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हिड़मा की मौत के बाद कमजोर हुआ नक्सल संगठन, आज एक साथ 37 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

हिड़मा की मौत के बाद कमजोर हुआ नक्सल संगठन, आज एक साथ 37 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

 हैदराबाद। हिड़मा की मौत के बाद नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। आज हैदराबाद में 37 नक्सलियों ने तेलंगाना के डीजीपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हैं। दोपहर 3 बजे तेलंगाना के डीजीपी प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करेंगे।

बता दें कि, इनमें नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी के सदस्य आज़ाद उर्फ़ अप्पासी नारायण और हिड़मा का सहयोगी एर्रा भी शामिल है। एर्रा लंबे समय से नक्सलियों के बटालियन नंबर 01 में हिड़मा के साथ सक्रिय था।

दरअसल, बीते 18 नवंबर को सुरक्षाबलों ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा, उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। हिड़मा कई बड़े हमलों का मास्टर माइंड रहा है।

भीषण सड़क हादसा : कार ने दोपहिया वाहनों को मारी टक्कर, फिर फ्लाईओवर पर पलटी, 4 की मौत, 3 घायल

भीषण सड़क हादसा : कार ने दोपहिया वाहनों को मारी टक्कर, फिर फ्लाईओवर पर पलटी, 4 की मौत, 3 घायल

 महाराष्ट्र :- महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में शुक्रवार को एक कार कुछ दोपहिया वाहनों को टक्कर मारने के बाद फ्लाईओवर पर पलट गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना शाम करीब 7:15 बजे शहर के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाले फ्लाईओवर पर हुई। पुलिस ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि दोपहिया वाहन पर सवार एक व्यक्ति फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर गिर गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "कार चालक ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और चार-पांच दोपहिया वाहनों से टकरा गया।" 

अंबरनाथ के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शैलेश काले ने बताया, "दुर्घटना में कार चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई।" मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। 

Fighter plane crash : दुबई एयर शो के दौरान बड़ा हादसा, भारतीय HAL तेजस फाइटर प्लेन क्रैश

Fighter plane crash : दुबई एयर शो के दौरान बड़ा हादसा, भारतीय HAL तेजस फाइटर प्लेन क्रैश

 दुबई :-  एयर शो 2025 के अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर को HAL तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी अचानक नियंत्रण खो बैठा और जमीन की ओर गिरा। घटना के समय काले धुएं का गुबार उठते देखा गया। अभी तक पायलट के सुरक्षित निकलने या ईजेक्शन सीट इस्तेमाल करने की पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय वायुसेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

तेजस 4.5 पीढ़ी का हल्का और बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान है। इसमें ज़ीरो-ज़ीरो ईजेक्शन सीट लगी है, जो पायलट को शून्य ऊंचाई और गति पर भी सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करती है। यह दो साल में तेजस का दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भी तेजस विमान गिरा था, उस बार पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया था। दुबई एयर शो विश्व के सबसे बड़े विमान प्रदर्शनों में से एक है। इस साल शो में कई बड़े विमान ऑर्डर भी हुए हैं। हादसे के बाद अंतिम दिन का माहौल तनावपूर्ण बन गया।

लोन लेने वाले की मौत के बाद कौन चुकाता है EMI? : जानें क्या है इसके नियम

लोन लेने वाले की मौत के बाद कौन चुकाता है EMI? : जानें क्या है इसके नियम

 जीवन में कभी न कभी हम किसी न किसी काम के लिए लोन लेते हैं। यह हो सकता है कार, घर या छोटी-मोटी जरूरतों के लिए पर्सनल लोन। कुछ लोग रोजाना के खर्चों के लिए क्रेडिट कार्ड पर भी निर्भर रहते हैं, जो कि कर्ज का ही एक छोटा स्वरूप है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर लोन लेने वाले की मृत्यु हो जाए, तो बकाया लोन का क्या होगा और बैंक किससे वसूल करेगा?

