BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
मुख्यमंत्री साय से क्रेडाई और रियल एस्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की

मुख्यमंत्री साय से क्रेडाई और रियल एस्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की

 इंक्रीमेंटल प्रणाली की समाप्ति और मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए जताया आभार 

 रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में क्रेडाई,रियल एस्टेट और बस्तर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।  उल्लेखनीय है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक कल 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार द्वारा लिए गए उक्त महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।  इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री किरण देव उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

 00 गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय जयंती गुरुपर्व-2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि 18, 19 और 20 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे इस तीन दिवसीय महोत्सव में सतनामी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य उत्सव होगा।

 
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि सतनामी समाज ने सदैव छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि गुरु बाबा घासीदास जी के आदर्श—सत्य, अहिंसा और समानता—समाज को नैतिक शक्ति और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन उत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जयंती पर्व की सराहना करते हुए इसे समाज को एक सूत्र में जोडऩे वाला, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक आयोजन बताया।

 

प्रतिनिधिमंडल में विधायक डोमनलाल कोर्सेवाडा, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर सहित सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष बी. डी. भारद्वाज, उपाध्यक्ष रमेश अनंत, श्रीमती भानुप्रभा जोल्हे, कृष्णा अजगले, तेजेश्वर सिंह रात्रे और रोहित महिलांग उपस्थित थे।
 
मुख्यमंत्री साय से पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पेंशनबाड़ा रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित गुरु पर्व कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।

प्रतिनिधियों ने बताया कि इस अवसर पर राजधानी रायपुर के विभिन्न छात्रावासों—कालाबाड़ी कन्या छात्रावास, शंकर नगर कन्या छात्रावास, आमापारा छात्रावास, डी.डी.यू. छात्रावास, कबीर छात्रावास, प्रयास छात्रावास, देवपुरी छात्रावास सहित अनेक छात्रावासों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार सामाजिक सद्भाव, समरसता और मानव-सेवा की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं मूल्य शिक्षा के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया। प्रतिनिधिमंडल में छात्रावास के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार - उपमुख्यमंत्री शर्मा

कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार - उपमुख्यमंत्री शर्मा

 00 उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों का सम्मान कर साथ किया रात्रि भोज

रायपुर। कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए अपना योगदान देने वाले चिकित्सकों के सम्मान में समारोह का आयोजन उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवर्धा के जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ इस समारोह में शामिल हुए और सभी को साल श्रीफल भेंट कर सम्मानित कर सभी के साथ रात्रि भोज किया। उन्होंने सभी से कवर्धा में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जिले के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सकों को विशेष रूप से सम्मानित किया।

उन्होंने सभी को चिकित्सकों से कवर्धा में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सक आधे भगवान होते हैं किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं, यह काम सेवा भावना से ही किया जा सकता है। यहां कवर्धा के स्थानीय चिकित्सकों के साथ बाहर से आये चिकित्सकों ने भी कवर्धा को अपना कर यहां के लोगों की पूरे मन से सेवा की है जिसके लिए पूरा कवर्धा आपका आभारी है।

उन्होंने बताया कि कवर्धा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 50 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल हेतु 40 पद की स्वीकृति, जिला अस्पताल कबीरधाम में 16.63 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, सिटी स्कैन, अत्याधुनिक इंट्रीगेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, ओटी एवं हमर लैब में पॉवर बैकअप प्रणाली, जिला चिकित्सालय कबीरधाम की क्षमता 100 बिस्तर बढ़ाकर 220 बिस्तर करने एवं इसके लिए 258 नवीन पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेंगाखार को एम्बुलेंस, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में सोनोग्राफी मशीन प्रदान किया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला में रहने हेतु शासकीय आवास, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहसपुर लोहारा में पब्लिक हेल्थ यूनिट का शुभारंभ किया गया है।उपस्वास्थ्य केन्द्र राजा नवागाँव को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तरेगाँव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया गया। सबसे अहम 318.27 करोड़ रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माण की स्वीकृति मिली है जिससे अब कवर्धा मेडिकल हब बनने जा रहा है। यहां महानगरों जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।

उपमुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों को बताया कि आगामी 11 दिसम्बर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा कवर्धा मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित आधार शिला का शिलान्यास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए उन्होंने सभी को आमंत्रित किया।

अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

 रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उडऩदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है।

जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है।

अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

CG Transfer : खनिज साधन विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी…!!

CG Transfer : खनिज साधन विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी…!!

  रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने खनिज साधन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एक साथ विभाग के 22 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।

CG – 4 बच्चों की मौत से बौखलाई मां : जादू टोने के शक में पड़ोसी महिला को कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट

CG – 4 बच्चों की मौत से बौखलाई मां : जादू टोने के शक में पड़ोसी महिला को कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। बलरामपुर में जादू-टोने के शक में हुई एक महिला की हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। एक महिला ने अपनी पड़ोसी महिला की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। उसे शक था पड़ोसी महिला ‘टोनही’ है और वह जादू टोना करती है।

 

 

जादू-टोना के शक में महिला की हत्या

 

 

मामला जिले के कुसमी थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान ग्राम गुटराडीह निवासी सीतापति नगेशिया के रूप में हुई है। जबकि मृतका बुजुर्ग महिला का नाम चंद्रकली नगेशिया 55 वर्ष है। मृतका आरोपी महिला के पड़ोस में रहती थी। टोनही होने और जादू टोना करने के शक में आरोपी महिला ने कुल्हाड़ी से मारकर बेरहमी से जान ले ली। इसके बाद वह एक और महिला की हत्या करने वाली थी।

 

 

 

4 बच्चों की मौत से थी परेशान

 

 

जानकारी के मुताबिक़, पिछले कुछ सालों में सीतापति नगेशिया के 4 बच्चों की मौत हो गयी थी। एक सप्ताह पहले उसके तीसरे बेटे की मौत हुई थी। सभी की जान पेट दर्द और अन्य बीमारियों से गयी थी। चार बच्चों की मौत से वह बेहद मानसिक तनाव में थी। सीतापति को शक था उसकी पड़ोसन चंद्रकली और गाँव की एक और महिला काला जादू करती हैं।

 

 

 

इसी शक में उसने हत्या का ठान लिया और वह कुल्हाड़ी लेकर चंद्रकली यहाँ पहुंच गयी। चंद्रकली बाड़ी में काम कर रही थी। तभी उसने एक के बाद के कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गयी। इसके बाद वह दूसरी महिला को मारने निकल गयी। लेकिन वह घर पर नहीं थी जिस वजह से बच गयी।

 

इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। वहीँ, आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

 

CG – पति ने पहले की पत्नी की हत्या, फिर ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, सुसाइड नोट में लिखा-मैं तुम्हारे बिना…..

CG – पति ने पहले की पत्नी की हत्या, फिर ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, सुसाइड नोट में लिखा-मैं तुम्हारे बिना…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। पति ने पत्नी की हत्या कर खुद भी ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है। मृतक आरोपी के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें मृतक ने लिखा कि मैं अपनी बीबी-बच्चों के बिना नहीं रह सकता, इसलिए मैं भी आत्महत्या कर रहा हूं।

जानिए घटना

जानकारी के मुताबिक, घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है। मृतक का नाम राजेंद्र गुप्ता था और पत्नी का नाम रेखा गुप्ता था। राजेंद्र गुप्ता बिहार का रहने वाला था और रायपुर के खम्हारडीह के चंडी नगर में किराये के मकान में रहता था। साथ ही वेल्डिंग का काम करता था।

आरोपी ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की, फिर खुद भी लभांडी रेलवे पटरी पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू, तेलीबांधा थाना पुलिस व खम्हारडीह पुलिस मौके पर पहुंची है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में मृतक राजेंद्र गुप्ता के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। नोट में मृतक ने लिखा कि ”वह अपनी पत्नी और बच्चों के बिना नहीं रह सकता, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है। उसने यह भी लिखा है कि उसकी पत्नी और उसके मौत के बाद दोनों बच्चों को उसके परिजानों को सौंप दिया जाए।”

मृतक के दो बच्चे हैं। फिलहाल इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, दोनों शव का पंचनामा कर मामले की जांच की जा रही है।

शराब प्रेमियों के लिए खबर: इस दिन छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब की दुकानें

शराब प्रेमियों के लिए खबर: इस दिन छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब की दुकानें

 CG Sharab Dukan Band: छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों के लिए बड़ी काम की खबर है, प्रशासन ने एक दिन सभी शराब दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसके लिए जिला आबकारी अधिकारी को आदेशित किया गया है।

आपकों बता दें कि, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में 18 दिसंबर को प्रमुख समाज सुधारक और सतनामी संप्रदाय के संस्थापक गुरु घासीदास की जयंती के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है। प्रशासन ने प्रदेश के शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है।

 कांकेर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर आगामी 18 दिसम्बर 2025 को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन जिले की समस्त देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों, एफ.एल. 4 (क) व्यवसायिक क्लब एवं एफ.एल.7, सैनिक कैन्टीन को पूर्णतः बंद रखे जाने आदेशित किया गया है। कलेक्टर द्वारा शुष्क दिवस को जिले में अवैध मदिरा संग्रहण, विनिर्माण, परिवहन व विक्रय पर पूर्णतः नियंत्रण रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को आदेशित किया गया है।
CG- बालको प्लांट में ब्लास्ट के साथ ऑयल लीकेज, एक कर्मचारी बुरी तरह झुलसा

CG- बालको प्लांट में ब्लास्ट के साथ ऑयल लीकेज, एक कर्मचारी बुरी तरह झुलसा

  कोरबा - छत्तीसगढ़ में कोरबा के बालको के ग्रीन एनोड प्लांट (GAP) में बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में अचानक धमाके के साथ ऑयल लीकेज होने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक कर्मचारी बुरी तरह झुलस गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

धमाके की आवाज सुनते ही प्लांट में हड़कंप मच गया और सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए। घटना बालको थाना क्षेत्र की है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार मशीनरी में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर बहस पूरी, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर बहस पूरी, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में बहस पूरी हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और चैतन्य बघेल के पक्षों की सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

