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छत्तीसगढ़ का पहला मामला : मेकाहारा में दुर्लभ प्रेग्नेंसी का सफल ऑपरेशन, गर्भाशय में नहीं पेट में पला भ्रूण, मां और शिशु दोनों सुरक्षित

छत्तीसगढ़ का पहला मामला : मेकाहारा में दुर्लभ प्रेग्नेंसी का सफल ऑपरेशन, गर्भाशय में नहीं पेट में पला भ्रूण, मां और शिशु दोनों सुरक्षित

रायपुर। नि:स्वार्थ सेवा, जीवन बचाने की चिकित्सा क्षमता और मानवीय करुणा के कारण डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। कई बार रोगी की जान बचाने के लिए अपने अधिकतम प्रयास की सीमा से ऊपर उठकर वे रोगी को मौत के मुँह से भी निकालकर ले आते हैं। कुछ ऐसे ही सेवा, समर्पण और करुणा की परिभाषा और मिसाल कायम करते हुए चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉक्टरों ने न केवल महिला का जीवन सुरक्षित किया बल्कि महिला के जटिलताओं से भरे गर्भ को बचाते हुए उसे मातृत्व सुख का अहसास भी दिलाया।

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने अत्यंत दुर्लभ और जटिल परिस्थिति में 40 वर्षीय एक गर्भवती महिला की सफल डिलीवरी कर मां और शिशु दोनों को जीवनदान दिया।

यह मामला सेकेंडरी एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी का है, जिसमें भ्रूण गर्भाशय में न होकर पेट (एब्डोमिनल कैविटी) में विकसित हो रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यह मध्य भारत का पहला और दुनिया के अत्यंत दुर्लभ मामलों में से एक है।

कई जटिलताएं और सफल उपचार, दो बार मिला जीवन दान

इस गर्भावस्था के दौरान महिला इमर्जेंसी में चौथे महीने के मध्यरात्रि में अम्बेडकर अस्पताल रेफर होकर आई। स्त्री रोग विभाग ने गंभीरता समझ तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क किया और तुरंत एंजियोप्लास्टी हुई। अम्बेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में हुई इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरती ताकि गर्भस्थ शिशु को कोई हानि न पहुँचे। महिला खून पतला करने की दवाओं पर भी थी, गर्भ सुरक्षित रहा। यह गर्भावस्था के दौरान एंजियोप्लास्टी करने का पहला मामला था।

स्त्री प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि किशोर गुप्ता बताती हैं कि गर्भावस्था के 37वें हफ्ते में महिला पुन: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग आई और उसे तुरंत भर्ती किया गया। केस की गंभीरता को देखते हुए गायनी, सर्जरी, एनेस्थीसिया और कार्डियोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान हमने पाया कि शिशु गर्भाशय में नहीं, बल्कि पेट में विकसित हो रहा था और आंवल कई अंगों से रक्त ले रही थी। टीम ने सुरक्षित रूप से शिशु को बाहर निकाला। साथ ही भारी रक्तस्राव की संभावना को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक चिपकी प्लेसेंटा के साथ गर्भाशय को भी निकालना पड़ा।

दोनों डॉक्टरों का कहना है कि इस केस पर विस्तृत अध्ययन कर इसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में प्रकाशित करने की तैयारी की जा रही है।

मां और शिशु दोनों स्वस्थ

टीम के अथक प्रयासों से शिशु सकुशल पैदा हुआ और मां भी पूरी तरह स्वस्थ है। महिला की डिलीवरी के बाद उसमें कोई जटिलता ना आए और उसका शिशु भी पूरी तरीके से स्वस्थ रहे इसके लिए हमने लगातार एक महीने तक महिला एवं शिशु को अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद अपने यहां फॉलोअप के लिए बुलाया। तब हमने इस केस के बारे में बाकी लोगों को जानकारी दी क्योंकि यह शिशु महिला के लिए “प्रेशियस चाइल्ड” है। उसकी कोई संतान नहीं थी। कई वर्ष पूर्व महिला को एक बच्चा हुआ था जो डाउन सिंड्रोम और हृदय रोग से ग्रस्त था और उसकी मृत्यु हो गई। अतः ऐसी महिला को मातृत्व सुख का एहसास कराना हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में मरीज जब अस्पताल आई, तब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने अद्भुत तत्परता और समर्पण के साथ उसका जीवन बचाया। इस कार्य में सभी टीमों ने आपसी सहयोग और समन्वय की मिसाल पेश की। यह सामूहिक प्रयास चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिवार की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को दर्शाता है। पूरी चिकित्सक टीम इस सफलता की हार्दिक बधाई की पात्र है। आशा है कि भविष्य में भी इसी एकजुटता और समर्पण के साथ संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।

