रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर के सांस्कतिक कार्यक्रम के दौरान पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के एल वर्मा के आकस्मिक आगमन से महाविद्यालय परिवार अत्यंत अल्हादित हुआ उन्होंने अपने आशीर्वचन में छात्राओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह दी एवं महाविद्यालय एवं देश का नाम रोशन करने का आशीर्वचन दिया । आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत एकल गायन, एकल नृत्य, फैंसी ड्रेस, बेस्ट ऑफ वेस्ट, कार्ड बनाओ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं के परिणाम निम्न अनुसार रहे। बेस्ट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कुमारी वंदना सिंह, द्वितीय स्थान पर कुमारी फायेका खान, तृतीय स्थान पर रोशनी वर्मा एवं मंजू साहू रही। कार्ड बनाओ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुमारी मोनिका वर्मा, एवं रेहाना परवीन, द्वितीय स्थान नौशीन कुरैशी, वंदना सिंह तथा तृतीय स्थान पर कुमारी खुशबू यादव और पूनम यादव रही। एकल गायन में प्रथम स्थान भाग्यश्री पिथलिया , द्वितीय स्थान पर नेहा फिलिप, तृतीय स्थान पर फ़ायका खान रही। सुपा सजावट के परिणाम इस तरह रहे। समता तालरेजा प्रथम स्थान , द्वितीय स्थान पर प्रतिभा भोई, तृतीय स्थान पर मोनिका वर्मा रही। परा सजावट में मोनिका वर्मा प्रथम, नेहा साहू ,अनीता यादव द्वितीय ,शगुफ्ता नूरी खान तृतीय स्थान पर रही। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रोशनी साहू काली माता के रूप में, द्वितीय स्थान पर बिपाशा दास भारत माता, फिजा खातून सरदार के रूप में रहे तृतीय स्थान पर वंदना पटेल देवसेना , अनीता साहू झांसी की रानी रहीं। एकल नृत्य कार्यक्रम का संचालन डॉ संध्या वर्मा ने बड़े ही रोचक अंदाज में किया। इसमें प्रथम स्थान पर कोपल झा, भारती साहू, द्वितीय स्थान पर कृतिका बारी, फिजा खातून तृतीय स्थान पर वंदना पटेल रही। आज का कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ। सांस्कृतिक प्रभारी डॉ सुषमा तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर संध्या वर्मा डॉ उषा किरण अग्रवाल, डॉ शीला दुबे, डॉ कविता शर्मा, डॉ मीना पाठक, डॉ मनीषा गर्ग, डॉ प्रभा वर्मा, कल्पना झा, डॉ प्रीती पांडेय, डॉ रवि शर्मा, डॉ चित्रा देशपांडे, डॉ माधुरी श्रीवास्तव, डॉ मिनी गुप्ता डॉ सिरील डेनियल उपस्थित रहे।
स्कूल कालेज में वार्षिक उत्सव का दौर जारी हैं, और इसी के अंतर्गत अदिति एजुकेशनल एकेडमी कोटा, रायपुर में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पढ़ाई के साथ साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से बच्चों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होता है। जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतिभागी बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अपने हुनर के द्वारा सतरंगी छटा बिखेरी। डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में उत्साह से भागेदारी की ।

उत्सव में श्री दीपांकर भौमिक (एस.सी.ई.आर.टी.) रायपुर, श्री विकास उपाध्याय, विधायक रायपुर पश्चिम एवं श्री संजय पूरी गोस्वामी ( बी.ई.ओ., धरसीवा ब्लाक ) बतौर अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पूर्व तिलक लगाकर, शाल, तथा पर्यावरण को ध्यान मे रखते हुए पुष्प गुच्छ प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात् अतिथि गणों ने मा सरस्वती-पूजा तथा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम के शुभारंभ पर झलक और ग्रुप ने गीत ’’जय देव जय देव‘‘ का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। उत्सव के दौरान बच्चों ने फैंसी ड्रेस में विभिन्न प्रस्तुति दी। जिसमें बच्चों ने मोर, सिंह बनकर हमे भारत के राष्ट्रीय पक्षी एवं पशु से पहचान कराई । बच्चों ने हाथी, शेर, चूहा, जिराफ, मुर्गा, बंदर, खरगोश बनकर लोगो को हमारे वन्य प्राणीयो से परिचित कराया तथा लोगो को खूब हॅंसाया ।

उत्सव के दौरान नर्सरी ब के सौम्या एवं ग्रुप ने ‘‘गोलमाल‘‘ नर्सरी अ के आवनी, घृतकुमार एवं ग्रुप ने ‘‘गल्ती से मिस्टेक‘‘, पी.पी. वन अ के हेंमत एवं समुह ने ‘‘जंगल जंगल‘‘ गाने से हमे हमारे जानवरो से परिचित कराया, पी.पी. टू अ के लक्ष्य एवं ग्रुप ने ‘‘ यूनिटि आॅफ डयावरसिटि‘‘ पर हम सबको साथ रहने की शिक्षा प्रदान की, कक्षा पहली के हर्ष एवं समुह ने ‘‘जय जय शिव शंकर‘‘ गाने से सभी दर्शको का मन मोह लिया ।

पी.पी. वन ब के जया एवं समुह ने ‘‘मम्मी पापा‘‘ गाने पर परिवारिक एकता को समझाया जिसे सभी दर्शक गण अपने अपने परिवार के पुरानी यादों को ताजा कर लिया । पी.पी. टू ब के जिज्ञासा एवं समूह ने ‘‘स्वच्छता अभियान‘‘ पर आर्कषण नृत्य प्रस्तुत कर हमें स्वच्छता के बारे में बताया । कक्षा पहली के पावनी एवं खनके के ग्रुप ने छत्तीसगढ़ी गाने ‘‘खन-खन बैला‘‘ के गाने पर नृत्य करे दर्शको को छत्तीसगढ़ के परिदृश्य को प्रस्तुत किया ।

पी.पी. वन के दिव्यांशी एवं जया ने नृत्य के माध्यम से हम सबको हरे भरे सब्जीयों के बारे में बताया कि उनको खाने से हमारे शरीर को क्या क्या फायदे है व जंक फूड न खाने की समझाईश दी । कक्षा दूसरी के दामिनी एवं ग्रुप ने हमें सुबह जल्दी उठने फायदे एवं शाला व महाविद्यालय के जीवन के बारे में बताया ।

