड पड़ रही होगी।
ठंड से बचाव के उपाय
शीतलहर को देखते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरी एहतियाती दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थाे का सेवन लगातार करते रहें। यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक कंपकंपी, उंगलियों में पीलापन या सफेदपन, सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गाे को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी।
बिलासपुर। लॉरेंस बिस्नोई गैंग से जुडऩे की धमकी देकर फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी ने सीआरपीएफ के रिटायर्ड कर्मचारी से धोखाधड़ी कर ली। ठग ने फोन से धमकाकर 6 लाख 30 हजार रूपए वसूल लिया। अनजान व्यक्ति का फोन बंद बताया। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इस मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।
सकरी पुलिस ने बताया कि आसमा सिटी फेस-2 सकरी निवासी दिवाकर मण्डल पिता भुतनाथ मण्डल (61) सीआपीएफ से रिटायर कर्मचारी है। 2 नवंबर 2025 को दिवाकर को एक अनजान नंबर से व्यक्ति ने फोन किया। उसने कहा कि टेलीकाम आफिस से बोल रहा हूं। आपकी आईडी से मुंबई व कनाडा बैंक में एक खाता चल रहा है।
वह दूसरे व्यक्ति से बात कराया। उसने अपने आप को क्राइम ब्रांच मुम्बई से बाल सिंह राजपुत बताया। उसने कहा कि आपका खाता मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा हुआ है। साथ ही लॉरेंस बिस्नोई केस में नाम जुड़ा है। कुछ समय बाद व्हाटसएप के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल किया और अधार कार्ड, पैन कार्ड़ दिखाया। जिससे दिवाकर को भरोसा हो गया।
वारंट कैंसिल करने के नाम से मांगे रुपए:
अज्ञात व्यक्ति ने बोला कि आपके नाम से वारण्ट निकला है। इसके एवज में पैसे की मांग की। साथ ही किसी अन्य लोगों को जानकारी देने से मना किया। झांसे में फंसकर दिवाकर ने आरटीजीएस के माध्यम से 6 लाख 30 हजार रूपए ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने उक्त नंबर पर दोबारा कॉल किया तो स्वीच ऑफ बताया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
बिलासपुर। हाई कोर्ट की सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। बिलासपुर जिले के 625 प्ले स्कूल संचालकों को डीईओ ने नियमानुसार पंजीयन कराने के लिए नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में चेतावनी दी है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के अलग अलग जिलों में बिना रजिस्ट्रेशन के प्ले स्कूल का संचालन किया जा रहा है। हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि प्ले स्कूल संचालक मनमाने फीस वसूल रहे हैं और इन पर राज्य सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।
डीईओ विजय टांडे ने जिले के चारों ब्लॉक के बीईओ को अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंर्तगत संचालित निजी स्कूलों से संपर्क कर प्ले स्कूलों का पंजीयन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा पहले भी निजी स्कूल संचालकों को प्ले स्कूल के रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सिर्फ 10 स्कूलों ने ही पंजीयन कराने आवेदन जमा किया था। जनहित याचिका में मांग की गई है, प्ले स्कूलों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को कड़े नियम बनाने चाहिए, जिनमें पंजीयन की सख्त शर्तें और फीस नियंत्रण शामिल हों।
ये है जरूरी शर्तें
3 साल से कम उम्र के बच्चे को प्ले स्कूल में दाखिला नहीं दिया जाएगा। प्ले स्कूल की फीस सरकार तय करेगी या उसके अनुसार नियंत्रित होगी। फीस केवल महीने या तीन महीने के आधार पर ही ली जा सकती है। एक साथ पूरे सालभर की फीस लेने की मनाही है। यह भी शर्त है कि बच्चे के एडमिशन के समय प्ले स्कूल कोई अतिरिक्त पैसा (कैपिटेशन फीस) पालककन से नहीं ले सकता। बच्चे या उसके माता-पिता से कोई टेस्ट, इंटरव्यू या स्क्रीनिंग भी नहीं लीजा सकती।