विशेषज्ञों की राय

डॉ. ज्योति जायसवाल ने बताया कि सेकेंडरी एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का वह रूप है, जिसमें भ्रूण पहले गर्भाशय/ट्यूब में ठहरता है और बाद में पेट के अंगों में जाकर विकसित होने लगता है। यह माँ के लिए अत्यंत खतरनाक स्थिति होती है और अधिकांशतः भ्रूण जीवित नही रहते। ऑपरेशन ही इसका एकमात्र समाधान है। ”सेकेंडरी” इसलिए कहा जाता है क्योंकि संभवतः भ्रूण पहले गर्भाशय/फैलोपियन ट्यूब में ठहरता है और प्रारम्भिक समय में ही वहां से हट कर पेट के अंगों (जैसे- आंत, लिवर, स्प्लीन या ओमेंटम या गर्भाशय की बाहरी सतह ) पर जाकर चिपक जाता है। यह माँ के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है, क्योंकि इसमें भारी रक्तस्राव और जटिलताओं का खतरा रहता है। माँ और शिशु की जान का पूरा जोखिम रहता है।

 

डॉक्टरों की टीम

इस ऑपरेशन में स्त्री रोग विभाग से डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. रुचि किशोर गुप्ता, डॉ. सुमा एक्का , डाॅ. नीलम सिंह, डाॅ. रुमी, एनेस्थीसिया विभाग से डाॅ. शशांक, डाॅ. अमृता , जनरल सर्जरी विभाग से डॉ. अमित अग्रवाल (मल्टीडिसीप्लीन टीम) थी। ऑपरेशन के बाद भी मरीज के स्वास्थ्यलाभ के लिये स्त्री रोग विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग और मेडिसिन विभाग से विशेषज्ञ शामिल रहे। मरीज एवं उनके परिवार ने भी डॉक्टर्स की टीम के प्रति अपना आभार प्रकट किया।रायपुर। नि:स्वार्थ सेवा, जीवन बचाने की चिकित्सा क्षमता और मानवीय करुणा के कारण डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। कई बार रोगी की जान बचाने के लिए अपने अधिकतम प्रयास की सीमा से ऊपर उठकर वे रोगी को मौत के मुँह से भी निकालकर ले आते हैं। कुछ ऐसे ही सेवा, समर्पण और करुणा की परिभाषा और मिसाल कायम करते हुए चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉक्टरों ने न केवल महिला का जीवन सुरक्षित किया बल्कि महिला के जटिलताओं से भरे गर्भ को बचाते हुए उसे मातृत्व सुख का अहसास भी दिलाया।

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने अत्यंत दुर्लभ और जटिल परिस्थिति में 40 वर्षीय एक गर्भवती महिला की सफल डिलीवरी कर मां और शिशु दोनों को जीवनदान दिया।

यह मामला सेकेंडरी एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी का है, जिसमें भ्रूण गर्भाशय में न होकर पेट (एब्डोमिनल कैविटी) में विकसित हो रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यह मध्य भारत का पहला और दुनिया के अत्यंत दुर्लभ मामलों में से एक है।

कई जटिलताएं और सफल उपचार, दो बार मिला जीवन दान

इस गर्भावस्था के दौरान महिला इमर्जेंसी में चौथे महीने के मध्यरात्रि में अम्बेडकर अस्पताल रेफर होकर आई। स्त्री रोग विभाग ने गंभीरता समझ तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क किया और तुरंत एंजियोप्लास्टी हुई। अम्बेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में हुई इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरती ताकि गर्भस्थ शिशु को कोई हानि न पहुँचे। महिला खून पतला करने की दवाओं पर भी थी, गर्भ सुरक्षित रहा। यह गर्भावस्था के दौरान एंजियोप्लास्टी करने का पहला मामला था।

