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कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला पंकज झा को, तीन आयोग अध्यक्षों को भी बड़ा सम्मान,किन्हें और क्या मिला देखिए लिस्ट

कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला पंकज झा को, तीन आयोग अध्यक्षों को भी बड़ा सम्मान,किन्हें और क्या मिला देखिए लिस्ट

 रायपुर।  मुख्यमंत्री साय सरकार ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अपने मीडिया सलाहकार पंकज झा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इसके साथ ही गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेषर पटेल और योग आयोग के अध्यक्ष रुपनारायण सिन्हा को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

वहीं, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर को राज्य मंत्री का दर्जा देने का आदेश जारी किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आज आधिकारिक आदेश जारी किया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय से सभी आयोग अध्यक्षों में उत्साह देखा जा रहा है और इसे संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

आदेश जारी – 

 
हत्या या कुछ और…..तालाब में तैरती मिली महिला की लाश… गले में बंधी मिली ईंट

हत्या या कुछ और…..तालाब में तैरती मिली महिला की लाश… गले में बंधी मिली ईंट

  जांजगीर-चांपा।  जिले के पुटपुरा गांव में एक तालाब से महिला की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान सरस्वती राठौर के रूप में हुई है, जो दो दिन पहले से लापता थी।

आज सुबह ग्रामीणों ने तालाब में शव को तैरता देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन जो नज़ारा सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। महिला के गले में ईंट बंधी हुई थी — जिससे यह आशंका गहराई है कि महिला की हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया है।

सूचना मिलते ही डीएसपी और टीआई मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। FSL टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं।

गौरतलब है कि सरस्वती राठौर के पति ने कल ही सिटी कोतवाली में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असल कारण का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

 
 Suicide : पारिवारिक कलह से परेशान कपड़ा व्यापारी ने की आत्महत्या, फंदे पर लटका मिला शव

Suicide : पारिवारिक कलह से परेशान कपड़ा व्यापारी ने की आत्महत्या, फंदे पर लटका मिला शव

 बिलासपुर : तखतपुर नगर में बीती रात एक दर्दनाक घटना सामने आई है। वार्ड क्रमांक 9 में ताम्रकार ज्वेलर्स के सामने निवास करने वाले कपड़ा व्यापारी पवन गुप्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों के अनुसार, सुबह जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर जब रोशनदान से झांककर देखा गया तो पवन गुप्ता फांसी के फंदे पर झूलते मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले पवन गुप्ता का पत्नी से तलाक हो गया था, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से तनाव में था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 
 
CG : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की साय सरकार की तारीफ, कांग्रेस सरकार के प्रयासों का भी किया जिक्र, मंत्री केदार कश्यप ने दी प्रतिक्रिया

CG : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की साय सरकार की तारीफ, कांग्रेस सरकार के प्रयासों का भी किया जिक्र, मंत्री केदार कश्यप ने दी प्रतिक्रिया

 रायपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर में 208 नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों को बधाई दी है। नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर संतोष व्यक्त करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राज्य सरकार नक्सलवाद से निपटने के लिए कांग्रेस की “विश्वास-विकास-सुरक्षा नीति” के साथ आगे बढ़ी।

भूपेश बघेल ने कहा, “मुझे आज खुशी है कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मिलकर राज्य सरकार पहले की तरह हमारी ‘विश्वास-विकास-सुरक्षा’ की नीति को अपनाते हुए आगे बढ़ी है।” उन्होंने कहा, “आज बस्तर में नक्सलियों के बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण से हम सभी को संतुष्टि मिलती है कि यह राष्ट्रीय लड़ाई जल्द ही अपने अंत की ओर बढ़ेगी। हम सब मिलकर जीतेंगे। सरकार और सुरक्षा बलों को बधाई।”

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने 2018 के बाद इस मुद्दे को हल करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने इस लड़ाई को एक साझा राष्ट्रीय चुनौती के रूप में लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग को भी स्वीकार किया। बता दें कि, भूपेश बघेल राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार के आलोचक रहे है।

अनिच्छुक थी पूर्व की भाजपा सरकार

उन्होंने कहा, “राज्य में भाजपा सरकार (2018 में कांग्रेस सरकार से पहले) जो डेढ़ दशक तक सत्ता में थी, माओवाद के खिलाफ लड़ाई में अनिच्छुक थी, यह बात खुद सुरक्षा सलाहकार केपीएस गिल साहब ने कही थी।” उन्होंने कहा, “2018 में हमारी सरकार सत्ता में आई, पहली बार नक्सल उन्मूलन नीति बनाई गई, बड़ी संख्या में कैंप खोले गए, सड़कें बनाई गई, स्कूलों की घंटियाँ बजाई गईं और हमने नक्सलियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें चुनौती दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने इस लड़ाई में सहयोग प्रदान किया और हमने इसे एक साझा राष्ट्रीय चुनौती के रूप में लिया।”

