रायपुर– देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का 127 वां एपिसोड आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शंकर नगर में सुना इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे मन की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मन की बाद में अक्सर छत्तीसगढ़ का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं और आज अंबिकापुर के स्वच्छता का जिक्र उन्होंने मन की बात में किया लगातार अंबिकापुर अपने स्वच्छता को लेकर जाने जाते हैं। वहीं बस्तर में नक्सलवाद को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में जिक्र किया है इसके लिए मैं बहुत-बहत धन्यवाद देता हूं।
रायपुर। पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू एवं जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्यमंत्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।
कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के ग्राम लांजित, रैसरा और सम्बलपुर (सेमरा) में आयोजित जलाशय जीर्णोद्धार कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर विकास कार्यों की शुरुआत की।
लांजित में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली और सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए सतत कार्य कर रही है। जलाशयों के जीर्णोद्धार से किसानों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे कृषि उत्पादन को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है। किसानों की आय में वृद्धि और सिंचाई सुविधा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
सन् 1986 में निर्मित लांजित जलाशय लगभग 39 वर्ष पुराना है, जो लंबे समय से क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान करता रहा है। बांध की कुल लंबाई 435 मीटर तथा जल भराव क्षमता 24.95 मिलियन क्यूबिक फीट है। इस जलाशय से दो नहरें निकलती हैं — बाईं नहर 1650 मीटर एवं दाईं नहर 3390 मीटर लंबी है। जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय अपनी रूपांकित सिंचाई क्षमता 240 हेक्टेयर प्राप्त करेगा, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य हेतु 258.55 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 1 नवंबर को होने वाले राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर प्रवास कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। बता दें कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि आने वाले थे वह स्थगित हो गया है। पीएम 01 नवंबर को 7:30 नई दिल्ली से रायपुर के लिए रवाना होंगे 9:15 पर रायपुर पहुंचेंगे।एयरपोर्ट से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्य साई अस्पताल नया रायपुर जाएंगे वहां के कार्यक्रम में भाग लेंगे। उसके बाद ब्रह्माकुमारी संस्था के नया भवन का लोकार्पण करेंगे।
पीएम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन जो नया रायपुर में बना है उसके उद्घाटन के कार्यक्रम में शामिल होंगे और नया विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नया रायपुर में आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम संध्या 3:00 बजे मुख्य कार्यक्रम राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे और उसके बाद संध्या 5:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बस्तर संभाग के प्रवास पर आज नारायणपुर जिले के सुदूर संवेदनशील वनांचल ग्राम कच्चापाल पहुंचे। जहां उन्होंने सीआरपीएफ के कैम्प का निरीक्षण किया। उन्होंने कैम्प में जवानों से मुलाकात कर जवानों द्वारा कठिन परिस्थितियों में भी नक्सल मोर्चे पर उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कच्चापाल में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। कच्चापाल के सरपंच श्रीमती रजमा नुरेटी ग्राम के जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में कुल नौ गांव आते है, जिसकी जनसंख्या 1235 है। कच्चापाल तक नियद नेल्ला नार योजना से पक्की सड़क पहुंच चुकी है, जिससे जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम हो गया है। जिससे गांव में अब आर्थिक विकास तीव्र गति से हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव में कैंप खुलने के बाद यहां वृहद स्तर पर परिवर्तन आया है। कई सालों तक जो क्षेत्र नक्सल आतंक से बिजली, पेयजल, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं से वंचित थे एवं युवाओं को हिंसा और भय का सामना करना पड़ता था अब यहां सुख, शांति और समृद्धि वापस आ रही है। लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। ग्रामीण अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास अब गांवों तक पहुंच रहा है। शासन इसके लिए सही नियत से लगातार आदिवासी भाई बहनों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने ग्रामीणों से आह्वाहन किया की यदि कोई युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहता है तो उन्हें प्रोत्साहित करें शासन ने ऐसे लोगों के लिए संवेदनशील पुनर्वास नीति बनाई है उसका लाभ लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्ला नार, इलवद ग्राम जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रहीं हैं, जिससे वनांचल वासियों के घर घर तक विकास पहुंच रहा है।
