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‘अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास’, कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में सीएम ने दिए सख्त निर्देश

‘अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास’, कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में सीएम ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।

समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

घुसपैठियों की पहचान के लिए गठित की गई विशेष टास्क फोर्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।

यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश 

कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।

टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है

Collector-SP Conference: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।va

गरीब परिवारों के लिए वरदान है चिरायु योजना; अमीषा के हृदय रोग का हुआ सफल इलाज, मिली नई जिंदगी

गरीब परिवारों के लिए वरदान है चिरायु योजना; अमीषा के हृदय रोग का हुआ सफल इलाज, मिली नई जिंदगी

 रायपुर। चिरायु योजना आज जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान भी लौटा दी है। इसी कड़ी में चिरायु योजना से ही दिल की बीमारी से जूझ रही किसान परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा को नवजीवन देने का काम किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में आज बच्चों की जटिल बीमारियों और जन्मजात विकृतियों का इलाज देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में निःशुल्क संभव हो पा रहा है।

चिरायु योजना से 44 गंभीर बीमारियों का इलाज
चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना के तहत 0 से 18 साल तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे-फटे होंठ, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर सहित 44 गंभीर बीमारियों का इलाज शासन द्वारा कराया जाता है।  जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

अमीषा के हृदय रोग का हुआ सफल इलाज
मनोरा विकासखंड के छोटे से ग्राम ओरडीह की एक जनजातीय परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा अक्सर बीमार रहने लगी थी। परिजन बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने से चिंतित थे। जब अमीषा की जांच जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई, तो पता चला कि वह जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले उसके पिता अशोक केरकेट्टा यह सुनकर परेशान हो उठे। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता थी कि वे इतने महंगे इलाज का खर्च कैसे उठा पाएंगे। तभी चिकित्सकों ने उन्हें चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी। यह सुनकर परिवार को मानो एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। योजना के तहत अमीषा को शासकीय व्यय पर बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया। कुछ ही समय में अमीषा पूरी तरह स्वस्थ हो गई।

गरीब परिवारों के लिए वरदान है चिरायु योजना
आज 11 वर्ष की अमीषा न केवल स्वस्थ है, बल्कि पहले से अधिक उत्साह और ऊर्जा से भरी हुई है। उसका मुस्कुराता चेहरा अब उसके माता-पिता के जीवन को सुकून से भर देता है। परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों में भेजकर निःशुल्क इलाज करा रही है।  उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है।

आपसी सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं, High Court ने युवक को किया बरी

आपसी सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं, High Court ने युवक को किया बरी

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट (High Court) ने दुष्कर्म के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी की सजा को रद्द कर दिया है।न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला प्रेम संबंध का था, न कि झूठे विवाह वादे पर आधारित दुष्कर्म का। अदालत ने माना कि पीड़िता बालिग थी,  सात साल तक अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही और शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए इसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता।

रिपोर्ट के मुताबिक, जगदलपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में एक युवक को 10 साल की सजा सुनाई थी। फिर युवक ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसी मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, दुष्कर्म की शिकायत करने वाली पीड़िता बालिग़ थी और सात साल तक युवक के साथ रिलेशनशिप में रही। इस दौरान दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। इसमें शादी के लिए झांसा देने जैसी कोई बात नहीं

हाईकोर्ट ने जगदलपुर कोर्ट द्वारा युवक को सुनाई गई 10 साल की सजा को रद्द कर दिया है।

 
Breaking : अवैध शराब के लेनदेन को लेकर खूनी संघर्ष, युवक की हत्या..

Breaking : अवैध शराब के लेनदेन को लेकर खूनी संघर्ष, युवक की हत्या..

 बिलासपुर। न्यायधानी के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अवैध शराब की लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। तिफरा शराब दुकान के पास दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक युवक की जान चली गई और दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक ये घटना 12 अक्टूबर की सुबह सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा इलाके की है, जहाँ अवैध शराब की लेनदेन को लेकर कुछ युवकों में जमकर विवाद हो गया। मारपीट इतनी हिंसक हो गई कि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर डायल–112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सिम्स अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक साहिल खटीक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल अभी भी भर्ती है। मृतक के सिर और हाथ में गहरी चोटों के निशान पाए गए हैं, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं। इस वारदात के बाद से अन्य आरोपी युवक मौके से फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना की जानकारी पुलिस को देने वाला युवक साहिल साहू ही अब इस हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध बन गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि साहिल खटीक और उसके साथियों का साहिल साहू और उसके परिजनों से विवाद हुआ था, जो मारपीट में तब्दील हो गया।

पुलिस ने जब घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए, तो साहिल साहू की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