कक्षा पहली के भाव्या एवं काव्या ने हमे दूध पीने के फायदे के बारे में एक नृत्य नाटिका के माध्यम से बताया । अंतिम कार्यक्रम के रूप में कक्षा चैथी के बच्चों में नेहा एवं समुह ने भांगडा गीत ‘‘डोल बजता‘‘ के माध्यम से सभी दर्शको से नृत्य कराया ।
रायपुर | आज शासकीय कलाएवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेन्द्र नगर रायपुर में वार्षिकोत्सव स्तुति का शुभारंभ प्राचार्य डॉक्टर जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई ।चार दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता के प्रथम दिन की शुरुआत व्यंजन बनाऊँ रंगोली एवं ब्राइडल शो से हुई।सांस्कृतिकप्रभारी डॉक्टर सुषमा तिवारी ने छात्राओं को मोटिवेट करने के लिए सक्सेस मंत्र के साथ कार्यक्रम का आगाज़ किया जिसमें उन्होंने प्रथम दिन का मंत्र दिया पृथ्वी को सुंदरतम बनाने का दायित्व। डॉ संध्या वर्मा एवं वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉक्टर उषा किरण अग्रवाल ने सभी छात्राओं को प्रतियोगिता में भागीदार बनने शुभकामनाएँ प्रदान की।दुल्हन सजावट प्रतियोगिता में कई प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें विभिन्न प्रांतों की दुल्हन तैयार होकर आए विभिन्न प्रान्तों का प्रतिनिधित्व करते हुए अत्यंतरोचक ढंग से प्रस्तुतिकरण किया जिसमें उनकी

शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में आइक्यूएसी के द्वारा आयोजित संगोष्ठी की श्रृंखला में समाजशास्त्र विभाग से डॉचंद्रकांता पांडे द्वारा अंतर पीढ़ी संघर्ष पर व्याख्यान दिया गया। पुरानी एवं नवीन पीढ़ी में काफी अंतर है नवीन एवं पुरानी पीढ़ी में सामाजिक मूल्यों विश्वास व्यवहार प्रतिमान में काफी अंतर पाया जाता है वर्तमान समय की सामाजिक संरचना , संचार माध्यम, नवीन सभ्यता, व्यवसाय की स्थिति , घर से बाहर रहने के कारण पारिवारिक नियंत्रण की कमी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, प्रतिस्पर्धा, नैतिकता की कमी, नशीले पदार्थ का सेवन, आधुनिक भौतिक सुख सुविधाएं औद्योगिकरण ,नगरीकरण, आदि से अंतर पीढ़ी संघर्ष को प्रोत्साहन मिलता है।

इन सब के फल स्वरूप एकल पारिवारिक संरचना में बुजुर्ग सदस्यों का अभाव रहता है , नई पीढ़ी में व्यवहारों का नियंत्रण नहीं हो पाता,। अंतर जाति विवाह भी इसका परिणाम है। इन सबके कारण दोनों पीढ़ी में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। एक ही परिवार में माता पुत्री पिता पुत्र की सोच, जीवन शैली ,में अंतर भी अंतर पीढ़ी संघर्ष का एक उदाहरण है, पुरानी पीढ़ी थोड़ी परंपरागत है जबकि वर्तमान पीढ़ी शिक्षित होने के बाद आधुनिक रहन-सहन व्यवहार तथा स्वतंत्रता की अभ्यस्त हो गई है जिसमें देर रात तक जागना मोबाइल इंटरनेट चलाना फास्ट फूड खाना या उनकी जीवन शैली है। इसका समाधान यह है कि दोनों पक्षों को विवेक युक्त कदम उठाना चाहिए बुजुर्गों को सम्मान देना ,संतोष रखना नई पीढ़ी का कर्तव्य है।, अपनी अनुभव एवं योग्यता के आधार पर पुरानी पीढ़ी ,नई पीढ़ी को जीवन यात्रा का सही मार्ग दिखाएं, मातृ देवो भव , पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव का संदेश इसी अर्थ में दिया जाए नई पीढ़ी का सामाजिकरण इस प्रकार किया जाए की सामाजिक मूल्यों के प्रति आस्था दोनों पीढ़ी में संघर्ष के स्थान पर सहयोग आए ।पुरानी पीढ़ी भी नई पीढ़ी के साथ उनके सही व वैज्ञानिक सोच को सम्मान दे जिससे अंतर पीढ़ी संघर्ष कम होगा। इस कार्यक्रम में आइक्यूएसी प्रमुख डॉ कविता शर्मा मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल ,डॉसंध्या वर्मा डॉ मीना पाठक , डॉ आशा दुबे,डॉ सुषमा तिवारी, डॉ शीला दुबे, डॉ माधुरी श्रीवास्तव सहित अनेक प्राध्यापक छात्राएं उपस्थित थी। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में किया गया।
रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल एवं बिलासा ब्लड बैंक, रावतपुरा लोक कल्याण ट्रस्ट की ओर से रक्तदान शिविर एवं निशुल्क नेत्र परीक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें 200 छात्राओं का नेत्र परीक्षण एवं 170 छात्राओं का रक्त परीक्षण किया गया। 25 छात्राओं ने रक्तदान किया पॉजिटिव हेल्थ जोन की ओर से प्राध्यापकों एवं छात्राओं का श्री रजनी कांत शर्मा द्वारा मानसिक तनाव परीक्षण किया गया।
बिलासा ब्लड बैंक की ओर से सीमा खंडेलवाल, असीम कुमार, मधुसूदन शर्मा, एवं साथियों द्वारा परीक्षण किया गया। श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल से दीपक, सोनू खान, राधिका साहू, लक्ष्मी निषाद एवं उनके टीम में कार्य किया। छात्राओं को नेत्र परीक्षण के पश्चात जिन्हें चश्मा लगा है या लगेगा उसे निरंतर रखने एवं मोबाइल के ब्राइटनेस कम रखने की सलाह दी गई। छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु महाविद्यालय परिवार पूरी टीम का आभारी रहेगा। उक्त कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल, डॉ मनीषा गर्ग, डॉ कल्पना झा एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी। यह आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित किया गया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में अमेरिका के काउंसलेट जनरल श्री डेविड रेंज ने सौजन्य मुलाकात की। उनके मध्य उच्च शिक्षा, पर्यावरण एवं नक्सल मामलों सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने उनका छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेक संभावनाएं हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के विश्वविद्यालय और यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के मध्य एक्सचेंज प्रोग्राम चलाया जाना चाहिए, जिससे छत्तीसगढ़ और यू.