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IPL 2025: क्या इन दिग्गजों का खत्म हो गया आईपीएल करियर? नहीं मिला कोई खरीददार, CSK-KKR का रह चुके हिस्सा

 IPL 2025 :-  के मेगा ऑक्शन में खिलाड़ियों पर जमकर पैसा बरसा है, जिसमें ऋषभ पंत से लेकर श्रेयस अय्यर तक ने रिकॉर्ड तोड़ डाले। हालांकि, इस बार कुछ ऐसे खिलाड़ी भी रहे जिन्हें मेगा ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिला, और उनका भविष्य अब संदेह के घेरे में दिख रहा है। इनमें तीन ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने पहले आईपीएल की दिग्गज फ्रेंचाइजियों सीएसके और केकेआर के लिए खेला था, लेकिन अब उनका आईपीएल करियर खत्म होता हुआ नजर आ रहा है।

उमेश यादव

तेज गेंदबाज उमेश यादव कभी भारतीय टीम का अहम हिस्सा हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी स्थिति बदल चुकी है। वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हैं, और हाल ही में उन्हें आईपीएल के मेगा ऑक्शन में भी कोई खरीदार नहीं मिला। उमेश पिछले सीजन गुजरात टाइटंस के लिए खेले थे, लेकिन उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, जिस कारण फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया। उमेश यादव के आईपीएल करियर में अब तक 148 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 144 विकेट चटकाए हैं। हालांकि, इस बार उन्हें कोई टीम नहीं मिली, और उनके आईपीएल करियर पर सवाल उठने लगे हैं।

शार्दुल ठाकुर

धाकड़ ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को भी इस बार आईपीएल मेगा ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिला। शार्दुल, जिन्होंने पहले चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, पिछले कुछ समय से चोटों से जूझ रहे थे। हालांकि, उनकी घरेलू क्रिकेट में वापसी हुई है, लेकिन उनके प्रदर्शन में उतना दम नहीं दिखा, जिससे कोई आईपीएल फ्रेंचाइजी उन पर भरोसा कर सके। शार्दुल ने आईपीएल में कुल 95 मैच खेले हैं, और 94 विकेट चटकाए हैं, लेकिन इस बार उन्हें किसी टीम ने अपनी टीम में शामिल नहीं किया।

पीयूष चावला

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर पीयूष चावला का आईपीएल करियर अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। पिछले सीजन में उन्हें मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए देखा गया था, लेकिन मुंबई ने इस बार उन्हें रिलीज कर दिया था। इसके बाद मेगा ऑक्शन में भी पीयूष चावला को कोई खरीदार नहीं मिला। पीयूष चावला का आईपीएल करियर शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने 192 मैच खेले हैं और 192 विकेट हासिल किए हैं। हालांकि, इस बार उन्हें आईपीएल 2025 के लिए कोई जगह नहीं मिली, और उनके आईपीएल करियर के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है।

IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में कुछ खिलाड़ियों के लिए अच्छा अवसर आया, जबकि कुछ दिग्गज खिलाड़ी बिना खरीदार के रह गए। उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर और पीयूष चावला जैसे अनुभवी खिलाड़ी इस बार अनसोल्ड रहे, जिससे उनके आईपीएल करियर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

 

कोच की बेटी से प्यार, इतने करोड़ के मालिक हैं सुरेश रैना, जानें उनके 5 बड़े रिकॉर्ड…

  Suresh Raina Birthday:  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार क्रिकेटर सुरेश रैना आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. साल 2005 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रैना ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और दमदार फील्डिंग से भारतीय टीम को कई बार जीत दिलाई है. वो ना सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट, बल्कि आईपीएल के भी दिग्गज खिलाड़ी माने जाते हैं. उनकी शानदार परफॉर्मेंस की वजह से उन्हें ‘मिस्टर आईपीएल’ के नाम से भी पहचाना जाता है. रैना उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने जो भी चाहा वो पाकर ही दम लिया. क्रिकेट में सफलता के झंडे गाड़ने वाले रैना की लव स्टोरी बेहद क्यूट है. वो कोच की बेटी पर ही दिल हार बैठे थे और उसे अपना जीवनसाथी भी बना लिया.

IND-AUS TEST:- खराब शुरुवात के बाद जसप्रीत बुमराह ने अकेले तोड़ दी कंगारुओं की कमर, लिए इतने विकेट

जसप्रीत बुमराह ने पर्थ में खेले जा रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. दिन खत्म होने तक अपनी पहली पारी में बैटिंग कर रही ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट गंवा दिए, जिसमें 4 विकेट बुमराह के नाम पर रहे. इन विकेट के साथ बुमराह ने एक ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया, जो इससे पहले सिर्फ एक गेंदबाज ने बनाया, यानी अब बुमराह ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे गेंदबाज बन गए.
दरअसल बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को गोल्डन डक पर पवेलियन भेजा. इससे पहले सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में गोल्डन डक पर आउट किया था. अब बुमराह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है. गौर करने वाली बात यह है कि यह स्टीव स्मिथ का घरेलू टेस्ट में पहला गोल्डन डक रहा. दोनों ही गेंदबाजों ने स्मिथ को एलबीडब्ल्यू के जरिए गोल्ड डक पर पवेलियन की राह दिखाई.
बुमराह ने लगातार झटके दो विकेट
बुमराह ने लगातार दो बल्लेबाजों को आउट किया. पहले उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा को पवेलियन भेजा. फिर अगली गेंद पर बुमराह ने स्टीव स्मिथ को गोल्डन डक पर पवेलियन की राह दिखा दी. बुमराह ने ख्वाजा को कैच के जरिए और स्मिथ को एलबीडबल्यू के जरिए पवेलियन की राह दिखाई.
पहले ही दिन बुमराह ने किया कमाल
टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने टॉस जीतकर बैटिंग करने का फैसला किया और टीम 150 रनों पर ढेर हो गई. फिर अपनी पहली पारी में बैटिंग के लिए उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम भी बैटिंग में बेहद कमजोर दिखाई दी. मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने दिन खत्म होने तक 67 रनों पर 7 विकेट गंवा दिए. इस दौरान भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट अपने नाम किए. बुमराह ने उस्मान ख्वाजा, स्टीव स्मिथ, नाथन मैकस्वीनी और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को अपना शिकार बनाया.