मंत्री केदार कश्यप ने दी प्रतिक्रिया

तारीफ के लिए शुक्रिया भूपेश बघेल जी। बस यह स्पष्ट कर देते कि आपकी यह निजी राय है या कांग्रेस का यह अधिकृत बयान है? आपकी पार्टी के प्रवक्ता कल ही इसे एक ‘इवेंट’ मात्र कह रहे थे, फिर आपकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष असली-नकली नक्सली का प्रश्न पैदा कर हमेशा की तरह इस लड़ाई को कमजोर करने में अपनी भूमिका निभा रहे थे।

वस्तुतः भारत की ऐसी सभी समस्याओं की जड़ में कांग्रेस की यह कुनीति रही है कि – चोर से कहो चोरी कर, गृहस्वामी से कहो जागते रह। यह खतरनाक स्थिति है। जिस झीरम का आप जिक्र कर रहे हैं, उसी दरभा घाटी मामले में राहुल गांधी बिलासपुर में नक्सलियों को क्लीन चिट देकर गए थे, आपकी अपनी ही पार्टी के नेता, झीरम हमले में बलिदान हुए महेंद्र कर्मा जी का भी अगर आप सबने साथ दे दिया होता, उनकी खिल्ली नहीं उड़ाये होते, उनके ‘सलवा जुडूम’ का विरोध नहीं किया होता, तो शायद यह लड़ाई इतनी लंबी नहीं होती और न ही सुरक्षा बलों का, बस्तर में बहन-भाइयों का, राजनीतिक कार्यकर्ताओं का इतना बलिदान होता।

जनजाति विरोधी और नक्सल समर्थक हरकत कांग्रेस की हाल में भी उजागर हुई थी, जब सलवा जुडूम विरोधी पूर्व जज को आपकी पार्टी ने उप राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना दिया था।

देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर इस तरह सस्ती, हल्की और दोहरी राजनीति करने से कृपया बाज आइए। इससे किसी का भी भला नहीं होने वाला, कांग्रेस का भी नहीं। दोतरफा बयानबाजी कर जनता को इस तरह मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। वह सब जानती है। खुले मन से बस्तर में इस नए युग का स्वागत कीजिए बिना अगर-मगर किए। सबक भी लीजिये कि देश की आंतरिक और वाह्य सुरक्षा के विषय पर गंदी राजनीति नहीं करेंगे

 
 
CG : विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त, आदेश जारी

CG : विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त, आदेश जारी

रायपुर। अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके पहले यह जिम्मेदारी विधायक गुरुखुशवंत को दी गई थी, वहीं श्री गुरुखुशवंत के मंत्री बनने के बाद यह पद खाली थी, जिसके बाद अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

देखें आदेश

 
बंद गाड़ी में मिली अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी

बंद गाड़ी में मिली अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी

 रायपुर। राजधानी रायपुर में कल बीती रात टाटीबंध स्थित रालास मोटर्स शो रूम के बाहर खड़ी थार गाड़ी में एक अज्ञात युवक की सड़ी गली लाश मिली। जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर मामले जांच शुरू की।

मिली जानकारी के अनुसार, थार गाड़ी लगभग 15 दिनों से शो रूम के बाहर खड़ी थी, जिसे वाहन मालिक ने भिलाई 3 से क्रेन से खिंचवा कर पहुंचाया था। गाड़ी चंगोरा भाठा निवासी किसी आयुष की बताई गई है। बताया गया कि, गाड़ी से तेज दुर्गंध आने पर जब लोगों ने कार के भीतर झांककर देखा, तो एक अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला, जो 2-3 दिन पुराना बताया जा रहा है। वहीं शो रूम कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची आमानाका थाना पुलिस ने वाहन को घेराबंदी कर जांच शुरू किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

बंद कमरे में संदिग्ध हालात में मिली मां-बेटी की लाश, दो साल पहले हुई थी पति की मौत

बंद कमरे में संदिग्ध हालात में मिली मां-बेटी की लाश, दो साल पहले हुई थी पति की मौत

 बालोद।  बालोद थाना क्षेत्र से आज धनतेरस के दिन एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां घर के कमरे में संदिग्ध हालात में मां-बेटी की लाश मिली है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत बालोद शहर के शिकारी पारा का है। घर के कमरे में एक माँ और बेटी की लाश मिली है। माँ की लाश फांसी पर लटकी हुई थी, जबकि 10 साल की बच्ची की लाश उसी के बगल में संदिग्ध हालत में मिली है। वहीं सूचना मिलते ही पुलिसअधिकारी, तहसीलदार और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचे।

