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पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाईन ई-लर्निंग बनी लाखों बच्चों के लिए वरदान

पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाईन ई-लर्निंग बनी लाखों बच्चों के लिए वरदान

रायपुर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लॉकडाउन के दौरान बच्चों के सुचारू अध्ययन के लिए शुरू की गई ऑनलाईन ई-लर्निंग व्यवस्था ''पढ़ई तुंहर दुआर'' आज लाखों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस वेबसाईट का निर्माण बिना किसी बाहरी सोर्स और पैसा खर्च किए स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वयं तैयार की है। वेबपोर्टल के शुरू होने से अब तक इसमें 21 लाख 26 हजार 791 छात्र-छात्राएं और एक लाख 88 हजार 900 शिक्षक-शिक्षिकाएं पंजीकृत होकर ऑनलाईन अध्ययन-अध्यापन कर रहे है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोविड-19 संक्रमण के बचाव के उपायों के तहत स्कूली बच्चों को घर पर ही रहकर पढऩे के लिए बीते 7 अप्रैल को शुरू किए गए पोर्टल ''पढ़ई तुंहर दुआर' के जरिए लाखों छात्र आज बिना किसी शुल्क के ऑनलाईन पढ़ाई का लाभ उठा रहे है। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए गए लॉकडाउन के कारण स्कूल लंबे समय से बंद हैं। इस कारण यह आवश्यक हो गया था कि घरों में रहकर ही बच्चों को पढऩे-लिखने और सीखने का अवसर प्रदान किया जाये, इसके तहत छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के हित में पढ़ई तुंहर दुआर ई-प्लेटफार्म की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे अब छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई ई-प्रक्रिया के तहत आसानी से जारी रख पा रहे है।

इस ई-लर्निंग प्लेटफार्म में ऑनलाईन इंटरएक्टिव कक्षाओं के जरिए शिक्षक और बच्चे अपने-अपने घरों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ रहे है। देश में अपने तरह का यह पहला बड़ा ऑनलाईन एजुकेशन प्लेटफार्म है जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के छात्रों सहित हिन्दी भाषी राज्यों के छात्रों के लिए भी बहुत ही लाभदायक है। इसमें अब तक 21.26 लाख विद्यार्थी और 1.88 लाख से अधिक शिक्षक पंजीकृत होकर ऑनलाईन अध्ययन और अध्यापन का कार्य कर रहे है। इसमें पीडीएफ फार्मेट में पाठ्य पुस्तकें, ऑडियो तथा वीडियो लेसन आदि उपलब्ध कराए गए है, जिसे छात्र बिना किसी फीस के लाभ उठा रहे है। इस पोर्टल में होमवर्क तथा होमवर्क को ऑनलाईन जांचने की सुविधा भी है। बच्चे अपनी शंकाओं का समाधान भी ऑनलाईन कर पा रहे है। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों एवं विषय शिक्षकों की कमी वाली शालाओं के लिए भी यह यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी साबित हो रहा है।

 

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे विभाग ने बिना किसी बाहरी मदद के स्वयं तैयार किया है। इसकी प्रोग्रामिंग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने एनआईसी के प्रोग्रामरों के साथ मिलकर की है। इस प्रकार विभाग ने यह साफ्टवेयर बिना कोई धन राशि व्यय किए नि:शुल्क तैयार किया है। यह योजना द्धह्लह्लश्च://ष्द्दह्यष्द्धशशद्य.द्बठ्ठ वेबसाइट पर उपलब्ध है। द्धह्लह्लश्च://ष्द्दह्यष्द्धशशद्य.द्बठ्ठ निजी डोमेन नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने मात्र 6658 रूपए में 10 वर्षो के लिए खरीदी है। इस डोमेन पर पूरी तरह से छत्तीसगढ़ शासन का अधिकार है। इस पोर्टल के में पंजीकृत विद्यार्थी, शिक्षक और पेज व्यू की संख्या आसानी से देखी जा सकती है।

 

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन से वर्तमान में स्कूल बंद है। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन ई-लर्निंग की यह व्यवस्था लाखों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। लाखों की संख्या में बच्चे और शिक्षक इसका लाभ उठाकर घर में रहकर भी पढ़ाई कर रहें है। इस पोर्टल के संचालन में अभी तक कुल व्यय मात्र 3,48,631.54 रूपए ही है।
 

कोरोना के कारण इस देश में स्कूल सख्त शर्तों के साथ खुलेंगे, पढ़ें पूरी खबर

कोरोना के कारण इस देश में स्कूल सख्त शर्तों के साथ खुलेंगे, पढ़ें पूरी खबर

जोहानसबर्ग | दक्षिण अफ्रीका के स्कूल और यूनिवर्सिटी कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के चलते लागू लॉकडाउन के बीच सख्त शर्तों के तहत खुलने जा रहे हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर एंजी मोत्शेखेगा की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के हवाले से कहा, हमारा प्रस्ताव ग्रेडों को चरणबद्ध तरीके से खोलने का है। ग्रेड (कक्षा) 7 और 12 को स्कूल आना है, ऐसे में वह अकेले स्कूल में रहेंगे। अन्य ग्रेड के विद्यार्थी बाद में आएंगे।

उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है कि हमारे शिक्षार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार से कोई समझौता न हो और इसके लिए हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति प्रकट की है।
बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर ने कहा कि दो से अधिक विद्यार्थी एक डेस्क को साझा नहीं करेंगे, नो हगिंग (गले लगना) एंड हैंडशेकिंग (हाथ मिलाना), किसी भी समय सीधे संपर्क में नहीं आना, शिक्षक व छात्रों का क्लॉथ मास्क अनिवर्य रूप से पहनने जैसे उपाय इन कदमों में शामिल हैं।
वहीं, हायर एजुकेशन मिनिस्टर ब्लेड नाजिमांडे ने कहा कि सामान्य यूनिवर्सिटी और कॉलेज ऑनलाइन क्लास शुरू करेंगे, जबकि मेडिकल छात्रों की कड़ी शर्तों के तहत परिसर में वापसी होगी।
 