डीईओ और बीईओ की मनमानी से शिक्षक प्रभावित, युक्तियुक्तकरण में भारी गड़बड़ी उजागर

डीईओ और बीईओ की मनमानी से शिक्षक प्रभावित, युक्तियुक्तकरण में भारी गड़बड़ी उजागर

 रायपुर। डीईओ और बीईओ की मनमानी के कारण शिक्षकों को वेतन और अन्य प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एक बार फिर छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है

दरअसल, डीईओ और बीईओ की मनमानी से शिक्षक प्रभावित हुए। वहीं रायपुर संभागीय समिति ने 509 शिक्षकों के आवेदनों की समीक्षा की, जिसमें से 103 आवेदन सही पाए गए और 375 को अमान्य कर दिया गया।

 वहीं इस मामले में धमतरी जिले में सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिसके बाद कहा गया कि, गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

IED विस्फोट में STF का जवान घायल, एरिया डोमिनेशन पर निकली थी टीम, इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट

IED विस्फोट में STF का जवान घायल, एरिया डोमिनेशन पर निकली थी टीम, इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट

 बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में आज नक्सलियों की कायराना हरकत सामने आई। भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम एरिया डोमिनेशन पर थी, तभी नक्सलियों की ओर से लगाए गए प्रेशर IED में विस्फोट हुआ। इसकी चपेट में आने से एक STF जवान घायल हो गया।

जानकारी के मुताबिक, घायल जवान को तत्काल नजदीकी कैंप में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर के हायर सेंटर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र मीना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जवान की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां नक्सलियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चला रही हैं।

Collector-SP Conference : कलेक्टर-SP कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन, CM कर रहे कानून व्यवस्था की समीक्षा…

Collector-SP Conference : कलेक्टर-SP कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन, CM कर रहे कानून व्यवस्था की समीक्षा…

 Collector-SP Conference : प्रदेश की राजधानी में चल रही कलेक्टर-SP कॉन्फ्रेंस का आज दूसरा दिन है, जहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक जारी है। बैठक में प्रदेश के सुरक्षा हालात, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की जा रही है।रायपुर रियल एस्टेट

फीडबैक लेकर मुख्यमंत्री दे रहे निर्देश

बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सभी जिलों के कलेक्टर और SP से सीधे फीडबैक ले रहे हैं। वे कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम नियंत्रण और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने को लेकर निर्देश दे रहे हैं।

इस उच्चस्तरीय बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, रेंज IG, जिला कलेक्टर और SP सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को मिल रहे स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा का भरोसा और प्रशासनिक पारदर्शिता मिले, यह शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जिलों में कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और जनसुनवाई की प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

संभावित घोषणाएं और नई रणनीतियां

Collector-SP Conference : बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए नई रणनीति, तकनीकी निगरानी, और जनसहभागिता बढ़ाने को लेकर भी अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। नक्सल प्रभावित जिलों में अभियान तेज करने और आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने को लेकर विशेष चर्चा जारी है।

दुःखद हादसा: लापता पत्नी और बेटी की तलाश में भटका पति, सुबह बांध में मिली दोनों की लाश, इलाके में फैला दहशत…

दुःखद हादसा: लापता पत्नी और बेटी की तलाश में भटका पति, सुबह बांध में मिली दोनों की लाश, इलाके में फैला दहशत…

 बलरामपुर. बलरामपुर जिले के महुली गिनवा पारा गांव के मजीठा बांध में मां और उसकी बेटी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. दोनों शुक्रवार रात तक घर पर मौजूद थीं, लेकिन शनिवार सुबह से लापता हो गई. आज सुबह पति ने तालाब में शव तैरते हुए देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी. घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र की है.

जानकारी के अनुसार, मृतिका का नाम अंकिता पंडो और उसकी बेटी का नाम खुशबू बताया जा रहा है. वह दोनों शनिवार सुबह से लापता थीं. खोजबीन के बाद पति ने थाने में इसकी सूचना दी. रविवार सुबह जब वह घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित मजीठा बांध के पास पहुंचा, तो उसने तालाब में अपनी पत्नी और बेटी के शव तैरते हुए देखा. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. फिलहाल, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. शवों को बाहर निकाला गया. जिसके बाद पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए दोनों के शवों को भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.बलरामपुर. बलरामपुर जिले के महुली गिनवा पारा गांव के मजीठा बांध में मां और उसकी बेटी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. दोनों शुक्रवार रात तक घर पर मौजूद थीं, लेकिन शनिवार सुबह से लापता हो गई. आज सुबह पति ने तालाब में शव तैरते हुए देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी. घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र की है.

