रायपुर | सोशल मीडिया पर महिलाओं व बच्चों का अश्लील वीडिय़ों शेयर करने पर खरोरा पुलिस ने जांच के बाद मोबाईल फोन धारक के खिलाफ अपराध कायम किया है।
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राम वनगमन पर्यटन परिपथ परियोजना राज्य सरकार की एक महती योजना है। भगवान राम का जीवन जनमानस से जुड़ा है, इसलिए इस परियोजना के लिए लोगो का डिजाइन जनमानस से आमंत्रित की गई है।

रायपुर | छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बुधवार को मीडिया को जारी अपने बयान में कहा कि राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव जैसे कोई स्थिति नहीं है, बल्कि प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता राज्यपाल को ढाल बनाकर अपना राजनैतिक रोटी सेकने का प्रयास कर रहे है।
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रायपुर | तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से अलग-अगल थानाक्षेत्र में चार लोगों की मौत हो जाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज की गई है।


रायपुर | राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महिलाओं को मजबूत करने के लिए अनेक आयामों पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त व स्वावलंबी बनाने स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मल्टी-यूटिलिटी सेंटर और गौठानों में जगह व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिहान की विभिन्न गतिविधियों से प्रदेश की महिलाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। आमदनी बढ़ने से परिवार की माली स्थिति अच्छी होने के साथ बच्चों की बेहतर परवरिश और पढ़ाई-लिखाई भी हो रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा टिकाऊ (Sustainable) कृषि को बढ़ावा देने के लिए संचालित समुदाय आधारित संवहनीय कृषि परियोजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से तीन लाख 76 हजार महिलाएं खेती और पशुपालन कर रही हैं। इन कार्यों में सहायता और मार्गदर्शन के लिए 4110 कृषि सखी एवं 4052 पशु सखी को प्रशिक्षित किया गया है। महिला किसानों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन एव विपणन के लिए पांच कृषक उत्पादक संगठन भी बनाए गए हैं। इनमें दस हजार 394 उत्पादकों को जोड़ा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में इन संगठनों द्वारा अब तक कुल एक करोड़ 62 लाख रूपए का व्यवसाय किया जा चुका है।

बिहान द्वारा संचालित स्टार्ट-अप विलेज उद्यमिता कार्यक्रम SVEP से 7901 महिला उद्यमी स्वरोजगार कर रही हैं। इसके माध्यम से ईंट बनाने के काम में लगीं महिलाओं द्वारा अब तक पांच करोड़ 65 लाख ईंटों का निर्माण किया गया है। इन ईंटो का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों और विभिन्न शासकीय भवनों में किया जा रहा है। मकान बना रहे ग्रामीण एवं निजी ठेकेदार भी इनसे ईंटों की खरीदी कर रहे हैं। प्रदेश भर में स्वसहायता समूहों की महिलाएं गौठानों में भी व्यापक स्तर पर रोजगारपरक गतिविधियों में लगी हुई हैं। बड़े पैमाने पर वर्मी कंपोस्ट के निर्माण के साथ वे बकरीपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन, सब्जियों की खेती जैसे कृषि से संबद्ध व्यवसाय के साथ ही रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों जैसे साबुन, अगरबत्ती, दोना-पत्तल, गमला, दीया, गुलाल जैसी सामग्रियां बना रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाएं ईंट, सीमेंट पोल, पेवर-ब्लॉक और चैनल-लिंक फेंसिंग बनाने के साथ ही कैंटीन संचालन, सेनेटरी नैपकिन निर्माण, हस्त शिल्प, रेडी-टू-ईट निर्माण, हाट-बाजारों के संचालन, मछली पालन और सिलाई जैसे कार्यों में भी लगी हुई हैं। रायपुर जिले के सुरभि क्लस्टर की 50 महिलाओं ने नवा रायपुर की सड़कों की साफ-सफाई का काम लिया हुआ है। वे यहां की 75 किलोमीटर सड़कों की सफाई करती हैं। स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य एवं जिले के मुख्य बाजारों में 125 बिहान बाजारों की स्थापना की जा रही है। इनका संचालन समूह की महिलाएं खुद करेंगी।