स्त्री प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि किशोर गुप्ता बताती हैं कि गर्भावस्था के 37वें हफ्ते में महिला पुन: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग आई और उसे तुरंत भर्ती किया गया। केस की गंभीरता को देखते हुए गायनी, सर्जरी, एनेस्थीसिया और कार्डियोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान हमने पाया कि शिशु गर्भाशय में नहीं, बल्कि पेट में विकसित हो रहा था और आंवल कई अंगों से रक्त ले रही थी। टीम ने सुरक्षित रूप से शिशु को बाहर निकाला। साथ ही भारी रक्तस्राव की संभावना को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक चिपकी प्लेसेंटा के साथ गर्भाशय को भी निकालना पड़ा।

दोनों डॉक्टरों का कहना है कि इस केस पर विस्तृत अध्ययन कर इसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में प्रकाशित करने की तैयारी की जा रही है।

मां और शिशु दोनों स्वस्थ

टीम के अथक प्रयासों से शिशु सकुशल पैदा हुआ और मां भी पूरी तरह स्वस्थ है। महिला की डिलीवरी के बाद उसमें कोई जटिलता ना आए और उसका शिशु भी पूरी तरीके से स्वस्थ रहे इसके लिए हमने लगातार एक महीने तक महिला एवं शिशु को अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद अपने यहां फॉलोअप के लिए बुलाया। तब हमने इस केस के बारे में बाकी लोगों को जानकारी दी क्योंकि यह शिशु महिला के लिए “प्रेशियस चाइल्ड” है। उसकी कोई संतान नहीं थी। कई वर्ष पूर्व महिला को एक बच्चा हुआ था जो डाउन सिंड्रोम और हृदय रोग से ग्रस्त था और उसकी मृत्यु हो गई। अतः ऐसी महिला को मातृत्व सुख का एहसास कराना हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में मरीज जब अस्पताल आई, तब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने अद्भुत तत्परता और समर्पण के साथ उसका जीवन बचाया। इस कार्य में सभी टीमों ने आपसी सहयोग और समन्वय की मिसाल पेश की। यह सामूहिक प्रयास चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिवार की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को दर्शाता है। पूरी चिकित्सक टीम इस सफलता की हार्दिक बधाई की पात्र है। आशा है कि भविष्य में भी इसी एकजुटता और समर्पण के साथ संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।

विशेषज्ञों की राय

डॉ. ज्योति जायसवाल ने बताया कि सेकेंडरी एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का वह रूप है, जिसमें भ्रूण पहले गर्भाशय/ट्यूब में ठहरता है और बाद में पेट के अंगों में जाकर विकसित होने लगता है। यह माँ के लिए अत्यंत खतरनाक स्थिति होती है और अधिकांशतः भ्रूण जीवित नही रहते। ऑपरेशन ही इसका एकमात्र समाधान है। ”सेकेंडरी” इसलिए कहा जाता है क्योंकि संभवतः भ्रूण पहले गर्भाशय/फैलोपियन ट्यूब में ठहरता है और प्रारम्भिक समय में ही वहां से हट कर पेट के अंगों (जैसे- आंत, लिवर, स्प्लीन या ओमेंटम या गर्भाशय की बाहरी सतह ) पर जाकर चिपक जाता है। यह माँ के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है, क्योंकि इसमें भारी रक्तस्राव और जटिलताओं का खतरा रहता है। माँ और शिशु की जान का पूरा जोखिम रहता है।

 

 

डॉक्टरों की टीम

इस ऑपरेशन में स्त्री रोग विभाग से डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. रुचि किशोर गुप्ता, डॉ. सुमा एक्का , डाॅ. नीलम सिंह, डाॅ. रुमी, एनेस्थीसिया विभाग से डाॅ. शशांक, डाॅ. अमृता , जनरल सर्जरी विभाग से डॉ. अमित अग्रवाल (मल्टीडिसीप्लीन टीम) थी। ऑपरेशन के बाद भी मरीज के स्वास्थ्यलाभ के लिये स्त्री रोग विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग और मेडिसिन विभाग से विशेषज्ञ शामिल रहे। मरीज एवं उनके परिवार ने भी डॉक्टर्स की टीम के प्रति अपना आभार प्रकट किया। 

CG Weather Update : छत्तीसगढ़ से पूरी तरह विदा हुआ मानसून, अगले 2 दिनों तक साफ रहेगा मौसम

CG Weather Update : छत्तीसगढ़ से पूरी तरह विदा हुआ मानसून, अगले 2 दिनों तक साफ रहेगा मौसम

रायपुर. छत्तीसगढ़ से मानसून की पूरी विदाई हो चुकी है. मौसम आज शुष्क रहने की संभावना जताई गई है. पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं पर भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. इस दौरान तापमान राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है.