शराब घोटाला केस में गिरफ्तार चैतन्य बघेल 18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। चैतन्य की ओर से अदालत में ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए राहत की मांग की गई थी। वहीं ईडी ने अपने पक्ष रखते हुए चैतन्य के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर विस्तार से तर्क दिया। इस अहम मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। न्यायालय की तरफ से फैसला सुरक्षित रखने के बाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में फैसले को लकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले: ईडी

शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है।

खर्च के बारे में गलत जानकारी दी

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि चैतन्य बघेल के विल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ईडी ने रिकॉर्ड जब्त किए थे। प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।

अलग-अलग लोगों के माध्यम से चैतन्य तक पहुंचाया पैसा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले का जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा था उसमें एविडेंस मिले हैं, जिसमें चैतन्य बघेल ने बहुत सारे पैसे को लेयरिंग की है। 1000 करोड़ का लेनदेन किया है। पप्पू बंसल ने अपने बयान में खुलासा किया है। शराब के घोटालों के पैसों को चैनलाइज्ड करके चैतन्य बघेल तक पहुंचाया जाता था। लिकर स्कैम का पैसा अनवर ढेबर के जरिए दीपेंद्र चावड़ा फिर वह पैसा केके श्रीवास्तव और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल औ उसके बाद चैतन्य बघेल के पास यह पैसा पहुंचता था। सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले में जिन लोगों का इन्वॉल्वमेंट है उन लोगों के आपस में कनेक्शन है। अनवर ढेबर से मोबाइल चैट और रिकॉर्डिंग मिली है। चैतन्य बघेल तक पैसा पहुंचाया गया है।

पूर्व सीएम के बेटे इसलिए हुई गिरफ्तारी: वकील

बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि पप्पू बंसल के बयान को आधार मानते हुए चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई है जो सही नहीं है। पप्पू बंसल के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट है और वह बाहर घूम रहे हैं। किसके दबाव में उन्होंने इस तरह का बयान दिया है यह आप समझ सकते हैं। रिजवी ने कहा था कि 2022 से शराब घोटाले मामले में जांच चल रही है, और आज चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी तक एक भी समन चैतन्य बघेल को नहीं दिया गया है। मार्च में जब उनके घर में रेड की गई थी, तब उनके सभी डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए थे, जो डॉक्यूमेंट एजेंसी ने मांगी थी, उन्हें सभी डॉक्यूमेंट को चैतन्य के जरिए दिया गया है।

वकील ने कहा था कि ईडी की जांच में चैतन्य बघेल ने लगातार सपोर्ट किया है, जांच में भी शामिल हुए हैं लेकिन एक बार भी उनका बयान नहीं लिया गया। सीधे उनकी अरेस्टिंग की गई है। कानून को ताक पर रखकर चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया है, उनका अपराध सिर्फ यही है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं।

सीरप की बोतल में संदिग्ध वस्तु मिलने का मामला, जांच के लिए नमूने भेजे गए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला

सीरप की बोतल में संदिग्ध वस्तु मिलने का मामला, जांच के लिए नमूने भेजे गए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला

  रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, देवपुरी में कैल्सिड सीरप की एक बोतल के भीतर मांस जैसा पदार्थ पाए जाने संबंधी जानकारी 6 दिसंबर 2025 को विभाग को मिली थी। उक्त प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा तत्काल जांच की कार्यवाही प्रारंभ की गई। रायपुर जिले की संयुक्त जांच टीम के द्वारा दिनांक 07 दिसंबर 2025 को संबंधित कैल्सिड सस्पेंसन 200 एमएल, बैच नं. ALGE 4061, M/D 05/2024, E/D 04/2026 निर्माता एक्टिनोवा प्राइवेट लिमिटेड, बद्दी, हिमाचल प्रदेश का विधिवत नमूना संग्रहण किया गया। संग्रहित नमूनों को आगे की गुणवत्ता की जांच हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होते ही अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशा निर्देश के अनुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के औषधि निरीक्षकों के द्वारा प्रदेश स्तर पर औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश मे सतत् कार्यवाही की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ जन-सामान्य से अपील करता है कि किसी भी संदिग्ध औषधि संबंधी सूचना से हेल्पलाईन नंबर +91-9340597097 पर तत्काल विभाग को अवगत कराएं। ताकि समय पर विभाग द्वारा उचित कार्यवाही की जा सके।

