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विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

विमान का इंजन फेल लगी आग, 1000 फीट की ऊंचाई, 231 यात्री थे सवार

वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के डेनवर एयरपोर्ट से होनोलुलु के लिए उड़ान भरने के साथ ही यूनाइटेड एयरलाइंस के विमान का इंजन फेल हो गया और देखते ही देखते इंजन धू-धू कर जलने लगा। इस खौफनाक मंजर को जो भी देख रहा था, 200 से ज्यादा उन यात्रियों की जिंदगी सलामत रखने के लिए दुआ कर रहा था जो विमान में सवार थे। फ्लाइट एक हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर थी और इंजन जल रहा था। 200 से ज्यादा यात्री और दिल दहलाने वाले इस मंजर को लाइव देखने वाले हर किसी की सांसे थम गई थीं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक उड़ान भरने के साथ ही बोइंग 777 विमान का इंजन अचानक फेल हो गया। फ्लाइट एक हजार फीट की ऊंचाई तक जा पहुंची थी और जबतक लोगों को कुछ समझ में आता फ्लाइट का एक इंजन जलने लगा था। विमान का एक इंजन जल रहा था और फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों को अपनी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था। प्लाइट में मौजूद एक यात्री ने इंजन जलने का वीडियो अपने कैमरे में बनाया जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंजर कितना खौफनाक रहा होगा। वीडिया में दिख रहा है कि आग लगने से इंजन के पूर्जे नीचे गिर रहे हैं और आग की लपटें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि गनीमत रही की फ्लाइट क्रैश नहीं किया और 20 मिनट बाद ही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हो गई। हालांकि, फ्लाइंट के इंजन में आग लगने के बाद किसी भी यात्री को कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है और सभी यात्री पूरी तरह सलामत बताए जा रहे हैं।


पायलट ने नहीं खोया होश
एक हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक विमान का एक इंजन फेल होने की बात पता चलने के बाद भी विमान के पायलट ने अपना होश बरकरार रखा। पायलट देख रहा था कि विमान का एक इंजन जल रहा है फिर भी वो पूरे हवास में विमान की इंमरजेंसी लैंडिग करने के लिए कोशिशें करता रहा। पायलट ने इंजन फेल होने की जानकारी फौरन ग्राउंड स्टाफ को दी। और करीब 20 मिनट के बाद फ्लाइट का इमरजेंसी लैंडिंग कराया गया। स्थानीय पुलिस के मुताबिक इंजन में आग लगने के बाद उसके पूर्जे कई किलोमीटर तक गिर गये थे। कई लोगों के घरों के बाहर भी इंजन के पूर्जे गिरे, जिसे बाद में हटा लिया गया।


धमाके के साथ इंजन में आग

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक विमान बोइंग-777 में 10 क्रू मेंबर्स के साथ 231 यात्री सवार थे। फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने बताया कि यात्रिकों को एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी जिसके बाद जब लोगों ने फ्लाइट की खिड़की से बाहर देखा तो पता चला कि फ्लाइट का एक इंजन ही गायब था। उस वक्त प्लेन करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर था। यात्रियों के मुताबिक उनकी आंखों के सामने मौत दिखाई दे रहा था मगर फ्लाइट के पायलट ने फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी और फिर सभी यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया गया। 

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही, सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले

रीवा । यहां से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरसअल एक बुजर्ग की लाश सड़क पर 48 घंटे तक पड़ी रही। हैरान करने वाली बात ये है कि लाश के ऊपर से 48 घंटे तक वाहन गुजरते रहे और रा​हगीर उसे जानवर की लाश समझते रहे। वहीं, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले, लेकिन कपड़ों से शख्स की पहचान की गई। मामला चोरहटा थाना क्षेत्र का है, जहां सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मौत के बाद बुजुर्ग की लाश 48 घंटे तक सड़क पर पड़ी रही और वाहन लाश के ऊपर से गुजरते रहे। मामले की सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस को सिर्फ बुजुर्ग की हड्डियों के टुकड़े मिले। 

इस राज्य के  विधानसभा में  58 वर्षो  में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

इस राज्य के विधानसभा में 58 वर्षो में पहली बार गूंजा राष्ट्रगान...

कोहिमा । नागालैंड विधानसभा ने राज्य गठन के 58 साल में पहली बार देश के राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की। यह इतिहास करीब एक सप्ताह पहले उस समय रचा गया, जब 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई। नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित हुई। इसके बावजूद राज्य की विधानसभा में कभी जन गण मनकी धुन नहीं गूंजी थी। हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसे लेकर कोई आदेश मौजूद नहीं है। इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर इसका सम्मान भी किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो नागालैंड विधानसभा भवन में पहली बार जन गण मनगूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए खुशी जताई है। 

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

उपराष्ट्रपति का सांसदों के नाम पत्र, पढ़े क्या लिया है उन्होंने

नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों को पत्र लिखा है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए काम करें। उन्होंने सांसदों से कहा, आप जिस बड़े इलाके का संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं, मैं आग्रह करता हूं कि आप वहां की स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से सहायक बनें। उन्होंने कहा कि आपके प्रयासों से भारतीय भाषाओं को काफी अधिक प्रोत्साहन मिल सकता है। 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवससे पहले वेंकैया नायडू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को अलग-अलग भाषाओं में पत्र लिखा है। तीन पन्नों के इस पत्र में नायडू ने स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने की जरूरतों को लेकर कहा कि यह देश के सांस्कृतिक विविधता को बचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने लिखा, संस्कृति और भाषा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक भाषा को समाप्त करना बेशकीमती विरासत को खोने जैसा है। हम ऐसा होने नहीं दे सकते। उपराष्ट्रपति ने आगे लिखा, हमारी विविधता भरी संस्कृति की खूबसूरती को केवल मातृभाषाओं को प्रोत्साहन देकर ही बचाया जा सकता है। मातृभाषा जीवन की आत्मा है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसदों को अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। 

