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CG : मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी फरार, मचा हड़कंप, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

CG : मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी फरार, मचा हड़कंप, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड में कैदी दिवाली की रात तीन बजे सुरक्षाकर्मियो को चकमा देकर फरार हो गए थे। इस मामले में जिले के एसपी ने नाराजगी जाहिर करते हुए बंदी की देखरेख में शामिल दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

दरअसल, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड से दो कैदी दीवाली के दिन फरार हो गए थे। यह घटना देर रात करीब तीन बजे की समीप की बताई जा रही थी, उस वक्त दोनों ने ही सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गए थे। इस वारदात से जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

 
 
 CG : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ने मनाया अपना 64वां स्थापना दिवस समारोह

CG : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ने मनाया अपना 64वां स्थापना दिवस समारोह

रायपुर। रोशन सिंह असवाल (सेनानी) के  कुशल नेतृत्व में 38वीं वाहिनी, खरोरा, रायपुर में, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल  का  आज 24 अक्टूबर 2025 को 64वां स्थापना दिवस पूरे जोश और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर उप सेनानी अजय शर्मा ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं उनके परिवार को बल स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुये अपने सम्बोधन मे कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। वर्ष 2004 में ‘‘वन बॉर्डर वन फोर्स’’ पर भारत सरकार की सिफारिशों के अनुसरण में भारत-चीन बॉर्डर के 3488 किलोमीटर के पूरे हिस्से को आईटीबीपी को बॉर्डर गॉर्डिंग ड्यूटी के लिए सौंपा गया था। सीमा की रखवाली, उग्रवाद और आंतरिक सुरक्षा भूमिकाओं पर समय-समय पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के अतिरिक्त कार्यों में वृद्धि की गई है। सीमाओं की निगरानी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल 9000 से 18000 फीट की  ऊंचाई पर तैनात  है। सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ जम्मू  कश्मीर में आंतकवाद से लड़ने, छत्तीसगढ़ में माओवाद से सुरक्षा के लिए भी बल के पदाधिकारियों द्वारा बल के आदर्श वाक्य ‘‘शौर्य दृढ़ता कर्म निष्ठा’’ का स्थापित  किया है।
 
38वीं वाहिनी को वर्ष-2016 में बेस्ट नॉन बार्डर बटालियन रनिंग ट्रॉफी तथा वर्ष-2018 में सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल ऑपरेशन (ए0एन0ओ0) बटालियन एवं वर्ष-2018-19 में सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ बटालियन तथा वर्ष-2022-23 में सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल ऑपरेशन (ए0एन0ओ0) बटालियन घोषित किया गया है। हम सभी इसी प्रकार वाहिनी की उपलब्धियों में नई उपलब्धियॉ जोड़ते रहेंगे। वाहिनी की सभी तैनातियों में वाहिनी के हिमवीरों ने सराहनीय कार्य कर बल का भी मान बढ़ाया है। अन्त में पुनः बल के 64वें स्थापना दिवस शुभकामनाएं देते हुए सभी पदाधिकारियों से हाथ मिलाकर समारोह का समापन किया।
स्काउट गाइड फेलोशिप का स्थापना दिवस बच्चों के साथ मनाया गया

स्काउट गाइड फेलोशिप का स्थापना दिवस बच्चों के साथ मनाया गया

 रायपुर/भारत स्काउट गाइड फेलोशिप छत्तीसगढ़ के द्वारा आज बाल आश्रम में राष्ट्रीय संरक्षक सत्यनारायण शर्मा की उपस्थिति फैलोशिप का स्थापना दिवस केक काट कर मनाया गया। इस अवसर पर स्काउट गाइड फेलोशिप छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला ने सभी उपस्थितजनों से फ़ेलोशिप से जुड़कर समाज की सेवा करने का आग्रह किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि फेलोशिप छत्तीसगढ़ ने कोरोना काल में राजधानी रायपुर में 21दिनों में 23लाख रु के राशन आमजनों को बांटकर उल्लेखनीय योगदान दिया था। कार्यक्रम में उपस्थित गायत्री सिंह सचिव,बबली दता ने बच्चों को चाकलेट का वितरण कर केक खिलाया गया।इस अवसर पर सर्व श्री एल डी दुबे ,श्री परिहार ,महामाया गिल्ड की शमीम खान, पूजा कर्ष मेडीकल गिल्ड से तोशीमा ,रितिमा ,मिथुन आदि उपस्थित थे।