पीएम आवास निर्माण का उपमुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम कच्चापाल में प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों के निर्माणाधी मकानों का भी निरीक्षण किया। जहां हितग्राही विदग्रही चंद्रिका वडडे एवं सोनाय बाई से उन्होंने योजनान्तर्गत राशि प्राप्ति और भवन निर्माण की जानकारी ली। जिसमें हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें पीएम आवास के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण के लिए सहायता भी प्राप्त हुई है। निरीक्षण करते हुए होटल संचालिका श्रीमती यशोदा के दुकान पहुंचकर दुकान में सामग्रियों का जायजा लिया और होटल में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ यशोदा के होटल के व्यंजनों का भी स्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी, कुंदला के सरपंच श्री रामजी ध्रुव, सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के नए अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति की है। राज्य सरकार ने बस्तर जिले के ग्राम फरसागुड़ा निवासी रूपसिंह मंडावी को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने आदेश जारी किया है।
आदेश जारी

रायपुर। आधार कार्ड को लेकर समय-समय पर कई तरह के अपडेट सामने आते रहते हैं। वहीं अगर आप भी अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं तो इस खबर को ध्यान से पढ़ें।
दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूएआईडी) ने अब बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए पुराने मैनुअल जन्म प्रमाण पत्र को अमान्य कर दिया है। जिससे की लोगों परिवारों को अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। यूएआईडी का कहना है कि, अब आधार बनाने के लिए केवल क्यूआर कोड वाले डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे। इस नए नियम के लागू होने से करीब 3.5 लाख बच्चों के आधार कार्ड बनाने का काम रूक गया है।
बता दें कि, अब आधार के लिए पहले डिजिटल सर्टिफिकेट बनवाना होगा, जिसमें कोड जनरेट होने के बाद ही आधार कार्ड बन सकेगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में 2021 के 2021 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र केंद्र सरकार के पोर्टल से क्यूआर कोड सहित बन रहे हैं। फिर भी तकनीकी जानकारी की कमी और सर्वर की कमी के कारण मैनुअल आधार कार्ड ही बनाए जा रहा है। जिस वजह से अब बच्चों के आधार बनाने में दिक्कतें हो रही है।
रायपुर। शिक्षक भर्ती का सपना देख रहे लोगों के लिए ये खबर खुशखबरी साबित हो सकती है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल करते हुए वित्त विभाग ने सहमति दी है। जिसके तहत अब जल्द ही शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।
बता दें कि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। शिक्षकों की कमी लंबे समय से शिक्षा प्रणाली को प्रभावित कर रही थी, ऐसे में यह भर्ती न केवल स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
इस भर्ती के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सहायक शिक्षक, शिक्षक जैसे अन्य पदों पर भर्ती की जाएगी। ऐसे में लाखों बेरोजगार युवाओं को शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
रायपुर। युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गयी है। राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद अब डीपीआई ने सभी जेडी और डीईओ को आदेश जारी कर दिया है। दरअसल छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में राज्यभर में शिक्षकों और विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस प्रक्रिया में जिन स्कूलों में शिक्षक अधिक 
पाए गए, उन्हें उन स्कूलों में स्थानांतरित किया गया जहां शिक्षकों की कमी थी।
संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान राज्यभर के हजारों शिक्षकों का डेटा एकत्रित किया गया और उनका विश्लेषण कर काउंसिलिंग के माध्यम से नई पदस्थापना सूची जारी की गई। अधिकांश शिक्षकों ने अपने नए कार्यस्थलों पर कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन कुछ शिक्षक अब तक आदेश के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। संचालनालय ने कहा कि शासन ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुमति प्रदान कर दी है। यह स्पष्ट किया गया कि युक्तियुक्तकरण के बाद पदस्थापना आदेश का पालन न करना न केवल प्रशासनिक उल्लंघन है, बल्कि यह छात्रों के हितों से भी खिलवाड़ है।
संचालनालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि संभागीय संयुक्त संचालकों ने उन शिक्षकों की सूची शासन को भेजी है जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसमें हर शिक्षक की पूरी जानकारी, गोशवारा सहित, शासन को उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद शासन ने नियम 10(1) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सहमति दे दी है।
