मगरलोड़। मगरलोड़ में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां 9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ 58 वर्षीय अधेड़ ने दुष्कर्म करने की कोशिश की। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
जल्द निपटा लें बैंक से जुड़े जरूरी काम, दिसंबर में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, नहीं होगा कोई भी कामकाज
नई दिल्ली। हर महीने आरबीआई द्वारा बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी की जाती है। ऐसे में नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और साल के आखिरी महीने दिसंबर की शुरूआत होने वाली है। जिसे लेकर बैंक की छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी गई है। वहीं इस बार दिसंबर महीने में कुल 18 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। हालांंकि ये छुट्टियां हर राज्यों में अलग हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी बैंक से जुड़ा काम करवाना चाहते हैं तो एक बार हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक कर लेना चाहिए।
कुल 18 दिन बंद रहेंगे बैंक
1 दिसंबर: राज्य स्थापना दिवस / स्वदेशी आस्था दिवस. ईटानगर और कोहिमा में बैंक बंद रहेंगे।
3 दिसंबर: सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व (केवल पणजी में बैंक बंद रहेंगे)।
07 दिसंबर- रविवार
12 दिसंबर: पा तोगन नेंगमिन्जा संगमा की पुण्यतिथि (केवल शिलांग में बैंक बंद रहेंगे)।
13 दिसंबर- शनिवार (सेकेंड सैटरडे)
14 दिसंबर- रविवार
18 दिसंबर: गुरु घासीदास जयंती के कारण छत्तीसगढ़ में और यू सोसो थाम की पुण्यतिथि पर शिलांग में बैंक बंद रहेंगे।
19 दिसंबर: गोवा मुक्ति दिवस पणजी में बैंक बंद रहेंगे।
20 दिसंबर: लोसूंग / नामसूंग गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे।
21 दिसंबर- रविवार
22 दिसंबर: लोसूंग / नामसूंग गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे।
24 दिसंबर: क्रिसमस की पूर्व संध्या आइजोल, कोहिमा और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे।
25 दिसंबर: क्रिसमस देशभर में बैंक बंद रहेंगे।
26 दिसंबर: क्रिसमस उत्सव आइजोल, कोहिमा और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे।
27 दिसंबर: शनिवार (फोर्थ सैटरडे) गुरु गोबिंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल बैंक बंद रहेंगे।
28 दिसंबर- रविवार
30 दिसंबर: यू कियांग नांगबाह की पुण्यतिथि में मेघालय और सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।
31 दिसंबर: नव वर्ष की पूर्व संध्या / इमोइनु इराटपा आइजोल और इंफाल में बैंक बंद रहेंगे।
अयोध्या - राम नगरी अयोध्या में आज प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया. ध्वजारोहण कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई लोग उपस्थित रहे.
पिछले साल 22 जनवरी को हुई थी प्राण-प्रतिष्ठा
मालूम हो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हुआ था. देशभर से कई भक्तों ने राम मंदिर के लिए दान दिया. ऐसे में आइए जानते हैं राम मंदिर में अब तक सबसे बड़ा दान किसने किया है?
मंदिर में अब तक सबसे बड़ा दान किसने किया?
राम मंदिर निर्माण में अब तक सबसे बड़ा दान आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने दिया. उन्होंने अकेले 11.3 करोड़ रुपये दान किए. अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में उनके अनुयायियों ने 8 करोड़ रुपये और दान दिए.
अब तक की दान राशि कितनी है?
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, अब तक मंदिर निर्माण के लिए देशभर से कुल 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है. केवल जनवरी 2024 में ही दो दिनों में भक्तों ने 3.17 करोड़ रुपये दान किए थे.
सोना (गोल्ड) भी दान में दिया
सूरत के हीरा कारोबारी दिलीप कुमार वी लक्षी और उनके परिवार ने 101 किलो सोना दान किया. इस सोने का मूल्य लगभग 68 करोड़ रुपये था. इसे मंदिर के दरवाजे, गर्भगृह, त्रिशूल, डमरू और पिलर्स की सजावट में इस्तेमाल किया गया.