NRVS कंपनी में बड़ा हादसा, फर्नेस ब्लास्ट से कई मजदूर झुलसे, आसमान में उठे धुएं के गु्ब्बारे

NRVS कंपनी में बड़ा हादसा, फर्नेस ब्लास्ट से कई मजदूर झुलसे, आसमान में उठे धुएं के गु्ब्बारे

 रायगढ़।  रायगढ़ जिले के तराईमाल स्थित NRVS कंपनी में आज सुबह एक भीषण फर्नेस ब्लास्ट की घटना सामने आई है। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक कई मजदूर झुलसे हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य जारी है। सुरक्षा कर्मियों ने फर्नेस एरिया को पूरी तरह सील कर दिया है ताकि दोबारा विस्फोट की आशंका को रोका जा सके। स्थानीय लोग कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दुर्ग-पटना और गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दुर्ग-पटना और गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

 रायपुर। छठ पूजा जितना नजदीक आ रहा है। ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ते जा रही है। बिहार और यूपी जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को जगह नहीं मिल पा रहा है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे कई फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। इस बीच, छत्तीसगढ़ से भी बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या कई ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दुर्ग-पटना और गोदिंया पटना- गोंदिया के बीच एक फेरे में स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें दुर्ग और गोंदिया से 25 अक्टूबर को रवाना होगी। वहीं पटना से 26 अक्टूबर को चलेगी।

छठ पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य छठ पूजा में शामिल होने वाले यात्रियों को कंफर्म सीट और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। दुर्ग-पटना-दुर्ग और गोंदिया-पटना-गोंदिया के बीच एक-एक फेरे के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

दुर्ग से पटना के बीच चलेगी ट्रेन

दुर्ग से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 08795, 25 अक्टूबर को रात 12:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी। यह 1:20 बजे रायपुर, 2:17 बजे भाटापारा, 3:30 बजे बिलासपुर, 4:30 बजे चांपा और 5:28 बजे झारसुगुड़ा होते हुए अगले दिन सुबह 4:00 बजे पटना पहुंचेगी। इसी तरह, वापसी की ट्रेन संख्या 08796 पटना से 26 अक्टूबर को रात 9:45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:30 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 21 कोच रहेंगे, जिनमें एसी, स्लीपर और सामान्य कोच शामिल हैं।

गोंदिया-पटना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

गोंदिया-पटना-गोंदिया के बीच भी एक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। गाड़ी संख्या 08889, 25 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे गोंदिया से रवाना होगी और डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़ और झारसुगुड़ा होते हुए अगले दिन शाम 4:30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 08890, 26 अक्टूबर को शाम 6:10 बजे पटना से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 3:00 बजे गोंदिया पहुंचेगी। इसमें कुल 22 कोच रहेंगे, जिनमें स्लीपर, एसी टू और सामान्य श्रेणी की बोगियां शामिल हैं।

हावड़ा-नागपुर के बीच चलेगी अनारक्षित स्पेशल ट्रेन

रेलवे ने बताया कि दोनों ट्रेनों में सभी श्रेणियों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। यात्री अपनी सुविधा अनुसार आरक्षण कर सकते हैं। इसके अलावा, हावड़ा-नागपुर के बीच भी एक अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर को चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 01066 रात 9:30 बजे हावड़ा से रवाना होकर खड़गपुर, टाटानगर, राउरकेला, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया होते हुए शाम 6:20 बजे नागपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 18 कोच रहेंगे।

छट्ठी के भोज में फूड प्वॉइजनिंग का कहर, 5 ग्रामीणों की चली गई जान, कई की हालत गंभीर

छट्ठी के भोज में फूड प्वॉइजनिंग का कहर, 5 ग्रामीणों की चली गई जान, कई की हालत गंभीर

 नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के गोट गांव में आयोजित छट्ठी कार्यक्रम में खाना खाने के बाद फूड प्वॉइजनिंग से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही नारायणपुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार छठी का खाना खाने के बाद कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और उनका इलाज जारी है। दुर्गम इलाके में होने के कारण, भैरमगढ़ से भी विशेष मेडिकल टीम को रवाना किया गया। एक मरीज को गंभीर हालत भैरमगढ़ उप-स्वास्थ्य केंद्र लाकर उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और संदिग्ध भोजन से दूर रहने की अपील की है। घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग लगातार गांव में स्थिति पर नजर रखे हुए है।

छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश: बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, बस्तर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश: बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, बस्तर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी

 रायपुर। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 24 अक्टूबर से अगले पांच दिनों तक दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 26 अक्टूबर से प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी वर्षा गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में 24 अक्टूबर से एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ेगी और बादल छाने लगेंगे। अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना है।

इस समय होने वाली बारिश का असर प्रदेश की कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में धान की कटाई हो चुकी है और फसलें खेतों में रखी हैं, वे बारिश से खराब हो सकती हैं। वहीं जिन इलाकों में कटाई शेष है, वहां फसल गिरने या अंकुरित होने का खतरा रहेगा।

राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

IG आनंद छाबड़ा करेंगे सेक्स स्कैंडल की जांच, गठित की गई दो सदस्यी जांच समिति

IG आनंद छाबड़ा करेंगे सेक्स स्कैंडल की जांच, गठित की गई दो सदस्यी जांच समिति

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के आईपीएस अफसर रतनलाल डांगी पर इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से ही चर्चाएं शुरू हो गई है। वहीं अब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा को सौंपा गया है।

बता दें कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा और पुलिस उपमहानिरीक्षक की दो सदस्यी जांच समिति का गठन किया गया है। जिसमें जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर नियम अनुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

TRANSFER NEWS : शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी, देखें आदेश

TRANSFER NEWS : शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी, देखें आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की एक और ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई है। प्राचार्य और व्याख्याता की तबादला लिस्ट जारी हुई है।

 
 
 
 

 

प्रधानमंत्री सौर घर योजना से घर-घर पहुंचेगी सौर ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम….

प्रधानमंत्री सौर घर योजना से घर-घर पहुंचेगी सौर ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम….

 रायपुर: भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और बिजली पर होने वाले खर्च को कम करना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। योजना का लाभ लेने आमजनों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब 700 से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने आवेदन किया है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर योजना” को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आमजनों तक पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

योजना अंतर्गत आवेदक को भारतीय नागरिक होने के साथ घर की छत पैनल लगाने के लिए उपयुक्त होना चाहिए। घर में वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए। इसके साथ ही आवेदक के परिवार ने सौर पैनल के कोई सब्सिडी का लाभ न उठाया हो। योजना के तहत सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पन्न बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और उपभोक्ता को उसका लाभ आय के रूप में प्राप्त होता है। इन सोलर पैनलों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में जोड़ा जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का लाभ भी प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत चन्दन बाई जी को दी श्रद्धांजलि:शोक संतप्त परिवार से मिलकर व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत चन्दन बाई जी को दी श्रद्धांजलि:शोक संतप्त परिवार से मिलकर व्यक्त की संवेदना

 रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची की माताजी स्वर्गीय श्रीमती चन्दन बाई जी की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्री मरपच्ची सहित शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे स्वर्गीय चन्दन बाई जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

 खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार

खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

रायपुर 23 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्थ में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

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 छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’

छत्तीसगढ़ के जशपुर में सजेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सव

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव

जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।

हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद

फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।

फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव

प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।

खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स

रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।

लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल

हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।

फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे।

‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।

जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान

इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।

"हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।

‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

सीएम साय से पंजाब सरकार के मंत्रियों ने की मुलाकात, गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने किया आमंत्रित

सीएम साय से पंजाब सरकार के मंत्रियों ने की मुलाकात, गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने किया आमंत्रित

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुण्डियन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री साय को 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग और मानवता के प्रति उनके संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं, संत महात्माओं और विभिन्न राज्यों के गणमान्य नागरिकों के सम्मिलित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंजाब सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए गए आमंत्रण के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में धर्म, मानवता और समानता के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिख समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अमर संदेश है, जिसने हमें सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी है।

मुख्यमंत्री साय ने पंजाब सरकार के इस आयोजन की सराहना करते हुए इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई।

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एक बार फिर बड़ी संख्या में नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण, 40 लाख का इनामी नक्सली रामधेर का भी नाम शामिल

एक बार फिर बड़ी संख्या में नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण, 40 लाख का इनामी नक्सली रामधेर का भी नाम शामिल