जहाज का संकट मोदी सरकार की एकाधिकार वाली नीति का परिणाम – कांग्रेस

जहाज का संकट मोदी सरकार की एकाधिकार वाली नीति का परिणाम – कांग्रेस

  रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक कंपनी की हठधर्मिता के कारण आज पूरे देश में जहाजों की उड़ान का संकट पैदा हो गया है। यह मोदी सरकार के एक ही कंपनी को एकाधिकार देने की नीति परिणाम है। देश में जब से मोदी सरकार बनी है, मोदी सरकार देश के हर महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निजी उद्योगपतियो के एकाधिकार में सौंप दिया है। प्रतिस्पर्धा में मौजूद तत्कालीन अन्य विमानन कंपनियो की उपेक्षा की गयी है। मोदी सरकार में सरकारी विमान कंपनी इंडियन एयरलाइंस को बेच दिया। 2014 के पहले देश में 5 विमानन कंपनियां काम करती थी, लेकिन मोदी सरकार बनने के बाद आज 97 प्रतिशत भारतीय उड़ानो पर केवल दो कंपनियों का कब्जा है, उसमे भी लगभग 70 प्रतिशत अकेले इंडिगो का है।
देश की जनता को आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद आ रही है। सरकार ने नियम बदला और इंडिगो ने देश की विमानन व्यवस्था को ठप्प कर दिया सरकार बेचारी बनी हुई है। आज इंदिरा गांधी होती तो इंडिगो को उसकी इस धृष्टता की सजा मिल चुकी होती इंडिगो का भारत सरकार अधिग्रहण कर चुका होता इंडिगो के कर्ताधर्ता राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल के सलाखों के पीछे होते। सरकार ने इंडिगो के सामने घुटने टेक कर बता दिया कि वह कितनी कमजोर है।
बैज ने कहा कि विमानन संकट एक चेतावनी है देश में कभी भी इंटरनेट संकट खड़ा हो सकता है सरकार की नीतियों के कारण आज देश का 90 प्रतिशत इंटर नेट केवल दो कंपनियों जियो और एयर टेल के पास है। मोदी सरकार ने सरकारी संचार कंपनी बीएसएनएल को अपनी नीतियो से पीछे धकेल दिया। देश का अधिकांश कोयला पावर सप्लाई पर अंबानी का एकाधिकार है। देश का सारा बंदरगाह, एयरपोर्ट, पावर और कोयला उत्खनन अडानी के कब्जे में है। मोदी सरकार ने पूरे देश की अर्थ व्यवस्था को निजी हाथों में सौप दिया है।

जेल नियमों में होंगे बदलाव, 20 जिला जेलों में नियुक्त होंगे वेलफेयर ऑफिसर

जेल नियमों में होंगे बदलाव, 20 जिला जेलों में नियुक्त होंगे वेलफेयर ऑफिसर

 बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में बढ़ती भीड़ और कल्याण अधिकारियों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सोमवार को राज्य सरकार और जेल महानिदेशक को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए सीजीपीएससी के माध्यम से परीक्षा ली जाएगी। यह भी कहा गया कि पहले वेलफेयर ऑफिसर और प्रोबेशन ऑफिसर के नाम से दो अलग-अलग पोस्ट थीं। अब दोनों पदों को एक साथ मिलाकर प्रोबेशन और वेलफेयर ऑफिसर के नाम से एक सिंगल पोस्ट बनाया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ जेल नॉन-गजटेड III मिनिस्टीरियल और नॉन-मिनिस्टीरियल) सर्विस (क्लास रिक्रूटमेंट) रूल्स, 2022 में बदलाव भी किए गए।

सरकार ने कोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि राज्य में कुल 20 जिला जेल हैं। इन 20 जिला जेलों में नियुक्ति करने के लिए प्रोबेशन एंड वेलफेयर ऑफिसर के 20 नए पद बनाने की ज़रूरत है।लिहाजा इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के आने वाले मुख्य बजट में शामिल किए जाने के बाद, इस पोस्ट को भरने की कार्रवाई शुरू होगी। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य भर में नई जेल बिल्डिंग बनाते समय, अधिकारियों को मॉडल प्रिज़न मैनुअल, 2016 का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए। यह मैनुअल कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेने कहा है। साथ ही डीजीपी प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज़ को विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने कहा है। कोर्ट ने मार्च 2026 में सुनवाई तय की है।

जेलों में क्षमता से 40 प्रतिशत ज्यादा कैदी

हाई कोर्ट ने राज्य की 33 जेलों में क्षमता से करीब 40 प्रतिशत ज्यादा कैदियों की मौजूदगी और कल्याण अधिकारियों की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि हर जिला जेल में वेलफेयर आफिसर की नियुक्ति और अतिरिक्त बैरक का समय पर निर्माण आवश्यक है, ताकि कैदियों को मानक सुविधाएं मिल सकें और भीड़भाड़ की समस्या कम हो। डीजी, जेल एवं सुधार सेवाएं ने अपने शपथपत्र में बताया कि 9 सितंबर 2025 तक 33 जेलों में 14,883 की क्षमता के मुकाबले 21,335 कैदी हैं। भीड़ कम करने के लिए कई जगह अतिरिक्त बैरक का निर्माण जारी है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां

याचिका में कोर्ट को बताया गया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों की कुल क्षमता करीब 15 हजार कैदियों की है, लेकिन इनमें 20 हजार 500 से अधिक कैदी बंद हैं। यह स्थिति न केवल जेलों में भीड़भाड़ बढ़ा रही है, बल्कि कैदियों और जेल प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न कर रही है। शासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि भीड़ कम करने के लिए नए जेलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में बेमेतरा जिले में एक नई जेल का निर्माण पूरा कर लिया गया है.

बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट पेश करने हाई कोर्ट का आदेश

बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट पेश करने हाई कोर्ट का आदेश

  बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर से फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट मांगा था। यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी गई है। अब कोर्ट ने चीफ सिकरेट्री को अपने आदेश का कंप्लायंस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बिलासपुर निगम कमिश्नर को शपथ पत्र में जवाब पेश करने कहा गया है। अगली सुनवाई जनवरी में रखी गई है।

राज्य शासन की ओर से कहा गया है कि मुक्तिधामों के रखरखाव के लिए विस्तृत दिशा- निर्देश जारी कर दिए हैं।

इनमें साफ-सफाई, ग्रीन फेंसिंग या कंटीले तार से बाउंड्री, शेड की मरम्मत, बिजली, पानी और पुरुष-महिला के लिए अलग शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कहा कि गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार संविधान के तहत जीने के अधिकार का हिस्सा है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि हर मुक्तिधाम में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

दरअसल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा 29 सितंबर को बिल्हा के मुक्तिधाम पहुंचे थे। जहां उन्होंने चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी देखी। वे किसी न्यायिक अधिकारी के पिता के निधन पर पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने इस बदहाली पर संज्ञान लिया। बीते सुनवाई में मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और कलेक्टर बिलासपुर ने इस मामले में अपने-अपने शपथपत्र (हलफनामा) प्रस्तुत किया था। साथ ही, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और शहरी प्रशासन विभाग ने 6 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में राज्यव्यापी निर्देश जारी किए हैं। इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल निर्देश जारी करने से काम नहीं चलेगा।

मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं

ध्यान रहे कि चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा 29 सितंबर को रहंगी में एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने मुक्तिधाम की अव्यवस्था देखकर हैरानी जताई थी। मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थी। यहां पहुंचने कोई रास्ता भी नहीं था। पानी, बैठने के कोई इंतजाम भी नहीं दिखे। जिस पर हाईकोर्ट ने इस अव्यवस्था को जनहित याचिका मानकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद रहंगी मुक्तिधाम की दशा पर बिलासपुर कलेक्टर ने शपथ पत्र दिया। इसमें बताया गया कि रहंगी मुक्तिधाम में तुरंत सुधार कार्य किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने हॉल को खाली कर प्रतीक्षालय में बदला गया है। पीने के पानी की व्यवस्था की गई है और अंतिम संस्कार प्लेटफॉर्म की मरम्मत कराई गई। इसके अलावा मुख्य सड़क से मुक्तिधाम तक सीसी रोड बनाने के लिए 10 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है।

कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ का निधन: मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस, रायपुर में शोक की लहर

कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ का निधन: मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस, रायपुर में शोक की लहर

  रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ नहीं रहे। मुंबई में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। हाल ही में उनका वहां ऑपरेशन हुआ था। मगर वो सक्सेस नही हो पाया। सुभाष धुप्पड़ रायपुर के जाने माने नेता थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के वे बेहद करीबी रहे। उनके अचानक देहावसान की खबर से लोग हतप्रभ रह गए।

सुभाष धुप्पड़ रायपुर की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ शहर के विकास में अहम भूमिका निभाई। रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने शहर के कई अहम् विकास कार्यों की नींव रखी। कांग्रेस संगठन में उनकी मजबूत पकड़, जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा जुड़ाव और सरल व्यक्तित्व की वजह से उन्हें खास सम्मान प्राप्त था।

 साइबर ब्लैकमेल का खौफनाक रूप: नाबालिग का वीडियो बनाकर किया शोषण, आरोपी गिरफ्तार

साइबर ब्लैकमेल का खौफनाक रूप: नाबालिग का वीडियो बनाकर किया शोषण, आरोपी गिरफ्तार

  बिलासपुर| छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसमें 19 वर्षीय युवक ने तकनीक और दोस्ती—दोनों का गलत इस्तेमाल करते हुए 16 साल की नाबालिग छात्रा का शोषण किया। आरोपी ने पहले जबरन उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड की, फिर उसे हथियार बनाकर दुष्कर्म किया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने निजी वीडियो को वायरल कर पीड़िता को मानसिक प्रताड़ना भी दी, जो आज के समय में सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खतरनाक स्तर को दर्शाती है। पुलिस के अनुसार, घटना सिर्फ शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह साइबर अपराध का भी गंभीर केस है।

वीडियो वायरल होने पर टूटी चुप्पी, परिवार पहुंचा थाने
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने लगे, पीड़िता के परिवार को पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। परिजन तुरंत सिविल लाइन थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी राजबीर दास उर्फ राज मानिकपुरी (19) को जरहाभाठा मिनी बस्ती से गिरफ्तार कर लिया।

अक्तूबर से चल रहा था शोषण का सिलसिला
जांच में पता चला कि आरोपी अक्टूबर में जब पीड़िता घर पर अकेली थी, तब उसके घर पहुंचा और जबरन KISS कर वीडियो बना लिया। इसी वीडियो के नाम पर वह लड़की पर दबाव बनाता रहा। 17 अक्टूबर को उसने उसे नया बस स्टैंड, सिरगिट्टी ले जाकर दुष्कर्म किया और उसकी भी रिकॉर्डिंग कर ली।

UP में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच के लिए SIT गठित, अबतक 32 गिरफ्तार

UP में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच के लिए SIT गठित, अबतक 32 गिरफ्तार