एस.ए. के विद्यार्थियों को एक दूसरे की संस्कृति और परम्पराओं का ज्ञान होगा और उसके साथ ही प्रदेश के विशेषकर आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। इस मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने यू.एस.ए. में फुल ब्राइट स्कॉलर भेजने, आदिवासी विद्यार्थियों को शोध और उच्च शिक्षा में फेलोशिप के लिए यू.एस.ए. के शैक्षणिक संस्थानों में भेजने और जलवायु परिवर्तन एवं कुपोषण से लड़ाई जैसे विषयों पर सहयोगिता बढ़ाने पर जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वच्छ पर्यावरण और वायु की गुणवत्ता में सुधार के क्षेत्र में भी कार्य करने की आवश्यकता है। इसके लिए यू.एस.ए. के विशेषज्ञों से प्रदेश को मदद मिल सकती है। उन्होंने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा में किडनी की बीमारी की जानकारी दी और उक्त बीमारी के कारणों की जांच के लिए यू.एस.ए. से चिकित्सकीय विशेषज्ञ भेजने का आग्रह किया। इस पर काउंसलेट जनरल ने आवश्यक मदद का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने नक्सल मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह अंतर्राज्यीय समस्या है, जिसका समाधान केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वय से किया जा सकता है। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने इसके समाधान के लिए कार्ययोजना बनाई है। सुश्री उइके ने कहा कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमण्डल से चर्चा के दौरान यह सुझाव सामने आया था कि संबंधित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और शिक्षा संबंधी क्षेत्रों में विकास होना चाहिए। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए युवाओं को रोजगार से जोड़ना आवश्यक है। साथ ही नक्सल समस्या के समाधान में चर्चा के लिए स्थानीय नेतृत्व की सहभागिता भी होनी चाहिए। सुश्री उइके ने कहा कि जो सामान्य मामलों में और जो निर्दोष आदिवासी जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा करने के लिए राज्य सरकार से चर्चा हुई है और इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए और नक्सल प्रभावितों के राहत के लिए आवास प्रदान करने सहित कार्ययोजना भी बनाई गई है। श्री रेंज ने कहा कि छत्तीसगढ़ नैसर्गिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा सकते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सोनमणि बोरा और श्री डेविड रेंज के बीच भी मुलाकात हुई। इस दौरान द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। श्री बोरा बताया कि वे गत वर्ष वे न्यूयार्क यू.एस.ए. के मैक्सवेल स्कूल में पब्लिक पॉलिसी एवं पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में अध्ययन करके लौटे हैं। श्री रेंज ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि उनकी सुपुत्री भी इसी संस्था में अध्ययनरत है। उन्होंने श्री बोरा को उच्च शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए आमंत्रित भी किया। इस अवसर पर इकोनॉमिक एवं पालिटिक अफेयर के काउंसलर श्री क्रिस्टोफर ग्रासमेन, राजनीतिक मामलो के विशेषज्ञ सुश्री आयशा खान एवं सांस्कृतिक मामलो के विशेषज्ञ श्री कश्यप पण्डया भी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा सोमवार को डेटा विज्ञान विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। यह आयोजन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (ए. आई. टी. सी. ई) के अटल अकादमी द्वारा प्रायोजित किया गया।
डेटा विज्ञान और उसके अनुप्रयोगों पर आधारित इस एफ.डी.पी का लक्ष्य डेटा साइंस जैसे अंतःविषय क्षेत्र के मूल सिद्धांतों एवं इसके विभिन्न पहलुओं और अनुप्रयोगों पर सैद्धांतिक ज्ञान के साथ ही इनका प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को डेटा साइंस के उभरते हुए क्षेत्र से परिचित कराना तथा विशाल मात्रा में दिए गए विषम डेटा से मूल्यवान निचोड़ निकालने की प्रक्रिया से जुड़ी बारीकियों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम का शुभांरभ दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों को पौधे भेंट कर किया गया। तत्पश्चात डेटा विज्ञान की प्रस्तावना रखी गई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आईआईटी भिलाई के डॉ सुभाजित सिद्धांत द्वारा व्याख्यान दिया गया। इस कार्यक्रम के तहत फैकल्टी मेंबर्स और रिसर्च विद्वानों को डेटा प्री प्रोसेसिंग, पाइथॉन, डेटा एनालिसिस, मशीन लरनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में हैंड्स ऑन सेशन का आयोजन किया गया।
यह आयोजन विशेष रूप से फैकल्टी सदस्यों और अनुसंधान विद्वानों के लिए आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस आयोजन का सुचारू समन्वय डॉ दिलीप सिंह सिसोदिया और डॉ प्रदीप सिंह ने किया।