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर झारखंड और उसके आसपास स्थित है. प्रदेश में आज मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. इस दौरान न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है. हालांकि, दो दिनों बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना हो सकती है.

राजधानी रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?

बात करें राजधानी रायपुर की तो मौसम विभाग ने आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. इस दौरान तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से लेकर के 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल-मुक्त भारत की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय….

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल-मुक्त भारत की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, संवेदनशील नीतियों और सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार जारी है। सुकमा जिले में आज 50 लाख रुपए के इनामी सहित कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह न केवल नक्सल हिंसा के अंत की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह बस्तर अंचल में विश्वास, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएलजीए बटालियन नंबर-01 के हार्डकोर नक्सली सहित विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रहे माओवादियों का आत्मसमर्पण राज्य शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। शासन की संवेदनशील पहल लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में प्रशासन के प्रति बढ़ते जन-विश्वास से यह परिवर्तन संभव हुआ है।

गढ़चिरौली में कुख्यात माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू समेत 60 नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सलवादी विचारधारा पर एक निर्णायक प्रहार है। हमारे शौर्यवान सुरक्षाबल दिन-रात अदम्य साहस के साथ इस लड़ाई को अंजाम दे रहे हैं और सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार ने बंदूक छोड़ने वालों को सम्मानपूर्वक मुख्यधारा में लाने का रास्ता दिखाया है।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास की स्थापना करना है जहाँ कभी भय और हिंसा का साया था। आज वही इलाके संवाद, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार की नई दिशा पकड़ रहे हैं।

राज्य के पुलिस बल, डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी अदम्य वीरता, संयम और रणनीतिक कौशल से इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ पर पहुँचाया है। मुख्यमंत्री ने सभी सुरक्षाबलों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनके साहस, अनुशासन और समर्पण से ही बस्तर में विश्वास का माहौल स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में भारत ‘नक्सल मुक्त राष्ट्र’ के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार इस राष्ट्रीय संकल्प में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अग्रसर है।

CG : जगदलपुर में आज होगा नक्सलियों का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने 200 माओवादी डालेंगे हथियार

CG : जगदलपुर में आज होगा नक्सलियों का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने 200 माओवादी डालेंगे हथियार

 जगदलपुर:  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11 बजे पहुंचेंगे जगदलपुर, जहां पुलिस लाइन में होगा नक्सलियों का सबसे बड़ा आत्म समर्पण, लगभग 200 माओवादी मुख्यमंत्री के सामने डालेंगे हथियार।

दोपहर 1:30 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रेस वार्ता को करेंगे संबोधित। पुलिस लाइन इस कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारी पुरी कर ली गई । यहां एक विशालकाय डोम बनाया गया है जहां आत्म समर्पण का कार्यक्रम होगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आत्म समर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रेड कार्पेट बिछाने की बात कही थी । पुलिस लाइन में आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया है । जानकारी अनुसार जब नक्सली यहां पहुंचेंगे तो पुलिस प्रशासन उनका भव्य स्वागत करेगा।

 
 
BREAKING : निगम – मंडल – आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों को मिला कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा, देखें आदेश

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 रायपुर। निगम – मंडल – आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों को मिला कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा, देखें आदेश

 
Prime Minister Modi CG Visit : इस तारीख को छत्तीसगढ़ आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इन पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल...!!

Prime Minister Modi CG Visit : इस तारीख को छत्तीसगढ़ आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इन पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल...!!

 रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 1 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।

अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए।

बैठक में कलेक्टर गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।”

उल्लेखनीय है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

Transfer Breaking : यातायात थाना प्रभारियों का हुआ ट्रांसफर, आदेश जारी…

Transfer Breaking : यातायात थाना प्रभारियों का हुआ ट्रांसफर, आदेश जारी…

 रायपुर।  2 यातायात थाना प्रभारियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, वैभव मिश्रा को यातायात मुख्यालय से भनपुरी यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुनील कुमार को भनपुरी थाना यातायात से यातायात मुख्यालय भेजा गया है।

देखें आदेश-

CG Breaking : भाई दूज पर 23 अक्टूबर को रहेगी छुट्टी, आदेश जारी

CG Breaking : भाई दूज पर 23 अक्टूबर को रहेगी छुट्टी, आदेश जारी

 महासमुंद।  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2025 के लिए समस्त शासकीय कार्यालयों तथा संस्थाओं के लिए पूर्व में जारी आदेश में संशोधित किया गया है। संशोधित आदेशानुसार दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) 21 अक्टूबर को घोषित स्थानीय अवकाश को परिवर्तित करते हुए भाई दूज (दीपावली) के दिन गुरुवार 23 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित किया है। उपरोक्त स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालय के लिए लागू नहीं होगा।

 
 
खात्मे की ओर नक्सलवाद… नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में आई कमी, अब सिर्फ 3 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

खात्मे की ओर नक्सलवाद… नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में आई कमी, अब सिर्फ 3 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

 रायपुर।  नक्सल मुक्त अभियान में सरकार को बड़ी सफलता मिल रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद के खात्मे की जो टाइमलाइन बताई थी। वह अब पूरा होता नजर आ रहा है। सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों और सरकार की  नीतियों से प्रभावित होकर नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। वहीं नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में भी कमी आई है

बता दें कि, सबसे अधिक नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर 3 हो गई है। अब केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले ही वामपंथी उग्रवाद (LWE) से सबसे अधिक प्रभावित हैं। नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर 11 रह गई है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करना है।

इसके पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में माओवादी संगठन के केंद्रीय स्तर के सदस्य और पोलित ब्यूरो मेंबर भूपति उर्फ़ वेणुगोपाल राव उर्फ़ सोनू दादा ने करीब 60 माओवादियों के साथ हथियार समेत आत्मसमर्पण किया था। वहीं 1639 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया।

सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, एक साथ 140 नक्सलियों की होगी घर वापसी, रेड कार्पेट पर किया जाएगा स्वागत

सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, एक साथ 140 नक्सलियों की होगी घर वापसी, रेड कार्पेट पर किया जाएगा स्वागत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सलियों के आत्म समर्पण से जुड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक के बाद एक कई बड़े इनामी नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। वहीं इसी कड़ी में एक और बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक साथ 140 नक्सलियों की घर वापसी होगी।

मिली जानकारी के अनुसार, नक्सली कमांडर रूपेश की अगुवाई में करीब 140 से ज्यादा नक्सली सरेंडर करेंगे। संभवतः यह देश में हथियारबंद नक्सलियों का का सबसे बड़ा समर्पण होगा। यह आत्मसमर्पण समारोह 17 अक्टूबर, शुक्रवार को जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। इनमे 100 से ज्यादा नक्सली घातक हथियारों के साथ पहुंचेंगे।

वहीं नक्सलियों द्वारा आत्मसम्पर्ण को लेकर उप मुयख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, नक्सली समापत की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि, पुनर्वास करने वाले नक्सलियों का लाल कालीन बिछा कर स्वागत किया जा रहा है , जो शस्त्र नक्सली होते थे। वो मुख्य धारा में आ रहे हैं। अभी कांकेर, माढ़ नक्क्सली अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि, बस्तर की जनता लाल आतंक नहीं चाहती है।  नारायणपुर भी अभी काफी हद तक मुक्त हो गया है।  सुकमा में नक्सली खत्म हो रहे है। अभी सिर्फ बीजापुर बचा है वो भी जल्द मुक्त हो जाएगा।

4 पुलिस अधिकारी की ACB/EOW में प्रतिनियुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

4 पुलिस अधिकारी की ACB/EOW में प्रतिनियुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है, जिसमें 3 पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में भेजा गया है।

जारी आदेश के अनुसार, एक ASP (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), एक DSP (उप पुलिस अधीक्षक), एक TI (थाना प्रभारी) और एक आरक्षक को प्रतिनियुक्ति परACB/EOW में भेजा गया है। यह फेरबदल ACB और EOW की कार्यक्षमता और सजगता बढ़ाने के लिए किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध के खिलाफ जांच में तेजी आएगी।

Breaking : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की समीक्षा बैठक के बाद प्रशासनिक सर्जरी, तहसीलदारों व डिप्टी कलेक्टरो का हुआ तबादला

