BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
दस साल पहले लापता हुई किशोरी मिली, प्रेमी के घर एक ही कमरे में कर रही थी गुजारा, नहीं लगी परिवार को भनक

दस साल पहले लापता हुई किशोरी मिली, प्रेमी के घर एक ही कमरे में कर रही थी गुजारा, नहीं लगी परिवार को भनक

पलक्कड़, केरल के एक गांव से 10 साल पहले अपने घर से लापता हुई किशोरी अपने प्रेमी के साथ मिली है और इतने साल से वह अपने प्रेमी के घर एक कमरे में रह रही थी जबकि इस बारे में दोनों के अभिभावक को भनक भी नहीं लगी जबकि लड़की का घर भी प्रेमी के घर के पास ही था और लड़के के घर वालों को भी इसकी खबर नहीं हुई.


पुलिस ने बताया कि वह फरवरी, 2010 में नेमारा पुलिस थाना क्षेत्र के अयीरूर से लापता हुई थी और उस समय वह सिर्फ 18 साल की थी. पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच की. पुलिस ने बताया कि महिला के प्रेमी का घर उसके माता-पिता के घर के नजदीक ही था और वह इस साल मार्च तक उस व्यक्ति के साथ ही रह रही थी. पुलिस के अनुसार कराक्टुपारम्ब गांव में एक कमरे में रह रही इस महिला की देखभाल उसके प्रेमी ने की.


महिला रात में कमरे की खिड़की से बाहर निकल जाती थी, जो कि दिन में बंद रहता था. महिला के कमरे से कोई शौचालय भी नहीं जुड़ा था. उसका प्रेमी उसे खाना पहुंचाने के साथ अन्य जरूरी चीजें दे जाता था और बाहर से कमरे को बंद कर देता था. महिला का प्रेमी तीन महीने पहले लापता हो गया था, जिसकी जांच के दौरान इस कहानी का पता चला है. वह भी अपने प्रेमी के साथ ही चली गई थी.


अदालत में किया गया पेश


मंगलवार को व्यक्ति के भाई ने दोनों का पता लगाया. ये दोनों नेमारा के निकट स्थित विथानासेरी गांव में एक किराए के घर में रह रहे थे. पुलिस ने बताया कि इन दोनों को एक अदालत के सामने पेश किया गया. महिला को उसके प्रेमी के साथ रहने की इजाजत दे दी गई क्योंकि महिला की इच्छा यही थी. उसके रिश्तेदारों ने भी इसका विरोध नहीं किया.


पुलिस ने बताया कि पिछले 10 साल से वह कराक्टुपारम्ब में व्यक्ति के घर में रह रही थी और वह इतने वर्षों से अपनी प्रेमिका को छुपाकर रखने में सफल रहा था. यहां तक कि उसके अभिभावक और उसकी बहन को भी इसका पता नहीं चल पाया था. हालांकि इस बारे में वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ये सारी जानकारी रिश्तेदारों से जुटाई गई है और इसकी जांच होगी.

 

युवती ने अपने बॉयफ्रेंड को सेल्फी भेज लिख कुछ ऐसा, फिर नहर में तैरते मिली युवती की लाश

युवती ने अपने बॉयफ्रेंड को सेल्फी भेज लिख कुछ ऐसा, फिर नहर में तैरते मिली युवती की लाश

रीवा | रीवा में मॉर्निंग वॉक पर निकली युवती की नहर में लाश मिली. मौत से ऐन पहले लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड को सेल्फी भेजी थी. उसमें कैप्शन लिखा था बचाना चाहते हो तो बचा लो. और बस उसके बाद उसकी लाश मिली. अब ये मामला हत्या का है या आत्महत्या का, या फिर हादसा. पुलिस को ये आत्महत्या लग रही है लेकिन परिवार को हत्या की आशंका है.
रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब नहर में तैरती एक युवती की लाश मिली. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाली लड़की कल से लापता थी. घर से वो मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थी लेकिन लौटकर नहीं आयी. परिवार वालों ने उसकी काफी तलाश की. जब कहीं नहीं मिली तो पुलिस को खबर दी.


मैं नहर किनारे खड़ी हूं...
मामला जवान लड़की के लापता होने का था इसलिए पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की. तमाम जगह ढूंढ़ने के बाद पुलिस को पता चला कि लड़की का कोई बॉयफ्रेंड है. मोबाइल रिकॉर्ड से ये भी जानकारी लगी कि मौत से ऐन पहले युवती ने बॉयफ्रेंड के मोबाइल पर एक सेल्फी भेजी थी. इसमें कैप्शन लिखा था मैं नहर के किनारे खड़ी हूं बचाना चाहते हो तो बचा लो. और बस उसके बाद लड़की की लाश मिली.


24 घंटे बाद निकली लाश
पुलिस की टीम ने एसडीआरएफ टीम की मदद से नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. तकरीबन 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार को युवती का शव निकाला जा सका. परिवार वाले अपनी बेटी की हत्या की आशंका जता रहे हैं. उनका कहना है बेटी मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थी लेकिन लौटकर घर नहीं आई. उसकी हत्या की गई है.

पुलिस ने कहा-ये आत्महत्या है
इस मामले में अहम कड़ी लड़की का बॉयफ्रेंड ही है. इसलिए पुलिस ने उससे विस्तार से पूछताछ की. उसके आधार पर पुलिस का कहना है युवती ने आत्महत्या की है. अब आत्महत्या का कारण क्या है, इसका पता लगाया जा रहा है.