 

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले रोहित शर्मा के घर आई खुशियां,पत्नी रितिका ने बेटे को दिया जन्म

 टीम इंडिया इस वक्त बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। हालांकि टीम के कप्तान रोहित शर्मा अभी भारत में ही मौजूद हैं। उनके घर एक बार फिर से खुशियां आई हैं। रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह ने एक बेटे को जन्म दिया हैं। रोहित इसी कारण से अभी तक ऑस्ट्रेलिया नहीं गए हैं। यह रोहित शर्मा और रितिका सजदेह का दूसरा बच्चा है।

रोहित शर्मा को लेकर माना जा रहा था कि वह अपने दूसरे बच्चे के कारण पहला टेस्ट मैच मिस कर सकते हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से लगभग 6 दिन पहले उनका पत्नी ने बच्चे को जन्म दे दिया है। ऐसे में रोहित शर्मा के पास अब इस मुकाबले के लिए टीम के साथ जुड़ने का पूरा समय है। रोहित जल्द ही ऑस्ट्रेलिया के रवाना हो सकते हैं।

रोहित-रितिका की 2105 में हुई थी शादी
रोहित और रितिका ने साल 2015 में शादी की थी. दोनों शादी के तीन साल बाद बिटिया के माता पिता बने थे. रोहित ने बच्चे के जन्म के लिए टीम इंडिया से ब्रेक लिया था लेकिन अब वह 22 नवंबर से शुरू होने वाले पर्थ टेस्ट मैच में खेल सकते हैं. रोहित टीम इंडिया के बाकी सदस्यों के साथ ऑस्ट्रेलिया रवाना नहीं हुए थे. उनका शुरुआती दो टेस्ट में खेलना तय नहीं था. लेकिन अब वह ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भर सकते हैं.

ऑस्ट्रेलिया में जरूरी हैं रोहित शर्मा

टीम इंडिया के कप्तान होने के अलावा रोहित शर्मा के पास ऑस्ट्रेलिया में खेलने का अनुभव भी है। रोहित शर्मा एक ओपनर खिलाड़ी हैं। ऐसे में टीम इंडिया को उनकी खास जरूरत भी है। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज खेल रही है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के नजरिए से यह सीरीज टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। ऐसे में रोहित शर्मा जितनी जल्द टीम के साथ जुड़े वह भारतीय फैंस और टीम के लिए अच्छा होगा। ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा के नाम टेस्ट क्रिकेट में तीन अर्धशतक दर्ज हैं। उन्हें अपने पहले शतक की अभी भी तलाश है। रोहित शर्मा के जल्द टीम के साथ जुड़ने से टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप को फायदा होगा।

क्रिकेटप्रेमियों के लिए आज का दिन धमाकेदार…भारत vs साउथ अफ्रीका पहला टी-20 आज,देखें संभावित प्लेइंग XI

 क्रिकेटप्रेमियों के लिए 8 नवंबर धमाकेदार होने जा रहा है. इस दिन क्रिकेट वर्ल्ड की 4 दिग्गज टीमें मैदान पर उतर रही हैं. टी20 का विश्व चैंपियन बनने के बाद भारत पहली बार उस टीम से भिड़ेगा, जिसे उसने फाइनल में हराया था. इससे तकरीबन 12 घंटे पहले पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मुकाबला खेला जाएगा.

भारत और दक्षिण अफ्रीका का मैच रात 8.30 बजे (भारतीय समय) से खेला जाएगा. न्यूजीलैंड से घर में क्लीन स्वीप झेलने के बाद भारत का यह पहला मैच है. टेस्ट सीरीज हारने वाली रोहित ब्रिगेड से मौजूदा टी20 टीम एकदम अलग है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में जो टीम दक्षिण अफ्रीका पहुंची है, उसमें न्यूजीलैंड से सीरीज हारने वाली टीम का सिर्फ एक सदस्य (अक्षर पटेल) है.

पहली बार भिड़ेंगे भारत-द. अफ्रीका
भारत ने 29 जून को दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता था. इस ऐतिहासिक मुकाबलके बाद दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने हो रही हैं. भारत की जिस प्लेइंग इलेवन ने वर्ल्ड कप जीता था, उसके 4 सदस्य 8 नवंबर के मुकाबले में फिर नजर आएंगे. ये 4 सदस्य हैं- कप्तान सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच इस टी20 सीरीज में 4 मैच खेले जाने हैं.

भारत (संभावित प्लेइंग XI): सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अक्षर पटेल, आवेश खान, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह.

दक्षिण अफ्रीका (संभावित प्लेइंग XI): एडेन मार्करम (कप्तान), रीजा हेंड्रिक्स, रेयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), ट्रिस्टन स्टब्स, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को यानसेन/गेराल्ड कोएत्जी, एंडिले सिमलेन, नकाबायोमजी पीटर , केशव महाराज, ओटनील बार्टमैन.

IND vs SA T20: कब-कब होंगे 4 टी20 मैच, यहां जानिए मैचों की टाइमिंग…

 India vs South Africa: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 4 मैचों की टी20 सीरीज होना है. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया साउथ अफ्रीका पहुंच चुकी है. टीम की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में है. हाल में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया है. इसलिए फैंस चाहते हैं कि इस हार को भुलाने के लिए सूर्या ब्रिगेड कुछ बड़ा कमाल करे. भारत और अफ्रीकी टीम के बीच यह सीरीज 8 नवंबर से शुरू हो रही है.

