BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
रायपुर एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन पटरी पर, यात्रियों को मिली राहत

रायपुर एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन पटरी पर, यात्रियों को मिली राहत

 रायपुर । पिछले दस दिनों से बाधित चल रही विमान सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। मुंबई से शाम पांच बजे रायपुर आने वाली एक फ्लाइट को छोड़कर अन्य सभी शहरों से आने-जाने वाली उड़ानें अपने तय ट्रैक पर लौट चुकी हैं। शनिवार को मुंबई–रायपुर–मुंबई रूट की यह एकमात्र फ्लाइट रद्द रही, हालांकि विमानतल प्रबंधन के अनुसार रविवार से इसके भी नियमित संचालन की उम्मीद है।

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से सबसे अधिक उड़ानों का संचालन करने वाली इंडिगो एयरलाइंस की कई फ्लाइट्स बीते दिनों विमानों की कमी के कारण प्रभावित हुई थीं। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि बुधवार के बाद स्थिति में सुधार आया और रायपुर से संचालित 27 से 30 नियमित उड़ानों में से केवल तीन उड़ानें ही अस्थायी रूप से स्थगित रहीं।

शनिवार को रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या और घट गई। बाकी सभी शहरों के लिए उड़ानों का संचालन सामान्य रहा। दिल्ली से आने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट और बेंगलुरु की एक उड़ान अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटे की देरी से पहुंची।

विमानतल अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय अधिकारियों को तैनात किया गया है और फिलहाल एयरपोर्ट पर किसी तरह की बड़ी परेशानी नहीं है। उड़ान सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास

शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास

रायगढ़। रायगढ़ जिला न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जनवरी 2025 में ग्राम लिटाईपाली निवासी विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू (24) ने शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को घर से भगा लिया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता के पिता ने 27 जनवरी 2025 को कोतरा रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी सुबह साढ़े 9 बजे स्कूल गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिससे अज्ञात युवक द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई। पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पीड़िता ग्राम लिटाईपाली में है। इसके बाद 5 फरवरी को पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

पीड़िता के बयान में सामने आया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे भगाया और दुष्कर्म किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

महतारी वंदन योजना में जल्द जुड़ेंगे नए नाम, राशि बढ़ाने पर भी हो सकता है फैसला

महतारी वंदन योजना में जल्द जुड़ेंगे नए नाम, राशि बढ़ाने पर भी हो सकता है फैसला

 रायपुर। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस योजना में जल्द ही नए नाम जोड़ने जा रही है। एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में महतारी वंदन योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिए कि योजना के तहत दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार जल्द निर्णय ले सकती है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। इस योजना के तहत हाल ही में 22वीं किस्त जारी की गई है, जिसमें पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। अब तक प्रदेश की लगभग 67,71,012 महिलाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और राज्य की प्रगति में अहम भूमिका निभाती हैं और उनका सशक्तिकरण ही एक सशक्त प्रदेश की नींव है।

CG -10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या : घर में फांसी लगाकर दी जान, परिवार में छाया मातम

CG -10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या : घर में फांसी लगाकर दी जान, परिवार में छाया मातम

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां 10वीं की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्याकर ली है। उसका शव घर पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

यह पूरा मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। इस इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक स्कूली छात्रा की लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। छात्रा ने ये आत्मघाती कदम किस कारण से उठाया है, ये अभी अज्ञात है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर इस मामले की जांच पड़ताल शूरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, मृत घात्रा की पहचान दिशा माथनकर (15) के रूप में हुई है, जो कि सिकोला बस्ती के आगे जयंती नगर स्थित घर में अपने परिवार के साथ रहती थी और दुर्ग पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। शनिवार दोपहर उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने जब अपनी बेटी को फांसी के फंदे पर लटके देखा तो हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मृत छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया और उसके शव को परिजनों को सौंप दिया। साथ ही छात्रा ने ये आत्मघाती कदम आखिर क्यों उठाया, इसकी जांच पड़ताल में जुट गई है। वहीं इस मामले में पुलिस का भी कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।