बताया गया कि, महिला का नाम निकिता पडौती बताया जा रहा है, जो मानसिक रूप से बीमार रहती थी। उनके पति पुलिस में थे, जिनकी दो साल पहले ही सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। ऐेसे में पुलिस ने आशंका जताई है कि माँ ने पहले बच्ची का गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर सुसाइड किया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

 

आज है धनतेरस! सोना-चांदी खरीदने से पहले जानें शुभ समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

आज है धनतेरस! सोना-चांदी खरीदने से पहले जानें शुभ समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

रायपुर। दिवाली के पंचपर्व की शुरुआत धनत्रयोदशी यानी धनतेरस से होती है। इस दिन धन, सौभाग्य और आरोग्य की देवी-देवताओं की पूजा का विशेष विधान है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा। यह तिथि न केवल पूजा बल्कि सोना-चांदी, बर्तन और वाहन की खरीददारी के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जा रही है।

सनातन परंपरा के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस कहा जाता है। यह पर्व भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर देव, यमराज और भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से पूजन करता है, उसके घर में पूरे वर्ष समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है।

धनतेरस की पूजा एवं खरीददारी का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे प्रारंभ होकर 19 अक्टूबर दोपहर 01:51 बजे तक रहेगी।
पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय: शाम 07:16 से 08:20 बजे तक (प्रदोष काल एवं वृषभ काल)।

धनतेरस पर सोने की खरीददारी का शुभ समय

  • अमृत काल: सुबह 08:50 से 10:33 बजे तक

  • प्रदोष काल: शाम 05:48 से 08:20 बजे तक

  • वृषभ काल: शाम 07:16 से 09:11 बजे तक
    इन समयों में सोना, चांदी, वाहन या कोई भी मूल्यवान वस्तु खरीदना शुभ फलदायक रहेगा।

धनतेरस का चौघड़िया मुहूर्त

दिन का चौघड़िया:

  • शुभ: प्रातः 07:49 से 09:15 बजे तक

  • चर: दोपहर 12:06 से 01:32 बजे तक

  • लाभ: दोपहर 01:32 से 02:57 बजे तक

  • अमृत: दोपहर 02:57 से शाम 04:23 बजे तक

रात्रि का चौघड़िया:

  • लाभ: सायंकाल 05:48 से 07:23 बजे तक

  • शुभ: सायंकाल 08:57 से रात्रि 10:32 बजे तक

  • अमृत: रात्रि 10:32 से 19 अक्टूबर पूर्वाह्न 12:06 बजे तक

  • चर: 19 अक्टूबर पूर्वाह्न 12:06 से 01:41 बजे तक

धनतेरस पर दीपदान का महत्व

हिंदू परंपरा में धनतेरस के दिन 13 दीपक जलाने की परंपरा है।

  • एक दीया यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में जलाया जाता है।

  • एक दीया माता लक्ष्मी के लिए।

  • दो दीपक मुख्य द्वार के दोनों ओर।

  • एक दीपक तुलसी के पौधे के पास।

  • एक छत पर तथा शेष दीपक पीपल या मंदिर परिसर में जलाए जाते हैं।
    मान्यता है कि ऐसा करने से घर में वर्षभर सुख, शांति और धन-समृद्धि बनी रहती है।

210 नक्सलियों के समर्पण पर भूपेश बघेल ने कहा- ‘संविधान जिंदाबाद, झीरम शहीद अमर रहे’

210 नक्सलियों के समर्पण पर भूपेश बघेल ने कहा- ‘संविधान जिंदाबाद, झीरम शहीद अमर रहे’

 रायपुर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार शुक्रवार को 210 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आज बस्तर में नक्सलियों के बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण से हम सबको संतोष है कि देश की यह लड़ाई जल्द खात्मे की ओर बढ़ेगी. हम सब मिलकर जीतेंगे. सरकार और सुरक्षा बलों को बधाई. संविधान जिंदाबाद, झीरम शहीद अमर रहे.

भूपेश बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के कारण दशकों तक दंश झेला है. हमने बड़ी संख्या में जवानों, आदिवासियों और कांग्रेस पार्टी ने तो अपने शीर्ष नेतृत्व को खोया है. प्रदेश में डेढ़ दशक रही भाजपा की सरकार माओवाद के विरुद्ध लड़ाई को लेकर इच्छाशून्य रही थी, इसका बयान तो सुरक्षा सलाहकार केपीएस गिल साहब ने ही किया था.

बघेल ने कहा, 2018 में हमारी सरकार आने के बाद पहली बार नक्सल उन्मूलन नीति बनाई गई. बड़ी संख्या में कैंप खोले गए. सड़कें बनी, स्कूल की घंटियां गूंजीं और हमने नक्सलियों की मांद में घुसकर उन्हें चुनौती दी. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस लड़ाई में सहयोग रहा और हमने इसे देश की साझा चुनौती के तौर पर लिया. मुझे आज खुशी है कि केंद्रीय गृहमंत्री के साथ प्रदेश सरकार पहले की तरह हमारी “विश्वास-विकास-सुरक्षा” की नीति को सूत्र बनाकर आगे बढ़ी है.

