नई दिल्ली । देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण एक बार फिर पैर पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इसको लेकर अभी से सचेत हो गया है। मंत्रालय ने आज आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुखों के साथ बैठक कर कर कोरोना से निपटने के लिए एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कोरोना प्रभावित राज्यों से टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट पर खासा ध्यान देने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी पॉल ने आज हरियाणा, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य सचिवों और एमडी के साथ बैठक कर बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और चंडीगढ़ में कहा कि वे सबसे खराब जिलों में प्राथमिकता समूहों के लिए परीक्षण बढ़ाने, ट्रेसिंग और टीकाकरण में तेजी लाने को कहा है।
कोंच/उरई, कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चांदनी की एक दिव्यांग महिला शारीरिक रूप से कमजोर थी और वह इलाज के लिए निर्धारित इंजेक्शन लगवा रही थी। जिसे पड़ोस का ही एक युवक लगाता था इंजेक्शन को लगवाने के लिए दिव्यांग महिला को पड़ोसी युवक ने अपने घर बुलाया और इंजेक्शन लगाने के बाद दिव्यांग महिला संग बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। महिला द्वारा हो हल्ला मचाने पर महिला के परिजनों सहित मुहल्ले के लोग इक्कठे हो गए और पुलिस को सूचना दी गयी। घटित घटना क्रम के अनुसार घटना दिनांक 5 मार्च 2021 समय करीब 7 बजे शाम की है जब बीमार राधा पत्नी स्व किशुन निबासी ग्राम चांदनी पड़ोस में ही रहने वाले रेनू उर्फ राहुल पुत्र रामरतन उर्फ पप्पू रजक के घर पर निर्धारित इंजेक्शन लगवाने गयी थी तभी रेनू ने इंजेक्शन लगाने के बाद जबरदस्ती मुंह दबाकर दिव्यांग के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। महिला के चिल्लाने पर जब परिजन व पड़ोसी एकत्र होने लगे तो रेनू गाली गलौच करते हुए मौके से भाग गया। पुलिस को सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने घटना क्रम की बारीकी से जानकारी ली और अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि दिव्यांग पीडि़ता अपने पति किशुन के साथ उरई में किराए से रहकर मेहनत मजदूरी करती थी लेकिन करीब 5 वर्ष पूर्व किशुन की मृत्यु हो गयी तब महिला पुन: ग्राम चांदनी आकर परिवारजनों के साथ रहकर अपने दो बच्चों का भरण पोषण मजदूरी करके करने लगी। पीडि़ता की तहरीर पर पुलिस ने धारा 376 और 504 में मुकद्दमा दर्ज कर अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश । हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले के किसानों ने मक्का, धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से अतिरिक्त अपनी आय को बढ़ाने के लिए नए आजीविका विकल्पों की तलाश की है। सुगंधित पौधों की खेती ने किसानों को अतिरिक्त आमदनी उपलब्ध कराई है। किसानों ने उन्नत किस्म के जंगली गेंदे (टैगेट्स मिनुटा) के पौधों से सुगन्धित तेल निकाला है और जंगली गेंदा के तेल से होने वाले लाभ ने पारंपरिक मक्का, गेहूं और धान की फसलों की तुलना में किसानों की आय को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट (एसटीडी), मंडी कोर सपोर्ट ग्रुप, बीज विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किए गए विभिन्न उपायों के माध्यम से किसानों के जीवन और आजीविका में सकारात्मक परिवर्तन लाया गया है। सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट ने सीएसआईआर- हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के साथ मिलकर तकनीकी सहयोग से एक आकांक्षी जिले चंबा के भटियात ब्लॉक के परवई गांव में कृषक समुदाय को शामिल करते हुए सुगंधित पौधों (जंगली गेंदा, आईएचबीटी की उन्नत किस्म) की खेती और प्रसंस्करण कार्य शुरू किया है। 40 किसानों के एक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) जिसे ग्रीन वैली किसान सभा परवई कहा जाता है, उसका गठन किया गया है और वित्तीय मदद के लिए इसे हिमाचल ग्रामीण बैंक परछोड़ से जोड़ा गया है। परवाई गांव में 250 किलोग्राम क्षमता की एक आसवन इकाई स्थापित की गई और किसानों को जंगली गेंदा की खेती, पौधों से तेल की निकासी, पैकिंग तथा तेल के भंडारण की कृषि-तकनीक में प्रशिक्षित किया गया और इसके बाद जंगली गेंदा की खेती एवं उससे तेल निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। निकाले गए तेल को 9500 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है और इसका इस्तेमाल दवा उद्योगों द्वारा इत्र और अर्क तैयार करने में किया जाता है। पहले किसानों की आय जो परंपरागत फसलों से प्रति हेक्टेयर लगभग 40,000-50,000 रुपये होती थी, वहीं अब जंगली गेंदे की खेती और तेल के निष्कर्षण द्वारा प्रति हेक्टेयर लगभग 1,00,000 रुपये की वृद्धि हुई है। एक अन्य पहल के अनुसार, किसानों ने गीली मिट्टी के छत्ते की मधुमक्खी पालन तकनीक को अपनाकर परागण में सुधार किया है जिससे सेब का उत्पादन भी बढ़ा है और सेब उत्पादकों की आय में 1.25 गुना की वृद्धि हुई है। हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी के तलहर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सीड डिवीजन के टाइम-लर्न कार्यक्रम के तहत सोसाइटी फॉर फार्मर्स डेवलपमेंट द्वारा क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान स्टेशन (आरएचआरएस) बाजौरा के डॉ. वाई.एस.