Chhattisgarh Assembly : विजन 2047 पर चर्चा, सत्ता पक्ष के अजय चंद्राकर ने गिनाई सरकार की कमियां, रखे अहम सुझाव

Chhattisgarh Assembly : विजन 2047 पर चर्चा, सत्ता पक्ष के अजय चंद्राकर ने गिनाई सरकार की कमियां, रखे अहम सुझाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विजन 2047 पर चर्चा जारी है। सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में महत्वपूर्ण विचार रखे। इस दौरान अजय चंद्राकर ने सदन से गायब विपक्ष की कमी को पूरा करते हुए प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में सरकार की कमियां गिनाते हुए इसमें सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्व सुझाव दिए।अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए इन क्षेत्रों में सुधार बेहद जरूरी है।

CRIME : कलयुगी बेटे ने पिता को हंसिया से काट डाला, इलाज के दौरान मौत

CRIME : कलयुगी बेटे ने पिता को हंसिया से काट डाला, इलाज के दौरान मौत

अभनपुर। गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के कोड़ीपारा में कलयुगी बेटे द्वारा पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे राहुल साहू को गिरफ्तार कर लिया है।आरोपी ने अपने पिता संतोष साहू पर हंसिया से कई बार हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, अब आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 
छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: अगले 3 दिनों में कमजोर पड़ेगी शीतलहर, थोड़ी राहत की उम्मीद

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: अगले 3 दिनों में कमजोर पड़ेगी शीतलहर, थोड़ी राहत की उम्मीद

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में शीतलहर की स्थिति कमजोर पड़ सकती है, हालांकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

ठंड बढ़ने के कारण दिसंबर माह में त्वचा से जुड़ी समस्याओं में इजाफा देखा जा रहा है। इसी को देखते हुए दुर्ग जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। नए आदेश के तहत प्राइमरी स्कूलों की पहली पाली की कक्षाएं सुबह 8 बजे से शुरू होंगी, जबकि हायर सेकेंडरी स्कूलों की दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12 बजे से संचालित होंगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के सात शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें मैनपाट, अंबिकापुर, पेंड्रा, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव शामिल हैं। मैनपाट में रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं।

अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री, पेंड्रा में 8.6 डिग्री, जगदलपुर और दुर्ग में 8.2 डिग्री तथा राजनांदगांव में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया में एक और बड़ा कदम,पेरी-अर्बन व अन्य ग्रामों में वर्ग मीटर दर समाप्त

भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया में एक और बड़ा कदम,पेरी-अर्बन व अन्य ग्रामों में वर्ग मीटर दर समाप्त

रायपुर। राज्य सरकार ने भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेरी-अर्बन ग्रामों एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में लागू वर्ग मीटर दर को पूर्णतः समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन केवल हेक्टेयर दर के आधार पर किया जाएगा। इस फैसले से आम नागरिकों, किसानों और भू-धारकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

पहले इस तरह की थी व्यवस्था

पूर्व व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर तक की भूमि का मूल्यांकन वर्ग मीटर दर से तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जाता था। चूंकि वर्ग मीटर दर, हेक्टेयर दर की तुलना में अधिक होती थी, इसलिए कम क्षेत्रफल वाली भूमि पर अधिक मूल्य और मुआवजा देय हो जाता था, जबकि बड़े क्षेत्रफल की भूमि पर अपेक्षाकृत कम। यह एक बड़ी विसंगति थी, जिसे समाप्त करते हुए सरकार ने अब सभी ग्रामीण भूमि के लिए एक समान हेक्टेयर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था लागू की है।