 

हाईकोर्ट से प्रदेश के फार्मेसी कॉलेजों को बड़ी राहत, 60 सीटों पर एडमिशन की मिली अनुमति

हाईकोर्ट से प्रदेश के फार्मेसी कॉलेजों को बड़ी राहत, 60 सीटों पर एडमिशन की मिली अनुमति

  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के फार्मेसी कॉलेजों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है, कोर्ट ने 60 सीटों पर एडमिशन की अनुमति दी है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन कॉलेजों में मानकों की कमी है, उन्हें छह माह के भीतर सभी खामियां दूर करनी होंगी। यह मामला उन कॉलेजों से जुड़ा था, जिन्होंने टेक्निकल यूनिवर्सिटी के आदेश को चुनौती दी थी। यूनिवर्सिटी ने कुछ संस्थानों को मान्यता संबंधी खामियों के चलते 60 सीटों पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि कॉलेजों को फिलहाल 60 सीटों पर प्रवेश देने की छूट दी जाती है, लेकिन उन्हें शिक्षण स्टाफ, लैब, उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कमियों को छह माह के अंदर सुधारना होगा। अगर तय अवधि में सुधार नहीं किया गया, तो संबंधित कॉलेजों की अनुमति रद्द की जा सकती है।

हाईकोर्ट के इस फैसले से सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया पर संकट टल गया है। अब छात्र बिना किसी बाधा के एडमिशन ले सकेंगे।

CG : बस्तर में बदलती तस्वीर पर बोले सीएम साय — “अब माओवादी नहीं, ओलंपिक की चमक से जगमगाएगा बस्तर”

CG : बस्तर में बदलती तस्वीर पर बोले सीएम साय — “अब माओवादी नहीं, ओलंपिक की चमक से जगमगाएगा बस्तर”

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें पीएम मोदी ने बस्तर में माओवादी आतंक पर विजय और ओलंपिक के ज़रिए आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को नई पहचान देने की बात कही। सीएम साय ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि — “इस बार माओवादीमुक्त बस्तर में दिवाली की रौनक कुछ और होने जा रही है।”

 पीएम मोदी के वीडियो में उन्होंने कहा कि “कभी बस्तर माओवादी आतंक का गढ़ हुआ करता था, लेकिन आज उसी बस्तर में लाखों नौजवान बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर खेल के मैदान में अपनी ताकत दिखा रहे हैं।” मोदी ने बताया कि पहले मीडिया की हेडलाइंस हुआ करती थीं — ‘बस्तर में नक्सली हमला, जवान शहीद’, लेकिन अब सुर्खियाँ बदल चुकी हैं — अब बस्तर ‘ओलंपिक और उत्सव’ की वजह से चर्चा में है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि “इस बार माओवादी आतंक से मुक्त क्षेत्रों में दिवाली की रौनक कुछ और होगी। 50–55 साल बाद कई लोग पहली बार दिवाली का दीप जलाएंगे। यह बदलाव हमारे देश के प्रयासों का परिणाम है।”

सीएम विष्णुदेव साय ने पीएम मोदी के संदेश को साझा करते हुए कहा कि यह नया बस्तर “शांति, खेल और विकास” का प्रतीक बन रहा है।

 
CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस में हुए शामिल

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के 13वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 90 करोड़ रुपये की लागत से 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री  साय ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में 50-50 लाख रुपये की लागत से एक-एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में ओबीसी विद्यार्थियों की सीटों में वृद्धि करने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के विकास और हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों और रीति-नीति से प्रभावित होकर जगदलपुर में आज 210 भटके हुए लोग मुख्यधारा में लौटे हैं तथा उन्होंने 153 हथियार भी जमा किए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार पिछले 22 महीनों से  समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के अनुरूप तेंदूपत्ता खरीदी की कीमत में वृद्धि की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदा, रामलला दर्शन योजना लागू की तथा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया। इसके अतिरिक्त भी अनेक जनहितकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए समाजजनों से शासन की योजनाओं से जुड़कर विकास में सहभागी बनने की अपील की।

इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समाजजनों को बधाई देते हुए समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त करने का आह्वान किया। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज मेहनतकश और कर्मठ है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बेहतर ढंग से शिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जिले में संचालित ‘मावा मोदोल कोचिंग संस्थान’ की सराहना करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने सर्व पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के दौरान कुल 90 करोड़ 06 लाख 88 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपये की लागत से 14 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 33 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये की लागत से 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद  भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक  विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, कांकेर विधायक  आशाराम नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू निषाद, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 
CG : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से गन्ना किसानों को दीपावली पर मिला बड़ा तोहफा