आगामी सत्र से कुम्हारी में खुलने जा रहा है  नया कॉलेज, सरकार ने दिए 7 करोड़ रुपए

आगामी सत्र से कुम्हारी में खुलने जा रहा है नया कॉलेज, सरकार ने दिए 7 करोड़ रुपए

भिलाई, नए शिक्षा सत्र से कुम्हारी में नवीन महाविद्यालय की शुरुआत होगी। पहले इसे यहां के शासकीय स्कूल में संचालित किया जाएगा। भवन बनने के बाद स्थानांतरित किया जाएगा। इसके स्थापना के लिए वेतन भत्ता मद के तहत 6.70 करोड़ और कार्यालय व्यय मद के लिए 30 लाख रुपए बजट में तय किए गए हैं। कॉलेज के खुल जाने से कुम्हारी के युवाओं को काफी राहत मिलेगी।


अंडर ग्रेजुएशन कोर्स से शुरुआत की तैयारी
पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर ने बताया कि यहां सबसे पहले बीए, बीकॉम और बीएससी के कोर्स संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक विषय के लिए अभी 150-150 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद कॉलेज में अंडर ग्रेजुएशन कोर्स के लिए प्रवेश देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। शासन की ओर से स्टाफ की भी व्यवस्था की जा रही है।

तीन कॉलेजों में नए कोर्स की शुरुआत भी हुई
अपर संचालक डॉ. सुशीलचंद्र तिवारी ने बताया कि गर्ल्स कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीकॉम कंप्यूटर एप्लीकेशन, पाटन में अंग्रेजी साहित्य और धमधा में बीए भुगोल की मंजूरी मिली है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया था।


रायपुर और भिलाई नहीं आना पड़ेगा
कुम्हारी में नवीन महाविद्यालय की शुरुआत होने से यहां के छात्रों को महाविद्यालयीन स्तर की पढ़ाई के लिए रायपुर, दुर्ग, भिलाई नगर, भिलाई-3, जामुल या फिर अहिवारा नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के लिए संस्थान मिल जाएगा। बाद में यहां पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। नए कॉलेज से छात्रों को राहत होगी।

वित्तीय वर्ष 20-21 के लिए प्रस्तावित बजट में कुम्हारी में नए कॉलेज खोले जाने का उल्लेख किया गया था। इसके तहत इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। बजट की राशि मिलने की सूचना नगर पालिका कुम्हारी को दी गई है। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर ने बताया कि अभी कॉलेज संचालन के लिए तीन-चार स्थान को देखा गया है, लेकिन शासन स्तर पर उसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

 

 शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में हुआ कोविड-19 पर सेमिनार

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में हुआ कोविड-19 पर सेमिनार

रायपुर। शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय रायपुर द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें (कोविड-19) के विभिन्न पहलुओं पर विषय विशेषज्ञों द्वारा चार ऐस्पेक्ट पर व्याख्यान दिए गये। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर उषा किरण अग्रवाल ने इसके मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर जानकरियाँ दीं उन्होंने बताया की मानसिक स्वास्थ्य किसी भी विपदा से निपटने के लिये आवश्यक है । अगले विशेषज्ञ के रूप में फ़िज़िक्स के विभागाध्यक्ष डॉक्टर रवि शर्मा ने कोविड कैसे फैलता है कैसे संक्रमण करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है, इस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बताया। अगले क्रम में गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर संध्या वर्मा ने कोविड से निपटने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने की बात कही उन्होंने बताया की इस लॉक्डाउन के दौरान कैसे उपयोगी डाइयट के द्वारा पोषक पदार्थों से रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। अंतिम वक्त के रूप में वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर बी॰ डी॰ थदलानी ने कोविड के दौरान अर्थव्यवस्था की गंभीरता पर जानकरियाँ दी।  उन्होंने बताया कि आर्थिक मंदी से कैसे निपटा जाये। वैश्विक बंद के कारण निर्यात में गिरावट आदि विषय पर जानकारी दीं। इस सेमिनार में सूरत गुजरात से डॉक्टर शैलेष प्रजापति भी जुड़े उन्होंने इसे महाविद्यालय की अनूठी पहल कहा तथा ऐसे  सेमिनार से विद्यार्थियों को मिलने वाली जानकारियों पर हर्ष व्यक्त किया। अमरावती से डॉक्टर दिलीप हांडे भी इस विशेष आयोजन में हिस्सा लिए उन्होंने महाविद्यालय को इस आयोजन पर बधाई दी तथा कहा की इस आपदा पर विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी से कोरोना वाइरस के ख़िलाफ़ लड़ाई सरल होगी।
छात्रा मेघा मिश्रा ने इस आयोजन के लिए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों को धन्यवाद दिया तथा कहा कि कोविड के प्रसार को रोकने के लिये मिली जानकरियाँ बहुत लाभप्रद होंगी, सभी स्टूडेंट्स को इससे ज्ञान मिला और लाभ होगा। इसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिनमे प्रमुख रूप से डॉक्टर जी ए घनश्याम, डॉक्टर जगजीत कौर सलूजा, डॉक्टर अमित सहगल, डॉक्टर सुनीता पात्रा, डॉक्टर संध्या मदन मोहन, डॉक्टर गुरप्रीत कौर, डॉक्टर रंजना तिवारी, डॉक्टर शीला दूबे, डॉक्टर प्रीति पाण्डे, डॉक्टर माधुरी श्रीवास्तव, डॉक्टर नरेश पुरी, डॉक्टर सुषमा तिवारी, डॉक्टर सिरिल डेनियल, डॉक्टर विनीता शर्मा, डॉक्टर चित्रा देशपांडे, माला परमार, डॉक्टर लकमी देओनानी, मेघा मिश्रा, नेहा फ़िलिप, नताशा बाँसोडे, निलू दडसेना, रजनी तिवारी, दिप्शिखा ठाकुर, श्रद्धा अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, निधि पूरी, निशा , जयललिता वाधवानी आदि उपस्थित रहे। अंत में हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर रंजना तिवारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया, महाविद्यालय के IQAC द्वारा यह आयोजन किया गया IQAC प्रभारी डॉक्टर कविता शर्मा ने सबका अभिनंदन किया तथा भविष्य में ऐसे आयोजन को और करने की बात कही ।
काम की बात : अब घर बैठे मोबाइल से बदल सकते हैं अपने आधार का पता, जानिए कैसे...