Breaking : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की समीक्षा बैठक के बाद प्रशासनिक सर्जरी, तहसीलदारों व डिप्टी कलेक्टरो का हुआ तबादला

 सक्ती। सक्ती जिला के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवर योजनाओं, राजस्व प्रकरणों, लोकसेवा गारंटी एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की 

बैठक के दौरान मंत्री जी ने विभागीय कार्यों की धीमी गति और लापरवाही पर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, किसी भी स्तर पर शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक के उपरांत कलेक्टर अमृत विकास तोपनो जी ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से आवश्यक फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण आदेश जारी किया है

जिसमें मनमोहन प्रताप सिंह तहसीलदार को भोथिया से डभरा, सिद्धार्थ अनंत तहसीलदार को जैजैपुर से भोथिया, संजय मिंज तहसीलदार को डभरा से जैजैपुर भेजा गया है वही बालेश्वर राम अपर कलेक्टर डभरा को जिला कार्यालय सक्ती, विनय कुमार कश्यप डिप्टी कलेक्टर को जिला कार्यालय सक्ती से अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी डभरा का दायित्व दिया गया है।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन आदेश

 
दिल दहला देने वाली घटना, चार्जर केबल से गला घोंटकर युवक की हत्या, पिता-पुत्र पर घूम रही पुलिस के शक की सुई

दिल दहला देने वाली घटना, चार्जर केबल से गला घोंटकर युवक की हत्या, पिता-पुत्र पर घूम रही पुलिस के शक की सुई

 अंबिकापुर।  सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए हैं। खाना बनाने के मामूली विवाद में एक युवक की चार्जर के केबल से गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

दरअसल, मामला सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खड़ादोरना का हैष जहां 24 वर्षीय अमोश लकड़ा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद अमोश की चार्जर के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक के छोटे भाई 20 वर्षीय निलेश लकड़ा और पिता रामचरण एक्का दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

 वहीं हत्या को लेकर दोनों के बयान एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए आए हैं जहां निलेश का आरोप है कि पिता ने हत्या की, वहीं पिता रामचरण का कहना है कि, छोटे बेटे निलेश ने यह वारदात की है। पुलिस दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या की असली गुत्थी जल्द सुलझाई जा सके। फिलहाल सीतापुर पुलिस की टीम इस वारदात को सुलझाने में जुटी हुई है। ऐसे में देखना होगा कि, आखिर हत्या की इस गुत्थी का असली राज कब तक खुल पाता है।

निगम की कचरा गाड़ी ने स्कूटी सवार को मारी टक्कर, हादसे में दो लोगों की मौत, एक घायल

निगम की कचरा गाड़ी ने स्कूटी सवार को मारी टक्कर, हादसे में दो लोगों की मौत, एक घायल

 दुर्ग।  दुर्ग में देर रात पटेल चौक कलेक्ट्रेट के सामने एक बड़ा हादसा हो गया, जहां स्कूटी और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। जिससे की इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक अन्य घायल हो गया। इस दौरान मौके पर काफी अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार,हादसा रात करीब 10:30 बजे का है। जब तीनों स्कूटी सवार गंजपारा रोड की ओर से इंदिरा मार्केट की तरफ जा रहे थे। तभी दुर्ग नगर निगम की कचरा गाड़ी कचरा डंप करने के लिए पुलगांव थाना क्षेत्र जा रही थी। इसी दौरान सिग्नल पार करने के बाद एक्टिवा सवार तीन लोग उसकी चपेट में आ गए।

वहीं मृतकों की पहचान सलमा (25) और मृतक खिलेश्वर साहू के रूप में हुई है। दोनों निवासी कुंद्रा पारा, अटल आवास दुर्ग के रहने वाले थे। जबकि, सहेली कुमोदनी गोड़ घायल है। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस जांच में जुटी है।

एक दिवसीय दौरे पर पटना के लिए रवाना हुए सीएम साय, प्रत्याशियों के नामांकरण रैली में होंगे शामिल

एक दिवसीय दौरे पर पटना के लिए रवाना हुए सीएम साय, प्रत्याशियों के नामांकरण रैली में होंगे शामिल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिहार पटना के एक दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए, जहां वे बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल होंगे। वे सुबह 8:20 बजे रायपुर एयरपोर्ट से बिहार (पटना) के लिए रवाना होंगे और सुबह 11:35 बजे पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।