CG : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से गन्ना किसानों को दीपावली पर मिला बड़ा तोहफा

 कवर्धा ।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों एवं किसान हितैषी दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को दीपावली पर्व के अवसर पर बड़ा आर्थिक लाभ प्रदान किया गया है।

कारखाना प्रबंधन द्वारा पिछले पेराई सत्र में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को शासन की ओर से 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान किया गया है।

यह बोनस भुगतान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष पहल एवं प्रयासों से संभव हुआ है। उनके नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध भुगतान और बोनस वितरण सुनिश्चित किया गया है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा ने पेराई सत्र 2024-25 के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ने का 115.44 करोड़ रुपये का संपूर्ण भुगतान कर प्रदेश की सभी शुगर मिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

यह उपलब्धि कारखाने की पारदर्शी कार्यप्रणाली, कुशल प्रबंधन एवं सहकारिता की सुदृढ़ भावना का परिचायक है। दीपावली से पूर्व किसानों को बोनस भुगतान प्राप्त होने से पूरे जिले के कृषक समुदाय में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। बोनस राशि के भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि किसानों का विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।

 
छत्तीसगढ़ में दिवाली पर रहेगी इतने दिन की छुट्टी, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, बच्चों की होगी मौज

छत्तीसगढ़ में दिवाली पर रहेगी इतने दिन की छुट्टी, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, बच्चों की होगी मौज

 रायपुर। देशभर में अक्टूबर को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में सभी राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों के छुट्टी रहेंगे। इस बार छत्तीसगढ़ सरकार ने 21 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाईदूज पर ऐच्छिक अवकाश दिया है।

बता दें कि, राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को छठ पूजा की सार्वजनिक छुट्टी दी है और 28 अक्टूबर को भगवान सहस्‍त्रबाहु जयन्‍ती पर ऐच्छिक अवकाश रहेगा। छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश के अनुसार, राज्य में दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक स्कूलों की छुट्टी रहेगी।

 इसके साथ ही 19 अक्टूबर और 26 अक्टूबर को रविवार है तो इस दिन भी स्कूल बंद रहेंगे। तो इस हिसाब से छत्तीसगढ़ में कुल 8 दिनों तक स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिससे की इस बार की छुट्टियाँ कर्मचारियों, छात्रों और परिवारों के लिए त्योहार की खुशियां दोगुना करने वाली साबित होंगी।

CG में रिश्वतखोर BMO गिरफ्तार, एसीबी ने बाबू से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

CG में रिश्वतखोर BMO गिरफ्तार, एसीबी ने बाबू से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

 रायपुर :-  एसीबी की टीम ने आज सक्ती जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) राजेंद्र कुमार पटेल को अपने ही कार्यालय के बाबू से 15000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह कार्रवाई बीएमओ कार्यालय डभरा के बाबू की शिकायत पर की गई. एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एसीबी इकाई बिलासपुर की टीम ने पिछले डेढ़ साल में 35 ट्रैप की कार्रवाई है।

6 अक्टूबर 2025 को वार्ड नंबर 12 डभरा, जिला सक्ती निवासी उमेश कुमार चंद्रा बीएमओ कार्यालय डभरा में बाबू के पद पर पदस्थ है. उन्होंने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत की थी कि उसकी यात्रा भत्ता बिल की राशि 81000 रुपए का भुगतान पूर्व में हो चुका है. राशि भुगतान होने के एवज में डभरा के बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल ने उससे 32500 रुपए रिश्वत की मांग की. बीएमओ 16500 रुपए ले लिए हैं. 16000 रुपए की और मांग की जा रही है, जिसे वह बीएमओ को नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है.

जांच में शिकायत सही पाई गई. इसके बाद एसीबी ने बीएमओ को रिश्वत लेते पकड़ने का जाल बिछाया. मोलभाव पर आरोपी ने 15000 रुपए लेने सहमति दी, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई. आज प्रार्थी को रिश्वती रकम 15000 रुपए आरोपी को देने के लिए भेजा गया. बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल डभरा स्थित अपने कार्यालय में प्रार्थी से 15000 रुपए रिश्वत ले रहा था, इस दौरान एसीबी की टीम ने बीएमओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत रकम को आरोपी से बरामद किया.