विभाग अब ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ करेगा। इसमें शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करना, वेतन रोकना और अंततः निलंबन तक की कार्रवाई शामिल होगी। विभाग ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि वे समय पर अपने नए कार्यस्थल पर नहीं पहुंचे या आदेशों का पालन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य केवल प्रशासनिक संतुलन नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्र उचित शिक्षक मार्गदर्शन प्राप्त करें और उनकी पढ़ाई बाधित न हो। ऐसे में किसी भी शिक्षक की ढिलाई या आदेशों का पालन न करना छात्रों के शैक्षणिक हितों के लिए हानिकारक है।

बलौदाबाजार। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम चरौटी में युवती की जली हुई लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। गांव के बाहर बने ब्यारे में रखे पैरावट के अंदर शव बरामद किया गया। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। मृतिका की पहचान चरौटी निवासी तेजस्विनी पटेल (26 साल) के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, तेजस्विनी पटेल अपने पिता के साथ घर में रहती थी और मजदूरी करने बलौदाबाजार जाया करती थी। रात उसने अपने पिता के साथ खाना खाया था। इसके बाद सुबह जब पिता ने देखा कि घर का दरवाजा बाहर से बंद है, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। इसी बीच गांव में जली हुई लाश मिलने की सूचना पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वह लाश उनकी बेटी तेजस्विनी की ही है।
ग्राम चरौटी में पैरावट के अंदर युवती की जली हुई लाश मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतिका के पिता ने शव की शिनाख्ती की है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम ग्राम चरौटी पहुंचे। वहीं फोरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती के हाथ बंधे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की गई है। फोरेंसिक टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए हैं। फिलहाल घटना का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
गरियाबंद। गरियाबंद जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां नायब तहसीलदार दोनोश साहू की तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। बाइक सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा छुरा थाना क्षेत्र के सारागंव पापराही के पास हुआ है। सामने की ओर से तेज रफ्तार कार (CG 02 AU 0138) की चपेट में बाइक आ गई, जिससे दो लोग घायल हुए हैं। घटना के दौरान बोलेरो में नायब तहसीलदार दोनोश साहू मौजूद थे। गनीमत रही कि वह सुरक्षित हैं।
हादसे की सूचना के बाद छुरा पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोनों घायलों को अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के कई इलाकों में फिर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बढ़ गई है। अक्टूबर का अंतिम सप्ताह शुरू होने के बाद भी रात की ठंड गायब है और गर्मी से बचाव के लिए एसी का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र बनने के आसार हैं, जिससे 27 अक्टूबर से बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है। अगले 4 दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
सिनोप्टिक सिस्टम
प्रदेश में मौसम विभाग ने जानकारी दी कि एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके 25 तारीख तक दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब में बदलने और 26 तारीख तक गहरे अवदाब में और 27 तारीख की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम
राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
अगले 4 दिनों तक रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। गरज-चमक और बिजली गिरने की भी घटनाएं सामने आ सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वह खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करें।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां भृत्य ने कोर्ट परिसर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जिला कोर्ट में भृत्य की ड्यूटी लगाई गई थी। आज भी भृत्य ड्यूटी पर तैनात था। इसी बीच कोर्ट परिसर में अचानक भृत्य ने फांसी लगा ली। आसपास के लोगों ने भृत्य को फंदे पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनाम कर फंदे से लाश को उतारा गया। पुलिस जांच में शव के पास से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल भृत्य ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया और इसके पीछे की वजह क्या थी? इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। वहीँ, इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे भृत्य के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
धमतरी. केरेगांव थाना क्षेत्र में मातर मड़ई देखने गए युवक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है. युवक की खून से लथपथ लाश बस्ती के पास मिली है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा. पूरा मामला माकरदोना, कुकरेल का है.
जानकारी के मुताबिक मृतक 24 वर्षीय भानुप्रताप मांडवी ग्राम झूरातराई का रहने वाला है, जो माकरदोना का मातर मड़ई कार्यक्रम देखने के लिए गया था. वह धमतरी के आटा चक्की में काम करता था. 23 अक्टूबर की सुबह वह घर वालों को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था और माकरदोना पहुंच गया.
