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CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन के लिए बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन के लिए बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

 रायपुर। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है, और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिन तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा, बल्कि गर्मी और उमस का असर बढ़ेगा।

बिजली गिरने की चेतावनी

छत्तीसगढ़ राज्य के 16 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, धमतरी और गरियाबंद शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है, जो कि खासकर बस्तर और सुकमा क्षेत्र में अधिक हो सकती है। साथ ही, इन क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खुले में रहने से बचने की अपील की है, खासकर जब गरज-चमक हो रही हो।

गामी चार दिनों में मौसम का हाल

छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने कहा है कि आगामी चार दिनों तक प्रदेशभर में बारिश की गतिविधि कम हो जाएगी। हालांकि, इसके बावजूद कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें या रिमझिम बारिश हो सकती है। इसी दौरान, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप और उमस की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में वृद्धि हो सकती है।

सर्दियों के मौसम की शुरुआत में यह बदलाव महसूस हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम का यह परिवर्तन आमतौर पर मानसून के बाद होता है, जब तेज धूप और उमस का दौर शुरू हो जाता है।

छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में बिजली का खतरा :
मनेन्द्रगढ़, कोरिया, बलरामपुर, रायगढ़, बस्तर, सुकमा समेत अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

तेज हवाओं की चेतावनी:
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे मौसम और भी प्रभावित हो सकता है।

गर्मी और उमस बढ़ेगी:
अगले चार दिनों तक प्रदेश में गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है, जबकि हल्की बारिश या फुहारें बीच-बीच में हो सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में येलो अलर्ट:
सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बरसात में कमी, तापमान में वृद्धि:
बारिश की गतिविधियों में कमी आने के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है, खासकर रायपुर और दुर्ग क्षेत्रों में।

CG : ‘बच्चों पर जादू टोना करती है तुम्हारी मां….’, बैगा की बातों में आकर बेटे ने कुल्हाड़ी से की मां की हत्या

CG : ‘बच्चों पर जादू टोना करती है तुम्हारी मां….’, बैगा की बातों में आकर बेटे ने कुल्हाड़ी से की मां की हत्या

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरवानी में अंधविश्वास के चलते एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने बैगा की बातों में आकर अपनी ही मां की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। 38 वर्षीय विष्णु केंवट, जो कि अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था, बीते कुछ समय से बच्चों की लगातार खराब तबीयत को लेकर मानसिक रूप से परेशान था।

इलाज के लिए वैद्य और बैगाओं के पास भटकते हुए एक बैगा ने उसे यकीन दिलाया कि उसके बच्चों पर जादू-टोना हुआ है और यह किसी अपने द्वारा ही किया गया है। कई बार पूछने पर बैगा ने उसे बताया कि यह जादू-टोना उसकी ही मां मंटोरा बाई केंवट कर रही है।

आरोपी ने थाने पहुंचकर किया सरेंडर

यह सुनकर विष्णु ने मां पर शक करना शुरू कर दिया और शुक्रवार दोपहर 2 बजे कुल्हाड़ी लेकर उसकी झोपड़ी में जा पहुंचा। मां ने जब बेटे के आरोपों को खारिज किया, तो गुस्से में आकर विष्णु ने ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के तुरंत बाद विष्णु खुद चकरभाठा थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूलते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 CG : एनकीट किनारे मिली अज्ञात युवती की लाश, इलाके में फैली सनसनी, हत्या की आशंका

CG : एनकीट किनारे मिली अज्ञात युवती की लाश, इलाके में फैली सनसनी, हत्या की आशंका

 दुर्ग।  जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज घटना सामने आई है। नगपुर चौकी अंतर्गत लिटिया-सिमरिया बॉर्डर के पास एनकीट के किनारे शनिवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिला। मृतका की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष आंकी जा रही है। शव बरामद होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

दरअसल जानकारी मिलते ही नगपुर पुलिस चौकी की टीम, एफएसएल अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को घटनास्थल से युवती का चप्पल भी मिला है, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि घटना स्थल पर ही उसकी हत्या की गई होगी। युवती के सिर और माथे पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि किसी भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है और हत्या की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। एफएसएल की टीम वैज्ञानिक तरीके से सबूत इकट्ठा कर रही है, वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े सुराग मिल सकें।वहीं एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का कारण और समय स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मृतका की पहचान और हत्या के पीछे का कारण सामने आ सके। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

 
बेकाबू होकर पलटी CRPF जवानों से भरी बस, हादसे में 20 से अधिक यात्री घायल, दो की हालत गंभीर