परमार यूएचएफ के साथ तकनीकी सहयोग से हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में बालीचौकी ब्लॉक के ज्वालापुर गांव में स्वदेशी मधुमक्खियों (एपिस सेरेना) के लिए इस तकनीक की शुरुआत की गई। जिसमें ज़िले के कुल 45 किसान शामिल हुए। प्रशिक्षित किसानों द्वारा तैयार किए गए 80 मिट्टी के छत्ते सेब के बागों में लगा दिए गए, जिसने 6 गांवों में कुल 20 हेक्टेयर भूमि को कवर किया। गीली मिट्टी छत्ता मधुमक्खी पालन प्रौद्योगिकी दीवार छत्ता और लकड़ी के छत्ते प्रौद्योगिकी का एक संयोजन है। इसमें मिट्टी के छत्ते के अंदर फ्रेम लगाने और अधिक अनुकूल परिस्थितियों के लिए आंतरिक प्रावधान है, विशेष रूप से लकड़ी के पत्तों की तुलना में पूरे वर्ष मधुमक्खियों के लिए तापमान के अनुकूलन के लिए। इस प्रौद्योगिकी को बेहतर कॉलोनी विकास और सीमित संख्या में मधुमक्खियों के लिए लाया गया है, ये पहले से इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी के बक्से वाली तकनीकी की तुलना में ज़्यादा लाभदायक है। देशी मधुमक्खियां सेब के बाग वाले क्षेत्रों में बेहतर तरीके से जीवित रह सकती हैं, इस प्रौद्योगिकी के माध्यम से इतालवी मधुमक्खियों की तुलना में सेब के बागों की औसत उत्पादकता को लगभग 25 प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिली है। मौजूदा मिट्टी के छत्ते में इसके आधार पर एल्यूमीनियम शीट रखकर छत्ते के अंदर आसानी से सफाई के प्रावधान उपलब्ध कराये गए हैं। इस शीट को गाय के गोबर से सील कर दिया जाता है और मिट्टी के छत्ते को खोले बिना ही सफाई के लिए इसे हटाया जा सकता है। मिट्टी के छत्ते की छत भी पत्थर की स्लेट से बनी होती है, जो बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है और छत्ते के अंदर अनुकूल तापमान बनाए रखती है। इस प्रौद्योगिकी ने लकड़ी के बक्सों की तरह शहद के अर्क का उपयोग करके हाइजीनिक तरीके से शहद के निष्कर्षण में भी मदद की है और बेहतर प्रबंधन प्रणालियों को सामने रखा है, जैसे कि पारंपरिक दीवार के छत्ते की तुलना में भोजन, निरीक्षण, समूह और कॉलोनियों का विभाजन। गांव में एक सामान्य जन सुविधा केंद्र (सीएफसी) स्थापित किया गया है और किसानों को शहद के प्रसंस्करण तथा पैकिंग के कार्य में प्रशिक्षित किया गया है। वे स्थानीय स्तर पर 500-600 रुपये प्रति किलोग्राम शहद भी बेच रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हस्तक्षेपों ने एक आकांक्षी जिले चंबा के किसानों और हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कृषि उत्पादकों को बेहतर जीवन के लिए आजीविका के नये विकल्प सुलभ कराने में मदद की है।
नईदिल्ली । सूची योग्यताक्रम में उन 533 उम्मीदवारों की है, जिन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के सेना, नौसेना तथा वायु सेना स्कंधों के 145वें पाठ्यक्रम एवं नौसेना अकादमी के 107वें भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (आईएनएसी) में प्रवेश के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 06 सितंबर, 2020 को आयोजित लिखित परीक्षा तथा बाद में रक्षा मंत्रालय के सेवा चयन बोर्ड द्वारा लिए गए साक्षात्कारों के परिणाम के आधार पर अर्हता प्राप्त की है। उपर्युक्त पाठ्यक्रमों के आरंभ होने की तिथि के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कृपया रक्षा मंत्रालय की वेबसाइटों अर्थात् www.joinindianarmy.nic.in, www.joinindiannavy.nic.in और www.careerairforce.cdac.in का अवलोकन करें।
2. इन सूचियों को तैयार करते समय स्वास्थ्य परीक्षण के परिणामों को ध्यान में नहीं रखा गया है।
3. जिन उम्मीदवारों ने अपने द्वारा दावा की गई जन्मतिथि और शैक्षिक योग्यताओं आदि के समर्थन में अपेक्षित प्रमाण-पत्र सीधे अपर भर्ती महानिदेशालय, एडजुटेंट जनरल की शाखा, एकीकृत मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (सेना), पश्चिमी ब्लॉक सं.-III, विंग-I, आर. के. पुरम, नई दिल्ली-110066 में पहले जमा नहीं किए हैं, उनकी उम्मीदवारी ऐसा किए जाने तक अनंतिम रहेगी और उपर्युक्त प्रमाण-पत्र संघ लोक सेवा आयोग को नहीं भेजने हैं।
4. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अपने पते में किसी प्रकार के परिवर्तन के संबंध में उपर्युक्त पते पर सेना मुख्यालय को तुरन्त, सीधे सूचित करें।
5. परिणाम, संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट http://www.upsc.gov.in पर भी उपलब्ध है। तथापि, उम्मीदवारों के अंक, अंतिम परिणाम की घोषणा की तारीख से 15 दिन के बाद वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
6. इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी के लिए उम्मीदवार, संघ लोक सेवा आयोग परिसर के गेट “सी” के पास स्थित सुविधा केन्द्र पर किसी भी कार्य दिवस में प्रात: 10.00 बजे से सायं 17.00 बजे के बीच व्यक्तिगत रूप से अथवा टेलीफोन नं. 011-23385271/011-23381125/ 011-23098543 पर संपर्क कर सकते हैं।
Sardar Ji Video: कोरोनावायरस का इंजेक्शन लगने के बाद क्या कोई इतना खुश हो सकता है कि डांस करने लगे. अरे भाई हो सकता है और ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है.
वायरल हो रहे वीडियो में शख्स भांगड़ा करता दिख रहा है. नाम है गुरदीप पंधेर. गुरदीप ने जब कोरोना वैक्सीन लगवाई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वो नाचने लगे.
गुरदीप के बैकग्रांउड में बर्फ से जमी झील दिख रही है. गुरदीप का डांस इतना अच्छा है कि लोग इसे भूल नहीं पा रहे.
गुरदीप पेशे से म्यू जिक आर्टिस्टी हैं. उन्होंरने ट्विटर पर अपना वीडियो पोस्ट किया. लिखा,
Yesterday evening I received my Covid-19 vaccine. Then I went to a frozen lake to dance Bhangra on it for joy, hope and positivity, which I’m forwarding across Canada and beyond for everyone’s health and wellbeing.
पोस्ट के मुताबिक उन्होंने एक दिन पहले ही कोरोना का टीका लगवाया था. वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने ये डांस किया.