अचानक हुई कार्रवाई से आसपास हड़कंप मच गया. पकड़े गए आरोपी से रिश्वत की रकम 15 हजार रुपए जब्त कर एसीबी की टीम रिश्वतखोर बीएमओ के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है. एसीबी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

 
 
CG : मोना सेन बनीं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष, आदेश जारी…

CG : मोना सेन बनीं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष, आदेश जारी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने मोना सेन को छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है. संस्कृति विभाग, महानदी भवन ने उनकी नियुक्ति को लेकर आज आदेश जारी किया है

बता दें, मोना सेन ने कई सालों तक छत्तीसगढ़ फिल्म और गानों में काम कर ख्याति प्राप्त की है. उनकी नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को नई अध्यक्ष मिल गई है. मोना सेन की जिम्मेदारी होगी कि वे राज्य में फिल्म निर्माण, संस्कृति और कला को प्रोत्साहन देने के लिए निगम की गतिविधियों को और सशक्त बनाएं.

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जो युवा कभी माओवाद के झूठे विचारधारा के जाल में फंसे थे, उन्होंने आज संविधान, लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। जिन युवाओं ने वर्षों तक अंधेरी राहों पर भटककर हिंसा का मार्ग चुना, उन्होंने आज अपने कंधों से बंदूक उतारकर संविधान को थामा है। यह न केवल आत्मसमर्पण का क्षण है, बल्कि विश्वास, परिवर्तन और नये जीवन की शुरुआत है।

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में बंदूकें छोड़कर सुशासन पर विश्वास जताने वाले इन युवाओं से मेरी मुलाकात मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोष देने वाले पलों में से एक रही। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है।

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी योजनाएँ विश्वास और परिवर्तन का आह्वान हैं। इन्हीं नीतियों के प्रभाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में बंदूक छोड़कर लोग शासन की विश्वास और विकास की प्रतिज्ञा को स्वीकार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है। यह छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण भविष्य का शिलान्यास है। हमारी सरकार आत्मसमर्पितों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह प्रतिज्ञा पूर्ण हो रही है। छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।

88 हजार से अधिक श्रमिकों के खातें में 26 करोड़ 90 लाख से अधिक रूपए अंतरित….

88 हजार से अधिक श्रमिकों के खातें में 26 करोड़ 90 लाख से अधिक रूपए अंतरित….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत श्रमिकों को दीवाली से पूर्व 26 करोड़ 90 लाख 1 हजार 202 रूपए सहायता राशि उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए अंतरित कर दी गई है। श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह द्वारा डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातें में अंतरित की गई। श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित 18 योजनाओं के अंतर्गत 88,568 हितग्राहियों को 26 करोड़ 90 लाख 1 हजार 202 रूपए की राशि प्रदान की गई है।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के संचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि दीदी-ई रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 12 हितग्राहियों को 12 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 42 हजार 494 श्रमिकों को 5 करोड़ 49 लाख 5 हजार रूपए, मिनीमाता महातारी जतन योजना के अंतर्गत 1804 श्रमिकों को 3 करोड़ 60 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत् 2124 श्रमिकों को 31 लाख 86 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 207 हितग्राहियों को 2 करोड़ 11 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत् 557 श्रमिकों के बच्चों को 60 लाख़ 40 हजार 350 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 2867 श्रमिकों को 5 करोड़ 73 लाख 40 हजार रूपए, 34051 मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत् 24655 श्रमिकों के बच्चे को 6 करोड़ 67 लाख 37 हज़ार 500 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 2636 श्रमिकों को 91 लाख 74 हजार 240 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत् 192 हितग्राहियों को 3 लाख 84 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 1519 श्रमिकों को 56 लाख 24 हजार 212 रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2 हितग्राही को 1 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना 33 हितग्राहियों को 33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 9 श्रमिकों को 1 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना 16 श्रमिकों को 1 लाख 26 हजार 400 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना 46 हितग्राहियों को 67 हजार 500 रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए गए।

पुनर्वास से पुनर्जीवन… समाज की मुख्यधारा में लौटे 210 माओवादी कैडर, सम्मानजनक जीवन जीने का लिया संकल्प

पुनर्वास से पुनर्जीवन… समाज की मुख्यधारा में लौटे 210 माओवादी कैडर, सम्मानजनक जीवन जीने का लिया संकल्प

 रायपुर।  राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में यह ऐतिहासिक घटनाक्रम नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव रखी है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सजग नागरिकों के समन्वित प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में परिवर्तित किया जा सका है।

यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियार—जिनमें AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं—समर्पित किए हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है—एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।

मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।

यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहाँ आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने कहा कि “पूना मारगेम केवल नक्सलवाद से दूरी बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। जो आज लौटे हैं, वे बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पित कैडरों से समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एडीजी (नक्सल ऑपरेशन्स) विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ बस्तर रेंज प्रभारी, कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर  हरिस एस., बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा सदैव प्रेम, सहअस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है। जो साथी अब लौटे हैं, वे इस परंपरा को नई शक्ति देंगे और समाज में विश्वास की नींव को और मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित कैडरों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे अब हिंसा के बजाय विकास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान देंगे।