अंबानी परिवार का योगदान जानें
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में मुकेश अंबानी ने मंदिर ट्रस्ट को 2.51 करोड़ रुपये का दान दिया. उनके परिवार ने व्यक्तिगत रूप से भी अलग-अलग सेवाओं में योगदान किया.
कई और बड़े कारोबारियों ने भी दिया था दान
राम मंदिर को देश के कई बड़े व्यापारियों और संगठनों ने भी दिल खोलकर दान दिया था. इनमें गुजरात के गोविंद भाई ढोकलिया ने 11 करोड़ रुपये का दान दिया था.
वहीं सूरत के हीरा कारोबारी गोविंद भाई ने भी राम मंदिर को 11 करोड़ रुपये का दान दिया था.
पटना महावीर मंदिर की तरफ से भी राम मंदिर के लिए 10 करोड़ रुपये का दान आया था.
ग्रीन लैब डायमंड कंपनी के मुकेश पटेल ने भी 11 करोड़ रुपये का डायमंड क्रॉउन राम मंदिर में दान किया था.
महेश कबूतरवाला ने भी राम मंदिर के लिए 5 करोड़ रुपये का दान दिया था
इनके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार 2022 में फंडिंग कैंपेन शुरू होने के बाद देशभर के लोगों ने भी राम मंदिर के लिए बढ़-चढ़कर दान किया था. इस फंडिंग कैंपेन के शुरू होने के पहले दिन ही देशभर से राम भक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दान की थी.
बिहार। 28 साल बाद लालू परिवार को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। भवन निर्माण विभाग ने नोटिस भेजकर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने को कहा है।
भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केन्द्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। अब राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली करना होगा।
भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस जारी किया है

28 साल से राबड़ी आवास में था लालू परिवार
इसे लोग राबड़ी आवास इसलिए कहते हैं क्योंकि उस दौरान बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थीं और पूरा प्रशासनिक तंत्र इसी बंगले से चलता दिखता था।
अयोध्या - अयोध्या में राम मंदिर में धर्म ध्वज फहराने के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस ध्वज को सदियों पुराने सपने के साकार होने का प्रतीक बताया।
सांस्कृतिक चेतना का नया पल
पीएम मोदी ने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और गौरवशाली पल की साक्षी बन रही है। उन्होंने कहा, "आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। आज रामभक्तों के दिल में असीम आनंद है।"पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा, "सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहुति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही।"उन्होंने कहा कि आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा प्रतिष्ठित हुई है।
धर्मध्वज का महत्व
प्रधानमंत्री ने फहराए गए धर्मध्वज के गहरे अर्थ को समझाया। उन्होंने कहा, "यह धर्मध्वज इतिहास के सुंदर जागरण का रंग है।" ध्वज का भगवा रंग और इस पर अंकित सूर्यवंश की थाती, रामराज की कीर्ति को दर्शाती है। पीएम मोदी ने कहा कि यह ध्वज संकल्प से सिद्धि की भाषा है, यह सदियों के संघर्ष की सिद्धि है और सदियों के सपने का साकार स्वरूप है। यह ध्वज प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उद्घोष करेगा, 'सत्यमेव जयते' का उद्घोष करेगा। साथ ही यह 'प्राण जाए पर वचन न जाई' की प्रेरणा भी देगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की महान गाथा है।
अयोध्या - अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर राम मंदिर के मुख्य शिखर पर केसरिया ध्वज का विधिवत आरोहण किया जाएगा। मान्यता है कि त्रेतायुग में इसी तिथि को भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर यह पवित्र ध्वज फहराएंगे।

राम मंदिर में पुजारी बनने की क्या है प्रक्रिया?
मंदिर का निर्माण पूरा होने और पूजा व्यवस्था सुचारू रूप से चलने के साथ ही लोगों के मन में यह सवाल है कि आखिर इतने प्रतिष्ठित मंदिर में पुजारी कैसे बनते हैं। राम मंदिर में पुजारी की नियुक्ति श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा की जाती है।
पुजारी बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं और प्रक्रिया आवश्यक है:
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शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास संस्कृत, वेद, शास्त्र और पूजा विधि का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए। अधिकतर पुजारी आचार्य या शास्त्री स्तर की शिक्षा प्राप्त होते हैं।
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अनुभव और आचरण: बड़े मंदिर में पूजा का अनुभव, शांत और अनुशासनपूर्ण जीवन और उच्च धार्मिक आचरण को भी प्राथमिकता दी जाती है।
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चयन प्रक्रिया:
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उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाता है।
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उन्हें पूजा विधि का प्रैक्टिकल टेस्ट भी देना होता है।
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इन सभी चरणों के बाद ही अंतिम चयन किया जाता है।
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राम मंदिर के पुजारियों को कितनी मिलती है सैलरी?
रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में पुजारियों और मंदिर कर्मियों के वेतन में बड़ा बदलाव किया है जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिली है:
| पद | मासिक वेतन (प्रति माह) |
| प्रधान पुजारी | लगभग ₹35,000 |
| सहायक पुजारी | ₹33,000 |
| भंडारी और कोठारी | ₹24,000 |
| नए भंडारी की नियुक्ति | ₹19,000 |

अन्य वित्तीय प्रावधान:
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ट्रस्ट ने तय किया है कि मंदिर की पूजा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के वेतन से फंड भी काटा जाएगा ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
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सालाना वेतन वृद्धि की प्रक्रिया भी शुरू की गई है जिससे स्टाफ और पुजारियों के वेतन में नियमित बढ़ोतरी होती रहेगी।
यह कदम सुनिश्चित करता है कि मंदिर की सेवा में लगे कर्मचारी भी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सकें।
अयोध्या - आज अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक राम मंदिर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद थे। कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ आम जनता भी शामिल हुई। अयोध्या शहर को भव्य रूप से सजाया गया था, और इस मौके पर ऐतिहासिक उत्सव का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन
कार्यक्रम में संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य और पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन एक चीज़ जो हमेशा बनी रही, वह थी आस्था। उन्होंने यह भी कहा कि जब RSS ने नेतृत्व संभाला, तो एक ही नारा था, "राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे"। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण केवल एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।
सीएम योगी ने कहा कि इस ऐतिहासिक मौके पर राम भक्तों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज राम मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया पूरी हुई है, और इससे पहले जिन संतों और महापुरुषों ने इस आंदोलन में योगदान दिया, उनकी आत्मा को शांति मिलनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अशोक सिंघल, संत परमहंस चंद्रदास और आदरणीय डालमिया जी का उल्लेख किया।
भगवा झंडा: अखंडता, सच्चाई और न्याय का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने भगवा झंडे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह झंडा केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि अखंडता, सच्चाई, न्याय और 'राष्ट्र धर्म' का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके निर्माण में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों को उन्होंने बधाई दी।
अयोध्या: अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी
सीएम योगी ने अयोध्या की बदलती तस्वीर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अयोध्या एक समय संघर्ष, अराजकता और बदहाली का शिकार थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह शहर उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन चुका है। रामराज की दिव्य स्थापना हो रही है, और यहां बेहतर कनेक्टिविटी, धार्मिक मार्गों की परिक्रमा, और भक्ति पथ के माध्यम से आस्था को एक नया सम्मान मिल रहा है।
संकल्प का कोई विकल्प नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता, और इस बदलाव को उन्होंने 11 वर्षों में देखा है। उन्होंने कहा कि नए भारत का दर्शन अब सबके सामने है, जहां विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय हो रहा है, जो देश को नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
सीएम ने रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं, और हर जरूरतमंद को आवास मिल रहा है। यह सब रामराज्य के सिद्धांतों पर आधारित एक विकसित भारत की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जहां हर व्यक्ति को बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
Bihar Road Accident: बिहार के शेखपुरा से भीषण सड़क हादसे (Sheikhpura Road Accident) की खबर सामने आ रही है, जहां सीएनजी ऑटो (Auto) और ट्रक (Truck) की टक्कर में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद आक्रिशोत लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हादसा इतना भयानक था कि सड़क पर लाशें बिखर गईं। चारों तरफ चीख-पुकार ्मच गई।
गाड़ी छोड़कर फरार हो गया है ट्रक ड्राइवर
जानकारी के अनुसार, घटना नगर थाना क्षेत्र के एकसारी बीघा और कंबल गढ़ गांव के बीच शेखपुरा-सिकंदरा हाइवे पर घटी है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि ऑटो पर सवार सभी लोग चेवाड़ा की ओर से शेखपुरा आ रहे थे। वहीं ट्रक शेखपुरा से चेवाडा की ओर जा रहा था। तभी दोनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया है। हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मृतकों में पहचान टुनटुन यादव की पत्नी आशा देवी उर्फ सीमा देवी( 56) और उनके बेटे राहुल कुमार के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान धमसेना गांव, थाना करंडे शेखपुरा के रहने वाले राजकुमार साव के रूप में हुई है। अन्य मृतकों की पहचान की जा रही है।