एनकाउंटर में ढेर हुआ सिपाही की हत्या करने वाला  शराब माफिया मोती सिंह

एनकाउंटर में ढेर हुआ सिपाही की हत्या करने वाला शराब माफिया मोती सिंह

कासगंज । उत्तर प्रदेश में कासगंज के सिढ़पुरा इलाके में 9 फरवरी को सिपाही की हत्या व दरोगा को घायल करने की सनसनीखेज घटना में मुख्य आरोपी मोती सिंह पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया है। गोली लगने के बाद पुलिस ने मोती को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि सिपाही हत्याकांड के बाद मोती पर पुलिस ने एक लाख रुपये के इनाम रखा था। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर के मुताबिक इनामी मोती सिंह पुत्र हुब्बलाल से रविवार तड़के करतला रोड काली नदी के पास सिढ़पुरा में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इसमें पुलिस पर इनामी मोती सिंह ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई जिसमें एक गोली इनामी मोती सिंह को लगी है। उसे घायल हालत में जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने मोती के पास से दरोगा की लूटी गई पिस्टल भी बरामद की है। बता दें कि मोती ही सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी था। 9 फरवरी की रात पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या की गई थी और हमले में दरोगा घायल हुआ था। सिपाही की हत्या और पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती और उसके भाइयों की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस उसके ठिकानों पर चक्कर लगा रही थी और कयासों के आधार पर कई दिनों से उसकी तलाश मे जुटी थी।


मां समेत चार आरोपी जा चुके हैं जेल

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना की सुबह ही मुख्य आरोपी मोती धीमर के भाई एलकार को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था तथा उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, घटना के 8 दिन बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

शौच के लिए खेत में गयी किशोरी के साथ हुआ गैंगरेप, मुकदमा दर्ज, जाने कहाँ की है यह खबर

शौच के लिए खेत में गयी किशोरी के साथ हुआ गैंगरेप, मुकदमा दर्ज, जाने कहाँ की है यह खबर

कानपूर | शहर के घाटमपुर के गिरसी गाँव निवासी एक किशोरी के साथ गैंगरेप किये जाने की घटना सामने आयी है।मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने दलित किशोरी को बंधक बनाने के बाद गैंगरेप किया। घटना की जानकारी परिजनों ने  थाना पुलिस को दी। बताया गया कि शुक्रवार देर शाम किशोरी शौच के लिए खेतों में गयी थी। जहां  पर वह बदहवास हालत में पायी गयी। सूचना पर फोरेंसिक टीम के साथ ही पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाएं। वहीं घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। वहीं पीडि़ता के स्वजन की तहरीर पर पुलिस ने उसी गाँव के रहने वाले छोटे उफऱ् अनुराग,दादाराम व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  

 

 
सेक्स रैकेट संचालित करने वाली पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी की संपत्ति होगी कुर्क, जाने कहाँ की है खबर

सेक्स रैकेट संचालित करने वाली पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी की संपत्ति होगी कुर्क, जाने कहाँ की है खबर

हरदोई | उत्तरप्रदेश के हरदोई से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि सेक्स रैकेट चलाने वाली पंचायत राज विभाग की निलंबित महिला सफाई कर्मी की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी पुलिस ने कर ली है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटा लिया है। लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क किए जाने की तैयारी विभाग ने की है।

आपको बता दें कि नवंबर 2020 में सीओ सिटी विकास जायसवाल के नेतृत्व में देहात कोतवाली क्षेत्र में पिहानी चुंगी के निकट पंचायत राज विभाग की महिला सफाई कर्मी के घर पर पुलिस ने छापा डाला था। छापे के दौरान यहां से आपत्तिजनक स्थिति में पांच लड़के और पांच महिलाएं मिली थीं। पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने महिला सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया था।

जानकारी के अनुसार महिला सफाई कर्मी के विरुद्ध पूर्व में भी सेक्स रैकेट संचालित करने का मामला शहर कोतवाली में दर्ज था। एसपी अनुराग वत्स के निर्देश पर पुलिस ने महिला सफाई कर्मी और मौके से मिले लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी।
अब इस मामले में निलंबित महिला सफाई कर्मी के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर ली गई है। सीओ सिटी विकास जायसवाल ने बताया कि लगभग 35 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है, जो सेक्स रैकेट का संचालन कर महिला सफाई कर्मी ने कमाई है।

इसकी कुर्की कराए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। स्मैक तस्कर विकास चंद्र जायसवाल उर्फ निप्पी के विरुद्ध भी कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम तेरवा निवासी निप्पी पिछले कुछ वर्ष से शहर के वैटगंज में रहता है।

पुलिस ने उसे बीते दिनों गिरफ्तार किया था। इसके बाद उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। अब उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने की तैयारी है। लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लोधौरा निवासी रामनरेश उर्फ मुसई व राम किशोर उर्फ बबलू के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। रामनरेश और राम किशोर सगे भाई हैं। बीती चार जनवरी को बड़ी संख्या में अवैध शस्त्रों के साथ बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।

रामनरेश पर पहले से ही दस और राम किशोर पर नौ मामले बेनीगंज कोतवाली में दर्ज हैं। अधिकतर मामले अवैध शस्त्रों को बनाने और बेचने के हैं। बेनीगंज कोतवाल राजकरन शर्मा ने बताया कि दोनों के विरुद्ध गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अजीबोगरीब खबर : कोरोना के डर से माँ और बच्चों ने कई दिनों तक पिया अपना पेशाब, जाने कहाँ की है यह खबर