‘वंदे मातरम्’ की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह क्षण केवल 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, विकास और शांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।

नान घोटाला मामले IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को राहत, कोर्ट ने दी जमानत लेकिन टुटेजा नहीं होंगे रिहाv

नान घोटाला मामले IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को राहत, कोर्ट ने दी जमानत लेकिन टुटेजा नहीं होंगे रिहाv

 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और वरिष्ठ IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को रायपुर ED की विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। दोनों अफसरों ने 22 सितंबर को ED कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली में 4 हफ्ते की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया था। 16 अक्टूबर को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है।

जेल में ही रहेंगे टुटेजा

जमानत मिलने के बावजूद IAS अनिल टुटेजा को फिलहाल रिहाई नहीं मिल पाएगी। इसकी वजह यह है कि वे छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भी EOW के आरोपी हैं। जिसके चलते वे अभी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

आरोपियों में कौन-कौन शामिल ?

  • शुरुआती दौर में शिवशंकर भट्ट सहित 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
  • जांच में नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन चेयरमैन और एमडी पर भी आरोप तय हुए।

    इस घोटाले में अब तक IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा जैसे बड़े अफसरों का नाम सामने आ चुका हैं। मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

    नान घोटाले में जमानत मिलने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है, क्योंकि दोनों ही अधिकारी लंबे समय तक शासन के महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वहीं, शराब घोटाले में भी नाम जुड़ने से अनिल टुटेजा की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।

बड़ा हादसा : छुहीमिट्टी खदान धसने से एक महिला की मौत, एक की हालत गंभीर, पुताई के लिए मिट्टी लेने गयी थी महिलाएं

बड़ा हादसा : छुहीमिट्टी खदान धसने से एक महिला की मौत, एक की हालत गंभीर, पुताई के लिए मिट्टी लेने गयी थी महिलाएं

 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां मिट्टी खदान धसने से बड़ा हादसा हुआ है। छुहीमिट्टी खदान धंसने से एक महिला की मौत हो गई, वहीं एक घायल हो गईं। दो महिलाएं बाल-बाल बचीं। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर मृत व घायल व महिला को बाहर निकाला।

घटना वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के मदनपुर की है। दिवाली के अवसर पर घर की पुताई के लिए ग्रामीण महिलाएं छुहीमिट्टी खदान से मिट्टी निकाल रही थीं। इस दौरान ऊपरी हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा, जिससे एक महिला की नीचे दबने से मौत हो गई, वहीं एक घायल हो गई। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने महिलाओं को बाहर निकाला। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

साय सरकार का ऐतिहासिक फैसला… जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता की खत्म…

साय सरकार का ऐतिहासिक फैसला… जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता की खत्म…

रायपुर। जमीन से जुड़ी अगर रत्ती भर की भी कभी आपने कोई कार्रवाई की होगी, या कभी किसी किसान या जमीन के कारोबारी से पाला पड़ा हो तो आपको ऋण पुस्तिका की अहमियत अच्छे से पता है. इसको लेकर अच्छी यादें कम, बुरी यादें ज्यादा होंगी. अब साय सरकार ने ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है.

पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा प्रदेश के तमाम जिला पंजीयकों को ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करने के संबंध में पत्र जारी किया है. इसमें पंजीयकों से अधीनस्थों को जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यकता समाप्त किए जाने के संबंध में निर्देशित करते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है.

किसानों-जमीन मालिकों की समस्या को इंगित करते हुए पत्र में लिखा गया है कि कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख की प्रविष्टियों का इंद्राज कर किसानों को ऋण पुस्तिका जारी की जाती है. इसके अलावा किसानों को समय समय पर दिए जाने वाले ऋण, बंधक आदि का रिकार्ड भी ऋण पुस्तिका में दर्ज किया जाता है.

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में राजस्व अभिलेख ऑनलाइन कर दिए गए हैं, तथा भूमि पर भारित ऋण की प्रविष्टि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाती है. राजस्व अभिलेखों के गिरदावरी संबंधी रिकार्ड ऑनलाईन अद्यतन होते हैं जो ऋण पुस्तिका में अद्यतन नहीं हो पाते हैं.

पंजीयन अधिकारियों के द्वारा रजिस्ट्री के समय ऑनलाइन प्रविष्टियों से डाटा मिलान किया जाता है, दस्तावेज में शुल्क अवधारण के या पंजीयन के उद्देश्य से ऋण पुस्तिका की कोई विशेष प्रासंगिता नहीं होती हैं. पंजीयन अधिकारियों के लिए ऋण पुस्तिका के तथ्यों की सत्यता जांचने का कोई प्रावधान नहीं है.