काम की बात : अब घर बैठे मोबाइल से बदल सकते हैं अपने आधार का पता, जानिए कैसे...

नई दिल्ली, हम सभी जानते हैं कि अधार देश के किसी भी नागरिक की पहचान से जुड़ा सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है. सभी तरह की सरकारी लाभ के लिए आधार की जरूरत पड़ती है. हालांकि कई बार आधार कार्ड पर गलत जानकारी छपे होने के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज हम आपको इसी परेशानी के बचने का तरीका बताने जा रहे हैं. हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आपके आधार कार्ड में आपका पता सही नहीं है और आप इसे बदलवाना चाहते हैं तो उसे आप घर बैठे कैसे इसे ठीक करवा सकते हैं.


कैसे बदलें पता


अगर आप आधार पर पता बदलवाना चाहते हैं तो घबराएं नहीं. आधार कार्ड में पता बदलवाने के इच्छुक लोगों को UIDAI ने एक महत्तवपूर्ण सुविधा प्रदान की है. UIDAI ने एक ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है.


UIDAI ने कहा है कि जहां पहले लोगों को आधार पर लिखा पता बदलवाने के लिए केंद्र पर जाना पड़ता था, लंबी लाइनों में लगना पड़ता था और इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब घर बैठे ही आप अपने आधार कार्ड का पता बदलवा सकते हैं

कैसे बदलवाए पता, जानिए


आधार का पता बदलवाने के लिए सबसे पहले आपको UIDAI की वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद My Adhaar टैब पर क्लिक करें और फिर Update your adhaar और फिर Update your address online पर क्लिक करना होगा. इसके बाद Proceed update address पर क्लिक करें और इसके बाद आधार नंबर और कैप्चा डालकर सेंड ओटीपी पर क्लिक कर दें. अपने रजिस्टर्ड नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें और लॉग इन पर क्लिक करें.


इसके बाद Update address via address proof पर क्लिक कर नया या सही पता भर दें. अब आपको बताए गए दस्तावेजों की रंगीन फोटो मोबाइल से क्लिक कर व अपलोड कर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद वेरिफिकेशन होगा और आपका नया पता आपके आधार पर आए जाएगा.

 

महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए ऑन लाईन अध्ययन के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन

महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए ऑन लाईन अध्ययन के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन

रायपुर, उच्च शिक्षा विभाग अब स्कूलों की तर्ज पर कॉलेजों में भी ऑनलाइन पढ़ाई कराएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं मानिटरिंग के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई गई है। योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए अपर संचालक चंदन संजय त्रिपाठी के संयोजन में कमेटी तैयार की गई है। कमेटी में अपर संचालक हिमांशु शेखर, पीसी चौबे, प्राचार्य एसके त्रिपाठी, एसएस अग्रवाल, एसआर कमलेश, सुशील तिवारी, अमिताभ बनर्जी, सहायक प्राध्यापक वेणुगोपाल, जी घनश्याम को शामिल किया गया है। आदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन की वजह से अकादमिक कैलेंडर में देरी की संभावना जताते हुए वीडियो लेक्चर तैयार कराने को कहा है। ग्रेजुएशन के सिलेबस के मुताबिक वीडियो लेक्चर तैयार किया जाएगा।

 

 

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट में लगी मुहर, अब चंदूलाल चंद्राकर यूनिवर्सिटी...

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट में लगी मुहर, अब चंदूलाल चंद्राकर यूनिवर्सिटी...

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के नाम बदलने पर भूपेश कैबिनेट की मुहर लग गई है. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय अब चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर समर्पित किया गया है.

बता दें कि जुलाई-2019 में राजधानी के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाक़ात कर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी. पत्रकारों ने कहा था कि कुशाभाऊ ठाकरे का योगदान न तो पत्रकारिता में है न ही उनका छत्तीसगढ़ से किसी प्रकार का जुड़ाव रहा है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था. पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से कहा था कि सरकार को पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम चंदूलाल चंद्राकर या माधवराव सप्रे के नाम पर रखना चाहिए. जो छत्तीसगढ़ और पत्रकारिता दोनों से जुड़े रहे. पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ के दोनों हस्तियों के योगदान का ज़िक्र भी अपने आवेदन में किया था. पत्रकारों ने सीएम भूपेश बघेल से कहा था कि चंदूलाल चंद्राकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार रहे हैं. छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय और विश्व पटल पर वे पत्रकारिता के आधार स्तंभ रहे हैं. वहीं पं. माधव राव सप्रे को छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने पेंड्रा जैसे एक छोटे से नगर से 'छत्तीसगढ़ मित्र' नामक पत्रिका से प्रदेश में पत्रकारिता की शुरुआत की थी. इससे पहले पत्रकारों ने उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से मुलाक़ात कर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी. मंत्री उमेश पटेल ने पत्रकारों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था.

Source: haribhoomi 

लोक सेवा आयोग द्वारा ग्रंथपाल पद की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित

लोक सेवा आयोग द्वारा ग्रंथपाल पद की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के लिए ग्रंथपाल पद का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। लिखित परीक्षा का परिणाम आयोग की अधिकृत वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं।
आयोग द्वारा 21 अगस्त 2019 को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत ग्रंथपाल के कुल 56 पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। जिसके लिए 26 नवम्बर 2019 को ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। ग्रंथपाल परीक्षा 2019 के विज्ञापित पद का तीन गुना अर्थात् 168 अभ्यर्थियों को वर्गवार, उप वर्गवार साक्षात्कार के लिए चिन्हांकन किया जाना था। परन्तु अर्ह अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण कुल-86 अभ्यर्थी वर्गवार, उप वर्गवार चिन्हांकित हुए है। ग्रंथपाल पद के लिए साक्षात्कार तिथि, समय सारणी, विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर पृथक से जारी की जाएगी।

www.psc.cg.gov.in/pdf/RESULT/WER_LIB_2019.PDF
 

छ.ग. व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने जारी की PAT, PET, PPT, बीएड, डीएड, बीएससी नर्सिंग, PPHT ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि,पढ़े पूरी खबर