जमीनों का न्यायसंगत मिल सकेगा मुआवजा

इस निर्णय से भू-अर्जन प्रकरणों में अब भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा। उदाहरण के तौर पर बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्र देवारभाट में पूर्व व्यवस्था के तहत 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 9 लाख 25 हजार रुपये किया जाता था, जबकि 1000 वर्ग मीटर (0.10 हेक्टेयर) भूमि का मूल्यांकन केवल 3 लाख 67 हजार रुपये होता था। नई व्यवस्था में वर्ग मीटर दर समाप्त होने के बाद 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 6 लाख रुपये तथा 1000 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 12 लाख रुपये किया जा रहा है, जो पूरी तरह तर्कसंगत और न्यायसंगत है।

स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में आएगी कमी

वर्ग मीटर दर समाप्त होने से स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आई है। भूमि का मूल्यांकन अब वास्तविक और किफायती दरों पर होने से रजिस्ट्री की कुल लागत घट रही है। इससे ग्रामीण एवं पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भूमि खरीदना आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ हो गया है।

सरकार के इस फैसले से किसानों, भू-धारकों और आम खरीदारों को अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि लागत कम होने से रियल एस्टेट, आवास निर्माण और विकास कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण से नियमों की जटिलता कम हुई है और आमजन के लिए प्रक्रिया अधिक सहज एवं पारदर्शी बनी है।

Chhattisgarh Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र नए भवन में शुरू, विजन 2047 पर हो रही चर्चा

Chhattisgarh Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र नए भवन में शुरू, विजन 2047 पर हो रही चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज नए विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधायक नीलकंठ टेकाम को उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

शीतकालीन सत्र की शुरुआत विपक्ष के बहिष्कार के बीच हुई। विपक्ष के सदन से बाहर रहने पर भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।

सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। इस पर वित्त मंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए भविष्य की शिक्षा,स्वास्थ्य औद्योगिक विकास, रोजगार की प्रदेश में संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया।

जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति: दो वर्ष की सेवा यात्रा छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित - मुख्यमंत्री साय

जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति: दो वर्ष की सेवा यात्रा छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित - मुख्यमंत्री साय

00 छत्तीसगढ़ विश्वास, स्थिरता और सुशासन के नए अध्याय की ओर अग्रसर
00 मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को किया संबोधित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते दो वर्ष शासन के नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनसहभागिता के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा, क्योंकि इस दौरान उन्हें प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। किसानों की मेहनत को सम्मान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए नई भर्तियों, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए हैं। रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

 
 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। जिन क्षेत्रों में कभी उम्मीदें धुंधली थीं, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर परिवार में आत्मविश्वास का वातावरण बना है।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि आज शासन जनता के और अधिक निकट आया है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी घटकर सहभागिता में बदल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास, स्थिरता और सुशासन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, परिश्रम और विश्वास से सरकार का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची गारंटी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और तेज़ गति से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक युवा को अवसर, किसान को गर्व और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि शासन सदैव उसके साथ खड़ा है।

पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती - मुख्यमंत्री साय

पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती - मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।

रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

00 पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित आईरा सीजीकॉन 2025 के 15वें वार्षिक राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस का हुआ शुभारंभ
रायपुर। 
इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) - छत्तीसगढ़ चैप्टर, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आईरा सीजीकॉन 2025 (आईआरआईए-सीजीकॉन-2025) के 15वें वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेई सभागार में किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। पूरे देशभर से 150 से भी अधिक रेडियोलॉजिस्ट इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।

 रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान


सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तकनीक के क्षेत्र में एआई का समावेश चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया विभिन्न क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे में मेडिकल और विशेषकर रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एआई आधारित इमेजिंग तकनीक से जांच की गुणवत्ता में सुधार, रिपोर्टिंग में तेजी और रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की कमी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में भी सटीक निदान संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को बड़े शहरों तक आने की आवश्यकता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल


उन्होंने सम्मेलन में जुटे देश भर के रेडियोलॉजिस्टों से आह्वान किया कि वे तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करें, ताकि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर रहने वाले मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस विचारोत्तेजक वक्तव्य को सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने सराहा और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई के व्यापक उपयोग पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

 रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल


इस अवसर पर आयोजन समिति के पेट्रन एवं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, आयोजन अध्यक्ष डॉ. आनंद जायसवाल (अध्यक्ष आईआरआईए-सीजीकॉन), उपाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे (विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस विभाग), आईरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. ए. उस्मान, सचिव डॉ. विकास भोजसिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रख्यात विशेषज्ञों एवं प्रतिष्ठित वक्ताओं में डॉ. सी. कृष्णा, डॉ. वर्षा जोशी, डॉ. प्रशांत ओंकार, डॉ. नितिन सहित अनेक फैकल्टी मेंबर्स ने सहभागिता की। सम्मेलन की थीम रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा रखी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज रायपुर के 120 सीटर छात्रावास का किया उद्घाटन

स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज रायपुर के 120 सीटर छात्रावास का किया उद्घाटन

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के 120 सीटर अनुबंधित छात्र-छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया। शांति नगर क्षेत्र में निर्मित इस छात्रावास के शुरू होने से मेडिकल छात्रों को आवास संबंधी सुविधाओं में बड़ी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज रायपुर के 120 सीटर छात्रावास का किया उद्घाटन


उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस नए अनुबंधित छात्रावास के शुरू होने से छात्रों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं अध्ययन के अनुकूल वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज के स्थाई छात्रावास का भी निर्माण शीघ्र पूर्ण होगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज रायपुर के 120 सीटर छात्रावास का किया उद्घाटन


यह छात्रावास मूलभूत सुविधाओं से युक्त है, जिसमें स्वच्छ कमरे, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे दूर-दराज़ से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ होगा। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस छात्रावास की सुविधा मिलने से उनकी पढ़ाई संबंधी दुविधा दूर हो गई है और अब वो बेहतर वातावरण में अच्छे से अपनी पढ़ाई और चिकित्सकीय कार्य कर पाएंगे। 
कार्यक्रम के दौरान रायपुर दक्षिण के विधायक श्री सुनील सोनी, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, छात्र एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह

अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह

0-बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा 

0-2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा 0-नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुडऩा हम सभी के लिए गर्व की बात है

 0-आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है

 0-जिस बस्तर में पहले 'लाल सलाम' के नारे लगते थे, अब वहाँ 'भारत माता की जय' के नारे गूँज रहे हैं

 0-शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं

 0-आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं

 0-बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाडिय़ों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी 

0-आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे 

0-केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं

 0-गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें

 0-केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया  

रायपुर- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।  श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। 

 केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोट्र्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।  श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाडिय़ों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।  श्री अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाडिय़ों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों  की एक टीम यहां आई है। श्री शाह ने कहा कि इन खिलाडिय़ों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। श्री शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष  3 लाख 91 हज़ार खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। 

उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें। 

नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुन: खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुन: खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाडिय़ों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाडिय़ों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति: दो वर्ष की सेवा यात्रा छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित - मुख्यमंत्री साय

जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति: दो वर्ष की सेवा यात्रा छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित - मुख्यमंत्री साय

 00 छत्तीसगढ़ विश्वास, स्थिरता और सुशासन के नए अध्याय की ओर अग्रसर

00 मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को किया संबोधित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते दो वर्ष शासन के नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनसहभागिता के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा, क्योंकि इस दौरान उन्हें प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला।

 
 
 

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। किसानों की मेहनत को सम्मान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

 
 

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए नई भर्तियों, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए हैं। रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। जिन क्षेत्रों में कभी उम्मीदें धुंधली थीं, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर परिवार में आत्मविश्वास का वातावरण बना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि आज शासन जनता के और अधिक निकट आया है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी घटकर सहभागिता में बदल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास, स्थिरता और सुशासन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, परिश्रम और विश्वास से सरकार का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची गारंटी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और तेज़ गति से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक युवा को अवसर, किसान को गर्व और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि शासन सदैव उसके साथ खड़ा है।