इस मौके पर डॉ.प्रभात दीवान, डीन (छात्र कल्याण) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में कहा कि राज्य सरकार की नई औाद्योगिक नीति ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ की मूल भावना पर आधारित है। इस नीति के माध्यम से आदिवासी अंचलों के विकास में तेजी आएगी और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उद्योग नीति में पिछड़े क्षेत्रों या विकासखंडों को सबसे अधिक रियायत और संसाधन देने का फैसला किया गया है। नए उद्योगों में स्थानीय लोगों को अनिवार्य रूप से रोजगार देने का प्राधान है। अकुशल श्रेणी में 100 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में कम से कम 70 प्रतिशत और प्रशासकीय और प्रबंधकीय श्रेणी में कम से कम 40 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को मिलेगा। खेती, उद्यानिकी, हस्तशिल्प आदि को उच्च प्राथमिकता दी गई है। खाद्य और वनोपज प्रसंस्करण की अधिक से अधिक इकाईयां लगे इस पर हमारा जोर होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के कम से कम 300 उद्यमी उद्योग लगाएं। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में 3500 से अधिक नये उद्योग लगाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में पूछे गए प्रश्न के जावाब में कहा कि नगरनार प्लांट का संचालन एन.एम.डी.सी. के माध्यम से हो इससे राज्य सरकार सिद्धांतः सहमत है। श्री बघेल ने कहा कि हमारे महान नेता पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पंचवर्षीय योजनाओं और अनेक सार्वजनिक उपक्रमों की सौगात दी, जिनमें भिलाई स्टील प्लांट भी है। एन.एम.डी.सी., एन.टी.पी.सी. और एस.ई.सी.एल. जैसे अनेक उपक्रमों का स्थानीय जनता, स्थानीय विकास प्रदेश और देश के विकास में अद्भुत योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में इसके साथ ही हमने लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर खरीदी का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले सिर्फ 7 वनोपजों की खरीदी करते थे, जबकि अब हमारी सरकार द्वारा 15 वनोपजों की खरीदी की जा रही है। इसके अलावा 3 लघु वनोपजों, रंगीनी लाख पर 20 रूपए किलो, कुल्लू गोंद पर 20 रूपए किलो तथा कुसमी लाख पर 22 रूपए किलो अतिरिक्त बोनस देने का इंतजाम भी किया गया है। यह जानकार आश्चर्य होगा कि प्रदेश में वनोपज का कारोबार लगभग 18 सौ करोड़ रूपए का होता है, जिसमें हमारे आदिवासी समाज को समुचित भागीदारी नहीं मिली थी। अब हमारी सरकार ने ऐसे नये रास्ते तलाशे हैं, जिससे आप सभी लोगों की आय बढ़ सकेगी। हम आदिवासी समाज में मातृ-शक्ति को और सशक्त बनाना चाहते हैं, इस दिशा में एक नया कदम उठाते हुए यह निर्णय लिया है कि वनोपजों के कारोबार से महिला समूहों की 50 हजार से अधिक सदस्याओं को जोड़ा जाएगा। परंपरागत वैद्यकीय ज्ञान भी छत्तीसगढ़ के वनांचलों की विशेषता है। इस कौशल को लम्बे अरसे में न तो मान्यता मिली और न सुविधा, जबकि जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों को लेकर कोई संदेह नही है। हमने परंपरागत वैद्यों के कौशल और ज्ञान को सहेजने तथा इसे उपयोग में लाने के लिए 1200 परंपरागत वैद्यों का एक सम्मेलन आयोजित किया। अब इस दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर और रियल टाइम कंट्रोल में नेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है | यह 5 दिवसीय कार्यशाला 9 से 13 दिसंबर 2019 तक आयोजित की जाएगी | यह कार्यशाला डॉ ललित कुमार साहू और डॉ सुभोजित घोष के मार्ग दर्शन में आयोजित की जा रही है | कार्यशाला का प्रस्ताव हाल के अनुसंधान रुझानों, और बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर्स, इसके वास्तविक समय डिजिटल नियंत्रण और अनुप्रयोगों के क्षेत्र में सुधार के लिए एक संपूर्ण प्रदर्शन देने का प्रस्ताव है। इस कार्यक्रम की विशिष्ट विशेषताओं में विभिन्न आईआईटी, क्षेत्र और इसकी तकनीकी प्रगति, हाथ से प्रशिक्षण और प्रयोगशाला सत्र पर विभिन्न आईआईटी, एनआईटी और उद्योग के प्रतिष्ठित वक्ता शामिल हैं। सिमुलेशन और हार्डवेयर पर दैनिक आकर्षक सत्र आयोजित किए जाएंगे जो प्रतिभागियों के अनुसंधान क्षितिज को व्यापक बनाने में सक्षम होंगे। इंटरएक्टिव लेक्चर सेशन, फलदायी टास्क असाइनमेंट, डिजाइन किए गए ई-साइकिल, पीवी प्लांट विजिट, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड डिजाइनिंग पर गिफ्ट राइड प्राप्त करने वाले विजेताओं के साथ प्रश्नावली राउंड वर्कशॉप का मुख्य आकर्षण हैं। यह कार्यक्रम संकाय, अनुसंधान विद्वानों, छात्रों और उद्योग के व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होगा, जो विकास के साथ-साथ वास्तविक समय पर नियंत्रण और कार्यान्वयन के साथ बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर्स के क्षेत्र में अनुसंधान/अभ्यास शुरू करने का इरादा रखते हैं।
रायपुर,आज शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर की आइक्यूएसी के द्वारा साप्ताहिक व्याख्यानमाला के अंतर्गत वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर माधुरी श्रीवास्तव ने प्रबंध विषय पर पर अपना व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान में उन्होंने प्रबंध की व्यवसायिकएवं व्यवहारिक दृष्टिकोण की चर्चा की। उन्होंने बताया किसी भी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रबंध आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अच्छी योजनाएं ही प्रबंध का आधार है। प्रबंध से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। वेद, धर्म ,परिवार, व्यावसायिक संस्थान, शैक्षणिक संस्थान राजनीति, खेल,प्रत्येक क्षेत्र में प्रबंध पाया जाता है। प्रबंध के जनक टेलर तथा हेनरी फयोल की भी चर्चा की और बताया कि प्रबंध का वैज्ञानिक आधार है बिना वैज्ञानिक विश्लेषण तथा उचित प्रयोग के प्रबंध संभव नहीं है प्रबंध में अर्थव्यवस्था कार्य क्षमता सहयोग प्रशिक्षण अनुभव सभी आवश्यक है।