बिहान से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार के लिए सर्वसुविधायुक्त मल्टी-यूटिलिटी सेंटर (एकीकृत सुविधा केंद्र) स्थापित किए गए हैं। विभिन्न जिलों में अब तक स्थापित ऐसे 13 केंद्रों में महिलाएं 90 तरह की आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इन केंद्रों में 145 समूहों की 1014 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। चप्पल, एल.ई.डी. बल्ब, मास्क, जूट बैग, गारमेंट सिलाई, मोमबत्ती, अगरबत्ती, धूपबत्ती, पेंसिल, साबुन, वाशिंग पावडर, दोना-पत्तल, ट्री-गार्ड, बेकरी आइटम, मशरूम उत्पादन, मोती की खेती, लाख ज्वेलरी, चूड़ी-कंगन, फेस-शील्ड, मछलीपालन, नर्सरी, गमला, पेवर-ब्लॉक, फ्लाई-एश ब्रिक्स, चैन लिंक फेंसिंग, आरसीसी फेंसिंग, सीमेंट पोल, फिनाइल, बांस के समान, कोसा धागाकरण, हथकरघा, सब्जी उत्पादन, मसाला, गुलाल, हैंडवाश, सेनेटरी नैपकिन, पेपर फाइल, लिफाफा, बैग, राखी जैसे विविध उत्पाद वहां तैयार किए जा रहे हैं।
स्वसहायता समूहों की महिलाएं बैंक सखी के रूप में कार्य कर बैंकिंग सेवा की कमी वाले इलाकों में लोगों को नगद राशि उपलब्ध कराने का काम भी कर रही हैं। वे गांव-गांव में पहुंचकर मनरेगा मजदूरी, पेंशन और छात्रवृत्ति की राशि हितग्राहियों के हाथों तक पहुंचा रही हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को उनके घर तक जाकर बैंक सखी रकम दे रही हैं। मनरेगा कार्यस्थलों पर जाकर भी वे मजदूरों को उनके खाते में आई मजदूरी का भुगतान करती हैं। प्रदेश भर में अभी 2069 बैंक सखी काम कर रही हैं। 1500 नई बैंक सखियों का चयन और प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। कोरोना महामारी के दौरान 1 अप्रैल से 15 अगस्त 2020 तक बैंक सखियों द्वारा 13 लाख 57 हजार ट्रांजैक्शन्स कर 232 करोड़ 19 लाख रूपए का लेन-देन किया गया है। प्रदेश की 285 महिला समूह भी बैंक सखी की सेवाओं का उपयोग कर बैंकों से डिजिटल लेन-देन कर रही हैं।
स्वसहायता समूहों की महिलाएं प्रदेश में कोरोना प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरोना काल में विभिन्न समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित 47 लाख 14 हजार मास्क की बिक्री हुई है जिससे उन्हें पांच करोड़ 70 लाख रूपए मिले हैं। वहीं 19 हजार 615 लीटर सेनिटाइजर के विक्रय से महिला समूहों को 68 लाख 64 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं। मास्क बनाने के काम में प्रदेश भर की 2274 समूहों की 8526 महिलाएं लगी हुई हैं। अलग-अलग जिलों की 68 महिला समूहों की 474 महिलाएं सेनिटाइजर बना रही हैं।
कोरोना काल में आंगनबाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पोषण आहार पहुंचाने में भी बिहान की महिलाओं ने सक्रिय सहयोग दिया है। ये महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बस्तर जिले में 90 हजार 042 बच्चों तक नियमित रेडी-टू-ईट पहुंचा रही हैं। कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों में बिहान मार्ट के माध्यम से समूह की महिलाएं मास्क, राशन, हरी सब्जियां, दवाईयां इत्यादि की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करा रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं गांवों में कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में जन-जागरूकता फैलाने में भी जुटी हुई हैं। वे हाथ धुलाई के सही तरीके का प्रदर्शन कर, दीवार लेखन, रंगोली, व्हाट्स-अप इत्यादि के माध्यम से ग्रामीणों को लगातार जागरूक और शिक्षित कर रही हैं।
बिलासपुर | बिलासपुर हाईकोर्ट में आज से दशहरा अवकाश शुरू हो रहा है। इसके चलते 26 अक्टूबर तक हाईकोर्ट बंद रहेगा। कोरोना काल में हाईकोर्ट में इन दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है। वही अति आवश्यक मामले ही नियमित बेंच में सुने जा रहे हैं।