IND W vs NZ W: भारत ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से रौंदा, सीरीज 2-1 से जीतकर किया कमाल

 भारत ने तीसरे वनडे मैच में न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया है. इसी के साथ भारतीय महिलाओं ने तीन एकदिवसीय मैचों की शृंखला को 2-1 से जीत लिया है. अहमदाबाद में खेले गए सीरीज के तीसरे मैच में न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए 232 रन बनाए थे. जवाब में टीम इंडिया ने 34 गेंद शेष रहते मुकाबला और सीरीज, दोनों अपने नाम किए

न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया. भारतीय गेंदबाजी शुरुआत में कीवी टीम पर हावी रही क्योंकि न्यूजीलैंड के 5 विकेट 88 रन पर गिर गए थे. उसके बाद ब्रूक हैलीडे और इसाबैला गेज के बीच 64 रनों की साझेदारी ने मेहमान टीम की वापसी करवाई. ब्रूक ने 88 रन की पारी खेली, उनके अलावा न्यूजीलैंड टीम का कोई भी खिलाड़ी 40 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया. इसी सीरीज में अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाली दायें हाथ से लेग स्पिन गेंदबाजी करने वाली प्रिया मिश्रा ने 2 अहम विकेट लिए.

स्मृति मंधाना का शतक

स्मृति मंधाना, टी20 वर्ल्ड कप में नहीं चल पाई थीं. वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दोनों वनडे मैचों में में भी उन्होंने कुछ खास पारी नहीं खेली थी. मगर सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में उन्होंने 100 रन बनाए. स्मृति ने 122 गेंदों में 100 रन बनाए, जिसके दौरान उनके बल्ले से 10 चौके भी निकले. अच्छी फॉर्म में वापसी की दृष्टि से यह पारी स्मृति के लिए बहुत अहम रही. उनके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 63 गेंदों में 59 रन की नाबाद पारी खेली.

करोड़ों फैंस का टुटा दिल: भारत वर्ल्ड कप से बाहर, पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची न्यूजीलैंड

 PAKW vs NZW: Womens T20 World Cup 2024: महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 54 रनों से हराकर न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह बना की है. इसी के साथ भारतीय टीम भी वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है. भारत को बीते रविवार ऑस्ट्रेलिया के हाथों 9 रनों से हार मिली थी. ऐसे में टीम इंडिया तभी सेमीफाइनल की राह तय कर सकती थी, जब पाकिस्तान को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत मिले.

इस मैच में कीवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 110 रन बनाए, लेकिन पिच की हालत ऐसी थी कि पाकिस्तान की पूरी टीम इससे करीब आधे ही रन बना पाई.

न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के सामने 111 रनों का लक्ष्य रखा था. पाक टीम का विकेट गिरने का सिलसिला दूसरे ओवर में शुरू हुआ, जिसके बाद 28 के स्कोर तक आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी. एक समय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 52 रन बना लिए थे, लेकिन उसके अगले 4 रनों के भीतर पाकिस्तान ने बाकी 5 विकेट भी गंवा दिए. टीम इंडिया जहां पाकिस्तान पर भरोसा कर रही थी, वहां उसके 9 बल्लेबाज तो रनों के मामले में दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए.

शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इस दिन होगा फाइनल मैच

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर क्रिकेट खेलते दिखेंगे। सचिन तेंदुलकर एक नई लीग इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में इंडिया के लिए कप्तानी करेंगे। सचिन ही नहीं ब्रायन लारा, शेन वॉट्सन और जॉन्टी रॉड्स जैसे कई स्पोर्ट्स लीजेंड रायपुर पहुचेंगे।

शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच का आयोजन होगा। दरअसल 17 नवंबर से होकर 8 दिसंबर, 2024 तक मैच खेले जाएंगे। इस दौरान IML में सचिन समेत कई पुराने दिग्गज मैदान में मैच खेलते दिखेंगे। डी.वाई. नवी मुंबई के पाटिल स्टेडियम में चार मैच के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत होगी।  

इनके बीच होगा मुकाबला 

भारत vs इंग्लैंड 28 नवंबर

श्रीलंका vs इंग्लैंड 30 नवंबर

भारत vs वेस्टइंडीज 1 दिसंबर

श्रीलंका vs ऑस्ट्रेलिया 2 दिसंबर

वेस्टइंडीज vs इंग्लैंड 3 दिसंबर

पहला सेमीफाइनल 5 दिसंबर

दूसरा सेमीफाइनल 6 दिसंबर

फाइनल 8 दिसंबर रायपुर

बांग्लादेश के साथ भारत का दूसरा टेस्ट मैच, 7 विकेट से जीता भारत, सीरीज पर किया कब्जा

 CRIKCET NEWS. भारत का बांग्लादेश के साथ दो मैचों का टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच कानपुर में चल रहा था। मैच के अंतिम दिन भारत ने 7 विकेट से जीत दर्ज करते हुए बांग्लादेश को क्लीन स्वीप कर दिया है। भारत ने सीरीज पर कब्जा कर लिया है।

बता दें, बांग्लादेश के साथ दूसरा टेस्ट मैच कानपुर में चल रहा था। यह मैच पूरी तरह से बारिश से प्रभावित हो गया। ऐसे में मैच के अंतिम दिन मंगलवार को भारत ने 95 रन का टारगेट मिला। जिसे भारतीय बैटर्स ने सिर्फ 17.2 ओवर में हासिल कर लिया। यशस्वी जायसवाल ने 51 रन बनाए। वहीं कोहली ने 29 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके अलावा उनका साथ विकेट कीपर ऋषभ पंत ने चौका मारकर टीम को जीत दिलाई है।

146 रनों पर सिमटी बांग्लादेश की पारी
बांग्लादेश की टीम ने दूसरी पारी में 146 रन ही बनाकर ऑल आउट हो गए। बांग्लादेश के टीम का 26 रन पर ही दो विकेट हो गया था। सोमवार को भारत ने पहली पारी में 34.4 ओर में 9 विकेट खो कर 285 रन बनाए और अपनी पारी खत्म कर दी। इसके बाद टीम इंडिया ने बांग्ला देश को 233 रनों के स्कोर पर भी उनकी पारी को समाप्त कर दिया।