छ.ग. व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने जारी की PAT, PET, PPT, बीएड, डीएड, बीएससी नर्सिंग, PPHT ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि,पढ़े पूरी खबर

समस्त छात्र-छात्राओं को सूचित किया जाता है कि, छ.ग. व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने विभिन्न (PAT, PET, PPT, बीएड, डीएड, बीएससी नर्सिंग, PPHT) ऑनलाइन तिथि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन व संभावित परीक्षा तिथि जारी कर दी है।

विवरण निम्नानुसार है :-

1. PET
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 मार्च 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 12 अप्रेल 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 08 मई 2020

2. PPHT
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 मार्च 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 12 अप्रेल 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 08 मई 2020

3. PPT

ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 मार्च 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 12 अप्रेल 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 21 मई 2020

4. PAT
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 24 मार्च 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 19 अप्रेल 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 28 मई 2020

5. BED बीएड
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 07 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 03 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 11 जून 2020

6. DED डीएड
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 07 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 03 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 11 जून 2020

7. बीएससी नर्सिंग
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 10 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 21 जून 2020

8. BA BED बीए बीएड
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 10 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 21 जून 2020

9. Bsc BED बीएससी बीएड
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 17 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 10 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 21 जून 2020

10. एमएससी नर्सिंग
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि :- 21 अप्रेल 2020
ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि :- 17 मई 2020
संभावित परीक्षा तिथि :- 28 जून 2020

 

महिला दिवस के उपलक्ष्य में अग्रसेन महाविद्यालय में हुई व्यंजन स्पर्धा

महिला दिवस के उपलक्ष्य में अग्रसेन महाविद्यालय में हुई व्यंजन स्पर्धा

नमकीन व्यंजनों में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना कौशल

रायपुर| अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अग्रसेन महाविद्यालय में आज महिला प्राध्यापकों के लिए व्यंजन स्पर्धा का आयोजन किया गया| इसमें योग संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू ठाकुर के साथ वर्षा, श्वेता अग्रवाल एवं रुक्मिणी अग्रवाल की टीम विजेता रही| वहीँ प्रो. रिदवाना हसन के साथ ममता यादव, स्वप्ना अग्रवाल एवं षष्ठी पाण्डेय की टीम उपविजेता रही|

इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्रीमती सरला अग्रवाल, प्रो. कनिष्क दुबे एवं मनीला अग्रवाल शामिल रहे| प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम ने वेज बिरयानी और रायता व्यंजन प्रस्तुत किया| वहीँ दूसरे स्थान पर आने वाली टीम ने छोले और ड्राई-फ्रूट पेटिस तैयार किया था|    

सरला अग्रवाल ने पचहत्तर वर्ष की आयु में भी पूरी सक्रियता दिखाते हुए न केवल सभी प्रतिभागियों के व्यंजनों का परिक्षण किया, बल्कि उन्हें अनेक व्यंजन बनाने की ऐसी विधि भी सिखाई, जिससे इन व्यंजनों को लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है| सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए व्यंजनों में सामग्रियों के समुचित उपयोग तथा प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए| इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों को साधुवाद देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से प्राध्यापकों की रचनात्मक प्रतिभा को उभरने और निखारने का अवसर मिलता है| प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने भी सभी प्राध्यापकों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार किये जाने वाले अध्यापन कार्य की एकरसता को तोड़ने के लिए ऐसे आयोजन बहुत सार्थक होते हैं. साथ ही इससे शैक्षणिक वातावरण में भी एक नयापन लाने में भी मदद मिलती है| इस कार्यक्रम की समन्वयक प्रो कविता अग्रवाल एवं डॉ डाली पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को विशेष रूप से नमकीन व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया. वहीँ प्रो. मोहम्मद रफीक के संयोजन में आयोजित इस स्पर्धा में प्राध्यापकों के साथ-साथ विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई|
 पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा महिला दिवस के अवसर पर बनाया गया एक शार्ट फिल्म, देखे वीडियो

पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा महिला दिवस के अवसर पर बनाया गया एक शार्ट फिल्म, देखे वीडियो

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा महिला दिवस के अवसर पर एक शार्ट फिल्म तैयार किया गया है जिसमे यह दर्शाया गया है की महिलाओं व् युवतियों के साथ हो रहे छेड़-छाड़ जैसी घटनाओ के खिलाफ आवाज उठाई जाए, साथ ही यह फिल्म एक संदेश देने के रूप में बनाई गई है| जिसकी सूटिंग रायपुर के पुरानी बस्ती में हुई है| पत्रकारिता विभाग के छात्र- छात्राओं का यह कहना है की वह आगे भी ऐसे ही संदेशभरी, जागरूकता, जानकारी जैसे शार्ट फिल्म बना कर लोगो तक लाते रहेंगे|

No More Silence!

A Short Film By City Guys

Director - Vajad Khan
Story & Dialog - Vajad khan
Video Editor - Vajad khan

Cast -

Priya Jagat
Chitrasen Sahu
Akansha Yadav
Akshay Pansari
Shantanu Roy

Special thanks -

Mr. Kanishk Dubey
Ram Nayak
Vinamra Sharma
Harish Patel

#Womensday2020
 
https://youtu.be/NM4KpRdsA3g  इस लिंक को क्लिक कर देखे विडियो
आखिरकार मिल ही गया कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय को नया कुलपति, वरिष्ठ पत्रकार प्रो. बलदेव भाई शर्मा जी बने

आखिरकार मिल ही गया कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय को नया कुलपति, वरिष्ठ पत्रकार प्रो. बलदेव भाई शर्मा जी बने

रायपुर,राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति के रुप में बलदेव भाई शर्मा को नियुक्त किया है। बलदेव भाई शर्मा का कार्यकाल, उपलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी।
बलदेव भाई दैनिक भास्कर, अमर उजाला, स्वदेश, पांचजन्य जैसे समाचार पत्रों के संपादक रहे हैं. नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के संवाहक हैं. इस समय वो हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में प्रोफेसर हैं.
श्री शर्मा की नियुक्ति छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन, 2019) की धारा 11 की उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
 

निर्भया मामला Live updates :एक बार फिर दोषियों की फांसी टली,जानिये क्या हुआ अब ...