Nitish Cabinet Decision: बिहार में नई सरकार की आज पहली कैबिनेट बैठक (Nitish Cabinet First Meeting( हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 06 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसके बारे में जानकारी दी।
नई सरकार के गठन के बाद मंगलवार को पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में ‘बिहार आटिर्फीसियल इंटेलिजेंस मिशन'को स्थापित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिये‘बिहार आटिर्फीसियल इंटेलिजेंस मिशन'की स्थापना की जा रही है। एआई सामाजिक और आर्थिक रूप से एक परिवर्तनकारी तकनीक बन चुका है, इसलिये शोध, नवाचार और अग्रणी उद्योगों के सहयोग से बिहार को इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय प्रगति को नई गति मिलेगी।

बिहार सरकार एआई के क्षेत्र में शोध, नवाचार, प्रशिक्षण और उद्योग सहयोग को बढ़ाते हुये राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रमुख केंद्र बनाना चाहती है, जिससे विकास की नई संभावनायें खुलें और जनता को बेहतर सेवायें मिल सके। मुख्य सचिव ने पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में 25 नयी चीनी मिलें खोली जाएंगी। पहले से 9 चीनी मिल बंद पडी हैं। पारित प्रस्ताव के तहत राज्य में नये चीनी मिलों की स्थापना और पुराने बंद पड़े चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने से जुड़े नीति निर्धारण और कार्य योजना के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में 11 नये टाउनशिप विकसित किये जायेंगे। इनमें 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों के अलावा सीतामढ़ी और सोनपुर को भी शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहरी विकास को गति देना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नये शहरी केंद्र तैयार करना है।
अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर के शिखर पर आज पीएम मोदी और आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने धर्म ध्वज फहराया है। इस दौरान पीएम ने रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने पवित्र श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया, जो मंदिर निर्माण के पूरा होने का प्रतीक है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा समकोण त्रिभुजाकार ध्वज, भगवान श्री राम के तेज और पराक्रम का प्रतीक है।
रायपुर/आरंग।मेहनत, लगन और मजबूत इच्छाशक्ति जब एक साथ मिल जाएं, तो सफलता कदम चूमने में देर नहीं लगाती। यही कहानी है ग्राम सकरी (कोरासी) की होनहार बेटी निशा ठाकुर की, जिन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की परीक्षा में 119वीं रैंक हासिल कर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर चयनित होकर पूरे आरंग क्षेत्र का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
पिता माखन ठाकुर, जो कि प्रधान पाठक हैं, की यह लाडली बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही है। निशा ने स्नातक में गणित विषय का चयन किया एक ऐसा विषय जो अपने तार्किक और कठिन स्वरूप के लिए जाना जाता है। गणित में उनकी पकड़ ने उनके आत्मविश्वास को और मज़बूत किया। स्नातक के बाद उन्होंने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ सीजीपीएससी तैयारी में खुद को समर्पित कर दिया। लगातार प्रयासों और धैर्य ने आखिरकार उन्हें यह बड़ा मुकाम दिलाया।निशा की सफलता की खबर जैसे ही क्षेत्र में पहुँची, उनके घर पर बधाइयों का तांता लग गया।
गांव के लोगों से लेकर शिक्षा जगत और प्रशासनिक अधिकारियों तक, सभी ने निशा के इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिलाषा पैंकरा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा, स्त्रोत समन्वयक मातली नंदन वर्मा, एबीईओ लाखेश्वर रात्रे, टाकेश्वरी मुरली साहू अध्यक्ष जनपद पंचायत आरंग ग्राम सरपंच पीतांबर साहू, उपसरपंच तिरिथ धीवर प्राचार्य पी.एल. साहू ने निशा को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
निशा ठाकुर आरंग क्षेत्र की दूसरी बेटी हैं, जिन्होंने सीजीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सीधे डीएसपी जैसे उच्च पद पर चयनित होकर इतिहास रचा है। उनकी सफलता ने क्षेत्र की अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी है।निशा की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सतत प्रयास से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियाँ भी प्रदेश और देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों पर अपनी पहचान बना सकती हैं। क्षेत्रवासियों के लिए यह क्षण गर्व और प्रेरणा दोनों है।
चेन्नई। तमिलनाडु के तेनकासी जिले में सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें दो निजी बसों की आमने-सामने टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई.इस हादसे में 28 यात्री घायल हुए, जिनमें कई की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल था और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
कैसे हुई टक्कर?
