रायपुर, राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में पुलिस गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया था। इस घटना में 5 पुलिसकर्मी घायल गये थे। जिन्हे इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल भेजवाया गया था। घटना रॉंग साइड से आ रहे गाड़ी को बचान के चक्कर में हुआ था। खबर आ रही है कि इनमे से एक जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। मृतक पुलिसकर्मी का नाम कुलदीप मिंज बताया जा रहा है। जो हदस में ज्यादा गंभीर रूप से घायल थे। बता दें कि राजधानी के सेरीखेड़ी ट्रेजर आइलैंड के सामने पुलिस की गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ था । घटना में 5 पुलिसकर्मी घायल गये थे। उनमें कुलदीप मिंज एक थे। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। महासमुंद के पटेवा स्थित फायरिंग रेंज से फायरिंग के बाद रायपुर लौटते वक्त सेरीखेड़ी ट्राजेर आइलैंड के सामने हादसा हुआ है।
रायपुर, चेम्बर ऑफ़ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के निर्वाचन अधिकारी बालकृष्ण दानी की अध्यक्षता में चेम्बर चुनाव-2021 के प्रारंभिक मतदाता सूची का आज प्रकाशन किया गया। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारीगण प्रकाशचन्द गोलछा, रमेश गांधी, मनमोहन अग्रवाल, के.सी.माहेश्वरी, विजय जैन, संजय देशमुख, अनिल जैन (कुचेरिया), चेम्बर चुनाव कार्यालय प्रभारी एस.एम.रावते प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
चेम्बर के सदस्यगण (मतदाता) चेम्बर कार्यालय, चै. देवीलाल व्यापार उद्योग भवन, बाम्बे मार्केट, रायपुर में प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रारंभिक मतदाता सूची का अवलोकन कर सकते हैं।
निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचन्द गोलछा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए आगे बताया कि 16215 सदस्यों की मतदाता सूची का प्रकाशन आज चेम्बर कार्यालय में हुआ। मतदाता सूची में यदि भूलवश कोई त्रुटि हो तो त्रुटि सुधार हेतु लिखित में आवेदन पत्र 4 से 6 फरवरी के बीच शाम 5 बजे तक चेम्बर कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इसके पश्चात् त्रुटि सुधार नहीं किया जायेगा। मतदाता सूची में त्रुटि सुधार करने के पश्चात 8 फरवरी को प्रातः 11 बजे अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा।
रायपुर | लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज राजधानी रायपुर के विभिन्न इलाकों में बनाए जा रहे अंडर ब्रिज और ओव्हर ब्रिज की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्याें को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को दिए। मंत्री श्री साहू ने प्रत्येक 15 दिन में कार्य की गुणवत्ता का आंकलन और कार्य की प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण मंत्री ने ओव्हर ब्रिज तेलीबांधा का अवलोकन किया और 03 विंग मार्च के प्रथम सप्ताह तक तथा 2 विंग मई प्रथम सप्ताह तक पूर्ण करने के साथ ही 15 मई 2021 तक पूर्ण रूप से यातायात प्रारंभ करने और सावधानी एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने फाफाडीह में निर्माणाधीन कार्य की गुणवत्ता का आंकलन प्रतिवेदन प्रत्येक 15 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस ब्रिज को चार एजेंसियां-एन.आई.टी., लोक निर्माण, सी.जी.आई.आर.डी.सी. की टेक्निकल टीम एवं निर्माण एजेंसी की टेक्निकल टीम गंभीरता पूर्वक गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं।

मंत्री श्री साहू ने तेलघानी नाका में निर्माणाधीन अंडर ब्रिज आसपास लोगों की सुरक्षा व्यवस्था, गुणवत्ता का नियमित रूप से लैब टेस्ट कराने तथा कार्य में गति लाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में कार्य की प्रगति प्रतिवेदन प्रमुख अभियंता को प्रस्तुत करने और जून 2021 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लालपुर ओव्हर ब्रिज का अवलोकन किया और वर्क ऑर्डर, कार्य प्रारंभ, समय-सीमा में वृद्धि तथा सबलेट से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने और साइड पर टेंडर डाक्यूमेंट का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य मानक स्तर पर नहीं होने के कारण अस्थायी तौर पर काम राकते हुए संबंधित निर्माण एजेंसी को चेतावनी पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, राज्य गृह निर्माण मंण्डल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, प्रमुख अभियंता श्री व्ही. के. भतपहरी सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।