बैंक किससे वसूलता है लोन
अगर किसी लोन में कोई को-एप्लीकेंट है, तो लोन लेने वाले की मृत्यु के बाद को-एप्लीकेंट बकाया कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार होता है। होम लोन और कार लोन में यह आम है। को-एप्लीकेंट को लोन एग्रीमेंट के अनुसार EMI जारी रखनी होगी। यदि को-एप्लीकेंट भुगतान नहीं कर सकता, तो बैंक गारंटर से पूछता है। गारंटर भी भुगतान न कर सके, तो कानूनी तौर पर बैंक बची हुई राशि वसूलने के लिए संपत्ति का ऑक्शन कर सकता है। सिक्योर्ड लोन में यह प्रक्रिया आम है क्योंकि इसमें एसेट कोलैटरल होता है।

पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड की स्थिति
पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड को अनसिक्योर्ड लोन कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई कोलैटरल नहीं होता। अगर कर्ज कवर नहीं होता है, तो इसे NPA (Non-Performing Asset) के रूप में दर्ज किया जा सकता है। ऐसे लोन के मामले में बैंक कानूनी वारिस या परिवार के जीवित सदस्य से ही रकम वसूल सकता है। सिक्योर्ड लोन की तरह संपत्ति जब्त या नीलाम नहीं की जा सकती।

परिवार को कर्ज के बोझ से बचाने के उपाय
कई बैंक लोन इंश्योरेंस की सुविधा भी देते हैं। यदि लोन लेने वाले की मृत्यु हो जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी बकाया राशि चुका देती है। इसका फायदा यह होता है कि परिवार पर कर्ज का बोझ नहीं आता। इसके अलावा, टर्म इंश्योरेंस भी मददगार हो सकता है।

हैवानियत की हदें पार : 8 साल की मासूम को मजदूर ने बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हैवानियत की हदें पार : 8 साल की मासूम को मजदूर ने बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली :- बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में 31 वर्षीय एक व्यक्ति को आठ साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बच्ची खेलते समय उसके कमरे में घुस गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि लड़की ने हमले का विरोध किया और आरोपी के बाल खींचकर खुद को छुड़ाने में कामयाब रही। इसके बाद वह भागकर अपनी मां को सूचना देने पहुंची, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना के संबंध में 18 नवंबर को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई।

एक पुलिस टीम भेजी गई, लेकिन पहुंचने पर अधिकारियों ने पाया कि स्थानीय लोग पीड़िता और आरोपी दोनों को पहले ही थाने ले आए थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नागर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि वह अविवाहित है और समयपुर इलाके में एक स्टील फैक्टरी में मजदूर के रूप में काम करता है। 

प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।

 
नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा...जानिए किन्हें, क्या मिला ?

नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा...जानिए किन्हें, क्या मिला ?

पटना : बिहार में नीतीश कुमार सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है. अभी तक गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे सीएम नीतीश ने गृह विभाग अब बीजेपी के हवाले कर दिया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अब राज्य के नए गृह मंत्री होंगे. विजय कुमार सिन्हा को भूमि और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मंगल पांडे को फिर से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. इसके अलावा लोजपा (आर) को गन्ना उद्योग विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सौंपा गया है. हम पार्टी को लघु जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. आरएलएम को पंचायती राज विभाग दिया गया है.

नीतीश सरकार में किसे मिला कौन सा विभाग?

भारतीय जनता पार्टी

सम्राट चौधरी                        गृह विभाग

विजय कुमार सिन्हा               भूमि एवं राजस्व विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग

मंगल पांडेय                        स्वास्थ्य विभाग, विधि विभाग

दिलीप जायसवाल                   उद्योग विभाग

नितिन नबीन                      पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग

रामकृपाल यादव                 कृषि विभाग

संजय टाइगर                      श्रम संसाधन विभाग

अरुण शंकर प्रसाद                      पर्यटन विभाग,  कला- संस्कृति एवं युवा विभाग

सुरेन्द्र मेहता                             पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

नारायण प्रसाद                        आपदा प्रबंधन विभाग

रमा निषाद                               पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

लक्ष्मण पासवान                    अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग

श्रेयसी सिंह                      सूचना प्रौद्योगिकी विभाग,  खेल विभाग

प्रमोद चन्द्रवंशी                   सहकारिता विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

LJP (R)

गन्ना उद्योग विभाग
लोक स्वास्थ्य अभियांत्रण विभाग

HAM

लघु जल संसाधन विभाग

RLM

पंचायती राज विभाग

बिहार चुनाव में बीजेपी ने जीती हैं जेडीयू से ज्यादा सीटें

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं. लोजपा (रामविलास) को 19 सीटें मिलीं और अन्य सहयोगी दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. ज्यादा सीटें जीतने के बाद से ही बीजेपी की नजर गृह विभाग से थी. अंदरखाने ये बात सामने आ रही थी कि बीजेपी गृह विभाग से नीचे मानने वाली नहीं है. आखिरकार गृह विभाग बीजेपी के पाले में आ ही गया. सम्राट चौधरी राज्य के नए गृह मंत्री बनाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग भी बीजेपी के पाले में आ गया है.