शहर के इस क्षेत्र में देह व्यापार का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 2 मॉडल समेत 3 युवतियों का पुलिस ने किया रेस्क्यू

शहर के इस क्षेत्र में देह व्यापार का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 2 मॉडल समेत 3 युवतियों का पुलिस ने किया रेस्क्यू

मुंबई | देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से फिर देह व्यापार के पकड़े जाने की खबर सामने आ रही है | खबर है कि मुंबई की क्राइम ब्रांच की सोशल सर्विस विभाग ने सेक्‍स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक होटल पर छापेमारी के दौरान तीन महिलाओं को रेस्‍क्‍यू किया है जिनमें से एक मॉडल नहीं है। पुलिस को इस छापे के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देह व्यापार जैसे घिनौने कार्य से बचाई गई मॉडल 22 और 25 साल की हैं। वहीं तीसरी महिला की उम्र 35 साल है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को भी अरेस्‍ट किया है। वह महिला कास्टिंग डायरेक्‍टर होने के साथ-साथ ब्‍यूटिशियन भी है।


पुलिस को इस गैंग के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद अंधेरी वर्सोवा के एक होटल में पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजकर इन लोगों को बुलाया और लड़कियों के साथ महिला कास्टिंग डायरेक्‍टर को रंगे हाथों अरेस्‍ट कर लिया। पुलिस आगे मामले जी जांच कर रही है।

 

एक साथ नौ बच्चों को जन्म देने का रिकार्ड टुटा, इस महिला ने एक साथ दिया इतने बच्चों को जन्म

एक साथ नौ बच्चों को जन्म देने का रिकार्ड टुटा, इस महिला ने एक साथ दिया इतने बच्चों को जन्म

दक्षिण अफ्रीका। माली की एक महिला द्वारा पिछले माह ही एक साथ नौ बच्चों को जन्म देने का रिकार्ड पिछले दिनों प्रिटोरिया की एक महिला ने एक साथ दस बच्चों को जन्म देकर तोड दिया है। हालाकि इस दावे को अभी तक किसी प्रमाणिक संस्था ने प्रमाणित नही किया है।
ज्ञात हो कि अभी एक माह पूर्व ही माली की एक महिला हलीमा ने एक साथ नौ बच्चो को जन्म दिया था और विगत सात जून को प्रिटोरिया की 37 वर्षीय महिला गोसियामे थमारा सिथोल ने एक साथ दस बच्चों को जन्म दे हलीमा के रिकार्ड को घ्वस्त कर दिया है। मिल रही जानकारी के अनुसार इस तरह का यह मामला अभी तक का अजूबा है। यहां यह भी बताना आवश्यक है कि सिथोल के पहले से ही जूडवे बच्चें है। सिथोल का मामला इस मामले मे ंभी आश्चर्य जनक है कि इसने विज्ञान को भी एक तरह से धोखा दे दिया है क्योकिं डाक्टरो का मानना था कि सिथोल छह बच्चो को जन्म देने वाली है लेकिन जन्म के समय उसने दस बच्चो को जन्म दिया।

विगत सात जून को प्रिटोरिया के एक अस्पताल मे यह अनोखा कारनामा करने वाली सिथोल ने सात लडकों तथा तीन लडकियो ंको जन्म दिया है। मामले पर थिमोर का कहना है कि उसने इन बच्चो के लिए गर्भधारण सामान्य तरीके से ही किया था। लेकिन बच्चों का जन्म उनके लिए काफी कश्टकारी रहा है गर्भ के पूरे समय उन्हें पैरा मे ंदर्द तथा हार्ट बर्न का काफी सामना करना पडा है। यहां यह भी बताना आवश्यक है कि गोसियामे ंथमारा के दस बच्चो के जन्म देने के दावे का किसी भी प्रमाणिक सस्था ने समर्थन नही किया है। लेकिन अगर थमारा का यह दावा सत्य साबित होता है तो हलीमा के रिकार्ड को घ्वस्त करते हुए थमारा का यह रिकार्ड मान्य हो जायेगा। खास बात तो यह है कि थमारा के सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ है लेकिन उन्हें सुरक्षा के दृष्टिकोण से अभी कुछ महीने इन्क्यूबेटर मे ंरखा जा रहा है। 

शशि थरूर ने ट्विटर पर शेयर किया शादी का अनोखा विज्ञापन, जाने क्या है पूरा मामला

शशि थरूर ने ट्विटर पर शेयर किया शादी का अनोखा विज्ञापन, जाने क्या है पूरा मामला

Matrimonial Ad Viral: शादी के तो कई विज्ञापन हर रोज आते हैं पर इस बार एक ऐसा विज्ञापन नजर में आया है जो आपको हैरान कर देगा. ये विज्ञापन सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है. विज्ञापन को कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्विटर पर शेयर किया. उनके शेयर करते ही ये वायरल होने लगा.
उन्होंने पोस्ट में अखबार की एक क्लिप शेयर की और कैप्शन दिया,
Vaccinated bride seeks vaccinated groom! No doubt the preferred marriage gift will be a booster shot!? Is this going to be our New Normal?
बस फिर क्या था, मानों कमेंट्स की तो जैसे बाढ़ आ गई हो.
आप भी देखें वायरल पोस्ट-

 

 

अनलॉक: यहाँ 11 जून से शुरू होगी अनलॉक की प्रक्रिया, जानें क्या-क्या खुलेगा

अनलॉक: यहाँ 11 जून से शुरू होगी अनलॉक की प्रक्रिया, जानें क्या-क्या खुलेगा

अहमदाबाद, गुजरात में 11 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होगी. राज्य सरकार ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. नाइट कर्फ्यू अभी भी रात 9 से सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा. बता दें कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होता देख 1 जून के बाद से कई राज्यों ने अनलॉक प्रक्रिया शुरू की है.