24 अक्टूबर को माकरदोना का मड़ई था. 25 अक्टूबर की सुबह भानुप्रताप मांडवी की खून से लतपथ लाश बस्ती के पास मिली. लोगों की सूचना पर भाई राकेश मांडवी घटना स्थल पर पहुंचा और केरेगांव थाना पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल धमतरी लाया. युवक के शरीर में कई जख्म के निशान पाए गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बीजापुर. बस्तर अंचल में नक्सलियों की हिंसक गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कांकेर जिले से नक्सलियों की कायराना हरकत सामने आई है. उसूर ब्लॉक के नेल्ला कांकेर गांव में पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो युवकों की हत्या कर दी गई है. मौके पर टीम रवाना की गई है.
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रवि कट्टम और रवि सोढ़ी के रूप में हुई है, दोनों ही इसी ग्राम के निवासी बताए जा रहे हैं.
एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने घटना को लेकर जनकारी दी कि पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ. मामले में पुलिस के द्वारा तस्दीक की जा रही है.
रायपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर जिले के अत्यंत सुदूर वनांचल में बसे ग्राम नंबी पहुंचे। उन्होंने यहां नंबी चौक से नंबी जलप्रपात पर्यटन स्थल तक 94.48 लाख रुपये की लागत से बनने वाली डब्ल्यूबीएम सड़क का भूमिपूजन किया। यह सड़क गांव से नंबी जलप्रपात तक सीधे जाएगी। जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने मोटर सायकिल पर सवार होकर रोड निर्माण हेतु सड़क का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि बस्तर अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है, जहां पर्यटन क्षेत्र के विकास के द्वारा कभी नक्सल आतंक से पीड़ित गांव अब पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ जनचौपाल लगाकर सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।
उन्होंने अधिकारियों को युवाओं को सीएससी सेंटर संचालन के लिए प्रशिक्षण दिलाने और किसानों के विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मांग अनुरूप नंबी गांव में 20 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की। उन्होंने नंबी जलधारा पर्यटन समिति के द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर नंबी जलधारा समिति के अध्यक्ष श्री गजेंद्र ने बताया कि स्थानीय ग्राम के 24 युवा सदस्यों द्वारा नंबी जलप्रपात का संचालन एवं देखरेख किया जा रहा है।
पिछले चार महीनों में जलप्रपात को देखने 20 हजार से अधिक पर्यटक आये हैं। जिससे समिति के युवाओं को चार लाख रुपए से अधिक की आमदनी हुई है। यहां ना सिर्फ राज्य के स्थानीय पर्यटक अपितु जर्मनी एवं अन्य देशों से भी विदेशी पर्यटक भी अब पहुंच रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं को प्रोत्साहित किया।
श्री शर्मा ने कहा कि दो वर्ष पूर्व नंबी में सुरक्षा कैंप स्थापित हुआ। जिसके बाद से अब तक गांव में बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। बीजापुर अब विकास की राह पर अग्रसर है। सरकार की पुनर्वास नीति के चलते बड़ी संख्या में लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर पूरी तरह हिंसा मुक्त होगा।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद गांव में हुए विकास कार्यों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत सदस्य शंकरैया माड़वी, उसूर जनपद पंचायत अध्यक्ष पूर्णिमा तेलम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामकृष्णन वाय, सरपंच गलगम श्रीमती सुशीला काका जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।
प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।
“हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।” -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।” – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
भिलाई,दुर्ग। शहर के जुनवानी इलाके में पुलिस ने एक बार फिर स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। चौहान बिजनेस पार्क की तीसरी मंजिल पर संचालित लोरेंज और लीवेलनेस स्पा सेंटरों में लंबे समय से देह व्यापार चलने की सूचना पुलिस को मिल रही थी।