बेकाबू होकर पलटी CRPF जवानों से भरी बस, हादसे में 20 से अधिक यात्री घायल, दो की हालत गंभीर

 बालोद।  बालोद से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रायपुर से बीजापुर जा रही यात्री बस अनिंयत्रित होकर पलट ग। इस दौरान करीब 20 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। बताया गया कि, हादसा दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के शिकारीटोला गांव के पास हुआ। घायलों को दल्लीराजहरा के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

मिली जाकारी के अनुसार, घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के शिकारीटोला गांव की है। बस में 16 सीआरपीएफ जवान और करीब 15 यात्री सवार थे।
जवान छुट्टी मनाकर वापस भोपालट्टनम कैंप में ड्यूटी पर लौटने के लिए रायपुर से यात्री बस में सवार हुए थे। इस दौरान बस अचानकर अनिंयत्रित होकर पलट गई। जिसमें 20 से अधिक यात्री घायल हो गए और दो की हालत गम्भीर बताई गई।

 वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायल यात्रियों को दल्लीराजहरा के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। फिलहाल इस मामले में दल्लीराजहरा पुलिस जांच जुटी है।

CRIME : चंद महीने की दुल्हन की मौत, मायके वालों ने जताया हत्या का संदेह

CRIME : चंद महीने की दुल्हन की मौत, मायके वालों ने जताया हत्या का संदेह

 कोंडागांव।  माकड़ी थाना क्षेत्र के मीरमिंडा गांव में शुक्रवार को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने सनसनी फैला दी। मृतका की पहचान रुचिका चौहान के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज तीन महीने पहले राधेश्याम चौहान से हुई थी।

अवैध संबंध और कलह का आरोप

मृतका की छोटी बहन ने पुलिस को बताया कि शादी से पहले राधेश्याम का किसी अन्य महिला से अवैध संबंध था। शादी के बाद भी वह देर रात तक घर से बाहर रहता था। इन्हीं बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होते थे।

पुलिस जांच में जुटी

पीड़ित परिवार ने घटना की शिकायत कोंडागांव सिटी कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

 
खुशखबरी… पूरी हुई NHM कर्मचारियों की मांग, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी, खत्म करेंगे हड़ताल

खुशखबरी… पूरी हुई NHM कर्मचारियों की मांग, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी, खत्म करेंगे हड़ताल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी लगातार एक महीने से हड़ताल पर हैं। जिसमें 16,000 से अधिक कर्मचारी नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन पर है। वहीं इस मामले को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि, सरकार ने उनकी 10 मांगों में से 4 मांगें पूरी कर दी है और 3 मांगों के लिए एक कमेटी बना दी गई है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बन गई है और एनएचएम कर्मचारी कल से काम पर लौट सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों से अपील की है कि, वे आज शाम तक काम पर लौटें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो सरकार नई भर्ती निकालेगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि, जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है उनके मामले पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि, बीते दिनों हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को लेकर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने सख्त निर्देश दिए थे कि, जो कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे तो उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए जाएगा। इसके अलावा, सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को शुक्रवार तक खाली पदों की सूची तैयार करने और उसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा सके। हालांकि, सरकार ने अब तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगभग 700 NHM कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कल नवा रायपुर के धरना स्थल तूता से जेल भरो आंदोलन किया था। जिसमें प्रदेशभर से करीब 10 हजार कर्मचारी शामिल थे।

दिल दहला देने वाली घटना… खाट पर सो रही बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत, इलाके में फैली दहशत

दिल दहला देने वाली घटना… खाट पर सो रही बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत, इलाके में फैली दहशत

 बलरामपुर।  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां खाट पर सो रही महिला की अचानक जिंदा जलने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हर कोई खौफनाक घटना से दहशत में है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मिली जानकारी के अनुसार, जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत देवीगंज गांव में एक 35 वर्षीय बुजुर्ग महिल अनीता पाल रात के समय ढिबरी जलाकर खाट में सो रही थी। इस दौरान अचानक खाट में आग लग और देखते ही देखते महिला की आग चपेट में आने मौत हो गई। सुबह हुई तो आसपास के लोगों ने घर से धुआं निकलते देख मौके पर पहुंचे तो देखा कि बुजुर्ग महिला का लाश पूरी तरह से जलकर खाट के नीचे पड़ी हुई थी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

 वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। बताया गया कि, महिला की दिमागी हालत खराब थी। फिलहाल मामले में पुलिस जांच कर रही है। वहीं इस खौफनाक घटना से हर कोई दहशत में है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, ED ने पेश किया जवाब , 23 सितंबर को अगली सुनवाई

चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, ED ने पेश किया जवाब , 23 सितंबर को अगली सुनवाई

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। ईडी की ओर से अपना जवाब पूरा कर दिया गया है। अब अगली कार्यवाही में दोनों पक्ष लिखित तर्क पेश करेंगे। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में चल रही इस याचिका में चैतन्य बघेल ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती दी है। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।

 बता दें कि शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग की गई है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है।

ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

CG – फिर खून से सनी सड़क, अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, मौके पर हुई 2 दोस्तों की मौत…..