नवरात्रि व दशहरा पर्व के चलते 21 से 26 अक्टूबर तक हाईकोर्ट में अवकाश घोषित किया गया है। अब 27 अक्टूबर से कोरोना के नियमों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अवकाश के दौरान रजिस्ट्री विभाग व महाधिवक्ता कार्यालय भी बंद रहेगा, जिसके चलते नई याचिकाएं दाखिल नहीं की जा सकेंगी।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सरकार प्रयासों के फलस्वरूप अधिशेष चावल से एथेनाॅल उत्पादन की दर 54 रूपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित करने के निर्णय के लिए धन्यवाद दिया है साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों से खरीदे गए अधिशेष धान को सीधे एथेनाॅल संयत्रों को जैव ईधन उत्पादन की अनुमति प्रदान करने की मांग भी की है, जिससे राज्य में लगने वाले एथेनाॅल संयंत्रों को किसानों द्वारा सीधे धान का विक्रय किया जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय जैव नीति 2018 एवं उसके लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में जैव ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथेनाॅल उत्पादन की अनुमति के लिए विगत 18 माह से लगातार प्रयास किए गए।
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राज्य शासन के इन प्रयासों के फलस्वरूप आपके द्वारा लिए गए निर्णय के लिए अनुसार तेल वितरण कंपनियों द्वारा अधिशेष चाॅवल (एफसीआई के गोदाम के माध्यम से प्राप्त) से एथेनाॅल उत्पादन की दर 54 रूपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। इस निर्णय हेतु आपको कोटि-कोटि धन्यवाद।
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मुख्यमंत्री ने लिखा है कि- राज्य शासन की मांग है कि राज्य के किसानो से खरीदे गए अतिशेष धान को सीधे एथेनाॅल संयत्रोें को जैव ईधन उत्पादन हेतु अनुमति प्रदान की जाए, इससे राज्य में लगने वाले एथेनाॅल संयत्रों को किसानों द्वारा सीधे धान का विक्रय किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि अतिशेष धान से सीधे एथेनाॅल उत्पादन की अनुमति राज्य के किसानो की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
बिलासपुर । मरवाही चुनाव के दौरान जोगी परिवार के जाति प्रमाणपत्र संबंधी मामले की शिकायत अब हाईकोर्ट पहुँच गई है। संतकुमार नेताम ने हाईकोर्ट में कैविएट याचिका पेश किया है। मुख्य शिकायतकर्ता संतकुमार नेताम ने अपने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव व संदीप दुबे के जरिए याचिका दाखिल की है।
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गौरतलब है कि बीते 16 अक्टूबर को अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र को राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने निरस्त किया था। अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र मुंगेली जिले के जिला स्तरीय छानबीन समिति ने 15 अक्टूबर को निलंबित किया था। वहीं, आगामी आदेश तक प्रमाण पत्र के उपयोग को अवैधानिक माना था। इसी आधार पर गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला निर्वाचन अधिकारी ने मरवाही उपचुनाव को लेकर दाखिल किए गए अमित जोगी और रिचा जोगी के नामांकन को निरस्त किया था। संभावना जताई जा रही थी कि अमित जोगी कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन इससे पहले ही आदिवासी नेता संत कुमार नेताम ने कैविएट दाखिल की है।
कांकेर, वन्य प्राणियों की शिकार एवं उनके खालों की तस्करी का मामला पहले भी जिले में आया है, जिस पर समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई भी सामने आती रही है। एक ताजा मामला कांकेर जिले के नरहरपुर तहसील के ग्राम मुरूमतरा में देखने में आया है जहां एक ग्रामीण बारहसिंघा की खाल को अपने घर में छुपा कर रखा था। सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक गोवर्धन ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना नरहरपुर क्षेत्र में हो रहे अवैध तस्करी एवं अन्य असामाजिक कार्यों पर रोक लगाने विशेष दिशा निर्देश जारी किया गया