आज पुख्ता जानकारी पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ दोनों सेंटर्स में एक साथ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 लड़कियों, 4 ग्राहकों और दोनों स्पा सेंटरों के मैनेजरों को मौके से गिरफ्तार किया। साथ ही कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। सभी आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने पहले एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा। जैसे ही अंदर से सिग्नल मिला, एडिशनल एसपी ICUAW पद्मश्री तंवर, दुर्ग सीएसपी भारती मरकाम और स्मृतिनगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गुरविंदर सिंह अपनी टीम के साथ भीतर पहुंच गए। पुलिस को देखते ही अंदर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी को भागने नहीं दिया गया।
दोनों स्पा सेंटरों से कुल 5 लड़कियां और 4 ग्राहक हिरासत में लिए गए हैं। साथ ही स्पा मैनेजर और वर्कर्स से पूछताछ की जा रही है।
एडिशनल एसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि लंबे समय से इन दोनों स्पा सेंटरों में जिस्मफरोशी का धंधा चलने की शिकायतें मिल रही थीं। आज पुख्ता सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में लोरेंज स्पा से 3 लड़कियां, 2 ग्राहक, एक मैनेजर और एक वर्कर, जबकि लीवेलनेस स्पा से 2 लड़कियां, 2 ग्राहक, एक मैनेजर और एक महिला वर्कर को हिरासत में लिया गया है
दुर्ग। जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि पुलिस से बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा हत्या का मामला रानीतराई थाना क्षेत्र के ग्राम खर्रा का है, जहां मातर पर नाचा कार्यक्रम देखने पहुंचे युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि मृतक युवक का आरोपी की बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था, इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे की है। मृतक युवक की पहचान खूबीराम साहू निवासी रेंगाकठेरा के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात अपनी प्रेमिका के साथ ग्राम खर्रा में “मातर” पर आयोजित छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गया था। उसी दौरान युवती के भाई ने अपनी बहन को युवक के साथ देखा और गुस्से में आकर अपने दोस्तों के साथ मिलकर खूबीराम पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी पाटन और रानीतराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों को घटनास्थल लेकर पहुंची और मौके पर रीक्रिएशन कराया गया। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है।
मामले में दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि खर्रा गांव में एक दूसरे गांव का युवक कार्यक्रम में आया हुआ था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस पर शक के आधार पर बातचीत की और उसके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद एक अन्य युवक, जिसके साथ उसका संबंध बताया जा रहा है, वह भी वहां पहुंचा और उसने युवक को बाहर बुलाकर अपने समूह के साथ मिलकर फिर से मारपीट की। इसी दौरान दो आरोपियों ने चाकू से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि पांच आरोपियों को चिन्हांकित कर गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसमें पुरानी रंजिश की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और मेमोरेंडम के कथन लिए जा रहे हैं।
9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।
प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।
"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।" - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" - वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।
मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण
इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक
मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है, जारी आदेश में 7 आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल है। कई जिलों के एसपी बदले गए है।
देखें पूरी लिस्ट
• मोहित गर्ग (भापुसे 2013) – पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर नियुक्त।
• चन्द्रमोहन सिंह (भापुसे 2014) – पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर से निदेशक, ट्रेनिंग/ऑपरेशन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, रायपुर।