अजीबोगरीब खबर : कोरोना के डर से माँ और बच्चों ने कई दिनों तक पिया अपना पेशाब, जाने कहाँ की है यह खबर

ब्रिटेन | कोरोना महामारी ने पुरे विश्व में हाहाकार मचा रखा है | करोड़ो लोगों ने कोरोना महामारी के चपेट में आ कर जान गँवा चुके है | कई देशों की अर्थव्यवस्था इस महामारी के चलते तबाह हो गई है। आपको बता दें कि कोरोना के इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के फर्जी मैसेज वायरल किए गए हैं, जो कि बिल्कुल भी भरोसे के लायक नहीं होते । ऐसा ही वायरल मैसेज पर भरोसा कर कोरोना का इलाज करने का एक मामला ब्रिटेन से सामने आया है, जहां एक महिला और उनके 4 बच्चों ने चार दिन तक अपना ही  पेशाब पिया है। बताया गया कि उन्होंने कोरोना से बचने के लिए ऐसा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला लंदन का है | लंदन की रहने वाली महिला ने बताया कि उसने व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड किए गए मैसेज में देखा कि पेशाब पीने से कोरोना संक्रमण होने का खतरा नहीं है। ऐसे में उसने अपने मूत्र को पीने का फैसला लिया। महिला को कोरोना वैक्सीन पर यकीन नहीं था। महिला को लगता था कि उसके परिवार को वैक्सीन की वजह से खतरा हो सकता है।

अमित शाह को मिला हाई कोर्ट से समन, 22 फरवरी को तलब होने का दिया निर्देश, जाने क्या है मामला

अमित शाह को मिला हाई कोर्ट से समन, 22 फरवरी को तलब होने का दिया निर्देश, जाने क्या है मामला

पश्चिम बंगाल के चुनावी घमासान में अब कानूनी जंग भी शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मानहानि का केस दाखिल किया है। इसकी सुनवाई सोमवार को विशेष कोर्ट में की जाएगी।
यह मामला अमित शाह द्वारा 2018 में एक रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। सांसद-विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने 22 फरवरी को अमित शाह को तलब किया है।
बनर्जी द्वारा दायर मानहानि याचिका में कहा गया है कि 11 अगस्त 2018 को कोलकाता में भाजपा की युवा स्वाभिमान रैली के दौरान अमित शाह ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। बनर्जी ने कहा कि उन्होंने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर छवि उनकी खराब की है। याचिका के अनुसार अमित शाह ने कहा था, नारदा, शारदा, रोज वैली, सिंडिकेट करप्शन, भतीजे का करप्शन। ममता बनर्जी ने लगातार भ्रष्टाचार किए। बनर्जी ने इसके अलावा शाह के एक और बयान का भी याचिका में हवाला दिया है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में दिग्गज नेताओं की लगातार रैलियां व यात्राएं जारी हैं। गुरुवार को अमित शाह और ममता बनर्जी की रैलियां थीं। शाह शुक्रवार को भी पश्चिम बंगाल में ही हैं। पीएम मोदी भी 25 फरवरी को कोलकाता जा रहे हैं।

 

लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने नही माना इस दलील को

लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने नही माना इस दलील को

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने आधी सजा पूरी होने की उनकी दलील नहीं मानी।
शुक्रवार को लालू की जमानत याचिका और जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में आज सुनवाई हुई। सुबह से सबकी नजरें इस बात पर टिकी थी कि उन्हें जमानत मिलेगी या नहीं। आखिरकार लालू यादव व उनके परिजनों व समर्थकों को निराशा हाथ लगी। यादव को अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है।
लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मिली सजा की आधी अवधि पूरी करने के आधार पर जमानत मांगी थी। निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में सात साल की सजा सुनाई है। पिछली सुनवाई के दौरान लालू यादव ने 42 माह से अधिक जेल में रहने का दावा किया था।
वहीं सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री की इस जमानत याचिका का विरोध किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि लालू यादव ने आधी सजा नहीं काटी है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने लालू यादव और सीबीआई को हिरासत की कुल अवधि की सत्यापित कॉपी पेश करने का निर्देश दिया था।
उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल दिल्ली के एम्स अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करवा रहे लालू यादव की जमानत पर उच्च न्यायालय में पक्ष रखा। चारा घोटाला मामले में चार साल की सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत याचिका और जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत में यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। इस दौरान रिम्स की ओर से लालू को एम्स भेजने के लिए बनी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट भी पेश की गई।
 

कर्ज चुकाने के लिए छापे डाले लाखों के नकली नोट, यूट्यूब से सीख वारदात को दिया अंजाम

कर्ज चुकाने के लिए छापे डाले लाखों के नकली नोट, यूट्यूब से सीख वारदात को दिया अंजाम

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे 35 साल के शख्स को गिरफ्तार किया जिसने अपने सर का कर्ज उतारने के लिए घर पर ही नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया. गिरफ्तार शख्स का नाम मोहम्मद फकीयान अयूब खान है जो कि मुंबई के चेम्बूर इलाके में रहता है.

क्राइम ब्रांच के एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि, हमे एक जानकारी मिली थी कि एक युवक चेम्बूर इलाके में नकली नोट लेकर आने वाला है जिसके बाद क्राइम ब्रांच की यूनिट चार के निरीक्षक निनाद सावंत और उनकी टीम में एमएमआरडीए कॉलोनी के पास माहुल गाँव चेम्बूर में ट्रैप लगाकर युवक को हिरासत में ले लिया उसकी तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस को 57 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए.