 उत्तरप्रदेश :- उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच ज़िलों में कोडीन-आधारित कफ सिरप और नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री की जांच के लिए सोमवार को एक महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की। प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार इस मामले को "बेहद गंभीरता" से ले रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक एसआईटी गठित की जा रही है। प्रसाद ने बताया, "जांच के लिए एक आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जा रही है। एसआईटी में खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्राधिकरण (एफडीएसए) के अधिकारी भी शामिल होंगे।" 

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि अब तक की जांच में प्रमुख "सुपर स्टॉकिस्ट" के एक नेटवर्क का पर्दाफ़ाश हुआ है जो कथित तौर पर कोडीन-आधारित सिरप के अवैध लेन-देन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पांच प्रमुख ‘सुपर स्टॉकिस्ट' की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि उनमें से तीन वाराणसी से शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल, सहारनपुर से विभोर राणा और गाजियाबाद से सौरभ त्यागी को पहले ही गिरफ्तार किया गया है तथा दो और ‘सुपर-स्टॉकिस्ट' जांच के दायरे में हैं और कार्रवाई जारी है। कृष्ण के अनुसार, राज्य में तस्करी की गई कफ सिरप की भारी बरामदगी हुई है। 

डीजीपी ने कहा,‘‘अब तक लगभग 3.5 लाख बोतलें बरामद की जा चुकी हैं, जिनकी कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये है। हमने अब तक इस अवैध व्यापार से जुड़े कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है।” कृष्ण ने कहा कि जांचकर्ताओं को भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमाओं के पार तस्करी किए जाने के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा, "नेपाल और बांग्लादेश की ओर जाने वाली खेप के सबूत सामने आए हैं। हम इन सुरागों पर काम कर रहे हैं। हम बैंकिंग चैनलों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन की पुष्टि कर रहे हैं।" 

डीजीपी ने जांच के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही गलत सूचनाओं के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, "सोशल और डिजिटल मीडिया पर बहुत सी बातें बिना सबूत और बिना तथ्यों के सामने आती हैं। हम वित्तीय साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। धनराशि लेनदेन के सत्यापित आधार पर नाम सामने आए हैं। अवैध रूप से धनराशि उन जगहों और व्यक्तियों को भेजी गई जिनके पास वैध लाइसेंस नहीं था - यहां तक कि ठेले वालों को भी और इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।" 

आरोपी शुभम जायसवाल के विदेश भाग जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कृष्ण ने कहा, "ज़रूरत पड़ने पर हम प्रत्यर्पण का प्रयास करेंगे।" उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले को अपने हाथ में लिया है और जांच को प्रभावित करने के सोशल मीडिया के दावों को "निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया है। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्राधिकरण (एफडीएसए) आयुक्त रोशन जैकब ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोडीन-आधारित कफ सिरप समेत मादक पदार्थ श्रेणी की दवाओं के अवैध हेराफेरी की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। जैकब ने बताया, "मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि कोडीन-आधारित कफ सिरप प्रतिबंधित दवा नहीं है। यह अनुसूची एच के अंतर्गत आता है और इसे केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचा जाना चाहिए। इसे कानूनी रूप से रखने या बेचने में कुछ भी गलत नहीं है। 

समस्या तब उत्पन्न होती है जब बिना किसी सहायक दस्तावेज़ और उचित खरीद-बिक्री रिकॉर्ड के भारी मात्रा में आपूर्ति की जाती है। लाइसेंसिंग प्राधिकारी होने के नाते, हम इसे उल्लंघन मानते हैं।" उन्होंने कहा, "मध्यप्रदेश में हुई किसी भी जानलेवा कफ सिरप की घटना का उत्तर प्रदेश में कोई संबंध नहीं है। सभी ज़िलों ने इसकी पुष्टि की है।" जैकब ने कहा कि विभाग ने अवैध व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, "हमने लगभग 280 दवा लाइसेंस रद्द करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। जहां भी खामियां पायी गयी हैं, कार्रवाई की जा रही है।" 

अमित बघेल की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेजा

अमित बघेल की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेजा

 रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ विभिन्न विवादित बयानों और सोशल मीडिया पर दिए गए वक्तव्यों के चलते पाँच राज्यों में 12 एफआईआर दर्ज हैं।

अमित बघेल 5 दिसंबर को देवेंद्रनगर थाने में आत्मसमर्पण करने पहुँचे थे, लेकिन थाने से कुछ दूरी पर ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है विवाद?
अक्टूबर माह में रायपुर के वीआईपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की घटना के बाद बघेल मौके पर पहुँचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य झूलेलाल को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। इन बयानों के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों ने रायपुर सहित कई जिलों और राज्यों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

CG – युवती की मिली लाश : नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका

CG – युवती की मिली लाश : नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां नहर के पास एक युवती की जली हुई लाश मिली है। युवती की हत्या कर उसे जला दिया गया। युवती की जली लाश मिलने से हड़कंप मच गया है।

मामला जिले के उतई थाना क्षेत्र के पुरई का है। सोमवार को करगाडीह रोड पर पुरई में नहर के पासनहर के पास झाड़ियों में एक युवती की लाश मिली। युवती की लाश पूरी तरह जली हुई थी। जिसे पहचानना मुश्किल है। युवती की लाश मिलते ही इलाके में सनसनी फ़ैल गयी।