बड़ा सड़क हादसाः 400 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 6 की दर्दनाक मौत...पिकनिक मनाने निकले थे सभी

बड़ा सड़क हादसाः 400 फीट गहरी खाई में गिरी कार, 6 की दर्दनाक मौत...पिकनिक मनाने निकले थे सभी

 मुंबईः महाराष्ट्र के रायगड जिले में पिकनिक मनाने निकले छह युवकों की उस वक्त मौत हो गई जब उनकी एसयूवी तम्हिनी घाट पर 400 फुट गहरी खाई में गिर गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। 

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना मंगलवार तड़के हुई थी लेकिन पुलिस को इसकी सूचना बृहस्पतिवार सुबह मिली। उन्होंने कहा कि ड्रोन कैमरे की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पता लगाया गया। मृतकों की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच थी। वे सोमवार देर शाम एक थार एसयूवी में पुणे से रवाना हुए थे। 

अधिकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह से संपर्क न हो पाने पर कुछ युवकों के माता-पिता ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने बताया कि युवकों के मोबाइल फोन की लोकेशन तम्हिनी घाट पर मिली और मानगांव थाने के कर्मियों ने बृहस्पतिवार सुबह खोज अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सड़क पर एक मोड़ पर सुरक्षा रेलिंग टूटी हुई देखी जिसके बाद एक ड्रोन की मदद से पता चला कि एक एसयूवी घाटी में एक पेड़ से अटकी हुई थी। 

अधिकारी ने कहा कि कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है लेकिन संदेह है कि वाहन चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि रायगड पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवियों ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद शव बरामद किए। अधिकारी ने बताया कि सभी मृतकों की पहचान हो गई है। अधिकारी ने बताया कि शव सरकारी अस्पताल भिजवा दिए गए हैं और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। 

कूनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म; बढ़ा चीतों का कुनबा

कूनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म; बढ़ा चीतों का कुनबा

 मध्यप्रदेश  :- भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को इसे ‘प्रोजेक्ट चीता' में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। 

यादव ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि मां और शावक स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की चीता पुनरुद्धार पहल के लिए एक अभूतपूर्व सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में जन्मी पहली मादा चीता मुखी अब प्रजनन करने वाली भारत में जन्मी पहली चीता बन गई है जिसने 33 महीने की उम्र में शावकों को जन्म दिया। 

यादव ने कहा कि भारत में जन्मे चीते का सफल प्रजनन, भारतीय वातावरण में इस प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और लंबे समय की संभावनाओं का एक मज़बूत संकेत है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम भारत में एक आत्मनिर्भर और अनुवांशिक रुप से विविध चीता आबादी के बारे में उम्मीद को मज़बूत करता है, जिससे देश के संरक्षण लक्ष्यों को और बढ़ावा मिलेगा। 

देश में विलुप्त होने के कई दशक बाद, 17 सितंबर, 2022 को चीतों को भारत में फिर से लाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तब नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा था, जो चीतों का पहला अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कुनो में शावकों के जन्म को एक ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि' करार दिया और कहा यह भारतीय माहौल में चीते के ‘अनुकूल, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक व्यवहार्यता के मजबूत संकेत' दिखाता है। 

उन्होंने एक बयान में कहा, “यह भारत में आत्मनिर्भर और आनुवंशिक रूप से विविध चीतों की आबादी को बढ़ाने की उम्मीदों को मजबूती प्रदान करता है।” यादव ने यह भी कहा कि यह हाल के इतिहास में भारत में जन्मे चीते के सफलतापूर्वक शावकों को जन्म देने का पहला ज्ञात मामला है। मंत्री ने कहा कि इन शावकों के जन्म से देश की संरक्षण रणनीति में भरोसा मजबूत होता है।