तंत्र-मंत्र के बहाने लूट, तांत्रिक ने घर में पूजा पाठ के बहाने प्रसाद में नशे की दवाई मिलाकर खिलाया, फिर जेवर लेकर हुआ फरार

तंत्र-मंत्र के बहाने लूट, तांत्रिक ने घर में पूजा पाठ के बहाने प्रसाद में नशे की दवाई मिलाकर खिलाया, फिर जेवर लेकर हुआ फरार

 गरियाबंद।  छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक तांत्रिक ने 8 लोगों को लड्डू में नशे की दवाई मिलाकर खिलाई, जिससे एक ही परिवार के 5 लोग बेहोश हो गए और बेहोश होने के बाद तांत्रिक रात में 60 हजार का सोना लेकर भाग गया।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के भसेरा गांव का है। यहां तांत्रिक ने घर में पूजा-पाठ के बहाने प्रसाद में नशे की दवाई मिलाई थी और उसे  परिवार को खिला दिया। वहीं सुबह होश आने पर तांत्रिक गायब था और घर से पैसे भी गायब थे। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकात दर्ज कराई।

वहीं आरोपी तांत्रिक सत्यनारायण साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो रायपुर का रहने वाला है। वह 60 हजार रुपये के सोने के साथ भाग गया था। 5 लोगों का इलाज महासमुंद जिला अस्पताल में चल रहा है।

CG – फार्म हाउस में हुए ट्रिपल मर्डर में सनसनीखेज खुलासा : न कोई दुर्घटना ना तांत्रिक विधि…इस तरह से की गई थी तीन लोगों की हत्या

CG – फार्म हाउस में हुए ट्रिपल मर्डर में सनसनीखेज खुलासा : न कोई दुर्घटना ना तांत्रिक विधि…इस तरह से की गई थी तीन लोगों की हत्या

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में कबाड़ व्यापारी अशरफ मेमन समेत तीन लोगों की रहस्यमयी मौत का सच आखिरकार सामने आ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि तीनों की मौत गला दबाकर की गई हत्या के कारण हुई है। इससे पहले जो भी संदेह थे, वे अब साफ हो चुके हैं कि यह कोई तांत्रिक क्रिया का दुष्परिणाम या दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।

रिपोर्ट सामने आते ही पुलिस ने तेज कार्रवाई की और छह लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का केस दर्ज करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और कल इस पूरे प्रकरण का आधिकारिक खुलासा करने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जड़ तांत्रिक विधि से जुड़ा वह दावा है, जिसके फेर में मृतक सुरेश साहू और अशरफ मेमन फंस गए थे।

उन्हें बताया गया था कि झारन विधि के माध्यम से 5 लाख रुपये को ढाई करोड़ में बदला जा सकता है। तीसरा मृतक नीतीश कुमार बैगा राजेन्द्र जोगी के संपर्क में था और उसी चैनल के जरिए आरोपी संजय साहू ने इस पूरी प्रक्रिया का आयोजन करवाया था। पुलिस अभी भी कई पहलुओं पर संशय में है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बंद कमरे में सिर्फ दो लोग होने की बात सामने आई थी, लेकिन दो लोग मिलकर तीन वयस्कों की हत्या कैसे कर सकते हैं?