कार्रवाई को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकार ने यह तो तय किया है कि मापदंड और शर्तो को पूरा ना करने वाले प्ले स्कूल संचालकों के खिलाफ प्ले स्कूल नियम (2) या (3) का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। यब कार्रवाई कैसी होगी और किस तरह की जाएगी इसका जिक्र नही किया गया है।
समिति का करना होगा गठन
यह भी शर्त है कि स्कूल संचालकों को विद्यालय पालक शिक्षण समिति का गठन करना होगा। समिति का गठन स्कूल प्रारंभ होने के एक महीने के भीतर करना होगा। समिति एक साल के लिए मान्य होगी। इसमें 75 प्रतिशत पालक और 25 प्रतिशत शिक्षक होंगे। सदस्यों की संख्या 12 निर्धारित की गई है। समिति का अध्यक्ष कोई पालक ही होंगे। पालक में से 75% महिलाओं को रखना अनिवार्य किया गया है। यह भी शर्त है कि प्रत्येक कक्षा से पालक को रखना अनिवार्य किया गया है। समिति की हर तीन महीने में बैठक होगी।
भिलाई। शहर में बदमाशों का हुड़दंग बढ़ता ही जा रहा है। छोटे मंदिर भी चोरों के निशाने पर आ गए हैं। ताजा मामले में सुपेला नेहर भवन रोड़ स्थित काली मंदिर में बीती रात सेंधमारी हुई। मंदिर के गेट का ताला तोड़कर घुसे चोर ने दान पेटी से नगदी चुरा ली। मंदिर में काली माता के त्रिशूल से दानपेटी का ताला तोड़कर रुपए चुरा लिए। सोमवार की सुबह जब मंदिर का पुजारी पहुंचा तो चोरी की जानकारी मिली। सूचना पर सुपेला पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल मामले में की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार सुपेला नेहरू भवन रोड शासकीय स्कूल के पास स्थित काली माता मंदिर में रविवार की रात चोरी हुई। सोमवार की सुबह मंदिर का पुजारी शिव पूजन शुक्ला पहुंचा तो देखा कि मंदिर का गेट खुला हुआ है। इसके बाद अंदर जाकर देखा तो त्रिशूल फर्श पर पड़े हैं और दानपेटी खुली हुई है। दानपेटी की पूरी नगदी गायब मिली और कुछ चिल्हर ही छूटा था। इसके बाद शिव पूजन शुक्ला ने सुपेला पुलिस को सूचना दी।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची सुपेला पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुजारी से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि रोजाना पूजा पाठ करने पहुंचने वाले भक्त चढ़ावा दानपेटी में डालते हैं। पुजारी ने बताया कि पिछले पांच साल से दान पेटी नहीं खुली है। दान पेटी में लगभग डेढ़ से दो लाख रुपए तक होने की संभावना है। इधर इस घटना के बाद पुलिस आसपास के सीसी टीवी फुटेज को खंगालने में लगी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।
रायपुर। राजधानी रायपुर फिर चाकूबाजी का मामला सामने आया है। जहां पुरानी बस्ती थाना इलाके के पहाड़ी तालाब में कुछ युवकों के बीच चाकूबाजी हुई है। वारदात से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। वहीं पार्षद सरिता दुबे ने मामले में पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, किसी बात को लेकर कुछ युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते एक युवक ने अपने पास रखे धारदार चाकू से हमला कर दिया। तलाब परिसर और सड़क पर खून के निशान हैं।
सूत्रों ने बताया कि तालाब परिसर में एक युवक द्वारा बीयर पीने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। वहां मौजूद युवकों ने उसे मना किया, जिस पर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला गाली-गलौच और मारपीट तक पहुंच गया। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने अपने पास रखे चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद तालाब किनारे और सीढ़ियों पर खून के निशान फैल गए। मामला दो गुटों के बीच का नहीं, बल्कि रोजाना वहां बैठने वाले युवकों के आपसी विवाद का है। हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। किसी के सीने तो किसी के पेट में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक युवक को बाएं हाथ में गहरी चोट लगी है।