देखें पोस्ट-
Yesterday evening I received my Covid-19 vaccine. Then I went to a frozen lake to dance Bhangra on it for joy, hope and positivity, which I'm forwarding across Canada and beyond for everyone's health and wellbeing. pic.twitter.com/8BS0N7zVZK
— Gurdeep Pandher of Yukon (@GurdeepPandher) March 2, 2021
महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु में कोविड के दैनिक नए मामलों में बढोतरी का रुझान लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए नए मामलों में इन राज्यों का योगदान 82 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में 18,327 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में कल सबसे अधिक 10,216 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद केरल में 2,776 और पंजाब में 808 नए मामले सामने आए हैं। आठ राज्यों में दैनिक नए मामलों में बढोतरी का रूख जारी है। भारत का कुल सक्रिय मामलों की संख्या आज 1,80,304 तक पहुंच गई है। भारत में वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या देश के कुल संक्रमित मामलों की केवल 1.61 प्रतिशत है। दूसरी ओर, 21 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से कम सक्रिय मामले हैं। अरुणाचल प्रदेश में केवल 3 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। नीचे दिया गया ग्राफ़ पिछले 24 घंटों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए सक्रिय मामलों में परिवर्तन को दर्शाता है। जबकि केरल, छत्तीसगढ़, और तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में कमी दिखाई दी है। महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में इसी अवधि के दौरान सक्रिय मामलों में वृद्धि देखी गई है। कोविड-19 टीकाकरण की दूसरी खुराक 13 फरवरी, 2021 को उन लाभार्थियों के लिए शुरू हुई, जिन्हें पहली खुराक मिलने के बाद 28 दिन पूरे हो गए हैं। एफएलडब्ल्यू का टीकाकरण 2 फरवरी 2021 को शुरू हुआ। कोविड -19 टीकाकरण का अगला चरण 1 मार्च, 2021 से शुरू हुआ। इस चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को और 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों को टीके लगाए जा रहै हैं जो गंभीर रूप से बीमार हैं। आज सुबह 7 बजे तक अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार 3,57,478 सत्रों के माध्यम से 1.94 करोड़ (1,94,97,704) से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गईं। इनमें 69,15,661 एचसीडब्ल्यू (पहली खुराक), 33,56,830 एचसीडब्ल्यू (दूसरी खुराक), 63,55,989 एफएलडब्ल्यू (पहली खुराक) और 1,44,191 एफएलडब्ल्यू (दूसरी खुराक), 45 वर्ष से अधिक आयु के गंभीर रोगों से ग्रस्त 3,46,758 लाभार्थी (पहली खुराक) और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 23,78,275 लाभार्थियों को दी गई खुराक शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में कोविड से 108 लोगों की मौत हुईं है। 85.2 प्रतिशत मौत के नए मामले छह राज्यों से संबंधित हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 53 मरीजों की मौत हुईं। पिछले 24 घंटों में केरल में कल 16 और पंजाब में 11 लोगों की जान गई। अठारह राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से किसी भी व्यक्ति की मौत होने की सूचना नहीं मिली है। ये राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हैं- गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, पुदुचेरी, असम, सिक्किम, मणिपुर, लद्दाख, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नागालैंड, मिज़ोरम, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली शामिल हैं।
मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश ने तीन राष्ट्रीय उद्यानों में रात्रि सफारी शुरू की है। राज्य द्वारा यह कदम पर्यटन के लिए एक प्रमुख बढ़ावा है। तीन राष्ट्रीय उद्यानों में नाईट सफारी शुरू करने के साथ, वन्यजीव उत्साही अब रात में जानवरों का अनुभव कर सकते हैं। इन तीन पार्कों में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और पेंच राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं। आमतौर पर, सफारी दिन के दौरान आयोजित की जाती है क्योंकि पर्यटक दिन के उजाले में सुरक्षित महसूस करते हैं। लेकिन दिन की सफारी के कारण, पर्यटक अपने प्राकृतिक आवास में निशाचर जानवरों को नहीं देख पाते। सफारी के तहत राज्य द्वारा मार्ग तय किए जाएंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि न तो जानवरों और न ही पर्यटकों को नुकसान पहुंचे। नाइट सफारी को वन्यजीव सफारी आरक्षण पोर्टल पर बुक किया जा सकता है। यह पोर्टल राज्य के वन विभाग द्वारा संचालित है।
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
यह मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। इस पार्क का क्षेत्रफल 105 वर्ग किलोमीटर है। इस पार्क को वर्ष 1968 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। इसे 1993 में टाइगर रिजर्व के रूप में नामित किया गया था। वर्तमान में कोर एरिया 716 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। बांधवगढ़ में बाघों की आबादी का घनत्व 8 बाघ प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो कि सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व है। पार्क को तेंदुओं और हिरणों की प्रजनन आबादी के लिए भी जाना जाता है। राज्य ने शाम 6:30 और रात 9:30 बजे का समय निर्धारित किया है। इस सफारी का संचालन बफर जोन में किया जाएगा। नाइट सफारी के तहत, पर्यटक हिरणों को देख सकते हैं।
पेंच नेशनल पार्क
यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1975 में मध्य प्रदेश में स्थापित किया गया था। इसका क्षेत्रफल 257.26 वर्ग किलोमीटर है। इस पार्क का नाम पेंच नदी के नाम पर रखा गया है। इस पार्क को वर्ष 1965 में एक अभयारण्य, 1975 में एक राष्ट्रीय उद्यान और 1992 में बाघ अभयारण्य के रूप में नामित किया गया था। इस पार्क में रात्रि सफारी 5.30 से 8.30 बजे के बीच होगी। इस दौरान पर्यटक सियार, जंगली सूअर जैसे जानवर देख सकते हैं।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
इस पार्क में 7:30 बजे से 10:30 बजे के बीच सफारी की जाएगी। यह पार्क बारासिंघा का घर है, जहां पर्यटक रात की सफारी के दौरान उन्हें कर सकते हैं। इसपार्क को कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में भी जाना जाता है। यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
BJP Candidates List 2021: असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आज उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल माजुली विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे. हेमंत बिस्वा शर्मा जालुकबरी सीट से चुनाव लड़ेंगे.
केन्द्रीय चुनाव समिति ने होने वाले आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। #AssamElections pic.twitter.com/bxd6mnGxEV
— BJP (@BJP4India) March 5, 2021
असम में बीजेपी असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है. गठबंधन समझौतों के तहत बीजेपी 92, एजीपी 26 और यूपीपीएल आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
बता दें कि उम्मीदवारों के नामों पर मंथन के लिए गुरुवार को दिल्ली में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी. इस बैठक में पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे.
असम की कुल 126 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च से तीन चरणों में वोट डाले जाएंगे. वोटों की गिनती दो मई को होगी.
CM Sarbananda Sonowal to contest from Majuli Assembly constituency. Himanta Biswa Sarma to contest from Jalukbari Assembly constituency. Both of them used to contest from these constituencies earlier too: Arun Singh, BJP National General Secretary#AssamAssemblyElections2021 pic.twitter.com/Dk2xzKHU2R
— ANI (@ANI) March 5, 2021
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मुश्किलें बढ़ सकती है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए बुलाया है. 15 मार्च को उन्हें एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है.