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! अब एक ही फोन में चलेंगे कई अकाउंट, जानें कैसे

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! अब एक ही फोन में चलेंगे कई अकाउंट, जानें कैसे

 अगर आप WhatsApp यूजर हैं, तो यह अपडेट आपके चैटिंग अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। सालों से जिस फीचर का इंतजार किया जा रहा था—वह आखिरकार टेस्टिंग में पहुंच चुका है। अब एक ही फोन में कई WhatsApp अकाउंट चलाना संभव होगा, वो भी बिना लॉगइन–लॉगआउट की झंझट के।

iOS बीटा में दिखाई दिया नया “Switch Accounts” फीचर

iOS 25.19.20.74 बीटा अपडेट में कुछ चुनिंदा टेस्टर्स के लिए WhatsApp सेटिंग्स में नया विकल्प दिखा है- “Switch Accounts”। यह नया सेक्शन सभी लिंक्ड अकाउंट्स को एक ही स्क्रीन पर दिखाता है, जहां से यूजर एक टैप में दूसरे अकाउंट में स्विच कर सकता है। यह पहली बार है जब WhatsApp ने मल्टी-अकाउंट को नेटिव सपोर्ट दिया है। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ बिजनेस ऐप में सीमित थी।

यूजर्स के लिए क्यों है यह फीचर गेम-चेंजर

भारत जैसे देशों में लोग अक्सर एक ही फोन पर दो WhatsApp अकाउंट चलाते हैं-

  • एक पर्सनल चैट के लिए
  • दूसरा ऑफिस या दोस्तों के ग्रुप के लिए
  • कुछ यूजर्स परिवार के साथ फोन शेयर करते हैं

अलग-अलग जरूरतों के कारण मल्टी-अकाउंट सपोर्ट लंबे समय से सबसे ज्यादा डिमांड वाला फीचर था।

Android यूजर्स को कब मिलेगा यह फीचर?

अभी यह फीचर सिर्फ iOS बीटा में दिखाई दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि सफल टेस्टिंग के बाद यह Android बीटा में भी पहुंच सकता है। WhatsApp की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, इसलिए पब्लिक रोलआउट में थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल यह फीचर शुरुआती और बहुत सीमित टेस्टिंग फेज में है। एक बात साफ है- यह अपडेट अगर सभी यूजर्स तक पहुंचता है, तो WhatsApp का इस्तेमाल करने का तरीका हमेशा के लिए बदल सकता है।

ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

ईडी का हड़कंप! इन 40 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, सामने आए कई छिपे राज

 बंगाल :- गुरुवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने अवैध कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए रांची और कोलकाता में एक साथ विशाल कार्रवाई शुरू की। झारखंड और पश्चिम बंगाल को कवर करते हुए कुल 42 ठिकानों पर यह छापेमारी चल रही है।

झारखंड में 18 जगहों पर कार्रवाई

रांची में ईडी की टीमों ने अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और उसके भंडारण से जुड़े बड़े मामलों की जांच के तहत करीब 18 जगहों पर छापेमारी की।

निशाने पर कौन? 

इस कार्रवाई में अनिल गोयल, संजय उद्योग, एल.बी. सिंह और अमर मंडल से जुड़े कोयला चोरी के मामलों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि इस अवैध धंधे से सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

बंगाल में 24 ठिकानों पर छापा

कोलकाता ज़ोन की टीमें पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता में 24 ठिकानों को कवर कर रही हैं। यहां नरेंद्र खड़का, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कायल और कुछ अन्य संदिग्धों से जुड़े परिसरों पर गहन तलाशी ली जा रही है।

ईडी की यह कार्रवाई अवैध तरीके से कोयले के खनन, उसके परिवहन और बिना हिसाब-किताब के भंडारण से जुड़े बड़े वित्तीय अपराधों की परतें खोलने पर केंद्रित है। दोनों ही राज्यों में इस बड़े रैकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

SIR में नाम कटने पर क्या होगा, क्या आपके नागरिकता पर पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

 देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision SIR) की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form की दो प्रतियां दे रहे हैं, जिन्हें मतदाताओं को भरकर वापस जमा करना है। लेकिन इस बीच कई लोगों के मन में यह चिंता उत्पन्न हो गई है कि यदि SIR के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हट गया, तो क्या वह दोबारा जुड़ पाएगा? क्या इससे उनकी नागरिकता पर कोई असर पड़ेगा? आइए जानते हैं एसआईआर प्रक्रिया और इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से।