11 जून से क्या-क्या खुलेगा
• 50 से ज्यादा लोग एक साथ इक्कठा नहीं हो सकेंगे .
• राज्य के सभी धार्मिक स्थल 11 जून से खुलेंगे.
• लाइब्रेरी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगी.
• बाग-बगीचे सुबह 6 बजे शाम 7 के बीच में खुलेंगे.
• जिम भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे.
• सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे.
• होटल और रेस्टोरेंट में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच इन-डाइनिंग सर्विस शुरू करने की मंजूरी, रात 12 बजे तक होम डिलिवरी की छूट.
• दुकानें सुबह 9 -शाम 7 के बीच में खुली रह सकेंगीं.
बता दें प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में कोरोना वायरस संक्रमण के 778 नये मामले सामने आए. जबकि प्रदेश में इस संक्रमण से 11 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या 8,17,012और मृतकों की संख्या 9,944 हो गई.

 

आधी रात को मां ने अपने प्रेमी को बुलाया घर, बेटे ने देखकर मचाया शोर, जाने फिर क्या हुआ

आधी रात को मां ने अपने प्रेमी को बुलाया घर, बेटे ने देखकर मचाया शोर, जाने फिर क्या हुआ

बिहार के मधुबनी के हरलाखी में एक महिला ने देर रात अपने अधेड़ प्रेमी को घर बुलाया। प्रेमी चुपके से महिला के कमरे में दाखिल हो गया लेकिन आवाज सुनकर प्रेमिका के बेटे की नींद खुल गई। उसने कमरे में झांककर देखा तो किसी अधेड़ को मां के कमरे में पाया। ऐसे में उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने अधेड़ को पकड़कर उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसकी पिटाई कर दी। इससे वह बेहोश हो गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने महिला के एक बेटे को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरा फरार है। जानकारी के अनुसार मृतक अक्सर महिला के घर आता-जाता था।
महिला का पति दूसरे राज्य में नौकरी करता है, जिससे परिवार चलता है। इसी बीच महिला के मृतक के साथ अवैध संबंध बन गए। दोनों के बीच सबकुछ ठीक चल रहा था। इसी बीच महिला ने मृतक को घर बुलाया। आहट से उसके बेटे की नींद खुल गई। मां के कमरे में किसी व्यक्ति को देखकर उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर से दूसरे भाई सहित ग्रामीण जाग गए। उन्होंने अधेड़ के हाथ-पैर बांध दिए और उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। इससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के एक बेटे को गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरा फरार है।
 

बंगाल की खाड़ी के इलाके में उष्णकटिबंधीय चक्रवात की चेतावनी उपग्रह से पहले अब यह नई तकनीक दे देगी, पढ़े पूरी खबर

बंगाल की खाड़ी के इलाके में उष्णकटिबंधीय चक्रवात की चेतावनी उपग्रह से पहले अब यह नई तकनीक दे देगी, पढ़े पूरी खबर

भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी सटीक तकनीक का पता लगाया है, जो उत्तर हिन्द महासागर क्षेत्र के ऊपर बनने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का पता उपग्रह की सूचना से भी पहले लगा लेगी।

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का पहले पता लग जाने का सामाजिक-आर्थिक हालात पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा। अब तक दूर संवेदी तकनीक के जरिये ही उनका पता सबसे तेजी से लगाया जाता रहा है। बहरहाल, इस दूर संवेदी तकनीक से पता लगाना उसी समय संभव होता था, जब समुद्र के पानी की ऊपरी सतह गर्म हो और कम दबाव का क्षेत्र बन रहा हो। इसका पता लगाने और चक्रवात के वजूद में आने के बीच काफी लंबा अंतराल होता है, जिससे तैयारी करने का वक्त मिल जाता है।

समुद्री सतह पर गर्म वातावरण बनने के हवाले से चक्रवात के वजूद में आने से पहले, वातावरण में अस्थिरता आने लगती है और हवा भंवरदार बनने लगती है। इस गतिविधि से वातावरण में उथल-पुथल शुरू हो जाती है। इस तरह के बवंडर से जो वातावरण बनता है, वह आगे चलकर तेज तूफान को जन्म देता है तथा समुद्र की सतह के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन जाता है। तेज तूफान आने की संभावना का इन्हीं गतिविधियों से पता लगाया जाता है।

आईआईटी खड़कपुर के जिया अल्बर्ट, बिष्णुप्रिया साहू और प्रसाद के. भास्करन जैसे वैज्ञानिकों के दल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम (सीसीपी) के तहत एक नई तकनीक ईजाद की है। इसमें बवंडर का सुराग लगाने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है और उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने की स्थिति और उसकी पूर्व-चेतावनी दी जा सकती है। अनुसंधानकर्ताओं ने इस विषय पर ‘एटमॉसफेरिक रिसर्च’ नामक पत्रिका में अपना शोध प्रकाशित किया है।

वैज्ञानिकों ने जो तकनीक विकसित की है, उसका मकसद है कि तूफान आने से पहले ही बंवडर और भंवरदार हवा का सुराग लगा लिया जाये। वैज्ञानिक इसकी पहचान और भंवरदार हवा का विश्लेषण करने के लिये दो चीजों के बीच की न्यूनतम दूरी को आधार बनाते हैं। इसका पैमाना 27 किलोमीटर और नौ किलोमीटर का है। इससे बनने वाली तस्वीर का मूल्यांकन करके पता लगाया जाता है कि तूफान की भावी दशा और दिशा क्या हो सकती है। इस अध्ययन में मानसून के बाद आये चार भयंकर तूफानों को विषय बनाया गया था – फाइलिन (2013), वरदाह (2013), गाजा (2018), मादी (2013) और दो तूफान मानसून के बाद आये – मोरा (2017) तथा आयला (2009), जो उत्तर हिंद महासगार के ऊपर बने थे।