Enforcement Directorate has summoned former Jammu and Kashmir CM & PDP leader Mehbooba Mufti in a money laundering case. She has been asked to appear before ED on March 15: ED official
— ANI (@ANI) March 5, 2021
(File pic) pic.twitter.com/rTwQoPwpRZ
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, दिल्ली (पूर्व) के अधिकारियों ने फर्जी बिलिंग मामलों को जड़ से उखाड़ फेंकने के अपने सतत प्रयास में एक और सफलता हासिल की जब जांच के बाद फर्जी फर्मों के बड़े पैमाने पर चल रहे नेटवर्क का पता चला और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा उठाने का मामला सामने आया । श्री नरेश ढौंडियाल नाम के शख़्स द्वारा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री देवेंद्र कुमार गोयल की मददसे फर्जी कंपनियों का यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था । श्री नरेश ढौंडियाल औरश्री देवेंदर कुमार गोयल दोनों ही एस्सेल ग्रुप के पूर्व कर्मचारी हैं ।वर्तमान में हालांकि वे एस्सेल समूह के साथ आधिकारिक तौर पर काम नहीं कररहे हैं, किंतु यह लोग इस समूह को अमान्य आईटीसी पर पारित कर रहे हैं। जांच से पता चलता है कि वास्तविक दिखने वाली फर्जी मध्यस्थ कंपनियों की एक श्रृंखला गैर-मौजूद और फर्जी फर्मों से किसी भी माल या सेवाओं कीवास्तविक आपूर्ति के बग़ैर फ़र्ज़ी आईटीसी एस्सेल समूह की कंपनियों को देने केलिए बनाई गई थी । यह जाहिर तौर पर एस्सेल समूह को जीएसटी के अमान्य इनपुटटैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने, आयकर से बचने के लिए तथा अपनी सूचीबद्धकंपनियों के शेयर मूल्यों को बढ़ाने हेतु अपने कारोबार को बढ़ाकर सक्षम बनाने के लिए किया गया था । श्री नरेश ढोंडियाल नेएस्सेल समूह के लिए कई फर्जी मध्यस्थ कंपनियों को शामिल किया जबकि श्री देवेंद्र कुमार गोयल, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने ऐसी फर्जी मध्यस्थता कंपनियों के लिए विभिन्न अन्य फर्जी और गैर-मौजूद फर्मों के फर्जी इनवॉइस का इंतज़ाम किया । ऐसी फर्जी मध्यस्थ कंपनियों द्वारा पास किए गए कुल फर्जी इनपुटटैक्स क्रेडिट की मात्रा 92.18 करोड़ रुपये होना निर्धारित किया गया है, जबकि समूचे विशाल नेटवर्क से संबंधित अन्य फर्जी और गैर-मौजूद फर्मों द्वारा पास कुल फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट 300 करोड़ रुपये से अधिक होने कीबात सामने आई है । इस तरह सिंडिकेट ने किसी भी वस्तु या सेवाओं कीवास्तविक आपूर्ति के बिना 3,000 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉइस जारी करसरकारी खजाने को 392 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है, जिसकी मात्राजांच में और बढ़ने की संभावना है । यह बताना प्रासंगिक है कि मेसर्सवर्टिलिंक मीडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने चोरी की बात स्वीकार की है और स्वेच्छा से 2.5 करोड़ रुपये जमा किए हैं । श्री नरेश ढौंडियाल और चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री देवेंदर कुमार गोयल ने सरकारी खजाने को चूना लगाने की नीयत से गहरी आपराधिक साज़िश रची एवं जानबूझकर सीजीएसटी अधिनियम कीधारा 132 (1) (बी) (बी) (सी) के अंतर्गत निर्दिष्ट अपराध किया जो कि धारा 132(5) के प्रावधानों के अनुसार संज्ञेय एवं ग़ैर जमानती अपराध है तथाअधिनियम की धारा 132 की उप धारा 1 के खंड (i) के तहत दंडनीय है । श्री नरेशढौंडियाल और चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री देवेंदर कुमार गोयल को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 (1) के तहत गिरफ्तार किया गया है और 04-03.2021 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है, जिन्हें 18-03-2021 तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । मामले में आगे की जांच की जा रही है ।
यहां यह बताना प्रासंगिक है कि जीएसटी केंद्रीय कर की शुरुआतसे लेकर अब तक दिल्ली जोन ने 4,450.86 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी से जुड़े विभिन्न मामलों में 30 गिरफ्तारियां की हैं ।
भारत और अमेरिका के शोधकर्ताओं ने झाड़ी मेंढकों की पांच नई प्रजातियों की खोज की है। मेंढक की इन प्रजातियों को पश्चिमी घाटों से खोजा गया है जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त जैव विविधता हॉटस्पॉट है। मेंढकों की पांच प्रजातियाँ Rhacophoridae परिवार से संबंधित हैं। इन प्रजातियों की खोज केरल वन अनुसंधान संस्थान, दिल्ली विश्वविद्यालय और मिनेसोटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने की है। यह खोज पश्चिमी घाट में जीनस राओर्चेस्टस के झाड़ी मेंढकों पर लंबे व्यापक अध्ययन का हिस्सा है। नई प्रजातियों की बाहरी आकृति, कॉलिंग पैटर्न, डीएनए और व्यवहार सहित कई मानदंडों के आधार पर अलग-अलग हैं। शोध के निष्कर्ष को “An integrative approach to infer systematic relationships and define species groups in shrub frog, with description of five new species from the Western Ghats, India” नामक लेख में प्रकाशित किया गया था। यह शोध दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बीजू के नेतृत्व में किया गया था। इसरिपोर्ट में कहा गया है कि, झाड़ी मेंढक की Raorchestes drutaahu नामक नई प्रजाति को केरल में इडुक्की जिले के कधलार और पलक्कड़ जिले के सिरुवानी से खोजा गया था।