निर्भया मामला Live updates :एक बार फिर दोषियों की फांसी टली,जानिये क्या हुआ अब ...

नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों पर अगले आदेश तक फांसी पर रोक लगा दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को तीसरी बार डेथ वॉरंट जारी किया था। तीसरे वारंट के मुताबिक 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी होनी थी लेकिन अब वह नहीं होगी।

निर्भया मामले से जुड़ी हर जानकारी...
- सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को मेडिकल रिसर्च के लिए अंगदान का विकल्प दिए जाने संबंधी याचिका खारिज की।
- जल्लाधद ने तिहाड़ जेल में शुरू की चारों दोषियों को फांसी देने की तैयारी।
-राष्ट्रलपति ने पवन की दया याचिका खारिज की।
- राष्ट्रपति के पास पहुंची पवन गुप्ता की दया याचिका
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ के दौरे पर
- छत्तीसगढ़ दौरे से वापस आने पर राष्ट्रपति लेंगे फैसला

- पटियाला हाउस कोर्ट ने फांसी का फैसला सुरक्षित रखा
- दोषी पवन कुमार गुप्ता ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की।
- इससे पूर्व दिन में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि दोषी गुप्ता द्वारा दायर सुधारात्मक याचिका का कोई आधार नहीं है।
- निर्भया के दोषियों को कल सुबह 6 बजे हो सकती है फांसी।
- कुछ ही देर में होगा तिहाड़ जेल की जेल नंबर 3 में फांसी का ट्रायल।

- पवन जल्लाद शनिवार से ही तिहाड़ जेल में मौजूद।
- राष्ट्रपति के पास अभी भी पैंडिंग है अक्षय सिंह की दया याचिका।

- निर्भया मामले के दोषी पवन कुमार गुप्ता के वकील ने दिल्ली की अदालत को उसकी दया याचिका दायर किए जाने की जानकारी दी। अदालत दोपहर के भोजन के बाद मामले में सुनवाई करेगी।

- सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पवन की क्यूरेटिव याचिका।
- सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ न्यायमूर्ति रमण के चैंबर में सुधारात्मक याचिका पर सुनवाई की।

 

शिक्षा विभाग की पहल: शिक्षकों की कमी दूर करने तैयार किए जा रहे वीडियो लेक्चर: एनिमेशन के जरिए पाठ्यक्रम को बनाया जा रहा रोचक और ज्ञानवर्धक

शिक्षा विभाग की पहल: शिक्षकों की कमी दूर करने तैयार किए जा रहे वीडियो लेक्चर: एनिमेशन के जरिए पाठ्यक्रम को बनाया जा रहा रोचक और ज्ञानवर्धक

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक का उपयोग के जरिए विद्यार्थियों के लिए स्तरीय सामग्री तैयार की जा रही है। राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में विषय शिक्षकों की कमी की समस्या को हल करने के लिए वीडियो पाठ्यक्रम के जरिए पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। हाल ही में एक पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में वीडियो कॉल एप्लीकेशन का उपयोग करने की पहल की गई है।
स्कूलों में जिन विषयों के शिक्षक नहीं है, वहां विषय विशेषज्ञों के माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई है। पांच मिनट के वीडियों और लाईव-लेक्चर के माध्यम से पढ़ाई के बाद ऑनलाईन होमवर्क भी दिया जाता है। पॉयलेट प्रोजेक्ट के तौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 12 शासकीय स्कूल सेल, कोमाखान, चांपा, बरना, नवापारा और खरोरा, सांकरा, बालोद, कोमाखान, मुंगेली, बेमेतरा में इसकी शुरूआत 10 फरवरी से हो चुकी है। इसमें सभी विषयों की ई-कक्षाएं उपलब्ध है। आने वाले समय में इसी योजना से करीब एक हजार स्कूलों को लाभांन्वित करने का लक्ष्य है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वीडियो लैक्चर तैयार करने के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और एनआईसी नवा रायपुर में अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए स्टूडियो स्थापित किया गया है। विशेषज्ञ शिक्षकों को पहले एनिमेशन, सिमुलेशन और टीचर लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) का उपयोग करके वीडियो व्याख्यान शूट करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस वीडियो की समीक्षा विषय-विशेषज्ञों द्वारा की जाती है और यू-ट्यूब पर अपलोड की जाती है, ताकि कोई भी इसे देख सके और सीख सके।
तैयार की गई पाठ्य सामग्री यू-ट्यूब चैनल डीइएल छत्तीसगढ़ में अपलोड की जाती है। आम तौर पर प्रत्येक अवधारणा वीडियो लम्बाई में 4-5 मिनट का है, जो एक अध्याय के रूप में एक साथ मिले हुए हैं। स्कूल द्वारा एक टेक फ्रेंडली स्कूल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है, जिसे राज्य द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। ताकि वह बेहतर तैयारी के लिए विद्यार्थियों की मदद हेतु उचित अनुशासन और प्रक्रिया का पालन कर सके।
चरण 1 - स्कूल हर दिन एक विषय वीडियो अंग्रेजी, जी-विज्ञान, भौतिक विज्ञान आदि जो खेलते हैं, उन छात्रों की आवश्यकता का 12 बजे तक निर्भर करता है।
चरण 2 - छात्र वीडियो कॉलिंग एप (जूम) का उपयोग करके दोपहर 12.30 बजे विषय-विशेषज्ञ से जुड़ते हैं। छात्र ऑनलाईन शिक्षक से अपना संदेह पूछते हैं और शिक्षक यह भी परखता है कि उन्होंने बेतरतीब ढंग से चूने गए छात्रों से मौखिक प्रश्न पूछकर क्या सीखा है।
चरण 3 - छात्रों कोे होमवर्क दिया जाता है, जिसे उन्हें अगले दिन स्कूल समन्वयक के पास जमा करना होता है। स्कूल समन्वयक तब होमवर्क को स्कैन करता है और वाट्सअप के माध्यम से सभी छबियों को संबंधित ऑनलाइन विषय शिक्षक को भेजता है।
चरण 4 - ऑनलाइन विषय शिक्षक इस पीडीएफ का प्रिंट लेता है और प्रत्येक जमा होमवर्क को ध्यान से देखता है। शिक्षक फिर सभी प्रस्तुत करने और स्कैन करने के लिए सुधार हेतु प्रतिक्रिया लिखता है और इसे समन्वयक को वापस भेजता है। बाद में समन्वयक द्वारा इसे छात्रों के साथ साझा किया जाता है। इस प्रकार व्यक्तिगत सीखने का चक्र पूरा होता है। यह सब केवल 2 दिनों के समय में होता है।