जानकारी के अनुसार, मृतिका का नाम अंकिता पंडो और उसकी बेटी का नाम खुशबू बताया जा रहा है. वह दोनों शनिवार सुबह से लापता थीं. खोजबीन के बाद पति ने थाने में इसकी सूचना दी. रविवार सुबह जब वह घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित मजीठा बांध के पास पहुंचा, तो उसने तालाब में अपनी पत्नी और बेटी के शव तैरते हुए देखा. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. फिलहाल, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. शवों को बाहर निकाला गया. जिसके बाद पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए दोनों के शवों को भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

CG : बीच जंगल में रास्ता रोककर विधवा महिला के साथ क्रूर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार…..

CG : बीच जंगल में रास्ता रोककर विधवा महिला के साथ क्रूर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार…..

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में विधवा महिला के साथ अनाचार करने वाले आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी ने मायके जा रही महिला का रास्ता रोका, फिर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

जानिए घटना

दरअसल, 10.10.25 को थाना नारायणपुर क्षेत्र की 36 वर्षीय पीड़ित प्रार्थिया ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी थाना नारायणपुर क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। उसके पति की मृत्यु हो गई है और उसके दो बच्चे भी हैं। 9 अक्टूबर को अपने कुछ काम से पैदल जंगल के रास्ते होते हुए अपने ससुराल से चौकी सोन क्यारी अपने मायके आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपी निलेश राम भगत , अचानक पीछे से प्रार्थिया के बाल को खींचकर, उसे पटक दिया तथा घसीटकर झाड़ी में ले गया।

जबरन पीड़ित प्रार्थिया के कपड़े को खींचकर फेंक दिया व प्रार्थिया के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी के द्वारा पास में पड़े पत्थर को उठाकर मारने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान पीड़ित प्रार्थिया के आवाज को सुनकर गांव की एक लड़की आई, जिसे देखकर आरोपी निलेश राम भगत भाग गया।

पीड़ित प्रार्थिया की रिपोर्ट पर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल चौकी सोनक्यारी में आरोपी निलेश राम भगत उम्र 22 वर्ष के विरुद्ध दुष्कर्म के लिए बीएनएस की धारा 64 (1) व 115(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व पीड़ित प्रार्थिया का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।

पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी निलेश राम भगत को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की पूछताछ पर आरोपी निलेश राम भगत के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराध को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, चौकी सोन क्यारी क्षेत्रांतर्गत एक दुष्कर्म के मामले में, पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। महिलाओं से संबंधित अपराध में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

Crime News: ज्वेलरी शॉप चोरी का खुलासा: नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों के जेवर बरामद

Crime News: ज्वेलरी शॉप चोरी का खुलासा: नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों के जेवर बरामद

 खैरागढ़। खैरागढ़ जिले के छुईखदान में बीते 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात हुई ज्वेलरी शॉप चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। वारदात में शामिल एक नाबालिग मास्टरमाइंड और उसके साथी को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 6 लाख रुपये मूल्य के चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।

यह मामला नगर के मुख्य चौक स्थित सोनी ज्वेलर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का है, जहां अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर दुकान में रखे जेवरात चोरी कर लिए थे। इस संबंध में दुकान संचालक परमेश्वर राम सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

CCTV से हुई पहचान

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश गौतम ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रह्लाद निषाद उर्फ दादू (35 वर्ष), निवासी कंडरापारा छुईखदान और एक विधि से संघर्षरत नाबालिग शामिल हैं। दोनों ने चोरी के बाद गहनों को गांव में छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। बरामद सामान में पायल, कड़ा, बिछिया, बाजूबंद, करधन, चांदी के सिक्के, लाकेट और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ शामिल हैं, जिनका वजन करीब 4 किलो और मूल्य लगभग ₹6 लाख बताया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस चोरी में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस चोरी को महज 72 घंटे में सुलझा लिया और बरामदगी भी शत-प्रतिशत कर ली गई है।

फैक्ट्री में हो रही थी गुटके की अवैध मैन्युफैक्चरिंग, पुलिस ने छापेमारी कर जब्त किया 13 लाख से अधिक का सामान, 1 आरोपी गिरफ्तार

फैक्ट्री में हो रही थी गुटके की अवैध मैन्युफैक्चरिंग, पुलिस ने छापेमारी कर जब्त किया 13 लाख से अधिक का सामान, 1 आरोपी गिरफ्तार

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध पान मसाला मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने रूद्री स्थित गोदाम और मकान में छापेमारी कर मौके से पान मसाला बनाने की मशीन, कच्चा माल, तैयार पाउच, मोबाइल फोन और कुल 13 लाख 41 हजार 555 रुपए का सामान जब्त किया है.

यह कार्रवाई एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर की गई, जिसमें खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. पुलिस ने ग्राम शकरवारा, थाना रुद्री स्थित गोदाम और मकान में दबिश देकर आरोपी प्रहलाद मूलवानी (49 वर्ष), निवासी सिहावा चौक, धमतरी को गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि आरोपी बिना अनुमति के ‘आशिकी’ नामक पान मसाला का अवैध निर्माण और भंडारण कर रहा था.