बारिश के कारण तीसरे और दूसरे दिन का खेर रद करना पड़ा था। पहले दिन सिर्फ 35 ओवर का ही खेल हो पाया था। ऐसे में मैच लगभग ड्रा माना जा रहा था लेकिन भारतीय टीम ने मैच के अंतिम दिन खेल की पूरी तस्वीर ही बदलकर रख दी और मैच को अपने नाम कर लिया।

ये रहा स्कोर कार्ड
दूसरी पारी में रोहित शर्मा 8 रन, यशस्वी जायसवाल 51 रन, शुभमन गिल 6 रन, विराट कोहली 29 रन पर नाबाद व ऋषभ पंत ने 4 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश की ओर से दूसरी पारी में शादमान इसलाम 50 रन, जाकिर हसन 10 रन, हसन महमूद 4 रन, मोमिनुल हक 2 रन, नजमुल हुसैन शांतो 19 रन, मुशफिकुर रहीम 37 रन लिटन दास 1 रन, शाकिब अल हसन 0 पर आउट हो गए। मेहदी हसन 9 रन, तैजुल इस्लाम 0 पर आउट, खालिद अहमद 5 रन बना पाए। वहीं बॉलरों में भारतीय बॉलरों ने कमाल किया। रविचंद्र अश्विन, जडेजा व जसमीत बुमराह ने 3-3 विकेट लिए और आकाश दीप ने 1 विकेट लिया।

छत्तीसगढ़ कप का आयोजन 27 से ; केरल, पं. बंगाल, तमिलनाडु सहित कई प्रदेशों की टीम लेंगी हिस्सा

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा गत वर्ष की भांती इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ कप 2024 का आयोजन 27 सिंतबर से होने जा रहा है। प्रतियोगिता में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी। जिनमें छत्तीसगढ़ रेड, छत्तीसगढ़ ब्लू, आंध्र प्रदेश, केरल, बंगाल एवं तमिलनाडु की महिला टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता टी-20 फार्मेट में खेली जाएगी। सभी मैच आरडीसीए मैदान तेलीबांधा रायपुर में खेले जाएंगे.

Ishan Kishan की धमाकेदार वापसी, आते ही उड़ा डाले गेंदबाजों के होश, चौके गिनते-गिनते थक गए विरोधी

 Duleep Trophy 2024: दलीप ट्रॉफी में इंडिया सी के लिए खेल रहे  ईशान किशन ने कमाल की बैटिंग की है. वो पहली पारी में 97 गेंदों पर 86 रन बनाकर नाबाद हैं. अब तक उनके बल्ले से 13 चौके और 1 छक्का भी निकला है.

Duleep Trophy 2024: टीम इंडिया के युवा विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन एक बार फिर चर्चा में हैं. दलीप ट्रॉफी के दूसरे राउंड में जगह मिलते ही उन्होंने बल्ले से तबाही मचाई और अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है. किशन को इंडिया सी टीम में जगह मिली है. ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली इस टीम के लिए उन्होंने आते ही चौकों की बारिश की और अब शतक के करीब पहुंच गए हैं. किशन कमाल की बैटिंग कर रहे हैं. उनकी फियरलेस बैटिंग के दम पर इंडिया सी अच्छी कंडीशन में पहुंच चुकी है. वहीं इंडिया बी के गेंदबाज विकेट के लिए तरस गए हैं, क्योंकि किशन ने सभी को टारगेट पर ले रखा है.

पहले राउंड में क्यों नहीं खेले थे ईशान किशन?

ईशान किशन को दलीप ट्रॉफी 2024 के पहले राउंड में जगह नहीं मिली थी, क्योंकि वो चोटिल थे. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खुद बीसीसीआई ने एक्स पर इसकी जानकारी दी थी.  किशन पिछले महीने बूची बाबू टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हुए थे. हालांकि अब वो पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. किशन फिलहाल अपनी 86 रनों की की नाबाद पारी में 13 चौके लगा चुके हैं, जिन्हें गिनते-गितने विरोधी टीम के बॉलर्स पस्त हो चुके हैं.

मैच का हाल, इंडिया सी की पहली पारी

अगर मुकाबले की बात करें तो इंडिया बी और इंडिया सी की टीमें अनंतपुर के ग्रामीण विकास ट्रस्ट स्टेडियम बी में खेल रही हैं. आज इस मैच में पहले दिन का दूसरा सेशन चल रहा है. खबर लिखे जाने तक इंडिया सी टीम ने 55 ओवरों में 2 विकेट खोकर 239 रन बना लिए हैं. क्रीज पर किशन 86 जबकि बाबा इंद्रजीत 50 रन बनाकर नाबाद हैं.

बांग्लादेश के खिलाफ नहीं मिला मौका

भारतीय टीम के 19 सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. पहले मुकाबले के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है, जिसमें दलीप ट्रॉफी 2024 के पहले दौर के बाद कई खिलाड़ियों को जगह मिली है, लेकिन ईशान किशन की एंट्री नहीं हुई. किशन को अचानक इंडिया-सी की टीम में जोड़ा गया है. अब पहली ही पारी में उन्होंने तूफानी बैटिंग का नजारा पेश किया है, ऐसे में उन्होंने दूसरे टेस्ट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है.

इंडिया सी (प्लेइंग इलेवन)

रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), इशान किशन, साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, बाबा इंद्रजीत, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), मानव सुथार, अंशुल कंबोज, मयंक मारकंडे, विजयकुमार विशक, संदीप वारियर

इंडिया बी (प्लेइंग इलेवन)

अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), एन जगदीसन (विकेटकीपर), मुशीर खान, सरफराज खान, रिंकू सिंह, नितीश रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, रविश्रीनिवासन साई किशोर, नवदीप सैनी, मुकेश कुमार, राहुल चाहर.

अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रवींद्र जडेजा ने थामा राजनीती का दामन, जानिये किस पार्टी के बने सदस्य …

 क्रिकेट से संबंध रखने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का सबंध अब राजनीति से भी जुड़ गया हैं. वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य बन गए हैं. जामनगर से बीजेपी विधायक और जड़ेजा की पत्नी रिवाबा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘रवींद्र जड़ेजा ने बीजेपी की सदस्यता स्वीकार कर ली है’. गौरतलब है कि रवींद्र जडेजा ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.
बता दे की रवींद्र जड़ेजा अपनी पत्नी रीवाबा के साथ कई बार चुनाव प्रचार कर चुके हैं. चुनाव के दौरान वह अपनी पत्नी रिवाबा के साथ बीजेपी के लिए प्रचार करते नजर आए, उन्होंने कई रोड शो भी किए. रवींद्र जड़ेजा की पत्नी रिवाबा जामनगर उत्तर सीट से विधायक हैं. अब रवींद्र जड़ेजा बीजेपी में शामिल हो गए हैं. बता दें कि, टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद रिवाबा और रवींद्र जड़ेजा ने टीम इंडिया के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

विश्व चैम्पियन सचिन खिलाड़ी को शॉटपुट में रजत, भारत के पैरालंपिक में कुल 21 पदक

पेरिस, 4 सितंबर (भाषा)। विश्व चैम्पियन सचिन सरजेराव खिलाड़ी ने बुधवार को यहां पुरूषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड 16 . 32 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता जिससे भारत का ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में पदक हासिल करने का सिलसिला जारी रहा जो देश का पैरालंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 34 वर्ष के खिलाड़ी ने दूसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका और मई में जापान में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले 16.30 मीटर के अपने ही एशियाई रिकॉर्ड को बेहतर किया । सचिन खिलाड़ी का यह व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास हालांकि उन्हें पहला स्थान दिलाने के लिए काफी नहीं था और कनाडा के ग्रेग स्टीवर्ट ने 16.38 मीटर के प्रयास से तोक्यो पैरालम्पिक में जीता स्वर्ण बरकरार रखा । क्रोएशिया के लुका बाकोविच ने 16.27 मीटर से कांस्य पदक जीता । खिलाड़ी का रजत पेरिस पैरालम्पिक में एथलेटिक्स में भारत का 11वां पदक है जिससे देश के कुल पदकों की संख्या 21 पहुंच गयी जिसमें तीन स्वर्ण पदक शामिल हैं। एफ46 श्रेणी में वे खिलाड़ी होते हैं जिनकी भुजाओं में कमजोरी है, मांसपेशियों की शक्ति क्षीण है या भुजाओं में निष्क्रिय गति की सीमा क्षीण है । ऐसे एथलीट खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। मंगलवार को बीती रात विश्व चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता दीप्ति जीवनजी के एथलेटिक्स की महिला 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 55.82 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतने के बाद भारत ने पुरुषों की ऊंची कूद टी63 और भाला फेंक एफ46 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। शरद कुमार और मरियप्पन थांगवेलु ने पुरुषों की ऊंची कूद टी63 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता जबकि अजीत सिंह और सुंदर सिंह गुर्जर ने भाला फेंक एफ46 फाइनल में दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। एफ46 वर्ग में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनकी भुजाओं में कमजोरी और मांसपेशियां कमजोर होती है जिससे वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले के करगानी गांव के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले खिलाड़ी को स्कूल के दिनों में एक दुर्घटना का सामना करना पड़ा। चोट के कारण उनकी कोहनी की त्वचा में गैंग्रीन हो गया। कई सर्जरी के बाद भी उनका हाथ कभी ठीक नहीं हो पाया। बचपन में ही उनकी मां का भी देहांत हो गया था। रजत पदक जीतने के बाद खिलाड़ी ने कहा, मैं स्वर्ण पदक जीतना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास था लेकिन मैं संतुष्ट नहीं हूं। मुझे लगता है कि मैं बेहतर कर सकता था। आज मेरा दिन नहीं था। तीरंदाजी में हरविंदर क्वार्टरफाइनल में पहुंचे : तोक्यो पैरालंपिक के कांस्य पदक विजेता हरविंदर सिंह ने लगातार तीरंदाजी पदक जीतने की मुहिम में पुरुष रिकर्व ओपन स्पर्धा में लगातार जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। भारत के एकमात्र पैरालंपिक पदक विजेता तीरंदाज हरविंदर ने चीनी ताइपे के सेंग लुंग हुई को 7-3 से पराजित करने के बाद प्री क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया के सेतियावान सेतियावान को 6-2 से हराया। तोक्यो रजत पदक विजेता भाविना बाहर : पेरिस पैरालम्पिक महिला एकल टेबल टेनिस में भारत की चुनौती खत्म हो गई जब तोक्यो पैरालम्पिक की रजत पदक विजेता भाविनाबेन पटेल क्लास 4 क्वार्टर फाइनल में चीन की यिंग झोउ से 1-3 से हार गई । तोक्यो पैरालम्पिक में रजत के साथ इस खेल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी भाविनाबेन को 12 . 14, 9 . 11, 11 . 8, 6 . 11 से पराजय झेलनी पड़ी । इससे पहले क्लास 3 में भारत की सोनलबेन पटेल को क्रोएशिया की एंडेला मुजिनिच विंसेटिच ने हराया । महिला युगल में भारत की भाविनाबेन और सोनलबेन क्वार्टर फाइनल में कोरिया की यंग ए जुंग और एस मून से हार गई । भाविनाबेन एक साल की उम्र से पोलियो से जूझ रही है । वह व्हीलचेयर पर निर्भर खिलाड़ियों की श्रेणी में खेलती हैं । निशानेबाजी में कोई पदक नहीं : वहीं शेटराउ में भारतीय निशानेबाज निहाल सिंह और रूद्रांक्ष खंडेलवाल मिश्रित 50 मीटर पिस्टल (एसएच1) स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने में विफल रहे। पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता निहाल छह सीरीज में 522 अंक के स्कोर से क्वालीफिकेशन दौर में 19वें स्थान पर रहे। अपने पहले पैरालंपिक में हिस्सा ले रहे 17 वर्षीय रूद्रांक्ष 517 अंक के स्कोर से क्वलीफिकेशन दौर में 22वें स्थान पर रहे। रूंद्राक्ष आठ साल की उम्र में एक दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवा बैठे थे। एसएच1 वर्ग में वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिन्हें अपनी बंदूक उठाने में मुश्किल होती है और वे बैठकर (व्हीलचेयर या कुर्सी पर) या खड़े होकर निशाना लगाते हैं। नियम के अनुसार एसएच1 वर्ग में एथलीट पिस्टल या राइफल का इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय पैरा निशानेबाजों ने अब तक पेरिस पैरालंपिक में चार पदक जीते है जिसमें एक स्वर्ण और एक रजत शामिल है।