हत्या के बाद जलाने की आशंका

जानकारी के मुताबिक़, सोमवार की सुबह कुछ ग्रामीण टहलने निकले हुए थे। इस दौरान उन्हें करगाडीह रोड पर झाड़ियों के पास जली हुई लाश देखी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी। शव पूरी तरह जल चुका था।

जांच मे जुटी पुलिस

पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिंक टीम को भी बुलाया गया। युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, पहले युवती की हत्या कर दी गयी और फिर उसे जला दिया गया। ताकि युवती की पहचान न हो सके। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ के इस IPS की हुई इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति, राज्य सरकार ने किया रिलीव……

छत्तीसगढ़ के इस IPS की हुई इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति, राज्य सरकार ने किया रिलीव……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2018 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी पुष्कर शर्मा को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से रिलीव कर दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा कुछ दिनों पूर्व उनकी नई पोस्टिंग आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद अब वे नई जिम्मेदारी संभालने दिल्ली रवाना होंगे। वर्तमान में वे वीआईपी बटालियन, माना (रायपुर) में कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

बता दे 2018 बैच के आईपीएस पुष्कर शर्मा मूलतः बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं। उनके पिता सरकारी इंजीनियर थे। पिता की नौकरी के चलते उनकी केजी वन से दसवीं तक की स्कूलिंग उत्तरप्रदेश के फतेहपुर से हुई। फिर उन्होंने राजस्थान के कोटा से ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई के साथ आईआईटी प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी भी की। फिरआईआईटी बीएचयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए। उन्होंने अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग रखा था क्योंकि ग्रेजुएशन में भी उनका यही सब्जेक्ट था। चौथे अटेम्प्ट में 228 वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक की और आईपीएस बन गए।

बतौर आईपीएस उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को सर्विस ज्वाइन की। पुष्कर शर्मा को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस प्रशिक्षण अकादमी हैदराबाद से ट्रेनिंग खत्म करने के बाद फील्ड ट्रेनिंग के लिए उन्हें रायगढ़ जिले में बतौर प्रशिक्षु आईपीएस पोस्टिंग दी गई। जिसके बाद अंबिकापुर में सीएसपी बने। फिर नारायणपुर जिले में एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रहे। बतौर पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा की पहली पोस्टिंग नारायणपुर जिले में रही। फिर वे सारंगढ़– बिलाईगढ़ जिले के एसपी बने।

इस दौरान पुष्कर शर्मा ने बतौर पुलिस अधीक्षक बेहतरीन कार्य किए और पड़ोसी राज्य उड़ीसा की सीमा से सटा हुआ जिला होने के चलते वहां से होने वाली गांजे की तस्करी को लगाम लगाया और गांजे सप्लाई के चेन को तोड़ा। सारंगढ़ के बाद वर्तमान में पुष्कर शर्मा वीआईपी बटालियन माना रायपुर के कमांडेंट हैं,जहां से उन्हें प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव किया गया।

CG – सीआरपीएफ कैंप में ग्रामीण की संदिग्ध मौत, फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप……

CG – सीआरपीएफ कैंप में ग्रामीण की संदिग्ध मौत, फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप……

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक तरफ जहाँ नक्सलियों ने सड़क निर्माण ठेकेदार की गला रेतकर हत्या कर दी। वहीँ, एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। उसकी लाश सीआरपीएफ कैंप में फंदे पर लटकती हुई मिली है।

मामला जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप का है। सीआरपीएफ कैंप में एक ग्रामीण का शव मिला है। ग्रामीण का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला है। मृतक की पहचान माड़वी भीमा ( 48 वर्ष) के रूप में हुई है। माड़वी भीमा रेखापल्ली का रहने वाला था।

जानकारी के मुताबिक, माड़वी भीमा जो माओवादी सामग्री बरामदगी में सुरक्षा बलों की मदद किया करता था। 5 दिसंबर को भी माड़वी भीमा ने एंटी–नक्सल अभियान में सुरक्षा बलों की मदद की थी। 5 दिसंबर को रेखापल्ली गांव के पास माड़वी भीमा और अन्य ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा बलों ने रेखापल्ली, धामारम, कोंडापल्ली और चिंतावागु नदी तट के आसपास सर्च अभियान चलाया था।

इस दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए IED, विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किये थे। इस सर्चिंग अभियान में माड़वी भीमा ने जवानो की काफी मदद की थी। सर्चिंग अभियान के बाद 6 दिसंबर को जवान कैंप लौटी थी। माड़वी भीमा भी साथ था। रात को खाना खाने बाद वो भीमा पास के मैदान में टहलने गया। कुछ देर बाद जब जवान उसे बाहर निकले तो माड़वी भीमा का शव पेड़ से तौलिए से लटका हुआ था।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

जवानों ने तुरंत उसे नीचे उतारा. उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माड़वी भीमा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों के बदले डर डर से उसने आत्महत्या की है। जबकि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गयी है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

छत्तीसगढ़ में धान की बंपर खरीद, अब तक इतने लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा की खरीदी, ये जिला रहा अव्वल……