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 46/2025 धारा 318 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

धमतरी पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध व्यापार, मादक पदार्थ और जनस्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले उत्पादों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है. इस कार्रवाई को इसी कड़ी में बड़ी सफलता माना जा रहा है.

 
पत्रकारिता विश्वविद्यालय में चुनौती मूल्यांकन लागू, शुल्क 1000 रुपये निर्धारित

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में चुनौती मूल्यांकन लागू, शुल्क 1000 रुपये निर्धारित

 रायपुर. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ने अपनी 63वीं कार्यपरिषद की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. इसमें चुनौती मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने का फैसला शामिल है, जो पहले पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर विश्वविद्यालय) द्वारा लागू की गई थी. जहां रायपुर विश्वविद्यालय ने चुनौती मूल्यांकन के लिए 2500 रुपये शुल्क तय किया था, वहीं पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने इसे केवल 1000 रुपये निर्धारित किया है. इसके साथ ही पुनर्गणना के लिए 50 रुपये का शुल्क तय किया गया है

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों को और अधिक उन्नत करने पर जोर दिया गया, ताकि प्रदेश के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ मिल सके. कार्यपरिषद ने प्रशासनिक और छात्रहित से जुड़े निर्णयों पर भी चर्चा की. विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को त्वरित और डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई.

पुनर्गणना और चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया

छात्रों को पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के परिणामों से असंतुष्ट होने पर चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा. उपसमिति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए चुनौती मूल्यांकन के लिए 1000 रुपये और पुनर्गणना के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया. यह कदम छात्रों को उनके परिणामों की पारदर्शी जांच का मौका देगा, जिससे उनकी शैक्षणिक संतुष्टि बढ़ेगी.

षष्ठम दीक्षांत समारोह जनवरी 2026 में

कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के षष्ठम दीक्षांत समारोह को जनवरी 2026 में आयोजित करने की स्वीकृति दी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय में कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के समयमान वेतनमान को भी कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे कर्मचारियों के हितों को बढ़ावा मिलेगा.

छात्रहित और डिजिटल प्रगति पर जोर

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रमों को और अधिक समृद्ध करने की कार्ययोजना पर बल दिया गया. डिजिटल तकनीक को अपनाकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए. यह निर्णय विश्वविद्यालय को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

मुझसे शादी कर लो वरना…शादी का प्रपोज़ल से इनकार करने पर बौखलाया सिरफिरा आशिक, कर दिया ये बड़ा कांड

मुझसे शादी कर लो वरना…शादी का प्रपोज़ल से इनकार करने पर बौखलाया सिरफिरा आशिक, कर दिया ये बड़ा कांड

 कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सिरफिरे आशिक ने प्रपोजल ठुकराने से नाराज होकर युवती पर धारदार हथियार ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रपोजल ठुकराने पर नाराज हुआ आशिक

यह घटना पखांजूर के बांदे थाना क्षेत्र की है, जहां एक सिरफिरे आशिक ने युवती पर धारदार हथियार ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि युवती ने उसके प्रपोजल को ठुकरा दिया था, जिसके बाद युवक ने उसके घर पहुंचकर उसपर धारदार हथियार ने जानलेवा हमला कर दिया। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

युवती के घर पहुंचकर किया हंगामा

जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम सुकेन मिस्त्री है, जो कि पीड़ित युवती से एक तरफा प्यार करता था। आरोपी ने उसे प्रपोजल भेजा था, जिसे उसने ठुकरा दिया था। इसी बात से नाराज आरोपी अपने एक दोस्त के साथ 8 अक्टूबर की रात 1 बजे के आसपास युवती के घर पहुंचा और जमकर हंगामा किया

धमकी देते हुए किया हमला

जानकारी के मुताबिक, युवती के माता-पिता बरामदे में सोए थे और युवती अपने कमरे में सोई थी। वहीं युवती जब उठकर बाहर आई तो आरोपी ने गाली गलौज करते हुए कहा कि अगर तुम मेरे से शादी नहीं करोगी तो तुम्हें किसी और से शादी नहीं करने दुंगा। इतना ही नहीं आरोपी ने इस दौरान युवती पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

युवती से हाथ जोड़कर मांगी माफी

घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। वहीं युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहं उसका गंभीर हालत में इलाज जारी है। इसके बाद इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। घटना के अगले दिन आरोपी अस्पताल पहुंचा और युवती से हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

दिल दहला देने वाली वारदात: शराब के नशे में पत्नी को मारकर ट्रक ड्राइवर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या….