 कांकेर ।  छत्तीसगढ़ में 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब एक बार फिर से जल्द ही बड़ा आत्मसमर्पण हो सकता है। बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर करने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके संकेत दिए हैं। जिसमें बताया गया कि, कांकेर में 50 नक्सली जल्द कर सकते सरेंडर हैं। दशकों से नक्सल समस्या का दंश झेल रहा छत्तीसगढ़ का बस्तर बहुत जल्द सुकून महसूस करेगा।

वहीं आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में 40 लाख का ईनामी नक्सली रामधेर भी शामिल हो सकता है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि, बस्तर इलाके में सक्रिय नक्सली सरेंडर कर सकते हैं, जिसमे छोटे व बड़े कैडर के नक्सली शामिल है।

बता दें कि, नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, पीएम मोदी के विजन गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन में तेजी से कम हो रहा है। सरकार ने 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय कर दी है। इस टारगेट को पूरा करने के लिए तेजी से काम भी हो रहा है।

अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ योजना, बेस्ट प्राइवेट आवासीय स्कूलों में मिलेगा प्रवेश का मौका

अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ योजना, बेस्ट प्राइवेट आवासीय स्कूलों में मिलेगा प्रवेश का मौका

 रायपुर। अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए 3000 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देशित किया।

इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। आवेदन NTA की वेबसाइट पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिसमें शिक्षण, छात्रावास शुल्क और अन्य व्यय शामिल हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ देखेगा भारतीय वायुसेना की शौर्यगाथा, राज्योत्सव में होगा ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’

छत्तीसगढ़ देखेगा भारतीय वायुसेना की शौर्यगाथा, राज्योत्सव में होगा ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी नवा रायपुर का आसमान 5 नवम्बर को एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनेगा। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने रोमांचकारी करतबों से छत्तीसगढ़ और देशवासियों को गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना से भर देगी। यह शो रजत जयंती समारोह का सबसे विशेष आकर्षण होगा।

छत्तीसगढ़ के आकाश में गूंजेगा भारतीय शौर्य

राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह एरोबैटिक शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, उपलब्धियों और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। नवा रायपुर के आसमान में जब सूर्यकिरण टीम उड़ान भरेगी, तब ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट-इन-द-स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी प्रसिद्ध फॉर्मेशन्स पूरे दर्शक समुदाय को रोमांच और गर्व से भर देंगी।

सूर्यकिरण टीम का यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह दिखाएगा कि अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क से कैसे असंभव को संभव बनाया जा सकता है। राज्य शासन और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रयास से आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।

जनसहभागिता से सजेगा रजत जयंती का आकाश

रायपुर और आसपास के जिलों से हजारों नागरिक, विद्यार्थी और परिवार इस एरोबैटिक शो को देखने नवा रायपुर पहुँचेंगे। यह छत्तीसगढ़ की जनसहभागिता और राष्ट्रीय गर्व का जीवंत उदाहरण बनेगा। ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’ केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह भारतीय वायुसेना के शौर्य, सटीकता और समर्पण का प्रतीक है।

छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर गर्व की उड़ान

5 नवम्बर को नवा रायपुर का आसमान गर्व, रोमांच और देशभक्ति के रंगों से भर उठेगा। सूर्यकिरण टीम का यह ऐतिहासिक शो छत्तीसगढ़ की रजत जयंती को यादगार बना देगा और हर दर्शक के मन में भारत के वीर वायुसैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जगाएगा।

उल्लेखनीय है कि 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायुसेना की सटीकता, साहस और तकनीकी दक्षता का प्रतीक है। अपने गठन के बाद से इस टीम ने भारत की हवाई क्षमता और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन देश-विदेश के अनेक मंचों पर किया है। सूर्यकिरण टीम एशिया की एकमात्र नौ विमान की एरोबैटिक डिस्प्ले टीम है, जो भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और समन्वय की मिसाल मानी जाती है। इनके विमानों की उड़ानें इतनी सटीक होती हैं कि कभी-कभी पंखों के बीच की दूरी पाँच मीटर से भी कम रह जाती है — यही वह कौशल है जो भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देता है

स्वदेशी तकनीक से आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

टीम ने अपनी यात्रा की शुरुआत HJT-16 Kiran Mk-II से की थी। वर्ष 2015 में इसने स्वदेशी तकनीक पर आधारित HAL Hawk Mk-132 Advanced Jet Trainer के साथ नई उड़ान भरी। सूर्यकिरण टीम केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा के लिए प्रेरित करती है।