पेरिस पैरालंपिक : तीरंदाजी में हरविंदर ने जीता गोल्ड

पेरिस, 5 सितंबर । टोक्यो 2020 के कांस्य पदक विजेता हरविंदर सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व ओपन में स्वर्ण पदक जीतकर एक और इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बन गए। उन्होंने बुधवार को फाइनल में पोलैंड के लुकास सिसजेक को 6-0 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इस उपलब्धि के साथ, हरविंदर पैरालंपिक और ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले और एकमात्र भारतीय तीरंदाज बन गए। वह लगातार दो पैरालंपिक में पदक जीतने वाले पहले और एकमात्र तीरंदाज भी हैं। भारत ने अब तक पेरिस पैरालंपिक में चार स्वर्ण, आठ रजत और 10 कांस्य पदकों समेत कुल 22 पदक जीते हैं। हरविंदर के स्वर्ण के साथ भारत पदक तालिका में 15वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले बुधवार को ही सचिन खिलारी ने देश के लिए रजत पदक जीता था। हरविंदर ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। पहले सेट में 10 और दो 9 के साथ हरविंदर सिंह ने पहला सेट जीत लिया। सिसजेक ने 9, 7 और 8 का स्कोर किया। 2-0 से आगे चल रहे हरविंदर ने दूसरे सेट की शुरुआत लगातार दो नौ के साथ की और फिर 10 का स्कोर किया जबकि सिसजेक ने तीनों प्रयासों में 9 का स्कोर किया। हरियाणा के कैथल के एक किसान परिवार से आने वाले हरविंदर ने दो 10 और उसके बाद एक नौ (29) के साथ स्वर्ण पदक पक्का किया, जबकि सिसजेक ने सात से शुरुआत की और फिर दो 9 का स्कोर किया। इससे पहले, हरविंदर ने बुधवार को ही सेमीफाइनल में ईरान के अरब अमेरी मोहम्मद रजा को हराया था। --(आईएएनएस)

बर्थडे स्पेशल : फिरोज पालिया और प्रज्ञान ओझा, जिनका पहला और अंतिम टेस्ट मैच ऐतिहासिक था