प्रबंध में मुख्य तौर पर कर्तव्य ,अधिकार तथा दायित्व की चर्चा की। भारतीय इतिहास में प्रबंध के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ चाणक्य का भी उदाहरण दिया। प्रबंध के व्यावहारिक पक्ष की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि आहार विचार तथा व्यवहार तीनों अच्छा रखना आवश्यक है। अच्छे व्यवहार के लिए विचार पूर्वक बोले कम बोलें सुनने की आदत डालें क्षमा करना सीखें। संतुलित आहार लें जिससे आपकी शारीरिकक्षमता की वृद्धि होगी तथा कार्य क्षमता भी बढ़ेगी। इसी प्रकार अच्छे प्रबंध के लिए अच्छा मन भी आवश्यक है अच्छी व धनात्मक विचारधारा भी प्रबंध क्षमता को बढ़ाती है, हमेशा अपने लिए अच्छा सोचें ,दूसरा हार जाए यह न सोचें कुछ ऐसा करें कि दूसरों की मुस्कुराने की वजह बने। सोच समझकर काम करें काम को टाले नहीं ,आलस न करें। इससे भी आपकी प्रबंधक क्षमता में वृद्धि होगी। इस व्याख्यान में IQ AC प्रमुख डॉ कविता शर्मा, मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल, डॉ संध्या वर्मा डॉ मिनी गुप्ता डॉ शीला दुबे डॉ कल्पना झा, डॉ मीना पाठक, डॉ रंजना तिवारी डॉ सुषमा तिवारी तथा अनेक वरिष्ठ प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में किया गया।
रायपुर,शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में ग्रन्थालय में वाणिज्य विभाग के द्वारा बेस्ट रीडर चयन एवं साप्ताहिक संगोष्ठी के अंतर्गत छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। यह समिति के सदस्य मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल, डॉ नरेश पुरी, डॉ शैल बाला जैस, डॉ आशा दुबे , वाणिज्य विभाग से डॉ मिनी गुप्ता डॉ विनीता शर्मा आदि उपस्थित थे। यह कार्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में किया गया।

अंकेक्षण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वाणिज्य विभाग की छात्रा समता तलरेजा ने बताया कि अंकेक्षण एक बहुत ही महतवपूर्ण कार्य है।किसी भी संस्थान में यह एक बहुत ही उत्तरदायित्व पूर्ण कार्य होता है। अंकेक्षण की अनिवार्यता का प्रश्न व्यवसाय एवं औद्योगिक संस्थाओं में बड़े पैमाने पर होने वाले विकास से जुड़ा है। व्यवसायिक संस्थाओं पर लगे आयकर विक्रय कर मृत्यु कर आदि के विवाद के निपटारे के लिए खातों का अंकेशन अति आवश्यक है। वर्तमान में अंकेक्षक के मानकों की आवश्यकता पर बहुत बल दिया गया है। द्वितीय वक्ता हर्षिता ने बताया कि भारत एक बहुत ही विकासशील अर्थव्यवस्था है जिसमें कृषि गत वस्तुओं के संबंध में पूर्ण प्रतियोगिता की स्थिति देखने को मिलती है। सीमेंट, कागज उद्योग, मशीन मोटर कार इत्यादि में कुछ उत्पादकों का प्रभाव होने से भारतीय उद्योगों को अल्पाधिकार प्रतियोगिता की दिशा में माना गया है। खरीद एवं बिक्री के कार्य को तेज करने के लिए लेनदेन की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स एक आवश्यक कदम है। ई-कॉमर्स ने भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर विश्व के सभी ग्राहकों को एक साथ इकट्ठा कर दिया है। भारत की औद्योगिक इकाइयां एवं व्यापारिक घराने ई-कॉमर्स को निरंतर अपनाने की दिशा में अग्रसर हैं। समिति के सदस्यों के द्वारा बेस्ट रीडर के लिए समता तालरेजा का चयन किया गया।ग्रन्थालय में वाणिज्य विभाग के द्वारा बेस्ट रीडर चयन एवं साप्ताहिक संगोष्ठी के अंतर्गत छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। यह समिति के सदस्य मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल, डॉ नरेश पुरी, डॉ शैल बाला जैस, डॉ आशा दुबे , वाणिज्य विभाग से डॉ मिनी गुप्ता डॉ विनीता शर्मा आदि उपस्थित थे। यह कार्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में किया गया।अंकेषण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वाणिज्य विभाग की छात्रा समता तलरेजा ने बताया कि अंकेषणं एक बहुत ही महतवपूर्ण कार्य है।किसी भी संस्थान में यह एक बहुत ही उत्तरदायित्व पूर्ण कार्य होता है। अंकेशन की अनिवार्यता का प्रश्न व्यवसाय एवं औद्योगिक संस्थाओं में बड़े पैमाने पर होने वाले विकास से जुड़ा है। व्यवसायिक संस्थाओं पर लगे आयकर विक्रय कर मृत्यु कर आदि के विवाद के निपटारे के लिए खातों का अंकेशन अति आवश्यक है। वर्तमान में अंकेक्षक के मानकों की आवश्यकता पर बहुत बल दिया गया है। द्वितीय वक्ता हर्षिता ने बताया कि भारत एक बहुत ही विकासशील अर्थव्यवस्था है जिसमें कृषि गत वस्तुओं के संबंध में पूर्ण प्रतियोगिता की स्थिति देखने को मिलती है। सीमेंट, कागज उद्योग, मशीन मोटर कार इत्यादि में कुछ उत्पादकों का प्रभाव होने से भारतीय उद्योगों को अल्पाधिकार प्रतियोगिता की दिशा में माना गया है। खरीद एवं बिक्री के कार्य को तेज करने के लिए लेनदेन की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स एक आवश्यक कदम है। ई-कॉमर्स ने भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर विश्व के सभी ग्राहकों को एक साथ इकट्ठा कर दिया है। भारत की औद्योगिक इकाइयां एवं व्यापारिक घराने ई-कॉमर्स को निरंतर अपनाने की दिशा में अग्रसर हैं। समिति के सदस्यों के द्वारा बेस्ट रीडर के लिए समता तालरेजा का चयन किया गया।