देश और दुनिया में 700 से अधिक प्रदर्शन

अब तक सूर्यकिरण टीम ने भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, ब्रिटेन और थाईलैंड जैसे देशों में इस टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। टीम ने सिंगापुर एयर शो, दुबई एयर शो और रॉयल थाई एयर फोर्स की 88वीं वर्षगांठ पर भी शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रदर्शनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा सहयोग की भावना को दुनिया के सामने रखा है।

खेल और संस्कृति से जुड़ा गौरवपूर्ण अध्याय

2023 में सूर्यकिरण टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट विश्वकप के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया था। इस अवसर ने खेल और सैन्य गौरव को एक साथ जोड़ने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

 “यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम हमारे रजत जयंती समारोह का हिस्सा बनेगी। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर यह शो राज्य के विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह प्रदर्शन न केवल हमारे युवाओं में देशभक्ति और गर्व की भावना को प्रबल करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा भी देगा। मैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और हमारे वीर वायुसैनिकों के कौशल को सलाम करें।”- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

राजधानी में 1 नवंबर से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली! कैबिनेट बैठक में लग सकती है मुहर

राजधानी में 1 नवंबर से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली! कैबिनेट बैठक में लग सकती है मुहर

 रायपुर-  रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। गृह विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं और अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। यदि सब कुछ तय समय पर होता है, तो 1 नवंबर से रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हो सकती है।

बात दें कि, एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें आईजी अजय यादव, आईजी अमरेश मिश्रा, डीआईजी ओपी पाल, एसएसपी अभिषेक मीणा और एसएसपी संतोष सिंह शामिल थे। इस समिति ने कई राज्यों में लागू पुलिस कमिश्नर प्रणाली का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। कमेटी ने उन सभी राज्यों का अध्ययन किया, जहां पहले से पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू है।

 पुलिस कमिश्नर पद के लिए 4 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें आईपीएस संजीव शुक्ला, आईपीएस बद्री नारायण मीणा, आईपीएस रामगोपाल गर्ग और आईपीएस  अमरेश मिश्रा शामिल हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर के लिए भी 4 दावेदार हैं। कमिश्नर की रैंक तय करने के लिए तीन विकल्प हैं – एडीजी रैंक, आईजी रैंक और डीआईजी रैंक।

बस्तर ओलंपिक 2025 की तैयारियां शुरू, बस्तर की प्रतिभा को निखारने और नई पहचान देने खिलाड़ियों को दिया जा रहा मंच

बस्तर ओलंपिक 2025 की तैयारियां शुरू, बस्तर की प्रतिभा को निखारने और नई पहचान देने खिलाड़ियों को दिया जा रहा मंच

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही बस्तर ओलंपिक 2025 का आयोजन होने वाला है। जिसके लिए  तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस ओलंपकि के जरिए बस्तर के प्रतिभा को निखारने और एक नई पहचान देने के लिए खिलाड़ियों को मंच दिया जा रहा। प्रतियोगिताएं तीन स्तरों पर की जाएंगे आयोजित विकासखंड, जिला, संभाग स्तर पर कार्यक्रम होंगे। विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिता 25 अक्टूबर से, जिला स्तर पर 5 नवम्बर से और संभाग स्तर पर 24 नवम्बर से आयोजित की जाएगी।

बता दें कि, बस्तर ओलंपिक 2025 के लिए बस्तर संभाग के 7 जिलों से 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 1 लाख 63 हजार 668 पुरुष और 2 लाख 27 हजार 621 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह संख्या न केवल बस्तर के युवाओं का खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बस्तर की धरती पर अब खेल एक नई सामाजिक चेतना और समान भागीदारी का प्रतीक बन चुके हैं।

 वहीं इस ओलंपिक में विजेता खिलाड़ियों को “बस्तर यूथ आईकॉन” के रूप में प्रचलित किया जाएगा। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, कराते, वेटलिफ्टिंग और हॉकी जैसे खेल शामिल हैं। इसमें न केवल आधुनिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि स्थानीय परंपरा से जुड़े खिलाड़ियों को भी मंच मिलेगा।