भिलाई | कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदलने में निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थान कोई कमी नहीं कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार श्री शंकराचार्य इंस्ट्टियूट ऑफ मेडिकल सांईन्सेस हास्पिटल्स जुनवानी भिलाई ने स्व. श्रीमती कमला दुबे भिलाई निवासी जो तीन दिन पूर्व कोरोना पॉजीटिव मरीज के रूप में भर्ती हुई थी । उनके परिजन अल्का दुबे से अग्रिम राशि प्रथम बार 50 हजार रूपये एवं कमला दुबे की मृत्यु की उपरांत 78 हजार रूपये कुल जमा 1,28,000 रूपये की वसूली कर शासन के द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया।
रायपुर | छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक (उच्च शिक्षा विभाग) परीक्षा-2019 की लिखित परीक्षा में अनुपस्थित छात्र के साक्षात्कार हेतु चिन्हांकन, 105 प्रश्नों के विलोपन तथा दुर्ग जिले के एक ही परीक्षा केंद्र के लगभग 88 अभ्यार्थियों के चिन्हांकन संबंधी शिकायतों को निराधार बताया है। आयोग ने कहा है कि सहायक प्राध्यापक परीक्षा में अनुपस्थित छात्र के चिन्हांकन संबंधी शिकायत की जांच में शिकायत-पत्र निराधार पाए जाने पर उसे नस्तीबद्ध किया जा चुका है। इसी तरह 2450 प्रश्नों में से 105 प्रश्नों का विलोपन विभिन्न कारणों से किया गया, जोकि किसी भी आयोग या संस्था की एक सतत् प्रक्रिया है। इसी तरह एक ही परीक्षा केंद्र से 88 अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की बात भी पूर्ण रूप से निराधार एवं असत्य है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 5 नवम्बर 2020 से 8 नवम्बर 2020 तक आयोजित सहायक प्राध्यापक (उच्च शिक्षा विभाग) परीक्षा 2019 की लिखित परीक्षा के घोषित परीक्षा परिणाम में सहायक प्राध्यापक हिन्दी साहित्य में अनुपस्थित अनुक्रमांक वाले अभ्यर्थी का चिन्हांकन करने की शिकायत जांच में पूर्णतः निराधार एवं तथ्यहीन पायी गयी है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जानकारी दी गयी है कि सहायक प्राध्यापक (उच्च शिक्षा विभाग) परीक्षा 2019 के लिखित परीक्षा परिणाम 19 जनवरी 2021 को जारी किया गया है। उक्त परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थी श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल ने सहायक प्राध्यापक हिन्दी साहित्य में अनुपस्थित अनुक्रमांक वाले अभ्यर्थी का चिन्हांकन किये जाने के संबंध में शिकायत की थी। आयोग द्वारा उक्त शिकायत पर 01 फरवरी 2021 को अभ्यर्थी एवं संबंधित परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्षों एवं वीक्षकों को समक्ष में आहूत कर प्रकरण की जांच की गई। शिकायत में अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा कक्ष में वीडियोग्राफी कराये जाने तथा अपने पीछे के अभ्यर्थी को अनुपस्थित होना बताया है।
इस संबंध में लोक सेवा आयोग द्वारा बताया गया है कि अभ्यर्थी का रोल नंबर 190204103691 है तथा परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष द्वारा दिये गये सीटिंग प्लान, उपस्थिति पत्रक में वीक्षकों एवं केन्द्राध्यक्ष द्वारा प्रमाणित की गयी उपस्थिति के आधार पर उसके पीछे का अनुक्रमांक 190204103692 है न कि 190204103693। केन्द्राध्यक्ष एवं वीक्षकों द्वारा बयान में भी कक्ष में वीडियोग्राफी नहीं कराये जाने का स्पष्ट उल्लेख है। अतएव उपरोक्त आधारों पर आयोग द्वारा साक्षात्कार हेतु चिन्हांकित लिखित परीक्षा परिणाम में अनुपस्थित अभ्यर्थी का रोल नंबर नहीं दर्शाया गया है। अनुक्रमांक 190204103692 वाले अभ्यर्थी का चिन्हांकन सूची में नाम नहीं है क्योंकि वह परीक्षा में अनुपस्थित था। साक्षात्कार हेतु चिन्हांकित सूची में उपस्थित अभ्यर्थी अनुक्रमांक 190204103693 का ही नाम सम्मिलित है। अतः उक्त आधार पर शिकायत पत्र पूर्णतः निराधार एवं तथ्यहीन होने के कारण शिकायत पत्र को नस्तीबद्ध किया गया है।
इसी प्रकार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक परीक्षा में लगभग 105 प्रश्नों के विलोपन के संबंध में बताया है कि सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2019 में कुल 24 विषयों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रत्येक विषय में 100 प्रश्न संबंधित विषय तथा 50 प्रश्न छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान से संबंधित थे। इस प्रकार सहायक प्राध्यापक परीक्षा में कुल 2450 प्रश्न थे। इतने प्रश्नों में लगभग 105 प्रश्नों का विलोपन विभिन्न कारणो ंसे किया गया, जिसमें प्रश्न गलत हैं या प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर का है या प्रश्न के सारे उत्तर विकल्प गलत है या प्रश्न के एक से अधिक उत्तर विकल्प सही है या प्रश्न के हिन्दी/अंग्रेजी अनुवाद में तथ्यात्मक भिन्नता शामिल है।
लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आयोग अथवा संस्था से आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों का विलोपन होना एक सतत प्रक्रिया है। प्रश्न के विलोपन को न्यून से न्यून किये जाने के प्रयास निरंतर हो रहे है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं अन्य आयोगों में बहुविकल्पीय परीक्षाओं में एक प्रश्न के यदि एक से अधिक संभावित उत्तर होते है वहां पर सभी उत्तरों को सही मानकर मूल्यांकन किया जाता है जबकि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में किसी प्रश्न के केवल एक ही उत्तर सही होने पर प्रश्न को सही मान्य किया जाता है। इस हेतु आयोग में प्रश्नों के विलोपन की संख्या अधिक परिलक्षित होती है। यहां पर उल्लखेनीय है कि प्रश्नों के विलोपन से किसी अभ्यर्थी विशेष को अंकों की कोई हानि नहीं होती है बल्कि परीक्षा में सम्मिलित समस्त अभ्यर्थियों को उस विलोपित प्रश्न के अंक को शेष प्रश्नों के अंक में जोड़ दिये जाने से प्रति प्रश्न के अंकों में वृद्धि होती है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक परीक्षा के परीक्षा परिणाम में दुर्ग जिले के एक ही परीक्षा केन्द्र से लगभग 88 अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की बात को पूर्णतः निराधार और असत्य बताया है। लोक सेवा आयोग ने जानकारी दी है कि अंग्रेजी में दुर्ग जिले के दो परीक्षा केन्द्रों में 348 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 47 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। अंग्रेजी में परीक्षा केन्द्र क्रमांक-2001 में 200 अम्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 25 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2002 में 148 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 22 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए।
भौतिक शास्त्र विषय में दो परीक्षा केन्द्रों में 493 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 51 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं, इनमें से परीक्षा केन्द्र क्रमांक-2002 में 250 प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 30 अम्यर्थी और परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2003 में 243 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 21 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
गणित विषय में दो परीक्षा केन्द्रों में 428 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 24 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2001 में 228 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 9 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए तथा परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2006 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 15 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
रसायन शास्त्र विषय में परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2005 में 124 प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 7 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए, परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2006 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें 19 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए, परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2007 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 21 अम्यर्थी और परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2008 में 93 प्रवेश पत्र जारी किए गए जिनमें 7 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसी प्रकार रसायन शास्त्र विषय में इन चार केन्द्रों में 617 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 54 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए है।
प्राणी शास्त्र विषय में दुर्ग जिले के दो परीक्षा केन्द्रों में 270 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 55 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2006 में 150 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें से 29 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसी प्रकार परीक्षा केन्द्र क्रमांक-2025 में 120 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 26 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