था। थाना प्रभारी नरहरपुर तोबियस खाखा को मुखबिर ने सूचना दी की आरोपी भानुप्रकाश सिन्हा पिता गजानंद सिन्हा मुरुमतरा अपने घर के बारहसिंगा की खाल छुपा कर रखा है। इसकी सूचना पर स्टाफ गोवर्धन कोर्राम, नीलेश साहू, दिनेश कांगे, महेंद्र चनापे के सूचना की तस्दीक करने पहुंचे। घटना स्थल आरोपी का मकान पहुंचकर धारा 91 जा. फौ. का नोटिस जारी किया गया एवं आरोपी से अवैध खाल रखने के सम्बन्ध मे वैधानिक दस्तावेज पेश करने को कहा गया, किन्तु आरोपी के द्वारा दस्तावेज नहीं होना बताया तदपश्चात तलाशी लेने हेतु अनुमति आरोपी से प्राप्त किया गया। इसके बाद आरोपी के मकान की तलाशी ली गयी, तलाशी के दौरान आरोपी के द्वारा एक अन्य वन्यजीव की खाल कमरे से निकालकर पेश करने पर गवाहों के समक्ष बरामद की गयी एवं गवाहों से खाल की पहचान कराई गयी। जिन्होंने खाल बारहसिंगा का होना जाहिर किया। इसके बाद विधिवत खाल की जप्ती गवाहों के समक्ष की गयी। आरोपी को पर मौके पर ही गिरफ़्तारी का कारण बताते हुए विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ़्तारी की सूचना उनके परिजनों को दी गयी। आरोपी का यह कृत्य अपराध धारा 39, 44, 51 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का पाए जाने से असल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया एवं आरोपी भानुप्रकाश सिन्हा पिता गजानंद सिन्हा मुरुमतरा थाना नरहरपुर को न्यायालय रिमांड पर भेजा गया।
बेमेतरा। कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी शिव अनंत तायल ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर कहा है, कि बेमेतरा जिला अंतर्गत सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान धुमाल/बैण्ड पार्टी बजाने की अनुमति निम्नलिखित शर्तो के अधीन दी जाती है:-
धुमाल/बैण्ड पार्टी बजाने वालों की कुल संख्या 10 लोगों से ज्यादा नहीं होगी। धुमाल/बैंड पार्टी में केवल बैण्ड के बजाने की अनुमति होगी। साउण्ड बॉक्स बजाने की अनुमति नहीं होगी। धुमाल/बैण्ड किसी भी सार्वजनिक रोड पर नहीं बजाया जाएगा। केवल कार्यक्रम के नियत स्थान पर बजाने की अनुमति अधिकतम समय रात 10:00 बजे तक के लिए मान्य होगी। जिस क्षेत्र में धुमाल/बैण्ड बजाया जाना है, उसके पूर्व उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को पूर्व सूचना देना होगा। धुमाल/बैण्ड बजाते समय उसमे सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को भारत सरकार/राज्य शासन की ओर से कोरोना वायरस के नियंत्रण और रोकथाम के लिए जारी समस्त निर्देशों का पालन किया जाना होगा।
धुमाल/बैण्ड के बजाने वालों में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को थर्मल स्क्रीनिंग कराया जाना, मास्क पहनना, समय-समय पर हैंड सेनेटाईजर का उपयोग करना, फिजिकल डिस्टेंसिंग तथा सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात व्यक्तियों के मध्य कम से कम दो मीटर/06 फीट दूरी रखना अनिवार्य होगा। धुमाल/बैण्ड बजाते समय एन.जी.टी. और शासन के द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानको कोलाहाल अधिनियम, भारत सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा। यदि उपरोक्त शर्तो का उल्लंघन करना पाया जाता है, तो सम्पूर्ण जिम्मेदारी धुमाल/बैण्ड पार्टी के प्रबंधक की होगी तथा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कायर्वाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) के मुद्दे नजर इस साल लाइव रॉकर्स वर्चुअल गरबा का आयोजन किया जा रहा है। जिसका आयोजन 24 अक्टूबर 2020 दिन शनिवार शाम 8 बजे से 10 बजे तक किया जाना है। इससे जुड़े कुछ दिशा निर्देश भी दिए गए है-

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रायपुर | धान में किसानो को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुचाना हमारी पहली प्रथमिकता हैं । केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के धान खरीदी में हमारे द्वारा तय की गई कीमत से कम रुपए में धान खरीदी की शर्तें रखी थी । फिर भी हमने छत्तीसगढ़ के किसानों को किये वादे पूरे किया। उक्त बातें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आज आयोजित राजीव भवन में पत्रकारों को सम्भोधित करते हुए कहा ।