CG : गौरी-गौरा में विवाद के बाद युवक की चाकू गोदकर हत्या

CG : गौरी-गौरा में विवाद के बाद युवक की चाकू गोदकर हत्या

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गौरी-गौरा में विवाद के बाद युवक की चाकू गोदकर बेरहमी से हटाया कर दी गई। नंदिनी थाना क्षेत्र के अरसनारा का मामला।जानकारी के अनुसार, दो लोग साथ में बैठकर शराब पी रहे थे। इसके बाद दोनों गौरा-गौरी में पहुंचे और इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद युवक ने दूसरे युवक पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में युवक की मौत हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है।

 
 
CG : सीनियर IPS रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप, एसआई की पत्नी योग टीचर ने डीजीपी से की शिकायत

CG : सीनियर IPS रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप, एसआई की पत्नी योग टीचर ने डीजीपी से की शिकायत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे के सीनियर आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आईपीएस डांगी पर यह आरोप पुलिस महकमें में पदस्थ एक एसआई की पत्नी ने लगाया है, जो पेशे से योग टीचर है। एसआई की पत्नी ने पूरे मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी से की है।

महिला का आरोप है कि डांगी पिछले 7 सालों से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में IPS डांगी का कहना है कि महिला उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। फिलहाल DGP ने शिकायत की जांच के निर्देश दिए है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर 15 अक्टूबर को औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि साल 2017 में रतनलाल डांगी से उसकी मुलाकात कोरबा में हुई थी, जब IPS डांगी वहां एसपी पद पर तैनात थे।

शुरूआती बातचीत सोशल मीडिया पर हुई, जो आगे बढ़ती गई। दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वह वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें योग सिखाती थी। बाद में राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद डांगी ने कथित रूप से उसे परेशान करना शुरू किया। बिलासपुर आईजी रहते हुए उत्पीड़न का सिलसिला और बढ़ गया।

शिकायत में महिला ने बताया है कि IPS डांगी उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे और न आने पर तबादले की धमकी देते थे। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी वह वीडियो कॉल के जरिए सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क करने का दबाव बनाते थे। महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।

IPS रतनलाल डांगी के बारे में

IPS रतनलाल डांगी छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं, जबकि सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर रेंज में आईजी पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे चंद्रखुरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में निदेशक के रूप में पदस्थ हैं।

दोनों के लिए जायेंगे बयान

IPS रतनलाल डांगी की शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आईजी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। अब तक मामले में जांच शुरू नहीं हुई है। बताया जा रहा है जांच अधिकारी पहले महिला से पूछताछ करके बयान और डिजिटल साक्ष्य लेंगे। महिला से बयान लेने के बाद IPS रतनलाल डांगी का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है।

 
CG : राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ में हो सकती है बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, IAS-IPS के ट्रांसफर की अटकलें तेज

CG : राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ में हो सकती है बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, IAS-IPS के ट्रांसफर की अटकलें तेज

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई वाली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद अब मंत्रालय में अधिकारियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि राज्योत्सव से पहले सरकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर सकती है, जिसके तहत कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले जाएंगे।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में हुई कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में प्राप्त फीडबैक और मूल्यांकन के आधार पर बदलाव की सूची तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री साय और मुख्य सचिव ने कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रत्येक जिले के कामकाज की समीक्षा की थी। कुछ जिलों के कलेक्टरों की कार्यशैली की सराहना हुई, वहीं कुछ के कामकाज पर असंतोष भी जाहिर किया गया।

सूत्रों के अनुसार, छोटे जिलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलेक्टरों को बड़े और महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, जिन अधिकारियों का कार्यकाल तीन साल से अधिक हो गया है, उन्हें प्रशासनिक परंपरा के तहत स्थानांतरित किया जा सकता है।

इस बार होने वाले फेरबदल में कई कारक प्रभाव डाल सकते हैं। कुछ आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) पर जाने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ अधिकारी प्रतिनियुक्ति से लौटकर राज्य प्रशासन में शामिल होंगे। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर लिस्ट का मसौदा तैयार किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का भी असर देखा जा सकता है। हाल ही में उन्होंने कोरबा कलेक्टर के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के दौरान कंवर को नजरबंद करना पड़ा था, जिसके बाद वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से मुलाकात के बाद शांत हुए थे। यह घटनाक्रम भी कुछ जिलों में संभावित बदलावों को प्रभावित कर सकता है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना है। नए मुख्य सचिव के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की टीम राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए काम कर रही है।

मंत्रालय में देर से आने वालों पर लगेगी लगाम, इस दिन से लागू होगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली, पंजीकरण अनिवार्य

मंत्रालय में देर से आने वालों पर लगेगी लगाम, इस दिन से लागू होगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली, पंजीकरण अनिवार्य

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय महानदी भवन में ट्रांसपेरेंट और सही अटेंडेंस पक्का करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय में आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा. यह सिस्टम 1 दिसंबर, 2025 से लागू होगा. पोर्टल पर ज़रूरी जानकारी जमा करने की डेडलाइन 7 नवंबर तय की गई है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में सभी डिपार्टमेंट हेड और अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं.