वार्ड पार्षद सरिता दुबे का कहना है कि रविवार को रात 8 बजे इसी तालाब के किनारे जिस साइड की बिजली बंद रहती है। वहां नशेड़ी युवकों में आपसी विवाद के बाद जमकर मारपीट और चाकूबाजी हुई। मारपीट की सूचना डॉयल 112 को दी गई। आधे घंटे बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दोबारा डीडीनगर थाना और पुरानीबस्ती थाने से संपर्क किया गया। एक और कॉल के बाद पुलिस गाड़ी तालाब किनारे खड़ी हुई। उनका आरोप है कि पुलिस के सामने युवा गालीगलौज, मारपीट करते हुए तलवार और लाठियां लहराते भाग रहे थे। तालाब के किनारे पाथवे और सीढ़ियों पर बिखरे हुए खून और जूते-चप्पल को देखा जा सकता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर लखनमुनि महाराज, अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन स्कूल-कॉलेजों में लगाए गए सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल के लिए लगाए गए इंसीनरेटर मशीनों का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने मशीनों के संचालन पर सवाल खड़े करते हुए उनकी जांच कराने की मांग की।
धरमलाल कौशिक ने कहा कि कई स्कूलों में लगी मशीनें संचालित नहीं हैं और केवल कागजों में ही व्यवस्था दिखाई जा रही है। उन्होंने मंत्री से मशीनों के सत्यापन, उन्हें लगाने वाली एजेंसियों के नाम और स्थापना की तारीखों की जानकारी मांगी।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 1600 मशीनें ठीक स्थिति में हैं, जबकि करीब 1300 मशीनें खराब पाई गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभाग के पास फिलहाल मशीनों के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कम से कम दो स्कूलों में मशीनों की तत्काल जांच कराई जाए। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जांच कराने का आश्वासन दिया।
कोरबा- दंतैल हाथियों ने कोरबा जिलान्तर्गत पसान रेंज के ग्राम तवरिहा में उत्पात मचाते हुए जहां एक ग्रामीण के घर को ढहा दिया वहीं एक अन्य ग्रामीण के परिसर को छतिग्रस्त कर दिया है। हाथियों का आतंक क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार तीन दंतैल हाथी इस माह की 4 दिसंबर को मरवाही रेंज की सीमा को पार कर पहुंचे है। तब से लगातार क्षेत्र में उत्पात मचाकर ग्रामीणों तथा वन विभाग की नाक में दम कर रखें है।
हाथी प्रतिदिन किसी न किसी ग्राम में प्रवेश कर या तो घर को क्षतिग्रस्त कर दे रहें है, या खलिहान में रखे धान को चट कर रहे है। जिससे ग्रामीण बेहद परेशान और भयभीत है। उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्र में मौजूद उत्पाती हाथी ऐसे समय में ग्रामीणों के धान को नुकसान पहुंचा रहे है जब ग्रामीण उसे खेतों से काटकर खलिहान में ले आये है और उसे मिसाई कर धान खरीदी केंद्रों में बिक्री हेतु ले जाने की तैयारी में है। पीडि़त ग्रामीणों द्वारा तवरिहा में दंतैल हाथियों के आने तथा घर तोड़े जाने की सूचना दिये जाने पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हाथियों द्वारा किये गये नुकसानी का आकंलन करने के साथ रिपोर्ट तैयार की जिसे अधिकारियों को सौंपा जायेगा।
इससे पहले हाथियों ने ग्राम तरईनार में पहुंचकर दो ग्रामीणों के घर को निशाना बनाते हुए ढहा दिया था। इस घटना में मकान मालिक व उसके परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गये थे।
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वाहन चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया था। उसने पहले एक मोटरसाइकिल को ठोकर माी और फिर कुछ ही दूरी पर खड़ी ट्रक में जा घुसी। इस टक्कर में कार के अंदर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान यस करण और आकाश बोरकर के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, अर्टिका कार में सवार लोग उसे किराए पर लेकर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल चार लोगों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का जायजा लिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। सत्र की शुरू हो चुका है। वहीं भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल टावर की स्थापना के मुद्दे पर विधायक रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा है। भरतपुर सोनहत विधानसभा के कितने गांव में मोबाइल टावर नहीं है?