• अंकिता शर्मा (भापुसे 2018) – पुलिस अधीक्षक, सक्ती से पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
• यदुवली अक्षय कुमार (भासे 2018) – पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।
• रतना सिंह (भापुसे 2019) – सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर।
• प्रफुल्ल ठाकुर (भापुसे 2015) – सेनानी, 4थी वाहिनी, छसबल माना रायपुर से पुलिस अधीक्षक, सक्ती।
• पंकज चन्द्रा (भापुसे) – सेनानी, 13वीं वाहिनी, सशस्त्र बल, बांगो कोरबा से पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव।

रायपुर. 1 नवंबर 2000 को एक नए राज्य बनकर उभरने वाले छत्तीसगढ़, जिसे “भारत का हृदय” भी कहा जा सकता है इस वर्ष अपने निर्माण की रजत जयंती माना रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ न सिर्फ़ अपने अतीत पर गौरवान्वित है बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए भी चैतन्य हैं। राज्य के भविष्य का एक उज्जवल स्वरूप है नवा रायपुर अटल नगर। यह एक नए प्रकार के नगरीय जीवन, आधुनिक अधोसंरचनाएं, निवेश की संभावनाएं, स्मार्ट सिटी मॉडल और सतत् विकास की ओर एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने नये शहर के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में रखा है। और रजत जयंती का यह अवसर हमें यह जानने का भी है कि ये योजनाएं कितनी सफल हुई हैं, किन खामियों से गुजरना पड़ा है, और आगे क्या किया जा सकता है।
नवा रायपुर अटल नगर : इतिहास और उद्देश्य
पुराने रायपुर में, जनसंख्या दबाव, ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक सेवाओं की सीमाएं, प्रदूषण, और सरकार कार्यालयों का बिखराव जैसी कई-कई समस्याएं थीं। इसके निवारण के लिए राजधानी को नए स्थान पर स्थानांतरित किया गया और नवा रायपुर अटल नगर अस्तित्व में आया। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसे योजनाबद्ध तरीक़े से विकसित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य है. यहां से राजधानी की सभी महत्वपूर्ण सरकारी संस्थाएं, सार्वजनिक सेवाएं और जीवन-शैली की आधुनिक सुविधाएं संचालित करना। नवा रायपुर को रायपुर से सुदूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर विकसित किया जा रहा है। यहां निवासी क्षेत्रों, सरकारी कार्यालयों, व्यावसायिक खंडों, हरित क्षेत्रों, सांस्कृतिक केंद्रों की व्यवस्था योजनाबद्ध रूप से की जा रही है। कई सेक्टर और गांवों को इस मास्टर प्लान में शामिल किया गया है, जैसे बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिर हसौद, आरंग, सेरीखेड़ी, नकटी आदि। नवा रायपुर एक स्मार्ट सिटी मॉडल है, जहां आधुनिक सड़क, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली होगी, ऊर्जा उपयोग में दक्षता होगी, सौर ऊर्जा और हरित भवनों का प्रचलन होगा, जिसमें हरित क्षेत्र (पार्क, जंगल, ओपन स्पेस) पर्याप्त होंगे, फाइबर-ऑप्टिक नेट्वर्क, वाई-फाई आदि से पर्याप्त डिजिटल कनेक्टिविटी होगी और स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृतिक आयोजन, मनोरंजन आदि से नागरिक जीवन की गुणवत्ता उच्च होगी। यह सिर्फ राजधानी बदलने की कहानी नहीं है बल्कि जीवन की गुणवत्ता बदलने की कथा भी है।
अधोसंरचनाएं : सुविधाएं और विकास
नवा रायपुर की सड़कों को चौड़ा बनाया जा रहा है, मास्टर प्लान के अनुरूप पैदल पथ और साइकिल ट्रैकों की व्यवस्था की जा रही है। ट्रैफिक नियंत्रण प्रणालियां लागू की जा रही हैं ताकि. Vehicle flow सुचारू हो, जाम कम हो।विद्युतीकरण, बिजली, पानी, गैस, सीवेज आदि बुनियादी सुविधाएं योजनाबद्ध रूप से दी जा रही हैं। उदाहरण के लिए नवा रायपुर में नए तहसील गठन, बिजली-लाइन की अंडरग्राउंड व्यवस्था, एलपीजी पाइपलाइन आदि योजनाएँ चल रही हैं।
हरित क्षेत्र और पर्यावरण
• लगभग 30% भूमि को हरित क्षेत्र के लिए सुरक्षित करने की योजना बनाई गई है। नवा रायपुर अटल नगर में पार्क, वनस्पति क्षेत्र, खुली हरित पट्टियां नागरिकों को स्वच्छ वायु और व्यायाम की सुविधाएं भी होंगी। सौर ऊर्जा संयंत्रों के भरपूर उपयोग से पर्यावरणीय क्षति को रोका जाएगा। जैसे वन क्षेत्र में वृद्धि, लघु वनोपजों (Minor Forest Produce) का संरक्षण, ईको-टूरिज़्म आदि योजनाओं से प्रदूषण नियंत्रण और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाएं
• मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश पर सेक्टर-37 में लगभग 400 एकड़ भूमि पर नवा रायपुर में विश्व स्तरीय मेडिसिटी की योजना है। इसमें रिसर्च केन्द्र, मेडिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और हॉस्पिटलिटी से जुड़ी सुविधाएं होंगी। इससे छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्यपरक सेवा का केंद्र बनने में मदद मिलेगी और बाहर से आने वालों के लिए भी यह एक आकर्षण का केंद्र होगी।
• यहां मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए तैयार की जा रही है। मेडिकल टूरिज्म / मेडिसिटी क्षेत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र की निवेश संभावनाएं बहुत अधिक हैं। एक बड़े अस्पताल, सुपरस्पेशलिटी सुविधाएं, रिसर्च एवं प्रशिक्षण केंद्र, हॉस्पिटलिटी लगभग उसी परिसर में होंगे। फार्मास्युटिकल पार्क के लिए सेक्टर 22 ग्राम तूता में CSIDC को लगभग 141.84 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।फार्मास्युटिकल पार्क उद्योगों को दवा निर्माण, पैकिंग, लॉजिस्टिक्स आदि क्षेत्रों में सुविधा देगा। इससे अलावा प्रशासनिक सेवाएं गांव-ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे इसके लिए नए तहसील क्षेत्र बनाए जा रहे हैं।
डिजिटल अधोसंरचना, इंत्तेजेंट प्रणालियां
• ग्राम पंचायत स्तर से ही नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके इसके लिए छत्तीसगढ़ की साय सरकार के द्वारा Atal Digital Service Centres आदि स्थापित किए जा रहे हैं। फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क, वाई-फाई-जोन आदि सुविधाओं को शामिल किया जा रहा हैं। सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) विकसित किया जा रहा है जहां मनोरंजन, व्यापार, तकनीकी प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं होंगी। यहां शॉपिंग, होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर आदि प्रस्तावित हैं।
निवेश की स्थिति : प्रस्ताव, उद्योग और अवसर
प्रदेश के मुख्यमंत्री की पहल से नवा रायपुर अटल नगर निवेश के दृष्टिकोण से एक उभरता हुआ गढ़ बन गया है। नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आईटी हब में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), स्टील, एनर्जी, सेमी-कंडक्टर उद्योगों के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। यदि ये सफल हों तो बड़े पैमाने पर रोजगार, तकनीकी विकास और राज्य की अर्थव्यवस्था को उछाल मिलेगी। इसके लिए जापान, कोरिया आदि देशों से निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। निवेश प्रस्ताव लगभग 6.65 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
रियल एस्टेट और आवास
नई कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें गांवों के क्षेत्रों को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है. जैसे बरौदा, रमचंडी, रीको आदि। यहां आवास, दुकान-मकान, व्यापार क्षेत्र उम्मीद की जा रही है। नए क्षेत्रों में अधोसंरचनाएं जैसे अंडरग्राउंड बिजली, सीवरेज प्लांट, चौड़ी सड़कें, गैस पाइपलाइन आदि सुविधाएं बनाई जाने की योजना है।
साय सरकार के वित्तीय अनुशासन
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने अपने भारी बकाया कर्ज को चुकाकर खुद को कर्जमुक्त घोषित किया है। लगभग 1,788 करोड़ रुपये का कर्ज पूरी तरह से निपट गया। NRDA को कर्जमुक्त बनाना राज्य के साय सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे नवा रायपुर अटल नगर के विकास-कार्य बाधित नहीं रहे और वित्तीय बोझ से राहत मिली है। यह साय सरकार के वित्तीय अनुशासन का संकेत है। सरकार ने बजट के माध्यम से विकास प्राधिकरण को संसाधन जुटाए हैं और औद्योगिक क्षेत्रों को अतिरिक्त धनराशि दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के योगदान और सरकारी नीतियां
छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के नेतृत्व में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर अटल नगर को राज्य का विकास मॉडल बनाने का प्रयास किया है। बजट आवंटन में प्राथमिकता देकर साय सरकार ने नये प्रदत्त कामों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए वित्तीय संसाधनों को सुनिश्चित किया है। नवा रायपुर अटल नगर में निवेश को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीति अपनाई गई है। यही नीति IT, सेमी कंडक्टर, AI आदि क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों को प्रोत्साहित कर रही है। सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल सरकार बनाने, स्थानीय तहों में सेवाएं पहुंचाने जैसे कदम उठाए गए हैं। जैसे ग्राम-पंचायत स्तर पर Atal Digital Service Centres की स्थापना की गई है।