पुलिस के अनुसार, यह टक्कर उस समय हुई जब मदुरै से सेनकोट्टई की ओर जा रही एक निजी बस और तेनकासी से कोविलपट्टी जा रही दूसरी बस एक संकरे मोड़ पर आमने-सामने आ गईं.हादसा इतना भीषण था कि दोनों बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और कई यात्री वाहन के अंदर फँस गए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारी, पुलिस दल और दमकलकर्मी मौके पर पहुँचे और तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.मशीनों और स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त बसों को तोड़कर फँसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मदुरै–सेनकोट्टई रूट पर चलने वाली कीसर बस अत्यधिक तेज रफ्तार से चलाई जा रही थी.अधिकारी के अनुसार, चालक की लापरवाही और गति नियंत्रण न कर पाने की वजह से यह हादसा हुआ.जांचकर्ता दोनों बसों के ब्रेक मार्क, सड़क की स्थिति और वाहन गति से संबंधित अन्य विवरणों की भी जांच कर रहे हैं।
हादसे में घायल हुए सभी 28 यात्रियों को पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ यात्री गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें विशेष चिकित्सा सहायता दी जा रही है.डॉक्टरों के मुताबिक, आने वाले कुछ घंटों में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच जारी
पुलिस ने दुर्घटना की व्यापक जांच शुरू कर दी है.इसके तहत मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बसें टक्कर के समय किस गति से चल रही थीं.इसके अलावा, हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे जांच को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने जताया गहरा दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है.उन्होंने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ और किसी भी तरह की लापरवाही न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि तेनकासी के कदयानल्लूर में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है.उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “तेनकासी कदयानल्लूर में हुई बस दुर्घटना में छह लोगों की दुखद मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है. मैंने जिला कलेक्टर को, जिन्होंने दुर्घटनास्थल से मुझसे बात की थी, सरकारी अस्पताल जाकर यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि प्रभावित लोगों को उचित और उच्च-गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले.मैं मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूँ.सरकार घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रतिबद्ध है.”
नई दिल्ली। G20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। दोनों नेताओं ने भविष्य के लिए मजबूत सहयोग का संकल्प दोहराया।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। भारत–इटली स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप लगातार मज़बूत हो रही है, जिससे हमारे दोनों देशों के लोगों को बहुत फायदा हो रहा है।”
वहीं जॉर्जिया मेलोनी ने भी बातचीत को अत्यंत रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि “G20 के मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक दोस्ताना और सकारात्मक बातचीत हुई। आने वाले सालों में इटली और भारत के बीच पार्टनरशिप को और मज़बूत करने की साझा प्रतिबद्धता जताई गई।”
Chief Justice Surya Kant: भारत के 53वें चीफ जस्टिस के रूप में आज सूर्यकांत ने शपथ ले ली है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सीजेआई पद की शपथ दिलाई. इस दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूद रहें.
Chief Justice Surya Kant आपको बता दें जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल 23 नवंबर, 2025 को समाप्त हो गया. वह साढ़े छह महीनों के लिए इस पद पर रहे. जस्टिस सूर्यकांत का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल करीब डेढ़ साल का होगा. वह 9 फरवरी, 2027 को रिटायर होंगे. इस समय वह 63 साल के हैं.