उन्होंने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री टावर योजना के अंतर्गत भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र में कितने गांव का चयन किया गया? क्या लक्ष्य की प्राप्ति हो गई और अगर नहीं हुई तो कब तक होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने “मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना” के तहत राज्य के दूर-दराज के गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
इस योजना के तहत, जिन गांवों में मोबाइल नेटवर्क नहीं है, वहां टावर लगाए जाएंगे। लेकिन, भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के लिए विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बेरोजगारी भत्ता का मामला जोर शोर से गूंजा। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि यह योजना वर्तमान में चालू है कि नहीं। विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब इसका संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। जिससे असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।
रायपुर। राजधानी रायपुर के अभनपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवापारा में पिता की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बेटे के बाइक खरीदने के बात को लेकर पिता नाराज था। पिता ने बाइक में तोड़फोड़ भी की थी जिसके बाद गुस्साए बेटे ने अपने पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी। फ़िलहाल पुलिस ने आरोपी राहुल साहू को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।
शराब पीने की बुरी लत से परेशान
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, पूरा मामला गोबरा नवापारा का है। नवापारा निवासी राहुल साहू अपने पिता संतोष साहू की शराब पीने की बुरी लत से परेशान रहता था। बेटा अपनी मां के साथ अपने पिता से अलग रहता था, मृतक पिता हमेशा अपने बेटे को शराब पीने के लिए पैसे की मांग करता था। घटना के दिन पिता ने अपने बेटे से शराब पीने के लिए पैसा मांगा, बेटे ने जब पैसे नहीं दिए तो गुस्से में मृतक ने अपने बेटे की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी, जिसके कारण बाप और बेटे दोनों में विवाद हो गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर के शासकीय कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल की तैयारियों के तहत छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ की ओर से 13 दिसंबर को इंद्रावती भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई और पदाधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। ये टीमें प्रदेश के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों को आंदोलन के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देंगी।
इन 11 प्रमुख मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन
1. केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों और पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) लागू किया जाए।
2. डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
3. सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।
4. लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
5. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए तथा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए और नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन व समयबद्ध पदोन्नति मिले।
7. अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण किया जाए।
8. प्रदेश में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
9. अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस की जाए।
10. दैनिक, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
11. सभी विभागों में समानता लाते हुए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि हड़ताल से पहले ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत दी जाए, ताकि आंदोलन की स्थिति न बने।
रायपुर। रायपुर में 23, 24 एवं 25 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे सांसद खेल महोत्सव के मेगा फाइनल एवं भव्य समापन समारोह की तैयारियों को लेकर रविवार को सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न खेल संघों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक ली।
बैठक में कबड्डी, खो-खो, शतरंज, वॉलीबॉल, बॉडीबिल्डिंग, वेटलिफ्टिंग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, कराते, कुश्ती एवं टेबल टेनिस संघों के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही महाराष्ट्र मंडल, विप्र समाज, सिंघी समाज, अग्रवाल सभा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता निभाई।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से स्वस्थ समाज, सशक्त युवा और सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है। यही सोच सांसद खेल महोत्सव की आत्मा है।
बैठक में उपस्थित सभी खेल संघों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजन को पूर्ण रूप से सफल बनाने हेतु हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व, खेलों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और निरंतर सहयोग की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सांसद खेल महोत्सव आज राज्य स्तर पर एक प्रतिष्ठित और प्रेरणादायी आयोजन के रूप में स्थापित हो चुका है।
सांसद खेल महोत्सव का यह मेगा फाइनल एवं समापन समारोह रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।
बैठक में अतुल शुक्ला , संजय शर्मा , मोहम्मद अकरम ,नीता डुमरे, मुस्ताक मोहम्मद, ‘कैलाश मुरारका , सेवक राम साहू, विजय अग्रवाल, मानिक ताम्रकार, गजेंद्र पांडे , अजय साहू, अनूप यदु , रोहित यादव, अमिताभ दीक्षित ,पीतांबर पटेल, मुकेश तिवारी, संदीप शर्मा , प्रमोद फणिकार नितिन पांडे, प्रखर, समाजसेवी ललित जय सिंग , मनीष बोरा, विनय बजाज , चेतन दंडवते सहित अनेक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल प्रतियोगिताएं सुभाष स्टेडियम, सप्रे स्कूल, जे.एन. पाण्डेय स्कूल तथा अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 5000 खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी 9 विधानसभाओं के अंतर्गत रायपुर नगर निगम, अभनपुर, आरंग, तिल्दा, धरसीवा, बलौदा बाजार, भाटापारा और सिमगा ब्लॉक से चयनित खिलाड़ी 13 खेलों—कुश्ती, खो-खो, गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी, रस्सीकूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, तैराकी, भारोत्तोलन और शरीर सौष्ठव—में 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बालक-बालिका वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीडि़त परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ऊर्जावान छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी जे.एस. नेताम, संजीव सिंह एवं आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।