वाणिज्य विषय में 4 परीक्षा केन्द्रों में 764 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 70 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए है। परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2006 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें से 22 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए है, परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2025 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 15 अम्यर्थी, परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2028 में 200 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 20 अम्यर्थी और परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2031 में 164 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 13 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
वनस्पति शास्त्र विषय में दो परीक्षा केन्द्रों में 385 प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें 76 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें से परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2002 में 250 प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें 56 अम्यर्थी और परीक्षा केन्द्र क्रमांक 2025 में 135 प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें 20 अम्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने लगातार नए जतन कर रही है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से अस्पताल अब खुद लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ गांवों और वनांचलों के हाट-बाजारों में लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हाल ही में 28 जनवरी को अपने कांकेर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के लिए आठ नए एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई थी। कांकेर जिले के हाट-बाजारों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने कोयलीबेड़ा विकासखण्ड में दो तथा शेष विकासखण्डों में एक-एक नए एम्बुलेंस भेजे गए थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने एक करोड़ 54 लाख रूपए की लागत से कांकेर जिले के लिए आठ नए एम्बुलेंस खरीदे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल टीम ने इन एम्बुलेंस की सहायता से 28 जनवरी से 3 फरवरी के बीच सात दिनों में ही 18 हाट-बाजारों में 382 लोगों का इलाज किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दौरान चारामा, दुर्गकोंदूल और कोयलीबेड़ा विकासखंड के चार-चार, नरहरपुर और कांकेर के दो-दो तथा अंतागढ़ एवं भानुप्रतापपुर के एक-एक हाट-बाजार में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
मोबाइल मेडिकल टीमों ने इन नई एम्बुलेंस का उपयोग कर पिछले एक सप्ताह में दुर्गकोंदूल विकासखंड में 130, कोयलीबेड़ा में 53 अंतागढ़ में 48, कांकेर में 45, भानुप्रतापपुर में 42, चारामा में 35 और नरहरपुर में 29 लोगों का उपचार कर दवाईयां प्रदान की हैं। इस दौरान कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुलांगी, छोटेबेटिया, ऐसेबेड़ा और मायापुर (पीव्ही-18), चारामा के मैनपुर, गांडागौरी, भिलाई और टिकरापारा, दुर्गकोंदूल के झिटकाटोला, तरईघोटिया, हाटकोंदल और कराकी, नरहरपुर के मांडाभर्री एवं बादल, कांकेर के माकड़ीखुना व देवरी तथा अंतागढ़ के किसेकोड़ो और भानुप्रतापपुर के तरांदुल हाट-बाजार में स्थानीय लोगों की निःशुल्क जांच एवं उपचार कर दवाईयां दी गईं।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी श्री आर्यवीर ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में ’छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ टूर्नामेंट’ का आयोजन किया जा रहा है। नवा रायपुर के सेक्टर 24 स्थित मेफेयर गोल्फ कोर्स में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या मार्च माह में इस टूर्नामेंट का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में शामिल होने का आग्रह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से किया। रायपुर स्थित गोल्फ कोर्स के संस्थापक श्री महेश वाधवानी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस आयोजन के लिए श्री आर्यवीर और श्री वाधवानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
श्री आर्यवीर ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं गोल्फ के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। टूर्नामेंट में भारत, जापान और कोरिया जैसे देशों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। रायपुर गोल्फ कोर्स के संस्थापक श्री महेश वाधवानी ने बताया कि इस टूर्नामेंट में विभिन्न देशों की एम्बेसी के प्रतिनिधि, बिजनेस कम्युनिटी और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज भी शामिल होंगे। इस तरह इस टूर्नामेंट के साथ ही इन्वेस्टमेंट मीट का भव्य आयोजन होगा, जिससे राज्य में निवेश के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।















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