CG – फिर खून से सनी सड़क, अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, मौके पर हुई 2 दोस्तों की मौत…..

 धमतरी। जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुरानी रायपुर-धमतरी मार्ग पर गुजरा पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।

भखारा थाना क्षेत्र के गुजरा पेट्रोल पम्प के पास दो दोस्तों की मौत हो गई। बलराज पटेल और पोखन यादव, जो खाना खाने के बाद बाइक पर टहलने निकले थे, अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों मौके पर ही दम तोड़ गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई पुलिस ने दोनों दोस्त के शव को पोस्टमार्टम करने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। ठोकर मारने वाले अज्ञात वाहन की शिनाख्त के लिए पुलिस ने टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर कार्यवाही करने में जुट गई है।

अजब-गजब : मृत व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी, मृत्यु के 18 महीने बाद गिरफ्तार करने घर पहुंची पुलिस, फिर जो हुआ…

अजब-गजब : मृत व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी, मृत्यु के 18 महीने बाद गिरफ्तार करने घर पहुंची पुलिस, फिर जो हुआ…

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ऐसे व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है, जिसका निधन 18 महीने पहले हो चुका था। यह घटना कानूनी और पुलिस प्रक्रियाओं की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

यह मामला दिलीप दुबे नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जो कोरबा के एमपी नगर के निवासी थे। उनका निधन 31 जनवरी 2024 को हो गया था। इसके बावजूद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 19 सितंबर 2024 को उनके नाम से एक गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। वारंट में उन्हें एक मामले में साक्षी के रूप में अदालत में पेश न होने के कारण गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है।

दुबे के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में उन्हें कभी भी समन नहीं भेजा और सीधे गिरफ्तारी वारंट लेकर उनके घर पहुंच गई। यह मामला तब का है जब एक युवक ने उनके बेटे के साथ मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट रामपुर पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने दिलीप दुबे और उनकी पत्नी को साक्षी बनाया था। परिवार अब वारंट रद्द करवाने के लिए न्यायालय के चक्कर लगा रहा है। यह घटना पुलिस और न्यायिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल इस मामले पर किसी भी अधिकारी का कोई बयान नहीं आया है।

प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

बड़ी खबर : साय सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के प्रभार में बदलाव, यहां देखें लिस्ट

बड़ी खबर : साय सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के प्रभार में बदलाव, यहां देखें लिस्ट

रायपुर - छत्तीसगढ़ सरकार ने साय कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के जिलों के प्रभार का बंटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने नए मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए आदेश जारी किए हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण जिलों में प्रभार बदले गए हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि इससे विकास योजनाओं और सुरक्षा उपायों पर नई रणनीति की उम्मीद जताई जा रही है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों के प्रभारों में बदलाव किया गया है, जिसमें तीन नए मंत्रियों को भी जिले सौंपे गए हैं। यह वितरण अगस्त में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद आया है, जब तीन नए विधायकों—गजेन्द्र यादव, गुरू खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल—को मंत्री पद पर शपथ दिलाई गई थी। इससे कैबिनेट का आकार 14 सदस्यों तक पहुंच गया, जो राज्य विधानसभा के 90 सदस्यों के लिए अधिकतम सीमा है।

मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा को नक्सल प्रभावित बस्तर जिले का प्रभार सौंपा गया है। बस्तर में सुरक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि शर्मा की निगरानी में यहां चल रही योजनाओं को मजबूती मिलेगी।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को राजनांदगांव जिले का प्रभार मिला है। यह जिला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, और यादव यहां विकास कार्यों के साथ प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे। यादव को स्कूल शिक्षा, कुटीर उद्योग और विधि-विधायी कार्य विभाग भी सौंपे गए हैं।