मतदाताओं को भरना होगा Enumeration Form
SIR प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form दे रहे हैं। यदि किसी मतदाता का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में है, या उसके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम सूची में मौजूद है, तो फॉर्म में उसे लिंक करना होगा। साथ ही अपनी नई फोटो लगाकर फॉर्म जमा करना होगा। इस दौरान बीएलओ किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं करेंगे। फॉर्म लेने के बाद बीएलओ एक प्रति पर हस्ताक्षर कर मतदाता को वापस दे देंगे और एक प्रति अपने पास रखेंगे।

यदि बीएलओ के आने पर घर में कोई सदस्य मौजूद न हो, तो भी चिंता की बात नहीं है। बीएलओ तीन बार घर पर आएंगे और घर का कोई भी एक सदस्य यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। जो लोग घर से बाहर हैं या दूसरे शहर में रहते हैं, वे वोटर कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करके फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

2002 की लिस्ट में नाम न होने पर क्या करें?
यदि मतदाता या उसके परिवार के बुजुर्गों का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है, तब भी वह Enumeration Form भर सकता है। ऐसी स्थिति में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा और एक सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान मतदाता को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 10 दस्तावेजों में से कुछ प्रस्तुत करने होंगे जैसे पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट आदि।

बीएलओ का कार्य पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। मतदाता ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं। यदि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलता है, तो निर्धारित अवधि में शिकायत दर्ज कर सुधार कराया जा सकता है। एक माह का समय इसके लिए दिया जाता है।

 
नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, यह लोग बने एनडीए सरकार में मंत्री

Bihar CM Nitish Kumar Shapath Grahan Samaroh Live: बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा फिर से डिप्टी सीएम बनाए गए। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के सभी घटकों के प्रमुखों, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़े नेता मौजूद हैं।राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने श्रेयसी सिंह, लखेंद्र रोशन, दीपक प्रकाश, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, डॉ प्रमोद कुमार को मंत्री मद की शपथ दिलाई।

नारायण प्रसाद समेत इन नेताओं ने एक साथ ली शपथ

विजय सिन्हा के शपथ लेने के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई। 

 

 

इन लोगों को बनाया गया मंत्री

राज्यपाल के आदेश पर सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विजय चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन, सुनील कुमार, जमा खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार, संजय कुमार सिंह, दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। 
 
 
 
 
हसीना को  मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

हसीना को मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा ! ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन, आगजनी और हमलों में 50 घायल

 Dhaka:बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

अदालत का फैसला बना कारण
सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।

ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन
सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:

  • प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ
  • दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की
  • साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया
  • 50 से ज्यादा लोग घायल हुए
  • 5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं

फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं।
सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है।

हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा
किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:

  • फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला
  • तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया
  • तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया

बांग्लादेश में तनाव बरकरार
देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है।
विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। 

शराबियों के लिए राहत की खबर! अब इस ऐप की मदद से जानें किस दुकान पर मिलेगी आपके पसंदीदा ब्रैंड की शराब

शराबियों के लिए राहत की खबर! अब इस ऐप की मदद से जानें किस दुकान पर मिलेगी आपके पसंदीदा ब्रैंड की शराब

 अगर आप भी अपनी पसंद की शराब लेने के लिए एक दुकान से दूसरी और फिर तीसरी दुकान तक भटकते-भटकते थक चुके हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबर है। दिल्ली आबकारी विभाग ने एक नया मोबाइल ऐप E-Abkari पेश किया है, जो आपकी यह समस्या दूर कर देगा। अब आपको हर ठेके पर जाकर पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ऐप बताएगा कि कौन-सी दुकान पर कौन-सा ब्रैंड उपलब्ध है।

क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

E-Abkari ऐप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह शराब की दुकानों का पूरा स्टॉक दिखा सके।

ऐप पर आप आसानी से जान पाएंगे:

  • आपकी पसंदीदा ब्रैंड किस दुकान पर उपलब्ध है
  • वहां कितना स्टॉक बचा है
  • दुकान का सटीक लोकेशन
  • किस दुकान पर भीड़ कम या ज्यादा है (आगे आने वाली सुविधा)
  • ऐप से ही शिकायत दर्ज करने का विकल्प

फिलहाल यह ऐप ट्रायल वर्ज़न में उपलब्ध है और एंड्रॉयड फोन पर Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है। जल्द ही इसका आधिकारिक लॉन्च भी होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लोगों द्वारा मिलावटी शराब और दुकानों पर ओवरचार्जिंग की शिकायतें मिल रही थीं। नया ऐप इन समस्याओं से निपटने में मदद करेगा, क्योंकि यूज़र सीधे ऐप से शिकायत भी कर सकेंगे।

ऐप का इस्तेमाल कैसे करें?