1 दिसंबर से मंत्रालय में बदलेगा अटेंडेंस का तरीका

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर के मंत्रालय, महानदी भवन में अटेंडेंस को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए 1 दिसंबर, 2025 से आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) लागू करने का निर्णय लिया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं. इस नए सिस्टम के तहत, कर्मचारियों को अपनी हाजिरी बायोमेट्रिक मशीनों से लगानी होगी, जो सीधे उनके आधार नंबर से लिंक होगी. इससे देर से आने और बिना बताए अनुपस्थित रहने वालों पर प्रभावी नियंत्रण होगा. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 7 नवंबर तक पोर्टल पर अपना आधार नंबर अपडेट करना अनिवार्य है.

देर से आने और गैरहाजिर रहने वालों पर लगेगी लगाम

इस नए सिस्टम के तहत हर कर्मचारी की अटेंडेंस सीधे उनके आधार नंबर से लिंक होगी. इससे अटेंडेंस रिकॉर्ड करने में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और देर से आने या बिना बताए गैरहाजिर रहने वालों को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी. नए सिस्टम के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल पर अपने आधार नंबर अपडेट करने होंगे. इसके बाद, अटेंडेंस सिर्फ पूरे मंत्रालय परिसर में लगी बायोमेट्रिक मशीनों से ही रिकॉर्ड की जा सकेगी.

पंजीकरण की अंतिम तिथि 7 नवंबर

​सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 7 नवंबर 2025 तक AEBAS पोर्टल पर अपना स्व-पंजीकरण (Self-Registration) अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा है। इसके बिना 1 दिसंबर के बाद उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाएगी।

​पंजीकरण के लिए यह करना होगा

​कर्मचारियों को विभागीय पोर्टल https://cggad.attendance.gov.in पर जाना होगा।
​वहाँ User/Employee Registration अनुभाग में आवश्यक विवरण भरना होगा।
​रजिस्ट्रेशन के लिए इन 10 जानकारियों की होगी ज़रूरत
​पंजीकरण के दौरान कर्मचारियों को अपनी निम्नलिखित मूलभूत और आधिकारिक जानकारियां देनी होंगी।
​नाम, जन्म तिथि, लिंग।
​आधार संख्या या वर्चुअल आईडी (अनिवार्य)।
​मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी।
​संगठन/अनुभाग/इकाई का नाम।
​पदनाम, कार्यालय स्थान, कर्मचारी कोड (यदि उपलब्ध हो)।
​पासपोर्ट आकार का फोटो (JPEG फॉर्मेट में, साइज़ अधिकतम 150 KB)।
​यूनिट चयन में रखें ध्यान।
​स्व-पंजीकरण के समय कर्मचारियों को अपनी श्रेणी के अनुसार Division/Unit within Organization का चयन सावधानी से करना होगा।

तकनीकी सहायता के लिए संपर्क

​पंजीकरण में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आने पर कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग के पीयूष दुबे (मोबाइल नंबर 7987582401) से संपर्क कर सकते हैं।

​GAD ने सभी विभागीय सचिवों से अनुरोध किया है कि वे अपने अधीनस्थ स्टाफ को निर्धारित समय-सीमा (7 नवंबर 2025) के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दें, जिससे 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।

 
 
हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया गोवर्धन पूजा का पर्व ...200 से अधिक व्यंजन छत्तीसगढ़ी कलेवा का लगा भोग

हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया गोवर्धन पूजा का पर्व ...200 से अधिक व्यंजन छत्तीसगढ़ी कलेवा का लगा भोग