                                                           • लेख-सहायक संचालक द्वय श्री ललित चतुर्वेदी, श्री जी.एस. केशरवानी


 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला के छठवे दिन शोधार्थियों ने किया फोकस ग्रुप डिस्कशन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला के छठवे दिन शोधार्थियों ने किया फोकस ग्रुप डिस्कशन

रायपुर ,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में रिसर्च मेथाडोलॉजी की सात दिवसीय कार्यशाला का छठवां दिन था। आज का प्रथम सत्र डॉ किरण देसाई कार्यवाहक निर्देशक, सेंटर फॉर सोशल स्टडीज सूरत से थे। उनका प्रथम सत्र गुणात्मक अनुसंधान पर था। उन्होंने मात्रात्मक और गुणात्मक अनुसंधान में अंतर बताया। गुणात्मक अनुसंधान की विधियां इन डेप्थ इंटरव्यू, फोकस ग्रुप डिस्कशन, केस स्टडीज को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया गुणात्मक अनुसंधान स्थानीय समस्या से संबंधित हो सकता है जिसके आधार पर एक मध्यम स्तर के सिद्धांत को विकसित किया जा सकता है इसलिए प्रदत संकलन ओरल हिस्ट्री, सब्ल्टर्न हिस्ट्री के द्वारा किया जा सकता है।उन्होंने सहभागी अवलोकन विधि पर भी चर्चा की।

द्वितीय सत्र में फोकस ग्रुप डिस्कशन के लिए समस्त प्रतिभागियों को पांच समूह में विभाजित किया गया चर्चा की विषय थी गृह विज्ञान में उपयुक्त जॉब, महिला उद्यमियों में मनोवैज्ञानिक चुनौती, सेल्फ़ी पोस्टिंग , जनसंख्या वृद्धि, विकास। सामूहिक चर्चा के पश्चात समूह प्रतिनिधियों ने उसे प्रस्तुत किया। तृतीय सत्र में डॉ किरण देसाई के द्वारा केस स्टडी रिसर्च पर चर्चा की गई ,उसके पश्चात पुनः प्रतिभागियों के पांच समूह के द्वारा 5 केस स्टडी प्रस्तुत की गई,। जो विभिन्न संगठन जैसे पुलिस, न्यायपालिका, शिक्षा, राज्य, और जाति पर आधारित थी ,बहुत अच्छा प्रस्तुतीकरण प्रतिभागियों द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के निर्देशक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर ए के जायसवाल हैं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ उषा किरण अग्रवाल सहित प्रतिभागी प्राध्यापक तथा रिसर्च स्कॉलर उपस्थित रहे। 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में 7 दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला हुआ समापन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में 7 दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला हुआ समापन

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में रिसर्च मेथाडोलॉजी पर सात दिवसीय कार्यशाला का आज17-2-2020 को अंतिम दिवस था। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ किरण देसाई कार्यवाहक निर्देशक सेंटर फॉर सोशल स्टडीज सूरत का था। उन्होंने प्रतिभागियों को रिसर्च प्रपोजल बनाना विस्तार से सिखाया, उस पर आधारित गतिविधियां भी कराई प्रतिभागियों को पांच समूह में में बाट कर अलग अलग  शीर्षक पर तुरंत  रिसर्च प्रपोजल बनवाया। द्वितीय सत्र में रिसर्च रिपोर्ट, मोनोग्राफ तथा आर्टिकल लिखने के तरीके विस्तार से समझाएं। भोजन अवकाश उपरांत अंतिम सत्र प्रमाण पत्र वितरण का था। जिसमें  डॉ प्रतिभा मिश्रा गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिलासपुर तथा मुख्य अतिथि डॉ अरुणा पलटा कुलपति  हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग थी। कार्यक्रम का प्रारंभ कार्यशाला की संयोजक डॉ उषा किरण अग्रवाल के सात दिवसीय कार्यशाला पर आधारित प्रतिवेदन के द्वारा हुआ।

जिसमें उन्होंने प्रथम दिन से पधारे वक्ता उनके विषय तथा उनके द्वारा सिखाए गए कार्यों की चर्चा की। इसमें मुख्य रूप से समाज विज्ञान की अनुसंधान का दर्शन ,गुणात्मक मात्रात्म क अनुसंधान ,अनुसंधान में उपयुक्त स्टेटिस्टिक्स सॉफ्टवेयर आदि की चर्चा की। इसका भरपूर लाभ प्रतिभागियों को मिला ,जिससे उन्हें आगे चलकर अनुसंधान में बहुत सहायता मिलेगी। डॉ प्रतिभा मिश्रा के द्वारा इस कार्यशाला की संबद्धता तथा उपयोगिता की चर्चा की गई। डॉ अरुणा पलटा ने अपने उद्बोधन में बताया की अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे समाज लाभान्वित हो, समाज के उत्थान की कुछ योजनाएं बनाई जा सके। तत्पश्चात प्रतिभागियों  को कार्यशाला कि मूल्यांकन हेतु अवसर दिया गया। जिसमें आईटीएम विश्वविद्यालय से प्रबंधन विभाग से डॉ मोनिका सेठी नेप्रतिभागियों के द्वारा भरे गए फीडबैक फॉर्म के आधार पर पूरी कार्यशाला का अति सुंदर मात्रात्मक विश्लेषण किया इसके आधार पर यह ज्ञात हुआ कि सभी प्रतिभागी इस कार्यशाला से अत्यंत संतुष्ट है तथा उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए। कुछ अन्य प्रतिभागी अग्रसेन महाविद्यालय से स्नेहा, वैभवी आदि प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसी कड़ी में प्रतिभागियों के मनोरंजन हेतु डॉ स्वप्निल कर्महे व्याख्याता कत्थक शासकीय दू ब  स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय रायपुर के द्वारा कृष्ण वंदना तराना ,कृष्ण भजन पर प्रस्तुति दी गई। साथ ही खैरागढ़ से प्रनम तिवारी के द्वारा भी कत्थक अति सुंदर प्रस्तुति दी गई।  फूलचंद महाविद्यालय राजिम से 2 छात्र विक्रांत, दीपेश के द्वारा भी गाने प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम की संयोजक डॉ उषा किरण अग्रवाल के अति सुंदर आभार प्रदर्शन के द्वारा यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में हुआ। समस्त प्रतिभागी प्राध्यापक रिसर्च स्कॉलर उपस्थित रहे।