मंत्री राजेश अग्रवाल को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले का प्रभारी बनाया गया है। यह अपेक्षाकृत नया जिला है, जहां बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस है। अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं एंडोमेंट विभाग दिए गए हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्र है, जहां सामाजिक न्याय और विकास पर जोर दिया जाएगा।

मंत्री गुरू खुशवंत साहेब को सक्ती जिले का प्रभार मिला है। साहेब को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और अनुसूचित जाति विकास विभाग सौंपे गए हैं।

सफलता की कहानी : पीएम सूर्यघर से सूरज देगा बिजली, बदलेगा जिंदगी का हर कोना

सफलता की कहानी : पीएम सूर्यघर से सूरज देगा बिजली, बदलेगा जिंदगी का हर कोना

 सिर्फ विटामिन डी नहीं, जीवन का आधार है सुरज की रोशनी

रायपुर -  देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और हर घर तक स्वच्छ, सस्ती एवं निरंतर बिजली पहुँचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल नागरिकों को बिजली बिल से हमेशा के लिए राहत दिला रही है, बल्कि परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी क्रांतिकारी योगदान दे रही है। छत्तीसगढ़ में इस योजना का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में अत्यंत प्रभावी और संवेदनशील ढंग से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति तेज हुई है।

देश की “पावर कैपिटल” कहलाने वाले कोरबा जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का प्रभाव विशेष महत्व रखता है। यहाँ अनेक परिवार इस योजना का लाभ उठाकर हर महीने बचत कर रहे हैं और बिजली बिल आने जाने के झमेले से मुक्त हो रहे हैं। इन्हीं में से एक प्रेरक उदाहरण हैं नकटीखार, कोरबा निवासी रंजीत कुमार है, जिन्होंने अपने परिवार के जीवन में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है।

श्री रंजीत कुमार जो एसईसीएल, कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, मेहनतकश व्यक्ति हैं। हर महीने आने वाला बिजली बिल, परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई के खर्चों के बीच बिजली बिल अक्सर उनके बजट को बिगाड़ देते थे। यही कारण था कि जब प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाने का निश्चय किया। दो माह पहले आवेदन करके उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल सिस्टम लगवाया। जिसकी कुल लागत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपए रही, 78 हजार रुपए केंद्र सरकार की सब्सिडी पहले ही मिल चुकी है। शेष राशि में उन्होंने सस्ती व आसान दर पर लोन लेकर तथा कुछ नकद भुगतान देकर किया। सिर्फ कुछ हफ्तों में ही यह निवेश उनके जीवन के लिए सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ। पहले जहां उनके घर का बिजली बिल हर महीने एक हजारों रुपए तक पहुँच जाया करता था, वहीं अब सौर ऊर्जा से चल रहे घर का मासिक बिल मात्र 130 रुपए आ रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण की भी बड़ी मित्र है। सौर ऊर्जा से न केवल कोयला और डीज़ल जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, बल्कि वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में, जहाँ कोयला आधारित बिजली उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, वहां सौर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग पर्यावरण संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान है। परिवारों को बिजली बिल से मुक्तिमिल रही है, घरों में रोशनी और उपकरणों का संचालन संभव हो रहा है, लोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।

श्री कुमार और उनके परिवार ने बताया “अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। सौर पैनल ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होती और घर के उपकरण भी बिना रुकावट चलते हैं।
आज उनका घर न केवल रोशन है बल्कि ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक आदर्श भी बन गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के सशक्त क्रियान्वयन से आमजन का जीवन बदल रहा है। यह योजना उन हजारों परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अब तक बिजली का स्थाई उपाय ढूंढ रहें थे। पीएम सूर्यघर योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता, आर्थिक मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा की राह दिखाई है।

एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल

रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, श्री पूरन दास, श्री कौशलेश तिवारी, श्री हेमंत सिन्हा, श्री दिनेश चंद्र, श्री संतोष चंदेल, श्री प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

 जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त

रायपुर/ राज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था।
राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं।
26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।
मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है।
जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे ग्रीन कॉरिडोर:एनएचएआई ने इस साल लगाए 2.71 लाख पौधे

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे ग्रीन कॉरिडोर:एनएचएआई ने इस साल लगाए 2.71 लाख पौधे

 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग: तरक्की की राह के साथ साथ हरियाली की छांव भी – मुख्यमंत्री साय

रायपुर. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर दो लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97 हजार 145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46 हजार 141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23 हजार 020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16 हजार 847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14 हजार 400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5406 पौधे रोपे गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें काफी संख्या में बड़े फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुन्दर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल दो लाख दो हजार 959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए जा चुके हैं।