वैज्ञानिकों के दल ने गौर किया कि इस तकनीक से कम से कम चार दिन (लगभग 90 घंटा पहले) पहले तूफान के आने का पता लगाया जा सकता है कि वह कब बनेगा। इसमें मानसून से पहले और बाद, दोनों समय आने वाले तूफान शामिल हैं। उष्णकटिबंधीय चक्रवात वातावरण की ऊपरी सतह पर पनपते हैं और पूर्व-मानसून काल के हवाले से जल्दी पकड़ में आ जाते हैं, जबकि मानसून पश्चात इसे इतनी तेजी से नहीं पकड़ा जा सकता। इस अध्ययन में बवंडर और भंवरदार हवा की गहन पड़ताल की गई, उनके व्यवहार को जांचा-परखा गया तथा आम दिनों के वातावरण के साथ इसके नतीजों की तुलना की गई।

इस तकनीक से उष्णकटिबंधीय चक्रवात का वातावरण में ही सुराग लगाया जा सकता है। यह तकनीक समुद्री सतह के ऊपर की हलचल को उपग्रह द्वारा पकड़ने से भी तेज है।

 

 नदी से निकलकर ग्रामीण के आंगन में जा पहुंचा विशालकाय मगरमच्छ, मचा हड़कंप

नदी से निकलकर ग्रामीण के आंगन में जा पहुंचा विशालकाय मगरमच्छ, मचा हड़कंप

लखीमपुर खीरी के मन्नापुरवा गांव में एक ग्रामीण के आंगन में विशालकाय मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया. गांव के पास ही बहने वाली शारदा नदी से निकलकर यह मगरमच्छ आंगन तक पहुंच गया था. फौरन इसकी सूचना वन विभाग को दी गई और कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर मगरमच्छ को वापस नदी में छोड़ दिया. रात करीब 12 बाजे संतोष कुमार अपने बच्चे के साथ आंगन में छप्पर के नीच एक चारपाई पर सो रहे थे. उन्हें कुछ आवाज सुनाई दी, तभी उन्होंने आंगन में मगरमच्छ देखा. फिर घर से सभी लोग शोर मचाने लगे और भागकर बाहर आ गए और तब गांव के अन्य लोगों को भी यह खबर मिली.

घर के आंगन में मगरमच्छ के निकलने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सुबह मौके पर पहुंची और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रस्सी के सहारे बांधकर बोरे में बंद कर लिया और मगरमच्छ को सुरक्षित शारदा नदी में छोड़ दिया. ग्रामीणों ने बताया कि यह मगरमच्छ शारदा नदी से निकलकर यहां तक आ पहुंचा था. बरसात के दिनों ने मगरमच्छ रिहाइशी इलाकों में आ जाते हैं. गांव वालों का कहना है कि यह पूरा इलाका जंगल और नदी से घिरा हुआ है. इसलिए कई बार खतरनाक जानवर गांव में चले आते हैं. मगरमच्छ के गांव में आने को लेकर गांव वालों ने कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं. बहरहाल मगरमच्छ को सुरक्षित नदी में छोड़ने से गांव वालों ने राहत की सांस ली है.

 
नशीली गोलियां खिलाकर दलित किशोरी के साथ रातभर किये गैंगरेप

नशीली गोलियां खिलाकर दलित किशोरी के साथ रातभर किये गैंगरेप

फिरोजाबाद में सिरसागंज थानान्तर्गत एक दलित बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपियों ने बुधवार की रात्रि को वारदात को अंजाम दिया। मामले में चार मुख्य आरोपी और दो उनके साथी बताए जा रहे है। रात्रि में बालिका को अपने साथ नहर किनारे एक खेत में ले गए और वहां सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
बालिका पूरी रात्रि घर से गायब रही। सुबह परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की तो बदहवास अवस्था में बालिका घटनास्थल पर मिली। परिजन उसे घर ले आए और यहां बालिका ने परिजनों को आपबीती सुनाई। मामले में पीडित परिजनों की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले से हडकम्प मचा हुआ है।
बालिका रात्रि को करीब आठ बजे शौच को गई थी लेकिन फिर काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी। जिस पर परिजनों को चिंता हुई थी। रात भर बालिका को आसपास खोजा लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने सुबह फिर से खोजबीन शुरू की तो बालिका ग्राम नगला पंचम में नहर किनारे एक खेत में पड़ी मिली।
परिजन उसे घर ले आए और बालिका से पूछताछ की।
भयभीत बालिका ने परिजनों के सामने अपने साथ हुए दुष्कर्म की बात बताई। इससे परिजनों में हड़कम्प मच गया। बालिका की हालत खराब होने पर परिजन उसे उपचार के लिए ले गये। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 4 मुख्य आरोपियों और उनके दो अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। अब पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
धमकियों से डरकर पंजाब भागा था पीड़िता का परिवार
सिरसागंज। पीडिता के पिता के अनुसार जब उन्होंने अपनी बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना के बारे में आरोपियों के परिजनों से बात करने की कोशिश की तो उल्टा वह पीडिता को ही धमकाने लगे। आरोपियों की ओर से पीडिता के परिजनों को पुलिस कार्यवाही करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। तहरीर में उपरोक्त बातों का वर्णन करते हुए पिता ने कहा कि डर के कारण वह पंजाब चला गया था। इसलिए घटना 3 जून की रात्रि को हुई और हमने तहरीर अब दी है। डर की वजह से हम इतने दिन पंजाब रहे और फिर लौटकर आए हैं तब तहरीर दी है।
दुष्कर्म से पूर्व बालिका को खिलाई नशे की गोलियां
सिरसागंज। पीडिता के पिता के अनुसार जब बालिका शौच के लिए खेत पर गई थी तभी ग्राम नगला पंचम निवासी प्रेम पुत्र बच्चू यादव, अतुल यादव, अजय पुत्र सर्वेश यादव व छोटे लाल अपने दो अन्य साथियों के साथ आए और बालिका को खेत से उठा ले गए। बाद में इन्होंने बालिका को नशीली गोलियां खिला दी। फिर सभी ने उसके साथ सामूहिक रूप से दुष्कर्म किया। पूरी रात भर बालिका के साथ दरिंदगी की गई।

 

केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय किए वैक्सीन के दाम, रूसी स्पूतनिक-वी से महंगी है देसी कोवैक्सीन

केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय किए वैक्सीन के दाम, रूसी स्पूतनिक-वी से महंगी है देसी कोवैक्सीन

केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए कोरोना वैक्सीन के अधिकतम दाम तय कर दिया है। अगर आप किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में कोविशील्ड लते हैं तो आपको 780 रुपए देने होंगे। इसके अलावा कोवैक्सीन के लिए 1410 और रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी के लिए 1145 रुपए खर्च करने होंगे। आपको बता दें कि इसमें प्रतिशत जीएसटी के साथ-साथ 150 रुपए का सर्विस चार्ज भी शामिल है।
आपको बता दें कि वैक्सीन निर्माताओं द्वारा वर्तमान में घोषित कीमतों के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी अस्पतालों के लिए वैक्सिन के दाम तय किए हैं।


सरकार ने वैक्सीन की 44 करोड़ खुराक के ऑर्डर भी दिए
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कोविड-19 रोधी टीकों - कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 44 करोड़ खुराक के लिए आर्डर दिए हैं। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र राज्यों के खरीद कोटे को अपने हाथों में ले लेगा तथा 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए राज्यों को टीके मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि निर्माताओं द्वारा कोविड टीकों की इन 44 करोड़ खुराकों की आपूर्ति अगस्त और दिसंबर के बीच की जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों में बदलाव की कल प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने के बाद केंद्र ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कोविशील्ड की 25 करोड़ खुराक तथा भारत बायोटेक को कोवैक्सीन की 19 करोड़ खुराक के लिए आर्डर दिया है। उन्होंने कहा, "इसके अतिरिक्त, दोनों कोविड टीकों की खरीद के लिए 30 प्रतिशत अग्रिम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जारी कर दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि केंद्र इस साल 16 जनवरी से "सरकार के समग्र दृष्टिकोण" के तहत प्रभावी टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन कर रहा है।
केंद्र को मिले विभिन्न ज्ञापनों के के आधार पर, टीकाकरण रणनीति के तीसरे चरण 18 साल से अधिक आयु के सभी वयस्कों के लिए टीकाकरण एक मई से शुरू किया गया था। अधिकारी ने कहा, "अब देश भर में टीकाकरण अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के मकसद के बीच, 18 साल से अधिक आयु के सभी नागरिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड टीके की खुराक मुफ्त में ले सकते हैं।"

 

रोहिंग्या को बांग्लादेश से भारत में बसाने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार, एटीएस को मिली सफलता

रोहिंग्या को बांग्लादेश से भारत में बसाने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार, एटीएस को मिली सफलता

एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड (एटीएस) ने बांग्लादेश के रास्ते रोहिंग्यों को लाकर भारत में बसाने वाले गैंग के मास्टर माइंड नूर आलम और उसके साथी आमिर हुसैन को गाजियाबाद से सोमवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से यूएनएचसीआर का कार्ड, फर्जी पैनकार्ड व आधार कार्ड और भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। उन्हें एटीएस पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जा सके।

एटीएस ने लखनऊ में छह जनवरी 2021 को म्यामार के नागरिकों को गिरफ्तार किया था। उनमें मुख्य रूप से रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट, धोखाधड़ी, कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप थे कि वह बांग्लादेश से रोहिंग्या नागरिकों को लाकर भारत में बसाने का बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। पूछताछ में अजीजुल्लाह ने बताया था कि उसका बहनोई नूर आलम उर्फ रफ़ीक ही गैंग का सरगना और मास्टर माइंड है। वहीं लोगों को बांग्लादेश व म्यायांर से लाकर भारत के कई हिस्सों में बसाता है। नूर आलम की एटीएस को जनवरी से ही तलाश थी। मुखबिरों की मदद से उसे सोमवार की शाम 6 बजे के करीब गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया।


नूर आलम बांग्लादेश के नयापाड़ा रिफ्यूजी कैंप में रह रहा था। वह मूलत: म्यांमार के क्वायसंग जिला अक्याब का निवासी है और इन दिनों मेरठ के दरबार लबरखास में रह रहा था। वह अपने साथी आमिर हुसैन मूल निवासी जिला मौगंडू म्यांमार को भारत में बसाने की कोशिश में था। उसने सभी जरूरी दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवा लिए थे। नूर आलम ने आमिर को भरोसा दिलाया था कि फर्जी दस्तावेज बनवा कर वह उसे भारत की नागरिकता दिला देगा। नूर आलम के कब्जे से 65860 रुपये और आमिर हुसैन से 4800 रुपये बरामद किए गए हैं। साथ ही एक मोबाइल भी मिला है। एटीएस के साथ ही अन्य खुफिया एजेंसियां भी दोनों से पूछताछ कर रही हैं।
 