इसके अलावा, वे तारापुर विधानसभा प्रत्याशी सम्राट चौधरी के नामांकन रैली में दोपहर 12:50 बजे शामिल होंगे और दोपहर 2:15 बजे मुंगेर विधानसभा के उम्मीदवार कुमार प्रणय के नामांकन रैली में शिरकत करेंगे।बता दें कि, बिहार में दो चरणों में चुनाव है। जिसमें पहले चरण के चुनाव 6 नवंबर और दूसरे चरण के चुनाव 11 नवंबर को होने है।  ऐसे में आज सीएम साय तीन अलग- अलग विधानसभा प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल होंगे। विशेष विमान से शाम 6:20 बजे वे वापस रायपुर लौटेंगे।

CG : कांकेर में भीषण सड़क हादसा — नेशनल हाईवे 30 पर ट्रक से टकराई बस, 12 यात्री घायल

CG : कांकेर में भीषण सड़क हादसा — नेशनल हाईवे 30 पर ट्रक से टकराई बस, 12 यात्री घायल

 कांकेर।  सुबह-सुबह कांकेर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नेशनल हाईवे 30 पर जंगलवार कॉलेज के पास एक बस सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराई, जिसमें 12 यात्री घायल हो गए। हादसा सुबह करीब साढ़े 4 बजे का बताया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस तेज रफ्तार में थी और धुंध के कारण चालक को सामने खड़ी ट्रक दिखाई नहीं दी, जिससे यह टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को कांकेर जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच पुलिस कर रही है।

CG : नवाखाई उत्सव के दौरान आपसी विवाद में दो युवकों की मौत

CG : नवाखाई उत्सव के दौरान आपसी विवाद में दो युवकों की मौत

सुकमा। जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के ग्राम तोयपारा में नवाखाई के दौरान विवाद में दो युवकों की मौत हो गई। आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि यह मारपीट में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को तोयनार गांव में नवाखाई का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था। इसी दौरान, ग्राम तोयपारा में दो परिवारों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुँच गया। इस मारपीट में दोनों पक्षों के युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ने बताया कि विवाद पोडियम देवा (45 वर्ष) और पोडियम पोड़िया के बीच शुरू हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। मारपीट के दौरान दोनों युवकों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने गांव वालों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना के बाद से तोयपारा गांव में मातम का माहौल है। जहां एक ओर नवाखाई जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के अवसर पर ऐसी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

 

CG : नक्सल बेल्ट में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी — 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 39 हथियार किए जमा

CG : नक्सल बेल्ट में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी — 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 39 हथियार किए जमा

 अंतागढ़। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार 15 अक्टूबर 2025 को सीओबी कामतेड़ा, 40वीं बटालियन बीएसएफ में 50 सक्रिय व कट्टर नक्सलियों ने बीएसएफ और पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 18 पुरुष और 32 महिलाएं शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, यह आत्मसमर्पण एफजीटी भानुप्रतापपुर, यूनिट जी सेल, 40 बटालियन बीएसएफ और टैक्टिकल एसएचक्यू भानुप्रतापपुर की जन-केंद्रित पहल और लगातार प्रेरणा का परिणाम है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में राजमन उर्फ राजमन मंडावी उर्फ राजमोहन उर्फ कंडागटला यादगिरी उर्फ भास्कर एसजेडसीएम, आईसी एनबी डिवीजन एवं कंपनी नंबर 05, राजू सलाम एसजेडसीएम, कमांडर मिल कंपनी नंबर 05 और मीना नेताम एसीएम सेक रावघाट एसी सहित अन्य 48 सदस्य शामिल हैं

आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने 39 हथियार भी सुरक्षा बलों के हवाले किए, जिनमें
एके-47 रायफल 07, एसएलआर 02, इंसास रायफल 04, इंसास एलएमजी 01, स्टेन गन 01, तथा अन्य सिंगल शॉट और .303 रायफलें शामिल हैं। नक्सल संगठन में आत्मसमर्पण करने वालों में एसजेडसीएम 02, आरसीएम 01, डीवीसीएम 05, एसीएम 21 और पीएम 21 के पद में पदस्थ थे।

 
Crime : इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर शादी का झांसा देकर युवती से बार-बार दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

Crime : इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर शादी का झांसा देकर युवती से बार-बार दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