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर-  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

13 साल की मासूम से किया अनाचार, आरोपी गिरफ्तार

13 साल की मासूम से किया अनाचार, आरोपी गिरफ्तार

 आरंग। 13 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने उस मासूम को ही अपने हवस का शिकार बनाया, जो उसके बच्चों की देखभाल करती थी। आरंग पुलिस ने आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया है।आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि 13 वर्षीय मासूम पीड़िता आरोपी के घर पर उसके बच्चों का देखभाल करती थी। आरोपी ने किसी बहाने से मासूम बच्ची को आरंग बस स्टैंड के पास ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर आरंग पुलिस ने तत्परता के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कोरबा में अनियंत्रित JCB नहर में गिरी, चालक लापता, रेस्क्यू जारी

कोरबा में अनियंत्रित JCB नहर में गिरी, चालक लापता, रेस्क्यू जारी

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के उरगा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक गंभीर हादसा हुआ, जब नहर किनारे काम कर रही जेसीबी (JCB) अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में जेसीबी चालक अमित पटेल लापता हो गया है और पानी में बह जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना का लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, जेसीबी मशीन नहर किनारे काम कर रही थी। चालक ने वाहन को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन रिटर्न लेने के दौरान मशीन अचानक पलट गई और नहर में गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मौके पर कुछ युवक हादसे का वीडियो भी बनाया।

सूचना मिलने पर नगर सेना और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुबह काफी मशक्कत के बाद जेसीबी को दूसरे वाहन की मदद से बाहर निकाल लिया गया। उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि चालक की तलाश अभी जारी है। परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है।

पुलिस और नगर सेना की टीम ने आसपास के इलाके में भी जाल बिछाकर चालक की खोज शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नहर के तेज बहाव और रात का समय रेस्क्यू को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। इस हादसे के कारण नहर के किनारे कामकाज भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।

आधिकारिक रूप से बताया गया कि घटना के दौरान किसी अन्य वाहन या मजदूर को नुकसान नहीं पहुंचा। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नहर के आसपास सतर्कता बढ़ा दी है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा उपायों की समीक्षा शुरू कर दी है।

मृत सब इंजीनियर का किया ट्रांसफर, नगरीय प्रशासन विभाग की लापरवाही आई सामने

मृत सब इंजीनियर का किया ट्रांसफर, नगरीय प्रशासन विभाग की लापरवाही आई सामने

 बालोद।  छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विभाग में लगातार तबादले किए जा रहे हैं। वहीं इस बीच बालोद से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक मृत इंजीनियर का तबादला कर दिया। विभाग ने जिस उप अभियंता का ट्रांसफर किया उसकी दो महीने पहले की मौत हो चुकी है। जिसके बाद से ही विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

दरअसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की तरफ से जारी ट्रांसफर लिस्ट में दल्लीराजहरा नगर पालिका में पदस्थ रहे उप अभियंता योगानंद सोम का दबादला नगर पंचतायत तुमगांव किया है। जिनका दो महीने पहले निधन हो गया था। लेकिन विभाग ने लापरवाही करते हुए उनकी फाइल और रिकॉर्डस को अपडेट नहीं किया और जीवित मानकर ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया।

 बता दें कि, इस मामले को लेकर अब विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं मामले का खुलासा होते ही प्रशासनिक चूक सामने आई। जिसके बाद विभाग ने ट्रांसफर आदेश को संशोधित कर दिया गया है। वहीं इस घटना से पता चलता है कि पूरा सिस्टम कितना लापरवाह है।

विदाई से पहले मानसून ने किया कमबैक, प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश, अलर्ट जारी

विदाई से पहले मानसून ने किया कमबैक, प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश, अलर्ट जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब अलविदा कहने वाला है। लेकिन अभी भी प्रदेश के कई जिलों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। वहीं राजधानी में दो दिन के ब्रेक के बाद मानसून से फिर से कमबैक कर लिया है। दिनभर की गर्मी और उमस के बाद शाम होते ही बारिश शुरू होने लगती है। वहीं आज सुबह से ही आसमान में काले बादल छाएं हुए हैं तो बारिश भी शुरू हो गई।

वहीं मौसम विभाग ने बताया कि,पिछले 24 घंटे में सरगजुा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के अनेक स्थानों पर और दुर्ग व बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। जिसमें सरंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरसीवा में सर्वाधिक वर्षा 40.0 मिमी दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.6°C दुर्ग व राजनांदगाँव में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4°C पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया।