4 मार्च, 2020 को देश में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया गया। यह दिवस भारतीय सुरक्षा बलों के काम का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। इसमें सभी सुरक्षाकर्मी, पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, गार्ड, कमांडो, सेना के अधिकारी आदि शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को सुरक्षा बलों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस के द्वारा नागरिकों को देश के प्रति उनके मौलिक कर्तव्यों के बारे में स्मरण करवाया जाता है। इस दिवस पर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सुरक्षा जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है। सुरक्षा कर्मचारी विभिन्न प्रकार की सुरक्षा जैसे कि राजनीतिक, पारिस्थितिक, आर्थिक, कंप्यूटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जिम्मेदार हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस हर साल 4 मार्च को मनाया जाता है क्योंकि, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना इसी दिन की गई थी। सुरक्षा परिषद भारत की आर्थिक, राजनीतिक और सामरिक सुरक्षा चिंताओं पर विश्लेषण करती है। इसकी स्थापना 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज एक ऑनलाइन आयोजन में ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई) 2020 और नगर पालिका कार्य निष्पादन सूचकांक (एमपीआई) 2020 की अंतिम रैंकिंग जारी की। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा और उनके मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस आयोजन में उपस्थित थे। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स 2020 की उन शहरों के लिए घोषणा की गई जिनकी जनसंख्या दस लाख से अधिक और दस लाख से कम है। वर्ष 2020 में आयोजित मूल्यांकन प्रक्रिया में 111 शहरों ने भाग लिया। विश्लेषण में इन शहरों को 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों और 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के रूप में स्मार्ट सिटी कार्यक्रम के तहत सभी शहरों के साथ श्रेणीबद्ध किया गया। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बेंगलुरु सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहर के रूप में उभरा, इसके बाद पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत, नवी मुंबई, कोयंबटूर, वडोदरा, इंदौर और ग्रेटर मुंबई का स्थान रहा। 10 लाख से कम आबादी वाली श्रेणी में शिमला ईज ऑफ लिविंग में सर्वोच्च स्थान पर रहा, इसके बाद भुवनेश्वर, सिलवासा, काकीनाडा, सलेम, वेल्लोर, गांधीनगर, गुरुग्राम, दावणगेरे, और तिरुचिरापल्ली रहे। इसी प्रकार ईओएलआई इंडेक्स की तरह, एमपीआई 2020 के तहत मूल्यांकन ढांचे में जनसंख्या के आधार पर नगरपालिकाओं को दस लाख से अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिका और 10 लाख से कम आबादी वाले नगरपालिकाओं में श्रेणीबद्ध किया गया है। इंदौर सबसे अधिक रैंक वाली नगरपालिका के रूप में उभरा है, इसके बाद सूरत और भोपाल का स्थान रहा है। दस लाख से कम आबादी वाली श्रेणी में, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद शीर्ष स्थान पर रही, इसके बाद तिरुपति और गांधीनगर का स्थान रहा। एमपीआई द्वारा 111 नगरपालिकाओं (दिल्ली का अलग से एनडीएमसी और 3 नगर निगमों के लिए मूल्यांकन किया गया) की पाँच वर्टिकलों में क्षेत्रवार किए गए प्रदर्शन की जांच की गई। इन पांच वर्टिकलों में कुल मिलाकर 20 क्षेत्र और 100 संकेतक शामिल हैं। एमपीआई के तहत पाँच वर्टिकल हैं- सेवाएँ, वित्त, नीति, प्रौद्योगिकी और शासन। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई) एक मूल्यांकन उपकरण है जो जीवन की गुणवत्ता और शहरी विकास के लिए विभिन्न पहलों के प्रभाव का आकलन करता है। यह जीवन की गुणवत्ता, शहर की आर्थिक क्षमता, स्थिरता और लचीलापन के आधार पर देश भर के प्रतिभागी शहरों की व्यापक समझ उपलब्ध कराता है। इस मूल्यांकन में सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे (सीपीएस) के माध्यम से नगर के प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं के बारे में नागरिकों के दृष्टिकोण भी शामिल हैं। नगरपालिका कार्य प्रदर्शन सूचकांक (एमपीआई) को ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स के सहायक के रूप में लॉन्च किया गया था। यह सेवाओं, वित्त, नीति, प्रौद्योगिकी और शासन के सभी क्षेत्रों में नगरपालिकाओं में स्थानीय शासन प्रणाली की जांच करता है। यह स्थानीय शासन प्रणाली में जटिलताओं का सरलीकरण और मूल्यांकन करने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही के लोकाचार को भी बढ़ावा देता है। दोनों सूचकांक शहरी जीवन के विभिन्न मापदंडों के बारे में पूरे देश के शहरों के कार्य प्रदर्शन का पता लगाने के प्रयास का प्रतिनिधित्व करते हैं। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स परिणामी संकेतकों की पुष्टि करता है, जबकि नगरपालिका प्रदर्शन सूचकांक सक्षम इनपुट मापदंडों को ग्रहण करता है। ये सूचकांक जीवन की बेहतर गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे का निर्माण, शहरीकरण की चुनौतियों का समाधान करने के प्रयासों के आधार पर शहरों का समग्र मूल्यांकन उपलब्ध कराते हैं। इन सूचकांकों से प्राप्त की गई जानकारी सरकार की अंतराल की पहचान करने, संभावित अवसरों की तलाश करने और स्थानीय शासन प्रणाली में दक्षता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं ताकि नागरिकों का जीवन बेहतर बनाया जा सके और व्यापक विकास परिणामों को पूरा किया जा सके। इन मूल्यांकनों का ढांचा आवासन और शहरी विकास मंत्रालय ने एक ज्ञान भागीदार के रूप में प्रतिस्पर्धात्मकता संस्थान के साथ मिलकर तैयार किया था।
ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई)
ईओएलआई 2020 इस सूचकांक में सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे के साथ ढांचे को मजबूती देते हुए अपने दायरे को मजबूत बनाता है। इस सर्वेक्षण का भारांक 30 प्रतिशत रखा जाता है। इसलिए, यह उन परिणामों की जांच करता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आश्रय, डब्ल्यूएएसएच और एसडब्ल्यूएम, गतिशीलता, रक्षा और सुरक्षा, मनोरंजन, आर्थिक विकास का स्तर, आर्थिक अवसर, पर्यावरण, ग्रीन स्पेस और भवन, ऊर्जा खपत, और शहर का लचीलापन जैसी 13 श्रेणियों में जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक क्षमता, स्थिरता के स्तंभों माध्यम से मौजूदा जीवन की स्थिति को बढ़ावा देने वाले परिणामों की जांच करता है। इन श्रेणियों का समग्र परिणाम में 70 प्रतिशत योगदान है।