नई दिल्ली, 5 सितंबर । भारत के लिए सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने वाला बाएं हाथ का स्पिनर। एक ऐसी उपलब्धि जिसके बाद उसके करियर पर ब्रेक लग गया था। जिसका करियर मात्र 113 विकेट के साथ समाप्त हो गया था। अनिल कुंबले के करियर की संध्या और रविचंद्रन अश्विन व रवींद्र जडेजा के करियर के उदय के बीच जगह बनाने वाले यह स्पिनर थे प्रज्ञान ओझा, जिनके साथ दुर्भाग्य भी जुड़ा हुआ है और वक्त की निर्ममता भी। 5 सितंबर को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे ओझा का करियर बहुत कुछ बताता है। ओडिशा के भुवनेश्वर में जन्मे ओझा ने साल 2008 में भारतीय टीम में जगह बनाई थी। अगले ही साल टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। यह वह टीम थी जो अगले ही सीजन में टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक बनने जा रही थी। ओझा ने इस टीम में अपनी गेंदबाजी की छाप छोड़ी। उनके सटीक एक्शन, बेहतरीन लाइन-लेंथ और पर्याप्त टर्न ने भारतीय उपमहाद्वीप में उनका सिक्का चला दिया था। साल 2010 से 2012 तक का समय था जब ओझा समय के साथ निखरते जा रहे थे। उन्होंने सभी मैच भारतीय उपमहाद्वीप में खेले थे। ओझा ओवरसीज एक भी टेस्ट नहीं खेल पाए थे। तब भी ओवरसीज में इक्का-दुक्का स्पिनर ही टीम इंडिया में जगह बना पाते थे। भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में बल्लेबाजों को छकाने का उनका क्रम जारी था, जब तक कि एक बड़ा झटका उनके करियर में नहीं आया। ओझा को उनकी फॉर्म नहीं, बल्कि संदिग्ध बॉलिंग एक्शन ने गेंदबाजी से रोक दिया था। यह एक बड़ा झटका था क्योंकि उनको न केवल एक्शन में बदलाव करने थे बल्कि टीम में भी वापसी करनी थी। उन्होंने महज 22 दिनों में वापसी करके भी दिखा दी। लेकिन तब तक ओझा न तो पहले जैसे गेंदबाज थे और न ही भारतीय टीम पहले जैसी थी। भारतीय टीम में डेब्यू करने से ज्यादा बड़ी चुनौती अपनी जगह को बनाए रखना थी। आज भी यही स्थिति है। कंपटीशन बहुत तेज था जिसमें ओझा का करियर पहले जैसा नहीं रहा। उनके एक्शन में सुधार ने उनकी गेंदबाजी को भी बदल दिया था। तब ओझा की उम्र महज 27 साल थी। दिलचस्प बात है कि सचिन तेंदुलकर का फेयरवेल टेस्ट मैच ओझा का भी अंतिम मैच साबित हुआ। इससे भी दिलचस्प बात है कि उन्होंने मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले में 10 विकेट हासिल किए थे। एक तरफ सचिन को भावुक विदाई मिल रही थी, दूसरी तरफ ओझा को प्लेयर ऑफ द मैच मिला था। विडंबना यह भी कि उनका करियर इसके बाद खत्म हो चुका था। अपने करियर की इस स्थिति पर ओझा ने एक इंटरव्यू में कहा था, मैंने इंतजार किया, लेकिन धीरे-धीरे मुझे समझ में आया कि मैं पीछे रह गया हूं और अब आगे बढ़ने का समय है। इससे ज्यादा और क्या उम्मीद कर सकता हूं? मैंने अपने देश के लिए खेला है, मेरे नाम देश के लिए एक लेफ्ट आर्म स्पिनर के तौर पर सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट हैं। किसी को दोष देने या बुरा कहने से समस्या का समाधान नहीं होता। चीजें अच्छी थीं, लेकिन जो होना नहीं था, वो नहीं हुआ। 33 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले ओझा ने 24 टेस्ट मैचों में 30.27 की औसत से 113 विकेट लिए। उनको 18 वनडे मैचों में खेलने का भी मौका मिला जहां उन्होंने 21 विकेट लिए थे। आईपीएल के 92 मैचों में उनको 89 विकेट मिले। कम ही लोग यह बात जानते हैं कि ओझा श्रीलंका के महानतम स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के 800वें टेस्ट शिकार भी थे। 5 सितंबर को भारत के पूर्व क्रिकेटर फिरोज पालिया का भी जन्म हुआ था। साल 1910 में बांबे (अब मुंबई) में जन्मे फिरोज पालिया उस टीम का हिस्सा थे जिसने भारत के लिए सबसे पहला टेस्ट मैच खेला था। देश की आजादी से पहले क्रिकेट इतना आसान नहीं था। खिलाड़ियों के पास उम्दा कोचिंग और आधारभूत सुविधाएं नहीं थी। उस दौर के बड़े अहम ऑलराउंडर थे फिरोज पालिया, जो सीके नायडू, अमर सिंह, नजीर अली और नाओमल जाओमल के साथ मिलकर भारत की पहली टेस्ट टीम के पांच शानदार ऑलराउंडरों में से एक थे।फिरोज पालिया की बैटिंग का अंदाज उनकी कलाइयों के कमाल में छिपा था। कलाई के ऐसे जादूगर, जिनकी इस कला की तुलना केएस रणजीत सिंह जी और वीवीएस लक्ष्मण जैसे भारतीय क्रिकेट लीजेंड से की जा सकती है। वह बाएं हाथ के हुनरमंद स्पिनर भी थे पिच से थोड़ी मदद मिलने पर वह बल्लेबाज को काफी मुश्किल में डाल सकते थे। 25 जून 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में हुए भारत के पहले टेस्ट मैच में फिरोज की हैमस्ट्रिंग मसल्स में खिंचाव आ गया था। वह दूसरे पारी में 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ताकि भारत मैच को बचा सके। हालांकि न तो भारत की हार टाली जा सकी और न ही पालिया ने कोई रिकॉर्ड बनाने लायक योगदान दिया। लेकिन दर्द के बीच बल्लेबाजी के लिए पालिया ने जो टीम भावना दिखाई थी वह यादगार थी। अगला टेस्ट मैच खेलने के लिए उनको चार साल इंतजार करना पड़ा। यह मैच साल 1936 में उसी प्रतिद्वंदी के खिलाफ उसी जगह पर खेला गया था। यह उनका अंतिम टेस्ट भी साबित हुआ था। पालिया का इंटरनेशनल करियर केवल दो टेस्ट मैचों तक सीमित रहा। इसका कारण भारतीय टीम द्वारा बेहद सीमित मैच खेलना भी रहा। तब भारतीय क्रिकेट टीम ने पूरे एक दशक के ब्रेक के बाद अगला टेस्ट खेला था। पालिया फर्स्ट क्लास मैचों में सक्रिय रहे जहां उन्होंने पूरे 100 मैच खेले और 4,536 रन बनाए, जिसमें 8 शतक शामिल थे, और उनकी औसत 32.40 रही। गेंदबाजी में भी वह सफल रहे और 24.06 की औसत के साथ 208 विकेट लिए थे। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में संयुक्त प्रांत का प्रतिनिधित्व किया था। फिरोज पालिया ने रेडियो कमेंट्री भी की और एक टेस्ट चयनकर्ता भी रहे। उन्होंने अपने 71वें जन्मदिन के चार दिन बाद 9 सितंबर 1981 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। --(आईएएनएस)

सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर बेताब तेज गेंदबाज प्रिंस यादव

नई दिल्ली, 5 सितंबर । पुरानी दिल्ली 6 के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव, जिन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, टूर्नामेंट के सेमीफाइल को लेकर काफी उत्साहित हैं। पुरानी दिल्ली 6 ने सोमवार को सेंट्रल दिल्ली किंग्स को 33 रन से हराकर लीग के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पुरानी दिल्ली 6 के लिए यादव ने सबसे शानदार गेंदबाजी की और उन्होंने तीन विकेट लिए, जिसमें सेंट्रल दिल्ली किंग्स के कप्तान जोंटी सिद्धू का विकेट भी शामिल था। मैच के सबसे किफायती गेंदबाज यादव ने कहा कि वह जानते हैं कि मैदान पर उन्हें क्या करना है, क्योंकि उन्होंने ऐसी परिस्थितियों का कई बार सामना किया है। उन्होंने कहा, यह मुश्किल नहीं था क्योंकि मैंने हमेशा ओस में गेंदबाजी का बहुत अभ्यास किया है। मैंने हमेशा अपनी टीम के लिए मुश्किल ओवर फेंके हैं। मैं अपना 100 प्रतिशत देने के बारे में सोच रहा था क्योंकि हमें मैच जीतना था ताकि हम क्वालीफाइंग के लिए दूसरी टीमों पर निर्भर न रहें। पुरानी दिल्ली 6 ने लगातार दो मैच जीतकर डीपीएल में वापसी की। यह पहली बार था जब पुरानी दिल्ली 6 ने लगातार दो मैच जीते और इससे उन्हें सेमीफाइनल में पहुंचने में मदद मिली। यादव ने कहा, हमें अपने टीम के मालिक और सहयोगी स्टाफ से अच्छा समर्थन मिला है, यहां तक ​​कि कोचों ने भी हमारी मदद की है। सभी ने माहौल को बहुत हल्का और शांत रखा, जिससे हमें खिलाड़ियों के रूप में आगे बढ़ने का मौका मिला। मैं सेमीफाइनल के लिए बहुत उत्साहित हूं और उससे भी ज्यादा मैं मैच जीतने के लिए उत्सुक हूं। पुरानी दिल्ली 6 अब टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में खेलेगी, जो शुक्रवार को खेला जाएगा। --(आईएएनएस)