 

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में 7 दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला हुआ प्रारंभ

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में 7 दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला हुआ प्रारंभ

आज शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में रिसर्च मेथाडोलॉजी पर कार्यशाला कार्यक्रम प्रारंभ हुई। यह कार्यशाला 11 फरवरी से 17 फरवरी तक प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एक जयसवाल के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की संयोजक मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम की संयोजक डॉ उषा किरण अग्रवाल ने कार्यशाला का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि जो विद्यार्थी अनुसंधान कार्य में लगे हुए हैं उन्हें इस कार्यशाला से अत्यंत लाभ होग क्योकि इस कार्यशाला को आईसीएसएसआर की कोर्स वर्क की तरह डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया इस कार्यशाला में विद्यार्थी , रिसर्च स्कॉलर, तथा प्राध्यापकों ने भी भाग लिया है। कार्यशाला में कीनोट ऐड्रेस डॉ प्रशांत श्रीवास्तव शासकीय वी वाय टी पी जी महाविद्यालय दुर्ग के जियोलॉजी विभाग ने दिया। वे डीएसटी यंग साइंटिस्ट पुरस्कार प्राप्त है। इन्हें राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड भी मिला है। तथा ये यूएस इंडिया के फुलब्राइट विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। इन्होंने अपने व्याख्यान में अनुसंधान को चुनौती से शुरू करके लक्ष्य तक पहुंचने की यात्रा बताया। अनुसंधान अपनी अभिवृत्ति में परिवर्तन करने की प्रक्रिया है। साथ ही उन्होंने अनुसंधान का अर्थ उद्देश्य समस्या उपकल्पना मूल्यांकन तथा निष्कर्ष के बारे में समझाया। प्रथम सत्र के बाद मोनिका सेठी ने एनर्जाइजर लाफ्टर गतिविधियां करवाई ।इसके बाद बड़ोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी से डॉक्टर लाजवंती चैतानी मैं अपना व्याख्यान दिया। जो लंदन मैं पढ़ी-लिखी तथा कैलिफोर्निया में भी अपना अध्यापन कार्य किया है। उन्होंने सत्र का प्रारंभ अनुसंधान क्या है तथा इसे पीएचडी क्यों कहते हैं से प्रारंभ किया। इसी दर्शनशास्त्र से जोड़ते हुए प्राकृतिक विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान में अंतर बताया। प्राकृतिक विज्ञान तथ्यों तथा प्राकृतिक विज्ञान नियमों पर आधारित है ।इसमें सार्वभौमिकता, प्रामाणिकता, वस्तुनिष्थ्ता पाई जाती है। जबकि सामाजिक विज्ञान सृजनात्मकता पर आधारित होता है। उन्होंने समाज विज्ञान की अनुसंधान विधियों हर्मेनेटिक, आलोचनात्मक मूल्यांकन के बारे में बताया तृतीय सत्र में भी उन्होंने समाज विज्ञान अनुसंधान की विधियां में हरमेनेटिक्स, संरचनावाद रिकंस्ट्रक्शन , फेनोमेनॉलजी विधियों के बारे में जानकारी दी। उनके तीनों ही सत्र बहुत ही रुचिकर ज्ञानवर्धक रोचक रहे। प्रतिभागियों के प्रश्न तथा डॉ नंदा गुरुवारा के आभार प्रदर्शन के द्वारा आज की कार्यशाला समाप्त हुई। इसमें राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से विद्यार्थी रिसर्च स्कॉलर , तथा प्राध्यापकों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रतिभागी के तौर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ संध्या वर्मा, डॉ कविता शर्मा, डॉ सुषमा तिवारी, डॉ सिरिल डेनियल, डॉ शीला दुबे, डॉ आशा दुबे,, उषा अग्रवाल, डॉ प्रभा वर्मा, डॉ लक्ष्मी देवनानी, डॉ चित्रा देशपांडे,, डॉ अंजना पुरोहित उपस्थित रहे। 

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में वाणिज्य विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला   संपन्न