सिटीजन पर्सेप्शन सर्वे (सीपीएस) को सेवा की आपूर्ति के संदर्भ में अपने शहर के नागरिकों के अनुभव को मान्यता देने में मदद के लिए शुरू किया गया था। यह मूल्यांकन 16 जनवरी, 2020 से 20 मार्च, 2020 तक आयोजित किया गया था। इस सर्वेक्षण में 111 शहरों के कुल 32.2 लाख नागरिकों ने भाग लिया। भुवनेश्वर का सीपीएस स्कोर सबसे अधिक था, उसके बाद सिलवासा, दावणगेरे, काकीनाडा, बिलासपुर और भागलपुर का स्थान रहा।
ईओएलआई और एमपीआई के संशोधित संस्करण के लिए कार्यप्रणाली और दृष्टिकोण फरवरी 2019 में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए थे। आवश्यक रूप से ईओएलआई की रिपोर्ट का उद्देश्य 111 शहरों में जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक क्षमता और स्थिरता के लिए 13 श्रेणियों में 49 संकेतक के साथ भारतीय नागरिकों का मापन करना है। ईओएलआई मुख्य रूप से सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि सहित भारत के शहरी विकास परिणामों में तेजी लाने का प्रयास करता है। सूचकांक से प्राप्त निष्कर्ष साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में मार्ग दर्शन करने में मदद कर सकते हैं। यह शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें अपने साथियों से कुछ सीखने और अपने विकास गति को आगे बढ़ाने में प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
नगर निगम का प्रदर्शन सूचकांक 2020 (एमपीआई)
ईओएलआई के दायरे को बढाकर इसे अधिक मजबूत बनाने के लिए, देश में पहली बार नगरपालिका कार्य प्रदर्शन सूचकांक मूल्यांकन भी शुरू किया गया। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स सूचकांक के एक परिणाम को मापता है, जबकि नगर पालिका कार्य प्रदर्शन सूचकांक उन घटकों पर ध्यान केंद्रित करता है जो उन परिणामों को पैदा करते हैं। नगर पालिका कार्य प्रदर्शन उन तत्वों की पहचान करने का काम करता है जो सेवा वितरण तंत्र, योजना, वित्तीय प्रणालियों और शासन प्रक्रिया में कुशल स्थानीय शासन को रोकते हैं।
नगरपालिका कार्य प्रदर्शन सूचकांक भारतीय नगर पालिकाओं की उनके निर्धारित कार्यों में कार्य प्रदर्शन का आकलन और विश्लेषण करने का एक प्रयास है। एक नगर पालिका की जिम्मेदारियां वर्टिकल श्रृंखला में फैली होती हैं, जिनमें शहरी योजना जैसे जटिल मूलभूत जनसेवाओं का प्रावधान भी शामिल है। एमपीआई की मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं।
नगरपालिका कार्य प्रदर्शन सूचकांक नगरपालिकाओं के कार्यक्षमता और उनकी विकास क्षमताओं की सीमा के बारे में सक्षम जानकारी प्रदान करता है। सूचकांक के माध्यम से, नागरिक अपने स्थानीय सरकार के प्रशासन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं, जो पारदर्शिता का निर्माण करता है और प्रमुख हितधारकों में विश्वास पैदा करता है।
इस ढांचे में 20 विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। जिनके नाम हैं- शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और अपशिष्ट जल, एसडब्ल्यूएम और स्वच्छता, पंजीकरण और परमिट, बुनियादी ढांचा, राजस्व प्रबंधन, व्यय प्रबंधन, राजकोषीय जिम्मेदारी, राजकोषीय विकेंद्रीकरण, डिजिटल प्रशासन, डिजिटल पहुंच, डिजिटल साक्षरता, योजना तैयार करना, योजना लागू करना, योजना प्रवर्तन, पारदर्शिता और जवाबदेही, मानव संसाधन, भागीदारी और प्रभावशीलता।
शीर्ष दस रैंक वाले शहरों का विवरण नीचे दिया गया है। दोनों सूचकांकों के तहत https://eol.smartcities.gov.in पर रैंकिंग ऑनलाइन देखी जा सकती है।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस शुक्रवार को उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करेगी. 5 मार्च को दोपहर दो बजे उम्मीदवारों का एलान किया जाएगा. खास बात ये है कि एक बार में ही सभी 294 सीटों पर कैंडिडेट्स के नाम का एलान होगा.
पिछले विधानसभा चुनाव के लिए भी शुक्रवार को ही टीएमसी ने उम्मीदवारों का एलान किया था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करीब से जानने वाले लोग कहते हैं कि 'दीदी' शुक्रवार को लकी मानती हैं. कालीघाट से कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की जाएगी.
हरियाणा, राज्य में बेरोजगारी की बढ़ती दर को का समाधान करने के लिए हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में एक बिल को मंजूरी दी है जिसके तहत निजी क्षेत्र में 50000 रुपये के कम वेतन वाली 75% नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित की जायेंगी। जून, 2020 के महीने में, हरियाणा में देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक बेरोजगारी दर थी। जून 2020 में बेरोजगारी की दर 33.6 प्रतिशत थी लागू होने के बाद यह बिल उन सभी निजी तौर पर प्रबंधित कंपनियों, ट्रस्टों, भागीदारी फर्मों, सोसाइटियों, आदि के लिए लागू होगा जो हरियाणा राज्य में स्थित हैं। स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण, चौटाला की जननायक जनता पार्टी का मुख्य चुनावी वादा था, जिसने भाजपा के साथ गठबंधन में राज्य में सरकार बनाई थी। चौटाला द्वारा पिछले साल पेश किया गया यह बिल निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए हरियाणा के मूल निवासियों के लिए ₹ 50,000 प्रति माह तक के वेतन के साथ 75 प्रतिशत नौकरियों को आरक्षित करना अनिवार्य बनाता है। कंपनियों को प्रति माह 50,000 रुपये तक के सभी कर्मचारियों का विवरण दर्ज करना होगा। हरियाणा सरकार के अनुसार आरक्षण सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से वांछनीय होगा।
महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक में कोविड के दैनिक नए मामलों में बढोतरी का रुझान लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए नए मामलों में इन राज्यों का योगदान 85.95 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में 14,989 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में कल सबसे अधिक 7,863 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद केरल में 2,938 और पंजाब में 729 नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और कर्नाटक ने सप्ताहिक आधार पर नए मामलों में सबसे अधिक वृद्धि दर्शाई है। मामलों की संख्या के हिसाब से अकेले महाराष्ट्र में 16,012 मामलों की साप्ताहिक वृद्धि हुई है। प्रतिशत के रूप में, पंजाब ने 71.5 प्रतिशत (1,783 मामले) साप्ताहिक वृद्धि दर्ज की है। केंद्र लगातार अधिक संख्या में सक्रिय मामलों की जानकारी देने वाले और कोविड के दैनिक नए मामलों में बढोतरी दर्ज कराने वाले राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के साथ लगातार परामर्श कर रही है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगातार कड़ी निगरानी करने की सलाह दी गई है, ताकि सामूहिक प्रयासों के लाभ कम न हो जाएं। प्रभावी परीक्षण, व्यापक ट्रैकिंग और संक्रमित मामलों के तुरंत आइसोलेशन तथा उनके निकट संपर्कों को जल्द से जल्द क्वारंटीन करने की जरूरत पर जोर दिया गया। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, और जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तरीय टीम भेजी हैं जो कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई बढोतरी के लिखाफ लड़ाई में मदद करेंगी। तीन सदस्यों की टीमों का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। वे राज्य स्वास्थ्य विभागों के साथ समन्वय से कोविड के मामलों में वृद्धि के कारणों का पता लगाएंगे और कोविड-19 के नियंत्रण और रोकथाम के उपायों के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। भारत का कुल सक्रिय मामलों की संख्या आज 1,70,126 तक पहुंच गई है। भारत में वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या देश के कुल संक्रमित मामलों की केवल 1.53 प्रतिशत है। नीचे दिया गया ग्राफ़ पिछले 24 घंटों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए सक्रिय मामलों में परिवर्तन को दर्शाता है। जबकि केरल, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में कमी दिखाई दी है। महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात में इसी अवधि के दौरान सक्रिय मामलों में वृद्धि देखी गई है। कोविड-19 टीकाकरण की दूसरी खुराक 13 फरवरी, 2021 को उन लाभार्थियों के लिए शुरू हुई, जिन्हें पहली खुराक मिलने के बाद 28 दिन पूरे हो गए हैं। एफएलडब्ल्यू का टीकाकरण 2 फरवरी 2021 को शुरू हुआ। कोविड -19 टीकाकरण का अगला चरण 1 मार्च, 2021 से शुरू हुआ। इस चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को और 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों को टीके लगाए जा रहै हैं जो गंभीर रूप से बीमार हैं। आज सुबह 7 बजे तक अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार 3,12,188 सत्रों के माध्यम से 1.56 करोड़ (1,56,20,749) से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गईं। इनमें 67,42,187 एचसीडब्ल्यू (पहली खुराक), 27,13,144 एचसीडब्ल्यू (दूसरी खुराक), 55,70,230 एफएलडब्ल्यू (पहली खुराक) और 834 एफएलडब्ल्यू (दूसरी खुराक), 45 वर्ष से अधिक आयु के गंभीर रोगों से ग्रस्त 71,896 लाभार्थी (पहली खुराक) और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 5,22,458 लाभार्थियों को दी गई खुराक शामिल हैं। चौबीस राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से किसी भी व्यक्ति की मौत होने की सूचना नहीं मिली है। ये राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हैं- मध्य प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड, गोवा, बिहार, पुदुचेरी, हिमाचल प्रदेश, असम, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख, त्रिपुरा, नागालैंड और अंडमान निकोबार द्वीप समूह।
नईदिल्ली। भारतीय वैज्ञानिकों ने देश में किफायती ऑप्टिकल स्पेक्ट्रोग्राफ डिजाइन और विकसित किया है। यह नए ब्रह्मांड, आकाशगंगाओं के आसपास मौजूद ब्लैक होल्स से लगे क्षेत्रों और ब्रह्माण्ड में होने वाले धमाकों में दूरस्थ तारों और आकाशगंगाओं से निकलने वाली हल्की रोशनी के स्रोत का पता लगा सकता है। अभी तक ऐसे स्पेक्ट्रोस्कोप विदेश से आयात किए जाते थे, जिन पर खासी लागत आती थी। एरीज-देवस्थल फैंट ऑब्जैक्ट स्पेक्ट्रोग्राफ एंड कैमरा (एडीएफओएससी) नाम के ‘मेड इन इंडिया’ ऑप्टिकल स्पेक्ट्रोग्राफ को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के एक स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एआरआईईएस), नैनीताल में विकसित किया गया है। यह आयातित ऑप्टिकल स्पेक्ट्रोग्राफ की तुलना में 2.5 गुना सस्ता है और यह लगभग 1 फोटॉन प्रति सेकंड की फोटॉन दर के साथ प्रकाश के स्रोत का पता लगा सकता है। देश में मौजूदा खगोलीय स्पेक्ट्रोग्राफ्स में अपनी तरह के सबसे बड़े स्पेक्ट्रोस्कोप को 3.6-एम देवस्थल ऑप्टिकल टेलिस्कोप (डीओटी) पर नैनीताल, उत्तराखंड के पास सफलता पूर्वक स्थापित कर दिया गया है, जो देश और एशिया में सबसे बड़ा है। यह उपकरण अत्यंत धुंधले आकाशीय स्रोत के निरीक्षण के लिए 3.6-एम डीओटी के लिए काफी अहम है, जो विशेष कांच से बने कई लेंसों की एक जटिल संरचना है, साथ ही आकाश से संबंधित चमकदार छवियों की 5 नैनोमीटर स्मूथनेस से बेहतर पॉलिश की गई है। टेलिस्कोप से संग्रहित किए गए दूरस्थ आकाशीय स्रोतों से आने वाले फोटॉनों को स्पेक्ट्रोग्राफ के द्वारा विभिन्न रंगों में क्रमबद्ध किया गया है और घरेलू स्तर पर विकसित अत्यधिक कम माइनस 120 डिग्री सेंटीग्रेट पर ठंडे किए जाने वाले चार्ज-कपल्ड डिवाइस (सीसीडी) कैमरे के उपयोग से इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड योग्य संकेतों में तब्दील किया गया है। इस उपकरण पर लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत आती है। एक तकनीक और वैज्ञानिकों के दल के साथ इस परियोजना की अगुआई एआरआईईएस के वैज्ञानिक डॉ. अमितेश ओमार ने की। इस दल ने स्पेक्ट्रोग्राफ और कैमरे के कई ऑप्टिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सबसिस्टम्स पर अनुसंधान किया और उन्हें विकसित किया। स्पेक्ट्रोग्राफ को वर्तमान में बेहद नए ब्रह्मांड, आकाशगंगाओं के आसपास मौजूद विशालकाय ब्लैकहोल्स से लगे क्षेत्रों, सुपरनोवा जैसे खगोलीय धमाकों और उच्च ऊर्जा से युक्त गामा-रे विस्फोट, नए और बड़े तारे व हल्की छोटी आकाशगंगाओं में दूरस्थ तारों और आकाशगंगाओं के अध्ययन के लिए भारत और विदेश के खगोलविदों द्वारा उपयोग किया जाता है। एआरआईईएस के निदेशक प्रो. दीपांकर बनर्जी ने कहा, “भारत में एडीएफओएससी जैसे जटिल उपकरणों के निर्माण के स्वदेशी प्रयास खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों, संगठनों और कुछ सूक्ष्म-लघु-मध्यम उपक्रमों के विशेषज्ञ उपकरण की समीक्षा और इसके भागों के निर्माण से जुड़े रहे, जो प्रभावी सहयोग का एक उदाहरण है। इस विशेषज्ञता के साथ, एआरआईईएस की अब निकट भविष्य में 3.6-एम देवस्थल टेलिस्कोप पर स्पेक्ट्रो-पोलरीमीटर और हाई स्पेक्ट्रल रिजॉल्युशन स्पेक्ट्रोग्राफ जैसे ज्यादा जटिल उपकरण स्थापित करने की योजना है।