पूछताछ के दौरान पुलिस को उसने बताया कि कुछ नॉट उसने अपने घर पर भी रक्खे हैं जिसके बाद एक टीम ने उसके घर पर छापा मारकर वहां से भी नकली नोट बरामद किए. पुलिस को उसके पास से कुल 3 लाख 98 हजार 550 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं.


कर्जा चुकाने के लिए छापी नकली नोट

आठ साल पहले खान मुम्बई आया था और अपने रिश्तेदार के गारमेंट में काम करने लगा पर खान को जितनी उम्मीदें थी उसे इतने पैसे नहीं मिल रहे थे जिसके बाद उसने अपने दोस्तों से कर्जा लेकर और अपनी पत्नी का सोना गिरवी रखकर खुद की गारमेंट की फैक्ट्री खोल ली. पर कोरोना के चलते खान को इस धंधे में काफी नुकसान हो गया जिसके चलते उसके सर पर करीब 6 लाख रुपये का कर्जा हो गया.


यूट्यूब से सीखा नकली नोट बनाना
इसके बाद खान से लोगों ने पैसे मांगना शुरू कर दिया जिसके दबाव में आकर खान ने नकली नोट छापने की सोच ली. इसके बाद खान ने पहले एक रूम भाड़े पर लिया और फिर यूट्यूब पर इस बात की स्टडी की कि आखिर नकली नोट कैसे बनाए जाते हैं पूरी पढ़ाई करने के बाद खान ने एक कंप्यूटर प्रिंटर और अच्छे क्वालिटी के पन्ने खरीदें जिसके बाद उसने नकली नोट छापने का सिलसिला शुरू कर दिया.
एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि खान ने पहले 50 और 100 के कुल 10,000 नोट छापे जिसे उसने अपने एक दोस्त को दिया और जब उसका दोस्त यह पता नहीं लगा पाया कि यह नकली नोट है तब जाकर उसने 30 हजार और नोट छापे जिसे उसने बाकी के दूसरे दोस्तों को दे दिया. उसके इस प्रयोग के बाद उसका कॉन्फिडेंस और बढ़ गया जिसके बाद उसने करीब 400000 के नकली नोट छाप दिए.


रहे सावधान
एसीपी नितिन अलकनुरे ने बताया कि इस तरह के फर्जी नोट छापने वाले लोगों को यह बात भली-भांति पता है की अक्सर लोग 500 या 2000 रुपये की नोट लेने से पहले ही उसकी जांच करते हैं और इसी वजह से उन्होंने अब 10, 50 और 100 रुपये की नकली नोट छापना शुरू कर दिया है. ऐसे में जरूरत है और भी सतर्क रहने की और किसी भी नोट को लेने से पहले उसकी जांच करने की.

 

भारत सरकार ने 19 फरवरी को इस  दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भारत सरकार ने 19 फरवरी को इस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया

नईदिल्ली। भारत सरकार ने 19 फरवरी, 2020 को साइल हेल्थ कार्ड दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। साइल हेल्थ कार्ड स्कीम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 19 फरवरी, 2015 को लांच किया गया था। इस योजना का उद्देश्य मिट्टी की उपजाऊ क्षमता का मूल्यांकन करना था। इस योजना के तहत प्रत्येक दो वर्ष बाद साइल हेल्थ कार्ड जारी किये जाते हैं। इसके द्वारा किसानों को खेत में उर्वरक की उचित मात्र डालने में आसानी  होती है, इससे बड़े पैमाने पर अतिरिक्त उर्वरक के उपयोग में कमी आई है। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद् द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार देश में साइल कार्ड (Soil Health Card) के उपयोग से उर्वरक के उपयोग में 10% की कमी आई है। इस अध्ययन से यह भी ज्ञात हुआ है कि साइल कार्ड के कारण उत्पादकता में 5-6% की वृद्धि हुई है। साइल कार्ड योजना में मिट्टी में कम हो रहे पोषक तत्वों की समस्या पर फोकस किया जाता है।


साइल हेल्थ कार्ड्स (मृदा स्वास्थ्य कार्ड)

केंद्र सरकार ने 2014-15 में साइल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी। 2015-17 के दौरान 10.74 करोड़ साइल हेल्थ कार्ड जारी किये गये। जबकि 2017-19 के दौरान 11.69 करोड़ हेल्थ कार्ड जारी किये गये।

आखिर क्यों मिली इस मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति ...जानिए क्या है पूरा मामला

आखिर क्यों मिली इस मंत्रालय को ड्रोन उपयोग करने की अनुमति ...जानिए क्या है पूरा मामला

नईदिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय तथा नागर विमानन महानिदेशालय ने भारत सरकार के कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय को सुदूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) के उपयोग की सशर्त छूट दी है। इस अनुमति के तहत कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय ड्रोन का उपयोग देश के 100 जिलों के कृषि क्षेत्रों में रिमोट सेंसिंग डाटा एकत्रित करने के लिए करेगा। यह डाटा ग्राम पंचायत स्‍तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत उपज अनुमान के लिए एकत्रित किया जाएगा।

यह सशर्त छूट पत्र जारी होने की तिथि से या डिजिटल स्काइप प्लेटफॉर्म के पूर्ण संचालन तक, जो भी पहले हो वैध है, लेकिन यह छूट सभी शर्तों और सीमाओं की कठोरता से पालन करने पर ही वैध होगी। किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में छूट अवैध हो जाएगी और उपरोक्‍त सीएआर के पैरा 18 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय के लिए दूर से संचालित विमान प्रणालियों (आरपीएएस) के उपयोग की शर्ते और सीमाएं:

  1. पैराग्राफ 5.3, 6, 7, 8.4,.9, 11.1 [सी, डी), 11.2 [ए,डी], 12.4, 12.5, 12.18,12.19 तथा तीन सीएआर सेक्शन 3 के 15.3 सीरीज X, पार्ट-I, नागर विमानन मंत्रालय के नियम 15ए के विमान 1937 के अधीन कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय को छूट दी गई है।
  2. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय (ए) स्थानीय प्रशासन (बी) रक्षा मंत्रालय (सी) गृह मंत्रालय (डी) भारतीय वायुसेना से एयर डिफेंस मंजूरी (ई) दूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) के संचालन से पहले भारत के हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) (जैसा लागू हो) से मंजूरी लेगा।
  3. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय स्‍वीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) संदर्भ संख्‍या 9119 (पीएमएफबीवाई) आईएसओपी 01 रिविजन नंबर 0 डब्‍ल्‍यूआरएमएस, एसओपी रेफरेंस नंबर 9119 (पीएमएफबीवाई) एसओपी/01 रिविजन नंबर 0 एग्रोटेक तथा एसओपी रेफरेंस नंबर 9119 (पीएमएफबीवाई) एसओपी/01 रिविजन नंबर 0 एमनेक्‍स में निर्दिष्‍ट आरपीएएस मॉडलों का ही संचालन करेगा। संचालन उपरोक्‍त एसओपी के अनुसार होगा। आरपीएएस को स्‍वेच्‍छा से भारत सरकार को जारी किए गए वैध ड्रोन स्‍वीकृति संख्‍या (डीएएन) घोषित करना होगा। बेड़ों का विस्‍तृत विवरण कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय द्वारा रखा जाएगा। स्‍वीकृत एसओपी में कोई परिवर्तन/संशो‍धन को एसओपी में शामिल किया जाएगा और मंजूरी के लिए डीजीसीए को प्रस्‍तुत किया जाएगा। इन परिवर्तनों में प्रक्रियाओं में बदलाव या मॉडल में बदलाव आदि शामिल हैं। 
  4. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृत एसओपी के अनुसार एक अनुभवी प्रशिक्षित कर्मी आरपीएएस का संचालन करेगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि दूर से विमान संचालित करने वाले कर्मी स्वीकृत एफटीओ/आरपीटीओ के माध्यम से प्रशिक्षित हैं।
  5. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय आरपीएएस को कामकाजी स्थिति में सुनिश्चित करेगा और स्वीकृत एसओपी के अनुसार देखभाल करेगा और किसी आकस्मिक गड़बड़ी तथा उपकरणों में खराबी से उत्पन्न समस्या के लिए जिम्मेदार होगा।
  6. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय प्रत्येक आरपीए उड़ान का रिकॉर्ड रखेगा और मांगने पर ऐसे रिकॉर्ड डीजीसीए को उपलब्ध कराएगा।
  7. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय विमान से फोटोग्राफी के लिए नियमन और सूचना महानिदेशालय, डीजीसीए या रक्षा मंत्रालय (जो लागू हो) से आवश्यक अनुमति लेगी। आरपीएएस के माध्यम से लिए गए फोटो और वीडियो का उपयोग केवल कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय द्वारा ही किया जाएगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय आरपीएएस तथा आरपीएएस के माध्यम से एकत्रित डेटा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा।
  8. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय डिजिटल स्काइ प्लेटफॉर्म चालू होते ही यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस एनपीएनटी अनुपालन (क्यूसीआई प्रमाणित) के अनुसार बने हैं कि नहीं।
  9. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक आरपीएएस में अग्निरोधी पहचान प्लेट पर ओएएन, डीएएन तथा आरपीएएस के मॉडल नम्बर अंकित होने चाहिएं।
  10. आरपीएएस का संचालन दिन के लिए (सूर्योदय से सूर्यास्त) तक होगा। यह संचालन अनियंत्रित वायुक्षेत्र में विजुअल लाइन ऑफ साइट (वीएलओएस) के अंदर होगी और एजीआई से ऊंचाई 200 फीट (एजीएल) अधिकतम होगी।
  11. आरपीएएस सीएआर के प्रावधानों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में संचालित नहीं होगा। हवाई अड्डे के आसपास आवश्यक संचालन के लिए पहले से समय और संचालन क्षेत्र के बारे में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआई) या संबंधित हवाई अड्डा/एयरफील्ड ऑपरेटर से स्वीकृति लेनी होगी।
  12. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस के उड़ान के दौरान कोई चीज नीचे नहीं गिराई जाएगी। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी परिस्थित में आरपीए घातक सामग्री या भारी वजन की चीज नहीं ले जाएगी।
  13. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस संचालन के दौरान संचालन क्षेत्र (ग्राउंड स्टेशन सहित) किसी भी असंबंधित व्यक्ति की अनुमति नहीं होगी और सुनिश्चित करेगा कि एसओपी/आरपीएएस उड़ान मैनुअल में दी गई सुरक्षा शर्तों का पालन किया जाएगा।
  14. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय लोगों, संपत्ति, ऑपरेटर आदि की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करेगा।
  15. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि किसी व्यक्ति या संपत्ति को खतरा पहुंचाने के लिए उड़ान नहीं भरेगा। उपकरण से शारीरिक संपर्क के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने की स्थिति में कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय मेडिको-लीगल मामलों के लिए जिम्मेदार होगा। कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय बीमा पॉलिसी वैधता सुनिश्चित करेगी ताकि तीसरे पक्ष को दुर्घटना से नुकसान की स्थिति में सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके।
  16. कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय सीएआर सेक्शन तीन के पैरा 13.1, सीरीज-X पार्ट-1 में दिए गए नो फ्लाई जोन में मंत्रालय/अधिकारियों की स्वीकृति के बिना आरपीएएस का संचालन नहीं करेगा।
  17. इन संचालनों के कारण किसी कानूनी मामले या अन्य मामले में कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय डीजीसीए को सुरक्षित रखेगा।
  18. यह पत्र दूर से संचालित विमान प्रणाली के बारे में सरकारी एजेंसियों तथा दूसरे कानूनों से लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करेगा।
  19. संचालन के किसी चरण में दुर्घटना के मामले में पूरे ब्यौरे के साथ डीजीसीए के वायु सुरक्षा महानिदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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डीआरडीओ की फिर एक नई उपलब्धि, देश हुआ और मजबूत... पढ़े पूरी खबर