पुलिस का मानना है कि संभवतः और भी लोग मौके पर मौजूद रहे होंगे या फिर हत्या किसी योजनाबद्ध तरीके से की गई होगी। यही वजह है कि सभी एंगल से पूछताछ और जांच की जा रही है । मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी हैं, आशीष दास, राजेन्द्र कुमार जोगी, केशव सूर्यवंशी, अश्वनी कुर्रे, भागवत दास और संजय कुमार साहू।

पुलिस इन सभी से पैसों के लेनदेन, तांत्रिक विधि के दावे और हत्या की मंशा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी है। इस पूरे घटनाक्रम ने कोरबा शहर में हलचल मचा दी है। तंत्र-मंत्र, लालच और हत्या के इस संगम ने लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। अब शहर की निगाहें पुलिस पर टिकी हैं, जो कल इस सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की पूरी कहानी सामने लाएगी।

छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई इबारत, महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई छत्तीसगढ़ की महिलाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई इबारत, महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई छत्तीसगढ़ की महिलाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए बीते दो वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर परिवर्तनकारी कार्य हुए हैं, उन्होंने राज्य को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जिए। बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर जो कार्य किए गए हैं, वे एक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका, सुरक्षा और भागीदारी को हर नीति के केंद्र में रखकर आगे भी योजनाएँ लागू करती रहेगी।

शासन की महत्वकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई मजबूती दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को वर्चुअली लॉन्च की गई इस योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर माह 1,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि 22 किश्तों में उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी यह दर्शाता है कि महिला कल्याण राज्य की विकास-यात्रा का केंद्र बिंदु है।

महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट जैसे निर्णयों ने उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी प्रदान की है। इसी क्रम में 368 महतारी सदनों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जहाँ महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श, कौशल विकास और सहायक सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन भुगतान शुरू कर सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को और भी मजबूत किया है।

ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने स्व-सहायता समूहों को नए अवसर प्रदान किए हैं। छह जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला समूहों को सौंपा गया है। वहीं 42 हजार 878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही निर्माण श्रमिक परिवारों की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, सिलाई मशीन सहायता और दीदी ई-रिक्शा योजना जैसी पहलों ने आजीविका के नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना गर्भवती श्रमिक महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान कर रही है।

कन्याओं के विवाह में सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को और सशक्त बनाते हुए 50,000 रुपये की सहायता में से 35,000 रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2024-25 में 8,000 कन्याओं के विवाह हेतु 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एनआरएलएम के तहत लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों पर 800 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो देश में महिला उद्यमिता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नवाबिहान योजना घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मनोसामाजिक सहायता प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटर का डिजिटल वर्जन तैयार किया और इसके लिए मानक प्रक्रिया (ैव्च्) लागू की। 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसी तरह सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, जबकि 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई गई है। हाई स्कूल छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण महिला समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना से लेकर नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। आने वाले समय में विभाग इन योजनाओं को और प्रभावी रूप से विस्तार देगा ताकि हर महिला अपने सपनों को साकार कर सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग को वर्ष 2025-26 में 8,245 करोड़ रुपये का बजट देकर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण और सुरक्षा उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए परिवर्तन यह प्रमाणित करते हैं कि महिलाओं को केंद्र में रखकर किया गया विकास न केवल सुशासन की पहचान है बल्कि एक प्रगतिशील समाज की आधारशिला भी है। छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

नक्सल क्षेत्र में 513 नए 4G टावरों से शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री साय

नक्सल क्षेत्र में 513 नए 4G टावरों से शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ और विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवाओं और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस विजन के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

छत्तीसगढ़ GST विभाग की बड़ी कार्रवाई : अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल समेत 10 ठिकानों पर छापा, करोड़ों की टैक्स चोरी का शक

छत्तीसगढ़ GST विभाग की बड़ी कार्रवाई : अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल समेत 10 ठिकानों पर छापा, करोड़ों की टैक्स चोरी का शक