इंग्लैंड, यूनिवर्सिटी के बाथरूम में कैमरा लगाकर छात्राओं और महिलाओं की सीक्रेट वीडियो बनाने वाले युवक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी युवक के पास से 24 महिलाओं के प्राइवेट वीडियो मिले हैं। वहीं, बाथरूम से एक सीक्रेट कैमरा भी बरामद किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर का है, जहां पुलिस ने 21 साल के किम नामक शख्स को युवतियों और महिलाओं के प्राइवेट वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि किम के कारनामों का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक छात्रा ने बाथरूम में कैमरा देखा। इसके बाद पूरे यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने उसके पास से 24 वीडियो मिली जिन्हें एक स्पेशल सॉफ्टवेयर के सहारे एडिट भी किया गया था। मामले में कीम को जेल तो नहीं भेजा गया, लेकिन उसे 36 महीने कम्युनिटी ऑर्डर के साथ ही 220 घंटों के लिए फ्री में काम करना होगा। इसके अलावा किम का नाम अगले पांच सालों के लिए सेक्स ऑफेंडर के रजिस्टर में दर्ज कर लिया गया है।
अहमदाबाद, गुजरात निकाय चुनाव में राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है. पार्टी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि राज्य की जनता बीजेपी के विकास के एजेंडे के साथ है.
पीएम मोदी ने कहा, ''गुजरात में नगर पालिका, तालुका पंचायत और जिला पंचायत चुनावों के परिणाम स्पष्ट संदेश देते हैं कि गुजरात बीजेपी के विकास और सुशासन के एजेंडे के साथ है. मैं बीजेपी के प्रति अटूट विश्वास और स्नेह के लिए गुजरात के लोगों को नमन करता हूं.''
शाम पांच बजे तक के आंकड़ो के मुताबिक, नगर पालिका की 2720 सीटों में से बीजेपी ने 1948, कांग्रेस ने 351, निर्दलीय 160, आप और बीएसपी के छह-छह उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. वहीं 24 सीटों पर अन्य दलों के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
तालुका पंचायतों की 4774 सीटों में से 3018 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है. वहीं कांग्रेस मात्र 1121 सीटों पर जीती है. आम आदमी पार्टी ने 28 और बीएसपी ने चार सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं जिला पंचायतों में बीजेपी ने अब तक 733 सीटें और कांग्रेस ने 351 सीटें जीती हैं. राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बताया कि तीनों स्थानीय निकायों में कुल 8,474 सीटें हैं.
Results of the Nagar Palika, Taluka Panchayat and District Panchayat polls across Gujarat give a crystal clear message- Gujarat is firmly with the BJP’s agenda of development and good governance. I bow to the people of Gujarat for the unwavering faith and affection towards BJP.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 2, 2021
हाथरस, एक बार फिर उत्तर प्रदेश का जिला हाथरस सुर्खियों में है। यहां एक शख्स की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। पुरानी रंजिश की वजह से शख्स को मौत के घाट उतार दिया गया। 2018 में दर्ज छेड़छाड़ का मुकदमा वापस न लेने पर सोमवार को खेत में आलू की खोदाई करवा रहे एक किसान की दिनदहाड़े सीने में एक के बाद एक कई गोलियां उतार दीं। मृतक की पुत्री ने चार नामजद सहित छह लोगों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक ने मुख्य अभियुक्त पर आज से ढाई साल पहले छेडख़ानी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके लिए वह एक महीने जेल भी गया था। आरोपी की मृतक की पत्नी और मौसी की दो बेटियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपी और मृतक में बहस हो गई और उसने परिवार के कुछ लड़कों को बुलाकर उन पर गोली चला दी।
नौजरपुर निवासी अमरीष शर्मा (52) अपने खेतों पर मजदूरों से आलू की खोदाई करा रहे थे। दोपहर में उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ उनको खाना देने के लिए खेत पर गईं थीं। इसी दौरान आरोपी गौरव अपने दो साथियों के साथ सफेद रंग की गाड़ी में आया और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों से घायल होकर अमरीष वहीं गिर गए। इससे वहां अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
खेत में काम कर रहे मजदूर जान बचाकर इधर-उधर छिप गए। सूचना पाकर गांव के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। आनन फानन में परिजन अमरीष को उपचार के लिए हाथरस लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चर्चा है कि फायरिंग के दौरान एक हमलावर को भी गोली लग गई थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अन्य हमलावर उसे अपने साथ गाड़ी में डालकर फरार हो गए। देर शाम मृतक की पुत्री प्रियंका ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें गौरव, रोहतास शर्मा, निखिल शर्मा, ललित शर्मा व दो अन्य पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
उधर इस मामले में कांग्रेस ने भी यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस पोस्ट में लिखा है,
योगी आदित्यनाथ सुबह हो गयी। नींद से जाग गए हो तो बेटी अपराधी का नाम बता रही है। गिरफ्तारी होगी या हाथरस की इस बेटी को भी बदनाम करने की साजिश रची जाएगी?
योगी आदित्यनाथ सुबह हो गयी।
— UP Congress (@INCUttarPradesh) March 2, 2021
नींद से जाग गए हो तो बेटी अपराधी का नाम बता रही है।
गिरफ्तारी होगी या हाथरस की इस बेटी को भी बदनाम करने की साजिश रची जाएगी?@myogiadityanath pic.twitter.com/tGtvSYEZ96