डीआरडीओ की फिर एक नई उपलब्धि, देश हुआ और मजबूत... पढ़े पूरी खबर

नईदिल्ली। हेलिना (आर्मी वर्जन) और ध्रुवस्त्र (एयरफोर्स वर्जन) मिसाइल सिस्टम्स के लिए संयुक्त उपयोगकर्ता परीक्षण में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) प्लेटफॉर्म से डेज़र्ट रेंज में किए गए हैं । मिसाइल प्रणालियों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है । न्यूनतम और अधिकतम रेंज में मिसाइल क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए पांच मिशन संचालित किए गए । मिसाइलों को यथार्थवादी, स्थिर और चलते हुए लक्ष्यों के खिलाफ होवर और मैक्स फॉरवर्ड फ्लाइट में फायर किया गया । कुछ मिशन त्याग किए हुए टैंकों के खिलाफ वॉरहैड्स से किए गए थे । आगे उड़ने वाले हेलिकॉप्टर से चलायमान लक्ष्य के खिलाफ मिशन चलाया गया । हेलिना और ध्रुवस्ट्रा तीसरी पीढ़ी के, लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL) फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं जो डायरेक्ट हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड दोनों में लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम हैं । इस प्रणाली में सभी मौसम में दिन और रात वाली क्षमता है और पारंपरिक कवच वाले टैंक के साथ साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच वाले युद्धक टैंकों को पराजित करने की क्षमता भी है । यह दुनिया के सबसे उन्नत एंटी टैंक हथियारों में से एक है । अब मिसाइल सिस्टम को शामिल करने की तैयारी है । रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उपलब्धियों के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सेना और वायु सेना को बधाई दी । रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षणों में शामिल टीमों के प्रयासों की सराहना की । 

पत्नी के सुसाइड की खबर सुन पति ने भी की खुदकुशी, जाने कहाँ की है यह खबर

पत्नी के सुसाइड की खबर सुन पति ने भी की खुदकुशी, जाने कहाँ की है यह खबर

प्रयागराज | उत्तरप्रदेश के प्रयागराज के यमुनापार थानान्तर्गत मेजा में एक युवती ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके खुदकुशी ससुराल पहुंची तो गुजरात के सूरत जिले में पति ने सुसाइड कर लिया।

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दोनों की शादी अभी दो माह पहले 09 दिसंबर 2020 को हुई थी। दंपती की मौत से उनके घरवाले गम में डूबे हुए हैं। वहीं लोग परेशान है कि आखिर उन दोनों ऐसा क्या बात हुई थी जो खुदकुशी कर लिया। घरवाले भी कुछ वजह नहीं बता पा रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार मेजा के भटौती डांड़ी गांव निवासी कृष्ण कुमार मिश्र ने अपनी बेटी रंजना उर्फ रीतू मिश्र की शादी 09 दिसंबर 2020 को मेजा के ही सिंगारो गांव निवासी प्रदीप कुमार पांडेय के साथ की थी। प्रदीप गुजरात के सूरत शहर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। धूमधाम से विवाह के बाद रंजना अपनी ससुराल गई। 16 जनवरी को प्रदीप नौकरी करने सूरत चला गया। 30 जनवरी को रंजना अपने मायके आ गई थी।
 
 
आज गुरुवार दोपहर रंजना ने फांसी लगाकर जान दे दी। रंजना को फांसी पर लटकते देख घरवालों के पैरों तले जमीन सरक गई। इसकी सूचना रंजना के ससुराल वालों को भी दी गई। प्रदीप के घरवालों ने उसे फोन पर रंजना के मौत की खबर दी तो वह गम में डूब गया। इसके कुछ देर बाद प्रदीप के घरवालों को सूचना आई की प्रदीप ने भी सूरत में फांसी लगा ली। पति-पत्नी की मौत से घर में कोहराम मच गया। उनके घरवाले भी परेशान हैं कि आखिर दोनों ने किस वजह से मौत की राह चुनी।
 
‘ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी’ पर सुझाव आमंत्रित

‘ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी’ पर सुझाव आमंत्रित

नईदिल्ली।  पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत के लिए ड्राफ्ट ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी पर सुझाव मांगे हैं। एनजीओ, उद्योग, शिक्षाविदों और नागरिकों जैसे हितधारकों को 27 फरवरी 2021 तक अपने  विचार प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। ड्रॉफ्ट ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी सरकार द्वारा उस विजन और रणनीति को रेखांकित करते हुए बनाई गई थी, जिसके द्वारा देश में उपलब्ध समुद्री संसाधनों का उपयोग किया जा सके। इस नीति को भारत की जीडीपी में नीली अर्थव्यवस्था के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह तटीय समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने और समुद्री जैव विविधता को संरक्षित करने का प्रयास भी करती है। यह समुद्री क्षेत्रों और संसाधनों की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बनाए रखेगा। ब्लू इकोनॉमी के ड्राफ्ट में सात विषयगत क्षेत्रों को मान्यता दी गई है जैसे:

  1. नीली अर्थव्यवस्था और महासागर शासन का राष्ट्रीय लेखा फ्रेमवर्क;
  2. तटीय समुद्री स्थानिक योजना और पर्यटन;
  3. समुद्री मत्स्य पालन, मछली प्रसंस्करण और एक्वाकल्चर
  4. विनिर्माण, सेवाएँ, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास;
  5. लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांच और शिपिंग
  6. तटीय और गहरे समुद्र में खनन
  7. अपतटीय ऊर्जा और सुरक्षा, रणनीतिक आयाम और अंतर्राष्ट्रीय संलग्नक।

नीली अर्थव्यवस्था क्या है? (What is Blue Economy?)