प्रायः यह देखने में आया है कि भौतिक ऋण पुस्तिका की कमी अथवा अन्य कारणों से क्रेता किसानों को जमीन खरीदी-बिक्री के बाद नई ऋण पुस्तिकाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं. इससे पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा शासन की छवि भी खराब होती हैं.

प्रदेश में दस्तावेजों का ऑनलाईन पंजीयन वर्ष 2017 से किया जा रहा है, तथा भुईयां से किसानों को नक्शा खसरा व बी-1 की प्रति भी ऑनलाइन प्राप्त हो रही है. विक्रेता के स्वामित्व के वेरिफिकेशन हेतु पंजीयन साफ्टवेयर का भुईया के साथ इंटीग्रेशन किया गया है, जिससे पंजीयन के समय दस्तावेज में वर्णित तथ्यों का राजस्व विभाग के डाटा से ऑनलाइन मिलान होने पर पंजीयन की कार्रवाई की जाती है.

शासन द्वारा राजस्व विभाग के साफ्टवेयर में ऑटो म्यूटेशन का प्रावधान किया गया है. जिसके तहत् भूमि के पंजीयन के साथ ही स्वतः खसरे का बटांकन होकर नवीन बी-1 जनरेट हो जाता है, जिसमें क्रेता एवं विक्रेता के पास धारित भूमि की जानकारी स्वतः अद्यतन हो जाती है.

प्रदेश में भूमि के पंजीयन से लेकर अन्य कार्य ऑनलाईन हो रहे हैं, जिसके तहत् पंजीयन प्रणाली को पेपरलेस भी किया गया है। भुईयां पोर्टल पर भूमि का बी-1, खसरा एवं नक्शा आदि ऑनलाइन उपलब्ध है, और मान्य भी है. अतः अब भौतिक रूप से प्रदाय की जा रही ऋण पुस्तिका या किसान किताब की पंजीयन हेतु आवश्यकता नहीं है. अतः दस्तावेजों के पंजीयन के लिए किसानों / पक्षकारों से ऋण पुस्तिका की मांग न की जाए. भूमि के स्वामित्व फसल विवरण एवं पंजीयन हेतु प्रासंगिक अन्य तथ्यों की पुष्टि ऑनलाइन डाटा से अनिवार्य रूप से किया जाए.

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों का फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों का फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

 रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल फिर विवादों में घिर गई है। जेल के भीतर से आरोपियों का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। इस बार वायरल वीडियो बैरक नंबर-15 का बताया जा रहा है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट का आरोपी रशीद अली उर्फ राजा बैजड कसरत करते नजर आ रहा है।

वायरल फोटो और वीडियो में रशीद अली के साथ रोहित यादव और राहुल वाल्मिकी भी दिखाई दे रहे हैं। इससे यह साफ़ जाहिर होता है कि जेल के अंदर मोबाइल और इंटरनेट का खुला उपयोग हो रहा है। यह घटना 13 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच की बताई जा रही है।

जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, इस मामले पर जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जेल अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की गई है और यह पता लगाने को कहा गया है कि इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद मोबाइल फोन जेल में कैसे पहुंचा।

पहले भी वायरल हुआ है जेल से फोटो

यह पहली बार नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल विवादों में आई है। इससे पहले झारखंड के गैंगस्टर अमन साव के फोटोशूट का मामला सामने आया था। अमन साव को झारखंड ले जाने के दौरान भागने की कोशिश में मारा गया था, लेकिन जेल में खिंचवाए गए फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए थे।

सुरक्षा के नाम पर रोजाना की तलाशी और लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या जेल प्रशासन इस बार सुधार के ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाता है।

सरकारी कर्मचारियों को CM साय का दिवाली तोहफा! इस बार डबल मिलेगी सैलरी

सरकारी कर्मचारियों को CM साय का दिवाली तोहफा! इस बार डबल मिलेगी सैलरी

 रायपुर। दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ा तोहफा दिया है। साय सरकार इस महीने (अक्टूबर) की सैलरी दिवाली से पहले ही (एडवांस में) दे देगी. सरकार सैलरी पहले देने का मकसद है, ताकि कर्मचारी त्योहारों को अच्छे से परिवार के साथ मना सकें. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट भी किया और दिवाली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी हैं.a

अब तक का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण! CM और Deputy CM के समक्ष कर रहे सरेंडर, देखें live…

अब तक का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण! CM और Deputy CM के समक्ष कर रहे सरेंडर, देखें live…

 Naxalite surrender: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे उग्रवाद के खिलाफ राज्य सरकार को एक और बड़ी सफलता मिली है। जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

दंडकारण्य क्षेत्र के 200 से ज्यादा नक्सली आज जगदलपुर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आत्मसमर्पण करेंगे। नक्सलियों का यह समूह उनके नेता रूपेश के नेतृत्व में सरेंडर करेगा। बताया जा रहा है कि नक्सली 100 से अधिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।