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई आज रिटायर हो रहे हैं। कल सोमवार, 24 नवंबर को न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश के 53वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भूटान, मॉरीशस, ब्राजील समेत दुनिया के सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक होने वाला है। क्योंकि यह ऐसा पहला मौका है, जब किसी सीजेआई के शपथ ग्रहण में इतनी बड़ी संख्या में दूसरे देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी होगी। इससे पहले सीजेआई बीआर गवई का अंतिम कार्यदिवस शुक्रवार को भावुक पलों के बीच पूरा हुआ। गवई ने कहा कि वह चार दशक लंबे अपने न्यायिक सफर के अंत में स्वयं को न्याय का विद्यार्थी समझते हुए इस संस्था से विदा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी की भावनाएं सुनकर मेरी आवाज रुक सी गई। मैं जब इस अदालत कक्ष से आखिरी बार बाहर जाऊंगा, तो इसी संतोष के साथ जाऊंगा कि मैंने देश के लिए जो कर सकता था, वह किया। उन्होंने अपनी 40 साल की यात्रा वकील से लेकर हाईकोर्ट जज, सुप्रीम कोर्ट जज और अंततः सीजेआई बनने को बेहद संतोषजनक बताया।
उत्तराखंड :- जनपद नैनीताल में अल्मोडा मार्ग पर कैंची धाम के निकट शनिवार देर शाम एक वाहन के अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में जा गिरने से उसमें सवार तीन व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक बुरी तरह घायल हो गया। ये सभी चारों लोग शिक्षक थे और अल्मोडा से हल्द्वानी एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि पुलिस चौकी खैरना से कैंची धाम के समीप एक महिंद्रा एक्सयूवी 500 वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पोस्ट खैरना से निरीक्षक राजेश जोशी के नेतृत्व में बचाव दल तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। इस दल को मौके पर पहुंच कर पता लगा कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही एक बरात की गाड़ी रतिघाट नामक स्थल पर लगभग 60 मीटर गहरी खाई में गिर गई है।
उन्होंने बताया कि कठोर भू-भाग, गहरी खाई, रात्रि का अंधकार एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ टीम ने पूरी तत्परता से बचाव कार्य चलाया। इस दौरान एक घायल व्यक्ति मनोज कुमार को गहरी खाई से सुरक्षित निकालकर नजदीकी खैरना अस्पताल भेजा गया। जबकि तीन लोगों के शवों को खाई से निकालकर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
यदुवंशी ने बताया कि मृतकों की पहचान संजय बिष्ट, सुरेंद्र भंडारी और पुष्कर भैसोड़ा (सभी अल्मोड़ा निवासी) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि ये सभी शिक्षक थे, और वे अल्मोड़ा से हल्द्वानी एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
दुबई - दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के बहादुर पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर आज (रविवार, 23 नवंबर) उनके पैतृक गांव पटियालकड़, कांगड़ा लाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।
दुबई से कांगड़ा तक पार्थिव देह का सफर
सूत्रों के मुताबिक— शनिवार रात नमांश स्याल का पार्थिव शरीर दुबई से भारत लाया गया। सबसे पहले पार्थिव देह कोयम्बटूर एयरबेस पहुंची, जहां वायुसेना अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आज दोपहर करीब 2 बजे कांगड़ा एयरपोर्ट पर विशेष विमान से उनकी पार्थिव देह पहुंचेगी। इसके बाद सेना और प्रशासन के वाहन जुलूस के साथ बॉडी को पटियालकड़ गांव ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा—गन सलामी, तिरंगे में लिपटा शव और वायुसेना अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा सैन्य सम्मान दिया जाएगा।
कैसे हुआ हादसा?
शुक्रवार, 21 नवंबर को दुबई एयर शो 2025 में तेजस LCA Mk-1 का विशेष एरोबेटिक डेमोंस्ट्रेशन हो रहा था। विंग कमांडर नमांश स्याल खुद इस उड़ान का संचालन कर रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद विमान अचानक नीचे आया और जमीन से टकराकर विस्फोट हो गया। हादसे के तुरंत बाद दुबई अधिकारियों और IAF की टीम ने जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि IAF की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ही करेगी। यह तेजस का दुबई में पहला बड़ा हादसा था, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी समीक्षा की जा रही है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में नमांश के गांव में शोक का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग इस खबर से सदमे में हैं। नमांश के चाचा जोगिंदर स्याल ने बताया— “हमें हादसे की सूचना शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मिली। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि नमांश हम सबको यूं छोड़कर चला गया।”
कौन थे शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल?
हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां के रहने वाले विंग कमांडर स्याल अपने डिसिप्लिन और शानदार सर्विस रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सैनिक स्कूल, सुजानपुर टीरा से पढ़ाई की। उनके परिवार में उनके माता-पिता, उनकी पत्नी जो इंडियन एयर फोर्स ऑफिसर हैं और उनकी छह साल की बेटी हैं।
पायलट नमांश स्याल के पिता जगन नाथ एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर थे और बाद में हिमाचल प्रदेश एजुकेशन डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल बने। उनकी मां बीना देवी इस हादसे के समय हैदराबाद में थी। स्याल परिवार का घर कई दिनों से बंद था।
नमांश स्याल ने सिर्फ 16 साल की उम्र में पायलट बनने का सपना देखा था और NDA तथा वायुसेना अकादमी से प्रशिक्षण लेकर वे देश के सबसे कुशल तेजस पायलटों में गिने जाते थे।
वे तेजस की कई अंतरराष्ट्रीय डेमो उड़ानों का हिस्सा रह चुके थे और IAF में उनकी गिनती बेहद शांत, प्रोफेशनल और साहसी पायलटों में होती थी।
हिमाचल में शोक, मुख्यमंत्री का बयान
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा— “देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और जांबाज़ पायलट खो दिया है। नमांश स्याल की शहादत को पूरा देश सलाम करता है।” राज्य सरकार ने परिवार को हर संभव सहायता और सम्मान देने की घोषणा की है।
नई दिल्ली।ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राजस्थान में जिला कांग्रेस कमेटियों के लिए नए अध्यक्षों की नियुक्ति का बड़ा फैसला लेते हुए 45 जिलों की पूरी सूची जारी कर दी है। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इन सभी नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है और ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
यह पूरा बदलाव ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत किया गया है। AICC द्वारा विभिन्न जिलों में भेजे गए ऑब्ज़र्वरों ने विस्तृत समीक्षा की, कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं से बातचीत की और फिर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी। इन रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने के लिए किया है।
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तेलंगाना - तेलंगाना में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। आज डीजीपी शिवधर के समक्ष कुल 37 माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण किया।
3 सीसीएम सदस्य भी शामिल
डीजीपी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी (CCM) के 3 महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं-
•कोय्याल साम्ब्य्या उर्फ़ आज़ाद
•अप्पासी नारायण उर्फ़ रमेश
•मुचाकी सोमड़ा
तीनों पर तेलंगाना सरकार ने 20-20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इनमें से दो सदस्य आंध्र–तेलंगाना के हैं और एक छत्तीसगढ़ निवासी है।
पुनर्वास के तहत आर्थिक सहायता
डीजीपी शिवधर ने बताया कि आज समर्पण करने वाले सभी 37 नक्सलियों को मौके पर करीब ₹1,41,0000 (चौदह लाख दस हजार रुपए) की राशि प्रदान की जाएगी तथा राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत अन्य सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह आत्मसमर्पण कदम नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हैदराबाद। हिड़मा की मौत के बाद नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। आज हैदराबाद में 37 नक्सलियों ने तेलंगाना के डीजीपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हैं। दोपहर 3 बजे तेलंगाना के डीजीपी प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करेंगे।
बता दें कि, इनमें नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी के सदस्य आज़ाद उर्फ़ अप्पासी नारायण और हिड़मा का सहयोगी एर्रा भी शामिल है। एर्रा लंबे समय से नक्सलियों के बटालियन नंबर 01 में हिड़मा के साथ सक्रिय था।
दरअसल, बीते 18 नवंबर को सुरक्षाबलों ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा, उसकी पत्नी राजे सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। हिड़मा कई बड़े हमलों का मास्टर माइंड रहा है।










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