नीली अर्थव्यवस्था की अवधारणा आर्थिक विकास और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने की आकांक्षा रखती है।  यह महासागरों और तटीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने का प्रयास करती है। इसमें मत्स्य पालन, समुद्री खनन, ड्रेजिंग और अपतटीय तेल और गैस निष्कर्षण शामिल हैं।

भारत सार्क की वर्चुअल बैठक की मेजबानी करेगा

भारत सार्क की वर्चुअल बैठक की मेजबानी करेगा

नईदिल्ली। भारत दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य देशों के साथ वर्चुअल स्वास्थ्य सचिव स्तर की बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक 18 फरवरी, 2021 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक के दौरान सदस्य देश COVID-19 संकट पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक COVID-19 प्रबंधन और महामारी की प्रतिक्रिया से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। सदस्य देश महामारी के संबंध में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे। मार्च 2020 में सार्क क्षेत्र के राष्ट्राध्यक्षों के एक वीडियो सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस आपातकालीन निधि COVID-19 संकट का भी प्रस्ताव किया था। COVID-19 महामारी की प्रतिक्रिया के लिए SAARC सदस्यों द्वारा कोरोनावायरस आपातकालीन निधि की स्थापना की गई थी। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में COVID-19 महामारी से जुड़े जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से यह आपातकालीन निधि बनाई गई थी। भारत ने निधि के लिए 10 मिलियन का योगदान करने का प्रस्ताव दिया था। सार्क के अन्य सदस्य देशों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित फंड बनाने के इस कदम का समर्थन किया।


पड़ोसियों को भारत का समर्थन

भारत COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे है। भारत सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला देश बनकर उभरा है। इसलिए, भारत स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 टीकों को उपहार के रूप में या वाणिज्यिक रूप से देशों को उपलब्ध कराने में भी सबसे आगे है। भारत ने हाल ही में अफगानिस्तान को COVID-19 टीकों की पांच लाख खुराक, बांग्लादेश को 20 लाख खुराक, म्यांमार को 17 लाख खुराक, श्रीलंका को पांच लाख खुराक, भूटान को 1.5 लाख खुराक, मॉरीशस और मालदीव के प्रत्येक को एक लाख खुराक का तोहफा दिया है।


 

सार्क

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) समूह में पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मालदीव, भूटान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देश शामिल हैं। इसकी स्थापना 8 दिसंबर 1985 को हुई थी। इसका मुख्यालय काठमांडू, नेपाल में है। 

प्रधानमंत्री ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल लांच करेंगे

प्रधानमंत्री ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल लांच करेंगे

असम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 फरवरी, 2021 को असम में ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ पहल को लांच करेंगे। वह धुबरी फूलबाड़ी पुल की आधारशिला रखेंगे। पीएम असम में माजुली पुल के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी करेंगे। महाबाहु-ब्रह्मपुत्र पहल की शुरूआत रो-पैक्स वेसल ऑपरेशन के उद्घाटन के साथ की जाएगी। रो-पैक्स वेसल ऑपरेशन को नीमाटीघाट और माजुली, धुबरी-हाटसिंगमारी और उत्तर-दक्षिण गुवाहाटी के बीच लॉन्च किया जाएगा। इस पहल में जोगीगोपा में अंतर्देशीय जल परिवहन टर्मिनल का उद्घाटन भी शामिल है। इस दौरान राज्य भर में नदी पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चार स्थानों पर विभिन्न पर्यटन घाटों के भी किया जाएगा यह पहल भारत के पूर्वी हिस्सों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसमें बराक और ब्रह्मपुत्र नदियों के पार रहने वाले लोगों के लिए विभिन्न विकास गतिविधियाँ शामिल हैं। महाबाहु-ब्रह्मपुत्र पहल के तहत राज्य में रो-पैक्स सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा। रो-पैक्स वेसल संचालन से यात्रा के समय को कम करने में मदद मिलेगी।  इससे सड़क मार्ग से यात्रा की दूरी भी कम हो जाएगी।


धुबरी फूलबाड़ी पुल

पीएम मोदी चार लेन के धुबरी फूलबाड़ी पुल का शिलान्यास भी करेंगे। इस पुल का निर्माण NH-127B पर किया जाएगा। यह पुल एनएच-27 पर श्रीरामपुर से शुरू होगा। यह मेघालय राज्य में NH-106 पर नोंगस्टोइन पर समाप्त होगा। इसका निर्माण असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर किया जायेगा, यह असम के धुबरी को  और मेघालय के फूलबाड़ी, तुरा, रोंग्राम और रोंगजेंग से जोड़ेगा। इस परियोजना की कुल लागत 4997 करोड़ है।