जैन समाज मे छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने एवं बच्चों के सामान्य ज्ञान के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य को लेकर आज भारत के विभिन्न शहरों में एक साथ राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन विचक्षण विद्यापीठ विद्यालय द्वारा किया गया था विचक्षण विद्यापीठ के संभाग प्रमुख श्री महेंद्र दूगड़ जानकारी देते हुए बताया जैन संत श्री महेंद्र सागर जी महाराज युवा मनीषी श्री मनीष सागर जी महाराज साहब एवं साध्वी श्री मणि प्रभा श्रीजी की प्रेरणा से बच्चों की प्रतिभाओं को आगे लाने के उद्देश्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आज सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई उसी क्रम में आज श्री महावीर जैन विद्यालय दुर्ग में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई विचक्षण विद्यापीठ की इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण में 12 जनवरी को विचक्षण जैन विद्यापीठ कुम्हारी के परिसर में संपन्न होगा जिसे पूरे राष्ट्र से प्रथम चरणों में चयनित प्रत्येक कक्षा के श्रेष्ठ 25 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा

महावीर लोढ़ा अजय श्री श्री माल चंपालाल पारख प्रकाश श्री श्री माल के सहयोग से महावीर जैन विद्यालय दुर्ग में जैन समाज के बच्चों ने हर्ष और उल्लास के वातावरण में इस सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में हिस्सा लिया विचक्षण विद्यापीठ दुर्ग इकाई के प्रमुख गुलाब लोढ़ा प्रकाश गोलछा सतीश वैद्य आशीष लुनिया संजय लोढ़ा के सहयोग से महावीर जैन विद्यालय में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता संपन्न हुई कक्षा पांचवी से लेकर कक्षा आठवीं तक सीनियर एवं जूनियर स्तर पर पूरे भारतवर्ष में 30 परीक्षा केंद्रों अहिवारा रायपुर बालाघाट इंदौर चंद्रपुर राजनांदगांव संबलपुर महासमुंद मुंगेली नगरी नागपुर खरियार रोड गोंदिया भोपाल भाटापारा भिलाई 3 सहित कई विभिन्न क्षेत्रों में आज सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता संपन्न हुई
पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी मार्गशीर्ष के महीने के दौरान शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन मनाया जाता है। इस वर्ष विवाह पंचमी 1 दिसंबर 2019 को मनाया जाएगा।
विवाह पंचमी
1 दिसंबर 2019, रविवार
विवाह पंचमी पूजा का समय
विवाह पंचमी रविवार, दिसंबर1, 2019 को
पंचमी तिथि प्रारंभ - नवंबर 30, 2019 को शाम 06:05 बजे
पंचमी तिथि समाप्त - दिसंबर 01, 2019 को शाम 07:13 बजे
विवाह पंचमी के दिन क्या वरदान मिलते हैं?
इस दिन पूजा करने से शादी में आने वाली समस्याएं, दिक्कतें दूर हो सकती हैं और विवाह जल्दी होने के रास्ते खुलते हैं।
ऐसे पति पत्नी जिनका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं है, आपसी मतभेद लड़ाई झगड़े होते हैं उन लोगों को इस दिन अवश्य पूजा करनी चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
राम सीता की संयुक्त रूप से पूजा करनी चाहिए। इस दिन रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। बालकांड में भगवान राम और सीता विवाह का पाठ करना चाहिए।
विवाह पंचमी के दिन राम सीता का विवाह कराएं।
देशभर में विवाह पंचमी के दिन लोग पूजा पाठ करते हैं और राम सीता का विवाह कराते हैं। प्रातः काल स्नान करने के बाद राम विवाह का संकल्प लेना चाहिए।
उसके बाद विवाह की तैयारियां शुरू कर दें।
भगवान राम और माता सीता की प्रतिकृति (मूर्ति) की स्थापना करें। भगवान राम को पीले और माता सीता को लाल वस्त्र पहनाएं। बालकांड पढ़ते हुए विवाह प्रसंग का पाठ करें।
ॐ जानकीवल्लभाय नमः का जाप करें। फिर भगवान राम और माता सीता का गठबंधन करें। उसके पश्चात आरती करें। गठबंधन किए हुए वस्तुओं को अपने पास संभालकर रखें।
मार्गशीर्ष (अगहन) मास में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचंद्र जी एवं माता सीता जी का विवाह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मिथिला राज्य जनकपुर में हुआ था। राजा जनक ने जिस दिन सीता स्वयंवर का आयोजन रखा था उस दिन मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी। अयोध्या पति महाराज दशरथ के जेष्ठ पुत्र राम ने अपने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से ही भगवान शिव के धनुष को तोड़कार राजा जनक की प्रतिज्ञा को पूर्णता प्रदान करते हुए उनकी पुत्री सीता से विवाह किया था। विवाह पंचमी 1 दिसंबर 2019 दिन रविवार को मनाई जाएगी।
ऋषि विश्वामित्र ने महाराज दशरत से राम एवं लक्ष्मण को अपने यज्ञ की रक्षा हेतु कुछ समय के लिए मांगा था और उनका यज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न भी हुआ। इसके बाद में महाराज जनक ने सीता स्वयंवर की घोषणा की, जिसमें उन्होंने ऋषि विश्वामित्र को भी निमंत्रण भेजा था। चूंकि उस समय राम-लक्ष्मण विश्वामित्र जी के साथ में ही थे इसलिए वे उन्हें भी अपने साथ लेकर मिथिपलपुरी सीता स्वयंवर देखने गए थे। मार्गशीर्ष (अगहन) मास 2019 : प्रमुख व्रत एवं त्यौहार महाराज जनक ने उपस्थित ऋषिमुनियों के आशीर्वाद से स्वयंवर के लिए शिवधनुष उठाने के नियम की घोषणा की।
राजा जनक की सभा में उपस्थित अनेक राजा, महाराजा एवं राजकुमार शिव धनुष को उठाने में असफल रहे। तभी ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से राम जी ने शिव धनुष को भंग कर सीता जी से विवाह किया, उस दिन अगहन मास की पंचमी तिथि थी। तभी से प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष मास की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी पर्व मनाया जाता है।