इस जेल से बाहर नहीं आना चाहते कैदी, पेरोल लेने से कर दिया इनकार, जानें क्यों

इस जेल से बाहर नहीं आना चाहते कैदी, पेरोल लेने से कर दिया इनकार, जानें क्यों

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच जेलों में संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने बंदियों को घर जाने के लिए पैरोल दिया तो गोरखपुर जेल में बंद दो कैदियों ने घर जाने से ही मना कर दिया। पैरोल ठुकराते हुए उन्होंने जेल प्रशासन को बताया कि पिछले साल का अनुभव बेहद खराब रहा। अब वह सजा पूरी करके ही घर जाना चाहते हैं। इस महामारी में वह घर से अच्छा तो जेल को ही मान रहे हैं। दरअसल, पिछली बार भी इन्हें पैरोल मिला था और यह घर गए थे। बाद में ये एक माह बाद पुलिस की मदद से वापस जेल लौट थे। दोबारा वह घर नहीं जाना चाहते हैं।
प्रदेश के सभी जेलों में पिछली बार की तरह इस बार भी भीड़ कम करने के लिए 2152 कैदियों को आठ हफ्ते पैरोल देने की व्यवस्था बनाई गई है। इस बार जब यह फरमान गोरखपुर जेल में पहुंचा तो सजायाफ्ता बंदी उषा व हरिशंकर ने घर जाने से इंकार कर दिया। चूंकि ये दोनों पिछली बार घर जाने के बाद लेट से जेल पहुंचे थे। गोरखपुर जेल में बंद उरुवा थानाक्षेत्र के शमदपुर टोला जगदीशपुर की रहने वाली उषा देवी (61) पत्नी सम्हारू, 2011 में दहेज हत्या के आरोप में जेल आई। 9 अक्तूबर 2015 को कोर्ट से 7 साल की सजा हुई। बड़हलगंज के मामखोर निवासी हरिशंकर (49) पुत्र गुलाब शुक्ला वर्ष 2007 में गैर इरादतन हत्या के प्रयास के आरोप में छह साल की सजा हुई।
सर्वोच्च न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद दूसरी बार 2017 में फिर जेल पहुंचे। तभी से सजा काट रहे। दोनों की सजा आधी से अधिक पूरी हो चुकी है। प्रदेश के कुल 21 कैंदियों ने इस बार पैरोल पर जाने से मना कर दिया है। वहीं इस वर्ष 12 कैंदियों को पैरोल व 150 बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है। वहीं पिछले वर्ष 26 कैदी पैरोल व 250 से ज्यादा बंदी अंतरिम जमानत पर बाहर गए थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने बताया कि दो सजायाफ्ता कैदियों ने पैरोल पर जाने से मना किया है।
 

वाहन चालक ने मुस्लिम परिवार के पांच लोगों को रौंदा, चार की मौत..प्रधानंत्री ने की हमले की निंदा

वाहन चालक ने मुस्लिम परिवार के पांच लोगों को रौंदा, चार की मौत..प्रधानंत्री ने की हमले की निंदा

टोरंटो/नई दिल्ली। कनाडा में पैदल जा रहे मुस्लिम परिवार के पांच लोगों को एक व्यक्ति ने अपने वाहन से टक्कर मार दी। घटना में परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कनाडा की पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हमले की निंदा की। 

आरोप है कि वाहन चालक ने परिवार को मुस्लिम होने के कारण निशाना बनाया। घटना रविवार शाम में हुई। ओंटारियो में पुलिस ने बताया कि पीड़ितों में 74 वर्षीय महिला, 46 वर्षीय पुरुष, 44 वर्षीय महिला और 15 वर्षीय लड़की शामिल है। नौ साल का बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। परिवार ने नाम जाहिर नहीं करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उस पर चार लोगों की हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
महात्मा गांधी की पड़पोती को चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में 7 साल की जेल

महात्मा गांधी की पड़पोती को चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में 7 साल की जेल

दक्षिण अफ्रीका में रह रही महात्मा गांधी की पड़पोती फर्जीवाड़े के आरोप में जेल भेज दिया गया। 56 साल की आशीष लता रामगोबिन को डरबन की एक अदालत ने उन्हें 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई है। सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया जिसमें आशीष लता रामगोबिन को दोषी करार दिया गया।
खुद को कारोबारी बताने वाली लता ने स्थानीय कारोबारी से धोखे से 62 लाख रुपये हड़प लिए। धोखाधड़ी का शिकार हुए एसआर महाराज ने बताया कि लता ने उन्हें मुनाफ का लालच देकर उनसे पैसे लिए थे। लता पर बिजनसमैन एसआर महाराज को धोखा देने का आरोप लगा था। महाराज ने लता को एक कनसाइंमेंट के इम्पोर्ट और कस्टम क्लियर करने लिए 60 लाख रुपये दिए थेस लेकिन ऐसा कोई कनसाइंमेट था ही नहीं। लता ने वादा किया था कि वो इसके मुनाफे का हिस्सा एसआर महाराज को देंगी।
कारोबारी के साथ जालसाजी
लता रामगोबिन मशहूर मानवाधिकार इला गांधी और दिवंगत मेवा रामगोबिंद की बेटी हैं, लता को डरबन स्पेशलाइज्ड कमर्शियल क्राइम कोर्ट ने दोषी पाए जाने और सजा दोनों के खिलाफ अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि लता रामगोबिन ने न्यू अफ्रीका अलायंस फुटवियर डिस्ट्रीब्यूटर्स के डायरेक्टर महाराज से अगस्त 2015 में मुलाकात की थी।
महाराज की कंपनी कंपनी कपड़े, लिनन के कपड़े और जूते का आयात, निर्माण और बिक्री करती है। महाराज की कंपनी अन्य कंपनियों को प्रोफिट-शेयर के आधार पर पैसे भी देती है। लता रामगोबिन ने महाराज से कहा था कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी अस्पताल ग्रुप नेटकेयर के लिए लिनन के कपड़े के तीन कंटेनर आयात किए हैं।
धोखे से लिए पैसे
कोर्ट में बताया गया कि लता ने एसआर महाराज से कहा कि उसे आयात लागत और सीमा शुल्क का भुगतान करने के लिए पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और उसे बंदरगाह पर सामान खाली करने के लिए पैसे की जरूरत थी।"
इसके बाद लता ने महाराज से कहा कि उसे 62 लाख रुपये की जरूरत है और अपनी बात को सिद्ध करने के लिए उसने साइन किया हुआ खरीदारी का ऑर्डर भेजा जो यह दिखाता कि लता ने माल खरीदा है।लेकिन महाराज को आखिर में पता चल गया कि जो दस्तावेज उसे दिखाए गए हैं वो नकली है और उसने लता के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया।
NGO इंटरनेशनल सेंटर फॉर नॉन वायलेंस में एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर रामगोबिन ने खुद को पर्यावरण, समाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश किया है. इला गांधी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके कामों के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है।