  रायपुर/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State GST) विभाग ने शुक्रवार देर शाम से एक बड़ी और व्यापक छापेमारी कार्रवाई शुरू की है, जिसने प्रदेश के कोयला कारोबार जगत में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रदेश के तीन बड़े कोयला कारोबारियों के खिलाफ की जा रही है, जिनके बिलासपुर (Bilaspur) समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में 10 से अधिक प्रतिष्ठानों पर GST की टीमों ने एक साथ दबिश दी है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कार्रवाई की जद में आए संस्थानों में से एक ठिकाना लोकप्रिय बॉलीवुड और टीवी अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल पक्ष से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।कल देर शाम से जारी है जांच, करोड़ों की GST चोरी का अनुमान GST विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह छापेमारी शुक्रवार देर शाम शुरू हुई और अभी भी जारी है। सूत्रों का दावा है कि शुरुआती जांच के दौरान करोड़ों रुपये की GST चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और सबूत टीमों के हाथ लगे हैं। जिन प्रमुख कारोबारी संस्थानों पर यह कार्रवाई की जा रही है, उनमें महावीर वॉशरी, फिल कोल (बिलासपुर) और पारस कोल वॉशरी शामिल हैं। छापेमारी में शामिल GST अधिकारियों की कई टीमें बारीकी से सभी वित्तीय रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री के बिल (Bills of Sale), और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन कंपनियों ने जानबूझकर ट्रांजैक्शन छिपाए या गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट का दावा किया।

हाई-प्रोफाइल कनेक्शन: अंकिता लोखंडे का ससुराल

इस कार्रवाई ने तब अधिक सुर्खियां बटोरीं, जब यह जानकारी सामने आई कि कार्रवाई की जद में आया एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल पक्ष (पति विक्की जैन के परिवार) से संबंधित है। हालांकि, GST विभाग की ओर से अभी तक किसी भी नाम या प्रतिष्ठान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। टीम पूरी गोपनीयता के साथ दस्तावेजों की जांच में जुटी है। विभाग ने संकेत दिया है कि कार्रवाई पूरी होने और टैक्स चोरी की राशि का आकलन हो जाने के बाद ही कोई विस्तृत और आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। राज्य सरकार टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और बड़े कारोबारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई से पीछे नहीं हट रही है।

कौन हैं अभिनेत्री अंकिता लोखंडे?

अंकिता लोखंडे भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग का एक जाना-माना चेहरा हैं। अंकिता को सबसे ज़्यादा प्रसिद्धि ज़ी टीवी (Zee TV) के लोकप्रिय धारावाहिक पवित्र रिश्ता से मिली, जहाँ उन्होंने अर्चना का मुख्य किरदार निभाया था। इस शो ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

बॉलीवुड डेब्यू: टेलीविजन की सफलता के बाद, उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा। उन्होंने कंगना रनौत अभिनीत फिल्म मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi) से बड़े पर्दे पर शुरुआत की, जिसमें उनके अभिनय को सराहा गया था।

व्यक्तिगत जीवन : अंकिता ने विक्की जैन (Vicky Jain) से शादी की है, जो एक प्रसिद्ध व्यवसायी परिवार से आते हैं और मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से ताल्लुक रखते हैं। उनका परिवार लंबे समय से कोयला व्यवसाय और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। विक्की जैन का पूरा नाम विकास जैन है। अंकिता लोखंडे ने अपने पति विक्की जैन के साथ कई रियलिटी शो और सार्वजनिक इवेंट्स में भी भाग लिया है।a

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड में शामिल…

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य में मखाना की खेती कर रहे किसानों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में मखाना की खेती के प्रयासों को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। राज्य में हो रहे मखाने के उत्कृष्ट उत्पादन पर केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल प्रबंधन, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार तक पहुच में सहायता दी जाएगी। इसी तारतम्य में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में आज मिशन फार इंटिग्रेटेड डेव्हलपमेंट आफ हार्टिकल्चर अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुई।

प्रदेश में मखाना की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ मखाना प्रांरभ किया गया है। इस योजना में शत प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में आगामी 4 माह हेतु 180 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को राशि 1.79 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 72000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। इसी तरह स्वयं के खेत में मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को राशि 1.32 लाख रूपए की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत की राशि 53000 रूपए का अनुदान देने का प्रावधान है। साथ ही नए तालाब के निर्माण पर राशि 7.00 लाख की इकाई लागत के विरुद्ध 40 प्रतिशत राशि .2.80 लाख का अनुदान देने का प्रावधान है।