दिल दहला देने वाली वारदात: शराब के नशे में पत्नी को मारकर ट्रक ड्राइवर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या….

 कोरबा। पसान थाना क्षेत्र के लैगा गांव में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शराब के नशे में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही पसान थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक संतराम यादव ट्रक चालक था और आए दिन शराब के नशे में अपनी पत्नी से पारिवारिक विवाद को लेकर झगड़ा करता था. शनिवार शाम करीब 6 बजे दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में संतराम ने पत्नी की हत्या कर दी और कुछ देर बाद खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके.v

काम में लापरवाही पर दो पंचायत सचिव निलंबित, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप

काम में लापरवाही पर दो पंचायत सचिव निलंबित, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के जिला महासमुंद में दो पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर काम में लापरवाही और अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप है। पहली कार्रवाई में बांसकुड़ा के सचिव जगदीश ध्रुव और दूसरी कार्रवाई में जनपद पंचायत पिथौरा के सचिव मोहन पटेल को निलंबित किया गया है।

पिथौरा के सचिव मोहन पटेल निलंबित

महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बड़ेलोरम, जनपद पंचायत पिथौरा के सचिव मोहन पटेल को लापरवाही, उदासीनता तथा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत महासमुंद द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, पटेल द्वारा ग्राम पंचायत कार्यालय नियमित रूप से संचालित नहीं किया जा रहा था तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन, पेंशन भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र निर्माण एवं अन्य पंचायत कार्यों में विलंब किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, ग्रामसभा का आयोजन नहीं करने, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने और चार माह तक अनुपस्थित रहने की पुष्टि हुई थी। परिणााम स्वरूप निलंबन की कार्यवाही की गई है। ग्राम पंचायत बड़ेलोरम में सचिव के रूप में सूरज साहू की तैनाती की गई है।

हेमंत नंदनवार सचिव निलंबित

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत नंदनवार ने ग्राम पंचायत बांसकुड़ा के सचिव जगदीश ध्रुव को अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। पंचायत कार्यों की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत छपोराडीह के सचिव किशोर कुमार ध्रुव को ग्राम पंचायत बांसकुड़ा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

Crime- छत्तीसगढ़ में लव जिहाद: शादी का झांसा देकर युवती से बनाया शारीरिक संबंध, दो बार कराया गर्भपात

Crime- छत्तीसगढ़ में लव जिहाद: शादी का झांसा देकर युवती से बनाया शारीरिक संबंध, दो बार कराया गर्भपात

 बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र से लव जिहाद का मामला सामने आया है। युवती को पहले प्रेम जाल में आरोपी ने फांसा। फिर युवती को शादी का झांसा देकर युवक ने दुष्कर्म किया। युवती गर्भवती हुई तो दो बार गर्भपात कराया। इतना ही नहीं युवक ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर युवती के दोस्तों के नंबर पर सेंड कर दिया। इसके बाद युवती ने मामले की रिपोर्ट लिखाई है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

दो बार करवाया गर्भपात

सरकंडा क्षेत्र में रहने वाली ने युवती ने बताया कि उसकी पहचान सूरजपुर में रहने वाले सादिक खान से हुई थी। परिचय के कुछ समय बाद युवक ने उससे शादी करने की बात कही। इसके बाद युवती से कई बार शारीरिक संबंध भी बनाया। युवती दो बार गर्भवती हुई। आरोपी ने दोनों बार उसका गर्भपात करा दिया।

अश्लील वीडियो बना कर दोस्तों को भेजा

इसी बीच उसने युवती का अश्लील वीडियो बना लिया। उसने युवती के दोस्तों को उसके वीडियो मोबाइल पर भेजकर बदनाम करने की कोशिश की। युवती से मारपीट भी की। मामले में युवती तीसरी बार गर्भवती है। उसने युवक को इसकी जानकारी देकर शादी करने के लिए कहा। युवक ने उससे फिर मारपीट की।

परेशां होकर युवती ने दर्ज करवाई रिपोर्ट

उसकी हरकतों से तंग आकर युवती ने सरकंडा थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वही युवती की शिकायत पर आरोपी सूरजपुर निवासी सादिक खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कल उसे न्यायिक रिमांड हेतु अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