 

बस स्टैंड स्थित होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का हुआ भंडाफोड़, छह महिला के साथ पांच पुरुष गिरफ्तार

बस स्टैंड स्थित होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का हुआ भंडाफोड़, छह महिला के साथ पांच पुरुष गिरफ्तार

बिहार के अररिया में बस स्टैंड स्थित होटल शिवलोक चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ कर तीन युवतियों, तीन महिलाओं समेत पांच पुरुष को गिरफ्तार किया है। होटल मालिक भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने आरोपियों से नगदी के अलावा आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाई में जुट गई है।
एसपी ह्यदयकांत के निदेश पर सोमवर को एसडीपीओ पुष्कर कुमार की अगुवाई में नगर थाना व महिला थाना पुलिस ने संयुक्तरूप से यह कार्यवाई की।एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने देर शाम नगर थाना में मीडिया को बताया कि एसपी को सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के पास होटलों में देह व्यापार का धंधा चल रहा है। इसको लेकर पूर्व में भी बस स्टैंड स्थित कई होटलों में छापेमारी की गई थी। लेकिन उस वक्त पुलिस के पहुंचने से पहले ही देह व्यापार में शामिल महिलाएं व पुरुष भागने में सफल रहे थे। उसके बाद से पुलिस इन होटलों पर लगातार नजर बनाए हुए थी।
सोमवार को सूचना मिली कि बस स्टैंड के पास शिवलोक होटल में देह व्यापार का धंधा चल रहा है।इसके बाद नगर थानेदार सुनील कुमार, महिला थानेदार रीता कुमारी व सशस्त्र बल के जवानों व महिला पुलिसकर्मी ने छापा मारा तो अलग-अलग कमरे से तीन लड़कियां, तीन महिलाएं और पांच पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले।डीएसपी ने बताया कि पकड़ी गई महिलाएं पूर्णिया, फारबिसगंज, सिकटी व अन्य जगहों की रहनेवाली है। जबकि पकड़े गए पुरुषों की पहचान श्रवण कुमार सिंह पिता देबू सिंह कमलपुर रानीगंज, चंद्रभूषण सिंह पिता महेश्वर सिंह डोरियारे, बसैटी रानीगंज, चुल्ला पिता अब्दुल रहमान जोकीहाट,अब्दुल कलाम पिता स्वर्गीय अब्दुल लतीफ रामपुर कोदरकट्टी व मो अंजर पिता मो आबिद हुसैन कोचाधामन, जिला किशनगंज के रूप में हुई है।
डीएसपी ने कहा कि होटल संचालक सहित पुरुष ग्राहको के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता है की होटल में देह व्यापार चलता हो और होटल संचालक को इसकी खबर ना हो होटल संचालक के विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

 

शर्मनाक: नशे में धुत होकर घर आए बेटे ने मां के साथ किया रेप, पड़ोसियों को देखकर भागा

शर्मनाक: नशे में धुत होकर घर आए बेटे ने मां के साथ किया रेप, पड़ोसियों को देखकर भागा

गोरखपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक गांव में नशे में धुत एक बेटे ने अपनी सगी मां के साथ रेप कर दिया। मां की जमकर पिटाई भी की। बचाओ-बचाओ की आवाज सुनकर जुटे पड़ोसियों की आहट पर आरोपी भाग खड़ा हुआ।
अपने ही बेटे की दरिंदगी की शिकार इस 55 वर्षीय महिला के पति की पांच साल पहले मौत हो गई थी। पड़ोसियों ने महिला के छोटे बेटे को फोन कर घटना की जानकारी दी। छोटा बेटा घर पहुंचा तो मां को लेकर थाने पर गया। वहां मां की लिखित तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी बेटे की तलाश शुरू कर दी। मां के मुताबिक उसके 22 वर्षीय बड़े बेटे को नशे की आदत है। वह अक्समर नशा करके घर पहुंचता था। टोकने पर मां के साथ गाली-गलौच, मारपीट उसके लिए आम बात थी। इस बार भी वह शराब पीकर घर आया। घर पर मां को अकेले देखकर उसने गाली-गलौच करते हुए उसके साथ मारपीट की। यही नहीं शराब के नशे में धुत लड़का रिश्तें की मर्यादा को भूलकर मां के साथ जबरदस्ती करने लगा। उसने अपनी मां के साथ रेप कर दिया।
महिला का शोर सुनकर अगल-बगल के लोग वहां पहुंच गए। तब तक आरोपी फरार हो गया। लोगों ने फोन कर महिला के छोटे बेटे को घटना की जानकारी दी। घर पहुंचा छोटा बेटा मां को लेकर थाने पहुंचा और अपने बड़े भाई के खिलाफ केस दर्ज कराया। घटना के बारे में सहजनवां थाने के प्रभारी निरीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि महिला का मेडिकल कराया जा रहा है। उन्होंरने कहा कि आरोपी बेटे की तलाश की जा रही है। उसके खिलाफ सख्तज कार्रवाई की जाएगी।

 

लडकिया सप्लाई करने वाले ससुर ने अपनी बहु को भी नही छोड़ा, 80 हजार में बेचा, पति के शिकायत पर हुए 8 गिरफ्तार

लडकिया सप्लाई करने वाले ससुर ने अपनी बहु को भी नही छोड़ा, 80 हजार में बेचा, पति के शिकायत पर हुए 8 गिरफ्तार