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रायपुर | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना से गांवों में लगातार सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना से लोगों को न सिर्फ काम मिला है बल्कि उनके लिए आर्थिक विकास के कई रास्ते खुलने लगे हैं। इसकी एक बानगी कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बॉसकुण्ड के आश्रित ग्राम बनौली में दिखाई देती है जहां स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब लाखों का लाख उत्पादन कर रही हैं।
जिला पंचायत के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच लाख की खेती को बढ़ावा देकर आजीविका के साधनों को बढ़ाने व प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में मनरेगा से बिहान की राधा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुमित्रा कुरेटी को 2 एकड़ जमीन में 4 हजार सेमियलता के पौधे रोपण के लिए दिया गया था। सेमियलता के पौधे से समूह ने पहली बार में ही 35 हजार रूपये का लाख उत्पादन कर आमदनी प्राप्त की। जिला पंचायत के सीईओ डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन व निर्देशन में समूह की महिलाओं को कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर से प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा उन्हे बिहान के माध्यम से बैंक लिंकेज कराकर ड्रीप सुविधा उपलब्ध कराया गया।
इसके पश्चात् दूसरे वर्ष राधा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 4 हजार सेमियलता के पौधे में लाख की खेती से एक लाख 74 हजार रूपये की नगद आमदनी प्राप्त हुई। समूह की महिलाओं ने पहले साल में 02 क्विंटल लाख का उत्पादन किया, वहीं दूसरे साल उसी लाख के बीज से 06 क्विंटल लाख का उत्पादन कर 01 लाख 74 हजार 150 रूपये की आमदनी प्राप्त की। इस प्रकार समूह की महिलाओं ने अपनी मेहनत व लगन से लाख पालन कर वनांचल ग्राम बनौली की बंजर व पथरीली धरती की किस्मत बदल दी है। ग्राम पंचायत बॉसकुण्ड की सरपंच श्रीमति पवनबती ने बताया कि लाख उत्पादन से राधा समूह की महिलाओं की आमदनी में वृद्धि हुई इससे गांव के अन्य लोग भी लाख उत्पादन हेतु प्रोत्साहित हो रहे है।
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उल्लेखनीय है कि सेमिलयता के पौधे 06 माह में ही बढ़ जाते हैं तथा कम समय में ही पौधा तैयार हो जाता है । इसमें लाख का अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है। कांकेर जिले में मनरेगा के तहत विस्तार करते हुए गौठान, ग्रामों व हितग्राहियों की बाडि़यों में सेमिलयता के पौधे का रोपण कर लाख की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला पंचायत के सीईओ डॉ संजय कन्नौजे ने बताया कि कृषि अनुसंधान केन्द्र कांकेर को मनरेगा में 60 हजार सेमियलता के पौधा रोपण का कार्य दिया गया था। इस वर्ष जिले के 06 गांवो के गोठानो और हितग्राहियों के बाडि़यों मे लगभग 28 एकड़ में लाख पालन का कार्य किया जावेगा। इस मुहिम के द्वारा कोविड 19 के संक्रमण दौर में स्थानीय लोगो को आय का जरिया उपलब्ध कराने और स्व-रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रायपुर | स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में रासायनिक जैविक रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों पर एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। आमतौर पर इस तरह की घटनाएं कार्गो क्षेत्र में हो सकती हैं और इसलिए हवाई अड्डे के कार्गो सेक्शन में अभ्यास किया गया था। मॉक ड्रिल में चार एजेंसियों ने भाग लिया, जिनका नाम राष्ट्रीय आपदा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की फायर विंग है।
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