ऐप को डाउनलोड करने के बाद इसे खोलें, जहां आपको पांच मुख्य ऑप्शन दिखेंगे।

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपकी मनचाही शराब किस दुकान पर उपलब्ध है, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

1. 'Vendors Wise Stock' ऑप्शन चुनें

2, ऐप आपसे तीन जानकारी मांगेगा:

  • किस कॉर्पोरेशन की दुकान देखनी है
  • कौन-सी दुकान चुननी है
  • कौन-सा ब्रैंड चेक करना है

3, जैसे ही आप यह जानकारी भरेंगे, आपके सामने उस ब्रैंड की उपलब्धता का पूरा विवरण आ जाएगा।

कब तक सभी के लिए उपलब्ध होगा ये ऐप?

हालांकि ऐप अभी ट्रायल मोड में है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसे पूरी तरह लॉन्च कर दिया जाएगा। शुरुआत में यह ऐप केवल दिल्ली के लोगों के लिए जारी किया गया है।

अमित शाह की समयसीमा से 12 दिन पहले मारा गया खूंखार नक्सली हिडमा! सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता

अमित शाह की समयसीमा से 12 दिन पहले मारा गया खूंखार नक्सली हिडमा! सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता

  दिल्ली- खूंखार माओवादी कमांडर माडवी हिडमा को सुरक्षा बलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इस वांछित नक्सली को खत्म करने के लिए तय की गई 30 नवंबर की समय सीमा से 12 दिन पहले ही मार गिराया। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सुरक्षा बलों ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित घने पुल्लागंडी के जंगलों में 44 वर्षीय नक्सली नेता को मार गिराया।

गृह मंत्री के आदेश से अवगत एक सूत्र ने बताया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री ने देश से माओवाद की समस्या के उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। एक सुरक्षा समीक्षा बैठक में शाह ने नक्सल विरोधी अभियानों में लगे शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को 30 नवंबर से पहले हिडमा को खत्म करने को कहा था और इस समयसीमा से 12 दिन पहले ही उसे मार गिराया गया।'' सूत्रों ने यह भी कहा कि जिस तरह से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, उससे गृह मंत्री द्वारा निर्धारित अगले साल मार्च की समयसीमा से पहले ही वामपंथी उग्रवाद खत्म हो जाने की संभावना है।

सुकमा में 1981 में जन्मा हिडमा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी केंद्रीय समिति का सदस्य था। ऐसा माना जाता है कि वह बस्तर से इस प्रतिबंधित संगठन का हिस्सा बनने वाला एकमात्र आदिवासी सदस्य था। 26 से ज़्यादा बड़े नक्सली हमलों में उसकी सीधी संलिप्तता पाई गई थी जिससे वह भारत के सबसे खूंखार नक्सलियों में से एक बन गया था।

क्या राहुल के दावों के बाद EC की खुली आंख! अब SIR में होगा AI का इस्तेमाल

क्या राहुल के दावों के बाद EC की खुली आंख! अब SIR में होगा AI का इस्तेमाल

 पश्चिम बंगाल :- पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) तकनीक का इस्तेमाल करेगा। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, AI सिस्टम मतदाता डेटाबेस में मौजूद लाखों तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और चेहरों की समानता (facial recognition) के आधार पर एक ही व्यक्ति के एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत होने की पहचान करेगा। इससे एक ही फोटो वाले कई मतदाता प्रवेश (डुप्लीकेट वोटर) का पता आसानी से चल जाएगा।

AI शामिल करने का फैसला
अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और एक ही व्यक्ति के कई जगहों पर नाम जुड़ने की शिकायतें काफी बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में दावा किया था कि एक ही नाम और फोटो से कई-कई वोट डाले जा रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए AI तकनीक को शामिल करने का फैसला लिया गया है।