मखाना के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन हेतु माइक्रो लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 10 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह एफपीओ हेतु स्माल लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है तथा निजी क्षेत्र हेतु इकाई लागत राशि 39 लाख रूपए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। लार्ज लेवल मखाना प्रसंस्करण इकाई के स्थापना बाबत इकाई लागत राशि 07 करोड़ रूप्ए पर 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।

मखाना की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही एक्पोजर विजिट भी कराया जा रहा है। मखाना खेती को प्रेरित करने हेतु इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा मखाने की उत्कृष्ट खेती का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

CG : तेज रफ्तार बस की चपेट में आए बाइक सवार तीन युवक, दो युवकों की मौत

CG : तेज रफ्तार बस की चपेट में आए बाइक सवार तीन युवक, दो युवकों की मौत

 बलरामपुर। जिले में भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि कुसमी के पास तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को चपेट मे ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दो युवकों के सिर पर गंभीर चोट आने से मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं तीसरे युवक को चिंताजनक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक ये घटना कुसमी थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि बगीचा से कुसमी के बीच चलने वाली शमीम बस शाम के वक्त कुसमी आ रही थी। बस की रफ्तार काफी तेज थी, इसी दौरान जनपद कार्यालय के पास पल्सर बाइक में सवार युवक बस की चपेट में आ गये। तेज रफ्तार बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बाइक में सवार तीनों युवक दूर जा गिरे। इस भीषण हादसे में बाइक सवार 18 वर्षीय सुशील नगेशिया और 19 साल के उसपाल नगेशिया की मौके पर ही मौत हो गयी। जबबि बाइक में सवार तीसरे युवक संजू नगेशिया को गंभीर चोट आई है।

बताया जा रहा है कि बाइक सवार तीनों युवक ग्राम मोतीनगर के निवासी हैं। तीनों युवक कुसमी से वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी ये भीषण हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को हॉस्पिटल भिजवाया गया। वहीं घायल संजू नगेशिया को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। वहीं इस दुर्घटना के बाद आरोपी बस का चालक फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

CG : CRPF के जवान ने सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली, कैंप में मचा हड़कंप

CG : CRPF के जवान ने सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली, कैंप में मचा हड़कंप

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित सीआरपीएफ (CRPF) कैंप से एक दुखद घटना सामने आई है। जहां सीआरपीएफ कैंप में एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गयी। इस घटना से सीआरपीएफ कैंप में सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया है।

मामला जिले से सटे ओडिशा सीमा के अंतर्गत सोनाबेड़ा के आश्रित गांव ढेकूनपानी स्थित सीआरपीएफ कैंप का है। जहां सीआरपीएफ जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

मृतक सीआरपीएफ जवान की पहचान गोपीनाथ सबर के रूप में हुई है। जवान गोपीनाथ सबर ओडिशा के खरियार क्षेत्र के खरधरा गांव का रहने वाला था। गोपीनाथ सब ड्यूटी पर तैनात थे तभी अपने सर्विस राइफल AK-47 से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज आते ही कैंप में मौजूद अन्य जवान पहुंचे तो देखा उसकी मौत हो चुकी थी।

नक्सलवाद को बड़ा झटका, 10 लाख के इनामी दो हार्डकोर माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

नक्सलवाद को बड़ा झटका, 10 लाख के इनामी दो हार्डकोर माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

 गरियाबंद। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो हार्डकोर माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले दोनों माओवादी 5-5 लाख रुपये के इनामी थे, जिन पर कुल 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन तथा सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों माओवादी लंबे समय से गरियाबंद एवं ओडिशा सीमा क्षेत्र में सक्रिय थे और कई नक्सली घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही है।