 मौसम विभाग के अनुसार, 4 दिनों में बारिश की गतिविधि कमी आने और वृध्दि होने की संभावना है। वहीं आज (शुक्रवार) राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी के साथ ही आज प्रदेश के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही प्रदेश में एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात होने की संभावना जताई गई है।

छोटी बहन की हत्या के मामले कोर्ट ने आरोपी बड़ी बहन को सुनाई उम्र कैद की सजा, लौकी नहीं छिलने पर की थी हत्या

छोटी बहन की हत्या के मामले कोर्ट ने आरोपी बड़ी बहन को सुनाई उम्र कैद की सजा, लौकी नहीं छिलने पर की थी हत्या

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक बड़ी बहन ने लौकी नहीं छिलने और खाना नहीं बनाने से नाराज होकर खलबट्टे सिर कुचल कर अपनी ही छोटी बहन की हत्या कर दी। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी बहन को आजावीन कारावास की सजा सुनाई।

क्या था पूरा मामला

दरअसल, यह पूरा मामला बीते साल अप्रैल 2025 रायगढ़ जिले के कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जिंदल रोड पतरापाली में रहने वाले दिनदयाल महतो की तीन बेटियां थीं। जिसमें से बड़ी रेखा की शादी हो चुकी थी, जबकि नेहा (20 वर्ष) और रंजिता माता-पिता के साथ ही रहती थी।

वहीं घटना वाली रात आरोपी ने नेहा ने छोटी बहन रंजिता को खाना बनाने औ लौकी छिलने को कहा लेकिन, रंजिता ने मना कर दिया। जिसके बाद नेहा ने नाराज़ होकर कहा कि, अगर खाना नहीं बनाएगी, तो खाएगी भी नहीं। इसके बाद नेहा ने खुद खाना बनाकर रख दिया। थोड़ी देर बाद रंजिता ने कहा कि, वह खाना चुकी है और सोने जा रही है। छोटी बहन की बात सुन नेहा गुस्से से आग बबुला हो गई।

नेहा ने अपने पिता को दुकान से शक्कर लाने भेजा और रसोई में रखे लोहे के खलबट्टे से रंजिता के सिर पर जोरदार वार कर दिया। रंजिता के चिल्लाने पर नेहा डर गई की कहीं मां न जाग जाए, इसलिए उसने दोबारा वार कर दिया। जिससे की मौके पर ही रंजिता की मौत हो गई। जिसके बाद पति ने पुलिस को सूचना दी।

Raigarh Crime News: सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की और परिवार से पूछताछ की गई। जब नेहा से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपराध कबूल कर लिया। जिसके बाद उस पर कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं अब धारा 302 और 201 के तहत उसे उम्र कैद की सजा सुनाई।

मिर्ची हवन से मिला सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने डॉ. प्रेमसाई महाराज को किया सम्मानित

मिर्ची हवन से मिला सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने डॉ. प्रेमसाई महाराज को किया सम्मानित

 रायपुर।  राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘निखरता छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2025’ में मां मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमसाई जी महाराज को ग्यारह हजार किलो मिर्ची हवन के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सम्मानित किया गया। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ की कई जानी-मानी हस्तियाँ मौजूद रहीं।

प्रधानमंत्री मोदी की कुलदेवी मां मातंगी

 
आधा दर्जन निरीक्षकों का तबादला, देखें लिस्ट...

आधा दर्जन निरीक्षकों का तबादला, देखें लिस्ट...

 रायपुर । रायपुर में आधा दर्जन निरीक्षकों के तबादले हुये है। सूची में कुछ थानों के टीआई को भी इधर से उधर किया गया है।  एसएसपी डाॅ. लाल उमेद के द्वारा जारी सूची में निरीक्षक अजीत सिंह राजपूत को थाना प्रभारी कोतवाली से र.आ.केंद्र भेजा गया है। निरीक्षक शिव नारायण सिंह को थाना प्रभारी डीडी नगर से थाना प्रभारी कोतवाली, निरीक्षक रविन्द्र सिंह को थाना प्रभारी मौदहापारा से थाना प्रभारी डीडी नगर, निरीक्षक मुकेश शर्मा को र.आ.केंद्र से थाना प्रभारी मौदहापारा, निरीक्षक मनीष तिवारी को रआ केंद्र से थाना प्रभारी माना और निरीक्षक शील आदित्य कुमार सिंह को यातायात से थाना प्रभारी पुरानी बस्ती भेजा गया है। 

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