BLO की जवाबदेही और सख्त
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि AI के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की नई तस्वीरें लेनी होंगी। बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म जमा करने पर भी BLO को व्यक्तिगत रूप से घर जाकर हस्ताक्षर और विवरण का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। मतदाता से रिसीविंग भी लेनी होगी।

आयोग ने सख्त जवाबदेही के नियम तय किए हैं। अगर गणना और फॉर्म सत्यापन के बाद भी कोई फर्जी या मृत मतदाता सूची में पाया जाता है, तो संबंधित पोलिंग बूथ के BLO को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

SIR के दबाव में की आत्महत्या
SIR अभियान के कारण BLO पर भारी कार्यभार पड़ने से देश के कई हिस्सों में असंतोष है। केरल के कन्नूर जिले के पय्यान्नूर में BLO अनीश जॉर्ज ने इसी दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। इसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केरल में SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अधिकारी इस अभियान के भारी दबाव को झेलने में असमर्थ हो रहे हैं।a

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता... देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता... देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

 दिल्ली :- सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया।

गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन - सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है।

केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश

सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश

14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।

लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

NGO ने उठाया था मामला

यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ 'गुरिया स्वयंसेवी संस्थान' ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।

भाई के दोस्त की घिनौनी करतूत, घर में अकेले पाकर बदनाम करने की धमकी देकर बहन की लूटी अस्मत

भाई के दोस्त की घिनौनी करतूत, घर में अकेले पाकर बदनाम करने की धमकी देकर बहन की लूटी अस्मत

  ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक युवती के साथ उसके ही भाई के दोस्त ने दुष्कर्म किया। युवती को घर में अकेले पाकर दोस्त घर में घुसा और मांग में सिंदूर भरकर शादी का वादा कर दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं युवक ने उसे ब्लैकमेल कर कई बार होटल बुलाया और हैवानियत की। आरोपी के धोखे का शिकार युवती थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को संजय नगर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, जिले के घटना गणेश कॉलोनी हजीरा की युवती के घर उसके भाई का आना जाना था। भाई के दोस्त ने उसे शादी का झांसा दिया और संबंध बनाए। कई बार हैवानियत करने के बाद युवक शादी के लिए मुकर गया है और युवती को जान से मारने की धमकी दी। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस की शरण ली और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

21 वर्षीय युवती बीएससी की छात्रा है। उसके भाई का दोस्ती विश्वजीत उर्फ गोलू राजावत पुत्र धर्मेन्द्र सिंह राजावत निवासी राम नगर गणेश मंदिर के पास रहता है। विश्वजीत का अक्सर उसके घर आना जाना है। छात्रा घर पर अकेली थी, उसके परिजन किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गए थे। इसी बीच विश्वजीत उसके घर आया और उसके भाई के बारे में पूछा तो छात्रा ने बता दिया कि भाई व अन्य परिजन घर पर नहीं है। इसका पता चलते ही वह अंदर आया और उसकी मांग भर दी। साथ ही बताया कि वह उससे प्यार करता है और शादी करेगा। इसके बाद जबरन उसके साथ गलत काम किया।

युवती के मुताबिक आरोपी उसे जान से मारने की धमकी और बदनाम के डर देकर हमेशा चुप करवाता रहा और अस्मत से खेलता रहा। वह बदनामी के कारण वह चुप रही। कुछ दिन बाद बात करने के बहाने आरोपी ने उसे होटल तान्या पैलेस बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बार बार हो रहे शोषण से परेशान युवती ने आखिरकार सारी घटना का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

BREAKING : पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मिली फांसी की सजा

BREAKING : पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मिली फांसी की सजा

 नई दिल्ली: इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने 'मानवता के खिलाफ अपराधों' के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराया है. ट्रिब्यूनल ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है. भारत में रह रहीं शेख हसीना के खिलाफ 227 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. 

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ ट्रिब्यूनल ने जिन मामलों में सज़ा-ए-मौत सुनाई है, वे सभी आरोप बेहद गंभीर हिंसा, साजिश और राज्य शक्ति के दुरुपयोग से जुड़े हैं. कुल पांच आरोपों में से शेख हसीना आरोप 1, आरोप 2 और आरोप 3 में दोषी पाई गईं हैं. उन्हें पहले और दूसरे आरोपों में मौत की सजा मिली है. आइए जानते हैं कि शेख हसीना के खिलाफ वो पांच आरोप कौन से थे...