EX CM का ED पर गंभीर आरोप, कहा जांच एजेंसियां और अदालत मिली हुई है

EX CM का ED पर गंभीर आरोप, कहा जांच एजेंसियां और अदालत मिली हुई है

 रायपुरः छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी, एसीबी और इओडब्ल्यू पर अदालत के साथ सांठगांठ कर न्यायिक प्रक्रिया पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से पूरे मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है। रायपुर में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि जांच एसेंजियां कलमबंद बयान को पहले से ही बनाकर लाती है और आरोपी से दस्तखत कराकर पेश करती है। कलमबंद बयान को जांच एजेंसियों पर मजाक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोयला घोटाले के आरोपी निखिल चन्द्राकर के बयान को जांच एजेंसी ने पहले से तैयार कर लाया और कोर्ट में पेन ड्राईब में पेश किया। यह न्यायिक प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे मामले की सिकायत वकीलों द्वारा कोर्ट में की गई है और कोर्ट ने इडी को पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि कलमबंद बयान गोपनीय होता है और उसका लिफाफा जज के सामने खोला जाता है जबकि जांच एजेंसियां बयान को पहले से तैयार कर मीडिया में जारी कर देती है। भूपेश बघेल ने कहा कि निखिल चन्द्राकर के बयान के फांट में भी अंतर है, जिसे फोरेंसिंक जांच में भी सिद्ध पाया गया है।
भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों के ऐसे अधिकारियों को तत्काल जांच से हटाकर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आग्रह किया है।

CG : कक्षा पांचवी की छात्रा ने लगाईं फांसी, गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में टाई के फंदे से लटकती मिली लाश

CG : कक्षा पांचवी की छात्रा ने लगाईं फांसी, गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में टाई के फंदे से लटकती मिली लाश

कोंडागांव। जिले से दुखद खबर सामने आ रही है, यहां 11 साल की बच्ची का शव गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। घटना शनिवार (11 अक्टूबर) की है। बच्ची माकड़ी ब्लॉक के कांटागांव स्थित आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी, वह कक्षा पांचवी की छात्रा थी।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10 बजे जब छात्राओं को भोजन के लिए बुलाया जा रहा था, तब चंपा हॉस्टल के कमरे में टाई से फांसी के फंदे पर झूलती मिली।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन ने पहले छात्रा को बेहोश बताया और घटना की वास्तविक सूचना देने में देरी की। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा।

परिवार वालों को भी देरी से पता चला

गांव के सरपंच मोती राम मरकाम ने बताया कि हॉस्टल प्रशासन ने सुबह करीब 10:45 बजे सूचना दी कि छात्रा बेहोश है। छात्रा के परिवार को दोपहर 12 बजे वास्तविकता का पता चला।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सूचना दी जाती, तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था।

सूचना मिलते ही एसडीएम अजय उरांव, तहसीलदार, शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। घटना की जांच जारी है। शव का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती, कहा – “जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती, कहा – “जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

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BREAKING : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दीपावली के पहले मिलेगा वेतन, उप मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

BREAKING : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दीपावली के पहले मिलेगा वेतन, उप मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दीपावली के पहले सभी नगरीय निकायों में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ धरातल पर नजर आने चाहिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों में विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गोधाम योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने हेतु एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इसके लिए राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने को कहा।

समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा की गई। साव ने एनर्जी बिल ऑडिट की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए प्राप्त सुझावों के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सरचार्ज एवं अतिरिक्त भार से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए निकायों के सीएमओ, लेखापाल व अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में नवगठित नगरीय निकायों को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के लिए अधोसंरचना मद, चुंगी कर अथवा अन्य स्रोतों से राशि स्वीकृत कर कार्य कराने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने नवीन निकायों को शीघ्र आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने नालंदा परिसरों, अटल परिसरों तथा बजट में शामिल अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा भरपूर राशि प्रदान की जा रही है, अतः सभी अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को इनका शीघ्र लाभ मिल सके।

बैठक में नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती, वर्गीकरण तथा सेट-अप रिवीजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उप अभियंताओं की भर्ती हेतु वित्त विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साव ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं एवं एसटीपी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीपीआर एवं आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाएं दूर कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की चल-अचल संपत्ति, मशीनरी, वाहनों आदि की ऑडिट कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक परिसरों एवं दुकानों के नियमानुसार सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने मुक्तिधामों को समुचित सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए शवदाह हेतु शेड, प्रतीक्षालय, पेयजल, गार्ड कक्ष, बाउंड्रीवाल आदि निर्माण के लिए सूडा की राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत कुमार रायस्त, उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

CG : मूल्य आधारित शिक्षा से ही राष्ट्र होगा सशक्त और समाज बनेगा स्वच्छ – मंत्री गजेन्द्र यादव

CG : मूल्य आधारित शिक्षा से ही राष्ट्र होगा सशक्त और समाज बनेगा स्वच्छ – मंत्री गजेन्द्र यादव

 रायपुर। अभ्युदय संस्थान, अछोटी में “चेतना विकास एवं मूल्य आधारित शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा ,ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंत्री श्री यादव ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का आधार है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान को विशेष महत्व देने की आवश्यकता है। श्री यादव ने शिक्षकों से आवाहन किया कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को प्राथमिकता दें, ताकि आने वाली पीढ़ी विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि स्वच्छ समाज की नींव सशक्त शिक्षा व्यवस्था पर ही आधारित है। जब विद्यालयों में संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव का वातावरण विकसित होगा, तब राष्ट्र भी स्वच्छ, सशक्त और जागरूक बनेगा।

कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भाग लेकर वर्तमान शिक्षा परिस्थितियों को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार साझा किए। सभी ने नई शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा को विद्यालयों में और प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि विद्यार्थी सशक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

कार्यक्रम में लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी, योगेश शास्त्री, संकेत ठाकुर, अनीता शाह, पार्षद कुलेश्वर साहू, कांशीराम कोसरे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षकगण एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे।

 
 
हमारी सरकार सुशासन और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

हमारी सरकार सुशासन और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में कोलता समाज द्वारा आयोजित श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झगरपुर परिसर में किया गया, जहाँ समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का पारंपरिक गजमाला पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर माता रामचंडी के चरणों में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि झगरपुर की इस पावन भूमि पर आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव हुआ है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और एकता का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। उन्होंने माता-पिता को सच्चा ईश्वर बताते हुए कहा कि यदि माता-पिता प्रसन्न हैं तो सभी देवी-देवता प्रसन्न रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपने घर के बड़ों के प्रति सम्मान और सेवा-भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए ई-गवर्नेंस की शुरुआत हो चुकी है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के 18 से 19 माह के भीतर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस दिया गया, धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की गई, और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाएं जनहित में संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों से समृद्ध राज्य है, और जनसहयोग तथा संसाधनों के सही उपयोग से हम विकास के नए अध्याय लिख रहे हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ यह केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज 35,440 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन – का शुभारंभ किया है। यह योजनाएं देश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण समृद्धि के लिए सतत प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था में सुधार कर शासन प्रणाली में नई पारदर्शिता और जवाबदेही लाई गई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने झगरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए, विकासखंड मुख्यालय लैलूंगा में कोलता समाज हेतु सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए, वार्ड क्रमांक 5 पटेलपारा के बीच नदी में स्टॉप डैम कम कॉजवे निर्माण हेतु 2.5 करोड़ रुपए, लैलूंगा–कुंजारा से गमेकेला में खारुन नदी पुलिया निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय कन्या हाईस्कूल के नवीन भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है। कोलता समाज का आशीर्वाद और सहयोग सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे ऐसे जनसेवक का नेतृत्व प्राप्त है जो प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के मात्र 12 दिन बाद ही 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपए बोनस का भुगतान कर दिया। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। प्रदेश में 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और प्रभु श्रीराम इस धरती के भांजा हैं। यही हमारी सांस्कृतिक पहचान और गर्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय का ध्यान प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री पूर्णतः अवगत हैं, और क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध रूप से पूरे किए जाएंगे।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन जिला पंचायत सदस्य श्री बृजेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने कोलता समाज की ऐतिहासिक परंपराओं और 120 उपजातियों की एकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर श्री रत्थूलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, पूर्व विधायक श्री सत्यानंद राठिया, श्रीमती सुनीति राठिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्रीमती ज्योति भगत, समाजसेवी श्री अमर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावर, अरुण कातोरे, जतिन साव, विनय साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित थे।

भाजपा में “लेटर बम” का धमाका! संगठन में मचा हड़कंप, चुनावी समीकरण पर असर की आशंका

भाजपा में “लेटर बम” का धमाका! संगठन में मचा हड़कंप, चुनावी समीकरण पर असर की आशंका

 राजनांदगांव। Rajnandgaon News: भाजपा के भीतर से एक बार फिर बड़ा सियासी धमाका हुआ है। जिले के कई भाजपा पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही मीडिया को भी डाक के माध्यम से भेजे गए एक “गोपनीय पत्र” ने संगठन में हलचल मचा दी है। यह पत्र जिले के अंदरूनी मतभेदों, गुटबाजी और टिकट दावेदारी से जुड़ी नाराजगियों को उजागर करता है।

पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर विधानसभा क्षेत्रवार समीकरणों तक कई मुद्दों को खुलकर उठाया गया है। खास बात यह है कि पत्र की कई प्रतियां अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गई हैं और अब यह “लेटर बम” सोशल मीडिया के जरिए भी चर्चाओं में तेजी से फैल रहा है। पत्र में लिखा गया है कि “राजनांदगांव जिला भाजपा की सूची ही तय करती है या केवल राजनांदगांव विधानसभा की भाजपा इकाई की सुनी जाती है?”