स्वयंवर सम्पन्न होने के बाद में राम-सीता जी का विधिवत विवाह संस्कार हुआ एवं साथ में देवी उर्मिला- श्रीलक्ष्मण जी, देवी मांडवी- श्री भरत जी एवं देवी श्रुतकीर्ति का विवाह श्री शत्रुघ्न जी से हुआ। उपरोक्त विवाह पंचमी कहीं-कहीं नाग पंचमी के रूप में भी मनाया जाता है। स्कन्द पुराण में वर्णन आता है कि- मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को एक समय व्रत रखकर नागों का पूजन करने वाले मनुष्य की अनेक कामनाएं पूरी हो जाती है।
शुक्ला मार्गशिरे पुण्या श्रावणे या च पंचमी।
स्नानदानैर्बहुफला नागलोक प्रदायिनी।।
रायपुर शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा शैक्षणिक भ्रमण जंगल सफारी नया रायपुर ले जाया गया। करीब 200 छात्राओं ने सफारी का आनंद लिया मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल की प्रेरणा स्त्रोत रहीं यह कार्यक्रम सफल रहा l छात्राओं में बीयर सफारी लायन सफारी चिड़ियाघर तथा पेड़ विभिन्न प्रजाति की वनस्पति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया । साथ-साथ छात्राओं ने पुरखौती मुक्तांगन का भी भ्रमण किया।इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ मनीशा गर्ग के साथ डॉ रवि शर्मा डॉक्टर सीरिल डेनियल डॉ आशा दुबे एवं डॉ अंजना पुरोहित उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके जायसवाल के निर्देशन में किया गया
रायपुर शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर में आइक्यूएसी के द्वारा आयोजित व्याख्यान की श्रृंखला में हिंदी विभाग के द्वारा हिंदी की विभागाध्यक्ष डॉ रंजना तिवारी के द्वारा सुंदरकांड के द्वारा जीवन प्रबंधन नैतिक मूल्य तथा साहित्यिक सौंदर्य चर्चा विषय पर व्याख्यान दिया गया। मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ उषा किरण अग्रवाल इस कार्यक्रम की प्रमुख प्रेरणा स्रोत थी। कार्यक्रम का प्रारंभ भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रवि शर्मा के द्वारा सुंदरकांड का महत्व एवं चर्चा बताते हुए विषय परिचयके साथ डॉ रंजना तिवारी को आमंत्रित किया। डॉ रंजना तिवारी ने सुंदरकांड जीवन प्रबंधन के साथ जोड़ते हुए यह बताया कि सुंदरकांड की चौपाइयां हमारे जीवन से संबंधित है जैसे जब हनुमान जी ने सीता जी की खोज प्रारंभ की तो व्यवधान आने पर भी उन्होंने कार्य अधूरा नहीं छोड़ा उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में संकट आने पर कार्य अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए कार्य करते समय विनम्रता भी रखनी चाहिए कठिनाई आने पर परीक्षा के लिए भी सहर्ष तैयार होना चाहिए जैसा हनुमान जी ने समुद्र पार करते समय दी हमेशा अपनी लड़ाई बुद्धिमत्ता पूर्वक लगनी चाहिए नीति तय करें फिर कार्य आगे बढ़ाएं। कठिन से कठिन कार्य भी कड़ी मेहनत और लगन से प्राप्त किया जा सकता है। हमारे जीवन में भी कुछ ऐसे लोग आते हैं जहां हमें अपने बल प्रदर्शन अपना बल प्रदर्शन करना चाहिए। शत्रु खेमे में हो तब भी उस व्यक्ति की पहचान करें जो आपकी मदद कर सकते हैं उसे जानकारी लेने के बाद अपने कार्य की योजना बनानी चाहिए जीवन प्रबंधन के साथ-साथ उन्होंने सुंदरकांड के दोहे में साहित्य सौंदर्य की भी चर्चा की सुंदरकांड में लिखित तुलसी बाबा के द्वारा लिखी गई नीति वाक्यों की भी चर्चा की।जीवन प्रबंधन तथा सुंदरकांड की चर्चा करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि अपना ऊंची अपनी उद्देश्य पूर्ति के समय विनम्रता भी रखनी चाहिए तथा नीति पूर्वक ही कार्य करना चाहिए हमेशा कार्य करने का प्रमाण रखना चाहिए। यह भी बताया कि रावण के समान बॉस नहीं बनना चाहिए बॉस ऐसा हो जो सब को बोलने की आजादी दे ताकि उसे अपनी गलती का पता चल सके। तथा यह भी चर्चा की कि परिवार में एकजुटता होनी चाहिए इसी प्रकार सुंदरकांड के अंतिम दोहे छात्राओं के गायन के साथ समापन किया और यह बताया कि सुंदरकांड एक ऐसा ग्रंथ है जो साथ आने पर आपको सही रास्ता दिखा सकता है अवसाद आने पर भी आप पढ़े तो आपको सही रास्ता अवश्य मिलेगा।

किसी भी संस्थान की कार्यपद्धती नीतियों पर टिकी होती है समाज एवं जीवन के लिए वही उपयोगी रह सकती है डॉ तिवारी ने सुंदरकांड में दिए गए राम एवं रावण के उदाहरण से नेतृत्व के विषय में भी व्याख्या की राम राज्य में नीति बल एवं निष्ठा प्रत्येक कर्मचारी का आदर प्रोत्साहन उनकी विजय का कारण बना दूसरी तरफ रावण राज्य का अहंकार और तानाशाही रावण के विनाश का कारण बनी। भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रवि शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन एवं सुंदरकांड पर आधारित प्रश्नोत्तरी तथा पुरस्कार वितरण के द्वारा यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प्रमुख रुप से डॉ प्रीति पांडे डॉ मीना पाठक डॉक्टर देशपांडे डॉ कल्पना झा डॉ सुषमा तिवारी डॉ शैलबाला जैस डॉ मनीषा गर्ग डा सिरिल डैनियल आदि प्राध्यापक उपस्थित थे
रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में वार्षिकोत्सव- “उमंग--2020” के तहत आज स्वास्थ्य शिविर और पूर्व छात्रों का सम्मलेन (एल्युमिनी मीट) आयोजित किया गया. साथ ही पूर्व छात्रों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का कार्यक्रम भी हुआ.