 नागपुर। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय पीड़िता और आरोपी प्रशांत अनिल मराठे की जान-पहचान इंस्टाग्राम पर हुई थी। दोनों के बीच नियमित चैटिंग होने लगी और आरोपी ने धीरे-धीरे युवती का भरोसा जीत लिया। शादी का वादा करते हुए वह उसे कपिलनगर इलाके में ले गया और उसकी मर्ज़ी के खिलाफ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस के मुताबिक, जब पीड़िता ने बार-बार शादी की बात की तो आरोपी उसे टालने लगा। आखिरकार परेशान होकर युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही कपिलनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रशांत मराठे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

Breaking : जेल में मनेगी चैतन्य बघेल की दिवाली, कोर्ट ने 14 दिन रिमांड पर भेजा

Breaking : जेल में मनेगी चैतन्य बघेल की दिवाली, कोर्ट ने 14 दिन रिमांड पर भेजा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड 14 दिन बढ़ा दी गई है। अब वे 29 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे। आपको बता दें आज उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया।

गौरतलब हो कि, ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके बर्थडे पर भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया है कि करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।

ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। जिसका इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।

CG : हैवान बना दामाद; पेट्रोल डालकर सास-ससुर को जिंदा जलाया

CG : हैवान बना दामाद; पेट्रोल डालकर सास-ससुर को जिंदा जलाया

 कोरिया : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, दामाद ने सो रहे सास-ससुर के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस हादसे में ससुर की मौके पर ही जलकर मौत हो गई और सास की हालत गंभीर है। घटना की सुचना पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

जानकारी के अनुसार, ये पूरा मामला बचरा पोड़ी पुलिस चौकी के ग्राम बड़ेसाल्ही का है। मृतक के दामाद ने पेट्रोल से घर में सो रहे ससुर राय राम और सास के ऊपर हमला किया था। जिसमें ससुर राय राम की घटना स्थल में ही जलने से मौत हो गई। जबकि सास के गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना स्थल फॉरेंसिंग टीम और पुलिस के आला अफसर जांच कर रहें है।

Breaking : नर्सिंग पाठ्यक्रमों में भर्ती की तारीख तीन दिन बढ़ी, जानें कब है अंतिम तिथि

Breaking : नर्सिंग पाठ्यक्रमों में भर्ती की तारीख तीन दिन बढ़ी, जानें कब है अंतिम तिथि

 रायपुर : राज्य के नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवनेदन करने की तिथि तीन दिन बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी अब 17 अक्टूबर शाम पांच बजे तक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन भर सकेंगे। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष ने इस बारे में सूचना भी जारी कर दी है।

इस वर्ष 2025 में काउंसलिंग के जरिए बी.एस.सी. नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग, और पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साईकियाट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। पहले इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर थी जिसे बढ़ाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया है। काउंसलिंग, आवंटन और प्रवेश संबंधी सभी जानकारियां चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की वेबसाईट www.cgdme.in पर भी उपलब्ध कराई गई है।

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाईन आवेदन के लिए अनारक्षित और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 1 हजार रूपए और अनुसूचित जाति-जनजाति के उम्मीदवारों को 500 रूपए शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाईन आवेदन में किसी तरह की गलती हो जाने पर त्रुति सुधार के लिए 1 हजार रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। त्रुटि सुधार के समय पहले दिए गए ई-मेल एवं मोबाईल नंबर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा।

बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर दें विशेष ध्यान –  उप मुख्यमंत्री अरुण साव

बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर दें विशेष ध्यान – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर। बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओं—जैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के लिए अब तक 2 लाख 72 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हो चुका है। 20 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जा सकता है। इस पर श्री साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 5 नवंबर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

CG : पुरे छत्तीसगढ़ में इस दिन रहेगी छुट्टी, अधिसूचना जारी

CG : पुरे छत्तीसगढ़ में इस दिन रहेगी छुट्टी, अधिसूचना जारी

 रायपुर।  राज्य सरकार ने 21 अक्टूबर को छुट्टी का ऐलान किया है। छुट्टी को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है। अधिसूचना में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा पर पुरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया गया है। आपको बता दें कि स्कूलों में पहले से ही छुट्टी का आदेश जारी है। दीपावली को लेकर 20 अक्टूबर से छह दिनों की छुट्टी घोषित की गयी है।

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