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में वाणिज्य विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में वाणिज्य विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला दिनांक 4 एवं 5 फरवरी 2020 को आयोजित की गई इस कार्यशाला का उद्देश्य ई-कॉमर्स एवं शेयर मार्केट पर जानकारी प्रदान करना था। ऑनलाइन मार्केटिंग स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के विषय की जानकारी प्रदान करने हेतु श्री चित्रेश गोस्वामी ट्रैकिंग फॉरवर्ड फाइनेंसियल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री अरशद अहमद उपस्थित थे। दोनों विशेषज्ञ भोपाल से आए थे।यह कार्यशाला प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ एके जायसवाल, कार्यशाला की निर्देशक डॉ उषा किरण अग्रवाल प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान, आइक्यूएसी प्रभारी डॉ कविता शर्मा एवं वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ माधुरी श्रीवास्तव के सार्थक प्रयास एवं मार्गदर्शन से आयोजित किया गया।
कार्यशाला के प्रथम दिन एवं प्रथम सत्र में चित्रेश गोस्वामी द्वारा शेयर मार्केट के बारे में छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। द्वितीय सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट अरशद अहमद में ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे की जाती है इसके बारे में जानकारी दी जिसका छात्राओं ने भरपूर लाभ उठाया। दूसरे दिन कार्यशाला में चित्रेश गोस्वामी एवं श्री अरशद अहमद ने भारतीय वित्तीय बाजार, अंश विनिमय, तथा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति का स्टॉक मार्केट पर प्रभाव एवं स्टार्टअप योजना के अंतर्गत फंडिंग की जानकारी प्रदान की गई।इस कार्यशाला का अधिक से अधिक छात्राओं ने लाभ उठाया एवं भविष्य में ऐसी ही कार्यशाला आयोजित करने पर बल दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रुप से डॉ उषा किरण अग्रवाल वाणिज्य विभाग से डॉ मिनी गुप्ता, डॉ विनीता शर्मा , डॉ बी डी थडलानी, डॉ माया लालवानी उपस्थित थे।
 

 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब और ई-क्लास रूम से होगी पढ़ाई : प्रदेश के 4 हजार 330 हायर सेकेण्डरी और हाई स्कूल चयनित

स्कूलों में कम्प्यूटर लैब और ई-क्लास रूम से होगी पढ़ाई : प्रदेश के 4 हजार 330 हायर सेकेण्डरी और हाई स्कूल चयनित

आईसीटी योजना अंतर्गत द्वितीय चरण के मास्टर ट्रेनर्स का चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ
छत्तीसगढ़ के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल और हाई स्कूल के बच्चे अब स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। प्रदेश में पहली बार प्रदेश के चार हजार 330 हायर सेकेण्डरी और हाई स्कूल स्कूलों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित ’ई-क्लास’ रूम और लैब की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के इन स्कूलों में आधुनिक तकनीकी से उच्च गुणवत्ता पूर्ण पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देने का इंतजाम किया जा रहा हैै। सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से इन स्कूलों में शिक्षा अब ’ब्लैक-बोर्ड से की-बोर्ड’ की ओर अग्रसर हो रही है। प्रथम चरण में राज्य के सात जिले रायपुर, बालोद, बेमेतरा, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, धमतरी जिले के 515 स्कूलों में ई-क्लास कम्प्यूटर लैब तथा 768 स्कूलों में डिजिटल क्लास रूम की स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी आज राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में आईसीटी योजना के अंतर्गत 50 मास्टर ट्रेनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र में दी।
आईसीटी लैब में नई तकनीक अनुकूलित शिक्षण मंच (adaptive learning platform) और लर्निंग मेनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। पाठ्य सामग्री बिना इंटरनेट के भी आफलाईन उपयोग की जा सकेगी। इसका प्रयोग कक्षा में विषय शिक्षक के नहीं आने पर भी किया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक से दी जाने वाली इस शिक्षा में कक्षावार और विषयवार मल्टी मीडिया पाठ्य सामग्री तैयार की गई है। इसमें बच्चों के पढ़ाई के स्तर के आकलन के लिए प्रश्न बैंक भी हैं। स्कूलो  में  आधुनिक तकनीक से पढ़ाई जाने वाली गतिविधियों की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर ऑनलाइन सर्वर में की जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि आईसीटी योजना के तहत 100 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रथम चरण में 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। द्वितीय चरण में बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कांकेर, जशपुर, कोण्डागांव, कोरबा, सुकमा, गरियाबंद, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, सरगुजा, नारायणपुर और कोरिया जिले के 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर्स अपने क्षेत्र में स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। एक स्कूल में आठ शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है।

 

राजश्री महिला स्वसहायता समूह, सेवा टोली और दिशा आर्ट शाला के सयुंक्त तत्वाधान में प्लास्टिक का उपयोग ना करने पर आयोजित किया कार्यक्रम

राजश्री महिला स्वसहायता समूह, सेवा टोली और दिशा आर्ट शाला के सयुंक्त तत्वाधान में प्लास्टिक का उपयोग ना करने पर आयोजित किया कार्यक्रम

रायपुर,राजश्री महिला स्वसहायता समूह, सेवा टोली और दिशा आर्ट शाला ने आज No Plastic Campaign के तहत Govt Middle और High School Amlidih के बच्चों,शिक्षकगण के साथ single use plastic को कैसे इकठा करे और उसको dustbin मैं न डाल कर एक अलग से बैग में collect कर नगर निगम को कॉल कर उनको दे दे ताकि हमारी नालियों में ये पॉलिथीन जा कर उनको न जाम कर सके और न ही गौमाता इसे खा पाए ।श्रीमती निधि अग्रवाल ने बच्चों को बहुत ही सरल तरीके से एक्टिविटी के माध्यम से single use plastic को इकठा करने का तरीका बताया। सभी ने मोर रायपूर को No1 बनने की शपथ ली कि वो single use plastic का इस्तेमाल कम से कम करेंगे और अपने आस पास का वातावरण स्वच्छ बनाकर धरती माँ को प्रदूषित होने से बचाएंगे। प्राचार्य महोदया श्रीमती रेखा यादव जी ने बताया कि पहले भी इन विषयों पर चर्चा हो चुकी है और सभी बच्चे एवं शिक्षकगण प्राँगण को साफ ,स्वच्छ रखने में योगदान देते है। श्री सुरेंद्र बैरागी जी ने बताया कि single use plastic को कम करने में उनकी संस्था निरंतर कपड़े के थैले बनाकर वितरण करती है और सभी को संदेश दिया कि जब भी बाजार जाए कपड़े का थैले ले कर जाए।श्री डिबेन्दू मित्रा ने art के माध्यम से अपने जीवन और आस पास को स्वच्छ रखने के सुजाव बच्चों को बताए कि कला से जीवन स्वच्छ और निर्मल हो जाता है। शिक्षकगण ने भी आश्वाशन का प्रण लिया और वादा किया कि वो बच्चों को निरंतर प्रेरीत करते रहेंगे और प्रदूषण से धरती माँ को बचाने में हरसंभव प्रयास करेंगे।