पूर्वांचल और बिहार से लाकर लड़कियों को बेचने वाले शातिर शख्स ने ग्राहक मिलने पर अपनी ही बहू का सौदा कर डाला। बीमारी का बहाना बनाकर गाजियाबाद में रह रहे बेटे से अनुरोध कर बहू को बुलवाया। इसके बाद गुजरात के रहने वालों से रुपया लेकर बहू को हवाले कर दिया। पुत्र की सूचना पर पुलिस ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन से बेची गई महिला को बरामद किया और गुजरात के रहने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मानव तस्करी के मुकदमे का मुख्य अभियुक्त और ग्राहक लाने वाला पुलिस पकड़ से दूर है।
रामनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को सूचना दी कि उसके पिता चंद्रराम वर्मा ने मेरी पत्नी को बेच दिया है। खरीदने वाले रेलवे स्टेशन पर युवक की पत्नी के साथ मौजूद हैं। मानव तस्करी का मामला सुनते ही पुलिस हरकत में आ गई। रेलवे स्टेशन पर पहुंची पुलिस ने युवक की पत्नी को सकुशल बरामद करते हुए महिला की खरीद करने वाले आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में साहिल पंचा, पप्पू भाई शर्मा, अपूर्व पंचा, गीता बेन, नीता बेन, शिल्पा बेन, राकेश व अजय भाई पंचा सभी निवासी आडेव आदिनाथ नगर थाना उमेडा अहमदाबाद (गुजरात) शामिल हैं। पीड़ित पति की तहरीर पर पुलिस ने पकड़े गए आठ आरोपियों के साथ युवक के पिता चंद्र राम व रामू गौतम के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी चंद्रराम व रामू गौतम फरार हैं।
बीमारी का बहाना बना बहू को बुलाया था
युवक ने बताया कि वह गाजियाबाद में टैक्सी चलाता है। वर्ष-2016 एक एप के माध्यम से असम की एक लड़की से बात हुई। वर्ष 2019 में उसने लखनऊ में मन्दिर में लड़की से शादी कर ली और उसे लेकर गाजियाबाद जाकर टैक्सी चलाकर परिवार पालने लगा। युवक के अनुसार पिता ने बीमारी की बात कहते हुए बहू को भेजने की बात कही। जिस पर उसने बुकिंग होने की बात कहकर पत्नी को दो जून की रात को भेजा जो तीन की सुबह पहुंच गई।
बाराबंकी आया तो पत्नी गायब मिली
युवक ने बताया कि 3 की रात को उसने भी ट्रेन पकड़ ली और 4 की सुबह बाराबंकी पहुंच गया। घर पहुंचा तो पत्नी नहीं दिखी। पता चला कुछ बाहरी लोग अभी कुछ देर पहले निकले हैं। युवक ने बताया कि पिता के चरित्र को वह जानता था इसलिए वह बस स्टैंड होता हुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा तो देखा कि पत्नी कुछ लोगों के साथ खड़ी है। जिस पर उसने पुलिस की मदद ली।
अस्सी हजार में तय हुआ था सौदा
रामनगर क्षेत्र के ही एक गांव का रामू गौतम अहमदाबाद गुजरात में काम करता था, उसने अपने दोस्त चंद्र राम वर्मा को बताया कि अहमदाबाद के साहिल पंचा की शादी के लिए लड़की खरीदना चाहता है। रुपए मिलने की बात सुनते ही चंद्र राम ने अपनी बहू को बेचने की योजना बना डाली। यही नहीं उसने अपने बेटे को बीमारी की बात बता कर बहू को बुलाया और उधर गुजरात के लड़की खरीदने वालों को भी बुलाया। चंद्र राम वर्मा ने 80 हजार रुपए में सौदा तय किया। साठ हजार नगद और 20 हजार बहाने से अपने बेटे के खाते में डलवा दिए। युवक ने कहा कि रुपए आने पर उसका शक और गहरा गया था।
 

राहुल गाँधी ने पूछा सवाल- अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसे क्यों लेने चाहिए

राहुल गाँधी ने पूछा सवाल- अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसे क्यों लेने चाहिए

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना टीकाकरण नीति में बड़ा बदलाव करते हुए कहा कि सभी देशवासियों के लिए केंद्र सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी. उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि राज्यों के पास टीकाकरण से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी. ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि 21 जून से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों को मुफ्त टीका देगी. किसी भी राज्य सरकार को टीके पर कुछ खर्च नहीं करना होगा.''

साथ ही उन्होंने कहा कि देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी. प्राइवेट अस्पताल, वैक्सीन की निर्धारित कीमत के उपरांत एक डोज पर अधिकतम 150 रुपए ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे. इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के ही पास रहेगा.

 


इसी को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने #FreeVaccineForAll के साथ ट्वीट किया, ''एक सीधा सवाल- अगर टीके सभी के लिए मुफ्त हैं तो फिर निजी अस्पतालों को पैसे क्यों लेने चाहिए.''
 

बड़ी खबर :  केमिकल फैक्ट्री में आग, सात लोगों की मौत, वहीं 10 लोग अब भी लापता, पढ़े पूरी खबर

बड़ी खबर : केमिकल फैक्ट्री में आग, सात लोगों की मौत, वहीं 10 लोग अब भी लापता, पढ़े पूरी खबर

पुणे, महाराष्ट्र के पुणे में एक वाटर प्योरिफाइंग केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई है. इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई है. वहीं 10 लोग अब भी लापता हैं.घटना पिरानगट इंडस्ट्रियल जोन में हुई है. पिरानगट मुल्सी तालुका में स्थित है. घटनास्थल पर पांच दमकल टीम मौजूद है. आग पर काबू पा लिया गया है. राहत और बचाव कार्य जारी है. अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि केमिकल प्लांट में आग दोपहर करीब 2 बजे लगी थी. सूचना मिलने के बाद दमकल की 5 गाडिय़ों को मौके पर भेजा गया. फिलहाल आग बुझा दी गई है और कूलिंग का काम जारी है.दमकल अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट में फिलहाल सैनेटाइजर बनाने का काम किया जा रहा था. आग लगने के बाद अब तक 7 शवों को बाहर निकाला गया है