छत्तीसगढ़ में धान की बंपर खरीद, अब तक इतने लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा की खरीदी, ये जिला रहा अव्वल……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी की जा चुकी है। 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी में महासमुंद जिले ने टॉप किया है, जबकि दूसरे व तीसरे स्थान पर गरियाबंद और बिलासपुर जिला है।

छत्तीसगढ़ में अब तक हुए धान खऱीदी में महासमुंद जिले ने सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर टॉप किया है, गरियाबंद जिले ने 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल और बिलासपुर जिले ने 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आए हैं।

गौरतलब है चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है। 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रुपए किसानों के खाते में जारी किए गए है।

अब तक करीब 4.4 लाख पंजीकृत किसानों ने बेचा धान

रिपोर्ट के मुताबिक पंजीकृत किसानों में से अब तक करीब 4.4 लाख किसानों ने धान उपार्जन केंद्रों पर धान बेचा है। महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर में सर्वाधिक धान खरीदा गया है, जबकि कांकेर में चौथे स्थान रहा, जहां 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी हुई है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं।

महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर में सर्वाधिक धान खरीदी हुई है। कांकेर में चौथे स्थान रहा है। 5 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली हैं। वहीं, 4 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं।

सीएम विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू किया गया है। किसानों से खरीदे गए धान के मूल्य भुगतान के लिए सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रुपए की बैंक गांरटी पहले ही दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

धान खरीदी के लिए सरकार ने सभी धान उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

CG – स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की पत्नी ले रही गलत तरीके से इस योजना का लाभ, पति ने खुद की अपने पत्नी की शिकायत, फिर जो हुआ…..

CG – स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की पत्नी ले रही गलत तरीके से इस योजना का लाभ, पति ने खुद की अपने पत्नी की शिकायत, फिर जो हुआ…..

 धमतरी। जिले में महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जहां सरकारी कर्मचारी की पत्नी नियम विरुद्ध तरीके से पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। इसकी शिकायत खुद महिला के पति ने की है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी ने बताया है कि उसकी पत्नी उसके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने के बावजूद भी गलत तरीके से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है, जिस पर उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की जाए पति की शिकायत के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और जिला प्रशासन ने इसकी जांच करवाने का निर्णय लिया है।

धमतरी जिले में सामने आए इस मामले में सरकारी कर्मचारी गजेंद्र सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने झूठी जानकारी दे कर पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले लिया। उसने पति के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी नहीं दी। पूनम सिन्हा ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए झूठी जानकारी पेश की। अब स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ उनके पति गजेंद्र सिन्हा इस गड़बड़ी का खुलासा करने के लिए खुद सामने आए हैं। उन्होंने धमतरी कलेक्टर को शिकायत सौंप कर पत्नी पूनम सिन्हा के महतारी वंदन योजना के लिए भरे गए फॉर्म और शपथ पत्र की जांच की मांग की है।

गजेंद्र सिन्हा ने बताया है कि वह बालोद जिले के गुरुर तहसील के ग्राम दर्रा का रहने वाला है और कांकेर के कोरर में स्वास्थ्य विभाग में आरएमए के पद पर तैनात है। नियम के तहत किसी सरकारी कर्मचारी की पत्नी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं है। लेकिन उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने उनके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी अपने फार्म में छुपाई और पति के कृषि कार्य में संलग्न होने की जानकारी देकर मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। खुद हितग्राही महिला के पति ने अपनी पत्नी के मार्च 2024 से योजना का लाभ लेने की पुष्टि की है।

गलत जानकारी देकर महिला पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है और इस बात की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग को भी नहीं है। यह न केवल महतारी वंदन योजना की पात्रता पर सवाल खड़ा करती है बल्कि यह भी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपात्र लोग किस तरह से गलत शपथ पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।

वहीं इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी महेश मरकाम ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि इसकी विधिवत जांच की जा रही है। यदि जांच में मामला प्रमाणित पाया जाता है तो रिकवरी के अलावा कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा को अपनाने लोगों में उत्साह….

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा को अपनाने लोगों में उत्साह….

 रायपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सचमुच ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय लिख दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जिले में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर दीपक सोनी के सतत मार्गदर्शन ने इस योजना को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिले के लोगों में इस योजना को लेकर उत्साह इतना प्रबल है कि 7,869 परिवारों ने अब तक पंजीकरण कराकर सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में अपना सशक्त संकल्प व्यक्त किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते जिले के बदलते सोच और जागरूकता का प्रतीक है।इसी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक सक्रियता का परिणाम है कि 728 घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित हो चुके हैं। ये परिवार आज मुफ्त बिजली का लाभ प्राप्त कर न केवल आर्थिक बचत कर रहे हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी सार्थक योगदान दे रहे हैं।

इस योजना की पारदर्शिता और त्वरित लाभ वितरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि 501 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। इससे योजना के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत हुआ है तथा सहभागिता भी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन और कलेक्टर दीपक सोनी की निगरानी में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का यह अभियान जिले में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। आज बलौदाबाजार-भाटापारा छत्तीसगढ़ का एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है—जहाँ सरकारी योजनाएँ कागज़ों से निकलकर वास्तव में लोगों के जीवन में रोशनी बन रही हैं और उज्ज्वल परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।