00 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन
00 प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ
00 पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ अंजोर विजन 2047 पर चर्चा करते हुए कहा कि यह विजन प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आने वाले वर्षाे में राज्य के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने इस मौके पर विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में सहभागी बनने के लिए सभी सदस्यों से आव्हान किया। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। ** भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी। यह जशपुर हॉल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा अपने सांसद निधि से निर्मित कराया गया था। उन्होंने इस स्मृति का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विजऩ डॉक्यूमेंट के निर्माण के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह दस्तावेज तैयार हुआ है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके प्रयासों से भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है। उनके अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण बनाये हैं। हमने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय अवधि तय की है। जैसे वर्ष 2030 तक हम निकटवर्ती लक्ष्य हासिल करेंगे। इसी तरह साल 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करेंगे।
अंजोर विजन में 13 क्षेत्रों को किया गया चिन्हांकित
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसे तैयार करने के लिए हमने किसान, युवा, महिला, उद्यमी, कारोबारी समेत समाज के हर वर्ग से सुझाव मांगे। मुझे स्वयं उनसे प्रत्यक्ष बातचीत करने का मौका मिला। इस अंजोर विजन में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना जैसे 13 क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढऩे वाला शहर है। यह शहर मेडिकलए एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढऩे वाला शहर है। यह शहर मेडिकल, एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है।
गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीते वर्षों में गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई। महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुन: प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक से बनी बस्तर की पहचान
बस्तर में बस्तर ओलंपिक एवं बस्तर पांडुम जैसे कार्यकमों के माध्यम से बस्तर की आम जनता तक पहुंच रहे है।इस साल बस्तर पांडुम में इस बार 3 गुना लोगों के हिस्सा लेने का अनुमान है। जो हमारी सरकार की सफलता को दिखाती है। आइए इस ऐतिहासिक दिन में हम सभी संकल्प ले की प्रदेश की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूरा करे। इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गाे सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी सरकार 2 साल में 10 हजार से ज्यादा बेटी बेटा को सरकारी नौकरी दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है।
आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के साथ हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस से माओवाद अब अंतिम पड़ाव पर है। हम मार्च 2026 तक माओवाद की समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास किया जा रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुन: शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 10 हजार से अधिक बेटियों और बेटों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प लें।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में डबल सब्सिडी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने पर केंद्र और राज्य की डबल सब्सिडी प्रदान कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के एक किलोवॉट क्षमता के प्लांट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के द्वारा प्रस्तुत विजऩ 2047 की चर्चा में भाग लेने वालों में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक सर्वश्री अजय चन्द्राकर, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, धरमजीत सिंह, सुनील सोनी, श्रीमती भावना बोहरा, सुश्री लता उसेंडी, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला तथा किरण देव शामिल रहे।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक ने दूसरे के सिर को पत्थर से कुचल डाला। इस घटना में वो गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह पूरा मामला छावनी थाना क्षेत्र के सर्कुलर मार्केट 2 का है। यहां एक दोस्त ने अपने ही दोस्त पर पैसों की लेनदेन को लेकर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
दरअसल, सर्कुलर मार्केट 2 इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोगों ने एक युवक को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उसके सिर पर पत्थर से मारने के निशान थे। ऐसे में लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर सबसे पहले घायल को दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद मामले की जांच शुरू की।
मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि घायल का नाम नीलकमल है। इसके बाद पुलिस उसके दोस्त शिवा कोसले तक पहुंच गई, जिसे पुलिस ने जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने नीलकमल को 15 हजार उधारी दिए थे, जिसे वो लौटा नहीं रहा था। जब दोंनों साथ में बैठकर शराब पी रहे थे, तभी उधारी के पैसे को लेकर विवाद हो गया और फिर उसके सिर को पत्थर से कुचल दिया था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच में जुट गई है।