आने वाले समय में रेडियो रियल गेम चेंजर साबित होगाः  प्रो. सुरेश

आने वाले समय में रेडियो रियल गेम चेंजर साबित होगाः प्रो. सुरेश

भोपाल, लोक प्रसारक के रूप में रेडियो की भूमिका सबसे अहम है और आने वाले समय में यह रियल गेमचेंजर साबित हो सकता है। रेडियो की लोकप्रियता बढ़ाने में प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का भी बहुत बड़ा योगदान है। एफएम चैनलों ने भी रेडियो की प्रासंगिकता को बनाए रखने और लोगों के दिलों स्थापित करने में महती भूमिका निभाई है। यह बात बुधवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने पीआईबी भोपाल सभागार में विश्व रेडियो दिवस के संदर्भ में, ‘मन का रेडियो’ विषय पर आयोजित सेमिनार में कही।

आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क श्री सुदाम खाड़े ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रेडियो हमें खुद को सुनने का मौका देता है। यह खुद से कनेक्ट करने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल में फेक न्यूज पर लगाम लगाने में रेडियो द्वारा निभाई गई भूमिका को भी याद किया।

पीआईबी, भोपाल के अपर महानिदेशक प्रशांत पाठराबे ने कहा कि रेडियो का देश के दूराज इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ एक मजबूत रिश्ता है। यह बेहद ही आसान तरीके और जनता की भाषा में लोगों तक बातों को पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राजस्व के मामले में रेडियो को नुकसान तो हुआ पर कोरोना के बाद रेडियो ने काफी बेहतर तरीके से वापसी की है और इसका राजस्व 5 गुना बढ़ा है।

शोध पत्रिका ‘समागम’ के संपादक मनोज कुमार ने कहा कि रेडियो प्रामाणिक एवं विश्व्स्नीय माध्यम है। बदलते समय में दूर दराज में रहने वाले समुदाय के लिये सामुदायिक रेडियो सबसे प्रभावशाली माध्यम के रूप में उभरा है। श्री कुमार ने सामुदायिक रेडियो के क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों को याद किया और कहा कि कम्युनिटी रेडियो भविष्य का रेडियो है। उन्होंने कम्युनिटी रेडियो खोलने की पूरी प्रकिया के बारे में भी बताया और इस बारे में सरकारी गाइडलाइन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कम्युनिटी रेडियो शिक्षा की रोशनी फैलाने में अहम योगदान देता है।
आकाशवाणी, भोपाल के कार्यक्रम प्रमुख विश्वास केलकर ने लोक प्रसारक के रूप में रेडियो की भूमिका पर प्रकाश डाला। आकाशवाणी समाचार भोपाल के पूर्व संवाददाता और आरओबी, भोपाल के सहायक निदेशक शारिक नूर ने खबरों की दुनिया में रेडियो की विश्वसनीयता के बारे में बात की। माय एफएम के कार्यक्रम प्रमुख विकास अवस्थी ने कहा कि रेडियो आपका दोस्त बनकर आपके साथ चलता है और आपकी सकारात्मकता को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। बिग एफएम की रेडियो जॉकी अनादि ने कहा कि रेडियो साधारण और बहुत ही आसान माध्यम है। रेडियो की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमें कानों से देखना सिखाता है। हम काम करते हुए भी रेडियो से जुड़ सकते हैं।
इस अवसर पर शोध पत्रिका समागम का सामुदायिक रेडियो पर केंद्रित विशेषांक का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
 

एमजे अकबर को अदालत से झटका, पत्रकार हुई आरोपों से बरी

एमजे अकबर को अदालत से झटका, पत्रकार हुई आरोपों से बरी

नईदिल्ली । दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की आपराधिक मानहानि की याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्रकार प्रिया रमानी को आरोपों से बरी कर दिया है। साथ ही अदालत ने एमजे अकबर की याचिका भी खारिज कर दी।
रमानी ने अकबर के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे, जिसे लेकर अकबर ने उनके खिलाफ 15 अक्तूबर 2018 को मानहानिक का मामला दर्ज कराया था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार ने अकबर और रमानी के वकीलों की दलीलें पूरी होने के बाद एक फरवरी को अपना फैसला 10 फरवरी के लिए सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी महिला को 20 साल बाद भी उसके साथ हुए दुर्व्यवहार को बताने का हक है। कोर्ट ने कहा कि जिस देश में महिलाओं के सम्मान के बारे में रामायण और महाभारत लिखी गई, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, यह शर्म की बात है।
कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति यौन शोषण नहीं कर सकता है। जज रविंद्र कुमार पांडे ने कहा कि समाज को समझना ही होगा कि यौन शोषण और उत्पीडऩ का पीडि़त पर क्या असर होता है और वह किस दौर से गुजरती है। वहीं फैसला आने के बाद मी टू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया कि वी वोन, यानि हमलोग जीत गए।
क्या था मामला
रमानी का आरोप है कि अकबर ने करीब 20 साल पहले उनका यौन उत्पीडऩ किया था, जब वह पत्रकार थीं। उनका दावा है कि उन्होंने अकबर के खिलाफ सोशल मीडिया पर 2018 में `मी टू` मुहिम के मद्देनजर लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई भलमनसाहत से बयां की है। उनकी मंशा जनहित से जुड़ी है और अपमानजनक नहीं है। अकबर ने रमानी द्वारा कथित मानहानि किए जाने को लेकर उनके खिलाफ यह शिकायत दायर की थी।
20 महिलाओं ने पूर्व मंत्री पर लगाए आरोप

अकबर ने 15 अक्तूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से 17 अक्तूबर, 2018 को इस्तीफा दे दिया था। अकबर ने मीटू अभियान के दौरान उन पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं के आरोपों को खारिज किया है। करीब 20 महिलाओं ने पत्रकार के तौर पर अकबर के मातहत काम करने के दौरान उनका यौन उत्पीडऩ करने का अकबर पर आरोप लगाया है।