1. नागरिकों पर हमला कराने का आदेश

हसीना पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस और अवामी लीग से जुड़े हथियारबंद लोगों को आम नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसाया. इन हमलों में हत्या, हत्या की कोशिश और यातना शामिल थी. अदालत ने माना कि यह हिंसा हसीना के निर्देश और संरक्षण में हुई.

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2. छात्रों पर घातक हथियारों से हमला करवाना

अदालत के अनुसार हसीना ने छात्र विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए घातक हथियार, हेलिकॉप्टर, और ड्रोन इस्तेमाल करने का आदेश दिया. इस आदेश के चलते बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ, जिसे अदालत ने 'राज्य शक्ति का घोर दुरुपयोग' माना.

3. छात्र अबू सैयद की हत्या की साजिश

16 जुलाई को बेगम रौकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सैयद की हत्या में शेख हसीना को साजिश रचने, हत्या का आदेश देने और अपराध में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने का दोषी पाया गया. इस केस को अदालत ने 'प्राणदंड योग्य अपराध' करार दिया.

4. छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या का आदेश

5 अगस्त को ढाका के चांखारपुल में हुए मुठभेड़ में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या को अदालत ने 'सीधे हसीना के आदेश का परिणाम' बताया. अदालत ने पाया कि हसीना ने सुरक्षा बलों को कार्रवाई के लिए उकसाया, सहयोग दिया और योजना बनाई, जिसके कारण छह लोगों की जान गई.

5. पांच प्रदर्शनकारियों की हत्या, लाशें जलाना और एक को जिंदा जलाना

सबसे भयावह आरोप में कोर्ट ने माना कि हसीना के निर्देश पर सुरक्षाबलों ने 5 प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर हत्या की, उनकी लाशें जलाईं, और एक प्रदर्शनकारी को जिंदा जला दिया. ट्रिब्यूनल के मुताबिक यह अपराध क्रूरता की पराकाष्ठा था, जिसे मौत की सजा से कम दंड नहीं दिया जा सकता.

गृह मंत्री को भी मौत की सजा, सरकारी गवाह बने अफसर को मात्र 5 साल की कैद 

अपने फैसले में अदालत ने माना है कि शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं. शेख हसीना के साथ-साथ उनकी सरकार में गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल-मामून को दोषी पाया गया है. अब्दुल्ला अल-मामून सरकारी गवाह बन गए थे तो उन्हें कम सजा दी गई.

इस अदालत ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई है, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन जो सरकारी गवाह बन गए थे, को मामले में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत ने शेख हसीना और असदुज्जमां की संपत्ति को भी जब्त करने का भी आदेश दिया है.

फैसले के बाद शेख हसीना का बयान भी सामने आया

बांग्लादेश कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व पीएम शेख हसीना ने पहली प्रतिक्रिया दी है. हसीना ने फैसले को पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित बताया है. शेख हसीना के बेटे ने पहले ही उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने का अंदेशा जताया था और वो सच साबित हो गया.

20 नवंबर को इतिहास रचेगा बिहार, 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे नीतिश कुमार

20 नवंबर को इतिहास रचेगा बिहार, 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे नीतिश कुमार

 पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली शानदार जीत के बाद अब एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पटना के विशाल गांधी मैदान में 20 नंवबर को 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।

बता दें कि, नीतीश कुमार को एनडीए घटक दलों द्वारा सर्वसम्मति से नेता चुना जा रहा है। वहीं बीजेपी अपनी पिछली व्यवस्था को जारी रखते हुए इस बार भी दो डिप्टी सीएम नियुक्त कर सकती है। वहीं आज बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने आज दोपहर 12 बजे मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्तमान विधानसभा को भंग करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।

वहीं इस बैठक के बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। यह कदम नई सरकार के गठन की प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत होगी।एनडीए के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार सरकार में पार्टियों की हिस्सेदारी का फॉर्मूला तय कर लिया गया है। इस बार भी सरकार में दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। चर्चा है कि इस बार एक डिप्टी सीएम का पद भाजपा, तो दूसरा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर) के खाते में जा सकता है।