समावेशी विकास, हरित अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण
प्रदेश के साय सरकार की पहल पर नवा रायपुर अटल नगर में पर्यावरण संरक्षण की नीतियों को मजबूती दी गई है। वन क्षेत्र में वृद्धि, वनोपज आधारित आय स्रोतों को बढ़ावा, ईको-टूरिज्म आदि योजनाओं को प्राथमिकता मिली है। स्वास्थ्य कार्यों को बढ़ावा देने के लिए मेडिसिटी जैसी योजनाएं और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जनभागीदारी, शिकायत निवारण तंत्र को बेहतर बनाने की ओर कदम उठाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती : प्रतीकात्मक महत्व
छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष की यात्रा साहस, चुनौतियों, विरासत और विकास की कहानी है। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर की प्रगति बताती है कि राज्य ने सिर्फ अपने संसाधनों से काम नहीं किया बल्कि आत्म-विश्वास, योजनाबद्धता और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ा है. राज्य की साय सरकार ने सिर्फ “कागज की योजनाएं” नहीं बनाई, बल्कि अपने वादों को क्रियान्वित करने की कोशिश की। यदि नवा रायपुर सफल हुआ तो यह अन्य राज्यों और जिलों के लिए मॉडल बनेगा कि कैसे एक योजना-आधारित नया शहर विकसित किया जा सकता है, जो पर्यावरण, निवेश, नागरिक सुविधाएं और स्मार्ट जीवनशैली को संतुलित रखे.
नवा रायपुर अटल नगर सिर्फ एक नई राजधानी नहीं है, यह छत्तीसगढ़ की नई मंजिल है. यह उस राज्य की कहानी है जिसने जंगलों से, ग्रामीण इलाकों से, आदिवासी संस्कृति से, प्राकृतिक संसाधाओं से समृद्धि की इमारत खड़ी की है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार ने इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं—कर्जमुक्त प्राधिकरण से लेकर बड़े निवेश प्रस्तावों तक, मेडिसिटी से स्मार्ट सुविधाओं तक—वे सभी यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ अब अपने आप में एक निवेश, विकास, स्वास्थ्य और जीवनशैली का केंद्र बन रहा है. यदि तमाम योजनाएं समय पर पूरी हों तो नवा रायपुर अटल नगर सिर्फ राज्य की राजधानी ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ का विजयचिन्ह भी बन सकता है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर होने वाले राज्योत्सव में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को शाम रायपुर पहुंचेंगे और 1 नवंबर की शाम यहां से रवाना होंगे।
दो दिनों में वे अलग-अलग पांच कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जो इस तरह के आयोजनों में पहली बार होगा। राज्योत्सव की व्यवस्थाओं और कार्यक्रम संचालन के राज्य शासन ने IAS अधिकारियों को नोडल अफसर नियुक्त किया है।
5 नवंबर को उप राष्ट्रपति का दौरा
राज्योत्सव के समापन और अलंकरण समारोह में 5 नवंबर को उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अभ्यागत होंगे। यह राज्य बनने के 25 साल में पहली बार होगा, जब राज्योत्सव में देश के शीर्ष नेताओं में से दो प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।
इन छह IAS को दी गई जिम्मेदारी
मनोज पिंगुआ, एसीएस गृह और जेल – प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और विधानसभा भवन का लोकार्पण समेत सभी कार्यक्रमों के प्रमुख नोडल अधिकारी।
2.सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव– ट्राईबल-आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण।
3.एस प्रकाश, सचिव परिवहन और संसदीय कार्य– नवीन विधानसभा उद्घाटन।
4.भुवनेश यादव, सचिव समाज कल्याण– राज्योत्सव शुभारंभ और मुख्य मंच व्यवस्था।
5.एस भारतीदासन, सचिव उच्च और तकनीकी शिक्षा– राज्योत्सव स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी।
6.डॉ. प्रियंका शुक्ला, कमिश्नर हेल्थ सर्विसेज– ब्रह्मकुमारीज ध्यान केंद्र का उद्घाटन।















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