रायपुर :- कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को प्रत्येक वर्ष की तरह गोवर्धन पूजा का महापर्व श्रद्धा भक्ति पूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया‌। गौ माताओं की पूजा की गई‌‌ तथा गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी विधिवत पूजा अर्चना की गई‌। ठाकुर जी मे 56 भोग लगाया गया , छत्तीसगढ़ को धान‌ का कटोरा कहा जाता है और धान‌ को अन्नपुर्णा, इसलिए इस वर्ष मठ के गर्भगृह को धान कि बालियों से सजाया गया है छत्तीसगढ़ मे पहली बार इस तरह सजाया गया है

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री जैतू साव मठ व दुद्धाधारी मठ में गोवर्धन पूजा की गई, गौ माता को श्रृंगारित किया गया एवं विधि पूजा अर्चना की गई, फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। श्रद्धालु भक्तों ने गौमाता की गोबर से एक- दूसरे को तिलक लगाया और गौ वंश के वृद्धि की कामना की। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर  दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि- कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को प्रत्येक वर्ष गोवर्धन पूजा का पर्व सभी सनातन धर्मावलंबियों में श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया जाता है‌। श्रीमद् भागवत महापुराण में भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी द्वारा इंद्र के अहंकार को चूर-चूर करने के लिए इस पूजन का आयोजन बृजवासियों ने भगवान श्री नारायण के अंसावतार भगवान कृष्ण चंद्र जी की अगुवाई में पूरा किया था। तब से यह पर्व हमारे पूर्वज परंपरागत रूप से मनाते आ रहे हैं। इस अवसर पर विशेष सुरक्षा उपस्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि- आज गोवर्धन पूजा के साथ-साथ अन्नकूट का भी त्यौहार है इसे हम सभी श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाते आ रहे हैं यह हमारी सनातन परंपरा का अंग है। ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने कहा कि - गोवर्धन पूजा देव पूजन के साथ -साथ प्रकृति पूजा का भी प्रतीक है। इसमें हम गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। जंगल,नदी, पहाड़ इन सभी को हमारे धर्म शास्त्रों में देवतुल्य माना गया है, यह प्रकृति संरक्षण का सर्वोत्तम उदाहरण है। कार्यक्रम में विशेष रूप से दाऊ महेंद्रा अग्रवाल, सुरेश शुक्ला, रमेश यदु, चंद्रकांत यदु ,जगन्नाथ अग्रवाल, पुजारी सुमित तिवारी जी, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण सम्मिलित हुए

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी बड़ी सौगात, दो महाविद्यालयों की होगी स्थापना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी बड़ी सौगात, दो महाविद्यालयों की होगी स्थापना

 जशपुरनगर -  छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार प्रभावी कदम उठा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार , करडेगा महाविद्यालयों के संचालन के लिए शिक्षकीय और कार्यालयीन कर्मचारियों की पदस्थापना की स्वीकृति दी है। इस कदम से प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में  युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिलने की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा।

मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर जिले के फरसाबहार, दुलदुला के करडेगा ,बस्तर के नगरनार और किलेपाल में नवीन महाविद्यालयों का संचालन संभव हो सकेगा। छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षाविभाग ने इन महाविद्यालयों के लिए एक-एक प्राचार्य, 48 सहायक प्राध्यापक, 4 ग्रंथपाल, 4 क्रीड़ाधिकारी और 4 प्रयोगशाला सहायक पदों को स्वीकृति दी है। अब राज्य सरकार इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करेगी।

जशपुर जिले के छात्रों के लिए बड़ी राहत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम से जशपुर जिले के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जिले के फरसाबहार और दुलदुला के करडेगा में महाविद्यालयों के स्थापना से स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्र में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।फरसाबहार में लंबे समय से महाविद्यालय की मांग की जा रही थी।अब यहाँ महाविद्यालय स्थापित होने से यहाँ के छात्रों को तपकरा या बागबहार की ओर दौड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष रूप से छात्राओं को इस पहल से घर के पास ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी।

वहीं, दुलदुला ब्लॉक के करडेगा में चारों ओर घने जंगल हैं, और छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए ब्लॉक मुख्यालय दुलदुला जाना पड़ता था।अब यहाँ भी महाविद्यालय के संचालन से छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में होने वाली दिक्कतें समाप्त हो जाएंगी।

प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण कदम

इस कदम के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह राज्य के युवा और शिक्षा क्षेत्र के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में उच्च, तकनीकी और स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के लिए इस तरह के कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री के इस पहल का जशपुर जिले के छात्रों और उनके परिवारों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा उनका आभार व्यक्त किया है।v