डब्ल्यूटीसी फाइनल अगले साल 11-15 जून तक लॉर्ड्स में खेला जाएगा: आईसीसी

दुबई, 3 सितंबर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को घोषणा की कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के तीसरे चक्र का फाइनल अगले साल 11 से 15 जून के बीच प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में खेला जाएगा। आईसीसी ने इस मैच के लिए 16 जून को रिजर्व दिवस रखा है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योफ एलार्डिस ने एक बयान में कहा, आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल क्रिकेट कैलेंडर में सबसे अहम मुकाबले में से एक बन गया है और हमें 2025 सत्र की तारीखों की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। लॉर्ड्स पहली बार डब्ल्यूटीसी फाइनल की मेजबानी करेगा। इससे पहले साउथेम्प्टन (2021) और ओवल (2023) पिछले दो खिताबी मुकाबलों की मेजबानी की थी। भारत उन दोनों फाइनल मैचों का हिस्सा था। टीम को 2021 में न्यूजीलैंड जबकि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ने हराया था। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से आगे तालिका में शीर्ष स्थान पर है। डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से भारत इस साल के अंत में पांच मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलियाई टीम से भिड़ेगा। न्यूजीलैंड (तीसरे), इंग्लैंड (चौथे), दक्षिण अफ्रीका (पांचवें) और बांग्लादेश (छठे) और श्रीलंका (सातवें) स्थान के साथ फाइनल में पहुंचने की दौड़ में है। पाकिस्तान को हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में 0-2 से शिकस्त झेलने के बाद बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा है। इस तालिका में पाकिस्तान आठवें और वेस्टइंडीज सबसे नीच नौवें पायदान पर है।(भाषा)

अवनि महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन एसएच1 के फाइनल में पहुंची

चेटोरौक्स, 3 सितंबर । भारत की अवनी लेखरा यहां चेटोरौक्स शूटिंग रेंज में क्वालीफिकेशन राउंड में सातवें स्थान पर रहने के बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन एसएच1 के फाइनल में पहुंच गईं। वर्लिन में 16-महिला क्वालीफिकेशन राउंड में कुछ सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए, लेखरा ने तीन चुनौतीपूर्ण राउंड - घुटनों के बल बैठना, झुकना और खड़े रहना - के माध्यम से अपना धैर्य बनाए रखा और 59 इनर टेन सहित 1159 का कुल स्कोर हासिल किया। उनका औसत स्कोर 9.658 था। अवनि ने इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक में इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा कर रही एक अन्य भारतीय मोना अग्रवाल फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं और 1147 के कुल स्कोर और 9.558 के औसत स्कोर के साथ 13वें स्थान पर रहीं, जिसमें 38 इनर टेन शामिल थे। इससे पहले, महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में, अवनि ने स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए अपने पिछले पैरालंपिक रिकॉर्ड को बेहतर किया, जो उसने टोक्यो खेलों में बनाया था। एसएच1 श्रेणी उन निशानेबाजों के लिए है जिनके निचले अंगों में अंग विच्छेदन या पैरापलेजिया जैसी समस्याएं हैं, जो बिना किसी कठिनाई के अपनी बंदूक पकड़ सकते हैं और खड़े या बैठे स्थान से गोली चला सकते हैं। अवनी ने टोक्यो 2020 में इतिहास रचा जब वह पैरालिंपिक के एकल संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक में एसएच1 श्रेणी में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण और 50 मीटर राइफल थ्री-पोजीशन में कांस्य पदक जीता। -(आईएएनएस)

प्रो कबड्डी लीग का 11वां सत्र 18 अक्टूबर से शुरू होगा

मुंबई, 3 सितंबर। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) का 11वां सत्र 18 अक्टूबर से शुरू होगा। टूर्नामेंट आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। टूर्नामेंट का आयोजन तीन शहरों में होगा। इसका आगाज 18 अक्टूबर को हैदराबाद में होगा। इसके बाद इसका कारवां 10 नवंबर को नोएडा और फिर तीन दिसंबर को पुणे पहुंचेगा। प्ले ऑफ मुकाबलों की तारीखों और स्थल की घोषणा बाद में की जायेगी। पीकेएल के लीग आयुक्त अनुपम गोस्वामी ने कहा, हमें पीकेएल के 11वें सत्र की शुरुआत की तारीख और स्थानों की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। 10 सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन करने के बाद पीकेएल का 11वां सत्र लीग की लगातार बढ़ती लोकप्रियता में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, इससे भारत और दुनिया भर में अन्य जगहों पर कबड्डी के विकास को मजबूती मिलेगी। पुणेरी पलटन इस लीग की गत चैम्पियन है। पिछले महीने आयोजित हुई खिलाड़ियों की नीलामी में रिकॉर्ड आठ खिलाड़ियों के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगी थी।(भाषा)