इस सवाल के साथ यह भी आरोप लगाया गया है कि, जिले में फैसले कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित हैं और आम कार्यकर्ताओं की आवाज संगठन तक नहीं पहुंच पा रही है। पत्र में कहा गया है कि टिकट वितरण और नेतृत्व चयन में स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर पड़ी है।

खुज्जी विधानसभा में गुटबाजी के आरोप – कई नेताओं के नाम आए सामने

पत्र का बड़ा हिस्सा खुज्जी विधानसभा से जुड़ा है। इसमें दावा किया गया है कि स्वर्गीय राजिद्ररपाल सिंह भाटिया के निधन के बाद से खुज्जी क्षेत्र में भाजपा दो धड़ों में बंट गई है। संगठन में नए उपाध्यक्ष और पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, लेकिन कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है।

पत्र में कई स्थानीय नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि “खुज्जी विधानसभा में गुटबाजी और कटुता का माहौल व्याप्त है।” यह भी लिखा गया है कि “यदि संगठन ने स्थिति नहीं संभाली तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ेगा।”

भाजपा जिला पदाधिकारियों पर सवाल – कार्यकर्ताओं ने जताया रोष

पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई जिला पदाधिकारी और मंडल स्तर के नेता सिर्फ अपने पदों पर बने रहने की राजनीति कर रहे हैं।
कहा गया है कि “जिला संगठन की बैठकों में कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुनी जाती, न ही परिश्रम करने वालों को सम्मान मिलता है।”
पत्र में यह भी उल्लेख है कि कुछ लोगों को मीडिया प्रचार और मंच संचालन के जरिए संगठन में ऊँचा दर्जा मिल गया है जबकि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।

मीडिया प्रचार, पद वितरण और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर उठे सवाल

पत्र में मीडिया प्रचार से जुड़े नामों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कुछ लोग पार्टी मंच का उपयोग निजी पहचान बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। यह भी आरोप है कि जिले में पदों का बंटवारा कार्यशैली के बजाय रिश्तेदारी और समीकरणों के आधार पर किया गया।
कुछ पूर्व जिला पंचायत सदस्य और किसान मोर्चा पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने पर भी नाराजगी जाहिर की गई है।

भाजपा में अंदरूनी मतभेद बढ़े – चुनावी समीकरण पर असर की आशंका

पत्र के अंत में कहा गया है कि अगर संगठन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो जिले की कई विधानसभा सीटों पर इसका सीधा असर 2028 के विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। पत्र में अपील की गई है कि “भाजपा अपने पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान दे, स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता में रखे और गुटबाजी पर सख्त कार्रवाई करे।

राजनांदगांव भाजपा में “लेटर बम” का यह मामला अब खुले मंचों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई वरिष्ठ नेता इस मामले में टिप्पणी करने से बच रहे हैं, जबकि कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि-
“क्या भाजपा संगठन इस अंदरूनी असंतोष को संभाल पाएगा या आने वाले चुनावों में यह पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा?”

CG – नहीं रही छत्तीसगढ़ की बाघिन बिजली, इलाज के दौरान वनतारा में तोड़ा दम…..

CG – नहीं रही छत्तीसगढ़ की बाघिन बिजली, इलाज के दौरान वनतारा में तोड़ा दम…..

 रायपुर। जंगल सफारी से इलाज के लिए गुजरात भेजी गई बीमार बाघिन बिजली की मौत हो गई है। 7 अक्टूबर को उसे ट्रेन से वनतारा जामनगर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

बाघिन बिजली की उम्र 8 साल की थी। वह जंगल सफारी में पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन था। उसे बेहतर इलाज के लिए ट्रेन से वनतारा भेजा गया। जहां उसका एक महीने तक इलाज चलना था। लेकिन वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू रिहैबिलिटेशन सेंटर में बाघिन बिजली की मौत हो गई। वनतारा ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी पोस्ट जारी कर दी।

जानकारी के अनुसार, बिजली की तबीयत पिछले कुछ समय से लगातार बिगड़ रही थी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए जामनगर के वन्तारा रेस्क्यू सेंटर भेजा गया था। वह लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय थी। बिजली की तबीयत में गिरावट आने के बाद रायपुर में प्राथमिक इलाज किया गया। लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर विशेषज्ञों की टीम ने उसे ट्रेन में स्पेशल कोच के जरिए जामनगर भेजा था।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली की मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कल वन विभाग की टीम और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

CG : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ

CG : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ

 रायपुर।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया।

इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने।

इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है।

खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए  केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है।

मुख्यमंत्री ने किसानों को नई योजनाओं के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है।

शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

मुख्यमंत्री ने किसानों को नई योजनाओं के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टैªक्टर पर बैठकर किसानों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारी और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर सिंह पटेल, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, सदस्य सौरभ साहेब, कृषि उत्पादन आयुक्त  शहला निगार, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह, कृषि संचालक राहुल देव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम एमडी अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग के संचालक एस. जगदीशन राव, मत्स्य विभाग के संचालक नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।