आज के कार्यक्रमों में सर्वप्रथम स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ. इस मौके पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डा वी.के. अग्रवाल ने सभी डाक्टरों का अभिनन्दन किया और उनके सक्रिय सहयोग के लिए आभार जताया. प्राचार्य डा. युलेंद्र कुमार राजपूत ने भी सभी डाक्टरों साधुवाद दिया. स्वास्थ्य शिविर में दन्त चिकित्सक डा. मनीष गुप्ता, त्वचा रोग विशेषग्य डा. दिव्या सचदेवा, नेत्र चिकित्सक डा. अनिल गुप्ता और फिजिशियन डा. संदीप सर्राफ ने अपने सहयोगियों के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया. शिविर में रक्त-चाप (ब्लड प्रेशर) सहित विभिन्न व्याधियों का परीक्षण किया गया. वहीँ दन्त चिकित्सक ने लाभार्थियों को परीक्षण के पश्चात दन्त रोग से बचाव के उपाय बताए. शिविर में सामान्य स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया गया. इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं समस्त प्राध्यापकों ने अपना सहयोग दिया.
“उमंग--2020” के तहत आज पूर्व छात्रों के सम्मलेन (एल्युमिनी मीट) का भी आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने महाविद्यालय में अपनी पढ़ाई के समय से जुड़े अनुभव बांटे अपने कीमती सुझाव भी दिए. आज के सभी कार्यक्रमों में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों ने अपना सक्रिय सहयोग दिया. आज एल्यूमिनी मीट के दौरान नवीन अग्रवाल एंड ग्रुप के कलाकारों द्वारा गीत-संगीत का कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया.
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष शंकरहरि अग्रवाल रहे. वहीँ छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केन्द्रीय सचिव डा जे.पी. अग्रवाल और महाविद्यालय के तकनीकी सलाहकार अनुराग अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इन सभी अतिथियों ने “उमंग--2020” के तहत आयोजित कार्यक्रमों को उद्देश्यपूर्ण बताते हुए महाविद्यालय के उज्जवल भविष्य की कामना की. इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डा वी.के. अग्रवाल ने कहा कि एल्यूमिनी मीट के जरिये पुराने और नए विद्यार्थियों के बीच मेल-जोल बढ़ने से आपसी संपर्क और प्रगाढ़ होता है. प्राचार्य डा युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि पुराने छात्रों के सम्मलेन के जरिये मिलने वाले सुझावों से महाविद्यालय के भावी विकास में निश्चित ही मदद मिलेगी. एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने आशा व्यक्त की, कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से महाविद्यालय में एक समरसता का वातावरण तैयार होता है
दुर्गा महाविद्यालय रायपुर में छात्र परिषद प्रभारी डॉ प्रतिभा मुखर्जी साहूकार के निर्देशन में चल रहे दस दिवसीय युवा महोत्सव के चतुर्थ दिन कठपुतली नाटक मोहन से महात्मा का जीवंत प्रदर्शन किया गया यह नाटक क्रिएटिव पपेट थियेटर वाराणसी के द्वारा एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न किया गया इस कठपुतली प्रदर्शनी के दौरान पूरा सभागार छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगणों से भरा रहा

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुवात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर आरके तिवारी जी के औपचारिक वक्तव्य से हुई इस कठपुतली नाटक का प्रदर्शन श्री मिथिलेश दुबे एवं उनकी 7 सदस्य टीम के द्वारा किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के उपलक्ष में पूरे देश और दुनिया में सत्य अहिंसा सामाजिक सद्भाव एवं शांति का प्रचार प्रसार करना एवं विशेषकर स्कूल कालेज में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच की जागरूकता पैदा करना कि वर्तमान में तेजी से फैल रही गैर बराबरी बेरोजगारी भ्रष्टाचार जातिवाद सांप्रदायिकता की समस्या को गांधीजी के मानवीय जीवन मूल्यों एवं दृढ़ संकल्प के द्वारा समाप्त किया जा सकता है
प्रदेश की जानी-मानी संस्था, शासकीय अभियान्त्रिकी महाविद्यालय, रायपुर के TEQIP- III परियोजना के अंतर्गत दिनाँक २५/११/२०१९ को प्रात ११:०० बजे “Effects of Climate Change and Government Strategies” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय प्रांगण में किया जा रहा है | इस ज्वलंत और प्रासंगिक विषय पर ज्ञानवर्धन करने हेतु विशेषज्ञ के रूप में श्री प्रदीप शर्मा, सलाहकार, मुख्यमंत्री प्लानिंग, पॉलसी, एग्रीकल्चर, एंड रूरल डेवलपमेंट, छत्तीसगढ़ शासन. डॉ.एस.डी. अत्री, डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिटीओरोलॉजी, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया, डॉ. शंकर जी. अग्रवाल, CSIR-NPL, दिल्ली के सीनियर साइंटिस्ट, एवं एवं डॉ. आर. एस. परिहार, प्राचार्य, शासकीय अभियान्त्रिकी महाविद्यालय, रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा | इस कार्यकम के समन्वयक एवं संयोजक, डॉ. विकास कुमार जैन, सह प्राध्यापक, रसायन शास्त्र विभाग तथा डॉ. अजय कुमार त्रिपाठी, सह प्राध्यापक, मेकनिकल विभाग, ने बताया कि, इस विषय में, इस परिचर्चा के माध्यम से वातावरण में हो रहे बदलाव के अनूकूल और प्रतिकूल परिस्थियों से हमारे संस्था के शिक्षकों एवं छात्रों को पर्यावरण सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ और स्त्रोतों से अवगत कराया जायेगा | आज के परिवेश में पर्यावरण में हो रहे अप्रत्याशित गंभीर बदलाव के विरुद्ध सही कदम उठाने का यही सही समय है | इस तरह के कार्यक्रम के द्वारा आम लोगों तक पर्यावरण सम्बन्धी बदलाव के बारे में जानकारी साझा करने का यह एक अप्रतिम प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय कदम है | उक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण संबंधी योजनाओ और कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी ।











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